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  • बाढ़ नुकसान का आकलन करने बिहार पहुंची केंद्रीय टीम, हाजीपुर में ट्रैक्टर से लिया जायजा

    बाढ़ नुकसान का आकलन करने बिहार पहुंची केंद्रीय टीम, हाजीपुर में ट्रैक्टर से लिया जायजा

    हाजीपुर
    बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बिहार पहुंची. इस दौरान यह देखा गया कि हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्र की टीम के अन्य सदस्य ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए निकल पड़े.

    शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?

    बिहार में बाढ़ को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, जो कुछ भी बाढ़ की वजह से नुकसान हुआ है, उसे लेकर केंद्र सरकार सहायता करेगी. साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों की मदद कैसे की जाए, इस पर लगातार चर्चा की जा रही है. फसल और सड़क की स्थिति को देखा गया है और लगातार मुआयना किया जा रहा है. दूसरे जिलों में भी जायजा लेने के लिए जायेंगे.

    निरीक्षण के बाद की जाएगी समीक्षा-बैठक

    इस दौरान मीडिया के सामने सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि, बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के बाद समीक्षा बैठक की जाएगी. राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता शुरू कर दिया गया है. साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को केंद्र की विशेष टीम को बिहार भेजने के लिए धन्यवाद कहा. अन्य टीम भी बिहार में आयेंगे. बाढ़ का आकलन करेंगे और जो सहायता होगी, वह की जाएगी.

    बिहार के 15 जिलों के 49.74 लाख लोग प्रभावित

    बिहार में अलग-अलग नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के 15 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बक्सर, समस्तीपुर, खगड़िया, बेगूसराय, दरभंगा, अररिया, पूर्णिया,मधेपुरा और कटिहार के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में 49.74 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. सरकार की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं.

    खतरे के निशान से ऊपर नदियां

    केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के मुताबिक गंडक नदी मुजफ्फरपुर के डुमरिया घाट, कोसी खगड़िया के बलतारा और कुरसेला, जबकि गंगा गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. पुनपुन नदी श्रीपालपुर में और बागमती नदी बेनीबाद और सोनाखान में खतरे के निशान से ऊपर है.

     

  • 12 जिलों में 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित, NDRF-SDRF की 37 टीमें मोर्चे पर

    12 जिलों में 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित, NDRF-SDRF की 37 टीमें मोर्चे पर

    पटना
    राज्य में बाढ़ की वजह से 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। इस स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

    नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि और बाढ़ की चुनौती से निपटने की दिशा में आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। व्यापक राहत अभियानों के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों का सफल संचालन किया जा रहा है।

    इनके माध्यम से अब तक लगभग 2.51 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस आपदा की घड़ी में राज्य का कोई भी प्रभावित नागरिक भूखा न रहे और हर पीड़ित तक त्वरित सहायता पहुंचे।

    12 जिलों में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त
    12 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय एवं अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में लगभग 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।

    पांच सितंबर को संचालित 80 सामुदायिक रसोइयों की संख्या को बढ़ाकर रविवार को 190 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त तीन राहत शिविरों का भी संचालन किया जा रहा है। यहां 1631 बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं।

    विभाग की ओर से अब तक प्रभावित परिवारों के बीच लगभग 65,700 पालीथीन शीट तथा 12,712 ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसी तरह ड्राई राशन पैकेट का वितरण भी 11,700 से बढ़कर 12,712 हो गया है।

    1429 नावों का हो रहा परिचालन  
    प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए 1,429 नावों का परिचालन कराया जा रहा है, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए चलाए जा रहे चिकित्सा शिविरों की संख्या 118 से बढ़ाकर 171 कर दी गई है।

    राहत अभियानों को मजबूती देने के लिए एनडीआरएफ की 10 टीमों और एसडीआरएफ की 27 टीमों को विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है।

    नदियों के जलस्तर की बात करें तो केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां विभिन्न स्थलों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

    गंडक (वाल्मीकिनगर) और सोन (इंद्रपुरी) बराजों पर जलस्राव की प्रवृत्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।