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  • प्रवेश प्रक्रिया खत्म, कॉलेजों की खाली सीटों पर अब नहीं होगा एडमिशन

    प्रवेश प्रक्रिया खत्म, कॉलेजों की खाली सीटों पर अब नहीं होगा एडमिशन

    राजनांदगांव.

    नए शिक्षा सत्र में कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। प्रवेश के लिए निर्धारित समय और काउंसलिंग के दौर के बाद भी जिन सीटों पर विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई, उनके इस सत्र में खाली रहने की स्थिति बन गई है। निजी महाविद्यालयों में भी सीटें नहीं भर पाई है।

    ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में 25 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। राजनांदगांव जिला मुख्यालय में शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय से लेकर शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय कमला देवी महिला महाविद्यालय के साथ-साथ 6 से अधिक निजी महाविद्यालयों का भी संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े केंद्रों में महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। उसके बाद भी प्रवेश के समय सेट फूल नहीं हो पाई। निजी महाविद्यालयों में भी कई पाठ्यक्रमों की सीटें विद्यार्थियों का इंतजार करती रह गईं। कॉलेज प्रबंधन द्वारा प्रवेश के लिए प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों से संपर्क के प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं हो पाया। ऐसे में अब शेष विद्यार्थी प्राइवेट परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट कॉलेजों में निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब रिक्त सीटों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

    विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर देने के लिए अलग-अलग चरणों में प्रक्रिया चलाए जाने के बावजूद जो सीटें नहीं भर सकीं, उनके इस शैक्षणिक सत्र में रिक्त रहने की संभावना है। इससे कॉलेज प्रबंधन के सामने भी अगले सत्र में विद्यार्थियों को आकर्षित करने और पाठ्यक्रमों के प्रति रुचि बढ़ाने की चुनौती रहेगी। शासकीय कॉलेजों में भी सीटें रिक्त शासकीय महाविद्यालय भी खाली सीटों की समस्या से अछूते नहीं हैं। विशेष रूप से बीकॉम तथा बीएससी गणित और बायो जैसे पाठ्यक्रमों में कुछ सीटें रिक्त रह गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के विषय और पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी, जिसके कारण कुछ पाठ्यक्रमों में सीटें भर गईं तो कुछ में सीटें खाली रह गईं। यही स्थिति निजी महाविद्यालय में भी बनी हुई है।

  • उर्मिला की पढ़ाई को मिली नई उड़ान, पीएम श्री सेजेस स्कूल में एडमिशन से बदलेगी जिंदगी

    उर्मिला की पढ़ाई को मिली नई उड़ान, पीएम श्री सेजेस स्कूल में एडमिशन से बदलेगी जिंदगी

    पेण्ड्रा.

    दूरस्थ ग्राम डाहीबहरा की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की होनहार बालिका कुमारी उर्मिला बैगा को पीएम श्री सेजेस हिन्दी माध्यम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पेण्ड्रा में कक्षा 11वीं में प्रवेश दिलाया गया. साथ ही पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, पेण्ड्रा में भी प्रवेश कराया गया है.

    उर्मिला ग्राम पंचायत डाहीबहरा, विकासखंड गौरेला की निवासी हैं. उनके पिता रामचरण बैगा कृषि मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. उर्मिला ने पिछले सत्र में हाई स्कूल अँधियारखोह से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की. अँधियारखोह में हायर सेकेंडरी विद्यालय नहीं होने और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से उनकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. इसकी जानकारी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरकारीपारा की प्राचार्य मोनिका जैन को मिली, जिन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के संज्ञान में मामला लाया.

    जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में मोनिका जैन और बालिका शिक्षा कार्यक्रम की जिला समन्वयक सरस्वती यादव ने उर्मिला को पेण्ड्रा लाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया. प्रवेश शुल्क मोनिका जैन ने वहन किया. वहीं नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा अध्यक्ष राकेश जालान ने ड्रेस, ब्राउजर, पुस्तकें, कॉपियां और जूते प्रदान किए. राकेश जालान ने कहा कि आर्थिक परिस्थिति किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए. उमिर्ला जैसी बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देना सभी की जिम्मेदारी है. नगर पालिका की ओर से उनकी पढ़ाई में हरसंभव सहयोग किया जाएगा. इस दौरान राकेश चतुर्वेदी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेण्ड्रा आर.एन. चंद्रा, बालमुकुंद अग्रवाल और आलोक शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.