Category: उत्तर प्रदेश

  • ‘शिकायत नहीं सुनी गई’ तो टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस के आश्वासन पर उतरी नीचे

    ‘शिकायत नहीं सुनी गई’ तो टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस के आश्वासन पर उतरी नीचे

    लखनऊ
    लखनऊ के गौतमपल्ली क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के पास सोमवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब आगरा से आई एक महिला पार्क रोड स्थित ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला की पहचान तुलसा के रूप में हुई है। उसे टावर पर चढ़ा देखकर आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तुलसा का जमीन को लेकर पड़ोसी से विवाद चल रहा है। महिला का आरोप है कि पड़ोसी ने उसके प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। उसने इस संबंध में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। तुलसा का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

    आगरा से आई महिला लखनऊ में टावर पर चढ़ी
    महिला अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए आगरा से लखनऊ पहुंची थी। सोमवार को वह मुख्यमंत्री आवास के पास पार्क रोड पर स्थित टावर पर चढ़ गई। महिला के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इससे कुछ देर के लिए वहां भीड़ और अफरातफरी की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिला से बातचीत शुरू की और उसे नीचे आने के लिए समझाया। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों को भी मौके से दूर कर दिया, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की परेशानी न हो।

    पुलिस के समझाने पर मानी, क्रेन से उतारा गया
    काफी देर तक बातचीत और समझाने के बाद महिला पुलिस के आश्वासन पर टावर से नीचे उतर आई। पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने के बाद उसकी शिकायत और जमीन विवाद से जुड़ी जानकारी ली। अधिकारियों के मुताबिक, महिला के प्लॉट पर कब्जे के आरोपों की अभी प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। मामले में महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन 

    छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री 

    छोटी-छोटी घटनाओं में उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः सीएम योगी

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर सीएम का सख्त रुख, कहा- पीड़ितों की संतुष्टि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं। ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

    हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश
    मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है। अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें। 

    पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त 
    सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। 

    बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो 
     ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

  • यूपी में पैक्ड फूड पर फर्जी डेट का खेल बंद, अब असली निर्माण तिथि बताना जरूरी

    यूपी में पैक्ड फूड पर फर्जी डेट का खेल बंद, अब असली निर्माण तिथि बताना जरूरी

     लखनऊ
     अब पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को यह साफ पता चलेगा कि वह उत्पाद वास्तव में कब बनाया या तैयार किया गया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उत्तर प्रदेश में पैक किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के पैकेट पर वास्तविक निर्माण तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया है।

    केवल जिस दिन खाद्य पदार्थ को पैकेट में भरा या दोबारा पैक किया गया है, उस तारीख को निर्माण तिथि के रूप में लिखने की अनुमति नहीं होगी।विभाग के निरीक्षण में सामने आया कि कुछ कारोबारी खाद्य पदार्थ तैयार करने के बाद उसे लंबे समय तक गोदाम में रखते थे। बाद में छोटे पैकेटों में भरकर उस दिन की तारीख को ही निर्माण तिथि के रूप में लिख देते थे।

    कुछ रीलेबलर और रीपैकर भी ऐसा कर रहे थे। इससे उपभोक्ता को उत्पाद के वास्तविक पुराने होने की जानकारी नहीं मिल पाती थी और वह उसे नया उत्पाद समझ सकता था। विभाग के अनुसार हर खाद्य पदार्थ की एक तय उपयोग अवधि यानी शेल्फ लाइफ होती है।

    खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का हर हाल में करना होगा पालन
    यह अवधि उसके वास्तविक निर्माण या प्रसंस्करण की तारीख से शुरू होती है। लंबे समय तक रखे रहने से खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कई महीने पुराने उत्पाद को नए पैकेट में भरकर उस दिन की तारीख लिखना उपभोक्ता को भ्रमित कर सकता है।

    खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश के बाद अब खाद्य कारोबारियों को पैकेट पर उत्पाद की वास्तविक निर्माण या प्रसंस्करण तिथि स्पष्ट रूप से लिखनी होगी। बाद में की गई पैकिंग की तारीख को निर्माण तिथि बताना स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

  • जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं फरियादें, बोले- पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करें

    जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं फरियादें, बोले- पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करें

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं।

    ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

    हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश
    मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है।

    अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें।

    पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त
    सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

    बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो
    ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

     

  • UPITS 2026: 6 पार्टनर देश और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल, CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

    UPITS 2026: 6 पार्टनर देश और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल, CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

    माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर और उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा यूपीआईटीएस-2026

    ओडीओपी स्टॉल्स, स्थानीय कलाकारों और युवाओं की भागीदारी पर जोर

    युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच होगा ट्रेड शोः मा0 मुख्यमंत्री

    उत्तर प्रदेश के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य को गति देने के लिए चौथे संस्करण में शामिल होंगे 06 भागीदार देश, 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदार और 20 से अधिक उच्च-प्रभाव वाले नॉलेज सेशन

    गौतमबुद्धनगर
          उत्तर प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के सभागार में प्रशासनिक, प्राधिकरण एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS-2026) की तैयारियों की समीक्षा की। मा0 मुख्यमंत्री जी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, व्यवस्थापन, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा तथा सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर, स्थानीय उत्पादों एवं औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच प्रदान करने के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस संस्करण के लिए अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत 06 प्रमुख भागीदार देशों- जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस के साथ सक्रिय साझेदारी स्थापित की गई है। इन देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के माध्यम से भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेशी भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के इस आयोजन में भाग लेने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिये कि विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास की व्यवस्था की जाये। भाग लेने वाले देशों के उच्चायुक्तों के लिए संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) नियुक्त किए जाएं और आगंतुकों तथा प्रतिनिधियों की सहायता के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को वाॅलिंटियर्स के रूप में तैनात किया जाए। 
          मा0 मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ उचित रूप से जोड़ा जाना चाहिए और मंत्री, उद्योगों तथा व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक बातचीत को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बैठकें आयोजित की जाये तथा प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ नॉलेज सेशन संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टेक्निकल सेशन में उत्तर प्रदेश शासन के संबंधित विभागों के मंत्रियों एवं प्रमुख सचिवों को आवश्य आमंत्रित किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित हो सके। नॉलेज सेशन में जनता की भागीदारी को भी प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाना सुनिश्चित करें। 

          माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यूपीआईटीएस 2026 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के साथ-साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का एक सच्चा प्रतिनिधित्व बन सके। इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं, जिनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी और आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य तथा स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं। 
          माननीय मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था करने की आवश्यकता पर बल दिया। तीनों संबंधित प्राधिकरणों को स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए परस्पर समन्वय बनाना होगा। आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक-मुक्त रहना चाहिए, जिसके प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने स्टॉल लगाने का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया, उन्होंने प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाने तथा अतिरिक्त टावर लगाकर नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने और विश्वसनीय इंटरनेट व वाई-फाई सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाये और रील्स या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। 

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए सभी तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम रूप प्रदान करें। उन्होंने सभी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी न रह जाए। आयोजन की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास, आगंतुक सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

          पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री को यूपीआईटीएस 2026 के लिए यातायात योजना और व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया। आगंतुकों, प्रदर्शकों, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आम जनता की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्थल तक जाने और वहां से आने वाले सभी मार्गों की समीक्षा और अद्यतन किया गया है। सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्रिस्किंग (जांच) और भीड़-प्रबंधन उपायों सहित व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संभावित फुटफॉल को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए निरंतर निगरानी के साथ प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री को आयोजन स्थल तक आवागमन की सुविधा के साथ-साथ आगंतुकों और प्रदर्शकों के लिए निर्दिष्ट पार्किंग सुविधाओं की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। भीड़भाड़ को कम करने और आगंतुकों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमन, मार्ग प्रबंधन और पार्किंग संचालन का समन्वय किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल और भीड़-नियंत्रण उपायों को मजबूत किया गया है, तथा संबंधित टीमों को पूरे आयोजन के दौरान सतर्क और तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

          साइट की तैयारी, यातायात प्रबंधन और आगंतुक सुविधाओं के संबंध में स्थानीय प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक व्यवस्था की है। पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच आगंतुकों के लिए पर्यावरण-अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन की सुविधा के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, आने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है। एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, शहर की बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन्होंने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर पहले ही 1.3 करोड़ (13 मिलियन) से अधिक वीडियो व्यूज हासिल कर लिए हैं। खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय व अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक मौके पर तैनात हैं। 

          जिलाधिकारी ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस, औद्योगिक संगठनों, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के प्रशासकों और प्रतिनिधियों के साथ लक्षित समन्वय बैठकें की गई हैं। Gen-Z  और स्कूली छात्रों की भारी भागीदारी को प्रेरित करने के लिए, जिले ने एक डिजिटल रील चैलेंज, एक यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और युवाओं को जोड़ने तथा यूपीआईटीएस 2026 के दौरान उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई विशेष क्विज सहित संवाद स्थापित करने के लिए युवा पहलों की एक श्रृंखला की योजना बनाई है। 

          इस वर्ष की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच से प्रेरित, यूपीआईटीएस 2026 में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, रक्षा और एयरोस्पेस, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा और हेल्थकेयर, टेक्सटाइल और हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई), तथा पर्यटन और संस्कृति जैसे प्रमुख विकास चालकों का व्यापक प्रदर्शन होगा। मजबूत औद्योगिक गति का प्रदर्शन करते हुए, भूतल और द्वितीय तल के हॉलों में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी स्थान पहले ही बुक किया जा चुका है, जिसमें भाग लेने वाले औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए पूर्ण ले-आउट को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो उत्तर प्रदेश की क्षमता के वैश्विक प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है।

          इस अवसर पर मा0 मंत्री एम0एस0एम0ई0 भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मा0 राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, मा0 राज्यमंत्री एम0एस0एम0ई0 हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एव औद्योगिक विकास दीपक कुमार, आयुक्त अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, ए0डी0जी0 मेरठ जोन भानू भास्कर, मण्डलायुक्त मेरठ भानू चन्द्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहें।
          सौजन्य से सूचना विभाग गौतमबुद्धनगर।

  • अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर
     
    एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा
     
    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा
     
    बोले- टिकट बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं, सत्ता मिली नहीं और अभी से चढ़ गई ‘पैसे की गर्मी’
     
    कहा- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नेता भिड़ जाएं तो पार्टी के अनुशासन का हाल समझा जा सकता है
     
    राजभर का तंज- कार्यकर्ता की जगह अपराधी भरेंगे तो क्या होगा, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय
     
     लखनऊ

     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एटा-कासगंज में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज किया कि अखिलेश यादव ने बैठक चुनावी रणनीति बनाने के लिए बुलाई थी, लेकिन उनके सामने ही नेताओं में कुश्ती हो गई। उन्होंने पीडीए का नया मतलब भी “पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई” बताया।
     
    राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी! क्या से क्या हो गया, देखते-देखते। बुलाए थे बैठक और हो गई कुश्ती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की जगह अपराधियों को भरकर रखा जाएगा तो नतीजा ऐसा ही होगा। इसी के साथ उन्होंने कहावत लिखी, “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”
     
    सत्ता मिली नहीं, अभी से ‘पैसे की गर्मी’
    राजभर ने एटा-कासगंज की बैठक में हुए विवाद और इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयां भंग किए जाने को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने अखिलेश की “पैसे की गर्मी” वाली टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि टिकट अभी बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं और सत्ता मिली नहीं, लेकिन “पैसे की गर्मी” अभी से चढ़ गई है।
     
    उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ही नेता आपस में भिड़ जाएं और अध्यक्ष को बैठक छोड़कर जाना पड़े, वहां अनुशासन का हाल समझा जा सकता है। राजभर ने कटाक्ष किया कि “सपा और अनुशासन” एक साथ नहीं आ सकते।
     
    प्रदेश की इकाई भी भंग कर दीजिए
    राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव जिताना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। सिर्फ एटा-कासगंज के नेताओं को ही “पैसों की गर्मी” नहीं आई है, बल्कि हाल सब जगह एक जैसा है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव” लिखा।

  • पारुल चौधरी से गुलवीर सिंह तक, एशियन गेम्स में यूपी के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद

    पारुल चौधरी से गुलवीर सिंह तक, एशियन गेम्स में यूपी के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद

    लखनऊ
    आईची-नागोया में एशिया में खेलों में एशिया का सिरमौर बनने के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। भारतीय दल में करीब दो दर्जन खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से भी हैं। राज्य के खिलाड़ी अपना पिछला रिकार्ड पीछे छोड़ने की चाह लिए एशियाई खेलों में पहुंचे हैं। पिछले यानी हांगझोऊ एशियाई खेल में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल सात स्वर्ण समेत 24 पदक जीते थे। इस बार और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
    पारुल चौधरी

    पिछले एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के 39 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस बार करीब दो दर्जन खिलाड़ी हैं। पदक की सबसे बड़ी आस मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी हैं। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में दो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था और एक में स्वर्ण और एक में रजत पदक जीते थे। इस बार वह तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। वह 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशिया की सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। उन्हें दो स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

    गुलवीर सिंह
    गुलवीर सिंह लंबी दूरी की दौड़ में एशिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिछले एशियाई खेलों में उन्होंने 10000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इस बार गुलवीर तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर की दौड़ में हिस्सा लेंगे। तीनों में उनसे पदक की उम्मीद है। 10000 मीटर दौड़ में उनका स्वर्ण अभी से पक्का माना जा रहा है।

    इनके अलावा एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव, लांग जंपर शैली सिंह और हैमर थ्रो की सबसे युवा राष्ट्रीय रिकार्डधारी अस्मिता यादव भी पदक के दावेदार हैं। प्राची चौधरी 400 मीटर और 4 गुणा 400 मीटर रिले में हिस्सा लेंगी। इसमें रिले में उनसे पदक की पूरी उम्मीद है।

    राजकुमार पाल
    पेरिस ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता राजकुमार पाल से पदक की पूरी उम्मीद है। हाकी टीम पिइछले एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता है। इस बार भी उसे स्वर्ण का दावेदार माना जा रहा है।

    दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम
    पिछले एशियाई खेलों इस बार भारतीय महिला व पुरुष टीम के चैंपियन बनने की पूरी उम्मीद है। ऐसे महिला टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम के खाते में पदक आने तय हैं।

    ये खिलाड़ी भी पदक के दावेदार
    पिछले बार की चैंपियन कबड्डी टीम की तरफ से स्वर्ण जीतने वाली अर्जुन देशवाल इस बार भी टीम में शामिल हैं। उनसे इस बार भी राज्य को पदक को उम्मीद है। ऐसे ही पिछले एशियाई खेलों के पदक विजेता नौकायन खिलाड़ी अरविन्द कुमार भी पदक के दावेदार हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जूडोका अस्मिता डे एशियाई खेलों में भी पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। उन्हें जापान और चीन जैसे देशों से टक्कर लेनी पड़ेगी। ये देश राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं होते हैं। भारतीय दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्षीय निशानेबाज मेराज अहमद खान का यह चौथा एशियाई खेल होगा।

    यूपी के खिलाड़ियों के पास इस बार पदक जीतने के अच्छे मौके हैं। खासकर पारुल चौधरी, जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव और गुलवीर सिंह जैसे खिलाड़ियों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। पारुल ने पिछली बार भी धमाकेदार प्रदर्शन किया था। रोहित लगातार प्रभावित कर रहे हैं। इस बार उत्तर प्रदेश से एथलेटिक्स की सबसे बड़ी टीम गई है, जिसमें 14 खिलाड़ी शामिल है। इसलिए पदक भी अधिक आने चाहिए।
    जेएस भाटिया, द्रोणाचार्य अवार्डी एवं अंतरराष्ट्रीय     
         एथलेटिक्स कोच    

     

  • 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त

    500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त

    यूपी के हुनर और उत्पादों को दुनिया का बाजार देगा ट्रेड शो: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा, अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश
     
    एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी गति, जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस होंगे भागीदार देश
     
    72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आएंगे करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार, छह देशों के लिए होंगे प्रीमियम पवेलियन और बी2बी बैठकें
     
    20 से अधिक नॉलेज सेशन में उद्योग और निवेश पर होगा मंथन, संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव भी होंगे शामिल
     
    ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, फार्मा और टेक्सटाइल तक दिखेगी यूपी की औद्योगिक ताकत
     
    युवाओं को जोड़ने के लिए रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज, छात्र संभालेंगे वॉलंटियर की जिम्मेदारी
     
    500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त
     
     ग्रेटर नोएडा

     उत्तर प्रदेश के हुनर, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक क्षमता को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के जरिए वैश्विक मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
     
    ट्रेड शो के चौथे संस्करण में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस छह भागीदार देश होंगे। 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाएगा। युवाओं को यहां प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर भी मिलेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी नहीं रहनी चाहिए। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास और आगंतुक सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ काम करें।
     
    छह देशों के लिए प्रीमियम पवेलियन, होंगी बी2बी बैठकें
    छह भागीदार देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के जरिए ट्रेड शो में भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेश स्थित भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की संभावना है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास तथा भागीदार देशों के उच्चायुक्तों के लिए लायजन ऑफिसर नियुक्त करने को कहा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को आगंतुकों एवं प्रतिनिधियों की सहायता के लिए वॉलंटियर बनाया जाएगा। सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक भी खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए तैनात रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री, उद्योग जगत और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद के लिए अतिरिक्त बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
     
    20 से अधिक नॉलेज सेशन, मंत्री और प्रमुख सचिव भी जुड़ेंगे
    ट्रेड शो में 20 से अधिक उच्च प्रभाव वाले नॉलेज सेशन होंगे। मुख्य
    मंत्री योगी ने प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ इन्हें संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। टेक्निकल सेशन में संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रमुख सचिवों को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श और विभागीय समन्वय हो सके। नॉलेज सेशन में आम लोगों की भागीदारी भी प्रोत्साहित की जाएगी।
     
    अवध, ब्रज और बुंदेलखंड की भी दिखेगी झलक
    मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, जिससे ट्रेड शो प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का प्रतिनिधित्व कर सके। इसके लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी एवं आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य के साथ स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं।
     
    ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस तक दिखेगी ताकत

    इस वर्ष ट्रेड शो की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच’ है। इसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं हेल्थकेयर, टेक्सटाइल एवं हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई) तथा पर्यटन एवं संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन होगा।
     
    भूतल और द्वितीय तल के हॉल में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र पहले ही बुक हो चुका है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉरपोरेट संस्थाओं के लिए पूरा ले-आउट भी अंतिम रूप ले चुका है।
     
    23 सितंबर तक तैयार होंगे सरकारी विभागों के स्टॉल

    मुख्यमंत्री योगी ने सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक स्टॉल लगाने का काम पूरा करने को कहा। प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने तथा विश्वसनीय इंटरनेट और वाई-फाई सेवा सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
     
    आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त रहेगा। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था होगी। तीनों संबंधित प्राधिकरण स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन के लिए आपसी समन्वय से काम करेंगे। प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा बल की तैनाती, फ्रिस्किंग, भीड़ प्रबंधन, निगरानी और निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। रील या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
     
    500 से अधिक ईवी शटल बसों से आयोजन स्थल पहुंचेंगे आगंतुक

    पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच पर्यावरण अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है।
     
    एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, सिटी बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं। मेटा प्लेटफॉर्म पर प्रचार वीडियो को अब तक 1.3 करोड़ यानी 13 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
     
    युवाओं और स्कूली छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज आयोजित की जाएगी। आरडब्ल्यूए, औद्योगिक संगठनों और स्थानीय स्कूल-कॉलेजों के साथ भी समन्वय किया गया है।
     
    ये रहे मौजूद
    समीक्षा बैठक में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास दीपक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक कुमार, एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त मेरठ भानु चंद्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • कोयले की कमी के बीच यूपी में बिजली व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौती से राहत; सरकार ने संभाली सप्लाई

    कोयले की कमी के बीच यूपी में बिजली व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौती से राहत; सरकार ने संभाली सप्लाई

    कोयला संकट के बावजूद योगी सरकार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौतीमुक्त बिजली

    पीक आवर्स में पावर बैंकिंग के जरिए मिल रही 2,400 मेगावाट बिजली

    महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत सात राज्यों से बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास

    19 सितंबर को 27,744 मेगावाट पीक डिमांड विद्युत आपूर्ति की गई 

    सभी उपभोक्ताओं को दिन में मिली कटौतीमुक्त बिजली

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कोयला संकट और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में विद्युत आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन के समय कटौती-मुक्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी औसतन 20 घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    महाराष्ट्र समेत सात राज्यों से बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास

    पीक आवर्स में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रदेश को विभिन्न राज्यों से पावर बैंकिंग के माध्यम से औसतन लगभग 2,400 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है। इसमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल हैं। दूसरे राज्यों से बिजली प्राप्त करने की इस व्यवस्था से प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल रही है। सरकार और विद्युत विभाग का जोर उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुचारु बिजली उपलब्ध कराने पर है।

    दिन में कटौती मुक्त बिजली

    19 सितंबर को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली मिली। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे 33 मिनट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इस अवधि में 27,744 मेगावाट की विद्युत मांग की आपूर्ति की गई। यूपी पीक डिमांड बिजली आपूर्ति में देश में दूसरे स्थान पर रहा। इससे पहले 18 सितंबर को भी सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली मिली थी।

    रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

    इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 21 घंटे 43 मिनट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी। प्रदेश में 27,173 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जाएं और जहां से भी बिजली उपलब्ध हो, उसे प्राप्त कर आपूर्ति सामान्य बनाए रखी जाए।

    अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए तेजी से हो रहे कार्य

    वहीं, सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाने के लिए विभिन्न अनुरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। यूपीपीसीएल की टीमें फील्ड में आवश्यक रखरखाव कार्यों को पूरा करने में जुटी हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।

  • नशे के कारोबार पर शिकंजा, झारखंड से रामनगर जा रही गांजे की खेप पकड़ी; 2.51 क्विंटल माल जब्त

    नशे के कारोबार पर शिकंजा, झारखंड से रामनगर जा रही गांजे की खेप पकड़ी; 2.51 क्विंटल माल जब्त

    नशे के कारोबार पर योगी सरकार की सख्ती, 2.65 करोड़ रुपये के गांजे के साथ झारखंड का तस्कर गिरफ्तार

    251 किलो से अधिक गांजा कंटेनर में छिपाकर ले जा रहा था, एएनटीएफ ने चंदौली में पकड़ा

    लखनऊ
    नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे योगी सरकार के अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एएनटीएफ थाना गाजीपुर की टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले झारखंड के एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 251 किलो से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत लगभग 2.65 करोड़ रुपये बताई गई है। 

    एएनटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान झारखंड के बोकारो निवासी बजरंग कुमार सिंह के रूप में हुई है। आरोपी को 20 सितंबर को चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की कटारिया सर्विस लेन से गिरफ्तार किया गया। टीम ने उसके कब्जे से गांजे के अलावा एक कंटेनर वाहन, एंड्रॉयड मोबाइल फोन, निर्वाचन कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य सामान भी बरामद किया है।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि झारखंड के एक व्यक्ति ने कंटेनर में गांजा लदवाकर उसे बोकारो से रामनगर जाने के लिए कहा था। रामनगर में एक व्यक्ति को गांजा सौंपने और इसके बदले रकम लेकर वापस आने की बात कही गई थी। आरोपी के मुताबिक उसे इस काम के बदले हिस्सा मिलना था। आरोपी से तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण अन्य जानकारी भी मिली है। इस मामले में अलीनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे कार्रवाई की जा रही है।