Tag: Astrology

  • आज चंद्रमा पर मंगल की दृष्टि, 3 राशियों को रहना होगा सावधान; बढ़ सकता है तनाव और विवाद

    आज चंद्रमा पर मंगल की दृष्टि, 3 राशियों को रहना होगा सावधान; बढ़ सकता है तनाव और विवाद

    आज ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक बड़ी हलचल होने जा रही है. मन, माता और भावनाओं के कारक ग्रह चंद्रमा अपनी राशि परिवर्तित करते हुए कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. लेकिन इस गोचर की सबसे संवेदनशील बात यह है कि कन्या राशि में बैठे चंद्रमा पर ग्रहों के सेनापति और क्रूर ग्रह मंगल की चतुर्थ दृष्टि पड़ेगी.

    ज्योतिष शास्त्र में जब सौम्य ग्रह चंद्रमा पर साहसी और आक्रामक ग्रह मंगल की दृष्टि पड़ती है, तो यह व्यक्ति के स्वभाव में उग्रता, जल्दबाजी, मानसिक अशांति और दुर्घटना का खतरा बढ़ा देता है. इसे एक तरह का अंगारक प्रभाव माना जाता है, जो व्यक्ति की सोच और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है. आज से चंद्रमा और मंगल का यह दृष्टि संबंध मुख्य रूप से 3 राशियों के लिए उतार-चढ़ाव और चुनौतियां लेकर आ सकता है. आइए जानते हैं कि किन राशियों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

    कन्या राशि (Kanya Rashi)
    प्रभाव: चंद्रमा आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में प्रवेश कर रहे हैं और मंगल की सीधी दृष्टि आपके लग्न पर पड़ेगी.

    सावधानी: आपके स्वभाव में अचानक गुस्सा, चिड़चिड़ापन और उग्रता बढ़ सकती है. छोटे-छोटे मुद्दों पर परिवार या कार्यक्षेत्र में बहस करने से बचें. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकता है. वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें, चोट-चपेट की आशंका है.

    धनु राशि (Dhanu Rashi)
    प्रभाव: आपके दशम (कर्म व करियर) भाव में चंद्रमा का गोचर होगा और मंगल की दृष्टि आपके कार्यक्षेत्र को प्रभावित करेगी.

    सावधानी: ऑफिस या व्यापार में अपने वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. दफ्तर की राजनीति या किसी की बातों में आकर बड़ा फैसला न लें. नौकरी बदलने की जल्दबाजी भारी पड़ सकती है. मानसिक तनाव के कारण काम में मन कम लगेगा, इसलिए ध्यान और संयम बनाए रखें.

    मीन राशि (Meen Rashi)
    प्रभाव: आपके सप्तम (साझेदारी व वैवाहिक जीवन) भाव में चंद्रमा का आगमन हो रहा है, जिस पर मंगल की चतुर्थ दृष्टि रहेगी.

    सावधानी: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद गहरे हो सकते हैं, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और विवादों को तूल न दें. यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, तो पैसों के लेन-देन को लेकर पारदर्शिता रखें, वरना आपसी संबंधों में खटास आ सकती है. सेहत के मामले में पेट या ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है.

    अशुभ प्रभावों से बचने के अचूक उपाय
    – रोजाना या सोमवार को जल में थोड़ा सा दूध मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय का जप करें. इससे चंद्रमा शांत होते हैं और मानसिक तनाव दूर होता है.

    – मंगल के क्रूर प्रभाव को कम करने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें या हनुमान जी को लाल सिंदूर अर्पित करें.

    – शुक्रवार या सोमवार के दिन किसी गरीब को चावल, चीनी या दूध जैसी सफेद वस्तुओं का दान करें.

    – किसी भी बड़े निर्णय को लेते समय शांति बनाए रखें और जल्दबाजी में कोई वित्तीय जोखिम न उठाएं.

     

  • 18 सितंबर से 12 नवंबर तक 6 राशियों पर भारी रहेगा मंगल गोचर, जानें किन्हें रहना होगा सावधान

    18 सितंबर से 12 नवंबर तक 6 राशियों पर भारी रहेगा मंगल गोचर, जानें किन्हें रहना होगा सावधान

    ज्योतिष शास्त्र में साहस, ऊर्जा, भूमि और पराक्रम के कारक ग्रह मंगल का राशि परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 18 सितंबर को शाम 04:44 बजे मंगल ग्रह मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा की स्वामित्व वाली राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं. मंगल इस नीच राशि में पूरे 56 दिनों तक यानी 12 नवंबर 2026 तक विराजमान रहेंगे.

    जल तत्व की राशि (कर्क) में अग्नि तत्व ग्रह (मंगल) का प्रवेश एक उथल-पुथल वाली स्थिति पैदा करता है. इस वजह से कुछ राशियों के लिए यह समय मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है.  ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इन 56 दिनों के दौरान 6 राशियों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है.

    ज्योतिषीय कारण: क्यों भारी पड़ेगा यह गोचर?
    नीच अवस्था: कर्क राशि में मंगल सबसे कमजोर यानी नीच अवस्था में होते हैं, जिससे व्यक्ति का आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और शारीरिक ऊर्जा प्रभावित होती है.

    अशुभ ग्रहों की दृष्टि व योग: गोचर अवधि में मंगल का शनि के साथ नवम-पंचम योग और राहु के साथ षडाष्टक स्थिति बनेगी, जिससे दुर्घटना, बेवजह के विवाद और धन हानि की आशंका बढ़ जाती है.

    इन 6 राशियों को 12 नवंबर तक रहना होगा बेहद सावधान
    1. मेष राशि (Aries)
    मंगल आपकी राशि के स्वामी होकर चतुर्थ भाव (सुख स्थान) में नीच के रहेंगे.

    प्रभाव: सुख-सुविधाओं में कमी, घरेलू तनाव और भूमि-जायदाद से जुड़े विवाद हो सकते हैं.

    सावधानी: गुस्से और कुसंगति से बचें . वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें.

    2. मिथुन राशि (Gemini)
    मंगल का गोचर आपके द्वितीय भाव (धन व वाणी स्थान) में होगा.

    प्रभाव: वाणी में कड़वाहट आ सकती है, जिससे बने-बनाये काम बिगड़ सकते हैं . लेन-देन में नुकसान के संकेत हैं.

    सावधानी: अपनी बातों पर नियंत्रण रखें, किसी को उधार देने से बचें.

    3. सिंह राशि (Leo)
    मंगल आपकी राशि के द्वादश भाव (खर्च व हानि स्थान) में गोचर करेंगे.

    प्रभाव: बेवजह के खर्च बढ़ेंगे, मानसिक तनाव और घबराहट की स्थिति बन सकती है . काम का बोझ बढ़ेगा.

    सावधानी: बजट बनाकर चलें, ऑफिस में सहकर्मियों से बहसबाजी न करें.

    4. तुला राशि (Libra)
    तुला राशि के दशम भाव (कर्म स्थान) में नीच का मंगल रहेगा.

    प्रभाव: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों से मतभेद हो सकता है . नौकरी में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है.

    सावधानी: ऑफिस राजनीति से दूर रहें. जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.

    5. धनु राशि (Sagittarius)
    मंगल आपके अष्टम भाव (आयु व संकट स्थान) में गोचर करेंगे.

    प्रभाव: स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, विशेषकर रक्तचाप (BP) या दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है.

    सावधानी: खान-पान संयमित रखें और वाहन ध्यान से चलाएं.

    6. मकर राशि (Capricorn)
    मकर राशि के सप्तम भाव (दांपत्य व साझेदारी स्थान) में मंगल का प्रभाव रहेगा.

    प्रभाव: वैवाहिक जीवन में तनाव और व्यापारिक साझेदार (Partner) के साथ अनबन हो सकती है.

    सावधानी: जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें. बातचीत से विवाद सुलझाएं.

    नीच मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के अचूक उपाय
    अगर आपकी राशि पर मंगल का अशुभ प्रभाव पड़ रहा है, तो 18 सितंबर से 12 नवंबर के बीच ये आसान उपाय करें:

    हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें.

    मंगलवार का दान: मंगलवार के दिन गुड़, लाल मसूर की दाल या तांबे के बर्तन का दान करें.

    हनुमान जी को चोला: मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करें या बूंदी का प्रसाद बांटें.

    मंत्र जाप: रोज "ॐ क्रां क्रीं क्रों स: भौमाय नम:" मंत्र का 108 बार जाप करें.

  • 17 सितंबर से सूर्य गोचर बदलेंगे चाल, 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते

    17 सितंबर से सूर्य गोचर बदलेंगे चाल, 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते

     17 सितंबर 2026 को सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर अपनी मित्र राशि कन्या में गोचर करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा, आत्मा, पिता, मान-सम्मान और प्रशासनिक क्षमता का कारक माना गया है. जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे कन्या संक्रांति कहा जाता है.

    कन्या राशि में सूर्य का यह गोचर लगभग एक महीने (17 अक्टूबर तक) रहेगा. इस दौरान पहले से कन्या राशि में मौजूद बुध ग्रह के साथ सूर्य की युति होगी, जिससे बेहद शुभ 'बुधादित्य राजयोग' का निर्माण होगा. सूर्य के इस राशि परिवर्तन से मुख्य रूप से इन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है:

    मेष राशि
    शत्रुओं पर विजय: छठे भाव में सूर्य का गोचर आपको अपने विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों पर भारी रखेगा.

    कोर्ट-कचहरी में राहत: यदि कोई कानूनी मामला या विवाद चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है.

    स्वास्थ्य में सुधार: लंबे समय से चल रही किसी बीमारी से राहत मिलेगी और ऊर्जा का स्तर बढ़ा रहेगा.

    सिंह राशि
    अचानक धन लाभ: आपकी राशि के स्वामी सूर्य का दूसरे (धन) भाव में गोचर आर्थिक स्थिति को बहुत मजबूत बनाएगा. रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है.

    वाणी का प्रभाव: आपकी बातों का लोगों पर गहरा असर पड़ेगा, जिससे कार्यक्षेत्र और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा.

    पारिवारिक सुख: परिवार के सदस्यों का पूर्ण सहयोग मिलेगा और धन संचय करने में सफलता मिलेगी.

    धनु राशि
    करियर में बड़ी सफलता: सूर्य का गोचर आपके दशम (कर्म) भाव में होगा, जिसे कार्यक्षेत्र के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

    पदोन्नति के योग: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, सैलरी में बढ़ोतरी या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है.

    प्रशासनिक लाभ: सरकारी क्षेत्र या उच्च अधिकारियों से लाभ मिलने की प्रबल संभावना है. बिजनेस में बड़ा मुनाफा हो सकता है.

    वृश्चिक राशि
    आय में जबरदस्त वृद्धि: सूर्य आपकी राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गोचर करेंगे. इससे आपकी आमदनी के नए जरिया बनेंगे.

    इच्छाओं की पूर्ति: लंबे समय से अटकी हुई योजनाएं पूरी होंगी. निवेश से बड़ा फायदा हो सकता है.

    वरिष्ठों का सहयोग: कार्यस्थल पर बड़े अधिकारियों और वरिष्ठ लोगों का पूरा समर्थन मिलेगा.

    मकर राशि
    भाग्य का पूरा साथ: नवम (भाग्य) भाव में सूर्य का गोचर आपके सोए हुए भाग्य को जगाएगा. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी.

    यात्रा से लाभ: व्यापार या नौकरी के सिलसिले में की गई यात्राएं बेहद लाभकारी सिद्ध होंगी.

    उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षा: छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में मनमुताबिक सफलता मिलने के योग हैं.

    सूर्य गोचर के दौरान करें ये सरल उपाय
    – प्रतिदिन प्रातःकाल उगते हुए सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें.
    – जल चढ़ाते समय ऊं सूर्याय नमः या ऊं घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें.
    – रविवार के दिन गेहूं, गुड़ या तांबे की वस्तुओं का दान करना शुभ रहेगा.

  • तुला में शुक्र का गोचर, 59 दिनों तक रहेगा मालव्य राजयोग; इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

    तुला में शुक्र का गोचर, 59 दिनों तक रहेगा मालव्य राजयोग; इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

     द्रिक पंचांग के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को भौतिक सुख, वैभव, सौंदर्य और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र अपनी स्वयं की राशि तुला में प्रवेश कर चुके हैं और वे 6 नवंबर 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे.

    ज्योतिष शास्त्र में जब शुक्र अपनी स्वराशि तुला में गोचर करते हैं, तो अत्यंत शुभ 'मालव्य राजयोग' का निर्माण होता है. लगभग 59 दिनों की इस लंबी अवधि में शुक्र देव कई राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि, धन-दौलत, व्यापारिक सफलता और आकर्षण लेकर आएंगे. शुक्र के इस गोचर से मुख्य रूप से इन राशियों को सबसे अधिक लाभ और भाग्य का साथ मिलेगा:

    मिथुन राशि
    प्रभाव: आपकी राशि के पांचवें (शिक्षा, प्रेम व संतान) भाव में शुक्र का गोचर हो रहा है.

    फायदा: कला, मीडिया, फैशन या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी. अचानक धन लाभ के योग हैं. प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और संतान पक्ष से कोई खुशखबरी मिल सकती है.

    तुला राशि
    प्रभाव: शुक्र आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में विराजमान हैं, जिससे मालव्य राजयोग का सीधा लाभ आपको मिलेगा.

    फायदा: आपके व्यक्तित्व और आकर्षण में वृद्धि होगी. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. बिजनेस में बड़ी डील क्रैक हो सकती है और पार्टनरशिप के कामों में जबरदस्त मुनाफा होगा.

    धनु राशि
    प्रभाव: आपकी राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में शुक्र का गोचर आर्थिक मजबूती लाएगा.

    फायदा: आय के नए-नए स्रोत बनेंगे और जमा पूंजी में बढ़ोतरी होगी. लंबे समय से अटकी हुई भौतिक इच्छाएं पूरी होंगी. दोस्तों और नेटवर्किंग के जरिए बड़ा व्यावसायिक फायदा होगा.

    मकर राशि
    प्रभाव: आपके दशम (कर्म व करियर) भाव में शुक्र का यह गोचर बेहद शुभ माना जाता है.

    फायदा: कार्यक्षेत्र में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे. पदोन्नति, वेतन वृद्धि या मनचाही नौकरी का अवसर मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों और महिला सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा.

    कुंभ राशि
    प्रभाव: आपके नवम (भाग्य) भाव में शुक्र देव विराजमान रहकर सोए हुए भाग्य को जगाएंगे.

    फायदा: हर काम में किस्मत का पूरा साथ मिलेगा. लंबी दूरी की सुखद और लाभकारी यात्राएं होंगी. धार्मिक या मांगलिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने के मजबूत योग हैं.

    शुक्र देव के शुभ प्रभाव बढ़ाने के सरल उपाय
    – शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं.
    – अपनी दिनचर्या में स्वच्छता बनाए रखें और हल्के सुगंधित इत्र (Perfume) का प्रयोग करें.
    – ऊं शुं शुक्राय नमः मंत्र का यथासंभव जाप करें.

  • 18 सितंबर को बन रहा गुरु-मंगल योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में होगा लाभ

    18 सितंबर को बन रहा गुरु-मंगल योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में होगा लाभ

    18 सितंबर 2026 को मंगल ग्रह अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में विराजमान हैं. इस प्रकार कर्क राशि में गुरु और मंगल का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है.

    ज्योतिष शास्त्र में गुरु और मंगल की युति से गुरु-मंगल योग का निर्माण होता है. गुरु ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के कारक हैं, वहीं मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक हैं. यद्यपि मंगल नीच राशि में रहेंगे, लेकिन उच्च के गुरु के साथ होने से उनका नीचभंग भी होगा. इस शुभ संयोग से कई राशियों को करियर, धन और मान-सम्मान में जबरदस्त लाभ मिलेगा.

    मिथुन राशि
    शुभ प्रभाव: आपकी राशि के दूसरे (धन व वाणी) भाव में यह युति बनने जा रही है.

    लाभ: अचानक धन लाभ के मजबूत योग बनेंगे. आपकी वाणी में सौम्यता और आकर्षण रहेगा, जिससे बड़े व्यावसायिक सौदे फाइनल हो सकते हैं. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है.

    कर्क राशि
    शुभ प्रभाव: यह संयोग आपकी ही राशि में बन रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और प्रभाव तेजी से बढ़ेगा.

    लाभ: रुके हुए काम पूरे होंगे. समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. नया व्यापार शुरू करने या करियर में बदलाव के लिए यह समय अनुकूल रहेगा.

    कन्या राशि
    शुभ प्रभाव: आपकी राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गुरु और मंगल का मिलन होगा.

    लाभ: आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे. यदि आप लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या निवेश पर काम कर रहे हैं, तो उससे बड़ा वित्तीय फायदा मिलेगा. मित्रों और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा.

    तुला राशि
    शुभ प्रभाव: आपके दशम (कर्म) भाव में यह शुभ संयोग बनने से कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा.

    लाभ: नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति, वेतन वृद्धि या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी और नए व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे.

    वृश्चिक राशि
    शुभ प्रभाव: नवम (भाग्य) भाव में गुरु-मंगल की युति से आपका भाग्य पक्ष मजबूत होगा.

    लाभ: धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी. लंबी दूरी की लाभदायक यात्राएं होंगी. प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए यह समय वरदान समान है.

    शुभ फल बढ़ाने के सरल उपाय
    – मंगलवार और गुरुवार के दिन हनुमान जी और भगवान विष्णु की पूजा करें.
    – माथे पर केसर या पीले चंदन का तिलक लगाएं.
    – जरूरतमंदों को गुड़, चने की दाल या केसर युक्त दूध का दान करें.

  • 30 साल बाद मीन राशि में मार्गी होंगे शनि, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    30 साल बाद मीन राशि में मार्गी होंगे शनि, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    11 दिसंबर को शनि देव मार्गी होने वाले हैं. यानी इस दिन शनि की सीधी चाल शुरू हो जाएगी. शनि देव पूरे 30 साल बाद मीन राशि में मार्गी चाल चलेंगे इसके बाद शनि 3 जून 2027 तक सीधी चाल ही चलेंगे. इस बदलाव का असर कई राशियों के करियर, कारोबार, आय और आर्थिक मामलों में देखने को मिल सकता है. खासतौर पर वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के लिए इसे शुभ बताया जा रहा है. आइए जानते हैं कि मार्गी शनि कीन राशियों को लाभ देंगे.

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का मार्गी होना लाभकारी बताया जा रहा है. मीन राशि में शनि आपकी राशि से 11वें भाव में मार्गी होंगे. यह भाव आय, लाभ और इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा माना जाता है. शनि की सीधी चाल के बाद कमाई के नए स्रोत बनने के संकेत हैं. कारोबार करने वालों को विस्तार का मौका मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. आर्थिक स्थिति में भी पहले की तुलना में सुधार होने की संभावना है.

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए भी शनि का मार्गी होना सकारात्मक रह सकता है. मीन राशि में शनि आपके 10वें भाव में मार्गी होंगे. यह भाव करियर और कारोबार से संबंधित माना जाता है. 11 दिसंबर के बाद नौकरी या व्यवसाय में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है. जो लोग करियर बदलने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सफलता मिलने के संकेत हैं. आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है.

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों के लिए शनि की सीधी चाल आर्थिक और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है. मीन राशि में शनि आपके छठे भाव को प्रभावित करेंगे. ज्योतिष में छठे भाव का संबंध नौकरी, कर्ज, शत्रु और प्रतियोगिता से माना जाता है. इस अवधि में आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ने के मौके भी मिल सकते हैं.

    मकर राशि
    मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव माने जाते हैं. इसलिए शनि की चाल में बदलाव को इस राशि के लिए खास माना जाता है. मीन राशि में शनि आपके तीसरे भाव में मार्गी होंगे. इससे साहस, पराक्रम, संचार और कार्यक्षेत्र में मजबूती आने के संकेत हैं. नौकरीपेशा लोगों को महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है. कारोबार और व्यवसाय से जुड़े लोगों को नई और अच्छी डील मिलने की संभावना भी जताई गई है.

  • बुध का कन्या राशि में प्रवेश, बना भद्र राजयोग; इन 5 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

    बुध का कन्या राशि में प्रवेश, बना भद्र राजयोग; इन 5 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

     द्रिक पंचांग के अनुसार, 7 सितंबर 2026 यानी आज बुध देव अपनी स्वयं की और उच्च राशि कन्या में प्रवेश कर चुके हैं. वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, व्यापार, तर्कशास्त्र, गणित और वाणी का कारक ग्रह माना जाता है. जब बुध अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो भद्र राजयोग का निर्माण करते हैं, जिससे कई राशियों को करियर, धन और बौद्धिक क्षमता के क्षेत्र में विशेष लाभ मिलता है. 26 सितंबर की दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहने वाले इस गोचर से मुख्य रूप से इन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने जा रहा है.

    मेष राशि
    करियर में सफलता: छठे भाव में बुध का गोचर आपके विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों को शांत रखेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिलेंगे.

    प्रभावशाली वाणी: कार्यस्थल पर आपकी बातें और सुझाव लोग ध्यान से सुनेंगे, जिससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा.

    वृषभ राशि
    आर्थिक लाभ: आपकी राशि के पांचवें भाव में गोचर होने से अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं.

    करियर व व्यापार: सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सहयोग मिलेगा. यदि आप शेयर बाजार, शिक्षा या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपकी योजनाएं सफल होंगी.

    पारिवारिक जीवन: संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी.

    मिथुन राशि
    सुख-साधनों में वृद्धि: बुध आपकी राशि के स्वामी हैं. चौथे भाव में गोचर से आपके भौतिक सुख-सुविधाओं और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में तरक्की होगी.

    कमाई के नए स्रोत: आय के नए स्रोत बन सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति या कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं.

    पारिवारिक सहयोग: माता पक्ष से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा.

    कन्या राशि
    आत्मविश्वास में वृद्धि: आपकी अपनी राशि और प्रथम (लग्न) भाव में बुध का आगमन आपके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त निखार लाएगा.

    मान-सम्मान और प्रगति: समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की सराहना होगी. व्यापार में नए समझौतों और निवेश से बड़ा आर्थिक फायदा मिलने के योग हैं.

    कुंभ राशि
    अटके काम होंगे पूरे: करियर में लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू होंगे.

    बिजनेस और डील: पार्टनरशिप के कामों में बड़ा लाभ हो सकता है और किसी अच्छी डील के मिलने के संकेत हैं. संपत्ति से जुड़े विवाद हल हो सकते हैं.

    बुध के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के सरल उपाय
    – इस अवधि के दौरान भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें.

    – हरा वस्त्र या हरे रंग की चीजों का उपयोग बढ़ाएं या किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल का दान करें.

    – प्रतिदिन ऊं बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें.

  • सितंबर में इन 3 राशियों पर रहेगी शनि की कड़ी नजर, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    सितंबर में इन 3 राशियों पर रहेगी शनि की कड़ी नजर, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

     सितंबर का महीना ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इस माह कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनि देव 3 मुख्य राशियों मिथुन, सिंह और कन्या के जातकों के धैर्य, निर्णय क्षमता और योग्यता की कड़ी परीक्षा ले सकते हैं.

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सितंबर में शनि देव की दृष्टि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्यदेव पर और मिथुन व कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध देव पर पड़ेगी.  ग्रहों के इस प्रभाव के कारण इन तीनों ही राशियों के जीवन में उथल-पुथल और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.  शनि देव कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए इस दौरान ईमानदारी और लगन से किए गए कार्यों का तो उत्तम फल मिलेगा, लेकिन भाग्य के भरोसे बैठकर आलस्य करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि सितंबर महीने में इन तीनों राशियों पर शनि देव का कैसा असर रहने वाला है.

    मिथुन राशि (Gemini)
    मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध पर शनि की दृष्टि रहने से इस माह आपको मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श में संयम रखें. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी व्यावसायिक निर्णय भारी पड़ सकता है.

    सावधानी: अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और शॉर्टकट अपनाने से बचें.  जितने अधिक प्रयास आप खुद करेंगे, सफलता उतनी ही मजबूत मिलेगी.

    सिंह राशि (Leo)
    सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, और सूर्य-शनि के बीच ज्योतिषीय शत्रुता मानी जाती है.  ऐसे में सिंह राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा का रहेगा. कार्यस्थल पर आपके काम का बोझ बढ़ सकता है और सीनियर के साथ तालमेल बिठाने में मशक्कत करनी पड़ सकती है.  मान-सम्मान को लेकर थोड़ा सजग रहें.

    सावधानी: अहंकार से दूर रहें.  अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ें और भाग्य के भरोसे कोई नया जोखिम न लें.

    कन्या राशि (Virgo)
    कन्या राशि के स्वामी बुध पर शनि की दृष्टि के चलते इस माह आपके दैनिक कार्यों और योजनाओं में कुछ रुकावटें या देरी देखने को मिल सकती है. धन के मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं. फिजूलखर्ची से बचें और सेहत का विशेष ध्यान रखें.

    सावधानी: आलस्य को खुद पर हावी न होने दें.  शनि देव आपकी निरंतरता (Consistency) की परीक्षा लेंगे, इसलिए अपने लक्ष्यों पर टिके रहें.

    शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के सरल उपाय
    – शनिवार को दान: हर शनिवार को काले तिल, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें.

    – पीपल पूजन: शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

    – हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन या हर मंगलवार-शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे शनि देव के कष्टों से मुक्ति मिलती है.

  • दिवाली से पहले बदलेंगे कई ग्रहों की चाल, इन 3 राशियों के करियर-धन में बनेंगे नए योग

    दिवाली से पहले बदलेंगे कई ग्रहों की चाल, इन 3 राशियों के करियर-धन में बनेंगे नए योग

     त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ग्रहों की चाल में कई अहम बदलाव होने वाले हैं. सितंबर से दिवाली तक शुक्र, बुध, सूर्य और मंगल समेत कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रहों के इन बदलावों को करियर, धन, कारोबार और निजी जीवन से जोड़कर देखा जाता है. सितंबर में शुक्र 2 तारीख को तुला राशि में, बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में और मंगल 18 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद 26 सितंबर को बुध तुला राशि में जाएगा.

    ऐसे में कुछ राशियों के लिए आने वाले सप्ताह नए अवसर लेकर आ सकते हैं. खासतौर पर वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हालांकि, अक्टूबर-नवंबर में शुक्र और बुध की वक्री चाल भी रहेगी, इसलिए हर फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी होगा.

    वृषभ राशि- करियर में बनेंगे आगे बढ़ने के मौके
    वृषभ राशि वालों के लिए आने वाला समय कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है. अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं तो इस अवधि में नए अवसर सामने आ सकते हैं.  कारोबारियों के लिए भी नए संपर्क बनना फायदेमंद साबित हो सकता है.

    आर्थिक मामलों में आमदनी के साथ खर्च भी बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा. किसी बड़े निवेश में जल्दबाजी करने के बजाय पूरी जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद होगा .

    मिथुन राशि- धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं
    मिथुन राशि के जातकों के लिए सितंबर से दिवाली तक का समय नई संभावनाएं लेकर आ सकता है. बुध का कन्या राशि में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है . बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है.

    इस दौरान आपकी बातचीत और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है. आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तलाश रहे लोगों को सफलता मिल सकती है. हालांकि, किसी भी आर्थिक समझौते या साझेदारी में दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना जरूरी रहेगा.

    सिंह राशि- मेहनत का मिल सकता है बड़ा फल
    सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी.  लोग आपके फैसलों को महत्व दे सकते हैं .

    नौकरीपेशा लोगों को पद या जिम्मेदारी में बदलाव की संभावना दिखाई दे सकती है . कारोबारियों को किसी बड़े प्रोजेक्ट या नए सौदे से लाभ मिल सकता है.  हालांकि, किसी भी डील को अंतिम रूप देने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह जांच लें .
     
    दिवाली से पहले कौन-कौन से बड़े गोचर होंगे?
    सितंबर 2026 में ग्रहों की चाल में कई बदलाव देखने को मिलेंगे.  2 सितंबर को शुक्र तुला में, 7 सितंबर को बुध कन्या में, 17 सितंबर को सूर्य कन्या में और 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेगा . 26 सितंबर को बुध तुला राशि में चला जाएगा .

    इसके बाद अक्टूबर में शुक्र की वक्री चाल शुरू होगी.  उपलब्ध ज्योतिषीय कैलेंडर के अनुसार शुक्र 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री रहेगा . बुध भी 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री रहने की बात कही गई है .

  • 17 सितंबर को सूर्य गोचर से बदलेगा भाग्य, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

    17 सितंबर को सूर्य गोचर से बदलेगा भाग्य, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

    ज्योतिष में ग्रहों की चाल को व्यक्ति के जीवन में होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जाता है. सितंबर के मध्य में सूर्य एक बार फिर अपनी राशि बदलने जा रहे हैं.17 सितंबर को सूर्य सिंह राशि से निकलकर बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे. करीब एक महीने तक इसी राशि में रहेंगे.ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य के इस गोचर का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय खास तौर पर शुभ रह सकता है.

    सूर्य को ज्योतिष में आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पद और अधिकार का कारक माना जाता है.वहीं कन्या राशि का संबंध बुध से है, जिसे तर्क, बुद्धि, गणना और व्यावहारिकता से जोड़ा जाता है.ऐसे में सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश कुछ जातकों के लिए नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छे अवसर लेकर आ सकता है.आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए सूर्य का यह गोचर लाभकारी रहने की संभावना है.

    सिंह राशि
    सूर्य का गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है.इस दौरान काम को लेकर आपकी सक्रियता बढ़ेगी. नौकरी करने वाले लोगों को इंटरव्यू या किसी प्रशासनिक कार्य में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. आर्थिक मोर्चे पर भी स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं.यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं.

    कन्या राशि
    कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर विशेष महत्व रखता है क्योंकि सूर्य इसी राशि में प्रवेश करेंगे. इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं.  काम में आपकी पहचान बढ़ सकती है.

    कारोबार करने वालों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है. किसी नई योजना पर काम शुरू करने या कारोबार को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है. आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं.हालांकि निजी जीवन में बातचीत के दौरान संयम बनाए रखना बेहतर होगा.

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों के लिए यह गोचर करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ सकता है और कारोबार करने वालों को पार्टनरशिप से लाभ मिलने की संभावना है.

    इस दौरान अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं. परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा. अविवाहित लोगों के लिए विवाह से जुड़ा कोई अच्छा प्रस्ताव भी आ सकता है. हालांकि वैवाहिक जीवन में छोटी-मोटी बातों को लेकर तनाव से बचना जरूरी होगा.

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर भाग्य को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है. कारोबार से जुड़े लोगों को नई डील मिलने के अवसर बन सकते हैं.

    भूमि, भवन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा .  कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है.

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश कई मामलों में राहत लेकर आ सकता है. मेहनत का उचित परिणाम मिलने की संभावना है.

    आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ बचत करने में भी सफलता मिल सकती है. कारोबार से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा रह सकता है. परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा.सेहत के लिहाज से भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

    सूर्य गोचर कब होगा?
    सूर्य 17 सितंबर 2026 को सुबह 7:12 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. 17 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे.ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में सूर्य से संबंधित सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए रविवार को सूर्य को जल अर्पित करना और जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना शुभ माना जाता है.