Tag: Akshaya Tritiya

  • अक्षय तृतीया पर सोने खरीदने का शुभ चौघड़िया मुहूर्त, जानिए सटीक टाइमिंग

    अक्षय तृतीया पर सोने खरीदने का शुभ चौघड़िया मुहूर्त, जानिए सटीक टाइमिंग

    इंदौर 

    आज अक्षय तृतीया का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग में इसे अत्यंत शुभ और फलदायी दिन माना गया है, जिसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और नए कार्यों का फल अक्षय होता है, यानी उसका शुभ प्रभाव कभी समाप्त नहीं होता. यही कारण है कि आज के दिन लोग सोना-चांदी खरीदने, पूजा करने और नए कार्यों की शुरुआत करने को विशेष महत्व देते हैं. अक्षय तृतीया 2026 पर पूरे दिन कई शुभ चौघड़िया बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी खास बना रहे हैं। 

    सुबह का चौघड़िया
    चर, लाभ और अमृत के योग के साथ यह समय बेहद शुभ माना गया है. आज सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा. अपराह्न चौघड़िया जिसे शुभ चौघड़िया कहा गया है, जो कार्यों की सफलता के लिए अच्छा माना जाता है. ये दोपहर 02:13 बजे से 03:47 बजे तक रहेगा.संध्या काल चौघड़िया के समय शुभ, अमृत और चर तीनों योग बन रहे हैं, जो इस समय को अत्यंत प्रभावशाली बनाते हैं. जो शाम 06:57 बजे से रात 11:12 बजे तक रहेगा। 

    रात्रि चौघड़िया
    रात में लाभ चौघड़िया का योग बन रहा है, जो प्रगति और लाभ का संकेत देता है. यह 20 अप्रैल देर रात 02:02 बजे से 03:28 बजे तक रहेगा. उषाकाल चौघड़िया सुबह का यह समय अमृत योग के साथ अत्यंत शुभ माना गया है.  यह 20 अप्रैल सुबह 06:18 बजे से 07:27 बजे तक रहेगा। 

    पूजा मुहूर्त का विशेष समय
    पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया पर पूजा करने के लिए कुल 1 घंटा 49 मिनट का विशेष शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहा है.

    पूजा का समय: 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा. इस अवधि में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. 

    अक्षय तृतीया का महत्व
    इस दिन सोना-चांदी खरीदना, दान करना और नए कार्य शुरू करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य जीवन में स्थायी समृद्धि और सफलता देते हैं. चौघड़िया मुहूर्तों के अनुसार किया गया कार्य और भी अधिक शुभ फल देता है। 

  • अक्षय तृतीया 2026: सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त और पूरी तिथि का विवरण

    अक्षय तृतीया 2026: सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त और पूरी तिथि का विवरण

     हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और फलदायी तिथि माना जाता है. यह पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जो इस बार 19 अप्रैल 2026 को पड़ रही है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता है, इसलिए इसे 'अक्षय' कहा गया है. इस खास मौके पर लोग सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और नए काम शुरू करना शुभ मानते हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार खरीदारी के लिए पूरे दिन के साथ अगले दिन सुबह भी अच्छा समय मिल रहा है.

    कब पड़ेगी यह शुभ तिथि?
    इस साल तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से हो रही है, जो 20 अप्रैल सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी. ऐसे में मुख्य रूप से 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी, लेकिन 20 अप्रैल की सुबह भी कुछ समय तक शुभ योग बना रहेगा.

    सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त (Gold Buying Muhurat)
    अगर आप अक्षय तृतीया पर सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं, तो 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट के बाद पूरे दिन खरीदारी कर सकते हैं. इसके अलावा 20 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 बजकर सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक भी शुभ समय रहेगा. इस बार लोगों को खरीदारी के लिए लंबा समय मिल रहा है, जो इसे और खास बनाता है.

    चौघड़िया मुहूर्त में कब करें खरीदारी?
    सुबह का समय (चर, लाभ, अमृत)- 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट
    दोपहर का समय (शुभ)- दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक
    शाम का समय (शुभ, अमृत, चर)- शाम 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 57 मिनट तक

    इन समयों में खरीदारी करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है.

    अक्षय तृतीया का महत्व क्या है?
    अक्षय तृतीया को 'अखा तीज' भी कहा जाता है. यह दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी आप शुभ काम कर सकते हैं. शादी, गृह प्रवेश, मुंडन या नया बिजनेस शुरू करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी और भगवान परशुराम का जन्म भी इसी तिथि पर हुआ था.

  • राज्य सरकार का कदम: अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण

    राज्य सरकार का कदम: अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण

    अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने राज्य सरकार ने उठाये कदम, दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण

    विशेषज्ञों ने संबद्ध अधिकारियों को दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण

    भोपाल

    आगामी अक्षय तृतीया 20 अप्रैल के अवसर पर होने वाले बाल विवाहों की संभावनाओं को पूरी तरह से रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग द्वारा 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रदेश भर के नामित बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम, शुक्रवार को संचालनालय महिला बाल विकास भोपाल में हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करना और सूचना मिलते ही वैधानिक प्रक्रियाओं को गति देना है।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति के वरिष्ठ सलाहकार एवं अधिवक्ता श्री गुरमुख सिंह लाम्बा तथा यूनिसेफ, मध्यप्रदेश के बाल संरक्षण अधिकारी श्री गोविंद बेनीवाल उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञों ने बाल विवाह प्रतिषेध कानून की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को संविधान प्रदत्त उनकी शक्तियों और कर्तव्यों का बोध कराया। वरिष्ठ सलाहकार श्री लाम्बा ने कानूनी प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, वहीं श्री बेनीवाल ने सामाजिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक तालमेल के महत्व को रेखांकित किया।

    प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को विस्तृत रूप से बताया गया कि बाल विवाह की सूचना प्राप्त होते ही किस प्रकार निषेधाज्ञा जारी करवाई जाए और यदि विवाह संपन्न हो चुका हो, तो उसे शून्य घोषित कराने की विधिक प्रक्रिया क्या होनी चाहिए। विशेषज्ञों ने पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर की जाने वाली त्वरित कार्रवाइयों और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा की जाने वाली विभिन्न वैधानिक प्रक्रियाओं के बारे में भी ओरिएंटेशन किया।

    प्रशिक्षण में अधिकारियों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और चुनौतियों को साझा किया, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अक्षय तृतीया के दौरान निगरानी तंत्र को अत्यंत संवेदनशील और सक्रिय रखा जाएगा जिससे किसी भी मासूम का भविष्य असुरक्षित न हो। इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण में विभाग के राज्य और जिला कार्यालयों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।

     

  • अक्षय तृतीया 2026: जानिए शुभ सपनों के संकेत और उनका धार्मिक महत्व

    अक्षय तृतीया 2026: जानिए शुभ सपनों के संकेत और उनका धार्मिक महत्व

    अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ पर्वों में से एक माना जाता है.  इस दिन को अक्षय कहा जाता है, जिसका अर्थ है जो कभी समाप्त न हो या जिसका कभी क्षय न हो.  यह दिन समृद्धि, सौभाग्य और शुभ फलों का प्रतीक माना जाता है.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान, पूजा और सेवा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है.  इसी कारण इसे अत्यंत पुण्यदायी दिन माना जाता है. इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी. इस अवसर पर लोग दान-पुण्य, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों में भाग लेते हैं ताकि जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि हो सके.

    मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया से पहले दिखने वाले सपनों को भी विशेष महत्व दिया जाता है.  ऐसा कहा जाता है कि इस समय देखे गए कुछ सपने भविष्य में आने वाले शुभ संकेतों की ओर इशारा कर सकते हैं. ये सपने व्यक्ति के जीवन में सुख, धन, सफलता और सकारात्मक बदलाव का संकेत माने जाते हैं. हालांकि, इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संकेत के रूप में देखा जाता है.

    अक्षय तृतीया से पहले दिखने वाले शुभ सपने

    1. सोना या आभूषण देखना
    यदि सपने में सोना, चांदी या किसी प्रकार के आभूषण दिखाई दें, तो इसे आर्थिक समृद्धि और धन लाभ का संकेत माना जाता है. यह सपना जीवन में स्थिरता और वित्तीय सुधार की ओर इशारा करता है.

    2. देवी लक्ष्मी का दर्शन
    सपने में कमल के फूल के साथ देवी लक्ष्मी का दिखाई देना अत्यंत शुभ माना जाता है.  यह घर में सुख-समृद्धि, बरकत और खुशहाली आने का प्रतीक होता है. यह सपना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य बढ़ने का संकेत भी देता है.

    3. साफ पानी या नदी देखना
    यदि सपने में स्वच्छ जल, बहती नदी या झरना दिखाई दे, तो इसे मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है. यह सपना दर्शाता है कि आने वाला समय शांत और संतुलित हो सकता है.

    4. मंदिर या पूजा देखना
    सपने में मंदिर, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान देखना आध्यात्मिक उन्नति और नए शुभ अवसरों का संकेत माना जाता है. यह दर्शाता है कि व्यक्ति का मन धर्म और सकारात्मकता की ओर अग्रसर हो रहा है.

    5. सूर्य या उजाला देखना
    सपने में उगता हुआ सूर्य या तेज प्रकाश दिखाई देना नए अवसरों, सफलता और जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.  यह आने वाले समय में प्रगति और उपलब्धियों का संकेत देता है.

    सपनों का महत्व क्या है?
    ज्योतिष शास्त्र में सपनों को केवल मानसिक कल्पना नहीं माना जाता, बल्कि कई बार इन्हें आने वाले समय की ऊर्जा और घटनाओं का संकेत भी माना जाता है. विशेष रूप से अक्षय तृतीया जैसे पावन पर्व से पहले देखे गए सपनों को अधिक महत्वपूर्ण समझा जाता है, क्योंकि इस समय सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक माना जाता है.

  • अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को खरीदारी का शुभ मुहूर्त, जानें सस्ती शुभ चीजें

    अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को खरीदारी का शुभ मुहूर्त, जानें सस्ती शुभ चीजें

    द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार के दिन मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन जो भी  काम किया जाता है, उसका फल कभी खत्म नहीं होता और बढ़ता ही रहता है. इसी वजह से लोग इस दिन सोना खरीदते हैं, लेकिन हर किसी के लिए सोना लेना आसान नहीं होता है. ऐसे में आप बिना ज्यादा खर्च किए भी इस दिन को खास बना सकते हैं. कुछ सस्ती और रोजमर्रा की चीजें खरीदना भी उतना ही शुभ माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन कौन सी सस्ती चीजें खरीदनी चाहिए.

    मिट्टी की चीजें खरीदें
    अक्षय तृतीया पर मिट्टी का घड़ा, दीया या गमला खरीदना अच्छा माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शांति बनी रहती है.

    तांबे के बर्तन लें
    तांबा भी शुभ धातु माना जाता है. इस दिन तांबे का लोटा या बर्तन खरीदना घर के लिए अच्छा होता है.

    हल्दी और चावल खरीदें
    हल्दी और चावल पूजा में काम आते हैं और इन्हें शुभता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन इन्हें खरीदना और घर लाना अच्छा होता है.

    साबुत धनिया लें
    अक्षय तृतीया पर साबुत धनिया खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है. इसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.

    लाल कपड़ा या रूई
    लाल कपड़ा और रूई भी पूजा में उपयोगी होती है. इन्हें खरीदना भी शुभ फल देने वाला माना जाता है.

    दान-पुण्य भी करें
    अगर आप कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं, तो इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी उतना ही अच्छा माना जाता है. इससे मन को सुकून मिलता है और घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है.

    सोने-चांदी की खरीदारी का शुभ मुहूर्त
    सुबह (चर, लाभ, अमृत): सुबह 10:49 से लेकर दोपहर 12:21
    दोपहर (शुभ): 01:58 पीएम से लेकर 03:35 पीएम
    शाम (शुभ, अमृत, चर): 06:50 पीएम से लेकर 10:58 पीएम
    रात (लाभ): 01:43 एम से लेकर 03:06 एम (20 अप्रैल)
    सुबह जल्दी (शुभ): 04:29 एम से लेकर 05:52 एम AM (20 अप्रैल)

  • अक्षय तृतीया 2026: जानें शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का सही समय और 5 खास दान

    अक्षय तृतीया 2026: जानें शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का सही समय और 5 खास दान

    अक्षय तृतीया का मतलब है वह तिथि जिसका कभी क्षय (नाश) न हो.  इस दिन आप जो भी अच्छा काम करते हैं या निवेश करते हैं, उसका फल आपको जीवनभर मिलता है. साल 2026 में 19 अप्रैल को यह पर्व मनाया जाएगा. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना परंपरा है, लेकिन इसे सही समय पर खरीदना ही फायदेमंद होता है. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर 20 अप्रैल को सुबह 05:40 से दोपहर 12:20 तक का समय सबसे उत्तम माना जा रहा है.

    इस दिन दान करना भी बेहद लाभकारी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया दान जन्म-जन्मान्तर के लिए आपके पुण्य के खाते में जुड़ जाता है. भीषण गर्मी के समय जल, मिट्टी के घड़े, सत्तू और पंखे का दान करने से न केवल पितृ तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं, बल्कि इससे कुंडली के ग्रह दोष भी शांत होते हैं. धार्मिक दृष्टि से यह दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और अपने धन की शुद्धि का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है. जानते हैं उन पांच चीजों के दान के बारे में जिन्हें अक्षय तृतीया के दिन करना उत्तम माना गया है.

    जौ का दान: सोने के बराबर फल
    हिंदू शास्त्रों में जौ (Barley) को कनक यानी सोना माना गया है. अक्षय तृतीया के दिन जौ खरीदना और उसे भगवान विष्णु को अर्पित करना दरिद्रता दूर करता है. पूजा के बाद इस जौ को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें, इससे साल भर धन की आवक बनी रहती है.

    मिट्टी के घड़े का खास महत्व
    वैशाख की गर्मी में शीतल जल का दान सबसे बड़ा पुण्य है. इस दिन मिट्टी का नया घड़ा (मटका) खरीदकर उसमें पानी भरकर दान करने से न केवल पितृ तृप्त होते हैं, बल्कि कुंडली में चंद्रमा और मंगल की स्थिति भी शुभ होती है. घर के लिए भी नया मटका लाना सुख-समृद्धि का प्रतीक है.

    दक्षिणावर्ती शंख और कौड़ियां
    माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन घर में दक्षिणावर्ती शंख या सफेद कौड़ियां जरूर लाएं. कौड़ियों की केसर और हल्दी से पूजा करने के बाद उन्हें धन रखने के स्थान पर रखने से व्यापार और नौकरी में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं.

    सत्तू और गुड़ का सेवन
    इस दिन सत्तू खाने और दान करने की भी पुरानी परंपरा है. इसे अक्षय भोजन माना जाता है. नईगुड़ के साथ सत्तू का दान करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है. इससे ग्रहों के दोष शांत होते हैं.

    अक्षय तृतीया पर क्या न करें?
        इस दिन घर में अंधेरा न रखें, शाम को घी का दीपक जरूर जलाएं.
        किसी को उधार न दें, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी घर से बाहर नहीं भेजनी चाहिए.
        घर के मुख्य द्वार पर गंदगी न रहने दें, क्योंकि माँ लक्ष्मी का आगमन वहीं से होता है.