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  • अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

    अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान सपा प्रमुख एक कथा के आयोजन में शामिल हुए लेकिन राम मंदिर में रामलला के दर्शन करने नहीं गए। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

    केशव मौर्य ने कहा कि अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करना अखिलेश की राम भक्ति पर सवाल खड़े करता है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “प्रदेश की जनता, प्रदेश के राम भक्त सब देख रहे हैं कि जो अयोध्या जाकर राम लला के मंदिर में नहीं जा रहे हैं, इसका मतलब उनकी राम भक्ति संदेह के घेरे में है। क्योंकि देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से लोग अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करते हैं।”

    ‘राम और कृष्ण एक ही हैं’ बयान पर भी घेरा

    अखिलेश यादव के राम और कृष्ण एक ही हैं, वाले बयान पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “तो अखिलेश यादव कृष्ण जन्मभूमि चले जाएं, श्री राम जन्मभूमि चले जाएं, काशी विश्वनाथ जी चले जाएं, लेकिन उनको वोट बैंक खिसकने का डर लगेगा।”

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी बोले

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को जवाब देश की जनता देगी।”

    अयोध्या दौरे पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
    अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। इस बीच अखिलेश यादव अयोध्या में पूर्व मंत्री पवन पांडेय के यहां आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए।

  • दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘AI और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय जाइए’

    दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘AI और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय जाइए’

    ‘एआई और टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय चले जाइए’, दानिश आजाद का अखिलेश पर तीखा हमला

    ‘सपा ने यूपी को तमाशे के अलावा कुछ नहीं दिया’, मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने अखिलेश यादव को घेरा

    ‘सपा सरकार में नौकरियों की नीलामी होती थी, रेट तय होते थे’, अखिलेश के आरोपों पर बीजेपी ने किया तीखा पलटवार

    'अपने शासन में यूपी को बीमारू राज्य बनाने वाले आज निवेश पर ज्ञान दे रहे हैं', दिनेश प्रताप सिंह का अखिलेश पर तीखा हमला

    अखिलेश जब नकल की बात आप करते हैं तो यूपी की जनता को हंसी आती है : दिनेश प्रताप सिंह

    ‘बिना खर्ची-पर्ची के योगी सरकार ने साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी’, दिनेश प्रताप सिंह ने सपा पर साधा निशाना

    लखनऊ
     सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर यूपी सरकार के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी और बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने तीखा पलटवार किया है। दानिश आजाद ने एआई और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से लेकर सपा के 2012-17 के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों तक पर सवाल खड़े किए और कहा कि सपा के दौर में सरकारी भर्तियों में नौकरी की नीलामी होती थी। वहीं, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने निवेश और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरते हुए कहा कि जिस यूपी में पहले निवेशक आने से डरते थे, आज वही प्रदेश बेहतर कनेक्टिविटी और कानून के राज के कारण निवेश का केंद्र बन रहा है।

    ‘एआई का दुरुपयोग देखना है तो सपा कार्यालय चले जाइए’
    दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा समाज को भ्रमित करने की नीयत से काम करती है। उन्होंने कहा कि आज यूपी और देश डिजिटल मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं। एआई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल विद्यार्थियों और युवाओं के करियर ग्रोथ के लिए होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर रील देखकर टाइम पास करने के लिए।

    मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा कार्यालय में तकनीक का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “एआई का दुरुपयोग अगर देखना है, टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग अगर देखना है, तो आप समाजवादी पार्टी के कार्यालय चले जाओ।” उन्होंने कहा कि तमाशा बनाने के अलावा सपा ने यूपी को कुछ नहीं दिया।

    ‘सपा शासनकाल में नौकरियों की नीलामी होती थी’
    दानिश आजाद ने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार में सरकारी भर्तियों के दौरान अलग-अलग नौकरियों के रेट तय होते थे और एजेंट लगाए जाते थे। उन्होंने कहा कि किसी नौकरी के लिए 10 लाख, किसी के लिए 20 लाख और किसी के लिए 30 लाख रुपये तक की बोलियां लगती थी।

    उन्होंने सपा सरकार में छात्रवृत्ति, शिक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सपा को पहले अपने कार्यकाल का इतिहास देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि जनता ने उसे सत्ता से बाहर क्यों किया।

    ‘वसूली के डर से निवेशक यूपी नहीं आते थे’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने शासनकाल में जिन्होंने यूपी को बीमारु राज्य बना दिया आज वो प्रदेश में निवेश पर ज्ञान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले निवेशक यहां निवेश करने से डरते थे, क्योंकि निवेश का पता चलते ही सपा नेता वसूली अभियान शुरू कर देते थे।

    उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में निवेशकों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया जा रहा है और अब यूपी में खर्ची-पर्ची की बात कोई सोच भी नहीं सकता। दिनेश ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है और बेहतर रोड, एयर व वॉटरवेज कनेक्टिविटी के कारण निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    ‘सपा सरकार में नौकरियों का हाल खराब था’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश के नकल और रोजगार के मुद्दे उठाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी और जाति के आधार पर नियुक्तियां होती थी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में करीब साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं।

    उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर युवाओं को नौकरी मिल रही है, इसलिए उन्हें दिक्कत हो रही है। सिंह ने कहा कि सपा की दुकान 2017 में ही बंद नहीं हुई, बल्कि 2047 तक बंद रहने वाली है।

  • राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली से अखिलेश की PDA रथयात्रा, सपा-कांग्रेस रिश्तों पर बढ़ी हलचल

    राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली से अखिलेश की PDA रथयात्रा, सपा-कांग्रेस रिश्तों पर बढ़ी हलचल

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 सितंबर 2026 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से अपनी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रथयात्रा की शुरुआत की है। अखिलेश यादव ने रायबरेली का चुनाव राहुल गांधी को सीधे चुनौती देने के लिए किया है। अखिलेश ने इस यात्रा की शुरुआत अमेठी से इसलिए नहीं की क्योंकि उससे वह राहुल गांधी को सीधा संदेश नहीं दे पाते। वर्तमान में राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा के सांसद हैं। कांग्रेस पार्टी की स्थिति अमेठी और रायबरेली में भी अच्छी नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट की 10 विधानसभा सीटों में से सात पर ज़मानत जब्त हो गई थी। राहुल गांधी 2024 में सिर्फ सपा के समर्थन के कारण ही रायबरेली से चुनाव लड़ने की हिम्मत कर सके थे।
     
    2022 के विधानसभा चुनाव आंकड़ों के अनुसार, अमेठी लोकसभा सीट के तहत आने वाली 5 विधानसभा सीटों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा था। तिलोई में भाजपा/अपना दल को 99,472 वोट (48.54%), सपा को 71,643 वोट (35%), कांग्रेस को 21,978 वोट (10.7%) और बसपा को 6,120 वोट (2.99%) मिले। सलोन में भाजपा/अपना दल को 87,715 वोट (43.79%), सपा को 85,604 वोट (42.7%), कांग्रेस को 11,439 वोट (5.71%) और बसपा को 9,335 वोट (4.66%) मिले। जगदीशपुर में भाजपा/अपना दल को 89,315 वोट (43.94%), सपा को 27,971 वोट (13.8%), कांग्रेस को 66,491 वोट (32.7%) और बसपा को 10,198 वोट (5.02%) प्राप्त हुए। गौरीगंज में भाजपा/अपना दल को 72,077 वोट (35.53%), सपा को 79,040 वोट (39%), कांग्रेस को 28,964 वोट (14.3%) और बसपा को 9,872 वोट (4.87%) मिले। अमेठी विधानसभा में भाजपा/अपना दल को 70,121 वोट (36.93%), सपा को 88,217 वोट (46.5%), कांग्रेस को 14,080 वोट (7.42%) और बसपा को 10,202 वोट (5.37%) हासिल हुए। इस प्रकार अमेठी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा/अपना दल को 4,18,700 वोट (41.82%), सपा को 3,52,475 वोट (35.2%), कांग्रेस को 1,42,956 वोट (14.3%) और बसपा को 45,727 वोट (4.57%) मिले।

    रायबरेली लोकसभा सीट के तहत आने वाली विधानसभा सीटों पर प्रदर्शन इस प्रकार रहा था। बछरावां में भाजपा/अपना दल को 62,935 वोट (30.04%), सपा को 65,747 वोट (31.4%), कांग्रेस को 56,835 वोट (27.1%) और बसपा को 13,730 वोट (6.55%) मिले। हरचंदपुर में भाजपा/अपना दल को 78,009 वोट (38.69%), सपा को 92,498 वोट (45.9%), कांग्रेस को 16,230 वोट (8.05%) और बसपा को 7,335 वोट (3.64%) मिले। रायबरेली विधानसभा सीट पर भाजपा/अपना दल को 1,02,429 वोट (44.51%), सपा को 95,254 वोट (41.4%), कांग्रेस को 14,954 वोट (6.5%) और बसपा को 9,331 वोट (4.06%) प्राप्त हुए। सरेनी में भाजपा/अपना दल को 62,359 वोट (28.78%), सपा को 66,166 वोट (30.5%), कांग्रेस को 42,702 वोट (19.7%) और बसपा को 38,155 वोट (17.6%) हासिल हुए। ऊंचाहार में भाजपा/अपना दल को 75,893 वोट (35.79%), सपा को 82,514 वोट (38.9%), कांग्रेस को 9,985 वोट (4.71%) और बसपा को 34,692 वोट (16.4%) मिले। रायबरेली लोकसभा सीट का कुल योग देखें तो भाजपा/अपना दल को 3,81,625 वोट (35.67%), सपा को 4,02,179 वोट (37.6%), कांग्रेस को 1,40,706 वोट (13.2%) और बसपा को 1,03,243 वोट (9.65%) मिले।

    अखिलेश यादव के इस कदम के जवाब में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बयान दिया है कि यदि अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं, तो कांग्रेस भी समाजवादी पार्टी के गढ़ जैसे कन्नौज, इटावा और सैफई का रुख कर सकती है। अजय राय के इस बयान के जवाब में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जसवंतनगर और इटावा में कांग्रेस को एक भी वोट नहीं मिलेगा। अजय राय और शिवपाल यादव की जुबानी जंग से पूर्व कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन के बीच भी बयानबाजी हो रही है।

    कन्नौज और इटावा जिलों की छह में से चार विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने 2022 में चुनाव लड़ा था, जहां उसका प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा। छिबरामऊ से कांग्रेस प्रत्याशी विजय कुमार को 1,194 वोट (0.42%) मिले और वह 7वें स्थान पर रहे। कन्नौज से विनीता देवी को 1,786 वोट (0.66%) मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं। इटावा से मोहम्मद राशिद को 1,476 वोट (0.6%) मिले तथा वह 5वें स्थान पर रहे। भरथना से स्नेह लता दोहरे को 1,854 वोट (0.75%) मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं।

    अखिलेश यादव का यह कदम कांग्रेस पार्टी के साथ सीटों के तालमेल से पूर्व ही अपनी ताकत का अहसास करवाने का प्रयास है। कांग्रेस और सपा गठबंधन के बीच भविष्य के सीट-बंटवारे की चर्चाओं के बीच राहुल गांधी के गढ़ से इस यात्रा को शुरू करने को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा राज्य में खुद को मजबूत स्थिति में दिखाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी की स्थिति उत्तर प्रदेश में काफी कमजोर है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी केवल दो सीट जीत सकी थी। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी चार सीटों पर दूसरे पायदान पर रही। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 399 सीटों पर चुनाव लड़कर 387 सीटों पर ज़मानत जब्त करवाई थी।

    कांग्रेस पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ी थी और छह सीटें जीतने में सफल हुई थी, जिसमें अमेठी और रायबरेली की लोकसभा सीटें भी शामिल हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गई थी। 2019 में चुनाव हारने के डर से राहुल गांधी ने पहले ही केरल के वायनाड से नामांकन दाखिल कर दिया था। सपा को डर है कि अगर कांग्रेस पार्टी मजबूत हो गई तो उसका मुस्लिम जनाधार खिसक जाएगा और पार्टी कमजोर हो जाएगी, इसलिए सपा कांग्रेस को उसकी औकात में रखना चाहती है। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी का प्रयास है कि वह सपा को कमजोर करे जिससे कि कांग्रेस पार्टी मजबूत हो सके। दोनों पार्टियों में मुस्लिम वोट बैंक के लिए आपस में प्रतिद्वंदिता है, जिसके तहत सहयोग के साथ ही अंदर ही अंदर आपसी प्रतिस्पर्धा भी देखी जाती है।

    कांग्रेस पार्टी का एक प्रयास यह भी है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तरह ही उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को कमजोर किया जाए। ममता बनर्जी को कमजोर करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने उनके साथ कोई गठबंधन नहीं किया था और कम से कम छह सीटों पर ममता बनर्जी को हराने का काम किया था। कांग्रेस पार्टी का प्रयास है कि 2029 के लोकसभा चुनाव के पूर्व सभी क्षेत्रीय क्षत्रपों को हराकर नेस्तनाबूत किया जाए, जिससे कि भाजपा और मोदी के खिलाफ राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का सीधा मुकाबला हो सके।

  • सपा प्रवक्ताओं को अखिलेश की दो टूक! ‘आपकी बात तेजी से वायरल होती है, डिबेट से पहले पूरी तैयारी करें’

    सपा प्रवक्ताओं को अखिलेश की दो टूक! ‘आपकी बात तेजी से वायरल होती है, डिबेट से पहले पूरी तैयारी करें’

    लखनऊ 

    समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं। 

    जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है। 

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है। 

    10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती-बिगड़ती: अखिलेश यादव
    अखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है। 

    आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे। 

    बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं. ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है। 

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है. रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की रथ यात्रा, कांग्रेस और सपा में ठनी! अखिलेश की 'रथयात्रा' पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने दी ये चुनौतीअखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है। 

    आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों. इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है। 

    इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं। 

    यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों। 

    इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की। 

    उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा और हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा। 

  • 2027 में सपा नील बटा सन्नाटा होगी… अखिलेश यादव पर बीजेपी प्रवक्ता का सख्त हमला

    2027 में सपा नील बटा सन्नाटा होगी… अखिलेश यादव पर बीजेपी प्रवक्ता का सख्त हमला

    लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला।

    संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा
    संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा।

    रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई
    रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे।

    ‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा।

    किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला
    किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी।

    उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।

    संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं
    संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है।

    AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।

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    पश्चिमी यूपी में अखिलेश की दो रैलियां रद्द, RLD बोली- 'समझ में आ गया होगा कि चौधरी कौन है?'

    लखनऊ
     समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा के साथ चल रही जुबानी जंग के बीच अब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित बुलंदशहर दौरे के रद्द होने पर निशाना साधा है। रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिम यूपी में 36 बिरादरी के विरोध के चलते सपा को पहले सहारनपुर और अब बुलंदशहर की रैली रद्द करनी पड़ी। दरअसल अखिलेश यादव का 11 सितंबर को बुलंदशहर दौरा प्रस्तावित था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इससे पहले उनका सहारनपुर दौरा भी रद्द हुआ था। इन दोनों घटनाओं को लेकर रालोद ने सपा पर हमला तेज कर दिया है।

    रोहित अग्रवाल ने वीडियो जारी कर कहा कि अब अखिलेश यादव को समझ में आ गया होगा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘चौधरी’ कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने उस चौधरी परिवार का अपमान करने का प्रयास किया, जिसने उनके (अखिलेश के) परिवार को राजनीति की ‘ABCD’ सिखाने का काम किया।

    रालोद प्रवक्ता ने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एसी कमरों में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन चुनाव के समय जनता के बीच जाना पड़ता है। अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिमी यूपी का किसान लट्ठ लेकर अपने मान-सम्मान का हिसाब मांगने के लिए तैयार है।

    2027 के चुनाव में जनता देगी जवाब
    रोहित अग्रवाल ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सपा को वोट मांगने के लिए जमीन पर उतरना पड़ेगा। ऑडिटोरियम में बैठकर चुनाव नहीं जीता जा सकता। रालोद प्रवक्ता ने दावा किया कि जाट समाज और चौधरी परिवार के अपमान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता अखिलेश यादव को चुनाव में जवाब देगी। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक-एक सीट के लिए तरस जाएगी और उसका खाता तक नहीं खुलेगा।

    अखिलेश यादव के किस बयान पर मचा है बवाल?
    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते 17 अगस्त को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रमुख जयंत चौधरी पर तंज कसा था। इसमें उन्होंने कहा था कि गठबंधन में न जाने कहां-कहां से लोग आ गए थे, जिन्हें उन्होंने "चवन्नी से रुपया बना दिया था", लेकिन वे फिर भी साथ छोड़कर चले गए।

    सपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान से भी बढ़ी तल्खी
    अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भी मुजफ्फरनगर में बयान दिया कि सपा ने चवन्नी को रुपया बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, उन्हें समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक मंच दिया और आगे बढ़ाने का काम किया।

    इस बयानबाजी पर राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रही है।

  • सपा सरकार में बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगेगी, अखिलेश यादव का बड़ा वादा

    सपा सरकार में बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगेगी, अखिलेश यादव का बड़ा वादा

      लखनऊ
      समाजवादी पार्टी, प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आज बिहार के समाजवादी नेता श्रद्धेय बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत दिवस पर कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सैनी समाज का सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
        इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई बहुत पुरानी है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है। नकारात्मक राजनीति करती है। विपक्ष पर झूठे आरोप लगाती है। बदनाम करती है। भाजपा बाबा साहब का संविधान और कानून नहीं मानती है। बाबा साहब का संविधान बचाने और सामाजिक न्याय के लिए पीडीए सरकार बनाना जरूरी है। भाजपा के खिलाफ पीडीए ही विकल्प है। पीडीए की लड़ाई बड़ी है। पीडीए की एकजुटता से भाजपा घबराई है। तरह-तरह का षड्यंत्र कर रही है। भाजपा गरीबों, कमजोरों पर अन्याय कर रही है। उसका एजेण्डा नफरत फैलाना है। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी कभी दूसरे से नफरत नहीं करता है और दूसरे के साथ अन्याय नहीं करता है।
        अखिलेश यादव ने कहा कि आज कार्यक्रम में सामाजिक न्याय की लड़ाई को लड़ने वाले बड़ी संख्या में लोग मौजूद है। सभी ने पीडीए समाज को और जोड़ने तथा पीडीए आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सबने मिलकर पीडीए सरकार बनाने और सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का संकल्प लिया है जिससे सबको हक और सम्मान मिले। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित की जाएगी और सपा सरकार में लखनऊ के सबसे महत्वपूर्ण स्थान गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगाकर स्मारक बनाया जाएगा। यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबू जगदेव कुशवाहा ने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित तबके को न्याय दिलाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में लगा दिया।
        अखिलेष यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, सारनाथ, सोनभद्र और अन्य में विश्वस्तीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर दुनिया से जोड़ने और सुविधाएं देने का काम होगा।
        अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि कुशवाहा, शाक्य, मौर्या, सैनी समाज के लोग आबादी में ज्यादा हैं लेकिन संख्या कम बताई जाती है। इनकी गिनती होनी चाहिए। आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा, जो लोग सुरंग में रहकर आरक्षण के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उनकी सुरंगवादी सोच को नहीं चलने दिया जाएगा।
        समारोह की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, नीरज मौर्य एवं देवेश शाक्य, विधायक ऊषा मौर्य, राम अवतार सैनी, पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा, कार्यक्रम संयोजक जयपाल सैनी, कार्यक्रम संचालक अवनीश कुशवाहा पूर्व विधायक, जगदीश कुशवाहा पूर्व सांसद, आलोक शाक्य, प्रवक्ता राज कुमार भाटी, डॉ. नवल किशोर शाक्य आदि ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष छात्र सभा विनीत कुशवाहा, आरएस कुशवाहा, दीनानाथ कुशवाहा, अमरनाथ मौर्य, वैभव सैनी प्रदेश उपाध्यक्ष छात्र सभा शामिल रहे।
           

  • अखिलेश यादव को लेकर SP MLC का अजीब बयान, ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान

    अखिलेश यादव को लेकर SP MLC का अजीब बयान, ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं की तरफ से अजीबोगरीब बयान दिए जा रहे हैं. इसी बीच शिक्षकों की बैठक में सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने विवादित बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि “अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो उसी को वोट देना है”.  उनके इस बयान पर सियासत गरमा गई और लोग सवाल भी उठा रहे हैं. हालांकि इस बयान पर पार्टी बचाव में उतर आई है। 

    सपा बोली, ये उनका निजी बयान
    समाजवादी पार्टी (SP) एमएलसी लाल बिहारी यादव के बयान पर पार्टी बचाव में उतर आई है. सपा नेता दीपक रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास रिकॉर्ड है. किसने क्या कहा? क्या नहीं उस पर नहीं जाना है और यह उनके व्यक्तिगत बयान हो सकते हैं। 

    वहीं इस बयान पर बीजेपी ने सपा को घेरा है और सवाल उठाया है. बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने कहा कि शीघ्र ही सपा ऑफिस के बाहर तमाम कुत्ते पट्टा बांधकर खड़े होंगे. इससे बड़ा अपमान लोकतंत्र का कोई नहीं कर सकता है. अब चुनाव में जनता जवाब देगी। 

    सपा MLC ने क्या कहा?
    दरअसल, नेहरू हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि "अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में घंटी बांध दें तो हम सभी को वोट उसी को देना है।" उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

    एमएलसी चुनाव को लेकर हुई बैठक
    दरअसल, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से शिक्षकों के साथ बैठक और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी नेताओं ने शिक्षकों से संवाद करते हुए आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाने की रणनीति पर चर्चा की। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का उक्त बयान सुनाई दे रहा है।

    2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षकों पर नजर
    भाजपा, सपा और बसपा समेत कई दल यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं। सपा के इस कार्यक्रम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी लगातार विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और संपर्क अभियान के जरिए अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं, लाल बिहारी यादव के बयान का वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, बयान को लेकर एमएलसी या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

    कांग्रेस भी बचाव में उतरी
    कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत भी सपा एमएलसी के बचाव में उतर आए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को बयान पर क्या दिक्कत? बीजेपी के नेता आपस में ही भिड़ रहे हैं. लेकिन इन्हें दिक्कत दूसरी पार्टी के नेताओं से है। 

    सपा ने तेज की विधानसभा चुनाव की तैयारियां
    उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ऐलान के बाद आज से पार्टी बूथ स्तर पर प्रचार अभियान शुरू करेगी. कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर जनता से संवाद करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे. पार्टी का फोकस बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी रणनीति पर रहेगा। 

  • हम अहीरों के हरवाह नहीं, ठेकेदार बनना बंद कीजिए- अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला

    हम अहीरों के हरवाह नहीं, ठेकेदार बनना बंद कीजिए- अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला

    लखनऊ

     सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पिछड़ों का नेता बनना है तो उन्हें ‘पीट देगा अहीर’ की भावना से बाहर निकलना पड़ेगा।

    ‘CM पिता की बदौलत ऑस्ट्रेलिया घूमने की बधाई’- ओपी राजभर
    ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “अखिलेश यादव जी! आपका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें आप बता रहे हैं कि आपको खुद याद नहीं कि आप कितनी बार फेल हुए हैं।"

    राजभर ने कहा कि एक इंटरव्यू में आपने ही बताया था कि आप सिर्फ एक विषय में पास हुए, बाकी में फेल हो गए थे। उन्होंने कहा कि आपके पिता CM थे, इसके चलते आप ऑस्ट्रेलिया घूम आए, उसके लिए आपको बधाई, लेकिन आपके इतिहास में एक सच्चाई भी छुपी है। सच्चाई ये है कि आप सिर्फ एक बार पास होंगे, बाकी हर बार फेल हुए।”

    ‘फेल होने पर भी बन गए CM’- राजभर

    ओपी राजभर ने कहा, “आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, इसलिए फेल होने पर भी आपको CM बना दिया गया। अगर आप सामान्य घर के अहीर होते तो गली-मोहल्ले में लठैत बनकर घूम रहे होते और किसी राजभर, मल्लाह, निषाद, बिंद, केवट, प्रजापति, मौर्य, कुर्मी, बंजारा, पाल, नाई, धोबी की पीठ पर लाठी मार रहे होते। उनकी जमीन कब्जा कर रहे होते।”

    राजभर ने गैर-यादव पिछड़ी जातियों के आरक्षण और उनके साथ कथित भेदभाव को लेकर भी सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज भी आपकी जाति के लोग हम लोगों को मार रहे हैं, धमका रहे हैं और जमीन कब्जा कर रहे हैं। सपा को तो चौधरी चरण सिंह जी की मेहरबानी से CM की कुर्सी मिल गई। ये कुर्सी लोगों की सेवा करने के लिए दिलाई गई थी, लेकिन आपने ‘अहीर’ और ‘अशफाक’ के चक्कर में सिर्फ गरीबों का आरक्षण खाने का काम किया।

    ‘गैर-यादव पिछड़ा समाज सैफई परिवार की गुलामी नहीं करेगा’

    ओपी राजभर ने कहा कि यूपी में सपा की चार बार सरकार बनी और इसमें सिर्फ और सिर्फ गैर-यादव पिछड़ों के आरक्षण पर डकैती डालने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि यकीन न हो तो अपने चाचा शिवपाल जी से पूछ लीजिएगा, वह खुद सच्चाई बता देंगे।

    ‘हम आपके हरवाह नहीं हैं’- राजभर

    राजभर ने कहा कि अखिलेश जी, आप और आपके स्वजातियों के आगे अब अगड़े भी पिछड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उन पिछड़ी जातियों के बारे में सोचना पड़ेगा, जिन पर तीन दशक से उनके स्वजातियों ने अत्याचार किया है और उनके हक पर डकैती डाली है।
    राजभर ने कहा, “अखिलेश जी, हम लोग अहीरों के हरवाह नहीं हैं। इसलिए हमारे ठेकेदार बनना बंद करिए। गैर-यादव पिछड़ा समाज सैफई परिवार की गुलामी नहीं करेगा।”

  • सियासत में नई खींचतान! अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल की बयानबाज़ी से INDIA गठबंधन में हलचल

    सियासत में नई खींचतान! अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल की बयानबाज़ी से INDIA गठबंधन में हलचल

    नई दिल्ली

    नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन और मांगों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता चाहे सड़क पर एक साथ दिख रहे हों लेकिन सदन के भीतर एक राय नहीं दिख रही है. आज दोपहर बारह बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तब हंगामा हो रहा था. अखिलेश यादव समेत सपा के सांसद भी अपनी आवाज उठा रहे थे और अपनी बात रखना चाहते थे. अखिलेश यादव अपनी बात कहना चाह रहे थे लेकिन स्पीकर ने कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल को बोलने के लिए कहा. उनके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोलने लगे. इससे पहले अखिलेश ने सदन में BJP और कांग्रेस के बीच किसी डील का दावा किया था। 

    सपा और कांग्रेस में मतभेद
    बता दें कि लोकसभा में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर बोलने का मौका सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस को दिए जाने पर भी अखिलेश नाराज हो गए थे. स्पीकर ओम बिरला के सामने आपत्ति जताते हुए अखिलेश ने कहा कि आपने बीजेपी-कांग्रेस को बोलने का मौका दिया, क्या आपने इनसे समझौता कर लिया. अध्यक्ष जी, यह पक्ष बिल्कुल ठीक नहीं है. ये युवा-छात्र हम सभी के हैं. हम सभी उनके लिए लड़ रहे हैं. ये मामला बीजेपी, कांग्रेस या सपा का नहीं बल्कि छात्रों का है. अब केसी वेणुगोपाल के साथ उनकी तीखी बहस का मामला सामने आया है। 

    अखिलेश और वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस
    सूत्रों के मुताबिक, इस दावे को लेकर केसी वेणुगोपाल ने अखिलेश से सवाल-जवाब किए. वहीं सपा मुखिया ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि इस्तीफे बाद में भी दिए जा सकते हैं. सबसे पहले, हमें छात्रों पर की गई बर्बरता के लिए जवाब चाहिए. इसी मुद्दे पर दोनों के बीच बहस हो गई। 

    सदन में भी अखिलेश को आया गुस्सा
    नीट मामले पर अखिलेश ने सदन में कहा था कि यह मामला कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या भाजपा का नहीं है, बल्कि यह नौजवानों और छात्रों का है. अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो हम सड़कों पर आएंगे. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया. सरकार ने छात्रों के साथ जैसा बर्ताव किया, उनके हाथ-सिर तोड़े गए, उनके कपड़े फाड़े गए

    'पीएम आवास के बाहर भीड़ लेकर तो हम पहुंचे थे' 
    सूत्रों के अनुसार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी वेणुगो
    पाल और अखिलेश यादव के बीच बातचीत होती रही. वेणुगोपाल ने अखिलेश से पूछा कि इस्तीफे की मांग पर जोर क्यों नहीं दिया? उन्होंने आगे कहा कि यह तो छात्रों की मांग है जो हम यहां उठा रहे हैं. अखिलेश ने यह भी शिकायत की कि कांग्रेस के शीर्ष नेता अन्य विपक्षी दलों को बिना बताए और बिना उन्हें भरोसे में लिए कल पीएम आवास के बाहर धरने पर क्यों चले गए? जबकि पीएम आवास के बाहर भीड़ लेकर वही पहुंचे थे. इसके बाद अखिलेश यादव ने स्पीकर से मुलाकात भी की। 

    कांग्रेस को मौका मिलने पर अखिलेश नाराज
    इससे पहले, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में नीट का विषय उठाया और व्यापक चर्चा की मांग की. इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सभी पक्षों की राय आ चुकी है. आप (समाजवादी पार्टी) भी चर्चा चाहते हैं, वे (कांग्रेस) भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है. लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।