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  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में मौत के बाद बढ़ा विवाद, अभिजीत दीपके पर मर्डर केस को लेकर उठे सवाल

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में मौत के बाद बढ़ा विवाद, अभिजीत दीपके पर मर्डर केस को लेकर उठे सवाल

    मुंबई

    कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर हत्या का मुकदमा चल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिजीत दीपके की रैली में एक बुजुर्ग की मौत के बाद लोग CJP फाउंडर पर बुरी तरह भड़के हुए हैं और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग कर दी है। दरअसल 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में दीपके द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में 75 वर्षीय बुजुर्ग एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यह प्रदर्शन देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाया गया था।

    मृतक बुजुर्ग व्यक्ति की पहचान ठाणे के गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई के रूप में हुई है। शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें अचानक सीने में दर्द होने लगी। उन्होंने बताया, "पिल्लई शाम करीब साढ़े चार बजे CJP द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शिवाजी पार्क पहुंचे थे। शाम पांच बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।" चिकित्सकों ने बताया कि उपचार के दौरान पिल्लई की मौत हो गई।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक CJP का विरोध प्रदर्शन करीब चार बजे शुरू हुआ था और उस समय तेज धूप थी। पुलिस की अनुमति नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे और इस प्रतिष्ठित मैदान के आसपास का इलाका हजारों लोगों से भर गया। इस दौरान अराजकता फैल गई और बाद में बाद में बुजुर्ग की मौत हो गई।

    मर्डर केस दर्ज करने की मांग
    बुजुर्ग की मौत के बाद 'शिवाजी पार्क सिटीजन्स फोरम' ने अभिजीत दीपके के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। फोरम ने अधिकारियों से अपील की है कि इस दुखद घटना के लिए सीधे तौर पर अभिजीत दीपके को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। वहीं स्थानीय वकील और शिवाजी पार्क की निवासी सिद्धि देवलेकर की शिकायत पर पुलिस ने कानूनी शिकंजा भी कसा है। सिद्धि देवलेकर ने CJP नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

    देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बॉम्बे हाईकोर्ट और महाराष्ट्र सरकार के स्पष्ट आदेशों के तहत शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति खारिज कर दी गई थी। इसके बावजूद CJP नेताओं ने कानून को दरकिनार कर भारी भीड़ जुटाई। उन्होंने एक बयान में कहा, “यह कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था। यह राजनीतिक विरोध के नाम पर कानून और अदालत के आदेशों की धज्जियां उड़ाने की कोशिश थी।” शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में CJP के आयोजकों और 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 189 और 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) व 135 के तहत FIR दर्ज की है।

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का आंदोलन
    गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कई आपत्तियों को दरकिनार कर फैसले लिए थे। इसके बाद देश के प्रमुख विपक्षी दलों सहित CJP ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। CJP ने मुंबई के बाद दिल्ली में प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।

  • फिर चर्चा में अभिजीत दीपके, नए आंदोलन से मचा हड़कंप; अब किसे बनाया निशाना?

    फिर चर्चा में अभिजीत दीपके, नए आंदोलन से मचा हड़कंप; अब किसे बनाया निशाना?

    मुंबई 

    कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने नया ऐलान कर दिया है। दीपके अब एक बार फिर छात्रों के साथ आंदोलन करेंगे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद दीपके ने अपने साथियों के साथ एक बार फिर मैदान में उतरने की घोषणा की है। इस बार निशाने पर महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार होगी। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी बीते कुछ दिनों से अलग-अलग मुद्दों को लेकर लगातार फडणवीस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। अब पार्टी आंदोलन पर भी बैठेगी।

    CJP ने रविवार को इस सिलसिले में एक प्रेस रिलीज जारी की है। पार्टी ने इसमें बताया कि CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और अन्य नेता महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित अलग-अलग ऑनलाइन परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में साथ शामिल होंगे। इससे पहले एमपीएससी के कुछ अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके स्थित दीपके के घर पर उनसे मुलाकात भी की थी।

    दे दिया अल्टीमेटम
    CJP ने विज्ञप्ति में कहा कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा। अगर 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई, तो एमपीएससी अभ्यर्थियों से बातचीत करने के लिए राज्यव्यापी दौरा भी किया जाएगा। MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद दीपके ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''मैं और CJP MPSC अभ्यर्थियों की इस लड़ाई में उनके साथ हैं। हम अभ्यर्थियों के साथ तब तक खड़े रहेंगे, जब तक इस्तीफा नहीं हो जाता।''

    क्या मामला?
    यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब MPSC की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे 28 वर्षीय प्रथमेश देशमुख ने पुणे में खुदकुशी ली थी। पास से बरामद एक सुसाइड नोट में उस पर करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र था। इसके बाद CJP फडणवीस सरकार पर हमलावर हो गई। CJP ने कहा है कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कठोर कदम उठाया।

    अभिजीत दीपके ने इस सप्ताह प्रथमेश देशमुख के घरवालों से मुलाकात भी की थी। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि देशमुख नौकरी पाने और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था। उन्होंने कहा, ''उसने अपने खर्चों को पूरा करने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे। लेकिन पेपर लीक और परिणामों में देरी के कारण छात्रों पर दबाव बढ़ता गया। यह व्यवस्था की गलती है और यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।'’

    सीजन-2 लॉन्च?
    गौरतलब है कि इससे पहले अ
    भिजीत दीपके ने करीब एक महीने पहले कहा था कि जंतर-मंतर आंदोलन का सीजन 2 जल्द आने वाला है। एक बयान में उन्होंने कहा था कि भाजपा देश के युवाओं से डरी हुई है। उन्होंने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा था कि जल्द ही एक बार फिर आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

    जरांगे को भी किया सपोर्ट
    इस बीच अभिजीत दीपके ने फडणवीस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे को भी समर्थन दिया था। अभिजीत दीपके बीते शुक्रवार को जरांगे से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने एक बयान में सरकार पर निशाना साधा। दीपके ने कहा, ''सरकार को उनकी मांगों को समझने के लिए उनसे बातचीत करनी चाहिए…।'' दीपके ने कहा, ''मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं? वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेजते हैं, वहीं यहां के स्कूलों का स्तर ठीक नहीं हैं।'' दीपके ने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार जरांगे को सोनम वांगचुक की तरह 26 दिनों तक भूखा रखना चाहती है।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं के पास हास्य कलाकारों से मिलने का समय है, लेकिन जरांगे से बातचीत करने कोई नहीं आ रहा। दीपके ने कहा, ''जैसा उन्होंने सोनम वांगचुक के मामले में किया, वैसा मनोज जरांगे के साथ करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। लेकिन यह महाराष्ट्र है और यहां यह नहीं चलेगा। अगर किसी ने मनोज जरांगे को छुआ, तो पूरा महाराष्ट्र यहां आ जाएगा।''

  • अभिजीत दीपके ने दिया चौंकाने वाला बयान, बोले- अब सौरव का नंबर आएगा

    अभिजीत दीपके ने दिया चौंकाने वाला बयान, बोले- अब सौरव का नंबर आएगा

    नई दिल्ली

    जेन-जी से जुड़े एक कान्क्लेव में कॉकरोच जनता पार्टी तीनों मुख्य चेहरे-अभिजीत दीपक, आशुतोष रांका और सौरव दास शामिल हुए। इस दौरान दीपके से जब पूछा गया कि क्या आप बवाल मचाने दिल्ली आते हैं। आते ही फिर से आपने मार्च का ऐलान कर दिया। इस पर दीपके ने कहा कि मजबूरी में करना पड़ता है। हम थोड़ी ना करना चाहते है। लेकिन एक महीना होने को आ रहा है। हम बार-बार बोल रहे हैं कि जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिजनों को कंपनसेशन दे दीजिए आप।

    दीपके ने कहा कि एक करोड़ रुपए की बात है। एक करोड़ कोई बड़ा अमाउंट नहीं है सरकार के लिए। 50 से 100 करोड़ आप सांसदों और विधायकों को खरीदने में लगा देते हो तो इन परिवारों को एक करोड़ क्यों नहीं दे रहे हो आप? यह कोई बड़ा अमाउंट नहीं है, लेकिन उसमें भी आप इतनी कंजूसी दिखा रहे हो। एक तो ये डिमांड हो गई। और दूसरा कि आपने जो एफआईआर किया है स्टूडेंट्स के ऊपर, वो वापस ली जाए। ये जो स्टूडेंट्स आए थे वो किसलिए आए थे? वे शिक्षा से जुड़े अपने अधिकार मांगने आए थे। कोई वोट तो नहीं मांग रहा था।

    5 सितंबर को इंडिया गेट 1.0
    न्यूज 24 चैनल के इस कार्यक्रम में जब दीपके से यह पूछा गया कि अब क्या करेंगे? क्या प्लान है? क्या अनाउंस क्या किया है आपने? क्या जंतर मंतर 2.0 करने जा रहे हैं। इस पर दीपके ने कहा कि यह इंडिया गेट 1.0 है। हम पांच सितंबर को इंडिया गेट से पुलिस हेडक्वार्टर तक मार्च करेंगे। हम मांग करेंगे कि स्टूडेंट्स पर लगे हुए झूठे केस वापस लिए जाएं और दूसरा प्लीज पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए दे दीजिए। दीपके ने कहा कि ये परिवार लोअर मिडिल क्लास से आते हैं।

    दीपके ने कहा कि मैं आकांक्षा चतुर्वेदी के फैमिली से मिला था। उसके पापा को पैरालिसिस का अटैक आकर गया। हार्ट अटैक आकर गया। उनका छोटा कैटरिंग का बिजनेस था। उन्होंने 15 लाख का लोन लिया था बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए। उनको लग रहा था बेटी डॉक्टर बन जाएगी तो घर वही चलाएगी। अभी वो कह रहे हैं कि बेटी तो चली गई। छोटा बच्चा है। उसको मैं अब कैसे संभालूंगा? मैं तो कमा नहीं सकता। दीपके ने कहा कि यह जो एक करोड़ रुपए हैं, उनसे उन पीड़ित परिवारों को काफी मदद मिलेगी जो लोन के दबाव में है। हम सभी जानते हैं कि कोचिंग करने में पैसा लेना पड़ता है।

    जयपुर हमले का जिक्र
    जयपुर में हुए हमले को याद दिलाते हुए जब आशुतोष रांका से पूछा गया कि क्या अब जब आप मार्च करेंगे तो जयपुर जैसा कुछ हो गया तो… या फिर जंतरमंतर और कनॉट प्लेस में जो हुआ वैसा हो गया तो… आपको इस बात की कोई आशंका या चिंता नहीं है? इस पर रांका ने कहा कि नहीं नहीं, बिल्कुल चिंता नहीं है। हम तो जयपुर की घटना के बाद कल जोधपुर भी चले गए। उसके बाद आज यहां आना था, नहीं तो आगे बाड़मेर और बीकानेर के दौरे की तैयारी थी। देखिए, हम लोग इन लोगों से वोट मांगने तो जा नहीं रहे हैं।

    स्कूलों को ठीक करने की बात कर रहे
    अभी राजस्थान में सरपंच के चुनाव होने वाले हैं। हम लोग यह तो नहीं बोल रहे हैं कि भाई कॉकरोच जनता पार्टी के सरपंच बना दो। हम तो वहां पर स्कूलों को ठीक करने की बात कर रहे हैं। स्कूल ठीक कर दीजिए। भैंसों के तबेले में तो कम से कम स्कूल नहीं चलना चाहिए। 80 साल हो गए हैं इस देश को आजाद हुए हुए। क्षेत्रफल के हिसाब से राजस्थान सबसे बड़ा राज्य है देश का। उसकी राजधानी में अगर एक ऐसा स्कूल है जो भैंसों के तबेले में चल रहा है तो यह पूरे देश के लिए शर्म की बात है।

    हम पिटने वाले लोग हैं, पिट लेंगे
    जब रांका से हिंसा को लेकर फिर से पूछा गया तो अभिजीत दीपके ने कहा कि सर, हम पिट कर आने वाले लोग हैं। मैं पिट लिया, ये (रांका) पिट लिया। अब सौरव बचा है। उसका भी नंबर आएगा। हम पिटने वाले लोग हैं। हम पिट लेंगे।

    मंत्रियों ने वादा किया था
    चर्चा के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आर्डर पर सौरव दास ने कहा कि देखिए इफ देयर इज अ विल देयर इज अ वे। अगर केंद्र के दो मंत्री हमारे साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ कमिट कर रहे हैं तो कुछ सोच समझ कर ही कर रहे होंगे। दूसरी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने तो उनको एक बहुत क्लियर ऑप्शन दे दिया है। हमारे संविधान में आर्टिकल 142 एक प्रोविजन है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट अपना एक्स्ट्राऑर्डिनरी पावर यूज करके कंप्लीट जस्टिस करने के लिए कुछ भी कर सकता है। उसने वो पावर यूज करने का ऑप्शन दिया है। इसलिए 18 अगस्त को जो सुनवाई हुई थी, वह बहुत महत्वपूर्ण थी।

    दो वादे पूरे नहीं हुए हैं
    सुप्रीम कोर्ट ने तीन बार केंद्र सरकार के वकील को बोला कि आप हमें पूरे देश भर से एफआईआर की लिस्ट दे दीजिए। उसको एक झटके में हम लोग खत्म कर देंगे। लेकिन, केंद्र सरकार के जो लॉयर थे, उन्होंने इसके लिए कमिट नहीं किया। ऐसे में हमें लगा कि यहां पर एक साजिश चल रही है। युवाओं के साथ विश्वासघात होने वाला है। इसलिए हमको यह स्टेप लेना पड़ा। 5 सितंबर को इसलिए हम लोग शांति मार्च निकालेंगे, क्योंकि दो वादे पूरे नहीं हुए हैं। एक तो सभी एफआईआर दर्ज करने की और दूसरा पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा देने की।

  • पार्क में अभिजीत दीपके की एंट्री पर बवाल, लोगों ने जताई नाराजगी; बोले- ‘यहां नौटंकी नहीं चलेगी’

    पार्क में अभिजीत दीपके की एंट्री पर बवाल, लोगों ने जताई नाराजगी; बोले- ‘यहां नौटंकी नहीं चलेगी’

    नई दिल्ली

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली के एक रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क से उलटे पांव भागना पड़ा। दीपके अपनी टीम के मेंबर सौरभ दास, आशुतोष रंका और कुछ समर्थकों के साथ जंतर-मंतर सीजन 2 का प्लान बनाने आए थे। सोसाइटी के लोगों को जब इसकी भनक लगी तो वे वहां पहुंच गए और पार्क से सभी को भगा दिया। लोगों का कहना था कि यह सोसाइटी का पार्क है कोई धरना या प्रदर्शन की जगह नहीं। यहां यह नौटंकी नहीं चलेगी।

    इससे पहले अभिजीत दीपके ने कहा कि आज हमें दिल्ली में अपने वॉलंटियर्स के साथ एक मीटिंग करनी थी। इसके लिए हमें एक इनडोर जगह की जरूरत थी। हमने कई जगहों पर बात की, लेकिन कोई भी हमें हॉल देने को तैयार नहीं था। सबने कहा कि ऊपर से दबाव है और वे कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों को हॉल नहीं दे सकते। आखिरकार, बहुत मुश्किल से हमें एक हॉल मिला। दीपके ने उसकी रसीद भी दिखाई। लेकिन दूसरे दिन सुबह जिन लोगों ने हमें हॉल दिया था, उन्होंने भी इनकार कर दिया। उन्हें धमकी दी गई और कहा गया कि अगर उन्होंने वहां कॉकरोच जनता पार्टी की मीटिंग होने दी तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा।

    हमें मीटिंग करने से रोका जा रहा
    दीपके ने आरोप लगाया कि इस तरह
    से लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। हमें भी मीटिंग करने से रोका जा रहा है। दीपके ने कहा कि ये सब बीजेपी के कहने पर किया जा रहा है। बीजेपी के लोग सभी को डरा और धमका रहे हैं कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी वालों को मीटिंग के लिए कोई जगह दे देगा तो उसे उलटा लटाकाया जाएगा। इन बातों से बीजेपी का डर साफ नजर आ रहा है। दीपके ने कहा कि हॉल में इनडोर मीटिंग के लिए कोई पुलिस परमिशन नहीं लेना होता है।

    यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी
    जब किसी हॉल का इंतजाम नहीं हो सका तो अभिजीत दीपके अपनी टीम के मेंबर और कुछ समर्थकों के साथ रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क में पहुंचे। वहां जंतर-मंतर सीजन 2 पर प्लानिंग के लिए समर्थकों के साथ मीटिंग करने लगे। उन्होंने समर्थकों से पूछा कि अब किसका इस्तीफा चाहिए। समर्थकों ने कहा मोदी का। इसी बीच सोसाइटी के लोगों को सीजेपी के समर्थकों के वहां पहुंचने की खबर लगी। बड़ी संख्या में लोग पार्क में पहुंचे और उन्हें मीटिंग करने से मना किया। लोगों ने कहा कि यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी। यह कोई धरना या प्रदर्शन की जगह नहीं है। आप लोग यहां से तुरंत चले जाइए। इस दौरान सीजेपी समर्थकों और रेजिंडेंट्स के लोगों के बीच बहस भी हुई। कुछ पुलिस वालों के हस्तक्षेप के बाद हंगामा बंद हुआ और अभिजीत दीपके को अपने समर्थकों के साथ वहां से जाना पड़ा।

    ‘सोसाइटी का पार्क है, यहां राजनीतिक बैठक नहीं होगी’
    स्थानीय लोगों और दीपके के समर्थकों के बीच बहस की स्थिति बन गई। लोगों ने कहा कि पार्क सोसाइटी के निवासियों के इस्तेमाल के लिए है और किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। विरोध करने वाले लोगों ने दीपके और उनके साथियों से पार्क खाली करने को कहा। इस दौरान कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी।’  मामला बढ़ता देखकर पुलिस को बीच में आना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों को शांत कराया गया। इसके बाद दीपके और उनकी टीम वहां से चली गई।

    पहले भी बैठक के लिए जगह नहीं मिलने का दावा
    पार्क विवाद से पहले अभिजीत दीपके ने दिल्ली में अपनी टीम की बैठक के लिए जगह नहीं मिलने का दावा किया था। उनका कहना था कि वे जंतर-मंतर सीजन-2 की तैयारियों के लिए अपने वॉलंटियर्स के साथ बैठक करना चाहते थे, लेकिन उन्हें जगह उपलब्ध कराने में लगातार परेशानी आ रही है। दीपके के मुताबिक, उनकी टीम ने बैठक के लिए कई इनडोर हॉल मालिकों से संपर्क किया। हालांकि, उनके दावे के अनुसार, कई लोगों ने उन्हें जगह देने से इनकार कर दिया। दीपके का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उन पर ऊपर से दबाव है और वे CJP की बैठक के लिए अपना हॉल उपलब्ध नहीं करा सकते।

    पैसे देने के बाद भी हॉल की बुकिंग रद्द होने का दावा
    अभिजीत दीपके ने यह भी दावा किया कि काफी कोशिशों के बाद उनकी टीम को एक हॉल मिल गया था। इसके लिए बाकायदा भुगतान किया गया और इसकी रसीद भी उनके पास थी, लेकिन दीपके के अनुसार, अगले दिन सुबह हॉल उपलब्ध कराने वाले लोगों ने बैठक की अनुमति वापस ले ली। उनका दावा है कि उन्हें धमकी भी दी गई। दीपके ने आरोप लगाया कि उन्हें कहा गया कि अगर वहां CJP की बैठक आयोजित की गई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    बीजेपी पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
    बैठक के लिए जगह नहीं मिलने को लेकर अभिजीत दीपके ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि बीजेपी से जुड़े लोग हॉल मालिकों और दूसरे लोगों पर दबाव बना रहे हैं, ताकि CJP की बैठक के लिए कोई जगह उपलब्ध न कराई जाए। दीपके का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से बैठक करनी है तो उसे जगह मिलने में इस तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार जगह की समस्या खड़ी करना राजनीतिक दबाव का संकेत है। हालांकि, बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया है, यह इस घटनाक्रम में स्पष्ट नहीं है।

    पुलिस के पहुंचने के बाद शांत हुआ मामला
    पार्क में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मामला गर्माता देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके बाद दीपके और उनके समर्थकों ने पार्क खाली कर दिया और वहां से चले गए। इस घटना के दौरान किसी बड़ी हिंसा या नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, पार्क में राजनीतिक बैठक को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आई।

    जंतर-मंतर सीजन-2 की तैयारियों पर असर?
    अभिजीत दीपके की टीम जंतर-मंतर सीजन-2 की तैयारी को लेकर लगातार बैठकें कर रही है। लेकिन बैठक के लिए जगह उपलब्ध कराने को लेकर सामने आई परेशानियों ने नई बहस शुरू कर दी है। दीपके का कहना है कि उनकी बैठकों को रोकने की कोशिश की जा रही है, जबकि स्थानीय लोगों का तर्क है कि आवासीय सोसाइटी के पार्क को राजनीतिक कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    दीपके बोले- ‘लगातार पैदा की जा रही हैं अड़चनें’
    अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी टीम पीछे हटने वाली नहीं है। उनका आरोप है कि बैठक आयोजित करने में लगातार अड़चनें पैदा की जा रही हैं और लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी इनडोर हॉल में बैठक करने के लिए पुलिस की अनुमति लेना जरूरी नहीं होता। उनका दावा है कि CJP अपने कार्यक्रमों और बैठकों को लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगी। फिलहाल पार्क में हुए इस विरोध के बाद अभिजीत दीपके और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आने वाली बैठकों के लिए उन्हें उचित और अनुमति प्राप्त स्थान कैसे मिलता है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक या आवासीय जगहों के इस्तेमाल के नियमों का पालन हर संगठन को करना चाहिए।

    शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे
    अभिजीत दीपके ने कहा था कि जंतर-मंतर का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है। उनके इस घोषणा पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह खुद ही सीजन टू है। ऐसी नाकाबिल सरकारों और अधिकारियों के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। सीजेपी की तरफ से हम अब एक देशव्यापी 'लिसनिंग टूर' (लोगों की बात सुनने का दौरा) शुरू कर रहे हैं ताकि जनता की बात सुन सकें। हम एक अभियान चलाएंगे और आजादी के दिन से शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे। हम माता-पिता और नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने सरकारी स्कूलों में जाएं, सोशल ऑडिट करें, वहां के हालात रिकॉर्ड करें, सच्चाई सामने लाएं और उन्हें ठीक करने में मदद करें। आज के युवा जिम्मेदारी उठा रहे हैं। जल्द ही सचमुच एक 'विकसित भारत' सामने आने वाला है।

  • दिल्ली पुलिस में शिकायत, अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की उठी मांग; पाकिस्तानी एजेंट होने का आरोप

    दिल्ली पुलिस में शिकायत, अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की उठी मांग; पाकिस्तानी एजेंट होने का आरोप

    नई दिल्ली

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस के पास लिखित में एक शिकायत पहुंची है। एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर फैजान अंसारी ने अभिजीत दीपके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। फैजान ने एक तरफ जहां अभिजीत दीपके को पाकिस्तानी एजेंट और उमर खालिद का समर्थक बताया तो दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत के दौरान खुद पर हमले का भी आरोप लगाया। साथ ही कहा कि यदि दीपके को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह देश में दंगे फसाद करवा सकता है।

    फैजान अंसारी ने डीसीपी दफ्तर के बाहर शिकायत की एक कॉपी दिखाते हुए न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'आज मैंने अभिजीत दीपके के खिलाफ डीसीपी को लिखित में शिकायत दी है, क्योंकि उनके लोगों ने मुझे पर दो बार हमले किए और इसके सबूत मेरे पास है। मुझ पर पुणे और औरंगाबाद में हमले किए गए। मैंने वहां भी दो केस फाइल किए हैं और मैं चाहता हूं कि दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।' फैजान ने दिल्ली सीएम और पुलिस को सैल्यूट करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को सही समय पर उठा लिया गया, जिसकी वजह से दिल्ली की स्थिति बहुत बिगड़ने से बच गई। दीपके सबकुछ अपने फायदे के लिए कर रहा

    शिकायतकर्ता ने दीपके को बताया उमर खालिद समर्थक और पाक एजेंट
    फैजान जिस लिखित शिकायत को लेकर डीसीपी दफ्तर पहुंचा है, उस पर सीजेपी फाउंडर को पाकिस्तानी एजेंट और उमर खालिद का समर्थक बताया गया है। शिकायत में लिखा है, 'अभिजीत पाकिस्तानी एजेंट है, उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था 'भारत तेरे टुकड़े होंगे।' बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को अभिजीत दीपके ने पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था।' फैजान ने कहा कि वह मुंबई से दीपके की शिकायत करने दिल्ली पहुंचा है। वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से अभी इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

    कहा- दंगे फसाद करवा देगा
    फैजान ने कहा दावा किया कि उर्फी जावेद को एक लाख और पूनम पांडे को 20 हजार रुपये मिले थे। इंफ्लुएंशर ने उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को जेल में डालने की बात कही है। गौरतलब है कि सीजेपी के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले आंदोलन के दौरान कई सेलिब्रिटी भी पहुंचे थे। उसने तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और इसको रोका नहीं गया तो ये भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।