Category: उत्तर प्रदेश

  • उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल

    उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल

    गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी महिलाएं 

    सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू

    उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल 

    लखनऊ
    योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच हाल ही में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब प्रदेश की ‘आधी आबादी’ गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

    गन्ने से जुड़े अन्य उत्पाद बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
    गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिलेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसमें करीब 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा 57 हजार से अधिक महिला किसान 3,000 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं। ये समूह गन्ने की नई प्रजातियों के तेजी से प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल के तहत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण में भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर दिया जा रहा जोर
    गन्ना आयुक्त का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इसी सोच के तहत योगी सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। चाहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान हो या स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं, हर स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर उन्हें गन्ना क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि में भी योगदान देंगी। यह पहल गन्ना उत्पादन प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही उन्नत किस्मों की पौध से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन मिलेगा। साथ ही, वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आएगी।

  • 2017 में क्लीयरेंस से 2026 के उद्घाटन तक त्वरित फैसले, कुशल नेतृत्व और समयबद्ध क्रियान्वयन की मिसाल बना एनआईए

    2017 में क्लीयरेंस से 2026 के उद्घाटन तक त्वरित फैसले, कुशल नेतृत्व और समयबद्ध क्रियान्वयन की मिसाल बना एनआईए

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट:पेपर से प्रोजेक्ट तक: 8 वर्षों में साकार हुआ सपना

    सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए)

    2017 में क्लीयरेंस से 2026 के उद्घाटन तक त्वरित फैसले, कुशल नेतृत्व और समयबद्ध क्रियान्वयन की मिसाल बना एनआईए

    एविएशन इंडस्ट्री के फलक पर चमकने को तैयार यूपी का 'जेवर', एयरपोर्ट से आगे का विकास मॉडल भी तैयार

    जेवर
     आठ वर्षों के सतत श्रम, समन्वय, सुपरविजन व समीक्षा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) हकीकत बना है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने और अब पीएम मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद यह एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। यह सब कुछ संभव हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प की वजह से, जिनके विजन, कार्यकुशलता व नियमित समीक्षा के चलते यह मेगा प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा।

    2017: एक सपने की शुरुआत
    इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब जुलाई में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त हुई। यही वह समय था, जब जेवर को एक वैश्विक एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की नींव रखी गई। इसके बाद वर्ष 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) का गठन हुआ और परियोजना को संस्थागत रूप मिला। 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर के रूप में चुना गया और कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया।

    2021: फाइनेंशियल क्लोजर से निर्माण का रास्ता साफ
    अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2021 में ‘अपॉइंटेड डेट (तिथिवार कार्ययोजना)’ घोषित हुई, जिससे इस मेगा प्रोजेक्ट का मार्ग प्रशस्त हो गया। मार्च 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोकरमेंट एंड कन्सट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2022 से 2024 के बीच सभी अहम टास्क समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए, जो परियोजना प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। अक्टूबर 2025 में कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया। इसी के साथ एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया।

    हर कदम पर सक्रिय रहे सीएम योगी
    इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता भूमि अधिग्रहण से लेकर इसके लोकार्पण तक हर कदम पर दिखाई दी। चाहे निर्माण से जुड़े मामले हों, विभिन्न प्रकार की एनओसी या विभागों के बीच समन्नय, सीएम योगी नियमित निर्देशन व समीक्षा से इसे अमली जामा पहनाते रहे। उन्होंने इस परियोजना को केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति बनाई। इसका नतीजा यह निकला कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक सेक्टर विकास की नई जमीन तैयार कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट न सिर्फ रोजगार के लाखों अवसर सृजित करेगा, बल्कि निवेश, औद्योगिकीकरण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स व पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का यह परिणाम उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक शक्ति के नए युग में प्रवेश कराता है। आठ वर्षों का यह सफर अब नई उड़ान की शुरुआत बन चुका है।

  • पीएम ने कहा, पश्चिमी यूपी के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

    पीएम ने कहा, पश्चिमी यूपी के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

    विकसित उत्तर प्रदेश की 'उड़ान' का प्रतीक है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ

    कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और 40 एकड़ में बनने वाली एमआरओ सुविधा का भी किया शिलान्यास

    पीएम ने कहा, पश्चिमी यूपी के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

    जेवर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करने के साथ ही 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा का शिलान्यास भी किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” अभियान का नया अध्याय है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक गेटवे बनकर निवेश, व्यापार और निर्यात को नई गति देगा।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगा बड़ा बूस्ट
    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे किसानों, छोटे और लघु उद्योगों तथा युवाओं को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जमीन के योगदान से ही यह परियोजना साकार हो पाई है, जिससे अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

    मल्टी मोडल कनेक्टिविटी और कार्गो हब से बढ़ेगा निर्यात
    प्रधानमंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट मल्टी मोडल कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां सड़क, रेल और हवाई परिवहन का निर्बाध एकीकरण होगा। एयरपोर्ट का कार्गो हब प्रारंभिक चरण में 2.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता के साथ कार्य करेगा, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी।

    एमआरओ सुविधा से आत्मनिर्भर बनेगा एविएशन सेक्टर
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अब तक 85% विमान एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजे जाते थे, जिससे भारी खर्च होता था। जेवर में बनने वाली एमआरओ सुविधा देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी।

    यूपी बना एविएशन हब
    प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और अब यह देश के सर्वाधिक एयरपोर्ट वाले राज्यों में शामिल हो गया है। जेवर एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उदाहरण है। वर्ष 2003 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में अटकी रही। केंद्र और राज्य में समन्वय बनने के बाद ही इस परियोजना ने गति पकड़ी और आज यह धरातल पर उतर सकी है।

    हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता
    पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में शामिल हो गया है। जिस उत्तर प्रदेश ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, आज उसी प्रदेश की पहचान एक भव्य एयरपोर्ट के साथ जुड़ गई है। यहां से न केवल दुनिया के विभिन्न हिस्सों के लिए विमान उड़ान भरेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश की नई उड़ान का प्रतीक भी बनेगा। जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का कार्य करेगा। यह एक अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जहां हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता विकसित की जा रही है।

    जनता से कराया अनोखा उद्घाटन
    अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अनोखी पहल करते हुए उपस्थित लोगों से मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट आपकी अमानत है, आपका भविष्य है, आपका पुरुषार्थ है, इसलिए इसका उद्घाटन भी आपके हाथों से होना चाहिए। इस पर पूरा परिसर “भारत माता की जय” के नारों और रोशनी से जगमगा उठा, जो इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बना।

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी, यूपी को मिलेगी नई उड़ान

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी, यूपी को मिलेगी नई उड़ान

    पीएम मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण, उत्तर भारत को नई उड़ान देगा यूपी

    कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और मेंटिनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास भी करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

    जेवर बनेगा देश का एविएशन हब, यूपी होगा 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला पहला राज्य

    यूपी, एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगा बूस्ट

    रोजगार, निर्यात और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, अधिक सुगम होगा हवाई यातायात

    जेवर/लखनऊ
     देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लोकार्पण के लिए तैयार है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके फेज-1 का लोकार्पण करने के साथ ही एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे और मेंटिनेंस, रिपेयर एवं ओवरहालिंग (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे, जिनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है। यह परियोजना न केवल यूपी, एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

    प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारत सरकार से मई 2018 में सैद्धान्तिक मंजूरी मिली थी। यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है, जिस पर कुल 29,560 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एयरपोर्ट को आधुनिक, डिजिटल और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के साथ विकसित किया जा रहा है। पीएम मोदी द्वारा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

    1.2 करोड़ यात्रियों की होगी क्षमता
    फेज-1 में एयरपोर्ट के विकास में कंसेशनायर द्वारा 6,876 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण पर 4,406 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। इस तरह फेज-1 की कुल लागत लगभग 11,282 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 12 मिलियन (1.2 करोड़) पैसेंजर प्रति वर्ष की प्रारंभिक क्षमता विकसित की गई है।

    मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से मिलेगा बड़ा फायदा
    यह एयरपोर्ट देश का एक अत्याधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब होगा, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांजिट सिस्टम का सहज एकीकरण किया गया है।
    इससे यात्रियों और कार्गो परिवहन दोनों के लिए समय और लागत में भारी कमी आएगी।

    कार्गो हब व एमआरओ से मिलेगा इंडस्ट्री को बूस्ट
    प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और एमआरओ सुविधा का भी शिलान्यास करेंगे। एयरपोर्ट पर विकसित मल्टी-मोडल कार्गो हब की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा। साथ ही, 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली एमआरओ सुविधा से विमानों का मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग देश में ही संभव होगी। इससे एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

    औद्योगिक व सर्विस सेक्टर का बनेगा नया केंद्र
    यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट आसपास के औद्योगिक सेक्टरों को नई गति देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, हवाई यातायात अधिक सुगम होगा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इस तरह यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने वाला साबित होगा।

    इस अवसर पर भारत सरकार के नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित होंगे।

  • कौशाम्बी हादसा: मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की

    कौशाम्बी हादसा: मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की

    कौशाम्बी हादसा: मुख्यमंत्री ने जताया शोक,  मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की

    मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की

    सीएम ने घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का निर्देश दिया

    स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश: घायलों का कराया जाय समुचित इलाज

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कौशाम्बी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि परिजनों को दुःख सहने की क्षमता प्रदान करें। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन से कौशांबी में हुए हादसे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद देने की  घोषणा की। 

    मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन के आलाधिकारियों को राहत-बचाव तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घायलों का समुचित तरीके से इलाज कराया जाय। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

  • गोरखपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई, जाफर अली शाह ‘मासूम’ की मजार पर कार्रवाई

    गोरखपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई, जाफर अली शाह ‘मासूम’ की मजार पर कार्रवाई

     गोरखपुर

    गोरखपुर जिला प्रशासन ने शाहपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के पास गोड़धोइया पुल पर स्थित हजरत बाबा जाफर अली शाह 'मासूम' की मजार को शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया. 'गोड़धोइया नाला चौड़ीकरण' के रास्ते में आने के कारण इस बरसों पुराने निर्माण को हटाया गया. पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी यह मजार नाले के विस्तार और सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही थी. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। 

    सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट और मजार
    बताया जा रहा है कि 'गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट' मुख्यमंत्री का प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करना है. इसी कड़ी में शाहपुर क्षेत्र में नाले के किनारे हुए अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया था. जांच में पाया गया कि मासूम बाबा की मजार लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर बनी थी. प्रोजेक्ट की ड्राइंग के अनुसार, मजार वाला हिस्सा चौड़ीकरण की बाधा बन रहा था, जिसके बाद इसे हटाने का निर्णय लिया गया। 

    कार्रवाई के दौरान भावुक हुए मोहल्ले के लोग
    जब प्रशासन का बुलडोजर मजार के पास पहुंचा, तो आवास विकास कॉलोनी और आसपास के इलाकों के पुरुष और महिलाएं वहां बड़ी संख्या में जुट गए. बरसों पुरानी आस्था का केंद्र होने के कारण कई लोग मजार को टूटता देख भावुक हो गए. हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए लोगों को समझाया कि सरकारी जमीन और विकास कार्य के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है. भारी सुरक्षा घेरे के कारण प्रदर्शन की कोई स्थिति नहीं बनी और शांतिपूर्वक ध्वस्तीकरण पूरा हुआ। 

    सरकारी जमीन को कराया गया कब्जा मुक्त
    प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी बाधाओं को हटाया जा रहा है. मजार ध्वस्त होने के बाद अब वहां नाले के पुख्ता निर्माण और सड़क को चौड़ा करने का काम तेजी से शुरू हो सकेगा. पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की टीमें अब मलबे को हटाने और आगे की जमीन के समतलीकरण में जुट गई हैं। 

  • यूपी में 200 करोड़ की GST धोखाधड़ी: एसटीएफ ने गुजरात से आरोपी को दबोचा

    यूपी में 200 करोड़ की GST धोखाधड़ी: एसटीएफ ने गुजरात से आरोपी को दबोचा

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में एसटीएफ ने गुजरात के अहमदाबाद से गैंग के अहम सदस्य मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला को पकड़ा है. यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और लंबे समय से संगठित तरीके से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचा रहा था। 

    एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी समेत अन्य लोग शामिल हैं, इनके साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराता था। 

    इन फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, जिससे वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उपलब्ध कराया जाता और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी। 

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को कमीशन और लालच देकर उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज हासिल करता था. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों के जरिए लेनदेन दिखाया जाता था. बाद में रकम को नकद या दूसरे माध्यमों से वापस कर दिया जाता था। 

    एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में एक्टिव था. अलीगढ़ में दर्ज एक केस की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। 

    फिलहाल एसटीएफ आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है. साथ ही गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। 

  • शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत

    शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत

    नव निर्माण के 9 वर्ष: गुड गवर्नेंस से बदली यूपी की तस्वीर, ‘ईज ऑफ लिविंग’ में हुआ बड़ा सुधार

    योगी सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं में अभूतपूर्व प्रगति

    पेंशन, आवास, मुफ्त राशन, मेडिकल कॉलेज, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल सुविधाओं के आंकड़े बता रहे बदलाव की पूरी कहानी

    हर व्यक्ति तक पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, डिजिटल सेवाओं से समय व श्रम में हुई भारी कमी

    शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अब नहीं रही प्रदेशवासियों को यूपी से बाहर जाने की जरूरत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन (गुड गवर्नेंस) को केंद्र में रखकर ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की दिशा में व्यापक काम हुआ है। योजनाओं की प्रगति और उपलब्ध आंकड़े इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सरकार के द्वारा किए गए इन सभी प्रयासों का समेकित प्रभाव यह है कि उत्तर प्रदेश में अब स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए लोगों को बाहर जाने की आवश्यकता कम हुई है। योजनाओं की ठोस प्रगति और पारदर्शी क्रियान्वयन ने प्रदेश को ‘ईज ऑफ लिविंग’ के मामले में एक नए स्तर पर पहुंचाया है, जिससे उत्तर प्रदेश एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्ष 2017 के बाद बड़ा विस्तार देखने को मिला है। जहां पहले सीमित संसाधन और अव्यवस्थित ढांचा था, वहीं अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ के तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 13,600 एमबीबीएस और 6,866 पीजी सीटों पर प्रवेश हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5.64 करोड़ लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

    शिक्षा के क्षेत्र में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत 1.32 लाख से अधिक विद्यालयों में 19 बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। डीबीटी के माध्यम से 1.30 करोड़ से अधिक छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग आदि के लिए धनराशि सीधे खातों में भेजी गई है। साथ ही डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।

    कौशल विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत करीब 26 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना से कारीगरों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

    सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन को स्थिरता दी है। वर्तमान में 67.50 लाख वृद्धजन, 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं और 11.57 लाख दिव्यांगजन पेंशन का लाभ ले रहे हैं। पेंशन राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया गया है और अप्रैल 2026 से इसे 1500 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। पिछले नौ वर्षों में 62 लाख से अधिक आवास गरीबों को उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 1.86 करोड़ परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं। डीबीटी के माध्यम से 31 विभागों की 191 योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है। 

    महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी ठोस परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियां, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराए गए हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन से 1.06 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 18.55 लाख महिलाएं ‘लखपति’ श्रेणी में पहुंच चुकीं हैं।

    डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। ई-साथी ऐप पर 24 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 2066 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी दी गई है, जबकि प्रोजेक्ट गंगा के तहत 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का कार्य जारी है। इससे करीब 10 हजार रोजगार अवसर भी सृजित हुए हैं।

  • रामनवमी पर दो दिन का अवकाश, योगी सरकार का अहम फैसला

    रामनवमी पर दो दिन का अवकाश, योगी सरकार का अहम फैसला

    योगी सरकार का बड़ा फैसला, रामनवमी पर दो दिन का अवकाश

    26 के साथ अब 27 मार्च को भी रहेगी छुट्टी

    प्रदेशभर के मंदिरों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला

    लखनऊ
    रामनवमी के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए अवकाश को एक दिन और बढ़ा दिया है। अब 26 मार्च के साथ-साथ 27 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला प्रदेशभर के मंदिरों में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और दर्शन में सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यवस्थाओं को भी बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।
    प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रामनवमी के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी अयोध्या समेत प्रदेशभर में मंदिरों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

    अतिरिक्त अवकाश से यातायात को सुव्यवस्थित करने में मिलेगी मदद
    प्रदेश सरकार के इस कदम को आस्था के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। अतिरिक्त अवकाश से यातायात, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी।
    प्रदेश सरकार पहले ही 26 मार्च को अवकाश घोषित कर चुकी थी, जिसे अब बढ़ाकर 27 मार्च तक कर दिया गया है।

  • यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर

    यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर

    सरकारी योजना से गांव की बेटी बनी सफल उद्यमी, सोमा ने गुड़ उद्योग से बदली तकदीर

    योगी सरकार के सहयोग से ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ का संकल्प साकार कर रहे युवा उद्यमी  

    25 लाख के ऋण से सोमा ने खड़ा किया उद्यम, हर महीने हो रही 80 से 90 हजार रुपए की कमाई

    यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर

    लखनऊ
     योगी सरकार में महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नारी स्वावलंबन का सपना अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बनता जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला’ बनाना है। सोमा गुप्ता की कहानी सरकार के इसी विजन को साकार करती है। सरकारी योजना का लाभ लेकर लखीमपुर-खीरी जिले के ग्राम सिंगहाखुर्द की रहने वाली सोमा आज दूसरों को रोजगार दे रहीं हैं।

    सोमा गुप्ता ने उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ के तहत वर्ष 2022 में 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत की। आज उनका यह उद्योग न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है। सीजन के दौरान एक दिन में इसमें लगभग 18 क्विंटल गुड़ का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए 6 एकड़ में स्वयं गन्ने की खेती करतीं हैं और अन्य किसानों से भी गन्ना खरीदतीं हैं। उनका उत्पाद उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार,  झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई हो रहा है। यह न केवल उनके व्यवसाय की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर बने उत्पादों की बढ़ती मांग को भी साबित करता है। हर महीने 80 से 90 हजार रुपये की आय अर्जित कर सोमा आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

    ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ महत्वपूर्ण स्वरोजगार की योजना है। उत्तर प्रदेश में इसका संचालन तीन एजेन्सियों क्रमशः जिला उद्योग केन्द्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग एवं उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके रोजगार पैदा करती है। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करती है।