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  • Plastic Currency in India: ATM से निकलेंगे Polymer Notes? RBI ने शुरू की तैयारी, जानें कब आएंगे नए नोट

    Plastic Currency in India: ATM से निकलेंगे Polymer Notes? RBI ने शुरू की तैयारी, जानें कब आएंगे नए नोट

    नई दिल्ली

    अगर सबकुछ ठीक रहा तो नए साल में आप प्लास्टिक या पॉलिमर नोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय रिजर्व बैंक एक्शन मोड में आ चुका है। हालांकि, इसे लागू करने लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

    बदलना होगा कैश रखने वाला कैसेट
    एक बड़े सरकारी बैंक के सीनियर अधिकारी ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिमर नोट लाने के प्लान में काफी खर्च आएगा, क्योंकि ATM में कैश रखने वाली कैसेट को बदलना होगा। बैंकर ने कहा कि कैसेट बदले बिना मौजूदा ऑटोमेटेड टेलर मशीनों (ATM) में पॉलिमर नोट नहीं डाले जा सकते। इसका मतलब बैंकों के लिए अतिरिक्त खर्च होगा। हालांकि, बैंकों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि इस पर कितना खर्च आएगा।

    कितना खर्च करना होगा?
    नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले बैंकर ने कहा कि ATM बदलने का खर्च लगभग ₹2 लाख है। वहीं, कैसेट बदलने के खर्च की बात करें तो इससे कम होगा। बैंकर ने कहा, "जहां तक ​​हमें पता है, भारत में ऐसी कोई कंपनी नहीं है जो ये कैसेट बनाती हो, इसलिए इन्हें कहां से मंगाया जाए, इस पर चर्चा करनी होगी।" बैंकर के मुताबिक लंबे समय में पॉलिमर नोटों को शुरुआती दौर में अपनाने में बहुत खर्च आता है। जब पहले नोटों का साइज बदला गया था, तो बैंकों को ATM में कैसेट बदलने में लगभग एक साल लग गया था ताकि वे नए नोट निकाल सकें।" बता दें कि कैसेट वे बॉक्स होते हैं जिनमें ATM में अलग-अलग मूल्य के नोट रखे जाते हैं। हर ATM में हर मूल्य के नोट के लिए अलग-अलग कैसेट होती हैं।

    100 और 500 के नोट भी आएंगे
    आरबीआई गवर्नर ने साफ संकेत दिया है कि 10 और 20 के पॉलीमर नोटों की सफलता के बाद 100 और 500 के नोट भी लॉन्च किए जाएंगे. इससे पहले आरबीआई ने साल 2009 में भी पॉलीमर के नोट लॉन्च करने की मंशा जताई थी, लेकिन तक इसमें सफलता नहीं मिली थी. पॉलीमर के नोट नमी से बचे रहते हैं और जल्दी गंदे भी नहीं होते. इनके कटने-फटने का भी कम चांस रहता है और लंबे समय तक सर्कुलेशन में बने रह सकते हैं। 

    इन नोटों की 25 फीसदी हिस्सेदारी
    आरबीआई ने 10 और 20 के नोटों को ही पॉलीमर में पहले लॉन्च करने का फैसला इसलिए किया है, क्योंकि इन नोटों की सर्कुलेशन में हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है. हालांकि, वैल्यू के लिहाज से महज 1.4 फीसदी हिस्सा है. यही वजह है कि आरबीआई ने इसे अपने पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया. इस पायलट प्रोजेक्ट के जरिये आरबीआई सर्कुलेशन में पॉलीमर के नोटों की पहुंच को सुनिश्चित करेगी. गवर्नर ने संकेत दिया है कि 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट तैयार होने के बाद इसे बैंक की शाखाओं और एटीएम के जरिये सर्कुलेशन में पहुंचाया जाएगा और मौजूदा कागज की नोटों के साथ ही चलन में रखा जाएगा। 

    आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा था?
    सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले वित्त वर्ष के आरंभ तक प्लास्टिक के नोट लोगों के हाथों में होंगे। बीते दिनों आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि शुरुआत में इन नोटों को पायलट परीक्षण के लिए लाया जाएगा। यदि पायलट में सबकुछ ठीक रहा तो इसका आगे विस्तार किया जाएगा। संजय मल्होत्रा ने कहा, "यदि सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो हमने अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इसे लाने का लक्ष्य रखा है।" उन्होंने बताया कि अभी पॉलिमर के कागज के लिए निविदा आमंत्रित की है। उसके आने के बाद उस पर परीक्षण किए जाएंगे, सुरक्षा संबंधी स्वीकृतियां मिलेंगी, कई चरण हैं, कई सिक्योरिटी फीचर हैं। उन्होंने कहा कि सही समय पर लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

    पॉलिमर के नोट लाने के दो उद्देश्य हैं। पहला, इससे नोट का जीवनकाल बढ़ जाता है। यह विशेष रूप से कम मूल्य के नोटों पर अधिक लागू होता है जिनका हस्तांतरण एक हाथ से दूसरे हाथ में अधिक होता है जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं। कई देशों में 30 साल से इन नोटों का इस्तेमाल हो रहा है। वहां यह पाया गया है कि ये नोट कागज के नोटों की तुलना में तीन-चार गुना ज्यादा समय तक चलते हैं। इसके अलावा, इससे आरबीआई की क्षमता बढ़ जाती है। अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार के साथ क्षमता बढ़ाना जरूरी है। 

    प्लास्टिक नोटों का होगा ट्रायल
    दरअसल हाल ही में सरकार ने 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों को बाजार में उतारने से पहले ट्रायल करने के लिए मंजूरी दे दी है. इसके तहत दोनों नोटों के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट तैयार किए जाएंगे. राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लेकर लिखित जवाब दिया, जिसमें उन्होंने पूरी जानकारी दी है। 

  • क्या ऐप से बंद हो सकता है ATM? वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता, एक्सपर्ट्स ने बताया सच

    क्या ऐप से बंद हो सकता है ATM? वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता, एक्सपर्ट्स ने बताया सच

    पिछले दिनों जिस तरह से BAT-BMS नाम की ऐप सड़क चलते ई-रिक्शा बंद कर रही थी, कुछ वैसा ही अब ATM मशीनों के साथ होता दिख रहा है। दरअसल इंटरनेट पर एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि एक ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद या चालू किया जा सकता है। हालांकि तेजी से फैल रहे इस वीडियो की प्रमाणिकता को पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फोन में मौजूद ऐप की मदद से ATM को बंद और चालू किया जा रहा है।

    वीडियो में ऐसा करने वालों के चेहरे नहीं दिख रहे लेकिन इतना साफ है कि वे बैंक या ATM मशीन को मैनेज करने वाला स्टाफ नहीं है। इसके अलावा वीडियो में दिख रहे ऐप का इंटरफेस काफी हद तक उस ऐप से मेल खाता है, जो कि पिछले दिनों ई-रिक्शों को बंद करने की वजह बनी थी। इसके बाद सरकार ने इन ऐप्स पर सख्त कदम उठाते हुए इन्हें ब्लॉक कर दिया था

    ई-रिक्शों के बाद निशाने पर ATM?
        पिछले दिनों ई-रिक्शों को बंद करने वाली BAT-BMS ऐप की तर्ज पर अब एक ऐसी ऐप का वीडियो इंटनरेट पर फैल रहा है, जिससे ATM की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि किसी ऐप की मदद से ATM को बंद और फिर रीस्टार्ट किया जा सकता है।
        इससे पहले BAT-BMS और Lossigy जैसे चीनी मोबाइल ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से बंद करने के कई मामले देखने को मिले थे। अब जिस ऐप से ATM को कंट्रोल करते हुए दिखाया जा रहा है उसका इंटरफेस बी BAT-BMS जैसी ही है।

    इतनी आसानी से हैक हो सकते हैं ATM?
        एक्सपर्ट्स के अनुसार ई-रिक्शा को उसके असुरक्षित BMS सिस्टम की वजह से चीनी ऐप द्वारा कंट्रोल किया जाना संभव था लेकिन ATM एक बेहद सुरक्षित मशीन होती है। यह मशीनें बैंकों के नेटवर्क, वीपीएन (VPN) और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी फायरवॉल पर काम करती हैं। इन्हें किसी ऐप या ब्लूटूथ की मदद से कंट्रोल किया जाना नामुमकिन है।
        इस वीडियो को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि संभव है कि मशीन खुद ही रीबूट हो रही हो और वीडियो बनाने वाले ने सिर्फ टाइमिंग को मैच कर ऐसा दिखाने की कोशिश की है कि वह खुद मशीन को ऐप की मदद से बंद या चालू कर रहा है।
        वीडियो में BAT BMS ऐप जैसे इंटरफेस की वजह से यह शक और पुख्ता हो जाता है कि यह सिर्फ व्यूज बटोरने की एक कोशिश भर है। हालांकि फिलहाल इस पर किसी बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं आया है

    सरकार ने किया था ब्लॉक
    BAT BMS ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद किए जाने के मामले सामने आने के बाद पिछले दिनों भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर को कड़े आदेश दिए थे।

    इसके बाद दोनों ही ऐप स्टोर्स से BAT BMS ऐप जैसे एप्लिकेशन डाउन कर दिए गए थे। हालांकि फिल्हाल गूगल प्ले स्टोर पर BAT BMS नाम से कई फर्जी ऐप्स मौजूद हैं, जिन्हें लोग डाउनलोड भी कर रहे हैं।

  • अब ATM से कैश निकालना और आसान: सिर्फ UPI से मिलेगा पैसा, कार्ड की जरूरत खत्म

    अब ATM से कैश निकालना और आसान: सिर्फ UPI से मिलेगा पैसा, कार्ड की जरूरत खत्म

    नई दिल्ली

    आपको पता है कि आप ATM से UPI के जरिए भी पैसे निकाले जा सकते हैं। इसका मतलब है कि ATM से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड का पास होना जरूरी नहीं है। दरअसल अब ज्यादातर बैंकों ने अपने ATM में QR Code Scan या UPI Money का ऑप्शन देना शुरू कर दिया है। UPI के जरिए ATM से पैसा निकालना न सिर्फ आसान है बल्कि यह कार्ड क्लोनिंग और स्किमिंग जैसे बड़े साइबर खतरों से भी सुरक्षित रखता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका पता होना चाहिए।

    UPI से कैश निकालने के फायदे
    UPI से कैश निकालने के कई फायदे हैं। अगर आपके पास कार्ड न हो या आप उसे घर भूल गए हों, तो भी आप जरूरत पड़ने पर आसानी से ATM से कैश निकाल सकते हैं। यह प्रोसेस न सिर्फ तेज है बल्कि आसान भी है, क्योंकि आपको बार-बार कार्ड डालने या पिन छुपाकर टाइप करने का झंझट नहीं रहता। बस एक QR कोड स्कैन करते ही आपका काम हो जाता है।

    इसकी वजह से आपको फिजिकल डेबिट कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं रहती।

    इससे कार्ड के खोने या चोरी होने का डर भी खत्म हो जाता है।

    यह नई तकनीक आपको 'कार्ड क्लोनिंग' और 'स्किमिंग' जैसे खतरनाक साइबर फ्रॉड से भी बचाती है।

    कैसे निकालें UPI से कैश
        इसके लिए सबसे पहले एटीएम मशीन के पास जाएं और वहां स्क्रीन पर दिख रहे 'UPI Cash Withdrawal' के ऑप्शन को चुनें।
        अब ATM मशीन पर वह राशि टाइप करें जिसे आप निकालना चाहते हैं।
        इसके बाद ATM मशीन पर एक QR कोड दिखाई देगा, उसे UPI ऐप के जरिए स्कैन करें। याद रहे कि इस QR कोड का इस्तेमाल एक ही बार किया जा सकता है।
        अपब अपने फोन पर UPI PIN डालें।
        PIN डालते ही आपको ATM मशीन से पैसे मिल जाएंगे।

    ध्यान रखने वाली बातें
    ATM से UPI के जरिए कैश निकालते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
        ATM में UPI फीचर उपलब्ध हो। इसे आप मशीन में कैश निकालने के लिए दिए गए ऑप्शन से समझ सकते हैं।
        इसके अलावा, आपके पास अपना फोन और फोन में कोई चालू UPI ऐप होनी चाहिए। इसके साथ ही ऐप अपडेटेड भी हो।
        आपके फोन का इंटरनेट काम कर रहा हो।
        आपको अपना UPI PIN याद हो।
        इस फीचर का इस्तेमाल कर आप 5000 से 10000 रुपये तक ही निकाल सकते हैं।