Category: उत्तर प्रदेश

  • योगी सरकार किसानों के लिए पूरी तरह समर्पित, सूर्य प्रताप शाही का बड़ा बयान

    योगी सरकार किसानों के लिए पूरी तरह समर्पित, सूर्य प्रताप शाही का बड़ा बयान

    किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही योगी सरकार: सूर्य प्रताप शाही

    कृषि मंत्री शाही ने कहा कि सपा सरकार की नीतियों से किसान हुए थे निराश, योगी सरकार ने दिया सम्मान और राहत

    कृषि मंत्री बोले, योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख किसानों का किया कृषि ऋण माफ

    लखनऊ
     योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का किसान निराश, हताश और आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ऐतिहासिक फैसलों के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया।

    सीएम योगी ने पहली कैबिनेट में लिया कृषि ऋण माफ करने का ऐतिहासिक फैसला

    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली कैबिनेट बैठक में ही 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता का नहीं था, बल्कि किसानों को सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का माध्यम था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान, समर्थन मूल्य पर खरीद और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिसके कारण किसान आर्थिक रूप से टूट चुके थे।

    योगी सरकार ने किया गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान

    मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जब योगी सरकार सत्ता में आई, तब गन्ना किसानों का लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान लंबित था। योगी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर किसानों का भुगतान सुनिश्चित कराया। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया, जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के समय का बकाया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले गन्ना किसानों को 3 से 4 वर्षों तक भुगतान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों, बिचौलियों और भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान रहते थे लेकिन योगी सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर किसानों को समय पर भुगतान दिलाने का काम किया।

  • यूपी में मौसम बना आफत, CM योगी ने अफसरों से कहा- मौके पर जाएं, पीड़ितों को 24 घंटे में मदद दें

    यूपी में मौसम बना आफत, CM योगी ने अफसरों से कहा- मौके पर जाएं, पीड़ितों को 24 घंटे में मदद दें

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में तेज आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने जमकर तबाही मचाई. कहीं पेड़ गिरे, कहीं बिजली सप्लाई ठप हुई तो कई जगहों पर जान-माल का नुकसान भी हुआ. मौसम के इस कहर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। 

    सीएम योगी ने आंधी, अतिवृष्टि और बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान पर दुख जताया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। 

    सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उनका तत्काल आंकलन किया जाए और 24 घंटे के भीतर अनुमन्य मुआवजा दिया जाए. पीड़ितों को राहत के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े। 

    मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि अधिकारी सिर्फ दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट न लें, बल्कि प्रभावित इलाकों में जाएं, लोगों से बात करें और यह सुनिश्चित करें कि हर जरूरतमंद परिवार तक मदद पहुंचे। 

    सीएम योगी ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में फसल, मकान या पशुधन को नुकसान हुआ है, वहां तुरंत सर्वे कराया जाए. साथ ही राहत राशि देने में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। 

    बिजली गिरने और तेज आंधी की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी अपील की गई है. प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब होने की वजह से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ग्रामीण इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं. प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी और राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी। 

  • पानी संकट से निपटने की तैयारी, रेलवे स्टेशनों पर लगेंगे एयर-वॉटर प्लांट

    पानी संकट से निपटने की तैयारी, रेलवे स्टेशनों पर लगेंगे एयर-वॉटर प्लांट

    प्रयागराज
     रेलवे अब पानी की कमी वाले क्षेत्रों में हवा से पीने का पानी तैयार करने वाली आधुनिक मशीनें लगाएगा। रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और रेलवे उपक्रमों को एटमॉस्फेरिक वाटर जेनरेटर (एडब्ल्यूजी) लगाने के निर्देश जारी किए हैं।रेलवे बोर्ड के निदेशक (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन) अजय झा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अब भी बड़ी चुनौती है। एडब्ल्यूजी तकनीक वातावरण में मौजूद नमी से सीधे पीने योग्य पानी तैयार करती है। यह पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ समाधान है।

    इन मशीनों को पानी की कमी वाले रेलवे स्टेशन, अस्पताल, रेलवे कॉलोनी, कार्यालय, लेवल क्रॉसिंग और अन्य सेवा स्थलों पर लगाया जाएगा, जहां नियमित पेयजल आपूर्ति की जरूरत है। रेलवे बोर्ड ने पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए इस दिशा में आगे कार्रवाई करने को कहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक से पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। गर्मी और जल संकट वाले क्षेत्रों में यह पहल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए राहत साबित हो सकती है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

  • प्रचंड गर्मी में योगी सरकार का पावर प्लान सफल, तय रोस्टर से ज्यादा मिल रही बिजली

    प्रचंड गर्मी में योगी सरकार का पावर प्लान सफल, तय रोस्टर से ज्यादा मिल रही बिजली

    प्रचंड गर्मी में योगी सरकार रोस्टर से ज्यादा कर रही बिजली आपूर्ति

    26/27 मई की रात 2:37 बजे 30,337 मेगावाट सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति की गई

    गर्मी से देश बेहाल लेकिन योगी सरकार ने यूपी में बखूबी संभाली बिजली व्यवस्था

    विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जुटीं
     
    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश समेत लगभग पूरे देश में भीषण गर्मी अपने चरम पर है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे समय में योगी सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। 26 मई को जहां 28,125 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई, वहीं सबसे अधिक 26/27 मई की रात 2:37 बजे 30,337 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई है। इस तरह प्रचंड गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बावजूद प्रदेश में रोस्टर से ज्यादा विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।

    महानगरों से लेकर गांव तक पहुंच रही विद्युत आपूर्ति

    योगी सरकार में जिला मुख्यालय, महानगर और तहसील क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 22.30 घंटे तक निर्बाध बिजली दी जा रही है। यही वजह है कि भीषण गर्मी के इस दौर में भी प्रदेश की बिजली व्यवस्था मजबूत और प्रभावी दिखाई दे रही है। योगी सरकार की प्राथमिकता साफ है कि प्रदेश के हर घर, हर गांव और हर शहर तक बिना बाधा के बिजली पहुंचे, ताकि जनता को गर्मी से राहत मिल सके और दैनिक जीवन प्रभावित न हो।

    रिकॉर्ड मांग के बीच भी नहीं डगमगाई बिजली व्यवस्था

    प्रदेश में लगातार बिजली आपूर्ति हो रही है। 26 मई की रात 7:52 बजे 28,125 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। जबकि रात 10 बजे 27,515 मेगावाट और 12 बजे 26,984 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। इसी क्रम में 26/27 मई की रात 1 बजे 28,043 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई। जबकि रात 2:37 बजे सबसे अधिक 30,337 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई है। 27 मई की सुबह 5 बजे 29,321 मेगावाट, सुबह 7 बजे 24,738 मेगावाट, सुबह 10 बजे 26,604 मेगावाट और 12 बजे 28,048 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई।

    इसी क्रम में 27 मई को दोपहर 1 बजे 28,488 मेगावाट और 2 बजे 28,790 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई है। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि योगी सरकार बिजली व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। फिलहाल विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाने में जुटी हुई हैं। इससे साफ है कि योगी सरकार सिर्फ दावे नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर तेज गति से काम भी कर रही है।

    उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने का प्रयासः निदेशक वितरण

    निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के हिसाब से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जा रही है। निदेशक वितरण ने बताया कि हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले। ऊर्जा विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जा रही है। हालांकि 25 और 26 मई की रात आए तेज आंधी-तूफान ने कई जिलों की विद्युत व्यवस्था को प्रभावित किया था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बिजली विभाग की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाला और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था।

  • 48 घंटे बाद बदलेगा यूपी का मौसम, तेज आंधी-बारिश से 8 डिग्री तक गिरेगा पारा

    48 घंटे बाद बदलेगा यूपी का मौसम, तेज आंधी-बारिश से 8 डिग्री तक गिरेगा पारा

    लखनऊ

    यूपी में मौसम के दो रंग दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ रुहेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक तेज आंधी और बारिश से जहां गर्मी से थोड़ी राहत मिली तो वहीं बुन्देलखंड में बांदा का पारा फिर 47.4 डिग्री पहुंच गया। पश्चिमी यूपी में भी गर्मीं से लोग बेहाल रहे। आगरा में तापमान 45.3 दर्ज किया गया तो मथुरा में आंधी व बारिश से तापमान में गिरावट आई। मौसम के ऐसे ही कई रंग यूपी के अलग-अलग हिस्सों में दिख रहे हैं। आने वाले 48 घंटों में तपिश से झुलस रहे जिलों में एक पश्चिमी विक्षोभ फिर तूफानी हवा संग बारिश लाने वाला है। आईएमडी लखनऊ के अनुसार इसके कारण पारा 8 डिग्री तक गिर सकता है।

    बंगाल की खाड़ी से होकर आ रही पुरवा का असर यूपी में न्यूनतम है। ऐसे में हवा में नमी कम हो गई है। लखनऊ में मंगलवार को हवा की आर्द्रता न्यूनतम 14 फीसदी तक रही। इस स्थिति में दिन के समय पारा तेजी से ऊपर चढ़ता है। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की तरफ से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं चल रही हैं। माैसम का यह मिजाज तापमान में बढ़ोत्तरी कर रहा है और गर्म हवाएं पहले से तप रहे यूपी की गर्माहट और बढ़ा दे रही हैं।

    आंधी-बारिश के कारण यूपी में 10 लोगों की मौत भी हो गई। संतकबीरनगर व बस्ती में दो-दो, दीवार गिरने से सीतापुर में वृद्धा समेत दो और शाहजहांपुर में एक की मौत हो गई। खीरी में खेत में फंसे सीतापुर के एक किसान की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गोंडा में छप्पर से दबकर वृद्धा, व पेड़ से दबकर बुजुर्ग की मौत हो गई।
    क्या हैं पांच कारण

    1-गर्म हवाओं से बढ़ रहा पारा
    आईएमडी लखनऊ के अनुसार मध्य भारत के ऊपर हवा में एक ऐसा सिस्टम (चक्रीय चक्रवात) बना है, जो गर्म हवाओं को ऊपर से नीचे की तरफ धकेल रहा है। इससे तपिश बढ़ रही है।

    2-सक्रिय मौसम तंत्र न होने से तपिश
    यूपी के ऊपर किसी सक्रिय मौसमी तंत्र जैसे पश्चिमी विक्षोभ, प्रति चक्रवात या चक्रवात का न होना तपिश की बड़ी वजह बना। आसमान साफ होने के कारण धूप सीधे जमीन पर पड़ रही है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

    3-भीषण तपिश आंधी की वजह बनी
    जम्मू कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था। इधर यूपी में भीषण तपिश की वजह से गर्म हवा तेजी से ऊपर उठने लगीं। उधर से आ रही नम और ठंडी पछुआ हवा से टकराव के कारण एक ट्रफ बना जिससे मध्य यूपी से पूर्वांचल तक आंधी आई और बारिश हुई।

    4-राजस्थान से होकर आ रही हवा
    प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की तरफ से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं चल रही हैं। माैसम का यह मिजाज तापमान में बढ़ोत्तरी कर रह है और गर्म हवाएं पहले से तप रहे यूपी की गर्माहट और बढ़ा दे रही हैं।

    5-पुरवा का कमजोर होना
    बंगाल की खाड़ी से हो कर आ रही पुरवा का असर यूपी में न्यूनतम है। ऐसे में हवा में नमी कम हो गई है। उदाहरण के लिए लखनऊ में मंगलवार को हवा की आर्द्रता न्यूनतम 14 फीसदी तक रही। इस स्थिति में दिन के समय पारा तेजी से ऊपर चढ़ता है।

  • ‘ढाई करोड़ की गाड़ी वाले गमले चुराते थे’: सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा तंज

    ‘ढाई करोड़ की गाड़ी वाले गमले चुराते थे’: सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा तंज

    लखनऊ

    आयोजन तो महापौर और पार्षदों के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने का था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विपक्षी दलों को भी ललकारा।

    भारत माता की जय और हर हर महादेव की जयघोष के साथ मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों में जो होता था, किसी से छिपा नहीं है। बिजली संकट को लेकर सरकार को घेरने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा जवाब दिया।

    कहा, पिछली सरकारों में बिजली आती ही नहीं थी और तारों पर ही कपड़े सुखाए जाते थे, आज ऐसे लोग बिजली संकट की बात करते हैं।

    इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, बिजली संकट पूरी दुनिया की चुनौती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग करने की अपील की।

    कहा कि अनावश्यक स्ट्रीट लाइट न जलाएं और ऊर्जा बचत में सहयोग करें। प्रदेश में 2017 से पहले मात्र छह हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता था, जबकि अब 13 हजार मेगावाट हो गया है। व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।

    उन्होंने पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सकरार ने ‘गड्ढों’ को भरने का काम किया है और ‘कूड़ेदानों’ को साफ किया गया है। अब लक्ष्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित व आधुनिक राजधानी तैयार करना है।

    पूर्ववर्ती सरकारों के एजेंडे में न युवा थे, न महिलाएं, न गरीब और न ही किसान, बल्कि खास लोगों के परिवार को ही योजनाओं का लाभ दिया जाता था। वर्तमान सरकार ने 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया।

    मुख्यमंत्री ने स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ अभियान के तहत नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम द्वारा तीन साल में कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया

    नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले केंद्र सरकार विकास के लिए धन देना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकार उसे लेने को तैयार नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब प्रदेश में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं।

    राजधानी में प्रतिदिन 2100 टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है और शिवरी प्लांट में 18 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। उन्होंने कान्हा उपवन और वन डे गवर्नेंस सिस्टम की भी सराहना की।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश तेजी से शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से सात नई मेट्रो सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने यूपी भी इंदौर बनेगा का नारा देकर स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की।

    आयोजन में परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता डा. नीरज सिंह और नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

    ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वालों ने गमले चोरी किए थे
    राष्ट्र प्रेरणा स्थल से गमले चोरी होने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वाले लोग 45 रुपये का गमला चोरी करते नजर आए। हम तो ऐसे लोगों की हर चौराहे पर उसकी तस्वीर लगाना चाहते थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    खेल, चिकित्सा, कला समेत अनेक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वालों को मिला सम्मान

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में किया सम्मानित

    पद्म विभूषण से अलंकृत वायलिन वादिका एन. राजम व दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देयोल के परिजनों को भी बधाई दी

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सोमवार को नई दिल्ली में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म विभूषण से अलंकृत वायलिन वादिका एन. राजम एवं दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देयोल के परिजनों को भी बधाई दी। 

    डॉ. ठकराल के शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा आयुर्वेद के अनन्य साधक एवं प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. केवल कृष्ण ठकराल जी को चिकित्सा के क्षेत्र में 'पद्म श्री' से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई। ​छह दशकों की दीर्घ साधना, ब्रोंकियल अस्थमा उपचार में 'कर्ण वेधन' जैसी युगांतरकारी तकनीक का विकास और प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाने वाले आपके शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि हैं।

    प्रो. श्याम सुंदर के समर्पण, शोध और सेवा भावना को राष्ट्र की आदरपूर्ण अभिव्यक्ति है यह सम्मान
    सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के सुप्रसिद्ध कालाजार विशेषज्ञ प्रो. श्याम सुन्दर जी को ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरव का विषय है। कालाजार के उपचार हेतु प्रथम प्रभावी मौखिक दवा के विकास एवं त्वरित निदान परीक्षण विकसित कर आपने चिकित्सा अनुसंधान और मानव सेवा में ऐतिहासिक योगदान दिया है। यह सम्मान आपके समर्पण, शोध और सेवा भावना को राष्ट्र की आदरपूर्ण अभिव्यक्ति है, हार्दिक बधाई।

    आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं डॉ. सिंह के कार्य
    मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के गौरव डॉ. अशोक कुमार सिंह जी को 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने लिखा कि धान की उन्नत प्रजातियों के विकास, कृषि अनुसंधान एवं किसान हित में आपके द्वारा किए गए अभिनव कार्य 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। आपकी यह गौरवपूर्ण उपलब्धि समस्त देशवासियों के लिए हर्ष एवं गर्व का विषय है।

    प्रो. राजेंद्र प्रसाद का उत्कृष्ट योगदान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय
    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्वारा वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. (डॉ.) राजेंद्र प्रसाद जी को चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु 'पद्म श्री' सम्मान से विभूषित होने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने कहा कि टीबी एवं एमडीआर-टीबी उपचार के क्षेत्र में पिछले पांच दशकों की आपकी निस्वार्थ एवं समर्पित सेवा सराहनीय है। लाखों मरीजों को नवजीवन प्रदान करने और जनस्वास्थ्य के प्रति आपका उत्कृष्ट योगदान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। आपका यह सम्मान चिकित्सा जगत में सेवा, समर्पण और मानवता के उच्चतम मूल्यों का अभिनंदन है।

    प्रो. बुद्ध रश्मि मणि का भगीरथ प्रयास हर देशवासी के लिए प्रेरणापुंज 
    मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के गौरव प्रो. बुद्ध रश्मि मणि जी को 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने लिखा कि अयोध्या और सारनाथ जैसी हमारी पावन धरोहरों के पुनरुत्थान तथा भारतीय संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने का आपका भगीरथ प्रयास हर देशवासी के लिए प्रेरणापुंज है। आपके इस अप्रतिम पुरुषार्थ का अभिनंदन!

    प्रवीण की उपलब्धि प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत
    सीएम ने खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवं लगातार पैरालंपिक पदक जीतने वाले सबसे युवा दिव्यांग हाई जंप खिलाड़ी प्रवीण कुमार को 'पद्म श्री' सम्मान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सीएम ने लिखा कि आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि उत्तर प्रदेश सहित सम्पूर्ण देश के युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत है। आपके समर्पण, संघर्ष और अनुशासन ने भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।

  • योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रधानों को बनाया जाएगा ग्राम पंचायतों का प्रशासक

    योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रधानों को बनाया जाएगा ग्राम पंचायतों का प्रशासक

    योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रधानों को बनाया जाएगा ग्राम पंचायतों का प्रशासक

    नई पंचायतों के गठन अथवा छह माह की अधिकतम अवधि तक निवर्तमान प्रधान होंगे प्रशासक

    सीएम योगी के निर्देशानुसार सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी, 26 मई को खत्म हो रहा पंचायतों का कार्यकाल

    लखनऊ
     प्रदेश की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नई ग्राम पंचायतों के गठन अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक निवर्तमान प्रधान ही पंचायतों का सामान्य प्रशासनिक कार्य संभालेंगे।

    सीएम योगी के निर्देश पर निवर्तमान प्रधानों को ग्राम पंचायतों में बतौर प्रशासक नामित किए जाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है, जिसके अनुसार 27 मई 2026 से निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। प्रशासकों को केवल सामान्य और रूटीन कार्यों के निर्वहन की अनुमति होगी। उनके द्वारा कोई नीतिगत निर्णय पर नहीं लिया जा सकेगा।

    विशेष परिस्थितियों में लेंगे डीएम से स्वीकृति
    इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि अत्यावश्यक अथवा किसी विशेष परिस्थिति में नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ती है तो उस प्रस्ताव को जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा और उनकी स्वीकृति के बाद ही निर्णय लिया जा सकेगा।

    ज्ञात है कि ग्राम पंचायत का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई पंचायतों के गठन तक राज्य सरकार को प्रशासक नियुक्त करने का अधिकार है।

  • सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

    सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

    सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

    पुलिस की गोपनीय सूचनाओं और संचार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, हर जरूरी तकनीकी सुधार करें: मुख्यमंत्री

    12 जनपदों में शुरू होगी डिजिटल वायरलेस सेवा, 47 करोड़ की कार्ययोजना

    रिवर्स ऑक्शन से पुलिस रेडियो उपकरण खरीद में 1.23 करोड़ रुपये की बचत

    डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में बनाने पर विचार

    रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने पर भी हुई चर्चा

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित तथा तकनीक आधारित बनाने के लिए पुलिस रेडियो विभाग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की संभावना नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त किया जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कानून व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। 

    मुख्यमंत्री ने बेहतर पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए विभागीय ढांचे को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस क्रम में डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित किए जाने पर विचार किया गया। साथ ही रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने तथा वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

    बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद के अंतर्गत थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट तथा केबल, चार्जर और एंटीना सहित अन्य सहायक उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए। रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में लगभग 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त मापक उपकरण, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट तथा पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

    मुख्यमंत्री ने विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को भी तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए तथा चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हों। उन्होंने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विशेष बल दिया।

  • हर जिले में साप्ताहिक अभियान चलाने का आदेश, CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    हर जिले में साप्ताहिक अभियान चलाने का आदेश, CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

     लखनऊ

    यूपी में लोगों की समस्याओं को लेकर सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में हर सप्ताह विकास खंड स्तर पर विशेष चौपाल लगाई जाएगी, जहां जमीन विवाद, घरेलू हिंसा, पुलिस शिकायत, अवैध वसूली और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निस्तारण करने की कोशिश होगी। 

    सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों से दो टूक कहा कि जनता की समस्या का औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान होना चाहिए. यानी अब सिर्फ फाइल बंद कर देना काफी नहीं होगा. अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली या नहीं. सरकार की योजना के मुताबिक हर विकास खंड में सप्ताह में एक दिन चौपाल लगेगी. इसमें जिले के बड़े अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. लोगों की शिकायतें सीधे सुनी जाएंगी और मौके पर कार्रवाई की जाएगी। 

    किन समस्याओं पर होगा फोकस

    सरकार ने साफ किया है कि इन चौपालों में सिर्फ सामान्य शिकायतें नहीं, बल्कि रोजमर्रा की बड़ी परेशानियों पर खास फोकस रहेगा. इनमें प्रमुख रूप से राजस्व और जमीन विवाद, घरेलू हिंसा के मामले,  पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न करना,  अवैध वसूली की शिकायतें, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना पेंशन, राशन, आवास और आयुष्मान जैसी योजनाओं से जुड़ी दिक्कतों पर सुनवाई होगी.  सरकार चाहती है कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे और उन्हें महीनों तक अधिकारियों के चक्कर न काटने पड़ें। 

    अफसरों को मिला सख्त संदेश
    बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि शिकायतों को हल्के में लेने की आदत अब नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए. कई बार देखा गया है कि अधिकारी सिर्फ जवाब अपलोड कर मामले को बंद कर देते हैं, जबकि जमीन पर समस्या जस की तस बनी रहती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

    त्योहारों को लेकर भी सख्त निर्देश
    बैठक में सिर्फ चौपाल योजना ही नहीं, बल्कि आने वाले गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर भी बड़े निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बकरीद पर सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी. प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रहेगी और कुर्बानी सिर्फ तय स्थानों पर ही की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी नई परंपरा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही नमाज को लेकर भी निर्देश दिए गए कि सड़क जाम करके नमाज पढ़ने की अनुमति किसी भी हालत में नहीं दी जाए. नमाज सिर्फ पारंपरिक स्थानों पर ही अदा होगी। 

    खुले में मांस बिक्री और अवैध स्लॉटर हाउस पर सख्ती
    सरकार ने त्योहारों के दौरान साफ-सफाई और कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खुले में मांस की बिक्री नहीं होनी चाहिए. अवैध स्लॉटर हाउस किसी भी हालत में संचालित न हों. साथ ही वैध बूचड़खानों में भी तय क्षमता से अधिक पशु रखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. बैठक में अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल जैसे संवेदनशील जिलों के अधिकारियों से अलग से बात की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों की घटनाओं का अध्ययन किया जाए और संभावित उपद्रवियों की सूची पहले से तैयार रखी जाए. जरूरत पड़ने पर निषेधात्मक कार्रवाई भी की जाए. साथ ही सभी जिलों में पीस कमेटी की बैठकों और फ्लैग मार्च बढ़ाने के निर्देश दिए गए. साथ ही तेज गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए छायादार स्थान और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। 

    बिना नंबर प्लेट वाहनों पर चलेगा अभियान
    बैठक में सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए. इसके अलावा अवैध खनन पर भी सरकार ने सख्त रुख दिखाया. टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई करने और किसी भी दबाव में न आने के निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई हो, लेकिन आम नागरिकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। 

    भू-माफियाओं पर और सख्त होगी कार्रवाई
    सरकार ने भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज करने के भी निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी आम नागरिक के वैध अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए. इसी दौरान जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति नहीं है, वहां जल्द तैनाती करने के भी निर्देश दिए गए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, आईजी, एसएसपी और एसपी मौजूद रहे।