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  • बिहार में उद्यमिता को मिलेगा बूस्ट! 7136 लाभुकों को ₹150 करोड़, 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

    बिहार में उद्यमिता को मिलेगा बूस्ट! 7136 लाभुकों को ₹150 करोड़, 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

    पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के युवा उद्यमियों को बड़ा तोहफा दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बिहार के 7 हजार से ज्यादा उद्यमियों को 150 करोड़ रुपये भेजे। इसी के साथ सीएम ने राज्य के 1 करोड़ परिवारों के लिए बड़ा ऐलान भी किया है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के 7136 लाभुकों के बीच करीब 150 करोड़ रुपये वितरित किया। पटना के बापू सभागार में उद्यमी योजना के कई लाभुक मौजूद थे। उद्यमियों को पहली किस्त दी गई है। पहली किस्त के तौर पर लाभुकों को दो-दो लाख रुपये की किस्त दी गई है।

    इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ऐलान किया कि बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाना है। राज्य सरकार इसके लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 25 से 40 प्रतिशत की खरीद बिहार में उत्पादित सामान का करेगी।अगले पांच वर्षों में बिहार की तकदीर को बदलना है। इसके लिए हमसभी को मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में सभी कृषि फीडर को सोलरयुक्त कर देंगे।

    बता दें कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें 5 लाख रुपये का किस्त ही उद्यमियों को देना होगा। इस पैसे से अलग-अलग तरह के व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार औऱ स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें 5 लाख तक का ब्याज मुक्त कर्ज शामिल है।

  • सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

    सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

    पटना
    राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की परिकल्पना की है। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।

    समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री शीला मंडल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने लव-कुश समाज की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख क‍िया।

    लव-कुश की कथा का दिया उदाहरण
    मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माता सीता के त्याग को लेकर स्थिति बनी, तब लव-कुश ने अपनी मां के सम्मान के लिए भगवान श्रीराम के समक्ष भी खड़े होने का साहस दिखाया।

    जब माता सीता को लगा कि पिता और पुत्र के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए तो उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर युद्ध रोक दिया।उन्होंने कहा कि हम उस परंपरा के वंशज हैं, जहां मर्यादा की स्थापना के लिए भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया।

    लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एक है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य न्याय के साथ आगे बढ़ना और गौरवशाली इतिहास को कायम रखना है।

    2005 के बाद बिहार में बदली विकास की दिशा
    सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया है।

    अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1999 में पहली बार सरकार में आने के समय बिहार के बजट की स्थिति को उन्होंने करीब से देखा था।

    तब राज्य का बजट करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जिसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपये रायल्टी के रूप में चले जाते थे।

    उन्होंने बिहार-झारखंड विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार के बंटवारे को लेकर सभी की आंखों में आंसू थे।

    उन्होंने दावा किया कि बिहार की आय का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। 2005 के बाद स्थिति बदली और वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

    शिक्षा में बदलाव का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक साथ 211 डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूल बनाए गए, जिनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं।

    अब स्‍कूल से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव आया है।

    पहले सुबह चार बजे उठकर पढ़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब बच्चे रात में पढ़ना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 हजार शिक्षकों को एप से जोड़ा गया।

    उन्होंने दावा किया कि रात एक बजे भी एक साथ करीब 1.42 लाख बच्चों को शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।

    बिहार की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। उन्होंने सम्राट अशोक का उल्लेख करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से उन्होंने दुनिया को संदेश दिया। बाद में भगवान बुद्ध की शरण में जाने के बाद बौद्ध धर्म के प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाना है। इसी क्रम में लव-कुश से जुड़ी मान्यताओं वाले स्थलों के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

    60 करोड़ से बनेगा लव-कुश पार्क
    सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश की विरासत को विकसित करने के लिए नीतीश कुमार की सहमति से 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाने का काम शुरू किया गया है।

    उन्होंने कहा कि माता सीता की जन्मभूमि से जुड़ी विरासत को भी विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार अमित शाह और नीतीश कुमार ने 2025 में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने दावा किया कि 31 दिसंबर 2028 से पहले सीता मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।

    एकता को बताया विकास की ताकत
    मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि साथ रहने का अलग प्रभाव होता है। उन्होंने कहा कि 2010 में साथ रहने पर 206 सीटें मिली थीं, जबकि 2020 में अलग होने पर यह संख्या 127 रह गई। इसके बाद 2025 में यह आंकड़ा 200 के पार पहुंचा।

    उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा। पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो वह एकता का प्रतीक बन जाती है। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने बिहार के मुखिया के रूप में आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

  • बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद को जनप्रतिनिधि आगे आए, कई दलों ने एक माह का वेतन देने का किया ऐलान

    बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद को जनप्रतिनिधि आगे आए, कई दलों ने एक माह का वेतन देने का किया ऐलान

     पटना
     बिहार के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक सहयोग का सिलसिला शुरू हो गया है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनि‍वार को अपना एक माह का वेतन 2.70 लाख रुपये राहत कोष में दिया। मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को उन्‍होंने चेक सौंपा।

    इसके बाद हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने रविवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का चेक सौंपा।

    लोक सेवक आवास स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर संतोष सुमन ने चेक सौंपा। इस दौरान हम के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार और पार्टी के विधायक मौजूद रहे।

    सुमन ने पहले ही पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों का एक-एक महीने का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की थी।

    मुख्यमंत्री ने हम के प्रतिनिधिमंडल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह राशि आपदा प्रभावित लोगों की सहायता में उपयोगी होगी।

    मुख्यमंत्री ने सक्षम लोगों से की सहयोग की अपील
    मुख्यमंत्री ने अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने के साथ राज्य के सक्षम और समृद्ध लोगों से भी अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष आपदा के समय जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। समाज के सक्षम लोगों की भागीदारी से राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

    इससे पहले शनिवार को पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राहत कोष में अपना एक माह का वेतन चेक के माध्यम से दिया था।

    इन दलों ने भी की वेतन देने की घोषणा
    राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के चार विधायक और एक विधान परिषद सदस्य भी एक-एक महीने का वेतन देंगे।

    जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी कहा है कि पार्टी के सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। लोजपा (रा) और हम की ओर से पहले ही एक माह का वेतन देने की घोषणा की जा चुकी है।

  • सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार में 10 हजार उद्योग होंगे स्थापित; स्टार्टअप और इनोवेशन पर जोर

    सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार में 10 हजार उद्योग होंगे स्थापित; स्टार्टअप और इनोवेशन पर जोर

    पटना
    बिहार में 5 साल में दस हजार उद्योग स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक माहौल तैयार हो चुका है और अब तक करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में 10 हजार उद्योगों को बिहार की धरती पर स्थापित करने का लक्ष्य है। सीएम ने शनिवार को तारामंडल में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रमका शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेशनल इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का लोकार्पण किया। साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर यहां के 12 लाख लोग मजदूरी करने के लिये जा रहे हैं। हमलोगों का लक्ष्य है कि बिहार के बाहर कोई मजदूरी करने न जाय, इसके लिये उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारे युवा उद्यमी नये स्टार्टअप के साथ बिहार की दिशा बदल सकते हैं। राज्य सरकार उनके प्रयासों को हरसंभव सहयोग देगी। बिहार टेक पोर्टल फॉर इनोवेशन इन आईटी सेक्टर के माध्यम से आईटी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

    हमलोगों ने एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। युवा ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को जोड़कर राज्य को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मंत्री नंद किशोर राम, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की प्रदेश संयोजक डॉ. अमृता भूषण राठौर की उपस्थिति रही।

    युवा शक्ति के दम पर बिहार को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य की युवा शक्ति और बड़ी आबादी को चुनौती नहीं, बल्कि विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। वर्ष 2047 में विकसित भारत के संकल्प को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनायें देता हूं। उनकी कल्पना और नवाचार के प्रति उनकी दृष्टि हम सभी को प्रेरित करता है। हमलोगों की सरकार इन्हीं उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रही है।

  • सारण में सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणाएं, एयरपोर्ट से लेकर टाउनशिप तक की योजना

    सारण में सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणाएं, एयरपोर्ट से लेकर टाउनशिप तक की योजना

    पटना

     सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं।

    अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे।

    दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है।

    31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी
    इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी।

    उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।

    जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा।

    20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य
    मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है।

    बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा।

    साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।

    स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।

    उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।

     

  • बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: क्राइम, करप्शन और घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: क्राइम, करप्शन और घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

     पटना

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी आपराधिक या हत्या की घटना में दोषियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। 12 से 13 दिनों के अंदर ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो लोगों को दिखे। लोगों के बीच सुशासन की अवधारणा स्थापित करनी है।

    मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में सभी डीएम-एसपी के साथ अपनी पहली बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और कई अहम निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने नई सरकार की प्राथमिकताएं बतायीं। बैठक में मुख्य सचिव और डीजी समेत प्रशासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो टूक कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं। कानून और योजनाएं को जमीन पर ठीक ढंग से लागू करें। अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर मुस्तैदी से कार्य करें। अधिकारियों से दो-टूक कहा कि लटकाने भटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें, बल्कि जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें। पुलिस दीदी कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। बच्चियां सुरक्षित स्कूल आएं-जाएं, इसे सुनिश्चित करें।

    डीएम-एसपी जनता से मिलें
    मुख्यमंत्री ने सभी डीएम-एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालय में निश्चित रूप से सुबह 10 से दिन में एक बजे तक बैठकर लोगों से मिलें। उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा, आप जितने लोगों से मिलेंगे, जिले के बारे में उतनी अधिक जानकारी होगी और क्षेत्र का विकास करने में सुविधा होगी। पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करें।

    घुसपैठिये बाहर किए जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमलोगों की सरकार ने जाति आधारित गणना कराई थी। अब जनगणना का कार्य केंद्र सरकार के द्वारा कराया जा रहा है उसमें सभी हाऊस होल्ड को ठीक से चिह्नित करें। कौन कहां से आया है, यहां का निवासी कैसे है, इन सब चीजों की जानकारी प्राप्त करें। किसी भी धर्म के लोग हों, वे भारत के निवासी हैं तो उन्हें सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, किसी भी धर्म के हों, अगर घुसपैठिया है तो उन्हें बिहार से बाहर किया जाएगा।

    हर जिले में 50 डेस्टिनेशन स्पॉट
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट को चिह्नित कर उसे और विकसित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया गया। प्रशासन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया गया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई। राज्य में सुशासन स्थापित रहने से इसका लाभ राज्यवासियों को मिला है।

    शराबबंदी को सफल करें
    सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया है। शराबबंदी पूरी तरह सफल हो, इसको लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब बेचनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे को ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें। प्रखंड, अंचल और थाना का सीएम कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा। प्रखंड, अंचल और थाने में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं।

    मुख्यमंत्री के निर्देश
    ● क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं

    ● बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर कोताही नहीं होनी चाहिए

    ● दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें

    ● अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर पुलिस मुस्तैद रहे

    ● पंचायतों में माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगेगा

    सीएम का बयान
    जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर अच्छा काम करते हैं तो जनप्रतिनिधियों के पास लोगों की समस्याओं से जुड़े मामले कम आते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करेंगे। -सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

  • Gandhi Maidan Rally: CM सम्राट चौधरी का ऐलान—महिलाओं की सुरक्षा पर कोई ढिलाई नहीं

    Gandhi Maidan Rally: CM सम्राट चौधरी का ऐलान—महिलाओं की सुरक्षा पर कोई ढिलाई नहीं

    पटना.

    महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा गांधी मैदान में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को केवल अपने परिवार की चिंता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन महागठबंधन के नेता अपने परिवार को सत्ता तक पहुंचाने में लगे हैं।

    मह‍िलाओं को दिया आश्‍वासन
    मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, 'आपका भाई सम्राट चौधरी यहां खड़ा है। यदि कोई असुरक्षा की स्थिति पैदा करेगा तो उसे पाताल से भी खोज निकालेंगे, छोड़ेंगे नहीं।' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि यदि यह बिल लागू होता, तो बिहार में 122 महिलाएं विधायक होतीं। सम्राट चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद और तमिलनाडु के नेता स्टालिन पर भी हमला क‍िया। 

    विपक्ष के लोग परिवार को बढ़ाने में लगे
    कहा कि ये सभी अपने-अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने में लगे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं। मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का अभिभावक भी बताया।इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद विपक्ष जश्न मना रहा है, जो महिलाओं का अपमान है। कार्यक्रम में विधायक ज्योति मांझी ने गीत प्रस्तुत कर आरक्षण का समर्थन किया। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्यसभा सदस्य धर्मशीला गुप्ता, विधायक बेबी कुमारी, गायत्री देवी, छोटी कुमारी, निशा सिंह और कविता पासवान सहित कई नेता उपस्थित थे।