Category: उत्तर प्रदेश

  • नोएडा फैक्ट्री में आग की भीषण लपटें, 30 लोग झुलसे, 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

    नोएडा फैक्ट्री में आग की भीषण लपटें, 30 लोग झुलसे, 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

    नोएडा 

    नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया।
    फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम

    अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।
    जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती

    आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
    शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग

    वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।

  • आगरा का नौसेना जवान पकड़ा गया ISI के साथ, लांस नायक आदर्श कुमार गिरफ्तार

    आगरा का नौसेना जवान पकड़ा गया ISI के साथ, लांस नायक आदर्श कुमार गिरफ्तार

    आगरा

    आगरा में उत्तर प्रदेश एटीएस को बड़ी सफलता हासिल हुई है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में यूपी एटीएस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान आदर्श कुमार उर्फ लकी के रूप में हुई है, जो भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर केरल में तैनात था. एटीएस ने 10 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। 
     
    कैसे सामने आया जासूसी का मामला?
    एटीएस के अनुसार उन्हें लगातार आसूचना मिल रही थी कि एक व्यक्ति पाकिस्तान बेस्ड ISI एजेंट के संपर्क में रहकर भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा है. इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले को पकड़ने के लिए एटीएस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक सर्विलांस के जरिए जांच शुरू की. जांच के दौरान आगरा निवासी आदर्श कुमार उर्फ लकी का नाम सामने आया। 

    सर्विलांस में यह भी सामने आया कि आरोपी भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर दक्षिणी नेवल कमांड, कोच्चि, केरल में तैनात था. जांच में संकेत मिले कि वह पाकिस्तान स्थित एजेंटों के संपर्क में था और उन्हें संवेदनशील सूचनाएं उपलब्ध करा रहा था। 

    संवेदनशील जानकारी और पैसों के लेनदेन के आरोप
    एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर रणनीतिक महत्व की सूचनाएं साझा कीं. आरोप है कि उसने युद्धक पोतों और अन्य सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान बेस्ड एजेंटों को भेजी। 

    एटीएस का कहना है कि जांच के दौरान इस तरह के कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सामने आए, जिससे आरोपी की गतिविधियों पर संदेह गहराया. अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच आगे भी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था। 

    आरोपी को भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में
    एटीएस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आदर्श कुमार उर्फ लकी को 10 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उसे नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया. आरोपी का नाम आदर्श कुमार उर्फ लकी, उम्र 24 वर्ष बताया जा रहा है. उसके पिता का नाम बलवीर सिंह है जो कि ग्राम चीतापुर, पोस्ट व थाना कागारौल, जिला आगरा के निवासी है। 

    एटीएस की प्रेस नोट के अनुसार आरोपी की गतिविधियां देश विरोधी पाई गईं और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के नेटवर्क से उसके आपराधिक संबंधों के संकेत मिले हैं. मामले में आगे की विवेचना जारी है और एजेंसी पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। 

  • ईरान युद्ध की आंच अयोध्या तक पहुँची, गैस की कमी से राम रसोई बंद, हनुमानगढ़ी प्रसाद पर संकट

    ईरान युद्ध की आंच अयोध्या तक पहुँची, गैस की कमी से राम रसोई बंद, हनुमानगढ़ी प्रसाद पर संकट

      अयोध्या
     

    ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने अयोध्या में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित कर दी है, जिससे स्थानीय मठ-मंदिरों की सामूहिक रसोइयां और प्रसाद निर्माण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अमावा मंदिर प्रशासन ने गैस उपलब्ध न होने के कारण प्रतिदिन 10 हजार श्रद्धालुओं को भोजन कराने वाली ‘श्रीराम रसोई’ को फिलहाल स्थगित कर दिया है. हनुमानगढ़ी के करीब 150 दुकानदारों के सामने लड्डू बनाने का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि कारखानों में उत्पादन बंद है. यह स्थिति गैस की कमी के कारण पैदा हुई है, जिससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार और श्रद्धालुओं की भोजन व्यवस्था चरमरा गई है। 

    राम रसोई पर लटका नोटिस
    राम मंदिर के पास स्थित अमावा मंदिर की ‘श्रीराम रसोई’ के बाहर प्रशासन ने सूचना चस्पा कर दी है. मंदिर के मैनेजर पंकज कुमार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय युद्ध के तनाव से देश में पैदा हुए गैस संकट के कारण रसोई को समय से पहले बंद करना पड़ा है. अब यह सेवा तभी दोबारा शुरू हो पाएगी जब गैस की आपूर्ति सामान्य होगी. इस फैसले से दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलना बंद हो गया है, जो एक गंभीर आपातकालीन स्थिति है। 

    हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर संकट
    संकट की आंच सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी तक भी पहुंच गई है. प्रसाद विक्रेता नंद कुमार गुप्ता ने बताया कि गैस न मिलने से लड्डू का उत्पादन लगभग ठप है और केवल पुराना स्टॉक ही बेचा जा रहा है. यहां हर दुकानदार रोजाना 30 से 40 किलो लड्डू तैयार करता है, लेकिन अब बजरंगबली के भोग की व्यवस्था प्रभावित होने का डर सता रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण यदि यही स्थिति रही, तो अयोध्या का प्रसिद्ध प्रसाद उद्योग पूरी तरह बंद हो सकता है। 

    बेपटरी होता पर्यटन और कारोबार
    गैस किल्लत का सीधा असर अयोध्या के होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी पड़ा है. रेस्टोरेंट संचालक अमित के मुताबिक, पिछले दो दिनों से सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है और घरेलू बुकिंग भी प्रभावित है. स्थानीय व्यापारियों और संतों का मानना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो लागत बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को भोजन के लिए भटकना पड़ेगा. अंतरराष्ट्रीय तनाव की यह आंच अब आम लोगों की रसोई से लेकर अयोध्या की सेवा परंपरा तक महसूस की जा रही है। 

  • होटल की तरह ऑनलाइन बुकिंग शुरू, यूपी के सर्किट हाउस में ठाठ से रहेगी जनता

    होटल की तरह ऑनलाइन बुकिंग शुरू, यूपी के सर्किट हाउस में ठाठ से रहेगी जनता

    लखनऊ.

    उत्तर प्रदेश में पर्यटन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक होटल की तर्ज पर राज्य के 21 सर्किट हाउसों और 334 गेस्ट हाउसों (निरीक्षण भवनों) में ठहरने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकेगा। यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी बनाई गई है, जिससे बिचौलियों और सिफारिशी संस्कृति पर लगाम लगेगी।

    लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी नई नियमावली के अनुसार, इन सरकारी आवासों में कुछ कमरों को वीआईपी दौरों और आपातकालीन सरकारी कार्यों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। हालांकि, शेष कमरे आम नागरिकों के लिए 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Served) के आधार पर खुले रहेंगे। इससे उन यात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी जो सुरक्षित और सरकारी मानकों वाली जगह पर ठहरना चाहते हैं।

    बुकिंग प्रक्रिया: एक क्लिक पर कमरा उपलब्ध
    इच्छुक आवेदक आधिकारिक वेबसाइट https://www.guesthouse.uppwd.gov.in पर जाकर अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं। सरकार ने एक 'एकीकृत वेब-आधारित सर्किट हाउस सूचना प्रणाली' विकसित की है। यहाँ लोग रियल टाइम उपलब्धता डैशबोर्ड देख सकेंगे, जिससे उन्हें तुरंत पता चल जाएगा कि किस जिले के गेस्ट हाउस में कितने कमरे खाली हैं। विशेष परिस्थितियों में, प्रशासन की अनुमति से 'ऑन-द-स्पॉट' (तुरंत) बुकिंग भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी।

    भुगतान और सुरक्षा मानक
    ऑनलाइन बुकिंग के समय आवेदक को अपना सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) अपलोड करना अनिवार्य होगा। बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने और ऑनलाइन भुगतान के बाद आवेदक को उनके रजिस्टर्ड ई-मेल और मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के जरिए रसीद प्राप्त होगी। राजस्व की निगरानी के लिए एक 'डिजिटल लेजर' बनाया गया है, जहाँ हर लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

    जिलाधिकारी के पास होगा विशेष अधिकार
    चूंकि ये भवन मुख्य रूप से सरकारी कार्यों के लिए हैं, इसलिए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी जिले में अचानक वीआईपी दौरा या प्रशासनिक आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित जिलाधिकारी (DM) के पास पूर्व की बुकिंग रद्द करने का अधिकार होगा। हालांकि, सामान्य दिनों में यह सुविधा आम जनता के लिए सुचारू रूप से चलती रहेगी। इस पहल से सरकार को न केवल अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, बल्कि सरकारी संपत्तियों का बेहतर रखरखाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।

  • सीएम योगी से MSP दरें तय करने पर की चर्चा, किसानों से ₹1500 प्रति क्विंटल होगी आलू खरीदी!

    सीएम योगी से MSP दरें तय करने पर की चर्चा, किसानों से ₹1500 प्रति क्विंटल होगी आलू खरीदी!

    आगरा.

    जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर मंजू भदौरिया ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आलू किसानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि आगरा में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है। वर्तमान में बाजार में मूल्य लागत से भी कम है।

    मंजू भदौरिया ने आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, बाजार में हस्तक्षेप योजना लागू करने, निर्यात और परिवहन पर सब्सिडी देने के अलावा कोल्ड स्टोरेज के बिजली बिल में राहत देने की मांग की। जिले की विभिन्न जनसमस्याओं, जल संकट, किसानों की परेशानियों और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर डॉ. मंजू भदौरिया और पूर्व विधायक डॉक्टर राजेंद्र सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखते हुए जनहित में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

    जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
    जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल जीवन मिशन योजना अभी पूरी तरह संचालित नहीं हो पाई है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने मांग की, जब तक योजना सुचारु रूप से लागू नहीं होती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ग्राम स्तर पर सबमर्सिबल पंप, टंकी और पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने तथा सोलर सिस्टम युक्त जल मीनार स्थापित करने की अनुमति दी जाए।

    बांध बनाए जाने की मांग भी उठाई
    डॉक्टर भदौरिया ने आगरा की प्रमुख उटंगन नदी में जल संचयन के लिए फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव के पास स्लूस गेट युक्त बांध बनाए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने बताया कि राजस्थान के करौली क्षेत्र से आने वाली इस नदी में पर्याप्त जलराशि रहती है, जिसे बांध बनाकर संचित किया जा सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और बाह व फतेहाबाद क्षेत्र के गांवों को सिंचाई तथा पेयजल के लिए लाभ मिलेगा।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टर मंजू भदौरिया द्वारा उठाए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

  • उद्यमियों को किसी भी स्तर पर परेशानी होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएंः सीएम योगी

    उद्यमियों को किसी भी स्तर पर परेशानी होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएंः सीएम योगी

    लखनऊ,

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए पीड़ितों के पास मुख्यमंत्री स्वयं चलकर पहुंचे। उनका प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार सभी की उचित समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी समस्याओं का निस्तारण होगा। मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समय सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए।

    निवेश और उद्योग विकास में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं
    ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दो उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) व जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार किया गया है। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। उद्यमियों की परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    अवैध कब्जे के मामले पर सीएम हुए सख्त
    कासगंज से आए पीड़ित ने सीएम के समक्ष पुलिस से जुड़ी शिकायत रखी। पीड़ित ने अपने प्रकरण में कार्रवाई पर देरी की शिकायत की। इस पर सीएम योगी ने पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेते हुए समस्या के समयबद्ध निराकरण का निर्देश दिया। वहीं एक प्रकरण पारिवारिक विवाद से भी जुड़ा आया। अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत पर सीएम सख्त हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया कि नियमानुसार तत्काल कार्रवाई होगी।

    किताबें पढ़ो, सोशल मीडिया का न्यूनतम प्रयोग करो
    ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। एक बच्चे के पास पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ो। सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही करो, जितनी आवश्यकता है। इसका अत्यधिक प्रयोग घातक है। सीएम ने मोबाइल आदि का प्रयोग भी कम करने की सलाह दी।

  • नव वर्ष के अवसर पर राम मंदिर में भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी श्रमिकों का सम्मान

    नव वर्ष के अवसर पर राम मंदिर में भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी श्रमिकों का सम्मान

    अयोध्या

    भगवान श्रीराम की नगरी में नव संवत्सर (नव वर्ष) पर ऐतिहासिक आयोजन होने वाला है. समारोह को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हई हैं. राम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष समारोह की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी. वे मंदिर में अनुष्ठान के बाद श्रमिक और कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगी. बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी. वे मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना भी करेंगी. विशेष बात ये है कि मंदिर समिति ने पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान दर्शन सुचारु रखने की योजना बनाई है.

    जानकारी के मुताबिक 19 मार्च को सुबह 9 बजे से अनुष्ठानों की शुरुआत होगी. दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के 51 वैदिक आचार्य अनुष्ठानों को संपन्न कराएंगे. काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में समस्त अनुष्ठान होंगे. कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

    ट्रस्ट के मुताबिक श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ मंदिर के दूसरे तल की धार्मिक गतिविधियों को नई आध्यात्मिक ऊर्जा मिलेगी. यह यंत्र श्रीराम की शक्ति, मर्यादा और राष्ट्र चेतना का प्रतीक माना जाता है. राष्ट्रपति की उपस्थिति से यह आयोजन राष्ट्रीय महत्व का स्वरूप ग्रहण करेगा. हिंदू नववर्ष के शुभारंभ अवसर पर 19 मार्च को प्रस्तावित नव संवत्सर समारोह की तैयारियों को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक भी की थी. जिसमें आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई थी.

  • सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ का सालाना पैकेज छोड़कर यशराज किसानों के साथ करेंगे गो संरक्षण

    सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ का सालाना पैकेज छोड़कर यशराज किसानों के साथ करेंगे गो संरक्षण

    सीएम योगी के विजन को साकार करने में सहयोग करेगी आईआईटी खड़गपुर के इंजीनियर की स्पेशल टीम

    गोबर, गोमूत्र और बायोगैस के जरिए युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    लखनऊ,

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को अब आधुनिक तकनीक की शक्ति मिलेगी। योगी सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और उनकी टीम के सहयोग से अब उत्तर प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इन प्लांटों के माध्यम से गोबर-गोमूत्र से स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो ग्रामीण रोजगार का बड़ा जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री के विजन को अब नयी पीढ़ी की तकनीक और युवाओं की ऊर्जा का साथ मिलने से यूपी देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल वाला राज्य बनने जा रहा है।

    युवाओं के लिए आजीविका का बनेगा नया मॉडल
    गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य से तैयार उत्पादों को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए आजीविका का नया मॉडल बनेगा। इस पहल की अगुवाई आईआईटी खड़गपुर के पासआउट छात्र यशराज गुप्ता कर रहे हैं, जिन्होंने शनिवार को जालौन में अपने चार अन्य साथियों के साथ गोसेवा आयोग की टीम से मिलकर गोसंरक्षण पर काम करने की रणनीति बनाई है।

    तकनीक के सही उपयोग से गोसंरक्षण बनेगा ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम
    जालौन से इस परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। खास बात यह है कि यशराज ने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ रुपये का सालाना पैकेज छोड़कर गोसेवा से जुड़े इस सामाजिक और पर्यावरणीय मिशन को चुना है। यशराज का कहना है कि गो आधारित अर्थव्यवस्था भारत की परंपरा और स्थायी विकास मॉडल, दोनों से जुड़ी है। अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।

    शुरुआत में जालौन जिले की गोशालाओं में बायोगैस प्लांट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनसे जैविक खाद, बायो-सीएनजी और बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। सफल प्रयोग के बाद प्रदेश के 300 से अधिक गोआश्रय स्थलों में इसी तकनीक का विस्तार किया जाएगा।

    ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ के औद्योगिक उपयोग पर देंगे विस्तृत प्रशिक्षण
    यशराज और उनकी टीम ने ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी) के औद्योगिक उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह टीम ऐसे उत्पाद तैयार करेगी, जिनकी बाजार में ब्रांडिंग और बिक्री की संभावनाएं मौजूद हैं। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गोसंरक्षण के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों को भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के तहत गोआश्रय स्थल अब पशुधन संरक्षण के साथ ऊर्जा और जैविक खाद उत्पादन के केंद्र बनेंगे। इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसान की आमदनी में सीधा इजाफा होगा।

    इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य
    जालौन से शुरू हो रही यह परियोजना यूपी के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। स्टार्टअप के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर से निकले सॉफ्टवेयर इंजीनियर यशराज और उनकी टीम ने आने वाले समय में इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गोसंरक्षण केवल सेवा या परंपरा का विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का आधार बने।

  • राम नाम मंदिर स्थापना समारोह: 19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी शुरुआत, हजारों मेहमान होंगे मौजूद

    राम नाम मंदिर स्थापना समारोह: 19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी शुरुआत, हजारों मेहमान होंगे मौजूद

    अयोध्या

    रामनगरी में नव संवत्सर – समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। राम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के लिए करीब पांच हजार विशिष्ट मेहमानों की सूची तैयार कर ली गई है। समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। वह राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी। साथ ही राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र व श्रीराम नाम मंदिर स्थापना भी करेंगी। पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम में दर्शन सुचारु रखने की योजना भी बनी है।

    19 मार्च को सुबह नौ बजे से अनुष्ठानों का शुभारंभ हो जाएगा। दक्षिण भारत, काशी व अयोध्या के 51 वैदिक आचार्य अनुष्ठानों को संपन्न कराएंगे। काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में समस्त अनुष्ठान होंगे। समारोह में केरल की आध्यात्मिक गुरु मां अमृता मरी, कर्नाटक के धर्माधिकारी पद्मभूषण वीरेंद्र हेगड़े और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल होंगे। मां अमृता के साथ 100 से अधिक अनुयायी भी अयोध्या आ रहे हैं, उनके ठहरने के लिए कमरे बुक कराए जा रहे हैं। मेहमानों में उत्तराखंड के भी कारसेवक शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या जिले से करीब एक हजार लोगों को मेहमान के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

    कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समारोह की तैयारी की समीक्षा करने के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी अयोध्या पहुंचे हैं और वह ट्रस्ट के पदाधिकारी और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

    वहीं, राम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को पंजाब से 1500 श्रद्धालुओं का जत्था विशेष ट्रेन से अयोध्या पहुंचा।. सभी ने रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर की व्यवस्था को सराहा। साथ ही अयोध्या के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी की सराहना भी की।

  • यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे है पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोचः सीएम योगी

    यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे है पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोचः सीएम योगी

     

    पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य प्रेरणास्रोत, आज भी कर रहे हमारा मार्गदर्शनः मुख्यमंत्री

    लखनऊ,

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भारत मां का महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल अधिवक्ता व सुयोग्य प्रशासक बताया। सीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए।

    राष्ट्रपिता के आह्वान पर वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे पं. पंत
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, उस समय उत्तराखंड संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वह वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे। जब देश गुलाम था, तब 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में उनका चयन हुआ था। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का स्मरण सभी करते हैं।

    मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने रखी थी विकास की आधारशिला
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया, उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोच है। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में देश को अमूल्य सेवाएं दीं। राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन, प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश की स्वाधीनता में अमूल्य योगदान तथा उत्तर प्रदेश व देश की बहुमूल्य सेवा के लिए 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।

    इस दौरान कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।