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  • आंगन मिलन सेवा में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

    आंगन मिलन सेवा में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

    सेवा संकल्प अभियान 

    आंगन मिलन सेवा में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

    बिलासपुर
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम मनिकचौरी में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समुदाय के लोगों को स्वस्थ हृदय के लिए आवश्यक सावधानियों, संतुलित जीवनशैली और हृदय रोगों से बचाव के उपायों के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा एवं जागरूकता प्रदान की गई।
          कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया गया कि स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त आराम और तनाव से बचाव बेहद जरूरी है। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने तथा शरीर में दिखाई देने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने, खान-पान में सावधानी बरतने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने का संदेश दिया गया। हृदय रोगों से बचाव के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलावों के महत्व को समझाते हुए समुदाय के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से ग्रामीण समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी पहुंचाने और लोगों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
     

  • बच्चों संग घुले-मिले मंत्री परमार, माताओं से भी किया आत्मीय संवाद

    बच्चों संग घुले-मिले मंत्री परमार, माताओं से भी किया आत्मीय संवाद

    भोपाल

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार के मुख्य आतिथ्य में "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत शाजापुर जिले के शुजालपुर के फ्रीगंज राघवगंज आंगनवाड़ी केंद्र 20/1 में “आंगन मिलन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम के 138वें संस्करण एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन का एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण हुआ।

    कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित नन्हे-मुन्ने बच्चों एवं माताओं के साथ आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मंत्री  परमार ने माताओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं दैनिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी भी ली। मंत्री  परमार ने बच्चों के साथ समय बिताया तथा उनकी गतिविधियों में सहभागिता की। इस दौरान बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चो को खिलोने की किट वितरित की गई ।

    मंत्री  परमार ने कहा कि बच्चे हमारे समाज और राष्ट्र का भविष्य हैं। उनके स्वस्थ शरीर, संस्कारित मन और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रारंभिक वर्षों में विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और संस्कारों से जोड़ने का कार्य किया जाता है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि आंगनवाड़ी केवल बच्चों की देखभाल और पोषण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार के साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जब समाज संवेदनशील होकर बच्चों और माताओं के साथ खड़ा होता है, तो सेवा की भावना और अधिक मजबूत होती है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सेवा और सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदना और सहयोग पहुंचाना तथा जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है।

    मंत्री  परमार ने माताओं से भी बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पौष्टिक आहार, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य देखभाल तथा अच्छे संस्कार अत्यंत आवश्यक हैं। बच्चों के प्रारंभिक विकास में माता-पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने केंद्र में संचालित गतिविधियों तथा बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उपस्थित माताओं ने भी बच्चों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ आत्मीय वातावरण में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी  संजय त्रिपाठी ने बताया कि “आंगन मिलन” कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों से जनभागीदारी को जोड़ना, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा माताओं और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद के माध्यम से सेवा एवं संवेदना की भावना को मजबूत करना रहा।

    कार्यक्रम में बच्चों की मुस्कान और माताओं के स्नेह के बीच सेवा के संकल्प को दोहराया गया। उपस्थितजनों ने कहा कि समाज के नन्हे बच्चों के स्वस्थ, संस्कारित और उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे आयोजन जनभागीदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से आंगनवाडी केन्द्रों को गोद लेने के लिये आहवान किया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा दीदी का भी सम्मान किया गया।

    सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, माताओं के मन में विश्वास और प्रत्येक आंगन में खुशहाली का संकल्प निरंतर आगे बढ़ाने की भावना कार्यक्रम में देखने को मिली। इस अवसर पर जिले का नवाचार "घर में पकायेगे घर का खायेंगे" अंतर्गत पोषण प्रदर्शनी लगाई गई एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसका मत्री  एवं अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया।

    कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष शुजालपुर  बबीता परमार, डॉ. रवि पांडे, सेवा संकल्प अभियान जिला प्रभारी  नरेन्द्र सिंह यादव,  देवेन्द्र सिसोदिया,  देवेन्द्र तिवारी, अंजू खत्री,  युवराज रामडिया,  योगेश शिवहरे, अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर  अंकिता पाटकर, प्रभारी परियोजना अधिकारी शुजालपुर  ममता परमार सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक, महिलाऐं, बच्चे उपस्थित रहे।

     

  • प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन’, बच्चों के स्वास्थ्य से मातृ पोषण तक होंगे कार्यक्रम

    प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन’, बच्चों के स्वास्थ्य से मातृ पोषण तक होंगे कार्यक्रम

    सेवा संकल्प अभियान में प्रदेश के हर आंगनवाड़ी केंद्र पर होगा ‘आंगन मिलन’

    26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक तीन दिवसीय आयोजन
    बच्चों के स्वास्थ्य से मातृ पोषण और हितग्राही संवाद तक होंगे कार्यक्रम

    भोपाल

    सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर में ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जाएगा। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को सेवा, पोषण, सीखने, जनसहभागिता और सम्मान के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करना है। अभियान के माध्यम से बच्चों और माताओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंटलाइन कर्मियों के योगदान को भी सम्मान दिया जाएगा।

    तीन दिन, तीन प्रमुख आयाम

    अभियान के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र की तीन दिवसीय सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की जाएगी। 26 से 28 सितंबर, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तथा 2 से 5 अक्टूबर की अवधि में प्रत्येक केंद्र के लिए कार्यक्रम की तिथि निर्धारित की जाएगी। आयोजन से पहले स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक माताओं, बच्चों, हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

    पहला दिन बाल स्वास्थ्य एवं आनंदमयी गतिविधियों के नाम रहेगा। तीन से 6 वर्ष के बच्चों के बीच प्रधानमंत्री के संदेश का वाचन एवं कॉमिक वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की अपील का प्रसारण किया जाएगा। बच्चों के लिए खेल, कहानी, चित्रकला और मनोरंजक गतिविधियां होंगी। ‘कहानी सुनाओ-कहानी से जुड़ो’ जैसी गतिविधियों से बच्चों की रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक जांच कराई जाएगी तथा फल और मिठाई वितरित की जाएगी।

    दूसरे दिन मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद होगा। गर्भवती एवं धात्री माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर अवधि से जुड़े परामर्श भी दिए जाएंगे। माताओं के साथ पोषण संवाद में संतुलित आहार, एनीमिया, स्तनपान और शिशु देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी।

    तीसरा दिन ‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ के नाम होगा। इसमें विभागीय योजनाओं से लाभान्वित दो-तीन माताएं अपने अनुभव साझा करेंगी। योजनाओं से मिले लाभ और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सामने लाया जाएगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन, गर्म पका भोजन सहित पोषण, स्वास्थ्य और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

    योजनाओं का असर बताएंगी हितग्राहियों की कहानियां

    ‘आंगन मिलन सेवा’ को जनभागीदारी के साथ डिजिटल माध्यम से भी व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित लगभग 10 हितग्राहियों की अनुभव एवं सफलता की कहानियां तैयार की जाएंगी। अधिकतम एक मिनट के वीडियो के माध्यम से इन कहानियों को सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा।

    इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी एवं लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन एवं गर्म पका भोजन के लाभार्थी, कुपोषण से सामान्य श्रेणी में आए बच्चों के अभिभावक, पीएम जनमन/धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के हितग्राही, स्पॉन्सरशिप, पीएम केयर्स, मुख्यमंत्री बाल कोविड सेवा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना के लाभार्थियों की सफलता की कहानियां शामिल होंगी।

    फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का होगा सार्वजनिक अभिनंदन

    अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के योगदान को विशेष सम्मान दिया जाएगा। स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से हितग्राही माताओं, बच्चों तथा सेवा से जुड़े कर्मियों का स्वागत एवं सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा।

    कार्यक्रमों के फोटो, वीडियो और रिपोर्टिंग सामग्री का समयबद्ध संकलन कर विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जाएगा। प्रत्येक आयोजन में स्वच्छता, बैठने की उचित व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित गतिविधि क्षेत्र सुनिश्चित किया जाएगा।

    सेवा और पोषण को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की पहल

    ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ समुदाय और सरकार के बीच संवाद के प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सेवा, पोषण, मातृ-शिशु कल्याण और जनसहभागिता को विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ते हुए सामूहिक संदेश दिया जाएगा।