Category: उत्तर प्रदेश

  • किसान और महिलाएं घर से शुरू करें मशरूम की खेती, ₹10 हजार से बनाएं कमाई का रास्ता

    किसान और महिलाएं घर से शुरू करें मशरूम की खेती, ₹10 हजार से बनाएं कमाई का रास्ता

    लखनऊ
    भरपूर पोषक तत्वों के लिए शुमार मशरूम की बाजार में मांग अधिकतर हर सीजन में बनी रहती है। अपने गुण और स्वाद के कारण मशरूम अन्य सब्जियों की तुलना में अधिक लोकप्रिय बना हुआ है। ऐसे में बाजार में बढ़ती मांग के बीच किसान भाई मशरूम उत्पादन से अच्छी कमाई कर सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि मशरूम की खेती कैसे शुरू कर सकते हैं?

    मशरूम की बढ़ती मांग किसानों के लिए सोने की खेती साबित हो सकती है, क्योंकि कम लागत और कम जगह में इस व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। यही नहीं इसमें सिर्फ एक बार ही मेहनत करनी होती है, जिसके बाद पारंपरिक खेती की तरह जीतोड़ मेहनत की आवश्यकता भी नहीं होती है।

    उत्तर प्रदेश में सरकार भी मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित करती है, जिसके लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन के लिए कंपोस्ट तैयार करने की विधियों पर जानकारी दी जाती है।

    इसके अलावा, कंपोस्ट की सामग्री, उसकी तैयारी, आवश्यक परिस्थितियों और गुणवत्ता बनाए रखने की तकनीकी जानकारी के साथ प्रायोगिक कार्य भी कराया जाता है। आप अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में जाकर 'मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण' की पूरी जानकारी ले सकते हैं।

    कितनी आएगी लागत, कितनी कमाई
    एक अनुमान के अनुसार, दस फीट लंबाई और दस फीट चौड़ाई वाले कमरे मशरूम के दो सौ से ढाई सौ बैग लगाए जाएं तो हर महीने तकरीबन पचास हजार रुपये तक की कमाई की जा सकती है। मशरूम को धूप की जरूरत नहीं होती, इसे पूरी तरह अंधेरे और ठंडे कमरे या शेड में उगाया जाता है।

    मशरूम उत्पादन शुरू करने में 10 से 50 हजार रुपये का शुरूआती निवेश लग सकता है। एक बैग तैयार करने में डेढ़ सौ रुपये की लागत आती है। मशरूम की कई प्रजातियां भी हैं, जैसे- मिल्की, ओयस्टर, बटन, ढींगरी, पोटबेलो और कीड़ा-जड़ी इत्यादि। बाजार में इन सबकी कीमत करीब 200 रुपये प्रति किलो तक मिलती है।

    वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवनीत कुमार मिश्र ने बताया कि मशरूम उत्पादन रोजगार सृजन के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है। कम भूमि और सीमित संसाधनों में भी इसे शुरू किया जा सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बेरोजगारी कम होगी।

    सावधानियां-
    मशरूम की खेती में सबसे बड़ा रिस्क संक्रमण का होता है, जिससे मशरूम बैग को बचाना अतिआवश्यक होता है। जरा सी भी लापरवाही से कमरे में बैक्टीरिया, वायरस या जंगली फंगस पनप सकते हैं, जिससे पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। इसके लिए कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है-

        कमरे को हमेशा साफ रखें। खिड़की पर जाली लगी हो ताकि धूल मिट्‌टी से बचाव हो सके।
        कमरे में प्रवेश करने से पहले खुद को साफ रखें। हाथ-पैर को अच्छे से साफ करके ही अंदर आएं। संभव हो तो मास्क का प्रयोग करें।
        बीज खरीदते समय गुणवत्ता का ध्यान रखें। हमेशा सरकारी लैब, कृषि विश्वविद्यालय या विश्वसनीय विक्रेता से ही ताजे बीज खरीदें।
        कमरे में झाड़ू न लगाएं, इससे उड़ने वाली धूल में मौजूद बैक्टीरिया फसल खराब कर सकते हैं। हमेशा पोछा लगाकर ही सफाई करें।

    मशरूम लेडी पूजा कमा रही लाखों रुपये
    मशरूम उत्पादन में इन हाउस फार्मिंग की कैटेगरी में आता है, जिससे यह घरेलू महिलाओं के स्वरोजगार का भी बेहतर विकल्प है। इसकी मिसाल पेश करती हैं सहारनपुर की पूजा सैनी जो अपने पति के साथ मिलकर घर में ही मशरूम उत्पादन करती हैं और उनकी सालाना कमाई 20 लाख रुपये तक हो जाती है।

    पूजा बताती हैं कि 2018 में उन्होंने मशरूम की खेती शुरू की। उन्होंने पति के साथ कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया। घर पर ही प्रयोग के तौर पर दो बैग तैयार किए और धीरे-धीरे बैगों की संख्या बढ़ती गई और आज यह संख्या हजारों में पहुंच चुकी है।

  • अमेरिका-ब्रिटेन-जर्मनी समेत अंतरराष्ट्रीय तकनीकी चुनौतियों का समाधान खोजेगी यूपी की ‘टीम 12’

    अमेरिका-ब्रिटेन-जर्मनी समेत अंतरराष्ट्रीय तकनीकी चुनौतियों का समाधान खोजेगी यूपी की ‘टीम 12’

    लखनऊ
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी अब अपनी तकनीकी प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) के 150 विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी समाधान प्रस्तुत कर यह दिखाया कि फॉरेंसिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय किस तरह नवाचार के नए अवसर खोल सकता है। इनमें से चुनकर 'टीम 12' बनाई गई है, जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी के लिए तैयार है। इन विद्यार्थियों ने अपने प्रेजेंटेशन ब्राविटी (Braviti) के सीईओ पवन शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किए। पवन शर्मा अमेरिका में एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं।

    इसके अलावा केआईपीएल (KIPL) के सीईओ पराग शेंडे के समक्ष भी विद्यार्थियों ने नवाचार संबंधी प्रेजेंटेशन दिया।
    जिसके बाद यहां के सर्वश्रेष्ठ बच्चों में से 'टीम 12' बनाई गई। यह पहल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान से आगे बढ़कर तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

    सीएम योगी के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षा : डॉ. जीके गोस्वामी

    यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित फॉरेंसिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने, नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने और उनके ज्ञान को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

    अत्याधुनिक तकनीक पर विद्यार्थियों का फोकस

    आज दुनिया के सामने साइबर अपराध, डिजिटल सुरक्षा, स्वचालन और जटिल तकनीकी प्रणालियों से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए एआई, रोबोटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की ओर से इन क्षेत्रों में तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना उनकी व्यावहारिक समझ और नवाचार क्षमता को सामने लाने का अवसर है।

    यूपीएसआईएफएस में विद्यार्थियों की इस पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यहां फॉरेंसिक विज्ञान के अध्ययन का संबंध तकनीकी और विधिक पहलुओं से भी जुड़ता है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच, साइबर सुरक्षा और आधुनिक अपराधों की वैज्ञानिक पड़ताल जैसे क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

    'टीम 12' की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी

    इस पहल का प्रमुख आकर्षण 'टीम 12' की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में प्रस्तावित भागीदारी है। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी कार्यों और परियोजनाओं से जुड़ने की संभावनाएं मिलेंगी। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे समाधानों के संदर्भ में भारतीय विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार क्षमता को सामने लाना इस पहल का व्यापक उद्देश्य है।

    भविष्य में खुलेंगे अनुसंधान और उद्यमिता के नए अवसर

    तकनीक आधारित शिक्षा का उद्देश्य केवल नई तकनीकों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में समस्याओं की पहचान करने, उनका वैज्ञानिक विश्लेषण करने और उपयोगी समाधान विकसित करने की क्षमता पैदा करना भी है। एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में इस तरह की क्षमता भविष्य में अनुसंधान और उद्यमिता के नए अवसर खोलेगी।

    टेक्नोलॉजी, विधि और फॉरेंसिक विज्ञान का समन्वय

    यूपीएसआईएफएस का शैक्षणिक मॉडल टेक्नोलॉजी, विधि और फॉरेंसिक विज्ञान के समन्वय को महत्वपूर्ण बनाता है। आधुनिक अपराधों की जांच में डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों के बीच तालमेल की जरूरत भी बढ़ी है। तकनीकी ज्ञान के साथ विधिक प्रक्रियाओं और फॉरेंसिक जांच की समझ विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार करने में उपयोगी हो सकती है।

    यूपीएसआईएफएस की 'टीम 12' के सदस्य

    ईशानी पांडे, ईशानी ओझा, सिद्धि वत्स, साक्षी गहलोत, पुष्कर सिंह, रवि यादव, ⁠विवेक मिश्रा, ⁠प्रखर सिंह, ⁠दिव्यम श्रीवास्तव, ⁠अनिमेष शुक्ला, ⁠अनुभव चतुर्वेदी, ⁠रविशंकर कुशवाहा। इस परियोजना का नेतृत्व यूपीएसआईएफएस के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल की प्रमुख डॉ. निमिषा सिंह कर रही हैं।

  • कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई और दुबई निवेश की जांच तेज़

    कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई और दुबई निवेश की जांच तेज़

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की कमाई से बढ़ा कारोबार दुबई और अन्य देशों तक पहुंचा है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच में अब सप्लाई नेटवर्क से लेकर रकम के कथित हवाला हस्तांतरण और दुबई में निवेश तक के साक्ष्य मिले है।

    उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, मामले के आरोपित शुभम जायसवाल ने अपने पिता के नाम पर झारखंड में शैली ट्रेड्स फर्म बनाई थी। तीन अलग-अलग फर्मों के जरिए कई स्तरों पर बिलिंग कराता था और इसी व्यवस्था के माध्यम से कारोबार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

    500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी
    जांच में करीब 500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि कफ सिरप के कारोबार से अर्जित रकम का एक हिस्सा हवाला के जरिये दुबई पहुंचाया गया, जहां शुभम अपने मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के साथ होटल कारोबार कर रहा है। इस रकम के स्रोत और निवेश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दस्तावेजों के आधार पर महत्वपूर्ण होगी।

    38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट
    एसटीएफ ने इस मामले में करीब 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट लखनऊ एनडीपीएस, न्यायालय में दाखिल की है। इसमें शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित जायसवाल को आरोपित किया गया है। चार्जशीट में लेनदेन, बिलिंग और वर्क ऑर्डर से जुड़े दस्तावेज शामिल किए जाने की जानकारी है।

    14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट
    इससे पहले दाखिल आरोपपत्रों के साथ अब तक 14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। एसटीएफ की जांच में वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और गाजियाबाद समेत कई जिलों में शैली ट्रेड्स के माध्यम से बिलिंग किए जाने की कड़ियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित फर्मों के जरिए खरीदे और बेचे गए सिरप की वास्तविक सप्लाई कहां हुई और रकम का लेनदेन किन खातों के माध्यम से किया गया।

    कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई नेपाल व बांग्लादेश की सीमा पार
    एसटीएफ जांच में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई नेपाल और बांग्लादेश की सीमा पार किये जाने की पुष्टी हुई हैं। इस पहलू में यह पता लगाना अहम है कि माल किन खरीदारों तक पहुंचा और सीमा पार नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी। कोडीनयुक्त कफ सिरप का नशे के लिए दुरुपयोग किए जाने की आशंका के बीच एसटीएफ बिलिंग और सप्लाई के दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

    अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा
    जांच में यह भी आरोप है कि संबंधित अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा था। दिसंबर 2024 के अंतिम दिनों में जांच एजेंसी की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद कारोबार रोकने और जनवरी-मार्च 2025 में बचे हुए माल को फिर बेचने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच और गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ने पर शुभम और गौरव भारत छोड़कर दुबई भाग गया। अब दुबई में होटल कारोबार, निवेश के स्रोत और भारत में संचालित फर्मों के साथ संभावित वित्तीय संबंधों की पुष्टि हुई है।

    बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए
    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले वर्ष इस सिंडिकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में बेचता था और इसकी आपूर्ति नेपाल व बांग्लादेश तक करता था। एसटीएफ ने नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के मुताबिक, अवैध कारोबार से कई सौ करोड़ रुपये की कमाई की गई। चार्जशीट में शुभम व गौरव के अलावा अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे को भी आरोपी बनाया गया है।

     

  • दशहरा-दीपावली पर स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की तैयारी में जुटी योगी सरकार

    दशहरा-दीपावली पर स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की तैयारी में जुटी योगी सरकार

    लखनऊ
    योगी सरकार आगामी दशहरा, दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर प्रदेशवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयारियों में जुट गई है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में व्यापक साफ-सफाई, सड़कों को गड्ढामुक्त करने, जल निकासी, कूड़ा निस्तारण, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। साथ ही मंदिरों, पूजा पंडालों और मूर्ति विसर्जन मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाने तथा सड़कों की मरम्मत समय से पूरी कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नगर आयुक्तों से त्योहारों की तैयारियों की जानकारी लेकर व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा है।

    विद्युत सुरक्षा और निर्बाध आपूर्ति पर विशेष जोर
    ऊर्जा मंत्री ने त्योहारों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूजा पंडालों का निरीक्षण कर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने और जुलूस व शोभायात्राओं के मार्गों पर बिजली के तारों का सर्वेक्षण कराने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने ढीले या नीचे लटके तारों को तत्काल दुरुस्त करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

    ऊर्जा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान रात के समय भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कुशल संविदा कर्मियों को फिर सेवा में रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए, ताकि विद्युत व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में अनुभवी कर्मियों की सेवाएं ली जा सकें।

  • मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

    मुरादाबाद की बेटियों की ढाल बनीं एसआई समीक्षा ठाकुर, शोहदों पर कसा शिकंजा

    मुरादाबाद
    नवरात्र में पूरा जनपद मां दुर्गा की आराधना में लीन है। पंडालों और मंदिरों में घंटियां गूंज रही हैं, और उसी समय सड़कों, बाजारों, चौराहों और गांव की चौपालों पर शक्ति का एक और रूप दिख रहा है- खाकी वर्दी में मुस्तैद महिला पुलिसकर्मी। इस मोर्चे का प्रतिनिधि रूप हैं मुरादाबाद की मिशन शक्ति सेल प्रभारी उप निरीक्षक समीक्षा ठाकुर, जो मानती हैं कि महिलाएं सिर्फ चहारदीवारी या सुरक्षित नौकरियों के लिए नहीं बनी हैं। वे खाकी पहनकर हर बहन-बेटी की ढाल भी बन सकती हैं। समीक्षा इसी संकल्प के साथ दिन-रात आधी आबादी को अभयदान देने में जुटी हैं।

    गांव की दहलीज से खाकी तक
    मां दुर्गा का एक रूप दृढ़ता का है, और समीक्षा की कहानी इसी से शुरू होती है। मेरठ के सरूरपुर खुर्द थाना क्षेत्र के पांची गांव की इस बेटी ने उस दौर में पढ़ाई और नौकरी का सपना देखा, जब गांवों में लड़कियों के लिए सोच बेहद सीमित थी। उन्होंने देखा कि अधिसंख्य महिलाएं लोकलाज व डर के मारे छेड़खानी व उत्पीड़न की तकलीफ दिल में दफन कर लेती थीं। यही टीस उनकी प्रेरणा बनी। 30 जून 2019 को पुलिस सेवा में शामिल होकर उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया और संकल्प लिया कि पीड़ितों की आवाज बनेंगी और उनका संकोच मिटाएंगी। आज वह ग्रामीण परिवेश की हर उस बेटी के लिए मिसाल हैं, जो सपनों को पंख देना चाहती है।

    चौपाल में संवाद: टूट रहा हिचक का दायरा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत 'मिशन शक्ति’ फेज-5.0 में समीक्षा के नेतृत्व में पुलिस टीम हर रविवार रोस्टर के अनुसार गांवों और कस्बों में 'बहू-बेटी सम्मेलन' और चौपाल कर रही हैं। कभी थाने जाने से कतराने वाली ग्रामीण महिलाएं अब महिला पुलिसकर्मियों को अपना साथी मानती हैं। स्कूल-कॉलेजों में शिकायत पेटिकाएं लगाई गई हैं। महिला बीट अधिकारी अपने मोबाइल नंबर छात्राओं से साझा कर रही हैं, ताकि नाम गोपनीय रखते हुए भी शिकायत दर्ज कराई जा सके। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पीआरवी की नियमित गश्त से माहौल सुरक्षित बनाया गया है।

    शोहदों पर जीरो टॉलरेंस का कहर
    समीक्षा बताती हैं कि जिले के सभी 20 थानों में एंटी रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति केंद्र सक्रिय हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने और छूटने के समय, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष चेकिंग अभियान चलता है। हाल में कटघर थाना क्षेत्र की चौकी दससराय में महिलाओं की शिकायत पर महिला उप निरीक्षक सोनम पुनिया की टीम ने राह चलती युवतियों पर अश्लील फब्तियां कसने वाले एक शोहदे को दबोच कर उसे जेल भेजा। महिला सुरक्षा दस्तों ने भी ऐसे शोहदों के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए हैं।

    सख्ती के साथ संवेदना का चेहरा भी
    खाकी सिर्फ सख्ती का नाम नहीं है, उसमें ममता भी है। समीक्षा बताती हैं कि मूढापाण्डे थाने में मिशन शक्ति सेल की महिला उप निरीक्षक सुनीता और उनकी टीम ने जेल में निरुद्ध एक महिला के तीन मासूम बच्चों का भविष्य संवारा। टीम ने बच्चों को स्कूल में एडमिशन कराया और साल भर की फीस भी जमा कराई। बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस व कॉपी-किताबें भी खरीदीं। इसी तरह सिविल लाइंस क्षेत्र से लापता हुए तीन बच्चों को महिला निरीक्षक ऊषा मलिक की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तलाशा और सकुशल परिजनों को सौंपा। कोतवाली क्षेत्र में लापता तीन वर्षीय बच्चे को उप निरीक्षक चंद्रप्रभा गौतम की टीम ने एक घंटे के भीतर खोजकर परिवार की गोद में लौटाया।

    पीड़ितों का सहारा बने मिशन शक्ति केंद्र
    मिशन शक्ति केंद्र पर पॉक्सो एक्ट के मामलों से जुड़ी पीड़ित बालिकाओं और महिलाओं की विशेषज्ञों से काउंसिलिंग कराई जा रही है। मकसद है उन्हें मानसिक आघात से उबारना, चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करना और पढ़ाई की आर्थिक अड़चनें दूर करना, जिसके लिए फीस माफी तक की व्यवस्था कराई जा रही है। समीक्षा के इस समर्पण के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

    जिम्मेदारी मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास
    समीक्षा कहती हैं कि पहले पुलिसिंग को केवल पुरुषों का दायित्व माना जाता था। अब हर बीट, हर चौराहे और संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी मिलने से उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा है। नवरात्र के अवसर पर उनका संदेश साफ है कि हर बेटी और महिला बिना किसी भय के अपने सपने पूरे करे, उनकी सुरक्षा और संबल के लिए योगी सरकार की पुलिस चौबीसों घंटे तैनात है।

  • ‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

    ‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

    लखनऊ
    सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए कहा  कि अखिलेश यादव को लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता है।

    'अयोध्या से डर लग रहा तो जहूराबाद से चुनाव लड़ें अखिलेश'
    राजभर ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने खुद चुनौती दी थी और अब  मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि वहां चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं।

    '200 करोड़ का प्रोजेक्ट 865 करोड़ तक पहुंचा, फिर भी अधूरा'
    जेपीएनआईसी को बेचने के आरोप पर राजभर ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, जो सपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के आठ सदस्यों में सात अखिलेश यादव के करीबी थे और अखिलेश यादव खुद भी उसमें शामिल थे। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के होटल, क्लब और आय के अन्य स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोगों का प्रभाव था।

    राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव के इसे बेचे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने में अंतर होता है।

    'अखिलेश अपने पांच साल के कार्यकाल को देखें'
    दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को अपने पांच साल के शासनकाल को भी देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिस के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? राजभर ने कहा कि पुलिस को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।

  • ग्वालियर-बरौनी छपरा मेल में सांप की सूचना से हड़कंप, मोंठ और उरई स्टेशन पर हुई तलाशी; नहीं मिला सांप

    ग्वालियर-बरौनी छपरा मेल में सांप की सूचना से हड़कंप, मोंठ और उरई स्टेशन पर हुई तलाशी; नहीं मिला सांप

    जालौन
    ग्वालियर से बरौनी जा रही छपरा मेल के एसी कोच में सांप होने की आशंका से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दी, जिसके बाद मोंठ स्टेशन पर वन विभाग की टीम और आरपीएफ ने कोच की जांच की।

    जांच के दौरान सांप के बजाय कोच के अंदर चूहा मिला, जिसे बाहर निकाल दिया गया। इसके बावजूद यात्रियों में डर बना रहा। बाद में उरई स्टेशन पर भी आरपीएफ ने कोच की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। इस दौरान ट्रेन करीब 10 मिनट अतिरिक्त खड़ी रही।

    ग्वालियर से बरौनी जाने वाली ट्रेन (11123) छपरा मेल शनिवार को नंदखास स्टेशन से गुजर रही थी। इसी दौरान एसी कोच में मौजूद यात्रियों को सांप होने की आशंका हुई। यात्रियों ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी।

    तलाशी में नहीं मिला कोई सांप
    ट्रेन के मोंठ स्टेशन पहुंचने पर पहले से मौजूद आरपीएफ और वन विभाग की टीम ने कोच के अंदर तलाशी ली। जांच में एक चूहा मिला, जिसे बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद भी यात्रियों की घबराहट दूर नहीं हुई।

    ट्रेन के दोपहर 4:03 बजे उरई स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे और संबंधित एसी कोच की दोबारा जांच की। हालांकि, तलाशी में कोई सांप या अन्य संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

    आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि कोच में कोई खतरा नहीं है और वे निश्चिंत होकर यात्रा करें। जांच के चलते ट्रेन करीब 10 मिनट अतिरिक्त स्टेशन पर खड़ी रही।

  • योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

    योगी सरकार किसानों की मदद को आगे आई, आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में मिलेगी राहत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर महीने में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अतिवृष्टि से कई स्थानों पर किसानों के खेतों व निजी भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ों के उखड़ने और गिरने की घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को राहत देने और गिरे हुए वृक्षों का नियमानुसार तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों (डीएफओ) और उत्तर प्रदेश वन निगम को निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    किसानों के आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि निजी भूमि और खेतों में गिरे पेड़ों को हटाने व उनके निस्तारण के लिए किसानों की ओर से दिए जाने वाले आवेदनों पर वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो, ताकि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त कर सकें। गिरे हुए पेड़ों की लकड़ी के परिवहन और निस्तारण में किसानों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक अभिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। परमिट जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित वन नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी भूमि पर गिरे वृक्षों की लकड़ी के निस्तारण में अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

    सड़कों पर गिरे पेड़ तत्काल हटाए जाएं
    सीएम योगी के निर्देशानुसार, तेज आंधी और तूफान के कारण सार्वजनिक मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाया जाए। मार्ग अवरोधों का शीघ्र समाधान किया जाए, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और प्रभागीय वनाधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित किसानों को पेड़ों के निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

    पारदर्शिता से होगा गिरे पेड़ों का निस्तारण
    मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया है। गिरे हुए वृक्षों को हटाने और उनके निस्तारण से संबंधित सभी कार्य निर्धारित वन नियमों के अनुसार किए जाएंगे। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

  • नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    बलरामपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलेगा तो रामराज्य की स्थापना को कोई ताकत नहीं रोक सकती। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज हर महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हर पांचवीं बेटी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं थीं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी रविवार को देवीपाटन मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवदुर्गा स्वरूप नौ कन्याओं का तिलक किया, चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की। बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की परंपरा रही है। नवरात्रि इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और विजयदशमी पर भगवान राम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने की बात कही।
     
    स्कूल छोड़ने वाली बेटियों की जांच कराई तो सामने आई हकीकत
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने बड़ी संख्या में बेटियों के स्कूल छोड़ने की वजह पूछी। पहले विद्यालयों की दूरी को कारण बताया गया। जांच के लिए टीम गठित की तो सामने आया कि स्कूलों में शौचालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाने, पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। कई बच्चों के पास सर्दियों में स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था शुरू की।
     
    सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा रही है। स्कूलों में बेहतर फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित हो रही हैं। जिन बच्चों की पहुंच कभी कंप्यूटर तक नहीं थी, वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचेगा।
     
    घर की मालकिन के नाम जाएगी आवास की धनराशि
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में धनराशि घर की महिला मुखिया के नाम जाएगी। मकान का मालिकाना अधिकार भी उसी का होगा। उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम दिए जा रहे हैं। एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में महिला सदस्यों को मालिकाना अधिकार मिला है। तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालय निर्माण नारी गरिमा की रक्षा का भी अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.10 करोड़ परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
     
    अहिल्याबाई से लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माता कौशल्या, जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी भारतीय नारी के सामर्थ्य की प्रतीक हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केदारनाथ सहित अनेक मंदिरों का पुनरुद्धार कराया। रानी लक्ष्मीबाई ने 25 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किया और 26 वर्ष में बलिदान हो गईं। अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई ने भी देश के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान निर्माण के साथ ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिला।
     
    फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को सौंपे उपकरण
    मुख्यमंत्री योगी ने फीता काटकर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना पूरी हो चुकी है। इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देगा। कृषि मेले से किसानों को नई तकनीक और नवाचार समझने का अवसर मिलेगा।
     
    बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट
    मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट वितरित किए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक भी मुख्यमंत्री योगी को भेंट की।
     
    बेटियों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण : कैलाश नाथ शुक्ला
    तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर प्रांगण में नवरात्रि पर कन्याओं का पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान सनातन परंपरा का उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को प्रोत्साहित कर उनका उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने क्षेत्र और जनपद की ओर से मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम, राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

  • ‘जेपी की आड़ में अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर पर्दा डालते हैं अखिलेश’: ब्रजेश पाठक का हमला

    ‘जेपी की आड़ में अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर पर्दा डालते हैं अखिलेश’: ब्रजेश पाठक का हमला

    लखनऊ
    |लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उनके योगदान और स्मृतियों को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नमन किया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना भी साधा। पाठक ने कहा कि जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव नाटक करेंगे, दीवार कूदेंगे और लोकनायक जयप्रकाश की आड़ में, उनकी स्मृतियों को नमन करने के बजाय सपा प्रमुख अपने भ्रष्टाचार और अपने परिवारवाद पर पर्दा डालने का काम करेंगे।

    ‘JPNIC बिका नहीं लीज पर दिया गया है’
    ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा प्रमुख बयान देंगे कि JPNIC को बेच दिया गया है लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि JPNIC के बेहतर संचालन के लिए उसे लीज पर दिया गया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार सभी महापुरुषों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण, लोहिया, नरेंद्र देव, ऐसे महापुरुष हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कथनों में सिर्फ उद्धृत ही नहीं करते हैं बल्कि उनके बताए गए मार्ग पर भी चलने का काम करते हैं।

    पाठक ने कहा, “डबल इंजन की सरकार ने माननीय योगी जी के नेतृत्व में JPNIC को लीज पर देकर लोकनायक की स्मृतियों को संजोते हुए चलाने का काम किया है।” उन्होंने परिवारवाद को लेकर अखिलेश यादव की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दावा तो यह भी किया जा रहा है कि उस समय की तत्कालीन सरकार के मुखिया ने अपने परिवार को ही JPNIC को चलाने का जिम्मा दे दिया था।

    डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि JPNIC में फाइव स्टार सुविधाओं के साथ-साथ स्विमिंग पूल भी है और वो किस राजनीतिक समाजवादी नेता के उपयोग में आएगा, प्रदेश की जनता इसे अच्छी तरह समझती है।”

    डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव से किया सवाल
    ब्रजेश पाठक ने सवाल करते हुए कहा कि सपा प्रमुख को बताना चाहिए कि प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से कमाया हुआ धन क्या सुख-सुविधा के लिए खर्च किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जीवन भर लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष करते रहे और कभी भी अपने लिए उन्होंने पूंजी एकत्र नहीं की। वहीं दूसरी तरफ सपा के लोग ढिंढोरा पीटकर अपने कदाचार को जयप्रकाश नारायण के नाम पर छुपाने का काम कर रहे हैं।