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  • CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 211 कॉलेजों में 2,451 नए सहायक प्राध्यापक; शिक्षा बजट का 21% खर्च

    CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 211 कॉलेजों में 2,451 नए सहायक प्राध्यापक; शिक्षा बजट का 21% खर्च

     पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बापू सभागार में नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला पहला राज्य
    उन्होंने सहायक प्राध्यापकों से पूरी प्रतिबद्धता और मनोयोग के साथ काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान की भूमि रहा है।

    नालंदा और विक्रमशिला जैसी शिक्षण परंपराओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया। अब जरूरत है कि इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जाए।

    उन्होंने कहा कि बिहार एक ही दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। आने वाले समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक आधारभूत संरचना का और विस्तार किया जाएगा।

    100 प्राध्यापकों को ऑक्सफोर्ड समेत प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजने की तैयारी
    मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 100 प्राध्यापकों को चिन्हित कर ऑक्सफोर्ड सहित दुनिया के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी।

    इसके अलावा विश्व के बेहतर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ बिहार के शिक्षकों को संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    शिक्षा बजट का 21 प्रतिशत खर्च कर रही सरकार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है।

    सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी हो।

    700 मॉडल स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
    मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    उन्होंने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएं और कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कॉलेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों के साथ संवाद और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग ही उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करेगा।

    प्रतिभा की कमी नहीं, बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत
    सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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    उन्होंने विश्वास जताया कि नए सहायक प्राध्यापकों के योगदान से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और राज्य के युवाओं के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

    कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

    इस अवसर पर भारत सरकार में अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रास बिहारी सिंह समेत अन्य प्राध्यापक और वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में अब सुचारू होगा कामकाज, संविदा शिक्षकों को मिलेगी प्रशासनिक जिम्मेदारी

    बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में अब सुचारू होगा कामकाज, संविदा शिक्षकों को मिलेगी प्रशासनिक जिम्मेदारी

    पटना
    राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू होने के तकरीबन दो माह बाद प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कवायद तेज हो गई।

    इसके लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने संबंधित कुलपतियों को निर्देश दिया है। इसके मुताबिक नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले जिन राजकीय डिग्री कालेजों के आसपास संबद्ध महाविद्यालय हैं, वहां के प्राचार्य को संबंधित नवसृजित डिग्री कालेज के प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा।

    राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को दिया निर्देश
    इससे डिग्री कालेजों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के संचालन में सुविधा होगी। डिग्री कालेजों में कार्यरत संविदा सहायक प्राध्यापकों में से किसी एक को दैनिक प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन के लिए नामित किया जाएगा।

    इससे काॅलेज में नियमित प्रशासनिक गतिविधियों को संचालित करने में मदद मिलेगी। वहीं संविदा सहायक प्राध्यापकों में से किसी एक को नवसृजित डिग्री कालेज में बर्सर के कार्यों के लिए नामित किया जाएगा।

    बर्सर संबंधित कालेज के वित्तीय संबंधी प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर नए डिग्री कालेजों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

    वित्तीय व्यवस्था के लिए संविदा सहायक प्राध्यापकों को दी जाएगी प्रशासनिक जिम्मेदारी
    निर्देश के मुताबिक जिन संविदा सहायक प्राध्यापक को बर्सर की जिम्मेदारी दी जाएगी उस बर्सर के अतिरिक्त प्रभार वाले प्राचार्य के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से बैंक खाते का संचालन करना होगा।

    दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सभी नए डिग्री काॅलेजों में प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था की निगरानी विश्वविद्यालयों के अतिरिक्त राज्यपाल सचिवालय के स्तर से भी होगी। संविदा शिक्षकों काे क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।