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  • अमृतसर एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन से सुरक्षा चिंता, 3 उड़ानें डायवर्ट; सितंबर में भी 7 फ्लाइट हुई थीं प्रभावित

    अमृतसर एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन से सुरक्षा चिंता, 3 उड़ानें डायवर्ट; सितंबर में भी 7 फ्लाइट हुई थीं प्रभावित

    अमृतसर
    अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद रविवार रात सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के आसमान में दो से तीन ड्रोन उड़ते देखे जाने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर रनवे का संचालन रोक दिया गया। इसके चलते अमृतसर आने वाली तीन उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। अचानक उड़ानों का मार्ग बदलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने परिसर और आसपास के आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और एहतियातन हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया।

    तीन उड़ानों को किया गया डायवर्ट 
    ड्रोन गतिविधि के कारण दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया। मुंबई से अमृतसर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5028 को चंडीगढ़ और कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच-118 को दिल्ली डायवर्ट किया गया।

    उड़ानों का मार्ग बदले जाने से कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। अचानक टिकट रद्द होने और उड़ानों के प्रभावित होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ यात्रियों ने अधिकारियों से जानकारी मांगी, लेकिन शुरुआत में उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। हालांकि, रात करीब 10:30 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने लगी।

    सितंबर में भी सामने आई थी ड्रोन गतिविधि
    अमृतसर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन गतिविधि का मामला पहले भी सामने आ चुका है। छह सितंबर की रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे गए थे। उस समय सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट का संचालन करीब 90 मिनट तक रोकना पड़ा था। इसके चलते अमृतसर आने वाली सात व्यावसायिक उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था। 

    रात 9:30 बजे दिखे संदिग्ध ड्रोन
    जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने परिसर और उसके आसपास आसमान में दो से तीन ड्रोन को उड़ते देखा। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

    सितंबर में भी प्रभावित हुई थीं 7 उड़ानें
    इससे पहले सितंबर में भी एयरपोर्ट के पास ड्रोन गतिविधि सामने आई थी। उस समय भी 7 उड़ानें प्रभावित हुई थीं। 6 सितंबर को रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच, एयरपोर्ट के रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में कुछ संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे थे।

    इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट प्रशासन ने करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक हवाई अड्डे का संचालन पूरी तरह से रोक दिया था। इस दौरान अमृतसर आने वाली 7 कमर्शियल उड़ानों (जिसमें मलेशिया एयरलाइंस, एयर इंडिया, और इंडिगो की उड़ानें शामिल थीं) का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था।

    बााद में पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया कि ये कोई सुरक्षा चूक या जासूसी ड्रोन नहीं थे, बल्कि एयरपोर्ट के पास के एक गांव में चल रहे स्पोर्ट्स टूर्नामेंट (खेल प्रतियोगिता) के दौरान उड़ाए जा रहे ड्रोन थे।

    पंजाब-चंडीगढ़ में ये विमान दुर्घटनाएं हुईं
        एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा: दो महीने पहले एअर इंडिया की एक फ्लाइट रात में रास्ता भटककर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में जा घुसी। इसे पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने चेतावनी देकर वापस भेजा। विमान ने दिल्ली से उड़ान भरी थी और इसे अमृतसर लैंड होना था। 

     एयर स्पेस से जब फ्लाइट लौटी तब तक अमृतसर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, ऐसे में इसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया है कि तकनीकी खराबी के कारण यह फ्लाइट रास्ता भटक गई थी।

        चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में धमाका और धुआं: 6 मई 2026 को हैदराबाद से चंडीगड़ एयरपोर्ट पर उतरी इंडिगो की फ्लाइट (6E 108) के रनवे पर लैंड करते ही केबिन के पिछले हिस्से में अचानक धुआं भर गया। जांच में पता चला कि एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट हुआ था। विमान में मची अफरातफरी और इमरजेंसी स्लाइडर से यात्रियों को बाहर निकालने के दौरान 5 से 6 यात्री घायल हो गए, जिनमें से एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया।

        बठिंडा में सैन्य विमान दुर्घटना: बठिंडा जिले के अकलियां कलां गांव में 7 मई 2025 रात करीब 1:30 बजे एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर गेहूं के खेतों में गिर गया। विमान गिरने के बाद उसमें जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने और आग बुझाने की कोशिश के दौरान 2 नागरिकों की मौत हो गई और 9 अन्य लोग घायल हो गए। पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में कामयाब रहा था।

        अपाचे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: 13 जून 2025 को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण पठानकोट जिले के एक गांव के खुले खेतों में एहतियातन उतारना पड़ा। इस घटना में हेलीकॉप्टर और चालक दल दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई नुकसान नहीं हुआ।

  • भोपाल मीडिया दल ने जाना जम्मू विमानतल के विस्तार का हाल

    भोपाल मीडिया दल ने जाना जम्मू विमानतल के विस्तार का हाल

    भोपाल से आए मीडिया दल ने जम्मू विमानतल के आधुनिकीकरण और विस्तार की जानकारी ली
    भोपाल 

    जम्मू से बड़ी खबर सामने आई है।पीआईबी के नेतृत्व में भोपाल से आए मीडिया दल ने जम्मू विमानतल का दौरा किया और यहां चल रहे आधुनिकीकरण एवं विस्तार कार्यों की जानकारी ली।

    इस दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जम्मू के निदेशक श्री देवेंद्र यादव ने मीडिया दल को विमानतल के विस्तार और नई टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण की जानकारी दी।

    उन्होंने बताया कि जम्मू विमानतल की नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण विजन 2047 के अनुरूप किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य की बढ़ती यात्री सुविधाओं और हवाई यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    मीडिया दल ने विमानतल पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

  • बिना इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए 3 विदेशी यात्रियों ने पकड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट, दिल्ली एयरपोर्ट की चूक पर Air India को शो-कॉज

    बिना इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए 3 विदेशी यात्रियों ने पकड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट, दिल्ली एयरपोर्ट की चूक पर Air India को शो-कॉज

     नई दिल्ली
    दिल्ली एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल पैसेंजर्स की आवाजाही से जुड़ी एक गंभीर चूक सामने आई है, जिसने सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला तीन विदेशी यात्रियों से जुड़ा है, जो दिल्ली पहुंचने के बाद तय प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अपनी अगली इंटरनेशनल फ्लाइट तक पहुंच गए. अब इस मामले में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने एअर इंडिया से जवाब तलब किया है. एयरलाइन को बताना होगा कि आखिर यह चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। 

    यह मामला 4 सितंबर का है. तीन इटैलियन पैसेंजर एअर इंडिया की फ्लाइट से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे. इसके बाद उन्हें लुफ्थांसा की दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली फ्लाइट पकड़नी थी. नियम के मुताबिक दिल्ली पहुंचने के बाद इन यात्रियों को अराइवल इमिग्रेशन एरिया में जाकर निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी थी. लेकिन सूत्रों के मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. यात्रियों को इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया की ओर ले जाया गया और वहीं से वे लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार हो गए। 

    एअर इंडिया को शो कॉज नोटिस

    मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया के सीईओ तेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को शो कॉज नोटिस जारी किया है. एयरलाइन से 9 बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा गया है. मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया को जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया है. एयरलाइन को 19 सितंबर तक यह बताना होगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. सिविल एविएशन​ मिनिस्ट्री ने अपने नोटिस में यात्रियों को संभालने और उन्हें एस्कॉर्ट करने वाले एअर इंडिया और SATS के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। 

    सबसे अहम सवाल यह है कि तीनों यात्रियों को इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर रूट से क्यों ले जाया गया, जबकि उन्हें दिल्ली के अराइवल इमिग्रेशन एरिया से होकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी थी. यानी जांच का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि यात्रियों को किस प्रक्रिया के तहत और किसकी निगरानी में ट्रांसफर एरिया तक पहुंचाया गया. मिनिस्ट्री ने लुफ्थांसा की दिल्ली-म्यूनिख फ्लाइट का ऑनवर्ड बोर्डिंग पास अमृतसर में जारी किए जाने पर भी सवाल उठाया है. नोटिस के मुताबिक हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत स्पोक एयरपोर्ट पर इस तरह का बोर्डिंग पास जारी करने की अनुमति नहीं होती. मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया के नोडल अधिकारी और पूरे सुपरवाइजरी मैकेनिज्म से भी जवाब मांगा है. एअर इंडिया ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। 

    क्या है हब-एंड-स्पोक सिस्टम?
    एअर इंडिया कुछ रूट्स पर हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत काम करती है. अमृतसर से जुड़ी कुछ उड़ानें भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं. आसान भाषा में समझें तो इस व्यवस्था में विदेश जाने वाले यात्री स्पोक एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके बाद हब एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें मुख्य रूप से सिक्योरिटी चेक के बाद अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़नी होती है. लेकिन इस मामले में अमृतसर-दिल्ली और दिल्ली-म्यूनिख की उड़ानें इस व्यवस्था के तहत नहीं थीं. इसलिए यात्रियों को दिल्ली में अराइवल इमिग्रेशन की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना जरूरी था। 

    गृह मंत्रालय ने भी बुलाई बैठक
    मामले को लेकर गृह मंत्रालय ने भी मंगलवार को अधिकारियों और संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई है. गृह मंत्रालय ने इसे सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर चूक बताया है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पी बालाजी (एअर इंडिया में ग्रुप हेड- गवर्नेंस, रेगुलेटरी, कंप्लायंस और कॉर्पोरेट अफेयर्स) समेत इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कमिश्नर और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. गृह मंत्रालय ने संबंधित मिनिस्ट्री से हब-एंड-स्पोक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर एक प्रेजेंटेशन भी मांगी है। 

  • 17 घंटे लेट हुई दुबई की उड़ान, अमृतसर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा

    अमृतसर 

    श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह स्पाइसजेट की फ्लाइट में करीब 17 घंटे की देरी से यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। दुबई जाने वाले यात्रियों ने एयरलाइन के काउंटर पर हंगामा किया और कर्मचारियों से फ्लाइट की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

    यात्रियों के अनुसार, फ्लाइट को पहले रात 8:40 बजे रवाना होना था, लेकिन बाद में इसका समय बढ़ाकर सुबह 11 बजे कर दिया गया। इसके बाद यात्रियों को फ्लाइट में करीब 17 घंटे की देरी की जानकारी दी गई। लंबे समय तक एयरपोर्ट पर इंतजार करने के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई।यात्रियों का कहना था कि उन्हें देरी के संबंध में समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। 

    कई यात्री बच्चों के साथ एयरपोर्ट पर पहुंचे थे और घंटों इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन की ओर से न तो उचित जानकारी दी गई और न ही उनकी समस्याएं सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा।

    रिफंड और वैकल्पिक टिकट की मांग
    यात्रियों ने एयरलाइन से टिकट का रिफंड देने या वैक
    ल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना था कि इतनी लंबी देरी के कारण उनकी आगे की यात्रा की योजना प्रभावित हो गई है। यात्रियों ने एयरलाइन से देरी का स्पष्ट कारण बताने और जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की।

    यात्रियों ने डीजीसीए के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक फ्लाइट में देरी होने की स्थिति में यात्रियों को नियमों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं और निर्धारित स्थिति में वैकल्पिक यात्रा या रिफंड की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एयरलाइन को यात्रियों को स्पष्ट जानकारी देने के साथ उनकी परेशानी का समाधान करना चाहिए। 

  • मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 5 नए एयरपोर्ट बनेंगे; 10 हवाई पट्टियों पर काम शुरू

    मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 5 नए एयरपोर्ट बनेंगे; 10 हवाई पट्टियों पर काम शुरू

    भोपाल
     मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विमानन विभाग की समीक्षा की है. इस बैठक में प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है. वहीं, उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे नए एयरपोर्ट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को भी खास प्राथमिकता दी गई है। 

    पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी
    इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू ने मध्यप्रदेश की प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही है. इसके तहत पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे. इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है. इसके अलावा सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की एयरस्ट्रिप्स को भी भविष्य में एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में पांच एयरपोर्ट बनेंगे
    मध्यप्रदेश में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इनमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने में पूरी मदद करेगी।

    सिंहस्थ से पहले शुरू होगा उज्जैन एयरपोर्ट
    केंद्रीय मंत्री ने उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर तक हासिल करने को कहा गया है. वहीं, सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट अहम भूमिका निभाएगा. शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए नई साइट की तलाश भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। 

    उज्जैन-शिवपुरी में चल रहा नए एयरपोर्ट का निर्माण
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश में व
    र्तमान में आठ एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है। राज्य सरकार प्रदेश की 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल को शामिल करते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना को अगले 10 साल के लिए बढ़ाकर वर्ष 2036 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश में अगले 10 साल में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी स्थलों पर इसी योजना के तहत एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे और इसकी शुरुआत सिंगरौली से होगी।

    उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 10 अक्टूबर तक पर्यावरणीय मंजूरी
    बैठक में उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे एयरपोर्ट की प्रगति की भी समीक्षा हुई। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर 2026 तक हासिल करने को कहा। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

    शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

    6 महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने की हवाई यात्रा

    विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने बैठक में बताया कि पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में लगातार बढ़ रही हवाई सेवाओं के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

    प्रदेश में पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा, पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा और पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही हैं। पिछले महीने इंदौर से अबुधाबी के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू हुई है। इसके अलावा 10 अगस्त से चार नई सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

    एयर एम्बुलेंस से 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को लाभ

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में शुरू की गई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के जरिए अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया गया है। सरकार के अनुसार इनमें 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

    केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयर एम्बुलेंस सेवा की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने इसके संचालन के जरिए देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य (प्लानिंग) अनिल कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एच. पुल्ला, आयुक्त विमानन चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को एयर एम्बुलेंस का लाभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा को गंभीर मरीजों के लिए देश का सफलतम प्रयोग बताया. उन्होंने कहा, '' अब तक 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को इसका लाभ मिला है और 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई. आयुष्मान कार्डधारियों के लिए यह सेवा नि:शुल्क है। 

    छह महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने भरी उड़ान
    विमानन विभाग के अनुसार पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है. वहीं, इंदौर से अबुधाबी की सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद अब चार नई सीधी हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने बताया, '' उड़ान योजना को वर्ष 2036 तक बढ़ाया गया है और अगले 10 साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है। 

  • आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट, यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

    आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट, यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

    जालंधर  
     आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने आदमपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से बात करके इस विषय पर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के रनवे मेंटेनेंस के कारण 8 महीने तक संचालन बंद रहने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां से उड़ानों का संचालन जारी है।

    पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन हिंडन, नांदेड़, बेंगलुरु और मुंबई के लिए फ्लाइट्स का नियमित संचालन जारी है। यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है।

    सुशील रिंकू ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है कि गत दिन शाम 5:48 बजे तक लगभग 505 यात्रियों ने आदमपुर एयरपोर्ट से यात्रा की, जो इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट पर गतिविधियां पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित होता है, तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी दे दी जाएगी ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।

    सुशील रिंकू ने कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आदमपुर एयरपोर्ट के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।