Tag: Census 2027

  • जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लिव-इन जोड़ों और चार शादियों के विकल्प को लेकर चर्चा तेज़

    जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लिव-इन जोड़ों और चार शादियों के विकल्प को लेकर चर्चा तेज़

    गोरखपुर
    दूसरे चरण की जनगणना में 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से जनगणना शुरू होगी। जनगणना के लिए गोरखपुर के एमएमएमयूटी में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। पहले चरण में प्रशिक्षित फिल्ड ट्रेनर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में मिल रही जानकारियों क अनुसार इस बार जनगणना में हर व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे।

    जनगणना में इस बार पुरुषों एवं महिलाओं की चार शादी दर्शाने का विकल्प है, जबकि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े शादी से पहले ही दंपति माने जाएंगे। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी जाति धर्म के लोग चार शादी को जनगणना में दर्शा सकते हैं।

    बेघर लोगों की होगी गणना
    पहले चरण में मकान गणना की गई, जिसके आधार पर जनगणना होगी। इस बार बेघर लोगों की भी गणना की जाएगी। लोगों की नागरिकता के बजाए घोषित राष्ट्रीयता को जनगणना में दर्ज किया जाएगा। जाति भी पूछी जाएगी।

    जनगणना की ट्रेनिंग शुरू
    जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि दूसरे चरण की जनगणना के लिए ट्रेनिंग शुरू हो गया है। प्रशिक्षण लेने वाले लोगों से कहा गया कि सभी सवालों के बारे में अच्छी तरह समझ लें। जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सही होने चाहिए। इसी के अनुसार भविष्य की योजनाएं बनतीं हैं। जो लोग स्वगणना कर सकते हैं, उन्हें स्वगणना करने से सुविधा होगी।

    ये सवाल भी पूछे जाएंगे
    नाम से लेकर मोबाइल तकः नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु और वैवाहिक स्थिति।

    सामाजिक जानकारीः धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगता, मातृभाषा और शिक्षा।

    रोजगार और व्यवसायः काम की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी और आर्थिक गतिविधि।

    प्रवास और परिवारः जन्म स्थान, अंतिम निवास, प्रवास का कारण, अवधि, स्थायी पत्ता।

    अन्य जानकारी: कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस।

    इन लोगों की नहीं लगेगी ट्यूटी
    उधर, यूपी सरकार ने तीन महीने में रिटायर्ड होने वाले कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से राहत दे दी है। ऐसे कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगाए जाने को लेकर कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी विभागों को निर्देश भेज दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत निकटतम तीन माह के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को दूसरे चरण के जनगणना कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। दूसरे चरण के जनगणना का काम अप्रशिक्षित कार्मिकों से नहीं कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसी भी कार्मिक को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जनगणना के काम से छूट नहीं दी जाएगी। छावनी परिषद के अतिरिक्त किसी भी अन्य इकाई को स्पेशल नहीं बताया जाएगा।

  • हरियाणा सरकार ने जनगणना प्री-टेस्ट के लिए चयनित क्षेत्र किए अधिसूचित, लोगों से सहयोग की अपील

    हरियाणा सरकार ने जनगणना प्री-टेस्ट के लिए चयनित क्षेत्र किए अधिसूचित, लोगों से सहयोग की अपील

     चंडीगढ़
     भारत की जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत हरियाणा सरकार ने राज्य में जनसंख्या गणना के प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने इसके लिए चयनित क्षेत्रों को अधिसूचित कर दिया है, जहां छह से 18 जुलाई तक फील्ड अभ्यास कराया जाएगा।

    इससे पहले एक से पांच जुलाई तक पात्र नागरिकों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज कराने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का अवसर दिया गया था। यह अभ्यास देशभर में होने वाली जनगणना-2027 की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं हरियाणा जनगणना-2027 की नोडल अधिकारी डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्री-टेस्ट का उद्देश्य जनगणना की पूरी प्रक्रिया को अधिक सटीक, सुचारू और प्रभावी बनाना है।

    संभावित चुनौतियों की पहचान कर होगा समाधान
    इस दौरान डिजिटल डाटा संग्रह प्रणाली, फील्ड संचालन, प्रगणकों की कार्यप्रणाली तथा तकनीकी व्यवस्थाओं की व्यवहारिक जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक जनगणना से पहले संभावित चुनौतियों की पहचान कर उनका समाधान किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि फील्ड अभ्यास पूरा होने के बाद 19 और 20 जुलाई को पुनरीक्षण (रिविजनल राउंड) आयोजित किया जाएगा। इसमें प्री-टेस्ट के दौरान एकत्रित आंकड़ों का सत्यापन, अद्यतन और अंतिम पुष्टि की जाएगी। मिश्रा ने चयनित क्षेत्रों के लोगों से इस अभ्यास में सक्रिय भागीदारी करने और प्रगणकों को पूरा सहयोग देने की अपील की।

  • 17 अप्रैल से मकान सूचिकरण शुरू, 1 मई तक चलेगी डिजिटल प्रक्रिया

    17 अप्रैल से मकान सूचिकरण शुरू, 1 मई तक चलेगी डिजिटल प्रक्रिया

    पटना

     बिहार में आज 17 अप्रैल से जनगणना 2027 का पहला चरण (मकान सूचिकरण) शुरू होने जा रहा है। इसमें लोग घर बैठे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन कर सकेंगे। पहले चरण में स्व-गणना का काम 1 मई तक चलेगा। बिहार में जनगणना 2027 में पहले 15 दिनों तक लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपने परिवार और घर की जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद गणनाकर्मी घर पहुंचकर दर्ज जानकारी की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।

    बिहार में जीविका दीदियों की ली जाएगी मदद
    इस पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम और परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नागरिकों को 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। स्व-गणना के लिए प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए 'जीविका दीदियों' की मदद ली जाएगी।इन सवालों में मकान की स्थिति, फर्श, दीवार और छत किससे बनी है, कितने लोग रहते हैं, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जानकारी मांगी जाएगी।

    आइए आपको बताते हैं कैसे आप स्पेट-बाय स्टेप जनगणना के लिए अपनी जानकारी भर सकते हैं…
    पहला चरण: जनगणना के लिए जानकारी भरने के लिए रजिस्ट्रेशन
    – जनगणना के लिए अपनी जानकारी भरने के लिए सबसे पहले आपको सरकारी पोर्टल में लॉगिन करके एंट्री करनी होगी।

    – सरकारी पोर्टल पर जाएं। फिर अपने राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का चयन करें। कैशे कोड दर्ज करें। परिवार के पंजीकरण के लिए परिवार के मुखिया का नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी (वैकल्पिक) दर्ज करें। परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। ऐसे में जो मुखिया है, उसी का नाम डालें।

    – प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा सकता है। एक बार पंजीकृत होने के बाद वही मोबाइल नंबर किसी अन्य परिवार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है।

    दूसरा चरण– सत्यापन और जगह की पहचान
    जनगणना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें आपने जो जगह भरी है, उसका सत्यापन किया जाएगा। फिर जगह की पहचान की जाएगी। बताते हैं इसके लिए आपको क्या करना होगा..

    – पोर्टल पर आपको अपनी भाषा का चयन करना होगा। पोर्टल पर पसंदीदा भाषा वाले बॉक्स में जाकर अपनी भाषा का सिलेक्शन करें। यहां भाषा चयन के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए डाले गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को साइट पर दर्ज करें। बता दें, चयनित भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकता है।

    – साइट पर आगे बढ़ें और अपने जिले का चयन करें। यहां पिन कोड दर्ज करें। फिर अपने गांव, नगर या स्थानीय क्षेत्र की जानकारी भरें।

    – आगे बढ़ने पर आपको आपके क्षेत्र का नक्शा दिखाई देगा। इस पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करें। इसके लिए आपको नक्शे पर दिख रहे लाल रंग के मार्क को आगे-पीछे खिसकाकर अपने मकान के सटीक जगह पर रखें और स्थान की पुष्टि करें।
    तीसरा चरण: डेटा दर्ज करें और पूछी गई डिटेल भरें
    – पूछे गए सवालों को पूरा भरें: मकानसूचीकरण और मकानों की गणना वाली प्रश्नावली भरें। प्रश्नों को समझने में आपकी सहायता के लिए टूलटिप्स, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) और 'महत्वपूर्ण जानकारी' उपलब्ध हैं।

    – पूर्वालोकन एवं समीक्षा: अभी तक आपने जो जानकारी भरी है, वो यहां आपको देखने को मिलेगी। आप दर्ज की गई सभी जानकारी को अच्छे से जांच लें।

    – अगर दर्ज किए गए डेटा में कोई संशोधन करना है तो आपको वापस उसी सेक्शन में जाना होगा। ऐसे में अभी तक भरी जानकारी को ड्राफ्ट के रूप में सेव करें। अगर सभी जानकारी भर चुकी है और कोई संसोधन नहीं करना है तो पुष्टि करें और सबमिट करें।

    – पुष्टि करें और सबमिट करें पर क्लिक करके अपने डेटा का फाइनल सबमिशन करें। फाइनल सबमिशन के बाद किसी भी
    प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।

    – स्व-गणना पहचान संख्या (SEID) का सृजन: पूरी डिटेल भरने के बाद जब आप फाइनल सबमिट करेंगे तो 11 अंकों की एक खास स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जनरेट होगी, जो 'H' अक्षर से शुरू होती है। यह आईडी SMS और अगर आपने ईमेल आईडी दी है तो उसके जरिए आपको मिलेगी।

    चौथा चरण: क्षेत्रीय सत्यापन
    चौथे चरण में आपके मकान का क्षेत्रीय सत्पापन जनगणना कर्मी करेंगे।

    – जब जनगणना करने वाले कर्मी आपके घर आएं, तो उन्हें अपनी SE ID दें, जो आपको ऑनलाइन मकान की गणना करने पर मिलेगी।

    – SE ID मिलान का परिणाम: अगर SE ID मौजूदा रिकॉर्ड से मेल खाती है, तो आपकी जानकारी की पुष्टि कर उसे मंजूर कर लिया जाएगा। अगर SE ID का मिलान नहीं होता है तो गणनाकर्मी आपकी नई जानकारी लेकर दर्ज करेगा।

     

  • मकानों की गणना और पारदर्शी जनगणना के लिए सरायकेला में कार्यशाला, प्रखंड और नगर निकाय के अधिकारी हुए शामिल

    मकानों की गणना और पारदर्शी जनगणना के लिए सरायकेला में कार्यशाला, प्रखंड और नगर निकाय के अधिकारी हुए शामिल

     सरायकेला

    झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर तीन दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड कार्यालय सभागार, सरायकेला में किया गया.

    8 से 10 अप्रैल तक आयोजित
    यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 08 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारी और नामित फील्ड ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनर एमड़ी तासिकुर रहमान और अविनाश ठाकुर द्वारा प्रदान किया जा रहा है. इस दौरान प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों के सवालों का समाधान कर और उनकी सभी शंकाओं को दूर किया जा रहा है. इससे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जा सके.  सरायकेला-खरसावां में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारी शुरू हो गई है. मकान सूचीकरण के लिए अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

    ये अधिकारी रहे मौजूद
    8 अप्रैल को जिला स्तर के फील्ड ट्रेनर के रूप में नामित प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया. ये सभी प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स प्रखंड और नगर क्षेत्र के प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे. प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर जिला जनगणना पदाधिकारी श्री कमलेश कुमार दास और अन्य संबंधित पदाधिकारी कर्मी उपस्थित रहे.

  • जनगणना 2027 अपडेट: घर बैठे भरें डिटेल, एक गणनाकर्मी करेगा 800 लोगों का सर्वे

    जनगणना 2027 अपडेट: घर बैठे भरें डिटेल, एक गणनाकर्मी करेगा 800 लोगों का सर्वे

    भोपाल
    Census 2027: जिला जनगणना समन्वय समिति की दो दिवसीय ट्रेनिंग और बैठक गुरुवार को खत्म हो गई। बैठक में जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल मोड में करने से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा हुई। स्पष्ट किया गया कि एक कर्मचारी 800 नागरिकों की डिटेल मोबाइल ऐप से जमा कराएगा। लोग खुद भी अपने परिवार की डिटेल भर सकेंगे। 16 अप्रेल से इसके लिए मोबाइल ऐप समेत विभिन्न माध्यमों से डिटेल जमा करने का अवसर मिलेगा। एक मई से हाउसहोल्ड सर्वे शुरू होगा।

    जनगणना का काम फरवरी 2027 में होगा। बैठक में अपर कलेक्टर प्रकाश नायक, पीसी शाक्य, जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुह्रश्वता, एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित समिति के सदस्यगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनगणना कार्य निदेशालय संयुक्त निदेशक नामित यादव, सहायक निदेशक ऐन्सी रेजी ने प्रशिक्षण दिया।

    10 लाख घरों की होगी मैपिंग
    01 मई से शुरू हो रही जनगणना के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार नागरिक डिजिटल तरीके से अपनी जानकारी सरकार तक पहुंचा सकेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जानकारी देने नागरिकों को इंडियन सेंसस डाटा कलेक्शन पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा।
     
    यहां नागरिकों से 33 तरह के प्रश्नों का जवाब मांगा जाएगा। यही जवाब मांगने 'डोर टू डोर' सर्वे भी होगा। जनगणना के लिए 8000 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया गया है। अभियान के तहत 10 लाख घरों की मैपिंग करने का टारगेट तय किया गया है। घरों की जियो टैगिंग से मैपिंग करने के बाद कर्मियों को रवाना किया जाएगा।