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  • MP में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की तैयारी, 4,878 आशा कार्यकर्ताओं के नए पदों पर भर्ती का रास्ता साफ़

    MP में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की तैयारी, 4,878 आशा कार्यकर्ताओं के नए पदों पर भर्ती का रास्ता साफ़

    भोपाल
    मध्य प्रदेश के ग्रामीण, आदिवासी और शहरी इलाकों में जमीनी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 4,878 आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के चयन को मंजूरी दे दी है। अगस्त 2022 के बाद यह पहला मौका है जब इतने बड़े पैमाने पर यह भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिससे राज्य के दूर-दराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी हद तक बढ़ेगा।

    614 सुपरवाइजरों की भी भर्ती
    इस नए भर्ती अभियान के तहत कुल 4,264 पद आशा कार्यकर्ताओं के और 614 पद उनके पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) के लिए तय किए गए हैं। भौगोलिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इनका विभाजन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किया गया है, ताकि हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें।

    ग्रामीण और शहरी इलाकों में क्या होगा बंटवारा?
    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, चुनी जाने वाली कुल आशा कार्यकर्ताओं में से 3,062 कार्यकर्ताओं की तैनाती ग्रामीण इलाकों में की जाएगी, जहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई तरह की चुनौतियां बनी रहती हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों की बस्तियों और वार्डों के लिए 1,202 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, ताकि शहरी गरीबों को भी बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

    आदिवासी जिलों पर रहेगा विशेष जोर
    दुरुस्त स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत वाले प्रदेश के 20 आदिवासी-प्रधान जिलों के लिए कुल 1,251 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें 1,051 पद आशा कार्यकर्ताओं के और 200 पद पर्यवेक्षकों के शामिल हैं। इन आदिवासी जिलों के ग्रामीण अंचलों में 956 आशा कार्यकर्ता और शहरी हिस्सों में 95 कार्यकर्ता मोर्चा संभालेंगी, जिससे वहां मातृ मृत्यु दर और शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी।

    स्वास्थ्य विभाग और जनता के बीच की मजबूत कड़ी
    विशेषज्ञ मानते हैं कि आशा कार्यकर्ता स्थानीय समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम करती हैं। वे गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण के दौरान मिलने वाली जरूरी जांच (एंटीनेटल केयर), संस्थागत प्रसव, बच्चों के टीकाकरण और पोषण तथा हेल्थकेयर के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

    इस नई भर्तियों से न केवल रिमोट इलाकों में हेल्थ सर्विस डिलीवरी मजबूत होगी, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की तमाम स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी समय पर आम जनता तक पहुंच सकेगी।

  • बिहार में रोजगार का बड़ा अवसर, 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की होगी भर्ती; जानें योग्यता

    बिहार में रोजगार का बड़ा अवसर, 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की होगी भर्ती; जानें योग्यता

    पटना 

    बिहार में 21000 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। इनमें 14 हजार 409 आशा कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और 7289 की शहरी क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इसका निर्देश जारी किया है। साथ ही सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की रिक्तियां भी भेज दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जिलों को भेजे पत्र में कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं की बहाली की प्रक्रिया काफी धीमी है। विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है। विभाग ने दो महीने के अंदर सभी जिलों को आशा की बहाली करने का निर्देश दिया है। आमतौर पर आशा वर्कर्स की भर्ती के लिए 10वीं पास की पात्रता रखी जाती है।

    मुजफ्फरपुर में 264 ग्रामीण, 247 शहरी आशा की बहाली
    मुजफ्फरपुर जिले में 264 ग्रामीण और 247 शहरी आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होगी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी 5314 आशा कार्यकर्ताओं की जरूरत है, जिनमें 4275 काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 1039 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जा चुका है। शहरी क्षेत्र में 247 आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होगी। अभी शहरी क्षेत्र में 303 आशा काम कर रही हैं और 56 का ही चयन किया गया है। गौरतलब है कि पूरे बिहार में अभी 98 हजार 598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं।

    नगर निकाय की पर्यवेक्षक अब शहरी कही जाएंगी
    नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में बदलने वाले क्षेत्रों में अब शहरी क्षेत्र के हिसाब से आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि जो ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद में बदल गए हैं, वहां पहले से काम करने वाली आशा फैसेलिटेटर अब शहरी आशा फैसेलिटेटर कही जाएंगी।

    आशा पर्यवेक्षक की भी होगी बहाली
    आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की भी बहाली होगी। इसके लिए रिक्तयां जारी कर दी गई हैं। राज्य में 1104 आशा फैसेलिटेटर की बहाली होनी है। आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की मॉनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं। मुजफ्फरपुर सहित सभी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर की भी बहाली कई महीनों से नहीं हुई है।