Tag: Amit Shah

  • PM मोदी की तारीफ में अमित शाह ने पढ़े कसीदे, गुरुग्राम में बोले- राष्ट्र को समर्पित है प्रधानमंत्री का जीवन

    PM मोदी की तारीफ में अमित शाह ने पढ़े कसीदे, गुरुग्राम में बोले- राष्ट्र को समर्पित है प्रधानमंत्री का जीवन

    गुरुग्राम.

    नरेंद्र मोदी का मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 साल का कार्यकाल पूरा हो गया है. इस उपलक्ष्य में बुधवार को गुरुग्राम में सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए.

    '25 साल, सेवाकाल' पर कार्यक्रम: अमित शाह ने कहा "7 अक्टूबर का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है. गरीब परिवार में जन्मे एक व्यक्ति ने अपने गुणों के आधार पर करोड़ों लोगों को साथ लेकर 25 साल तक लगातार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया. ये व्यक्ति हमारे प्रिय नेता नरेंद्र मोदी हैं. जब भी भारत का इतिहास लिखा जाएगा, मोदी के ये 25 साल स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाएंगे."

    शाह ने कहा कि ये गरीबी से मुक्ति, सुरक्षित भारत, धारा 370 हटाना, नक्सलवाद खत्म करना, राम मंदिर और काशी विश्वनाथ का मंदिर बनाना, देश में इन्फ्रास्ट्रक्र और 25 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने की यात्रा है. हमने अभी-अभी प्रधानमंत्री को सुना. अमित शाह कार्यक्रम स्थल से 800 मीटर दूर चौराहे पर युवा सेवा ज्योति यात्रा लेकर पहुंचे और वहां मशाल को प्रतिस्थापित किया.

    स्मृति ईरानी भी रही मौजूद: हरियाणा बीजेपी प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी पहली बार हरियाणा पहुंचीं. वो गुरुग्राम में अमित शाह के साथ सेवा ज्योति यात्रा में शामिल हुईं. पार्टी ने उन्हें 23 सितंबर को हरियाणा प्रभारी बनाया. इससे पहले उन्हें 27 सितंबर को भिवानी में एक सम्मेलन में पहुंचना था, लेकिन वो नहीं आईं थी, फिर सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम में जींद में उनके पहुंचने की जानकारी सामने आई. हालांकि वो गुरुग्राम में आईं. उनके साथ पार्टी के सह प्रभारी भोला सिंह भी रहे.

  • दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    दूध उत्पादन में भारत का दबदबा, दुनिया में सबसे आगे निकला देश; अमित शाह ने गिनाई उपलब्धि

    भोपाल 
    भोपाल आए अमित शाह को लेकर शनिवार को हलचल थी। अमित शाह सुबह से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, लेकिन गौपालकों के सम्मेलन में ही हिस्सा लेकर दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले, ताज होटल में ठहरे अमित शाह सुबह नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में महालक्ष्मी के दर्शन करने जाने वाले थे, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे सीधे भेल दशहरा मैदान स्थित गोपालकों के सम्मेलन में पहुंच गए थे। यहां प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

    ताज होटल से निकलकर सीधे अमित शाह भेल दशहरा मैदान पहुंचे, जहां गौपालकों के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इससे पहले अमित शाह ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अमित शाह के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद हैं।

    दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाएंगे
    शाह ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए। 31 दिसंबर 2029 से पहले मुक्त हो जाए, इसकी बारीक प्लानिंग करने वाले हैं। 31 2029 दिसंबर के बाद आपके बेटे बेटियों के लिए मध्यप्रदेश में नशे की कोई जगह नहीं होगी। उनका भविष्य उज्वल होने वाला है।

    कांग्रेसियों ने नहीं बनने दिया था सहकारिता मंत्रालय
    कांग्रेसियों ने 75 साल तक सहकारिता मंत्रालय बनने नहीं दिया। नरेंद्र मोदी सरकार में आए तो सहकारिता मंत्रालय बनाया। इसका सबसे अधिक फायदा गौपालकों को होने वाला है। यदि खुले बाजार में गौपालक दूध बेचता है तो शोषण होता है। मलाई बिचौलियां खा जाते हैं। अब 35 की बजाय 55 रुपए मिलना शुरू हो जाएंगे। इसके लिए दूध लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाना है। आज उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से हर रोज तीन लाख लीटर दूध प्रोसेस करने के संयंत्र का भूमिपूजन हो रहा है। शाह ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश सरकार से 50 एकड़ भूमि मांगी है। इसमें गायों की नस्लों का सुधार भी होगा। आधुनिक व्यवस्था से बछड़ा नहीं, बछड़ी ही पैदा होगी, ऐसी व्यवस्था कर दी जाएगी। यह कांग्रेसी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध करते हैं, मैं उन्हें हिसाब देने आया हूं।

    मिल्क कैपिटल की ओर मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में प्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा। तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
    मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष किसान कल्याण के अंतर्गत “बलराम कृषि महोत्सव” के माध्यम से सभी 55 जिलों में उन्नत खेती, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों से उन्हें प्रोत्साहित किया है। आज मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन 12 लाख लीटर पर पहुंचा है। खेती और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हमारी सरकार कर रही है। यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गाय और भैंस के रूप में 6 करोड़ पशुधन है। किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए राज्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जाएगा। राज्य में 2 लाख गोपालक दीदीयों ने डेयरी सहकारिता व पशुपालन के आधार पर अपनी व परिवारजनों की ज़िंदगी बदली है। प्रदेश में 3,214 गोशालाओं में 5 लाख गोवंश का संरक्षण कर रहे हैं। राज्य में 313 ब्लॉक में वृंदावन ग्राम बनाने के लिए सरकार कार्यरत है।

    हेमंत खंडेलवाल का संबोधन
    कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता की दिशा बदली है। प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। अब तक प्रदेश में 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के एमओयू के बाद दूध का कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है। प्रदेश के गौपालकों को अब दूध का ₹8.50 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। दूध उत्पादन से कृषकों की आय बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य है- दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। अगले कुछ वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

  • अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    अमित शाह के कार्यक्रमों में बदलाव, तीन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिल्ली लौटे केंद्रीय गृह मंत्री

    भोपाल
    राजधानी भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को तीन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम को दिल्ली रवाना होने वाले हैं।भोपाल आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली रवाना होने वाले हैं। गए। इससे पहले अमित शाह शुक्रवार देर रात को दिल्ली से भोपाल पहुंचे थे। शनिवार को भोपाल में उनके पांच कार्यक्रम थे। सुबह ताज होटल में ठहरने के बाद वे संगठन और सरकार के मंत्रियों से मिले। इसके बाद भेल दशहरा मैदान पर आयोजित गौपालकों के सम्मेलन में गए। इसके बाद कानून व्यवस्था को लेकर एमपी के गृहमंत्री, डीजीपी समेत बड़े अफसरों के साथ बैठक की। थोड़ी देर में 3.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस होने वाली थी, लेकिन अमित शाह अचानक दिल्ली रवाना हो गए।

    इससे पहले शनिवार को सुबह अमित शाह ताज होटल में सीएम सहित एमपी के अन्य मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद नेहरू नगर स्थित करुणा धाम आश्रम में महालक्ष्मी मंदिर दर्शन करने आने वाले थे। उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ और वे मंदिर नहीं जाते हुए सीधे भेल दशहरा मैदान चले गए। जहां गौपालकों को संबोधित किया। इसके बाद ही वे ताज होटल वापस आए और एमपी के बड़े अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। इसी में वे मध्यप्रदेश को 2029 तक नारकोटिक्स मुक्त बनाने को लेकर बात कर रहे थे। इसके बाद वे प्रेस कांफ्रेंस करने वाले थे, जिसे अचानक कैंसिल कर दिया गया।

    दोपहर बाद के सभी कार्यक्रम रद्द
    भेल दशहरा मैदान में गौपालकों के कार्यक्रम के बाद वे सीधे ताज होटल पहुंचने का कार्यक्रम था। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक का समय लंच के लिए आरक्षित था। लंच पर भी संगठन और सरकार से चर्चा का समय तय किया गया था। इसके बाद दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होटल ताज में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के मध्य लंबित विषयों पर बैठक प्रस्तावित थी। इसके बाद शाम 4:15 से 5:15 बजे तक नारकोटिक्स पर प्रेस कांफ्रेंस के लिए समय आरक्षित किया गया था। लंच के बाद अमित शाह के दिल्ली रवाना होने की सूचना दे दी गई। इसके बाद के सभी कार्यक्रम अमित शाह ने निरस्त कर दिए गए। अमित शाह का दिल्ली जाने का समय 7.50 बजे था, लेकिन वे दोपहर में ही रवाना हो गए।

  • अमित शाह का देर रात भोपाल आगमन, स्टेट हैंगर पर CM और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे मौजूद

    अमित शाह का देर रात भोपाल आगमन, स्टेट हैंगर पर CM और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे मौजूद

    भोपाल 

    .केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार रात 12 बजे भोपाल पहुंचे। स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डीजीपी कैलाश मकवाना, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने उनका स्वागत किया।

    दिल्ली में व्यस्तता के चलते शाह करीब ढाई घंटे की देरी से भोपाल के लिए रवाना हुए। इसके चलते मंत्रियों और विधायकों को स्टेट हैंगर से वापस घर भेज दिया गया था।

    गोपालक सम्मेलन में 35 हजार लोग शामिल होंगे
    भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य शामिल होंगे। इसमें भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम सहित कई जिलों से प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी है।

    सम्मेलन में अमित शाह को प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए गए कार्यों और बलराम कृषि महोत्सव की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग अपने-अपने कार्यों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे।

    पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद
    कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

    डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं
    दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है।

    भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है।

    किसान फोकस क्यों?
    मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है।

    यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

    केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया।

  • अमित शाह आज भोपाल में, 3 अक्टूबर को गोपालक सम्मेलन को करेंगे संबोधित

    अमित शाह आज भोपाल में, 3 अक्टूबर को गोपालक सम्मेलन को करेंगे संबोधित

    भोपाल 

    प्रदेश में राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के ठीक अगले दिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल पहुंचेंगे। शाह करीब 23 घंटे राजधानी में रहेंगे। उनका दौरा मुख्य रूप से डेयरी, सहकारिता, पशुपालन, पुलिस और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा। तीन अक्तूबर को भेल दशहरा मैदान में होने वाला राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम होगा, जिसमें 35 हजार से ज्यादा गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य जुटेंगे। शाह दो अक्तूबर की रात करीब नौ बजे भोपाल पहुंचेंगे और होटल ताज में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन दिनभर अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात करीब आठ बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 

    35 हजार गोपालकों के बीच बड़ा आयोजन
    भेल दशहरा मैदान में होने वाले सम्मेलन में पशुपालकों को बोनस राशि और गौशालाओं के लिए सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी बांटे जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की ओर से कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किए गए कामों और बलराम कृषि महोत्सव की गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग भी अपनी योजनाओं की जानकारी देंगे। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस तथा गौशालाओं के लिए सहायता देने के कार्यक्रम भी होंगे। 

    सांची के कारोबार को दूध से आगे ले जाने की तैयारी
    शाह भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ भी करेंगे। 16.80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में केंद्र सरकार का छह करोड़ रुपये का अनुदान और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ का 10.80 करोड़ रुपये का अंशदान है। प्लांट में रोज 40 हजार लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता है।   

    उज्जैन की 255 करोड़ की परियोजना भी एजेंडे में
    उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट बनाया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन करेंगे। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ की ओर से बनाए जा रहे इस प्लांट से दूध के प्रसंस्करण और उससे बनने वाले उत्पादों की क्षमता बढ़ेगी। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ ऋण के माध्यम से जुटाएगा। प्लांट को अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    रोज तीन लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस
    उज्जैन के प्रस्तावित प्लांट में शुरुआत में रोज तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के इलाकों में बढ़ रहे दूध उत्पादन को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करने में मदद मिलेगी।

    दूध, दही, छाछ और घी का होगा उत्पादन
    प्लांट में कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यहां रोजाना 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ बनाने की क्षमता होगी। इसके साथ ही रोज 10 मीट्रिक टन घी बनाने का प्लांट भी लगाया जाएगा।

    नए कानूनों से लेकर IISER तक कार्यक्रम
    शाह भेल मैदान में पुलिस मुख्यालय की ओर से लगाए गए नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसके बाद भौंरी में IISER के अत्रि परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है। इस तरह राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद अमित शाह का भोपाल कार्यक्रम प्रदेश की राजनीति के बीच अलग-अलग सरकारी और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। हालांकि शाह के घोषित कार्यक्रमों में मुख्य जोर डेयरी और सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों को योजनाओं का लाभ और सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास पर है। 

     

    पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद
    कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

    डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं
    दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है।

    भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है।

    किसान फोकस क्यों?
    मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है।

    यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

    केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया।

    शाह के हालिया कार्यक्रमों और बयानों में भी किसान-सहकारिता का जिक्र
    अमित शाह के इस दौरे का किसान-सहकारिता से जुड़ाव उनके हालिया राष्ट्रीय कार्यक्रमों से भी दिखाई देता है। 23 जून 2026 को सहकारिता मंत्री के तौर पर शाह ने NAFED का NAFEX ई-ऑक्शन पोर्टल लॉन्च किया था।

    उस कार्यक्रम में उन्होंने NAFED और NCCF को अगले दो वर्षों में दलहन की खरीद सीधे किसानों से करने की दिशा में काम करने को कहा था। उन्होंने किसानों को भुगतान सीधे बैंक खातों में पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने पर जोर दिया था।

    इसके बाद 7 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े लंबित भुगतान के मुद्दे पर अमित शाह की मौजूदगी में समझौता हुआ। उस मौके पर शाह ने कहा था कि नर्मदा परियोजना से जुड़े राज्यों को पानी और बिजली का लाभ मिला है और नर्मदा का पानी जिन क्षेत्रों तक पहुंचा है, वहां किसानों की स्थिति और जमीन के मूल्य में बदलाव आया है।

  • भोपाल में 3 अक्टूबर को अमित शाह का दौरा, MP को मिलेंगी कई बड़ी सौगातें; जानें कार्यक्रम

    भोपाल में 3 अक्टूबर को अमित शाह का दौरा, MP को मिलेंगी कई बड़ी सौगातें; जानें कार्यक्रम

    भोपाल 
    केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह तीन अक्टूबर को भोपाल दौरे पर होंगे. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदेश को कई सौगातें देने भोपाल आ रहे हैं. मध्यप्रदेश में अक्टूबर महीने की शुरुआत से दिग्गज नेताओं का मध्यप्रदेश में डेरा रहेगा. एक अक्टूबर को राहुल गांधी का बालाघाट दौरा है और उसके ठीक बाद तीन अक्टूबर को केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल के दौरे पर होंगे। 

    ये है भोपाल में अमित शाह का पूरा कार्यक्रम
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मंत्रालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन के संबंध में मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर इस बारे में चर्चा की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा कलेक्टर, कमिश्नर भोपाल और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों ने निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शनिवार, 3 अक्टूबर को भेापाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. गोपालक सम्मेलन स्थल पर केंद्रीय मंत्री शाह न्याय संहिता पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन करेंगे। 

    केंद्रीय मंत्री शाह इसके बाद राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. अमित शाह भोपाल बायपास भौरी के पास आईआईएसईआर परिसर का शिलान्यास और परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। 

    मध्यप्रदेश को ये सौगातें देंगे अमित शाह
    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री शाह प्रदेश में दुग्ध संयंत्र, डेयरी प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच लैब की विभिन्न सौगात भी देंगे. इन परियोजनाओं में उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत का डेयरी प्लांट और भोपाल में फर्मेंटेड प्रोडक्ट दूध प्लांट भी शामिल है. इस अवसर पर भोपाल पश्चिमी बायपास का भूमि पूजन भी किया जाएगा. केंद्रीय गृहमंत्री शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ पशुपालकों को बोनस वितरण, गौशालाओं की सहायता के लिए राशि प्रदान करेंगे. साथ ही गोपालक दीदीयों के सम्मान और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे। 

    करीब ₹3774 करोड़ का यह सड़क प्रोजेक्ट 35.61 किलोमीटर लंबा एक प्रमुख फोर-लेन प्रोजेक्ट है। यह बायपास मंडीदीप के समीप इटायाकलां में भोपाल-जबलपुर मार्ग से शुरू होकर कोलार और रातीबड से होते हुए भोपाल-देवास इंदौर मार्ग पर ग्राम फंदा कलां तक जाएगा। पहले इसकी लंबाई 40.90 किमी रखी गई थी। संशोधित अलाइनमेंट के बाद घटाकर 35.61 किमी कर दी गई।

    भोपाल पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट में सर्विस रोड, फ्लाईओवर, बड़े ग्रेड सेपरेटर और एक बड़ा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) शामिल होगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रातापानी क्षेत्र के पास विशेष एलिवेटेड रास्ते (वाइल्डलाइफ वायडक्ट) भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को इस परियोजना का भूमि पूजन करेंगे।

    35 हजार से ज्यादा गोपालक पहुंचेंगे
    कार्यक्रम में गृह विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सहकारिता विभाग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग के कार्यों के प्रेजेंटेशन भी होंगे. कार्यक्रम में भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन नर्मदापुरम जिलों के साथ प्रदेश के 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों की भागीदारी रहेगी। 

  • अमित शाह ने पंजाब को दी 2029 की डेडलाइन, बोले- चिट्टा बेचने वालों को जेल भेजेंगे

    अमित शाह ने पंजाब को दी 2029 की डेडलाइन, बोले- चिट्टा बेचने वालों को जेल भेजेंगे

    जालंधर
     पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी नशे के खिलाफ यात्राएं निकाल रही है। 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने के बाद नशा विरोधी यात्राओं का समापन आज जालंधर में एक रैली में हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस रैली में बतौर मुख्य वक्ता भाग लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जनता को सबंधोति करते हुए कहा कि पंजाब देश में दो चीजों के लिए बहुत अच्छे से जाना जाता है। देश में जब भी खाने पाने की जरूरत पड़ती थी तो पंजाब का किसान गोदामों को भर देता था। देश में जब की सुरक्षा की जरूर पड़ती थी मेरे पंजाब का जवान मां भारती के लिए अपना बलिदान देने के लिए तैयार रहता था। पंजाबियों के बलिदान से न हमें केवल आजादी मिली, आजादी के बाद भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए कोई एक सूबे अगर सबसे ज्यादा बलिदान दिया है तो वो मेरे पंजाब ने दिया है। आज नशा मुक्त पंजाब बनाने का समय क्यों आया।

    चिट्टे के खत्म करने की डेडलाइन बताई
    आप पार्टी की सरकार ने चिट्टे के व्यापार को खुलेआम चलने दिया। मैं आज पंजाब की जनता को कहना आया हूं, पंजाब के चुनाव में कई मुद्दे हैं। मगर आने वाला चुनाव बीजेपी केवल और केवल नशा मुक्त पंजाब के मुद्दे पर लड़ने वाली है। मैं पंजाब की माताओं और युवाओं को वादा करके जाता हूं, भाजपा को समर्थन करो 31 दिसंबर 2029 से पहले हम पंजाब को चिट्टे से मुक्त कर देंगे। मुझे मालूम है केजरीवाल एंड कंपनी मेरे पीछे क्या कहने वाली है। मैं पंजाब की जनता को बताना चाहता हूं हमने जो कहा है वो करके दिखाया है।

    शाह बोले- हमने जो कहा है वो करके दिखाया
    13 दिन में चार हजार किमी, 117 विधानसभा घूमकर यह यात्रा पहुंची है। मैं कहता हूं कि 31 दिसंबर 2029 को नशामुक्त कर देंगे तो केजरीवाल एंड कंपनी क्या कहेगी। हमने जो कहा है, वह करके दिखाया। कश्मीर को आतंकवाद मुक्त करने का काम मोदी सरकार ने किया। देश में नक्सलवाद को खत्म किया। नॉर्थ ईस्ट के आतंकवाद को खत्म करने का काम मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार ने किया। मैं फिर माताओं-बहनों को बता रहा हूं कि 31 दिसंबर 2029 के बाद बच्चों को चिट्टा देने वाला कोई नहीं बचेगा। बीजेपी ही ऐसी पार्टी है, जो पंजाब को नशामुक्त कर सकती है।

    माताओं से किया वादा, तस्करों को चुन-चुनकर डालेंगे जेल
    रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, "मैं पंजाब की माताओं को यह विश्वास दिलाने आया हूँ कि 31 दिसंबर 2029 के बाद आपके बच्चों को चिट्टा उपलब्ध कराने वाला कोई नहीं बचेगा।" उन्होंने चेतावनी दी कि नशा बेचने वाले तस्करों को चुन-चुनकर जेलों की सलाखों के पीछे डाला जाएगा। शाह ने कहा कि जो पंजाब कभी पूरे देश के लिए गेहूं और धान उगाता था, आज उस उपजाऊ धरती पर नशा बो दिया गया है। उन्होंने बताया कि वे उन पीड़ित परिवारों से भी मिलकर आए हैं जिन्होंने नशे के कारण अपने जवान बच्चों को खोया है।

    पंजाब की बदहाल अर्थव्यवस्था और घोटालों पर घेरा
    राज्य की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज पंजाब की आर्थिक व्यवस्था बेहद बदहाल स्थिति में है। उन्होंने मोगा विज्ञापन घोटाला, बरनाला भूमि घोटाला और पंजीरी घोटाले जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में हर महीने उगाही हो रही है और केवल विज्ञापनों पर सालाना 785 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि 25 लाख नौकरियां देने और 26 फसलों पर एमएसपी देने के उनके वादों का क्या हुआ?

    रैली से पहले मिली थी बम से उड़ाने की धमकी
    गृह मंत्री के इस दौरे और रैली से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों में उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्कूल (कैंब्रिज स्कूल) को ई-मेल भेजकर यह धमकी दी गई कि रैली के स्टेज के नीचे आईईडी (IED) बम रखा गया है। इस ई-मेल में शहर के अन्य स्कूलों, श्री देवी तालाब मंदिर और बसों को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए मंदिर में माथा टेकने और नशामुक्त पंजाब यात्रा के समापन के बाद सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम के बीच इस कार्यक्रम को संपन्न कराया।

    नशे को सिर्फ बीजेपी कर सकती है खत्म
    अमित शाह ने कहा कि पंजाब का विकास तबतक नहीं हो सकता जबतक पंजाब का युवा नशा मुक्त नहीं हो जाता। यह नशा हमारी आने वाली पीढ़ियो को बर्बाद कर देता है। पंजाब के युवाओं को नशा न मिले ऐसे सख्त तंत्र की रचना केवल और केवल पीएम मोदी के नेृत्तव में बीजेपी ही कर सकती है कोई और नहीं। आज पंजाब की आर्थिक व्यवस्था बड़ी बदहाल है। पंजाब के अंदर भ्रष्टाचार के एक के बाद एक घपले हो रहे हैं।

    भगवंत मान से पूछे सवाल
    अमित शाह ने भगवंत मान से पूछा आपके वादों का क्या हुआ। आप 25 लाख नई नौकरियां देने वाले थे। उन वादों का क्या हुआ, कुछ नहीं हुआ। विधवा पेंशन 2500 करने वाले थे नहीं किया। खनन की आय सालाना 20 हजार करोड़ बढ़ाने वाले थे। सभी फसलों पर एमएसपी देने वाले थे। आपने तो नहीं दिया, हरियाणा में बीजेपी सरकार ने सभी फसलों पर एमएसपी दे दी।

    कांग्रेस पर भी बोला हमला
    कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2004-14 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस के शासन में मात्र 26 लाख किलो नशा पकड़ा गया। बीजेपी सरकार ने नशे के खिलाफ सख्ती की, एक लाख किलो से अधिक नशा पकड़ा। बीजेपी ने एक लाख 90 हजार करोड़ रुपये का नशा पकड़ा। जालंधर वाले पूछेंगे, पंजाब में क्यों नशा नहीं रुका। आम आदमी पार्टी की सरकार हटेगी तो नशे को खत्म कर देंगे। पंजाब का युवा जब तक नशे से मुक्त नहीं होंगे, विकास भी नहीं हो सकता है।

    अमित शाह ने एक्स पर शेयर की थी एक पोस्ट
    पंजाब पहुंचने से पहले अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट सांझा की थी। उन्होंने कहा कि पंजाब ‘आप-दा’ सरकार के कुशासन के कारण नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पंजाब के लोग नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं और नशे के खात्मे के लिए पंजाब के लोगों को एकजुट करते हुए भाजपा द्वारा 18 सितंबर को ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत की गई थी। यह यात्रा पंजाब के गांव-गांव पहुंची और लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ युवाओं को भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

  • अमित शाह की महारैली के लिए जालंधर तैयार, 63 एकड़ में आयोजन; नशा मुक्ति यात्राओं का समापन

    अमित शाह की महारैली के लिए जालंधर तैयार, 63 एकड़ में आयोजन; नशा मुक्ति यात्राओं का समापन

     जालंधर
     केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, बुधवार, 30 सितंबर को पंजाब के जालंधर पहुंचेंगे। यहां परागपुर के पास NH-44 के किनारे भाजपा की ओर से नशा विरोधी महारैली आयोजित की जा रही है। आयोजन के लिए करीब 63 एकड़ जमीन तैयार की गई है। इसमें अकेले 28 एकड़ में विशाल पंडाल बनाया गया है।

    रैली का स्थल पहले 40 एकड़ में तय किया गया था। बाद में इसे 50 एकड़ तक बढ़ाया गया और लोगों के आने का अनुमान बढ़ने के बाद क्षेत्रफल करीब 63 एकड़ किया गया। ताजा रिपोर्टों में भी आयोजन स्थल को 60 से 65 एकड़ के बीच बताया गया है।

    भाजपा की ओर से पंजाब में निकाली जा रही चार नशा मुक्ति यात्राओं का समापन भी इसी रैली में होगा। ये यात्राएं प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी तय कर जालंधर पहुंच रही हैं। बुधवार को चारों यात्राओं के कार्यकर्ता रैली स्थल पर जुटेंगे।

    दो साल में नशामुक्त पंजाब का दावा कर चुके शाह
    शाह इसी साल 14 मार्च को मोगा के किली चाहलां में बदलाव रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। यह भाजपा के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत थी। शाह ने पंजाब में भाजपा की सरकार बनने का मौका देने की अपील करते हुए दावा किया था कि दो साल के भीतर पंजाब को नशामुक्त कर देंगे और नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ देंगे। इस दौरान उन्होंने अपराध, नशे और भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा था।

    नशा : सियासी ही नहीं, सामाजिक मुद्दा भी
    पंजाब में नशा एक दशक से ज्यादा समय से बड़ा सियासी और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। साल 2012 के विधानसभा चुनाव से इसे प्रमुखता से उठाया जा रहा है। 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इसे अपनी सियासत का केंद्र बनाया। 2017 में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में नशा खत्म करने के लिए चार सप्ताह का वादा किया, जबकि आप ने भी ड्रग माफिया पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया था। 2022 में आप ने फिर नशे के खिलाफ अभियान चलाया था।
     
    शाह दें सवालों का जवाब : रंधावा
    कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा को विफल बताते हुए कहा कि पठानकोट जैसे भाजपा के गढ़ में भी यात्रा प्रभावी भीड़ नहीं जुटा सकी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद, ड्रोन और हथियारों से जुड़े गंभीर सुरक्षा सवालों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए। रंधावा ने कहा, सीमा पर बीएसएफ तैनात है और इसका दायरा करीब 50 किलोमीटर तक है। बीएसएफ के रहते सीमा पार से नशा कैसे पहुंच रहा है। इसके बाद पंजाब में नशा वितरित हो रहा, इसे रोकने में पंजाब पुलिस भी फेल है। 

    25 हजार से अधिक कुर्सियां लगीं
    आयोजकों के अनुसार रैली के लिए बनाए गए विशाल पंडाल में 25 हजार से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं। पंडाल को पूरी तरह वातानुकूलित रखने की व्यवस्था की गई है। भीड़ का अनुमान एक लाख से अधिक लगाया जा रहा है, जबकि पार्टी स्तर पर इससे काफी अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। इससे पहले तैयारियों से जुड़ी रिपोर्टों में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान सामने आया था।

    रैली में दूर बैठे कार्यकर्ताओं को मंच साफ दिखाई दे और भाषण सुनने में परेशानी न हो, इसके लिए पंडाल के भीतर कई स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। पंडाल के बाहर भी स्क्रीन की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य यह है कि पंडाल भरने के बाद बाहर मौजूद कार्यकर्ता भी मंच की गतिविधियां और अमित शाह का संबोधन देख और सुन सकें।

    तीन हजार बसें पहुंचने का अनुमान
    रैली में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। वाहनों के लिए चार अलग-अलग पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। पंडाल के नजदीक वीआईपी वाहनों के लिए अलग पार्किंग होगी। इसके अलावा दोआबा, माझा और मालवा से आने वाले लोगों के रूट के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में पार्किंग बनाई गई है।

    आयोजकों के अनुसार रैली में तीन हजार से अधिक बसों और करीब दो हजार छोटे वाहनों के पहुंचने का अनुमान है। इससे रैली स्थल के आसपास यातायात पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए पार्किंग और यातायात व्यवस्था को अलग-अलग रूट के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी रैली के कारण यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। पुलिस की ओर से विस्तृत यातायात योजना जारी की जानी है।

    दोपहर सवा दो बजे पहुंच सकते हैं शाह
    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे आदमपुर हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 1:15 बजे वह श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2:15 से 2:30 बजे के बीच परागपुर स्थित रैली स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है।

    भाजपा की चारों नशा मुक्ति यात्राएं मंगलवार शाम करीब छह बजे रैली स्थल पर पहुंचेंगी। वहां प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के वरिष्ठ नेता यात्राओं का स्वागत करेंगे। चारों यात्राएं 18 सितंबर से अलग-अलग मार्गों से शुरू हुई थीं और प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करने के बाद जालंधर पहुंच रही हैं।

    नशे के मुद्दे पर केंद्रित है आयोजन
    भाजपा ने इन यात्राओं और जालंधर की रैली को नशे के खिलाफ अपने अभियान से जोड़ा है। पार्टी के अनुसार यात्राओं का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना है। रैली में अमित शाह के संबोधन के साथ अभियान का समापन होगा। आयोजन को लेकर भाजपा की ओर से प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी की गई है।

    रैली स्थल पर तैयारियों के बढ़ते दायरे से साफ है कि आयोजकों ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को ध्यान में रखकर व्यवस्था की है। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली महारैली पर है, जहां चारों यात्राओं के समापन के साथ अमित शाह कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

    जानें अमित शाह की नशा मुक्ति महारैली का शेड्यूल

        कार्यक्रम का नाम: भाजपा पंजाब नशा मुक्ति महारैली

        दिन व स्थान: बुधवार, नेशनल हाईवे पर परागपुर के पास

        दोपहर 12:00 बजे: अमित शाह का आदमपुर एयरपोर्ट पर आगमन

        दोपहर 01:15 बजे: श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकेंगे

        दोपहर 02:15 से 02:30 बजे: परागपुर रैली स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधन

        स्वागतकर्ता: प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और वरिष्ठ नेता

        ट्रैफिक व्यवस्था: नेशनल हाईवे पर रैली के कारण रूट में बदलाव रहेगा 

     

  • यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री

    यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री

    ग्रेटर नोएडा
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, शहर-शहर वाहन चोरी के कुटीर उद्योग लगते थे और अवैध कट्टे बनाए जाते थे, लेकिन आज उसी उत्तर प्रदेश में कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। यह परिवर्तन डबल इंजन की सरकार में आया है और उत्तर प्रदेश देश-दुनिया के निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    देश का विकास इंजन बनने की दिशा में यूपी
    अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश का हाल यह था कि लखनऊ में औद्योगिक निवेश सम्मेलन कराने की स्थिति नहीं थी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली में आयोजन किया था। आज वही उत्तर प्रदेश निवेश का केंद्र बनकर देश का विकास इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेश के लिए कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों को सुविधा देने की आवश्यक है और उत्तर प्रदेश में ये सभी स्थितियां मौजूद हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है।

    यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में बढ़ रहा निवेश
    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए निवेश आ रहा है। देश का रक्षा उत्पादन अब करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है। आज भारत के रक्षा उत्पाद करीब 80 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और अनुकूल नीतियों के जरिए निवेश को सुगम बनाने का काम किया है। अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल और उत्तर प्रदेश में बन रहे रक्षा उत्पाद देश की नई औद्योगिक क्षमता को दर्शाते हैं।

    ओडीओपी ने बदली रोजगार की तस्वीर
    अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) की महत्वपूर्ण भूमिका है। परंपरागत उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। कभी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रदेश के युवाओं को आज अपने ही राज्य में रोजगार और उद्यम के अवसर मिल रहे हैं। भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी ने देश-दुनिया में पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी के पारंपरिक उत्पादों के साथ वाराणसी की मलाईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा के पेठा, मथुरा के पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलेगा।

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बनेगा वैश्विक व्यापार का मंच
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देश-दुनिया से आए खरीदारों और उद्यमियों की भागीदारी प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री की संभावनाओं को बढ़ाएगी। पहले संस्करण में राष्ट्रपति, दूसरे में उपराष्ट्रपति और तीसरे संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति रही, जबकि चौथे संस्करण के उद्घाटन में शामिल होकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है। 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। इस वर्ष के आयोजन से पिछले सभी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को ट्रेड शो के आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश इसी प्रकार विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

  • समान नागरिक संहिता पर सरकार का बड़ा प्लान, 21 राज्यों में 2029 तक UCC लागू होगा

    समान नागरिक संहिता पर सरकार का बड़ा प्लान, 21 राज्यों में 2029 तक UCC लागू होगा

    नई दिल्ली
    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यूसीसी को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहाकि साल 2029 तक एनडीए के शासन वाले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 30 दिन के सेवा संकल्प अभियान का ऐलान करते हुए अमित शाह ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा और सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाएंगे। मुंबई में सेवा संकल्प अभियान को लेकर मीडिया को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की है। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि साल 2029 के पहले भाजपा शासित सभी 21 प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने में सफल होंगे।

    प्रधानमंत्री ने दुनिया में बढ़ाया भारत का मान
    इस दौरान अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 साल में दुनिया में भारत का कद काफी बढ़ा है। दुनिया का कोई भी मुद्दा हो, आज भारत के प्रधानमंत्री की राय को अहमियत दी जाती है। दुनिया भर में लोग भारतीय पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिक को सम्मान की नजर से देखते हैं। नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय पासपोर्ट की अहमियत बढ़ाने का काम किया है। इसका नतीजा यह है कि वे दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं, जिन्हें सर्वे में 68 फीसदी अप्रूवल रेटिंग मिली है। उन्होंने आगे कहा कि 36 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिए हैं, जो भारत के ‘भारत रत्न’ जैसे ही हैं। यह विदेशों में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है।

    अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि 15 अगस्त, 2047 तक भारत सभी क्षेत्रों में सभी देशों से आगे होगा। उन्होंने ने देश में सभी क्षेत्रों में बदलाव की शुरुआत की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2014 में भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ में शामिल किया गया था, लेकिन आज यह शीर्ष पांच देशों में शामिल है।