Tag: Bulldozer Action

  • कचहरी चौराहे पर बुलडोजर एक्शन, नोटिस के बाद VDA ने हटाया जायका रेस्टोरेंट का निर्माण

    कचहरी चौराहे पर बुलडोजर एक्शन, नोटिस के बाद VDA ने हटाया जायका रेस्टोरेंट का निर्माण

    वाराणसी
    उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अवैध निर्माण के खिलाफ VDA ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है. कैंट थाना क्षेत्र के कचहरी चौराहे पर स्थित जायका रेस्टोरेंट में यह कार्रवाई की जा रही है. VDA ने रेस्टोरेंट के निर्माण को अवैध बताते हुए पहले ही नोटिस जारी किया था.

    जायका रेस्टोरेंट का आरोप है कि नोटिस के बावजूद निर्माण खुद से नहीं हटाया गया. इसके बाद VDA की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर से कार्रवाई शुरू की.

    कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. VDA की टीम अवैध बताए जा रहे निर्माण को हटाने में जुटी है. पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की जा रही है. इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.

    दरअसल, जायका रेस्टोरेंट एक मुस्लिम व्यापारी का बताया जा रहा है. VDA की ओर से पहले ही निर्माण को लेकर नोटिस दिया गया था. नोटिस में निर्माण हटाने के लिए कहा गया था. निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद अब प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाया है.

    कचहरी से संदहा चौराहे तक होना है चौड़ीकरण
    यह कार्रवाई कचहरी चौराहे के आसपास सड़क चौड़ीकरण की योजना से भी जुड़ी है. कचहरी से संदहा चौराहे तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. इसी के तहत रास्ते में आने वाले निर्माण को लेकर कार्रवाई की जा रही है.

    VDA की टीम मौके पर मौजूद है. बुलडोजर की मदद से निर्माण हटाया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान किसी तरह की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया है.

    फिलहाल मौके पर VDA की कार्रवाई जारी है. प्राधिकरण की ओर से पहले जारी किए गए नोटिस और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर टीम निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी देख रही है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है.
     

  • अदालत के आदेश पर सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, कार्रवाई के बीच इकरा हसन समेत कई नेता नजरबंद

    अदालत के आदेश पर सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, कार्रवाई के बीच इकरा हसन समेत कई नेता नजरबंद

    सहारनपुर
    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में जिला अदालत के आदेश पर मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन हुआ है। इसे लेकर गरम होते सियासी माहौल के बीच प्रशासन ने समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन सहित वेस्ट यूपी के कई मुस्लिम नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इकरा हसन और अन्य नेताओं के घरों के बाहर फोर्स तैनात कर दी गई है। इकरा हसन ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनके आवास पर रात में भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है। उन्होंने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए सवाल उठाया है कि क्या है जनता की आवाज उठाना, उनके मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना अब अपराध हो गया है। इकरा हसन ने कहा कि इस तरह जनप्रतिनिधियों को रोककर उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती है।

    बता दें कि सहारनपुर जिला जज की अदालत ने चार सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पेश किए गए सबूतों की जांच के बाद मस्जिद अवैध घोषित करने वाले सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को जिला जज की कोर्ट ने बरकरार रखा। इसके पहले 17 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने मस्जिद को गिराने का आदेश दिया था।

    रात भर चली बेदखली, सुबह-सुबह बुलडोजर ऐक्शन
    रातभर चली बेदखली और सीलिंग की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने शनिवार को सुबह-सुबह ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात रही और कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10 से ज्यादा थानों की फोर्स को कलेक्ट्रेट के आसपास लगाया गया। मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी लगातार बनी रही। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

    आधा दर्जन डंपर मलबा लेकर निकले
    सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन के बाद नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपर मलबा लेकर कलेक्ट्रेट से बाहर निकले। ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट में 10 से ज्यादा थानों की फोर्स और पीएसी तैनात रही। डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के क्रम में निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर कानूनी कार्रवाई के तहत ध्वस्तीकरण हो रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने पाया था कि यह मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने अपील की थी जो जिला अदालत से खारिज कर दी गई। प्रशासन यह कार्रवाई सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कर रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं

  • दिल्ली में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, पीतमपुरा की मुख्य सड़क से मजार हटाई गई

    दिल्ली में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, पीतमपुरा की मुख्य सड़क से मजार हटाई गई

    नई दिल्ली

    दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग में मंगलवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सख्त कार्रवाई की है।

    उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा क्षेत्र में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बीच सड़क पर अवैध रूप से बने एक धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सुगम और जाम-मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

    प्रशासन ने मंगलवार को भी इस इलाके में बुलडोजर एक्शन जारी रखा. पीतमपुरा में पीतमपुरा-शालीमार बाग मेन रोड पर बनी मजार हटाई गई. इस मजार का निर्माण मेन रोड के बीचोबीच कराया गया था. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह मजार हटा दी गई. दिल्ली सरकार ने अवैध अतिक्रमण को लेकर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। 

    गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने आवागमन में हो रही परेशानियों, लगने वाले जाम को देखते हुए पीतमपुरा से शालीमार बाग मेन रोड के चौड़ीकरण का ऐलान किया है. इसके लिए ही अतिक्रमण हटाने का अभियान पिछले कुछ दिनों से इलाके में चल रहा है। 

    सड़क का चौड़ीकरण परियोजना के लिए एक्शन
    यह कार्रवाई पीतमपुरा-शालीमार बाग में सड़क का चौड़ीकरण के तहत की गई है. इस परियोजना का उद्देश्य शालीमार बाग, आजादपुर, रिंग रोड और आसपास के आवासीय व व्यावसायिक इलाकों के बीच ट्रैफिक जाम को कम करना और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। 

    इसी परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के तहत शालीमार बाग के हैदरपुर इलाके में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. इस अभियान के दौरान प्रभावित परिवारों के लिए 3 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह सहायता का प्रावधान है। 

    DDA की चेतावनी
    बता दें कि DDA ने सोमवार को सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को चेतावनी दी है. DDA ने साफ किया था कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण या अनधिकृत पार्किंग जैसी गतिविधियां मिलने पर बिना किसी पूर्व नोटिस के कार्रवाई की जाएगी.  DDA ने साफ किया है कि ध्वस्तीकरण अभियान का पूरा खर्च भी संबंधित कब्जाधारकों से वसूला जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। 

  • ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ फोर्ट में अवैध निर्माण पर प्रशासन का सख्त एक्शन

    ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ फोर्ट में अवैध निर्माण पर प्रशासन का सख्त एक्शन

    चित्तौड़गढ़
    विश्व विरासत में शुमार ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भीतर प्रशासन का बुलडोजर चला. फोर्ट के भीतर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने यह कार्रवाई की. यहां पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध 2 मंजिला होटल बनाया जा रहा था. प्रशासन रविवार (14 जून) अलसुबह भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध निर्माण को ढहा दिया. सुबह ठीक 4 बजे, जब पूरा शहरवासी गहरी नींद में थे, तब प्रशासनिक अमला अपने दुर्ग पर पहुंचा. अवैध रूप से बन रही इमारत को जमींदोज करने के लिए 10 जेसीबी, 8 ट्रेक्टर, 3 ब्रेकर मशीनों की मदद ली गई. सुरक्षा के लिहाज से दुर्ग की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया. चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा.

    शहर कोतवाली में नामजद मामला भी दर्ज
    पिछले दिनों कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठक में प्लानिंग बनाई गई और आज सुबह एक्शन लिया गया. जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए. कलक्टर के आदेश के बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारी ने चित्तौड़गढ़ शहर कोतवाली में एक नामजद मामला भी दर्ज हुआ.

    पुरातत्व विभाग की जमीन पर पहली बार ऐसी कार्रवाई
    पुरातत्व विभाग के अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि हमारे संरक्षित क्षेत्र में यह अवैध निर्माण किया गया था. अवैध निर्माण हटाने को लेकर पहले नोटिस भी दिया गया था. जिला प्रशासन के सहयोग से पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण होटल को हटा दिया गया है. राजस्थान में यह अपने आप में पहली ऐसी बड़ी कार्रवाई है, जहां पुरातत्व विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है. अगर ऐसी कार्रवाई होती रही, तो हमारी राष्ट्रीय धरोहरें हमेशा सुरक्षित रहेंगी.

    8 से 10 रेस्टोरेंट पर चल सकता है बुलडोजर
    प्रशासन की इस बुलडोजर कार्रवाई के बाद दुर्ग क्षेत्र के आसपास हलचल तेज हो गई है. साल 2020 के बाद से चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर करीब 8 से 10 अवैध रेस्टोरेंट और होटलों का निर्माण हुआ है. इन सभी पर कार्रवाई के लिए दिल्ली स्थित आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट को पत्र लिखा जा चुका है. जैसे ही वहां से उच्च स्तरीय स्वीकृति मिलेगी, दुर्ग पर बने अन्य अवैध होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी प्रशासन का बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है.

  • बिहार सरकार का बड़ा अभियान: NH किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेगा

    बिहार सरकार का बड़ा अभियान: NH किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेगा

    पटना

    पूरे बिहार में अब प्रशासन का पंजा एक बार फिर चलने वाला है। इस बार सरकार ने नेशनल हाइवे के किनारे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद अब आने वाले दिनों में राज्य में एनएच किनारे बुलडोजर गरजते नजर आएंगे। सरकार के फैसले के तहत एनएच किनारे (राइट ऑफ वे) अनधिकृत ढाबा, होटल एवं अन्य व्यावसायिक संरचनाएं हटाए जाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 20 दिनों के अंदर अवैध ढाबे और संरचना हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स की ओर से इन
    अवैध संरचनाओं को हटाया जाएगा।

    इसके साथ ही एनएच के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल अथवा व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। किसी भी नई संरचना के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग- एनएचएआई, एनएच अथवा पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक में यह निर्णय लिया। मुख्य सचिव ने एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध संरचनाओं को हटाने के साथ अवैध पार्किंग को लेकर भी राज्यभर में व्यापक अभियान चलेगा। बैठक में संबंधित विभागों यथा परिवहन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारी शामिल हुए।

    गौर हो कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग के कारण हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी किये थे। इसी के अनुपालन मेंकार्रवाई की जा रही है।

    वाहनों की पार्किंग निर्धारित जगह पर ही
    बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित जगह पर ही की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    होटल-प्रतिष्ठानों को अपना पहुंच पथ बनाना होगा
    वैसे ढाबा, होटल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका प्रवेश सीधे राष्ट्रीय उच्च पथ से है, उन्हें स्वयं वैकल्पिक पहुंच पथ का निर्माण करते हुए प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा संबंधित अधिनियम कंट्रोल ऑफ नेशनल हाइवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पथ निर्माण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर, किन्तु हाइवे सेफ्टी जोन (आवासीय क्षेत्र हेतु 40 मीटर एवं व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 75 मीटर) के भीतर स्थित संरचनाओं को भी संबंधित विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

  • लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर प्रशासन का एक्शन, कोर्ट परिसर में तनावपूर्ण माहौल

    लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर प्रशासन का एक्शन, कोर्ट परिसर में तनावपूर्ण माहौल

    लखनऊ

    यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां सिविल कोर्ट के बाहर वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर चला दिया गया. दूसरी तरफ इस दौरान वकील विरोध में खड़े थे. वकीलों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की. यहां नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी और कई चैंबरों को हटाना शुरू कर दिया.

    मामला पुराने हाई कोर्ट और स्वास्थ्य भवन चौराहे के बाहर बने वकीलों के चैंबरों का है. सुबह नगर निगम और पुलिस की टीम अचानक मौके पर पहुंची. कुछ ही देर में बुलडोजर ने सड़क किनारे बने चैंबरों को तोड़ना शुरू कर दिया. प्रशासन का कहना था कि ये निर्माण अवैध थे और अतिक्रमण हटाने के तहत कार्रवाई की जा रही है.

    लेकिन जैसे-जैसे बुलडोजर आगे बढ़ा, विरोध भी तेज हो गया. मौके पर पहुंचे वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश का गलत इस्तेमाल किया. अधिवक्ताओं का कहना है कि अदालत ने केवल 72 चैंबर हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन नगर निगम और पुलिस ने उसी आदेश की आड़ में करीब 240 चैंबर गिरा दिए.

    पुराने हाई कोर्ट परिसर के बाहर वर्षों से वकीलों के छोटे-छोटे चेंबर बने हुए थे. इन्हीं में बैठकर अधिवक्ता अपने मुवक्किलों से मिलते और केस से जुड़ा कामकाज करते थे. वकीलों का कहना है कि अचानक कार्रवाई से उनके काम पर असर पड़ा है.

    बुलडोजर चलने के दौरान कई वकील विरोध जताने लगे, नारेबाजी हुई, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बन गया. हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

    नगर निगम अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और अवैध कब्जा हटाना जरूरी था. लेकिन अधिवक्ताओं का सवाल है कि अगर कोर्ट ने 72 चैंबर हटाने को कहा था, तो उससे तीन गुना ज्यादा ढांचे क्यों गिराए गए? लखनऊ में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर कई जगह बुलडोजर अभियान चल रहा है.

    फिलहाल कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. अधिवक्ताओं ने कहा है कि वे इस कार्रवाई के खिलाफ आगे भी आवाज उठाएंगे. दूसरी तरफ प्रशासन अपनी कार्रवाई को सही बता रहा है. इस कार्रवाई के बाद कोर्ट परिसर के आसपास माहौल तनावपूर्ण बना रहा. वकीलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात रखा.