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  • केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, ₹69 हजार वेतन और ₹34,470 न्यूनतम पेंशन के प्रस्ताव पर जानें पूरी डिटेल

    केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, ₹69 हजार वेतन और ₹34,470 न्यूनतम पेंशन के प्रस्ताव पर जानें पूरी डिटेल

    नई दिल्ली

     8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। इस बीच, बेंगलुरु में हाल ही में 8वें वेतन आयोग की कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में सैलरी, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पे-लेवल में बदलाव जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसी दौरान कर्नाटक पोस्ट्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस पेंशनर्स एसोसिएशन ने 8वें वेतन आयोग के सामने कई अहम सुझाव रखे हैं। इनमें मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने, मिनिमम पेंशन 34,470 रुपये करने और सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग शामिल है। हालांकि, ये सभी प्रस्ताव हैं। इन पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।

    मिनिमम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग
    एसोसिएशन ने केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये तय करने का सुझाव दिया है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। इस बढ़ोतरी के लिए एसोसिएशन ने 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये की मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 69,000 रुपये हो सकती है। हालांकि, कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि 69,000 रुपये अभी तय वेतन नहीं है। यह एसोसिएशन की ओर से दिया गया प्रस्ताव है।

    मिनिमम पेंशन 34,470 रुपये करने का सुझाव
    पेंशनर्स के लिए भी एसोसिएशन ने बड़ी मांग रखी है। संगठन का सुझाव है कि 8वें वेतन आयोग में मिनिमम पेंशन बढ़ाकर करीब 34,470 रुपये की जाए। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत मिनिमम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये बताई गई है। एसोसिएशन ने 3.833 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर इसे बढ़ाकर 34,470 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। अगर इस मांग को मंजूरी मिलती है, तो न्यूनतम पेंशन पाने वाले पेंशनर्स को फायदा हो सकता है। लेकिन अभी इस प्रस्ताव पर सरकार या 8वें वेतन आयोग की अंतिम मंजूरी नहीं आई है।

    18 पे-लेवल को घटाकर 7 करने का प्रस्ताव
    एसोसिएशन ने वेतन ढांचे में बदलाव का भी सुझाव दिया है। इसके तहत 7वें वेतन आयोग के मौजूदा 18 पे-लेवल को मिलाकर 8वें वेतन आयोग में 7 पे-लेवल बनाने की मांग की गई है। एसोसिएशन का मानना है कि इससे पे स्ट्रक्चर को ज्यादा व्यवस्थित बनाया जा सकता है। साथ ही, अलग-अलग लेवल के लिए स्टैंडर्डाइज्ड पे स्केल्स लागू करने का सुझाव भी दिया गया है।

    सालाना इंक्रीमेंट 6% करने की मांग
    केंद्रीय कर्मचारियों के सालाना वेतन बढ़ोतरी यानी इंक्रीमेंट को लेकर भी एसोसिएशन ने अहम सुझाव दिया है। संगठन चाहता है कि मौजूदा 3% सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि 3% की मौजूदा बढ़ोतरी कर्मचारियों के बेहतर काम, नई स्किल सीखने और लगातार अच्छे परफॉर्मेंस को पर्याप्त रूप से प्रोत्साहित नहीं करती। ऐसे में इंक्रीमेंट की दर बढ़ने से कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। हालांकि, 6% इंक्रीमेंट की मांग भी अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है। इस पर फाइनल फैसला होना बाकी है।

    मिनिमम वेतन तय करने के फॉर्मूले में भी बदलाव की मांग
    एसोसिएशन ने मिनिमम वेतन तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाले आयक्रॉयड फॉर्मूले को भी आज की जरूरतों के हिसाब से अपडेट करने का सुझाव दिया है। इस फॉर्मूले का संबंध जरूरत के हिसाब से मिनिमम मजदूरी तय करने से है। एसोसिएशन का कहना है कि आज के समय में परिवारों के खर्च काफी बदल गए हैं। अब मोबाइल, इंटरनेट, डिजिटल डिवाइस और दूसरी जरूरी चीजों पर भी खर्च करना पड़ता है। इसलिए मिनिमम वेतन तय करते समय इन जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

    फैमिली कैलकुलेशन में 5 यूनिट करने का सुझाव
    7वें वेतन आयोग में जरूरत आधारित मिनिमम वेतन की गणना के लिए परिवार की तीन यूनिट का स्टैंडर्ड इस्तेमाल किया गया था। अब एसोसिएशन ने इसे बढ़ाकर पांच यूनिट करने की मांग की है। प्रस्तावित गणना के अनुसार, कर्मचारी और लाइफ पाटर्नर के लिए एक-एक यूनिट रखी जाएगी। वहीं, दो बच्चों और माता-पिता के लिए 0.8-0.8 यूनिट का प्रावधान सुझाया गया है। इस तरह कुल गणना 5.2 यूनिट होती है, जिसे पांच यूनिट के करीब माना गया है। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि लाइफ पाटर्नर की यूनिट की गणना में जेंडर के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

  • 8वें वेतन आयोग से पहले DA का तोहफा? जानें केंद्रीय कर्मचारियों को कितना मिल सकता है फायदा

    8वें वेतन आयोग से पहले DA का तोहफा? जानें केंद्रीय कर्मचारियों को कितना मिल सकता है फायदा

    नई दिल्ली

    केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के साथ ही साल 2026 की दूसरी छमाही के महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी का भी इंतजार है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जुलाई से दिंसबर छमाही के दौरान का डीए सरकार अक्टूबर तक जारी कर देगी। अब सवाल है कि इस बार की छमाही में केंद्रीय कर्मचारियों को कितना डीए मिलेगा। वहीं, जनवरी 2027 की छमाही में कितना डीए बन सकता है। यहां ये भी बता दें कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी अगले साल ही सरकार को मिलेंगी।

    अभी क्या है अनुमान?
    जुलाई 2026 में इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI-IW) 1.3 पॉइंट बढ़कर 153.2 हो गया। इससे यह संकेत मिलता है कि जनवरी 2027 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) किस दिशा में जा सकता है। दरअसल, श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले लेबर ब्यूरो ने 31 अगस्त को जुलाई का CPI-IW डेटा जारी किया। जून 2026 में यह इंडेक्स 151.9 था। जुलाई में साल-दर-साल CPI-IW महंगाई दर 4.57% रही जबकि एक साल पहले यह 2.66% थी। जनवरी 2027 के लिए DA का कैलकुलेशन अभी 64% दिखा रहा है।

    क्या है गणित?
    दरअसल, जनवरी 2027 में DA में बदलाव के कैलकुलेशन के लिए अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक के 12 महीनों के CPI-IW औसत का इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान रीडिंग 147.1, 147.3, 147.7, 148.2, 148.2, 148.6, 148.5, 149.1, 149.9, 150.8, 151.9 और 153.2 थीं। इससे 12 महीनों का औसत 149.21 आता है। डीए कैल्कुलेशन के हिसाब से जनवरी 2027 का महंगाई भत्ता लगभग 64% बैठता है। हालांकि, कैलकुलेशन में अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 के CPI-IW रीडिंग को शामिल किया जाएगा। उन रीडिंग में बदलाव से 12 महीने का औसत बदलेगा और नतीजतन, कैलकुलेट किया गया DA भी बदल जाएगा।

    अभी कितना है डीए?
    केंद्रीय कर्मचारियों के लिए DA फिलहाल 60% है। केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से DA में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके इसे 58% से बढ़ाकर 60% किया था। अब अगली DA समीक्षा जुलाई 2026 से प्रभावी होनी है, जिसकी औपचारिक घोषणा सरकार की ओर से की जानी बाकी है। DA साल में दो बार यानी 1 जनवरी और 1 जुलाई से संशोधित किया जाता है। जुलाई छमाही के डीए का ऐलान अक्टूबर के महीने में होने की उम्मीद है।

    जुलाई 2026 का DA और जनवरी 2027 का DA अलग
    यह समझना जरूरी है कि जुलाई 2026 में लागू होने वाला DA और जनवरी 2027 का संभावित DA अलग-अलग गणना चक्र हैं। जुलाई 2026 की बढ़ोतरी के लिए पहले के CPI-IW आंकड़े इस्तेमाल होते हैं, जबकि जनवरी 2027 की गणना में अगस्त 2025 से दिसंबर 2026 तक का डेटा शामिल होगा। इसलिए जुलाई 2026 का CPI-IW आंकड़ा मुख्य रूप से जनवरी 2027 के DA का शुरुआती संकेत देता है। अभी 64% को अंतिम DA दर मानना जल्दबाजी होगी। सरकार की औपचारिक घोषणा और बाकी CPI-IW आंकड़ों के बाद ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाले वास्तविक DA की तस्वीर साफ होगी।