Tag: Agniveer

  • अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत! सेवा पूरी होने के बाद मिलेंगी ये सुविधाएं, जानें बीमा से लेकर 50% आरक्षण तक के नियम

    अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत! सेवा पूरी होने के बाद मिलेंगी ये सुविधाएं, जानें बीमा से लेकर 50% आरक्षण तक के नियम

    नई दिल्ली
    सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के मन में अग्निवीर योजना को लेकर तरह-तरह के सवाल रहते हैं. चार साल की सेवा पूरी होने के बाद आगे क्या होगा, क्या दोबारा सेना में नौकरी का मौका मिलेगा और अगर नियमित सेवा में चयन नहीं हुआ तो रोजगार के कौन से विकल्प होंगे? ये ऐसे सवाल हैं जिनकी चिंता अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवारों को भी रहती है। 

    सरकार ने सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सेवा निधि, दूसरी सरकारी भर्तियों में आरक्षण और रोजगार के अवसरों से जुड़े प्रावधान किए हैं. लेकिन इन सुविधाओं का लाभ किसे मिलेगा, कितनी आर्थिक मदद मिलती है और इसके लिए क्या नियम हैं? आइए, आधिकारिक नियमों के आधार पर समझते हैं। 

    सेवा पूरी होने के बाद क्या? 

    चार साल की सेवा पूरी करने के बाद जब अग्निवीर बाहर आएंगे तो सरकार उनको कई सुविधाएं देंगी. इसमें सेवा निधि पैकेज, जीवन बीमा कवर और स्किल सर्टिफिकेट शामिल है. लेकिन पहले समझते हैं कि इनमें क्या-क्या सुविधा होगी। 

    सेवा निधि पैकेज 
    रिटायर हो रहे अग्निवीर को एकमुश्त करीब 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा. खास बात यह है कि यह रकम टैक्स फ्री होगी. इसमें युवाओं का योगदान, सरकार का बराबर का हिस्सा और इसपर मिलने वाले ब्याज शामिल होते हैं। 

    जीवन बीमा कवर 
     सेवा काल के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है, जो उनके और उनके परिवार के लिए एक सुरक्षित रकम होती है। 

    स्किल सर्टिफिकेट
    रिटायर होने वाले अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाता है. इससे उन्हें आगे प्राइवेट या सरकारी नौकरी में इंटरव्यू के समय पर प्राथमिकता मिलेगी। 

    नौकरी के लिए क्या है सरकार का प्लान? 
    सरकार ने चार साल की सेवा पूरी करने वाले उम्मीदवारों के लिए नौकरी के लिए भी सुविधाएं रखी है। 

    गृह मंत्रालय का नया पोर्टल 
    इसके लिए सरकार की ओर से कॉरपोरेट और सरकारी सेक्टर में आसानी से एडजस्ट करने के लिए गृह मंत्रालय विशेष पोर्टल तैयार कर रहा है. इसके  जरिए उन्होंने नौकरी के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना होगा और उन्हें जॉब्स के लिए कई सारे विकल्प मिलेंगे। 

    50 प्रतिशत का आरक्षण 
    बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स जैसी सुरक्षा बलों में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित कर दी गई हैं। 

    फिजिकल और लिखित परीक्षा से छूट
    इन सुरक्षा बलों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा में भी छूट दी जाएगी। 

    कोटा और एज में भी मिलेगी छूट 
    उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारों ने पुलिस और अन्य विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक पद रिजर्व किए हैं. साथ ही, आयु सीमा में 3 से 5 साल तक की छूट का ऐलान भी किया गया है जिससे वह आसानी से सरकारी नौकरी पा सकें। 

  • हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी की गारंटी? CM नायब सैनी के ऐलान से युवाओं को मिली राहत

    हरियाणा में अग्निवीरों को नौकरी की गारंटी? CM नायब सैनी के ऐलान से युवाओं को मिली राहत

    चंडीगढ़.

    भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी कर हरियाणा लौटने वाले हर अग्निवीर को राज्य सरकार नौकरी देगी। हरियाणा सरकार के पास लौटने वाले अग्निवीरों की सूची पहुंच चुकी है और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरी देने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं।

    नायब सरकार का ताजा फोकस अग्निवीरों के लिए नौकरियों में केवल आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध सरकारी पदों के साथ उन्हें जोड़कर नौकरियां देने की व्यवस्था तैयार करने पर है।

    आरक्षण और आयु में छूट
    हरियाणा सरकार ने जुलाई 2024 में ही अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में क्षैतिज (होरिजेंटल) आरक्षण और आयु में छूट की घोषणा कर दी थी। इसके तहत ग्रुप-सी की सिविल सीधी भर्तियों में पांच प्रतिशत और ग्रुप-बी में एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया था। पुलिस, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया गया था।

  • मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% जॉब रिजर्वेशन

    मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% जॉब रिजर्वेशन

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके साथ ही 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

    ये फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए।

    राज्य सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश करते हैं।

    राज्य सरकार ने क्या बताया?
    राज्य सरकार के एक अफसर ने बताया कि युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दे दी गई। अफसर के मुताबिक, गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा।

    किसे कितना आरक्षण मिलेगा?
    अफसर के मुताबिक, विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

    राज्य सरकार ने बताया है कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

    अग्निवीरों के लिए दो राज्यों से गुड न्यूज आई। मध्य प्रदेश सरकार ने ऐलान किया कि वह पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण देगी। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच सेवा मुक्त हो रहे अग्निवीरों के पहले बैच को बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे पुलिस और सुरक्षा बलों में नौकरी दी जायेगी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि पहले बैच के सेवानिवृत्त अग्निवीरों को महाराष्ट्र पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल और अग्निशमन सेवाओं में सीधे समायोजित किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों को नयी लिखित परीक्षा से छूट मिलेगी, चार साल की आयु में छूट दी जाएगी और अगर जरूरी हुआ तो विशेष रूप से बनाए गए पदों पर समायोजित किया जाएगा।

    एमपी में कहां कहां अग्निवीरों को आरक्षण
    एमपी सरकार के अधिकारी ने बताया कि युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दी गई। गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। उन्होंने बताया कि विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    अधिकारी के अनुसार कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

    जनवरी 2027 तक 19 हजार से अधिक अग्निवीर घर लौट रहे
    केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है। यानी 75 फीसदी को वापस घर भेज दिया जाता है। अब सेना से अग्निवीरों का पहला बैच जनवरी 2027 में सेवामुक्त होने जा रहा है, जिसमें 19 हजार से अधिक अग्निवीर शामिल हैं। इनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

    सेवामुक्त (75 प्रतिशत) होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अपने विभिन्न विभागों में ने आरक्षण और प्राथमिकताओं का प्रावधान किया है। अग्निवीरों को बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और असम राइफल्स में सिपाही तथा राइफलमैन के पदों पर 50% आरक्षण। इन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट मिलेगी।

    भारतीय रेलवे: श्रेणी-2 और उससे ऊपर के पदों में 5 प्रतिशत और श्रेणी-1 के पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित किया गया है।

    अफसरों ने बताया कि हॉरिजॉन्टल आरक्षण सभी श्रेणियों यानी सामान्य वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में लागू होता है।

    2022 में शुरू की गई थी अग्निपथ योजना
    केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण शामिल है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

    चार साल की सेवा पूरी कर दिसंबर 2026 में अग्निवीर अपने घरों, अपने परिवारों और अपने प्रियजनों के बीच लौटने वाले हैं। ये वे हजारों युवा पुरुष और महिलाएं हैं, जिन्होंने भारतीय सेना का हिस्सा बनने के लिए चार साल की अवधि के लिए भर्ती होने का विकल्प चुना था।

  • पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती का खाका तैयार करेगी हरियाणा सरकार, विभागों से रिक्तियों के साथ मांगा भर्ती माह का ब्योरा

    पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती का खाका तैयार करेगी हरियाणा सरकार, विभागों से रिक्तियों के साथ मांगा भर्ती माह का ब्योरा

    चंडीगढ़
    हरियाणा में अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सैन्य सेवा पूरी होने के साथ ही राज्य सरकार ने उनके लिए सरकारी रोजगार की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित सीधी भर्ती के पदों का वास्तविक ब्यौरा मांग लिया है।

    सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा ने 25 अगस्त को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से 26 अगस्त दोपहर तीन बजे तक निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी देने को कहा है।

    सरकार इस कवायद के जरिए यह पता लगाएगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कितने पद उपलब्ध हैं, कौन से विभागों में हैं और उन पर भर्ती कब हो सकती है।

    सरकारी विभागों को सिर्फ रिक्त पदों की संख्या नहीं, बल्कि पद का नाम, आरक्षण प्रतिशत, संभावित रिक्तियों की संख्या, श्रेणीवार विवरण और भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। यूआर, ओएससी, डीएससी, बीसी-ए, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस के अनुसार भी रिक्तियों का ब्योरा मांगा गया है।

    पहले बैच में हरियाणा के 1,373 युवा
    अग्निपथ योजना के तहत हरियाणा से अब तक 7,228 युवा अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए हैं। इनमें 2022-23 में 2,227, 2023-24 में 2,893 और 2024-25 में 2,108 युवा शामिल हैं। योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रविधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर होते हैं।

    देश में पहला बैच जुलाई 2026 से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना शुरू हुआ है। हरियाणा से इस पहले बैच में करीब 1,373 युवा हैं। ऐसे में सरकार की यह कवायद सीधे तौर पर इन युवाओं के सैन्य सेवा के बाद रोजगार की तैयारी से जुड़ी है।

    एचपीएससी-एचएसएससी की भर्तियों में जुड़ेगा कोटा
    सरकारी आदेश में खासतौर पर उन पदों की उपलब्धता मांगी गई है, जिन पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से की जानी है। विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को लागू करने की तस्वीर साफ होगी।

    संभावित भर्ती कैलेंडर भी तैयार करने की तैयारी
    हरियाणा में पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फारेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर आपरेटर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। सामान्य ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत और सैन्य सेवा से जुड़े विशेष कौशल वाले ग्रुप-बी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

    सरकार की इस कवायद में सबसे अहम बात यह है कि विभागों को संभावित रिक्तियों के साथ भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। इससे सरकार के पास केवल आरक्षित पदों का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में किन विभागों में और कब भर्ती हो सकती है, इसका संभावित कैलेंडर भी तैयार होगा।

  • यूपी में तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली का शेड्यूल जारी, 17 अगस्त से शुरू होगा अभियान

    यूपी में तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली का शेड्यूल जारी, 17 अगस्त से शुरू होगा अभियान

    लखनऊ
    अग्निवीर के जरिए सेना में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती का मौका आ गया है। यूपी के अलग अलग जिलों में अगले हफ्ते से भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा। छह जिलों में अग्निवीर भर्तियां शुरू की जाएंगी। इसके लिए भर्ती अभियान मेरठ में 17 अगस्त से शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और अयोध्या में भर्ती रैलियां होंगी। अभियान 14 अप्रैल को अयोध्या में समाप्त होगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों के संबंध में बैठक की गई। बैठक में संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई

    बैठक में बताया गया कि मेरठ में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026, बरेली में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026, लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027, वाराणसी में 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027, आगरा में 4 मार्च से 24 मार्च 2027 और अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

    यूपी में तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली
    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की यह तीसरी रैली आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों के प्रतिभाग करने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

    व्यवस्थाएं जल्द पूरा करने का निर्देश
    उन्होंने कहा कि भर्ती स्थलों पर आवागमन, ठहरने, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं यातायात प्रबंधन की पर्याप्त एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं की समय से समीक्षा कर आवश्यक कमियों को दूर किया जाए।

    आकस्मिक परिस्थितियों ने निबटने की तैयारी का भी निर्देश
    मुख्य सचिव ने आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकीय एवं आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

    बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश, पुलिस कमिश्नर लखनऊ तरुण गाबा सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, अयोध्या एवं मेरठ के जिलाधिकारी भी बैठक में सम्मिलित हुए।

  • हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण, कैबिनेट ने अग्निवीर नीति 2024 को स्वीकृति दी

    हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण, कैबिनेट ने अग्निवीर नीति 2024 को स्वीकृति दी

    चंडीगढ़
     हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में  यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग), वार्डर (कारागार विभाग) तथा माइनिंग गार्ड (खान एवं भूविज्ञान विभाग) में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूर्व में हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप ‘सी’ पदों, जिनमें फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड शामिल हैं, में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया हुआ था। इसके पश्चात, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न सेवाओं/पदों की भर्ती में, जहां उनके विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और फील्ड अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सलाह दी थी।

    मंत्रिमंडल के इस निर्णय को सभी चालू तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों को आवश्यक संशोधन करने तथा संशोधित निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।