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  • सम्राट चौधरी के निर्देश, डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटेगा और सोशल मीडिया पर बढ़ेगी निगरानी

    सम्राट चौधरी के निर्देश, डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटेगा और सोशल मीडिया पर बढ़ेगी निगरानी

    पटना
    बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। आदतन अपराधियों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

    इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

    आदतन अपराधियों पर पुलिस की रहेगी विशेष नजर
    बैठक में अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की निगरानी को लेकर विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।

    जिलावार और थानावार सूची तैयार होने से पुलिस को अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर रखने और उनके खिलाफ समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

    आदतन अपराधियों और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के विरुद्ध CCA के तहत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। इसका उद्देश्य अपराध पर नियंत्रण के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

    डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटाने पर जोर
    कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 की कार्यक्षमता बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायत या आपात सूचना मिलने पर पुलिस कम से कम समय में मौके पर पहुंचे

    रिस्पांस टाइम घटाने से आपात स्थितियों में लोगों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

    सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने का निर्देश
    बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री और उससे कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

    अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखते हुए कानून के दायरे में जरूरी कार्रवाई की जाए।

    सोशल मीडिया पर भ्रामक या अशांति फैलाने वाली सामग्री के मामलों में समय रहते कार्रवाई करना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्ती
    प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और गड़बड़ी में शामिल लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    बैठक में कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए पुलिस और संबंधित अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, आपातकालीन सहायता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए

  • कौशल विकास से हॉकी विश्व कप तक, बिहार ने केंद्र के सामने रखीं बड़ी विकास योजनाएं

    कौशल विकास से हॉकी विश्व कप तक, बिहार ने केंद्र के सामने रखीं बड़ी विकास योजनाएं

    पटना
     बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर 'जल जीवन मिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया है। हालांकि, कुछ कारणों से इस योजना की केंद्रीय राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार ने केंद्र के समक्ष अपनी लंबित और भावी योजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय मांग रखी है।

    18 हजार करोड़ की वित्तीय मदद की गुहार
    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इस निवेश की भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्होंने केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। इस मांग के तहत उन्होंने खर्च हो चुकी राशि के केंद्रांश के रूप में 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की अपील की।

    राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसकी भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया।

    कौशल विकास और नए संस्थानों के लिए विशेष फंड
    बिहार में युवाओं के हुनर को निखारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने राज्य में चल रहे कौशल विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए वित्तीय मदद की मांग की।

        आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब के तहत पटना में 640 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की जा रही है।
        पीएम-सेतु योजना के माध्यम से 75 आईटीआई को मजबूत करने के लिए 3,615 करोड़ की डिमांड केंद्र से की गई।
        'इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर' पायलट प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ की मांग सम्राट सरकार ने की।
        जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई।
        भागलपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राशि की मांग भी सम्राट सरकार ने की है।

    पीएम-विश्वकर्मा योजना में बिहार की प्रगति रिपोर्ट
    बैठक के दौरान राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम-विश्वकर्मा योजना' के अंतर्गत बिहार में अब तक 1.18 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे जमीन पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

    हॉकी विश्व कप और राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए मदद
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में बिहार 'नेशनल यूथ गेम्स', वर्ष 2030 में 'हॉकी विश्व कप' और वर्ष 2031 में 'राष्ट्रीय खेल' (National Games) की मेजबानी करने के लिए तैयार है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि बिहार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र पर चलते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।

     

  • एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज, भाजपा-जदयू समेत सहयोगी दलों को मिलेगा प्रतिनिधित्व

    एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज, भाजपा-जदयू समेत सहयोगी दलों को मिलेगा प्रतिनिधित्व

    पटना

    बिहार की एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई को होगा। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नए मंत्री शपथ लेंगे। उन्हें राज्यपाल सय्यद अता हसनैन पद व गोपनीयता की शपथ दिलायेंगे। इस मौके के साक्षी बड़ी संख्या में एनडीए के शीर्ष नेता बनेंगे। रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के साथ ही भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। साथ ही बिहार में एनडीए के प्रमुख घटक दलों के नेता जदयू के राजीव रंजन सिंह ललन, हम के जीतन राम मांझी, लोजपाआर के चिराग पासवान से मिलकर रविवार की दोपहर वे पटना पहुंचे। उनकी वापसी के पहले ही पटना जिला प्रशासन के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां आरंभ कर दीं। बताया जाता है कि इसको लेकर आलाधिकारियों ने एक बैठक कर इसकी रणनीति बनाई। समय और शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या तय की जा रही है।

    इधर बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अपने पूर्ववर्ती और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। सम्राट चौधरी नई दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद कुमार के आवास पहुंचे थे। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने जदयू अध्यक्ष के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने "राजग की शानदार जीत के गौरवपूर्ण क्षण को साझा किया।" यह हालिया विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में भाजपा और उसके सहयोगियों के प्रदर्शन का संदर्भ था।

    इससे पहले, सम्राट चौधरी ने जदयू प्रमुख के एक पोस्ट को भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनावों में राजग की सफलता पर खुशी जताई थी। इसी बीच, यह चर्चा तेज है कि चुनाव परिणामों के बाद बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। पिछले महीने शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में फिलहाल केवल दो मंत्री हैं, दोनों ही जदयू से हैं। वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने शपथ ली थी और दोनों को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

    बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के मंत्रिमंडल में अधिकतम 30 मंत्री हो सकते हैं। संभावित विस्तार में भाजपा और जदयू के अलावा राजग के अन्य घटकों-लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। इन दलों का नेतृत्व क्रमशः केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा कर रहे हैं। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से जब सात मई को मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”

    इस बीच, शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक बड़ा टेंट लगाया जा रहा है। अधिकारी तैयारियों के बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं, हालांकि भाजपा के कुछ नेताओं का दावा है कि मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम "भव्य आयोजन" होगा, जो राजभवन में हुए सम्राट चौधरी के सादे शपथ ग्रहण समारोह से अलग होगा।

  • बिहार फ्लोर टेस्ट: एनडीए के पास प्रचंड बहुमत, औपचारिकता भर विश्वासमत

    बिहार फ्लोर टेस्ट: एनडीए के पास प्रचंड बहुमत, औपचारिकता भर विश्वासमत

    पटना

    बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का पहला टेस्ट है. बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. इसके लिए विधायक बिहार विधानसभा पहुंचने लगे हैं. जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने दावा किया है कि सम्राट सरकार को बहुमत हासिल है औरा सदन में केवल औपचारिकता पूरी होनी है.

    श्याम रजक का दावा आधारहीन भी नहीं. बिहार विधानसभा का नंबर गेम सम्राट सरकार के पक्ष में है. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 201 विधायकों का संख्याबल है, जो बहुमत के लिए जरूरी 122 के आंकड़े से कहीं ज्यादा है. पार्टियों के हिसाब से देखें तो बीजेपी के 88, जेडीयू के 85, इन दो प्रमुख दलों के ही 173 विधायक हैं.

    चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के चार विधायक हैं. एनडीए के पास बिहार विधानसभा में 202 विधायकों का संख्याबल था. नितिन नवीन बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब राज्यसभा जा चुके हैं.

    नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. विपक्ष की बात करें, तो बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों के 41 विधायक हैं, जिनमें 35 विधायक महागठबंधन के हैं. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 25 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. कांग्रेस के छह, भाकपा माले के दो, माकपा और आईईपी के एक-एक विधायक हैं.

    असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस -ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के भी एक विधायक हैं. महज औपचारिकता माने जा रहे इस विश्वासमत के लिए सत्तापक्ष के साथ ही विपक्ष ने भी व्हिप जारी किया है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में सरकार की ओर से सीएम सम्राट चौधरी एक लाइन का विश्वास प्रस्ताव पेश किया है.