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  • बिहार MLC चुनाव: 4 शिक्षक, 4 स्नातक सीटों पर कौन डालेगा वोट, जानें जीत का फॉर्मूला

    बिहार MLC चुनाव: 4 शिक्षक, 4 स्नातक सीटों पर कौन डालेगा वोट, जानें जीत का फॉर्मूला

    पटना
     बिहार विधान परिषद की 8 सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर होने वाले चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।

    इन सीटों पर भाजपा-कांग्रेस और राजद-जदयू के अलावा जनसुराज और आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

    Bihar MLC Election 2026 की इन 8 सीटों का दायरा 30 जिलों और करीब 150 विधानसभा क्षेत्रों तक फैला हुआ है, लेकिन इस चुनाव में आम मतदाता वोट नहीं करते हैं। इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे कि इन सीटों पर MLC का चुनाव कौन करेगा और जीत का गणित क्या है?

    स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (4 सीटें)
    स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में केवल वही नागरिक वोट डालते हैं, जो कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक (Graduate) पास कर चुके हों और जिन्होंने फॉर्म-19 भरा हुआ हो।

    1. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
    इस निर्वाचन क्षेत्र में पटना के अलावा नालंदा और नवादा जिले आते हैं, जिसमें कुल 25 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। यहां 88,000 ग्रेजुएट वोट करेंगे।

    यहां जदयू नेता नीरज सिंह पिछले 3 बार से MLC हैं। इस बार उनका मुख्य मुकाबला जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह से है, क्योंकि उन्हें जदयू विधायक अनंत सिंह का सपोर्ट हासिल है।

    इसके अलावा राजद से दिलीप कुमार और कांग्रेस से डॉ. असदुल्लाह खान मैदान में हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने हिमांशु पटेल को उतारा है।

    2. दरभंगा स्नातक सीट
    इस क्षेत्र में दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिले आते हैं, जिसमें कुल 37 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। यहां 1.15 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।

    दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में NDA उम्मीदवार सर्वेश कुमार वर्तमान विधान पार्षद हैं। इस बार उनका मुकाबला राजद के अनिल कुमार झा और कांग्रेस के रजनीकांत पाठक से है। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी हैं।

    3. तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
    मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले के 28 विधानसभा क्षेत्र इसके अंदर आते हैं। 1.50 लाख ग्रेजुएट इस सीट से MLC चुनेंगे।

    मुख्य पार्टियों में जदयू के अभिषेक झा, राजद की डॉ. रश्मि विनायक गौतम और आम आदमी पार्टी से ऋषि अग्रवाल इस सीट से मैदान में हैं।

    4. कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
    इस क्षेत्र का दायरा सबसे बड़ा है। इसमें सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर और बांका समेत 14 जिले शामिल हैं। यहां कुल 64 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इस सीट पर 1.20 लाख मतदाता वोट करेंगे।

    प्रमुख प्रत्याशी
        डॉ. एन. के. यादव – भाजपा (NDA / निवर्तमान MLC)
        नितेश कुमार यादव – राजद
        मनोज कुमार जायसवाल – कांग्रेस
        डॉ. रजनीश रंजन – जन सुराज

    शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक या उससे उच्च शिक्षण संस्थानों में न्यूनतम 3 वर्षों से काम करने वाले शिक्षक ही मतदाता बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें फॉर्म-20 भरना होता है।

    5. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    स्नातक की तरह इसमें भी 25 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, लेकिन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए पंजीकृत वोटर मात्र 16,600 हैं।

    प्रमुख प्रत्याशी
        प्रो. नवल किशोर यादव – भाजपा (NDA / निवर्तमान MLC)
        डॉ. संजीव कुमार सिंह – राजद
        संजय कुमार यादव – कांग्रेस
        डॉ. दिव्या ज्योति -जनसुराज

    6. दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    यहां लगभग 8,900 मतदाता पंजीकृत हैं।

    प्रमुख प्रत्याशी
        घनश्याम राय – जदयू (NDA)
        डॉ. मदन मोहन झा – कांग्रेस (निवर्तमान MLC)
        अब कुमर राय – राजद
        शंभूनाथ ठाकुर – आम आदमी पार्टी (AAP)

    7. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    इस सीट में सारण के अलावा सीवान और गोपालगंज जिले आते हैं। पंजीकृत वोटर्स की संख्या लगभग 10,800 है।

    प्रमुख प्रत्याशी:
        आनंद पुष्कर, जदयू (NDA)
        प्रो. जयराम यादव, राजद
        आफाक अहमद, जन सुराज (निवर्तमान MLC)

    8. तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
    यहां लगभग 9,000 शिक्षक वोट डालेंगे। इस सीट से CPI के वर्तमान MLC संजय कुमार का मुख्य मुकाबला NDA प्रत्याशी और जनसुराज के भूषण झा से है।
    जीत का गणित

    विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव साधारण बहुमत से नहीं, बल्कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote – STV) के आधार पर होता है।

    मतदाता अपने मतपत्र पर अपनी पसंद के अनुसार प्रत्याशियों के नाम पर 1, 2, 3 जैसी वरीयता (Preference) दर्ज करते हैं। सबसे पहले पहली वरीयता (1st Preference) के वोटों की गिनती की जाती है।

    यदि कोई प्रत्याशी पहली ही गिनती में कुल पड़े वैध वोटों का 50% + 1 वोट प्राप्त कर लेता है, तो उसे तुरंत विजेता घोषित कर दिया जाता है।

    यदि पहली वरीयता में कोई उम्मीदवार कोटा हासिल नहीं कर पाता, तो सबसे कम वोट पाने वाले प्रत्याशी को दौड़ से बाहर (Eliminate) कर दिया जाता है और उसके मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता (2nd Preference) के वोटों को बाकी बचे उम्मीदवारों में बांट दिया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है, जब तक कोई उम्मीदवार आवश्यक कोटा (50% + 1) हासिल न कर ले।

     

  • शिक्षक MLC चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, चुनावी ड्यूटी वालों को मतदान के बाद भी छुट्टी

    शिक्षक MLC चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, चुनावी ड्यूटी वालों को मतदान के बाद भी छुट्टी

    छपरा
    बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर, शुक्रवार को मतदान होगा।

    मतदान में शामिल होने वाले 10,731 शिक्षक मतदाताओं को एक दिन का विशेष अवकाश मिलेगा, जबकि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों को मतदान के अगले दिन का भी अवकाश अनुमन्य होगा।

    कार्यदिवस में मतदान होने और बड़ी संख्या में शिक्षकों के मतदाता होने के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती होगी।

    शिक्षक निर्वाचन में मतदाता स्वयं शिक्षक हैं। ऐसे में मतदान के दिन जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है।

    हालांकि, जिन शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी नहीं लगी है और जो निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता भी नहीं हैं, उन्हें निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचना होगा। इन शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन सामान्य रखने का प्रयास किया जाएगा।

    चुनावी ड्यूटी वाले कर्मियों को दो दिन अवकाश
    निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए लगाए गए शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों को मतदान के दिन के साथ अगले दिन भी अवकाश मिलेगा।

    मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन से संबंधित कार्यों के कारण अगले दिन भी इन कर्मियों की विद्यालयों में उपस्थिति नहीं होगी।

    वहीं, शिक्षक मतदाताओं को मतदान के लिए केवल मतदान दिवस का विशेष अवकाश दिया जाएगा। इससे विद्यालयों में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या पर अलग-अलग स्तर पर असर पड़ेगा।

    10,731 शिक्षक करेंगे मताधिकार का प्रयोग
    सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,731 शिक्षक मतदाता पंजीकृत हैं। ये शिक्षक 23 अक्टूबर को अपने प्रतिनिधि के चुनाव के लिए मतदान करेंगे।

    इस बार शिक्षक ही मतदाता हैं, इसलिए मतदान में शिक्षकों की भागीदारी के साथ विद्यालयों में पठन-पाठन को सुचारू बनाए रखना शिक्षा प्रशासन के सामने अहम चुनौती होगी।

     

  • बिहार MLC चुनाव में BJP की तैयारी पूरी, नवल किशोर यादव समेत 4 नामों पर सहमति

    बिहार MLC चुनाव में BJP की तैयारी पूरी, नवल किशोर यादव समेत 4 नामों पर सहमति

    पटना
    भारतीय जनता पार्टी इन दिनों विशेष चर्चा का केंद्र बन चुकी है। वजह है एमएलसी चुनाव। वो भी इसलिए कि उनके साथी दल ने बहुत पहले ही अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर एक कदम इस लिहाजन बढ़ गई कि जदयू के भीतर उम्मीदवारों को लेकर कुछ भी अंतर्द्वंद नहीं है। मगर, भाजपा के भीतर नामो की घोषणा की प्रक्रिया काफी जटिल है। कई स्तरों पर स्क्रूटनी के बार पहला मुहर तो प्रदेश भाजपा कमिटी और फिर केंद्रीय कमिटी लगाती है। बांकीपुर से सबक लेते हुए बीजेपी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाना चाहती है। तो क्या है देरी की वजह समझिये।

    उम्मीदवार तो तय है पर?
    भाजपा शीर्ष नेतृत्व के सूत्रों की माने तो बीजेपी के रणनीतिकारों ने सब कुछ तय कर लिया है। सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। सूत्रों की माने तो पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और मुजफ्फरपुर शिक्षक क्षेत्र से नरेंद्र सिंह के नाम बस घोषणा हेतु इंतजाररत है। हालांकि, बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से गत चुनाव में भाकपा (CPI) समर्थित उम्मीदवार डॉ संजय सिंह ने जीत हासिल की थी। भाजपा के उम्मीदवार डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। एक चर्चा तो ये है कि बीजेपी ने डॉ नरेंद्र कुमार सिंह पर ही भरोसा किया है। लेकिन, इस क्षेत्र को लेकर बदलाव की भी उम्मीद जताई जा रही है।

    बीजेपी बदलाव के रथ पर सवार
    बीजेपी ने इस बार एक बदलाव किए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने दरभंगा स्नातक से जिसे उम्मीदवार बनाने जा रही है। वो गत चुनाव में निर्दलीय लड़े थे और जदयू के दिलीप चौधरी को परास्त किए थे। बीजेपी ने निर्दलीय उम्मीदवार सर्वेश कुमार को अपने दल में मिला लिया और सिटिंग सीट के नाम पर आपने खाते में डाल लिया। ये है दरभंगा स्नातक से एमएलसी रहे सर्वेश कुमार।

    आखिर देरी की वजह क्या है?
    भाजपा के भीतर चुनाव प्रक्रिया और उम्मीदवार की घोषणा कई स्टेज से गुजरती है। पहला जिला स्तर की कमिटी मुहर लगाती है। फिर प्रमण्डल स्तर पर चयन होता है। प्रदेश चुनाव समिति अपनी सहमति देती है। राज्य कोर कमेटी मुहर लगाती है। इसके बाद केंद्र की कमिटी उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाती है। लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड संभावित उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए बहुत पहले ही कह देती है।

    जदयू ने तो घोषणा कर दी
    जदयू ने एमएलसी उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है।
        पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार
        तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अभिषेक कुमार झा
        सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आनंद पुष्कर
        दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घनश्याम राय