Category: उत्तर प्रदेश

  • PM श्री स्कूलों में नया मॉडल, 1,565 स्कूलों में विद्यालय-अभिभावक-ग्राम समुदाय मिलकर करेंगे बदलाव

    PM श्री स्कूलों में नया मॉडल, 1,565 स्कूलों में विद्यालय-अभिभावक-ग्राम समुदाय मिलकर करेंगे बदलाव

    योगी सरकार में 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर गढ़ेंगे शिक्षा का नया परिवेश

    – नवंबर में होगा विशेष आयोजन, विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय की सहभागिता से बच्चों को मिलेगा समृद्ध शैक्षिक परिवेश

    – रैली, प्रभातफेरी, नाटक, कहानी-वाचन, खेल एवं पोस्टर प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों से सजेगा ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’

    – बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ उत्कृष्ट विद्यार्थियों का होगा सम्मान

    – कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों को क्रमशः अगली कक्षाओं में नामांकन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित

    – 1,565 पीएम श्री विद्यालयों के लिए कुल ₹46.95 लाख का वित्तीय प्रावधान

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों को शिक्षा के साथ जनभागीदारी और सामुदायिक सहभागिता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में नवंबर में ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जाएगा। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ आयोजन के लिए 1,565 पीएम श्री स्कूलों के लिए कुल ₹46.95 लाख की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है। 

    ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने, अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय, परिवार और ग्राम समुदाय की साझेदारी से तैयार यह पहल बच्चों की शिक्षा को सामाजिक सहयोग से जोड़ते हुए पीएम श्री स्कूलों को स्थानीय स्तर पर सीखने, सहभागिता और विकास के केंद्र के रूप में और भी सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    विद्यालय और समुदाय की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
    ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय को उसके सामाजिक परिवेश से जोड़ते हुए अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें एक साझा मंच पर लाकर बच्चों की शिक्षा, नामांकन, ठहराव और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक समृद्ध बनाया जाएगा। इस दौरान समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों तथा समग्र शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। 

    रैली से खेल तक, बच्चों की प्रतिभा को मिलेगा मंच
    इस दौरान रैली/ प्रभातफेरी, नाटक एवं कहानी-वाचन, पोस्टर एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी तथा खेल प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी प्वाइंट जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में विद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है, जिससे बच्चों में उपलब्धि के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिलेगा। 

    बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश
    आयोजन में बाल अधिकारों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अभिभावकों और ग्राम समुदाय को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनकी शिक्षा और संरक्षण के प्रति सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाया जाएगा। 

    कोट:
    “पीएम श्री स्कूलों को समुदाय से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगे।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    कोट:
    “विद्यालय और समुदाय की सहभागिता से बच्चों की शिक्षा को नई ऊर्जा मिलेगी। ‘मेरा गांव–मेरा विद्यालय’ कार्यक्रम में गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।”
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • योगी सरकार में युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं के बढ़े अवसर, 520 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

    योगी सरकार में युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं के बढ़े अवसर, 520 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

    लखनऊ

    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने और विभिन्न विभागों में मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में लगातार भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने खेल एवं युवा कल्याण से जुड़े कुल 520 पदों पर चयन के लिए दो अलग-अलग मुख्य परीक्षाओं के विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें खेल निदेशालय के 108 पद तथा क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी एवं व्यायाम प्रशिक्षक के 412 पद शामिल हैं।

    दोनों भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2025 (पीईटी-2025) के नार्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग के बाद किया जाएगा।

    खेल निदेशालय में 108 पदों पर भर्ती

    आयोग ने विज्ञापन संख्या 22-परीक्षा/2026, खेल निदेशालय मुख्य परीक्षा (प्रा0अ0प0-2025)/22 जारी किया है। इसके तहत विभिन्न प्रकार के कुल 108 रिक्त पदों पर चयन किया जाएगा। विज्ञापन 30 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया गया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 4 नवंबर 2026 तक पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कर सकेंगे। शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    युवा कल्याण एवं व्यायाम प्रशिक्षक के 412 पद

    विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी तथा व्यायाम प्रशिक्षक मुख्य परीक्षा (प्रा0अ0प0-2025)/23 के तहत कुल 412 पदों पर भर्ती होगी। इनमें क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 368 पद तथा व्यायाम प्रशिक्षक के 44 पद शामिल हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन, पंजीकरण एवं शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2026 है, जबकि शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    पीईटी-2025 में शामिल अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन

    दोनों मुख्य परीक्षाओं के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने संबंधित पद की अनिवार्य अर्हता पूरी करने के साथ पीईटी-2025 में प्रतिभाग किया हो और आयोग द्वारा उन्हें स्कोर कार्ड जारी किया गया हो। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी-2025 के नार्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मेरिट के अनुसार की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। आयोग के अनुसार पीईटी-2025 में वास्तविक अथवा नार्मलाइज्ड स्कोर में शून्य या उससे कम/नकारात्मक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा।

    यूआई और प्रोविजनल अभ्यर्थियों के लिए भी प्रावधान

    पीईटी-2025 के परिणाम में आयोग स्तर से अंडर इन्वेस्टिगेशन (यूआई) और प्रोविजनल के रूप में चिन्हित अभ्यर्थियों को भी संबंधित मुख्य परीक्षाओं में आवेदन की औपबंधिक अनुमति दी गई है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग और चयन संबंधी आगे की कार्यवाही आयोग द्वारा की जा रही जांच के परिणाम एवं अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

    समयसीमा का रखें विशेष ध्यान

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथियों के बाद आवेदन या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को बैंक द्वारा शुल्क समायोजन की प्रक्रिया भी निर्धारित समयसीमा में पूरी करनी होगी। शुल्क समायोजन के बाद ही आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकाला जा सकेगा। दोनों विज्ञापनों में आवेदन के दौरान अनुमन्य विवरण में संशोधन के लिए अलग से समय दिया गया है।

  • योगी सरकार में पारदर्शी चयन प्रक्रिया को गति, प्रवर्तन कांस्टेबल के 477 पदों पर अंतिम परिणाम जारी

    योगी सरकार में पारदर्शी चयन प्रक्रिया को गति, प्रवर्तन कांस्टेबल के 477 पदों पर अंतिम परिणाम जारी

    लखनऊ

    योगी सरकार की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परिवहन विभाग में प्रवर्तन कांस्टेबल के 477 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी करते हुए अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। विज्ञापन संख्या-04-परीक्षा/2023 के अंतर्गत कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के नियंत्रणाधीन प्रवर्तन कांस्टेबल के रिक्त पदों पर चयन के लिए आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक/शारीरिक प्रवीणता एवं दक्षता परीक्षा तथा अभिलेख परीक्षण के बाद कुल 477 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है। आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांकों की सूची और संबंधित कट-ऑफ अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।

    सभी 477 रिक्त पदों पर हुआ चयन

    कुल 477 पदों में 225 अनारक्षित, 93 अनुसूचित जाति, 13 अनुसूचित जनजाति, 99 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 47 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पद शामिल थे। आयोग द्वारा इन सभी 477 पदों के सापेक्ष 477 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है।

    महिला, पूर्व सैनिक और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित श्रेणी में भी चयन

    क्षैतिज आरक्षण के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित वर्ग के लिए विज्ञापित नौ पदों के सापेक्ष उपलब्धता के अनुसार तीन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। सैन्य वियोजित/भूतपूर्व सैनिक श्रेणी में विज्ञापित 23 पदों के सापेक्ष सभी 23 पदों पर चयन हुआ है। वहीं महिला श्रेणी के लिए विज्ञापित 95 पदों के सापेक्ष 95 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। आयोग के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित वर्ग के छह अवशेष पदों तथा उत्कृष्ट खिलाड़ी श्रेणी के नौ पदों के लिए संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण नियमानुसार मेरिट के क्रम में अन्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। क्षैतिज आरक्षण के तहत चयनित अभ्यर्थी अपनी मूल श्रेणी में समाहित हैं।

    39 अभ्यर्थियों का चयन औपबंधिक

    आयोग ने 39 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से अंतिम चयन परिणाम में शामिल किया है। इन अभ्यर्थियों का अंतिम चयन उनके द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक प्रपत्रों एवं प्रमाण पत्रों के परीक्षण के बाद आयोग के निर्णय के अधीन रहेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन परिणाम संबंधित विज्ञापन के संबंध में उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट याचिकाओं/विशेष अपीलों में पारित होने वाले आदेशों तथा भविष्य में दायर होने वाले मामलों में पारित आदेशों के अधीन रहेगा।

    आयोग की वेबसाइट पर सूची और कट-ऑफ उपलब्ध
    आयोग के अनुमोदन के बाद 477 चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांकों की सूची चार पृष्ठों में तथा कट-ऑफ एक पृष्ठ में आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परिणाम एवं कट-ऑफ देख सकते हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण कदम है।

  • योगी सरकार के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मिलेगी नई गति

    योगी सरकार के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मिलेगी नई गति

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, नवाचार और तकनीकी विकास को लगातार गति दे रही है। इसी क्रम में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की भूमिका को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को योजना भवन, लखनऊ में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने की।

    बैठक में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तकनीक आधारित विस्तार देने की आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आईटी नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति, सेमीकंडक्टर नीति, डेटा सेंटर नीति, स्टार्टअप नीति और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) से जुड़े प्रावधानों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।

    आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को विकास का प्रमुख आधार बनाने पर जोर

    बैठक में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा के दौरान इन क्षेत्रों के माध्यम से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

    मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी नीतियों और योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नई पहलों और प्रोत्साहन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में अंतिम रूप देकर धरातल पर लागू करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसका लाभ निवेशकों, कंपनियों और प्रदेश के युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।

    निवेश के साथ रोजगार और कौशल विकास पर भी फोकस

    मंत्री ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तकनीकी विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में होने वाला निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी तैयार करेगा।

    निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति और प्रोत्साहन वितरण में तेजी के निर्देश

    बैठक में निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति, प्रोत्साहन वितरण और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और परियोजनाओं को समय से धरातल पर उतारना आवश्यक है।

    तकनीकी रूप से सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ेगा विभाग

    बैठक में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, नवाचार, रोजगार, स्टार्टअप और तकनीकी विकास को और गति देने पर जोर दिया गया।

    बैठक में लिए गए निर्णयों के माध्यम से प्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने तथा योगी सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया गया।

    बैठक में प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार, आईएएस, विशेष सचिव/प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को आकांक्षा राणा, आईएएस, विशेष सचिव/प्रबंध निदेशक यूपीएलसी जसजीत कौर, आईएएस सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व निर्माण, सर्वोदय विद्यालयों में एनसीसी से निखर रहा भविष्य

    पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व निर्माण, सर्वोदय विद्यालयों में एनसीसी से निखर रहा भविष्य

    लखनऊ

    योगी सरकार में प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) से विद्यार्थियों को जोड़कर उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित की जा रही है। वर्तमान में पांच सर्वोदय विद्यालयों के 344 छात्र-छात्राएं एनसीसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं।

    इटावा में एनसीसी की नई इकाई, 80 विद्यार्थियों को मिलेगा अवसर

    विद्यार्थियों को एनसीसी से जोड़ने की दिशा में इटावा के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कंधनी को 80 सीट की नई एनसीसी जूनियर डिवीजन इकाई आवंटित की गई है। विद्यालय में एनसीसी के निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुशासन और नेतृत्व विकास का नया मंच मिलेगा। वहीं इटावा के नगला हीरालाल विद्यालय में पहले से 50 कैडेट एनसीसी से जुड़े हुए हैं।

    पांच विद्यालयों में 344 कैडेट, प्रशिक्षण से बढ़ रहा आत्मविश्वास

    वर्तमान सत्र में बस्तौरा, रसड़ा (बलिया) में 50 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 44 कैडेट 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए गए हैं। नगला हीरालाल, इटावा में 50, भोजीपुरा, बरेली में 100, परसिया, मिर्जापुर में 66 और सर्वोदय बालिका विद्यालय मड़िहान, मिर्जापुर में 34 छात्राएं एनसीसी से जुड़ी हैं। इस तरह इन विद्यालयों में कुल 344 विद्यार्थी एनसीसी प्रशिक्षण का लाभ उठा रहे हैं।

    परेड से सामाजिक सेवा तक, व्यक्तित्व विकास का बन रहा आधार

    एनसीसी प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को परेड, शारीरिक प्रशिक्षण, शिविर, सामाजिक सेवा और साहसिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है। इससे उनमें टीम भावना, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। एनसीसी प्रमाणपत्र भी निर्धारित नियमों के तहत आगे विभिन्न शैक्षणिक और रोजगार अवसरों में उपयोगी हो सकते हैं।

    समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनसीसी के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होगी। कंधनी जैसे विद्यालयों में एनसीसी इकाई का विस्तार विद्यार्थियों को नए अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • अखिलेश यादव के बिजली वाले बयान पर एके शर्मा का पलटवार, बोले- जब सत्ता में थे तब किसानों को बिजली-पानी क्यों नहीं दिया?

    अखिलेश यादव के बिजली वाले बयान पर एके शर्मा का पलटवार, बोले- जब सत्ता में थे तब किसानों को बिजली-पानी क्यों नहीं दिया?

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के बिजली और किसानों को लेकर दिए बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अखिलेश यादव सत्ता में थे, तब किसानों को बिजली और पानी क्यों नहीं दिया गया।

    एके शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव जब बिजली के मुद्दे पर बोलते हैं तो उन्हें ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर व्यक्ति को हंसी आती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता में आने पर सभी किसानों को बिजली और पानी देंगे, लेकिन सवाल यह है कि जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया।

    उन्होंने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक अखिलेश यादव पूरे उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि सिर्फ अपने गांव और सैफई की बात कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि जब अखिलेश सत्ता में थे तो सैफई में पर्याप्त बिजली और पानी मिला होगा और सबसे बड़ी बात मुफ्त बिजली भी दी गई, जबकि पूरा प्रदेश बिजली के लिए तड़पता रहा।

    ‘2017 तक दो-तिहाई आबादी ने बिजली का दर्शन नहीं किया’

    एके शर्मा ने कहा कि 2017 तक करीब तीन लाख गांवों और मजरों में से केवल 60-70 हजार गांवों में केवल 1,21,000 मजरों का विद्युतीकरण हुआ था। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि राज्य की दो-तिहाई आबादी ने बिजली का दर्शन भी नहीं किया था। न खंभा पहुंचा था, न तार और बिजली तो दूर की बात थी।

    ‘2017 तक 1.80 करोड़, आज 3.70 करोड़ बिजली उपभोक्ता’

    मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को यह भी जानना चाहिए कि 2017 तक, आजादी के 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में केवल करीब 1 करोड़ 80 लाख विद्युत उपभोक्ता हुआ करते थे। आज यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 70 लाख हो गई है।

    उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में करीब दो करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। शर्मा ने कहा कि राज्य का क्षेत्रफल, जनसंख्या और घरों की संख्या लगभग वही है, जबकि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

    एके शर्मा ने कहा कि ऐसे में अखिलेश यादव को बिजली पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के दौरान बिजली तंत्र और पूरे राज्य की व्यवस्था की जो दुर्दशा हुई, उसे मौजूदा डबल इंजन सरकार पाटने का काम कर रही है।

    ‘राजनीतिक स्वार्थ के लिए रंग बदलते हैं’

    अखिलेश यादव के हरे और लाल रंग को लेकर दिए बयान पर भी एके शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का कोई रंग नहीं है और राजनीतिक स्वार्थ के लिए रंग बदलने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि लाल टोपी, हरा रंग और काली सदरी उनका कोई एक रंग नहीं है। शर्मा ने कहा कि पंडितों के बीच जाने पर PDA का फुल फॉर्म ‘पंडित’ बताया जाता है और पिछड़ों के बीच जाने पर PDA का मतलब ‘पिछड़ा’ बताया जाता है।

    उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव न पिछड़ों के हैं, न पंडितों के और न ही किसी एक रंग के। उनके मुताबिक अखिलेश यादव राजनीतिक स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

    समाजवाद पढ़ने की सलाह पर एके शर्मा का पलटवार

    अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह दिए जाने पर भी एके शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने बहुत अच्छी पढ़ाई पढ़ ली है और पत्रकारों को उनके वाले समाजवाद की पढ़ाई नहीं करनी चाहिए।

    शर्मा ने आरोप लगाया कि गरीबों को प्रताड़ित करना और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ करना ही अखिलेश का समाजवाद है। उन्होंने पत्रकारों समेत पूरे समाज से अपील की कि ऐसे समाजवाद की पढ़ाई न करें।

  • ‘लाल टोपी वालों के कारनामे भूली नहीं है यूपी की जनता’, अखिलेश पर अनिल राजभर का तीखा हमला

    ‘लाल टोपी वालों के कारनामे भूली नहीं है यूपी की जनता’, अखिलेश पर अनिल राजभर का तीखा हमला

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के हरे और लाल रंग को लेकर दिए बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने 2012 से 2017 के बीच की सपा सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने उस दौरान ‘लाल रंग के असर’ को खूब देखा और महसूस किया है।

    अनिल राजभर ने कहा कि लाल टोपी पहनकर समाजवादी पार्टी के लोग गरीबों की जमीन पर कब्जा किया करते थे और मां-बहनों की इज्जत-आबरू पर हाथ डालने की कोशिश करते थे। उन्होंने कहा कि लाल टोपी देखकर व्यापारी अपना शटर बंद कर देते थे।

    उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग रंग बदलने में माहिर हैं। सत्ता में रहते हैं तो लाल टोपी पहनकर जनता का शोषण करते हैं और सरकार से बाहर आते ही उन्हें क्रांति दिखाई देने लगती है।

    पुरानी पेंशन के मुद्दे पर भी अखिलेश को घेरा

    पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर अनिल राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि पुरानी पेंशन छीनी किसने थी। उन्होंने 28 मार्च 2005 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और इसी सरकार ने ‘नई पेंशन’ को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। उन्होंने कहा कि जनता इस बात को नहीं भूली है और समाजवादी पार्टी की ‘चाल और चलन’ को अच्छी तरह जानती है।

    जयंत चौधरी के मुद्दे पर भी अखिलेश पर हमला

    अखिलेश यादव के जयंत चौधरी पर निशाना साधने को लेकर भी अनिल राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी डर रही है और पार्टी के मुखिया को नींद नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को जो सबका अपमान करने का शौक है, वह उन्हें कहीं का नहीं छोड़ेगा।

    अनिल राजभर ने चौधरी चरण सिंह और उनके परिवार के सम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि देश की राजनीति में चौधरी साहब और उनके परिवार का सम्मान किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब के परिवार का जो अपमान किया गया है, उसका सबक प्रदेश के किसान, गरीब, पिछड़े और दलित समाजवादी पार्टी को सिखाएंगे।

    पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह पर भी पलटवार

    अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह दिए जाने पर भी अनिल राजभर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कैमरों के सामने असहज हो जाते हैं और किसी की जाति, चैनल या घर के बारे में पूछने लगते हैं। अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया को किसी पर भरोसा नहीं है और किसी का अपमान करने में उन्हें एक-एक क्षण की भी देरी नहीं लगती।

  • जिसका गुणगान करें, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करें, स्थिरता ही जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र: मुख्यमंत्री

    जिसका गुणगान करें, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करें, स्थिरता ही जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र: मुख्यमंत्री

    श्रीराम मंदिर के लिए जीवन समर्पित किया गोरक्षपीठ के पूज्य संतों ने: मुख्यमंत्री

    राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन

    समय, समाज और राष्ट्र के अनुकूल चलना ही महापुरुषों का गुण: सीएम योगी

    जिसका गुणगान करें, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करें, स्थिरता ही जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र: मुख्यमंत्री

    विसंगति को अपने अंदर समाहित कर लोक कल्याण का आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व: सीएम योगी

    गोरखपुर, 
     गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए गोरक्षपीठ के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि अयोध्या में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ जी उपस्थित रहे तो गुलामी का ढांचा हटाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का नेतृत्व महंत अवेद्यनाथ जी ने किया। गोरक्षपीठ के दोनों पूज्य संतों ने संत समाज को एकजुट करने के साथ ही श्रीराम मंदिर, समाज व राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। समय, समाज और राष्ट्र के अनुकूल चलना ही महापुरुषों का गुण होता है।

    सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतिम दिन बुधवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को अपने पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन दोनों महंतकी पुण्यस्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र है, स्थिरता। स्थिरता का भाव हमें आगे बढ़ाने का माध्यम होता है। जब हम दोनों पूज्य संतों ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के जीवन चरित्र को पढ़ते हैं तो हम सबको ऐसी ही प्रेरणा मिलती है।

    शिवभक्त हैं तो सम-विषम परिस्थितियों में समान रहें
    भगवान शिव और शिवभक्ति के महात्म्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जिसका गुणगान करते हैं, हमें उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करना होता है। यदि हम शिवभक्त हैं तो भगवान शंकर की तरह सम-विषम परिस्थितियों में एक समान व निश्छल भी रहना चाहिए। हमें विसंगतियों के बीच लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है। भगवान शिव ने विषम परिस्थितियों में कंठ में विष धारण किया और इसीलिए वह नीलकंठ कहे जाते हैं। समाज की विसंगति को अपने अंदर समाहित कर समाज और लोक कल्याण के लिए आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व है। 

    महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों का विस्तार हैं महंत अवेद्यनाथ के जीवन संकल्प
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी के जीवन संकल्प गुरु परंपरा में महंत दिग्विजयनाथ जी के आदर्शों व मूल्यों का विस्तार हैं। समाज में जब विसंगतियां आती हैं तो उसका परिमार्जन करने का सामर्थ्य हिंदू समाज रखता है। यही भाव हमें ब्रह्मलीन महंतद्वय के जीवन में भी देखने को मिलता है। महंत दिग्विजयनाथ जी हिंदू समाज की ताकत को प्रबल वेग से बढ़ाने के पक्षधर थे तो महंत अवेद्यनाथ जी ने इसके लिए हिंदू समाज को एकजुट करने का अहर्निश कार्य किया। उनके द्वारा प्रारंभ किया गया सहभोज अभियान हिंदू समाज की बिखरी ताकत को एकसूत्र में पिरोने के लिए था। 

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार किया महंत जी ने
    सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, यह महंत दिग्विजयनाथ जी का विचार था। महंत अवेद्यनाथ जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ इसके विस्तार और विस्तार से स्वावलंबन से जोड़ने का भी कार्य किया। उन्होंने एजुकेशन को स्किलिंग के साथ जोड़ने का भी काम किया। शिक्षा और कौशल विकास के लिए उन्होंने अनेक संस्थाओं की स्थापना की। शिक्षा के संग खेल को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने स्कालरशिप की भी व्यवस्था की। छात्रों को रहने की बेहतर व्यवस्था देने के लिए महंत जी ने प्रताप आश्रम और अन्य छात्रावासों की व्यवस्था की। 

    राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है गोरक्षपीठ: बालकनाथ
    श्रद्धांजलि समारोह में मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर (रोहतक) के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक महंत बालकनाथ ने महंतद्वय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोनों पूज्य संतों ने गोरक्षपीठ का नेतृत्व करते हुए सनातन संस्कृति की पहचान को मजबूत किया। गोरक्षपीठ सभी लोगों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध कराती है। इस पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ख्याति देश-दुनिया में फैल रही है। योगी जी, बिना भेदभाव जन-कल्याण व विकास के लिए दिन-रात कार्य करते हैं।  

    दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे महंत अवेद्यनाथ: डॉ. रामकमलाचार्य
    इस अवसर पर श्रीरामजानकी मंदिर वाराणसी से पधारे जगद्गुरू रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य जी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज दिव्यदर्शी व दूरदर्शी संत थे। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में उनकी भूमिका युगों-युगों तक स्मरित की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने कार्यों के बल पर दिग्विजयी यात्रा जारी रखते हुए तीसरी बार भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

    गोरक्षा व राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण में गोरक्षपीठ की अग्रणी भूमिका: विद्या चैतन्य
    नैमिषारण्य से पधारे स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि गोरक्षा, सनातन धर्म, राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षण के लिए गोरक्षपीठ सदैव अग्रणी भूमिका निभाती रही है। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ, अपने पूर्ववर्ती ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी और ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी के संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं। नीमच, मध्य प्रदेश से आए महंत योगी लालनाथ जी महाराज ने ब्रह्मलीन महंतद्वय की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ जी ने रामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ की कमान उस कालखंड में संभाली, जब कोई अन्य इसके लिए तैयार नहीं था। हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के जीवन का मिशन था। आज अयोध्या में न केवल मंदिर बन गया है, बल्कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का वैभव पूरे विश्व में गुंजायमान है। श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयता और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी का योगदान अनिर्वचनीय है। 

    लोक कल्याण को समर्पित रहा ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन: महापौर
    कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ब्रह्मलीन महंतद्वय का पूरा जीवन राष्ट्रधर्म, शैक्षिक जागरण और लोक कल्याण के प्रति समर्पित रहा। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रह्मलीन महंतद्वय की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लोक कल्याण की अनवरत मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

    श्रद्धांजलि सभा को कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्यसभा के पूर्व सदस्य जयप्रकाश निषाद, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने भी संबोधित किया।

    विभिन्न संगठनों की ओर से दी गई श्रद्धांजलि
    इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों की ओर से भी ब्रह्मलीन महंतद्वय को श्रद्धांजलि दी गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से सचिव डॉ. वाई सिंह, डॉ. आरपी त्रिपाठी, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से संरक्षक एसके अग्रवाल, दवा विक्रेता समिति की तरफ से अध्यक्ष योगेंद्र दूबे, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जटाशंकर की तरफ से संयुक्त सचिव सरदार जगनैन सिंह नीटू, सिंधी समाज की तरफ से अर्जुन बालानी, भारत सेवाश्रम संघ की तरफ से स्वामी निःश्रेयसानंद ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी तथा ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के व्यक्तित्व, कृतित्व और आदर्शों का स्मरण किया।

    रामजन्म सिंह की पुस्तक का विमोचन किया सीएम योगी ने
    इस अवसर पर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘रामकथा के प्रथम बलिदानी जटायु’ का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मंचासीन अतिथिगण द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना तथा श्रद्धांजलि गीत महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज रमदत्तपुर की छात्राओं ने,  वैदिक मंगलाचरण डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी, गोरक्षाष्टक पाठ मृत्युंजय उपाध्याय व गौरव तिवारी एवं आदित्य पांडेय, महंत अवेद्यनाथ स्त्रोतपाठ डॉ. प्रांगेश मिश्र ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया। 

    श्रद्धांजलि सभा में इनकी रही प्रमुख सहभागिता  
    प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, हरिद्वार से आए योगी महासभा के महामंत्री योगी चेताईनाथ जी महाराज, काशी से पधारे जगद्गुरु विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य संतोषाचार्य जी महाराज 'सतुआ बाबा', बाघम्बरी पीठाधीश्वर, प्रयागराज महंत बलबीर गिरी जी महाराज, सोंगल, हरियाणा से पधारे पीर शेरनाथ जी महाराज, अयोध्या से पधारे महंत धर्मदास जी महाराज, अयोध्या से पधारे महंत बलरामदास जी महाराज, तपसीधाम, बस्ती से पधारे महंत जयबक्शदास जी, दिगम्बर अखाड़ा, अयोध्याधाम से पधारे महंत रामलखनदास जी तथा कालीबाड़ी, गोरखपुर के महंत रविंद्रदास जी महाराज।

  • मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

    मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

    एमआईईटी मेरठ में यूपीराइज 2026 का आयोजन, युवाओं ने दिखाए नवाचार और उद्यमिता के आइडिया

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में पेट्रो वाटर विजेता, न्यूरो ग्रिप और एग्री नोवा रहे उपविजेता

    12 छात्र टीमों ने स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित आइडिया विशेषज्ञों के सामने किए प्रस्तुत

    टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में करीब 1,650 लोगों ने कराया पंजीकरण

    लखनऊ
     योगी सरकार के कैंपस इनोवेशन और करियर ड्राइव से जुड़े यूपीराइज 2026 कार्यक्रम का आयोजन मेरठ के एमआईईटी में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार, उद्यमिता, करियर विकल्पों और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक सोच से जोड़ना रहा। कार्यक्रम टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से प्रस्तुत किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया और बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में 12 छात्र टीमों ने अपने आइडिया प्रस्तुत किए।

    स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ रहा यूपीराइज 2026

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यूपीराइज 2026 का विश्वविद्यालय दौरा कैंपस स्तर पर युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने का मंच उपलब्ध करा रहा है। इससे पहले यह अभियान कानपुर, आगरा, लखनऊ, रायबरेली, मथुरा, बरेली और सहारनपुर समेत विभिन्न शहरों में पहुंच चुका है।

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में पेट्रो वाटर विजेता

    एमआईईटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजीकरण और एक्टिवेशन जोन में छात्रों की बढ़-चढ़ कर भागीदारी रही। सीएम-युवा योजना जागरूकता स्टॉल, स्कोरकार्ड गतिविधि और शक्ति जोन की स्टिकी-नोट दीवार ने छात्रों को कार्यक्रम से जोड़े रखा। इसके बाद सभागार में बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले आयोजित किया गया। 12 टीमों ने स्थानीय समस्याओं पर आधारित अपने समाधान और विचार निर्णायकों के सामने प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञ सलाहकारों के पैनल ने लाइव किया और समापन पर विजेता टीम को मंच पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। बिल्ड फॉर यूपी में पेट्रो वाटर विजेता रहा। न्यूरो ग्रिप रनर अप-1 और एग्री नोवा रनर अप-2 रहा है।

    मेंटर्स के मार्गदर्शन में छात्रों ने सीखे गुर

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश मंत्री महामेधा नागर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी और युवा नेतृत्व से जुड़े विषयों पर भी फोकस रहा। मेंटर पैनल में स्केलेबल कंज्यूमर इंटरनेट प्रोडक्ट्स और इनोवेशन के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले हर्षित देसाई, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ जयराज जाधव तथा कंटेंट स्ट्रेटजी और फॉर्मेट क्रिएशन के क्षेत्र में कार्यरत क्रिएटिव प्रोड्यूसर बिपाशा सारंगी शामिल रहीं। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, डिजिटल बिजनेस और क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग के अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

    डिजिटल माध्यम से 2 लाख तक पहुंचा कार्यक्रम

    कार्यक्रम में करीब 1,650 लोगों ने पंजीकरण कराया और उपस्थित हुए। डिजिटल माध्यम से करीब दो लाख तथा ऑफलाइन माध्यम से करीब आठ हजार लोगों तक कार्यक्रम की पहुंच रही। कैंपस एंबेसडर सलोनी शर्मा, आदर्श शुक्ला और आस्था चौहान ने छात्र सहभागिता बढ़ाने में सहयोग किया। कार्यक्रम में यूपीआरआईएसई की मानक ब्रांडिंग और प्रोडक्शन व्यवस्था भी दिखाई दी। पंजीकरण एवं मीडिया बैकड्रॉप, ऑक्टोनॉर्म एक्टिवेशन जोन, स्टैंडी, बैनर और साइनेज के जरिए पूरे परिसर में एक समान प्रस्तुति तैयार की गई।

  • दिनेश प्रताप सिंह का पलटवार-‘अखिलेश यादव ने लाल रंग को भय का प्रतीक बना दिया’

    दिनेश प्रताप सिंह का पलटवार-‘अखिलेश यादव ने लाल रंग को भय का प्रतीक बना दिया’

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लाल-हरे रंग वाले बयान पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में रंगों का महत्व जरूर है, लेकिन राजनीति और जनसेवा में रंग नहीं, बल्कि जनता की सेवा मायने रखती है। उन्होंने कहा कि कोई सफेद, हरा या लाल कपड़ा पहनकर अथवा भगवा झंडा लेकर भी जनता की सेवा कर सकता है, लेकिन सवाल यह है कि जनता की बेहतर सेवा कौन कर रहा है। हालाँकि अखिलेश यादव ने लाल रंग को भय का प्रतिक बना दिया है। 

    दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर आधारित है और पार्टी के लिए हर भारतीय नागरिक समान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी भावना के साथ काम कर रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि देश सुरक्षित है, देशवासियों की मेहनत की कमाई सुरक्षित है और देश का सम्मान सुरक्षित है। मंत्री ने कहा की प्रदेश में पहले क्या होता था यह जानते है और आज योगी आदित्यनाथ की सरकार लोग अमन चैन से सर उठाकर जी रहे है।

    रैलियों की अनुमति के आरोपों पर भी पलटवार

    अखिलेश यादव की ओर से राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलने के आरोपों पर दिनेश प्रताप सिंह ने इसे मिथ्या आरोप बताया। उन्होंने रायबरेली का उदाहरण देते हुए कहा कि अखिलेश यादव वहां बैठक करने आए थे और उन्हें न किसी ने रोका और न ही किसी ने पूछा। उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम का न होना संबंधित दल के अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन इसका सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। 

    PDA पर बोले-‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति कर रहे अखिलेश

    दिनेश प्रताप सिंह ने PDA की राजनीति पर सीधे अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘डिवाइड एंड रूल’ यानी ‘बांटो और राज करो’ की नीति लोकतंत्र और समाज सेवा के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज के कुछ हिस्से को ‘हमारे’ और कुछ को ‘हमारे नहीं’ बताकर राजनीति करना उसी सोच को दर्शाता है।

    दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव इसी तरह समाज को हिस्सों में बांटकर राजनीति कर रहे हैं। इसके विपरीत भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के आधार पर सभी की सेवा और सम्मान की बात करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को बांटकर सत्ता हासिल करने के बजाय सभी की सेवा के जरिए जनता का समर्थन हासिल करने में विश्वास रखती है।