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  • आधार कार्ड की ये गलती बन सकती है बड़ी परेशानी!

    आधार कार्ड की ये गलती बन सकती है बड़ी परेशानी!

    कई लोगों को अपने आधार कार्ड की याद तभी आती है, जब बैंक में KYC करवानी हो, नया अकाउंट खोलना हो, मोबाइल नंबर अपडेट करना हो या किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो. लेकिन यहीं एक बड़ी समस्या छिपी होती है. कई आधार कार्ड में छोटी-छोटी गलतियां सालों तक नजर ही नहीं आतीं.

    रोजमर्रा के काम तो चलते रहते हैं, लेकिन जैसे ही दोबारा KYC वेरिफिकेशन या किसी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है, यही मामूली गलती अचानक बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर आपके आधार कार्ड में दर्ज जानकारी और बैंक के रिकॉर्ड में मौजूद डिटेल्स मेल नहीं खाते हैं, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसलिए समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लेना बेहतर रहता है.

    नाम का मेल न होना बढ़ा सकता है मुश्किलें
    आधार और बैंक खाते में नाम का मेल न होना सबसे आम समस्याओं में से एक है. अगर आपके आधार कार्ड पर लिखा नाम बैंक रिकॉर्ड में दर्ज नाम से अलग है, तो KYC या अकाउंट वेरिफिकेशन के दौरान परेशानी आ सकती है. कई बार यह अंतर बहुत छोटा होता है, जैसे नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती, मिडिल नेम का छूट जाना, कहीं पूरे नाम की जगह सिर्फ इनिशियल्स का इस्तेमाल होना या फिर सरनेम अलग तरीके से दर्ज होना. आमतौर पर लोग इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन KYC जांच के दौरान यही वजह रुकावट बन सकती है.

    आधार से जुड़ा पुराना नंबर कर सकता है जरूरी कामों में रुकावट
    आजकल आधार से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं OTP के जरिए ही पूरी होती हैं. चाहे आधार डाउनलोड करना हो, डिटेल्स अपडेट करनी हो, e-KYC करवानी हो या फिर अपनी पहचान वेरिफाई करनी हो, हर जगह OTP उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है जो आधार से लिंक होता है. समस्या तब आती है जब लोग अपना मोबाइल नंबर बदल तो लेते हैं, लेकिन उसे आधार में अपडेट करना भूल जाते हैं. शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल लगता है, लेकिन जैसे ही किसी जरूरी काम के लिए OTP की जरूरत पड़ती है, पता चलता है कि OTP उस पुराने नंबर पर जा रहा है जो अब उनके पास है ही नहीं.

    डेट ऑफ बर्थ, जेंडर समेत इन डिटेल्स को जरूर चेक करें
    अगर आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ गलत है, तो आगे चलकर यह छोटी सी गलती बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. खासकर तब, जब आपके आधार की जानकारी PAN कार्ड, बैंक खाते, बीमा पॉलिसी या इनवेस्टमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स से मैच न करे. ऐसे सिचुएशन में वेरिफिकेशन का प्रोसेस अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है. सिर्फ डेट ऑफ बर्थ ही नहीं, जेंडर या अन्य पर्सनल डिटेल्स में हुई गलती भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

  • आधार कार्ड का नया डिजाइन, क्या अब नाम, पता और DOB नहीं होंगे दिखाई?

    आधार कार्ड का नया डिजाइन, क्या अब नाम, पता और DOB नहीं होंगे दिखाई?

     नई दिल्ली
    आधार कार्ड में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसका दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की तरफ से जारी होने वाले फिजिकल/प्रिंटेड आधार कार्ड पर सभी डिटेल्स प्रिंट होती हैं। 

     रिपोर्ट में बताया है कि सेफ्टी के मद्देनजर आधार कार्ड में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. ये बदलाव आधार कार्ड के मिसयूज को रोकेगे और साइबर ठगों से आधार कार्ड को बचाएगा। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में फिजिकल आधार कार्ड की कॉपी पर फोटो और एक क्विक रिस्पोंस कोड (क्यूआर कोड) होगा. क्यूआर कोड से डिटेल्स पाने के लिए उसको स्कैन करना होगा. इस दौरान यूजर्स तय कर पाएंगे कि वह कौन सी डिटेल्स छिपाना चाहते हैं और किस डिटेल्स को रिवील करना चाहते हैं। 

    आधार कार्ड पर प्रिंट होती हैं ये डिटेल्स 
    UIDAI की तरफ से जारी आधार कार्ड पर नाम, फोटो, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, घर का पता और पिता का नाम तक होता है. ऐसे में अगर किसी ठग तक आधार कार्ड की फोटो कॉपी तक पहुंच जाती है, जिसके बाद वह आसानी से एक अनजान शख्स की कई डिटेल्स को जान लेता है। 

    ये बदलाव आने वाले दिनों में लागू होगा. रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इसको लेकर और भी डिटेल्स आने वाले दिनों में शेयर की जाएंगी. हालांकि UIDAI की तरफ से अभी इसको लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की है। 

    UIDAI जारी कर चुका है न्यू आधार ऐप 
    कुछ सप्ताह पहले ही आधार ऐप का फुल वर्जन जारी कर चुका है. आधार ऐप की मदद से कुछ डिटेल्स को हाइड करके उसको PDF या इमेज फॉर्मेट में शेयर कर सकते हैं. न्यू आधारो ऐप एंड्रॉयड और आईओएस पर मौजूद है। 

    आधार कार्ड क्या होता है? 
    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण असल में 12 नंबर का यूनिक डिजिट जनरेट करती है. हर एक आधार कार्ड होल्डर के लिए अलग संख्या होती है. ये नंबर भारतीय नागरिकों को उनकी बायोमेट्रिक, नाम, पता और डेट ऑफ बर्थ के आधार पर दिया जाता है। 

  • आधार कार्ड दिखाने की झंझट खत्म? फोटो और QR कोड पर चलेगा काम, नया ऐप बना कारण?

    आधार कार्ड दिखाने की झंझट खत्म? फोटो और QR कोड पर चलेगा काम, नया ऐप बना कारण?

    नई दिल्ली

    आने वाले समय में हो सकता है कि आपके आधार कार्ड पर सिर्फ आपकी फोटो और QR कोड ही दिखाई दें। इसे लेकर खबरें आ रही हैं और कुछ टिप्सटर ने भी इस बारे में X पर पोस्ट किया है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में UIDAI फिजिकल आधार कार्ड के डिजाइन में बड़ा बदलाव कर सकता है। ऐसे में आज जिस तरह से आधार कार्ड पर धारक की सारी जानकारी उपलब्ध रहती है, वैसे आगे शायद न हो।

    इसकी एक बड़ी वजह नई आधार ऐप को बताया जा रहा है, जिसे लाने का मकसद लोगों को उनके आधार कार्ड से जु़ड़ी जानकारी पर ज्यादा कंट्रोल देना और फिजिकल कार्ड की जरूरत को खत्म करना है। ऐसे में मौजूदा फिजिकल आधार कार्ड्स इस मकसद में बाधा बन सकते हैं क्योंकि उन पर सारी डिटेल्स मौजूद होती है।

    क्या बदलेगा आधार पर?

    अगर टिप्सटर और बाकी सूत्रों से आ रही खबरें सही साबित होती हैं, तो UIDAI आधार के फिजिकल कार्ड से सभी डिटेल्स को हटा कर, सिर्फ धारक की फोटो और एक QR कोड ही दिखाएगा। ऐसा धारक की प्राइवेसी की रक्षा के लिए और नए आधार ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा देनेे के लिए किया जा सकता है।

    सिर्फ फोटो-QR कोड से क्या फायदा होगा?

    आधार के फिजिकल कार्ड पर फोटो और QR कोड होने से आधार धारक की जानकारी लीक होने का खतरा खत्म हो जाएगा। दरअसल UIDAI ने नए आधार ऐप के जरिए आधार के इस्तेमाल को डिजिटल बना दिया है।

    हालांकि इसके पूरी तरह चलन में आने में समय लग सकता है और कई जगहों पर लोगों से उनका फिजिकल आधार कार्ड ही जमा करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड होगा, तो न ही धारक की गैर-जरूरी डिटेल्स लीक होंगी और कार्ड की फिजिकल कॉपी मांगने वालों को भी डिटेल्स वेरिफाई करने के लिए नए आधार ऐप पर शिफ्ट होना होगा।

    इस तरह से कह सकते हैं कि नए तरह के फिजिकल आधार कार्ड बनाकर UIDAI आधार ऐप के इस्तेमाल को पुश कर सकता है।

    नए आधार ऐप से क्या है लिंक?

    आधार के फिजिकल कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड देना, कहीं न कहीं नए आधार ऐप से लिंक हो सकता है। UIDAI ने नए आधार ऐप को भी इसी तरह बनाया है कि यूजर को अपनी सारी आधार डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करनी पड़े। नए ऐप में यूजर आधार का QR कोड शेयर करके अपने आधार से जुड़े काम कर सकता है। सामने वाला भी उस ऐप के जरिए किसी का भी आधार वेरिफाई कर सकता है।

    ऐसे में आधार के फिजिकल कार्ड को शेयर करने की जरूरत खत्म हो जाती है। सरकार ने ऐसा इसलिए भी किया है क्योंकि नॉर्मल आधार कार्ड पर मौजूद ज्यादा डिटेल्स का साइबर फ्रॉड जैसे कामों में गलत इस्तेमाल होता था।

    नया कार्ड बनवाना जरूरी होगा?

    फिलहाल क्योंकि नए डिजाइन वाले आधार कार्ड को लेकर सरकार की ओर से पुख्ता जानकारी नहीं आई है। ऐसे में सिर्फ खबरों के आधार पर कुछ भी कह पाना संभव नहीं है।

    हालांकि अगर आप UIDAI का नया आधार ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको शायद नया कार्ड न बनवाना पड़े। ऐसा इसलिए क्योंकि इस ऐप के जरिए आप डिजिटल आधार को किसी के साथ भी शेयर कर सकते हैं।

    इसके साथ ही आधार में किसी तरह के बदलाव या फिर शेयर की जाने वाली जानकारी पर कंट्रोल भी नए UIDAI ऐप के जरिए रखा जा सकता है। ऐसे में हो सकता है कि नए डिजाइन वाला आधार कार्ड सिर्फ उनके लिए हो, जो कि ऐप का इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं हैं।