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  • भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 16 कॉलेजों में प्रमोशन, कर्मचारियों को मिली रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी

    भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 16 कॉलेजों में प्रमोशन, कर्मचारियों को मिली रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी

    भोपाल
     प्रदेश के 16 महाविद्यालयों में तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को पदोन्नति देकर द्वितीय श्रेणी के रजिस्ट्रार(पंजीयक) के पद पर पदस्थ किया गया।इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर दिया है।इन कर्मचारियों को वर्षों इंतजार के बाद पदोन्नति दी गई है।

    विभिन्न महाविद्यालयों और संस्थानों में जिम्मेदारी
        आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारियों को पदोन्नति
    के बाद आगामी आदेश तक विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों एवं संस्थानों में रजिस्ट्रार के पद पर पदस्थ किया गया है। आदेश के तहत एमएल. मंगरोलिया को शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल में ही पदस्थ किया गया है।

    दिलीप तिवारी को उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल, जबकि तरूलता शर्मा को सरोजनी नायडू शासकीय कन्या पीजी महाविद्यालय, भोपाल में पदस्थ किया गया है। राकेश शर्मा को शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, भोपाल में जिम्मेदारी दी गई है।

    इंदौर, उज्जैन सहित अन्य जिलों में भेजे गए रजिस्ट्रार
        इसी क्रम में केएल उपाध्याय को शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय, इंदौर और आनंद कुमार चौधरी को शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उज्जैन भेजा गया है। संतोष कुमार सक्सेना को चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीहोर और ज्योति केने को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल में पदस्थ किया है।

        अन्य पदस्थापना में डॉ. के.वी. बुनकर को गुना, किशोरीलाल चढ़ार को टीकमगढ़, नारायण प्रसाद संजोदिया को राजगढ़, तारा बिलवाल को झाबुआ, पीएस उईके को छिंदवाड़ा, शारदा प्रसाद सोनी को रीवा, राकेश कुमार दुबे को जबलपुर और छोटेलाल प्रजापति को दमोह में पदस्थ किया गया है।

     

  • शॉर्ट्स पहनने पर बवाल! सेंट स्टीफंस कॉलेज के फैसले से नाराज़ छात्र, बोले- यह मोरल पुलिसिंग है

    शॉर्ट्स पहनने पर बवाल! सेंट स्टीफंस कॉलेज के फैसले से नाराज़ छात्र, बोले- यह मोरल पुलिसिंग है

    नई दिल्ली

    दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन का दौर खत्म हो चुका है और अब 12वीं के बाद पहली बार छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं. इसी बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के सेंट स्टीफंस कॉलेज ने एक ऐसा फरमान जारी कर दिया है, जिसे लेकर विवाद शुरू हो चुका है. कॉलेज ने कैंपस के कई हिस्सों में छात्रों के शॉट्स पहनने पर रोक लगा दी है. बताया गया कि कॉलेज के पहले ही दिन कई छात्र शॉट्स पहनकर पहुंच गए थे, जिसके बाद कॉलेज ने ये नोटिस जारी किया है. इसमें बताया गया है कि क्लासरूम, असेंबली हॉल, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल और चैपल में शॉर्ट्स पहनकर नहीं आ सकते हैं। 

    फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए नोटिस
    दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफंस कॉलेज के कैंपस में कई जगह ये नोटिस चिपकाया गया है. इसमें फर्स्ट ईयर के छात्रों को ड्रेस कोड के नियम बताए गए हैं और कहा गया है कि इनका सख्ती से पालन करें. इस नोटिस पर कॉलेज की नई प्रिंसिपल सुसान एलियास के साइन हैं. हालांकि, छात्रों का दावा है कि यह नियम सीनियर सदस्यों पर भी लागू होता है। 

    छात्रों ने किया विरोध
    दिल्ली यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड को लेकर जारी इस नोटिस को लेकर अब विवाद भी शुरू हो चुका है. कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन उनके पसंद के कपड़ों में दखल दे रहा है. छात्र इसे मोरल पुलिसिंग बता रहे हैं. हालांकि कुछ छात्रों का ये भी कहना है कि ये सिर्फ एक पारंपरिक नियम है, इसका सख्ती से पालन नहीं किया जाता है और आमतौर पर ऐसा करने वाले छात्रों को कोई भी सजा नहीं दी जाती है। 

    इन छात्रों पर सबसे ज्यादा असर 
    कॉलेज के इस नियम का असर सबसे ज्यादा स्पोर्ट्स टीमों के खिलाड़ियों पर असर पड़ता है, जो जो सुबह की प्रैक्टिस के लिए आधिकारिक स्पोर्ट्स किट में आते हैं. आमतौर पर ये शॉर्ट्स ही होते हैं. कुछ छात्रों ने दावा किया है कि कई बार स्पोर्ट्स के छात्रों को डाइनिंग हॉल में इसके चलते एंट्री नहीं दी जाती है. फिलहाल यूनिवर्सिटी की तरफ से इस नए नोटिस या नियम को लेकर कोई भी सफाई नहीं दी गई है।