Tag: CCTV

  • दवा दुकानों पर CCTV अनिवार्य करने की तैयारी, जानें सरकार के प्रस्ताव पर क्यों हो रहा विरोध

    दवा दुकानों पर CCTV अनिवार्य करने की तैयारी, जानें सरकार के प्रस्ताव पर क्यों हो रहा विरोध

    नई दिल्ली

    अगर आप अपने घर के पास किसी मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या कफ सिरप खरीदने जाते हैं, तो बहुत जल्द आपको एक CCTV कैमरे की नजर में खरीदारी करनी पड़ सकती है। भारत की शीर्ष दवा सलाहकार संस्था ने देश भर की हर केमिस्ट दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने की सिफारिश की है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम कसना है, लेकिन इस फैसले ने देश के छोटे दवा दुकानदारों की नींद उड़ा दी है।

    औषध तकनीकी सलाहकार बोर्ड (DTAB) ने 27 अगस्त को हुई अपनी बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। बोर्ड ने बिक्री केंद्र पर सीसीटीवी लगाने और सप्लाई चेन में नारकोटिक व साइकोट्रॉपिक (NDPS) दवाओं के पाई-पाई का हिसाब रखने की सिफारिश की है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मुहर और क्रियान्वयन के लिए भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी के पास है।

    क्यों पड़ी सीसीटीवी की जरूरत?
    केमिस्ट दुकानों पर कैमरों की निगरानी का विचार नया नहीं है। लंबे समय से दवा नियंत्रक अधिकारी इस बात से चिंतित हैं कि नशीली दर्द निवारक गोलियां और आदत डालने वाले कफ सिरप वैध सप्लाई चेन से चोरी-छिपे निकलकर अवैध बाजार तक पहुंच रहे हैं।

    बच्चों में नशीली दवाओं की लत रोकने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी सख्त निगरानी की मांग की थी। सरकार का मानना है कि सीसीटीवी की फुटेज से एक ऐसा डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा, जिससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि कौन सा दुकानदार बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली दवाएं बेच रहा है।

    '50 हजार से 1 लाख का खर्च, कैसे चलाएं दुकान?'
    सरकार के इस प्रस्ताव के सामने आते ही देश भर के केमिस्टों का गुस्सा फूट पड़ा है। 15 लाख से ज्यादा सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले देश के सबसे बड़े दवा संगठन 'ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) ने 17 सितंबर को स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव को एक आपातकालीन पत्र लिखा है।

    दवा दुकानदारों का कहना है कि 6 से 8 कैमरे, DVR/NVR सिस्टम, हार्ड डिस्क स्टोरेज, वायरिंग, इंटरनेट और मेंटेनेंस मिलाकर प्रति दुकान 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए तक का भारी-भरकम खर्च आएगा। मामूली मार्जिन पर काम करने वाले छोटे दुकानदारों के लिए यह रकम जुटाना बेहद मुश्किल है।

    उनका कहना है कि ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में लगातार बिजली कटौती होती है और इंटरनेट नेटवर्क की स्थिति खराब है। ऐसे में 24 घंटे लगातार रिकॉर्डिंग करना तकनीकी रूप से नामुमकिन है।

    बड़े कॉर्पोरेट फार्मेसी ब्रांड्स तो यह खर्च उठा लेंगे, लेकिन गांवों और छोटे कस्बों में 'हेल्थ फॉर ऑल' के दौर से सेवा दे रहे छोटे केमिस्ट भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।

    'कैमरे दवा की जांच नहीं कर सकते, फैक्ट्री से ही हो ट्रैकिंग'
    तमिलनाडु केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (TNCDA) के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्रन मन्नारगुडी और अन्य खुदरा दवा विक्रेताओं का तर्क है कि कैमरे यह जांच नहीं कर सकते कि पर्चा असली है या नकली, जिसकी जानकारी पहले से ही बिलिंग रजिस्टर में दर्ज होती है।

    दुकानदारों ने सरकार से मांग की है कि इस नियम को तुरंत वापस लिया जाए या फिर ग्रामीण दुकानदारों को सरकार खुद पूरी सब्सिडी दे। उनका सुझाव है कि रिटेल दुकानदारों पर नियम थोपने के बजाय सरकार को दवा बनाने वाली फैक्ट्रियों से ही 'ट्रैक एंड ट्रेस' सिस्टम लागू करना चाहिए ताकि नशे के कारोबार पर असल नकेल कसी जा सके।

  • पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर 41 लाख से ज्यादा चालान, फिर भी वाहन चालक बेपरवाह

    पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर 41 लाख से ज्यादा चालान, फिर भी वाहन चालक बेपरवाह

    चंडीगढ़
     पंजाब में यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए पुलिस की सख्ती लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं, ई-चालान व्यवस्था को मजबूत किया गया है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद वाहन चालकों की आदत बदलती नजर नहीं आ रही।

    जितनी सख्ती बढ़ी, उतनी ही तेजी से चालान भी बढ़ते गए। वर्ष 2026 में छह अगस्त तक प्रदेश में 41,37,775 ई-चालान जारी हो चुके हैं। यह वर्ष 2025 में पूरे साल हुए 20.46 लाख चालानों के दोगुने से भी ज्यादा हैं।

    आंकड़े बताते हैं कि पंजाब की सड़कों पर पुलिस की नजर जरूर तेज हुई है, लेकिन लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना उस रफ्तार से नहीं बढ़ी। सवाल अब यह है कि जब चालान का डर भी वाहन चालकों की आदत नहीं बदल पा रहा तो आखिर वे कब सुधरेंगे?

    कैमरे बढ़े तो कार्रवाई भी कई गुना बढ़ी
    पंजाब में ई-चालान और कैमरा आधारित निगरानी का दायरा बढ़ने के साथ नियम तोड़ने वालों की पहचान आसान हुई है। बीते सालों में हुए चालानों की गिनती-

        वर्ष 2021 में प्रदेश में 53,973 चालान जारी हुए थे।
        2022 में 51,870 और 2023 में 72,790 चालान हुए।
        वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर करीब 3.98 लाख हो गई।
        2025 में इसमें बड़ा उछाल आया और पूरे साल में 20.46 लाख चालान जारी किए गए।

        2026 में छह अगस्त तक ही 41.38 लाख चालान काटे जा चुके हैं। यानी सात माह से भी कम समय में पिछले पूरे साल के मुकाबले दोगुने से अधिक कार्रवाई हो चुकी है।

    चालान का डर खत्म! 

    चालान की बढ़ती संख्या का एक पहलू यह भी है कि तकनीक ने पुलिस की पकड़ मजबूत कर दी है। पहले सड़क पर पुलिसकर्मी की मौजूदगी ही कार्रवाई का मुख्य माध्यम थी, लेकिन अब कैमरे नियम तोड़ने वाले वाहन की पहचान कर लेते हैं। इसके बावजूद उल्लंघन जारी रहना बताता है कि कई वाहन चालक नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे।

    लालबत्ती पार करना, निर्धारित गति से अधिक रफ्तार, गलत पार्किंग और अन्य नियमों की अनदेखी जैसे मामलों में चालान लगातार हो रहे हैं। इससे साफ है कि समस्या केवल निगरानी की नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव की भी है।

    चालान बढ़े, खजाने में पैसा घटा
    दिलचस्प पहलू यह है कि चालान की संख्या बढ़ने के बावजूद सरकार को मिलने वाला राजस्व उसी अनुपात में नहीं बढ़ा। वर्ष 2025 में 20.46 लाख चालानों से 123.04 करोड़ रुपये मिले थे। इसके विपरीत 2026 में छह अगस्त तक 41.38 लाख चालान जारी होने के बावजूद सरकार को सिर्फ 49.02 करोड़ रुपये मिले हैं।

    प्रति चालान औसत राजस्व भी लगातार घटा है। वर्ष 2024 में यह करीब 1370 रुपये, 2025 में 601 रुपये और 2026 में अब तक सिर्फ 118 रुपये रह गया है। इससे बड़ी संख्या में चालानों के लंबित रहने या उनकी वसूली न होने की स्थिति सामने आती है।

    असली मकसद राजस्व नहीं, सड़क सुरक्षा
    ट्रैफिक चालान का उद्देश्य सरकार की कमाई बढ़ाना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करना और सड़क हादसों को रोकना है। इसलिए 41 लाख से ज्यादा चालान अपने आप में उपलब्धि नहीं माने जा सकते, यदि इसके बावजूद लोग बार-बार वही गलतियां दोहराते रहें।

    अब जरूरत सिर्फ चालान काटने की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई और लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने की है।

  • नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

    नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

    नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

    पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद

    आई20 कार से आए बदमाशों पर लूट की नीयत से पहुंचने का आरोप
    भोपाल

    राजधानी भोपाल के नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर मंगलवार देर रात करीब 3 से 4 बजे के बीच आई20 कार में सवार कुछ बदमाशों ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना में दो  कर्मचारियों को चोटें भी आई हैं।

    पेट्रोल पंप प्रबंधन के अनुसार, बदमाश लूट की नीयत से पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। घटना के बाद पेट्रोल पंप मैनेजर ने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। उनका आरोप है कि उन्हें जवाब मिला कि पुलिस सुबह आएगी।घटना की पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

  • महोबा: बैडमिंटन खेलते-खेलते मौत का शिकार हुआ खिलाड़ी, CCTV में कैद हुआ 5 सेकंड का मंजर

    महोबा: बैडमिंटन खेलते-खेलते मौत का शिकार हुआ खिलाड़ी, CCTV में कैद हुआ 5 सेकंड का मंजर

    महोबा

     महोबा जिला स्टेडियम में बैडमिंटन खेल रहे पस्तोर गली निवासी 58 वर्षीय सुधीर गुप्ता की सडन कार्डियक अरेस्ट से अचानक मौत हो गई. रोजाना की तरह स्टेडियम पहुंचे सुधीर अपने साथियों के साथ पूरी ऊर्जा में खेल रहे थे. लगातार तीन शॉट खेलने के महज 11 सेकंड बाद उन्हें सीने में बेचैनी महसूस हुई. उन्होंने अपना हाथ दिल की तरफ ले जाने की कोशिश की, लेकिन 5 सेकंड के भीतर ही वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े. साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

    सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर
    स्टेडियम के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि सुधीर गुप्ता पूरी तरह फिट लग रहे थे. खेल के दौरान अचानक उनके कदम लड़खड़ाए और वह संभल नहीं पाए। 

    डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि यह साइलेंट हार्ट अटैक का मामला है. इस घातक अटैक ने उन्हें संभलने या मदद मांगने तक का मौका नहीं दिया. खेल का मैदान देखते ही देखते मातम के सन्नाटे में बदल गया। 

    परिवार में कोहराम, वीडियो वायरल
    सुधीर गुप्ता की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और पस्तोर गली मोहल्ले में कोहराम मच गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. सोशल मीडिया पर अब यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो लोगों को फिटनेस और जीवन की अनिश्चितता पर सोचने पर मजबूर कर रहा है. एक हंसते-खेलते इंसान का इस तरह अचानक चले जाना हर किसी को हैरान कर रहा। है। 

     

  • तरनतारन लॉ कॉलेज में छात्रा की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली

    तरनतारन लॉ कॉलेज में छात्रा की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली

    तरन तारन

    पंजाब के तरनतारन जिले में एक फर्स्ट ईयर के लॉ स्टूडेंट ने कथित तौर पर अपनी क्लासमेट लड़की को गोली मारकर हत्या कर दी। फिर उसी हथियार से उसने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने बताया कि तरनतारन के लॉ कॉलेज में सोमवार (9 फरवरी) को यह घटना घटी। पुलिस ने बताया कि युवक ने पहले सरेआम युवती की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। यह गोलीबारी क्लासरूम के CCTV कैमरे में कैद हो गई।

    घटना से जुड़ा 10 सेकंड का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि छात्रा क्लासरूम में बैंच पर बैठी है, इसी दौरान युवक उसे गोली मारता है। फिर पलक झपकते ही स्टूडेंट ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हड़कंप मच गया।

    छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है। डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) जगबीर सिंह ने PTI को फोन पर बताया कि प्रिंस राज ने क्लासरूम के अंदर संदीप कौर पर गोलियां चलाई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।

    पुलिस ने बताया कि राज द्वारा कौर की हत्या के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चला है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों तरनतारन के उस्मा गांव में स्थित एक लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट थे।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज क्लास शुरू होने से पहले क्लासरूम में घुसा और पिस्तौल से कौर के सिर में गोली मार दी। इसके बाद उसने उसी हथियार से क्लासरूम के अंदर खुद को भी गोली मार ली। उन्होंने बताया कि कौर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राज को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।

    यह घटना उस्मा के माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College in Usma) में हुई। दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है। CCTV फुटेज में प्रिंस राज पीठ पर बैग टांगे क्लासरूम में जाते दिख रहा है। फिर वह कौर और एक दूसरी महिला क्लासमेट के पास जाता है। इस दौरान उनसे थोड़ी देर बात करता है। इसके बाद तीनों क्लासरूम के पीछे की सीटों पर चले जाते हैं। यहां तीनों बातें करते रहते हैं।

    कुछ ही देर बाद वीडियो में दिखता है कि प्रिंस राज अचानक खड़ा होता है और दोनों महिलाओं की तरफ पीठ करके अपना बैग खोलता है। वह एक बंदूक निकालता है। फिर मुड़ता है और कौर पर बहुत करीब से गोली चला देता है। इसके बाद कौर जमीन पर गिर जाती है। जबकि दूसरी क्लासमेट सदमे से पीछे हट जाती है। फिर प्रिंस राज बंदूक अपनी कनपटी पर रखता है और गोली चला देता है। फिर वह जमीन पर गिर जाता है।