Category: राजस्थान

  • मदन राठौड़ ने सरोज प्रजापत के निधन को पार्टी के लिए बताया एक अपूरणीय क्षति

    मदन राठौड़ ने सरोज प्रजापत के निधन को पार्टी के लिए बताया एक अपूरणीय क्षति

    जयपुर
    भाजपा की पूर्व प्रदेश मंत्री एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सरोज प्रजापत का जयपुर के एक निजी अस्पताल में आकस्मिक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार वे घुटनों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं और उनका ऑपरेशन भी हुआ था, लेकिन सर्जरी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

    हार्ट फेलियर के चलते उनका निधन
    बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद उनका शुगर लेवल बढ़ गया, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां वे पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर थीं। इलाज के दौरान उनकी दोनों किडनी फेल हो गईं और अंततः हार्ट फेलियर के चलते उनका निधन हो गया।

     2019 में नागौर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा
    सरोज प्रजापत मूल रूप से डीडवाना की निवासी थीं, लेकिन लंबे समय से नागौर में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। उनके पति राजेंद्र कुमार सरकारी अकाउंटेंट पद से सेवानिवृत्त हैं। वे अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर नागौर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था

    संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उनके निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सरोज प्रजापत एक समर्पित, कर्मठ और निष्ठावान कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन पार्टी परिवार के लिए गहरी क्षति है।

    इसके अलावा भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। नागौर और डीडवाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर है।

  • ROB तैयारियों में तेजी, 100 टन लोड टेस्टिंग शुरू; CM दौरे के बाद खुलने की उम्मीद

    ROB तैयारियों में तेजी, 100 टन लोड टेस्टिंग शुरू; CM दौरे के बाद खुलने की उम्मीद

    बांदीकुई.

    अलवर-बांदीकुई मार्ग पर धोली गुमटी स्थित ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने शनिवार शाम एक बार फिर लोड टेस्टिंग शुरू की, जिससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है।
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग अब ओवरब्रिज के कार्य को पूरा करने में जुटा हुआ है।

    बता दें कि बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा आरओबी को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं। विभाग ने टोटल स्टेशन मशीन से 25-25 टन के चार ट्रकों को ओवरब्रिज पर खड़ा कर लोड डाला है। ट्रकों को 24 घंटे तक खड़ा रखा जाएगा, इसके बाद हटाकर अगले 24 घंटे तक ब्रिज की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरओबी को चालू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

    सुरक्षा पर फोकस, फिर क्यों हुई टेस्टिंग
    गौरतलब है कि जून 2025 में भी नमो टेक कंसल्टेंसी द्वारा ब्रिज की जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा टेस्टिंग को लेकर विभागीय अधिकारी खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सूत्रों के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से कोई जोखिम नहीं लेने की नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। यह आरओबी वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हुआ था और 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक निर्माण अधूरा है। करीब 28 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ प्रोजेक्ट बढ़कर 34 करोड़ तक पहुंच गया है। लगभग 980 मीटर लंबाई के इस ब्रिज के अधूरे रहने से लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    मुख्यमंत्री के दौरे से पहले तेज हुई हलचल
    मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और संभावित उद्घाटन को देखते हुए विभागीय अधिकारी काम पूरा करने में जुटे हैं। सहायक अभियंता विनोद कुमार मीणा और नितेश सैनी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और बताया कि अब विभिन्न प्वाइंट बनाकर टेस्टिंग की जा रही है।

    विधायक के प्रयास, जल्द उद्घाटन की उम्मीद
    विधायक भागचंद टांकड़ा लंबे समय से आरओबी चालू कराने के प्रयास में लगे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों में इस मुद्दे को उठाया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन पर विकास कार्यों के लोकार्पण की तैयारी है, जिसमें इस आरओबी को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • वोटर लिस्ट विवाद का असर: राजस्थान छोड़कर लौट रहे बंगाली मजदूर, कामकाज पर पड़ा असर

    वोटर लिस्ट विवाद का असर: राजस्थान छोड़कर लौट रहे बंगाली मजदूर, कामकाज पर पड़ा असर

    जयपुर.

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। वैसे तो चुनाव बंगाल में हो रहे हैं लेकिन राजस्थान में हलचल बढ़ गई है। वजह है राजस्थान के विभिन्न जिलों में मजदूरी करने वाले बंगाल के लोग वापस लौटने लगे हैं। प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने से राज्य के उद्योगों में श्रमिकों का संकट खड़ा हो गया है।

    राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में बंगाल के करीब ढ़ाई लाख मजदूर काम करते हैं। वहीं करीब एक लाख मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। बंगाली मजदूरों के बीच एक भ्रामक संदेश प्रसारित हो रहा है कि यदि इस बार विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं किया तो उनका मतदाता सूची में से नाम कट जाएगा। साथ ही सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। यही कारण है कि मजदूर अपने राज्य वापस लौट रहे हैं। हालात यह है कि बंगाल जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। कई मजदूर सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल जा रहे हैं।

    मजदूरों का कहना है कि एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कई ऐसे लेागों के नाम काटे गए हैं जो राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में रह रहे हैं। ऐसे में अब यह भय सता रहा है कि यदि इस बार मतदान नहीं किया तो मतदाता सूची से नाम कट सकता है। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि जेवरात निर्माण एवं इससे जुड़े काम में करीब एक लाख बंगाली मजदूर काम करते हैं। पिछले दो सप्ताह से मजदूरों के बंगाल लौटने का सिलिसला शुरू हो गया है। प्रवासी बंगाली सांस्कृतिक सोसायटी के सचिव रोबिन सरकार का कहना है कि बंगाली समाज के लेागों को उनके घर तक पहुंचाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से भी मदद मांगेंगे।

  • बिना किसी प्रोटोकॉल के जब गृह राज्य मंत्री ने UDH मंत्री का मुंह मीठा कराकर जीत लिया सबका दिल

    बिना किसी प्रोटोकॉल के जब गृह राज्य मंत्री ने UDH मंत्री का मुंह मीठा कराकर जीत लिया सबका दिल

    राजस्थान

    राजस्थान की राजनीति में अक्सर खींचतान और बयानों के तीर चलते दिखते हैं, लेकिन शुक्रवार को डीग के ब्रज नगर में जो हुआ, उसने सबका दिल जीत लिया। मौका था नगर पालिका द्वारा आयोजित सात दिवसीय मेले का, जहां दो कद्दावर मंत्रियों के बीच ऐसा दोस्ताना दिखा कि वहां मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। दरअसल, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने औपचारिकताएं किनारे कर ब्रज की शान जलेबा से UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा का मुंह मीठा कराया।
    जब सर्किट हाउस में घुली मिठास

    बता दें कि मेले में आयोजित कुश्ती दंगल के मुख्य अतिथि UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा थे। उनके स्वागत के लिए सर्किट हाउस में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम पहले से ही मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि जैसे ही दोनों नेता मिले, माहौल पूरी तरह से पारिवारिक हो गया। बेढम साहब ने बिना किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए, ब्रज का मशहूर विशाल जलेबा अपने हाथों से तोड़कर खर्रा जी को खिलाया। देसी घी से लबालब इस मीठे मिलन को देखकर वहां मौजूद लोग कहने लगे- इसे कहते हैं ब्रज की मेहमाननवाजी।
    क्या है ये जलेबा जिसकी हो रही चर्चा?

    अक्सर लोग जलेबी के बारे में जानते हैं, लेकिन ब्रज और हरियाणा के बॉर्डर पर जलेबा का अपना ही स्वैग है। इसे जलेबियों का राजा कहा जाता है। इसका आकार साधारण जलेबी से कई गुना बड़ा होता है। एक अकेले जलेबे का वजन 250 ग्राम से लेकर आधा किलो तक होता है। शुद्ध देसी घी और चाशनी में डूबा यह जलेबा ब्रज क्षेत्र की खास पहचान है।

    गौरतलब है कि रामनवमी के मौके पर आयोजित इस दंगल में राजस्थान ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के दिग्गज पहलवानों ने भी दांव-पेच दिखाए। अखाड़े की मिट्टी में जहां पहलवान अपनी ताकत आजमा रहे थे, वहीं अखाड़े के बाहर मंत्रियों के बीच दिखे इस प्रेम ने लोगों का ध्यान खींच लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक और जिले के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
    प्रशासनिक मुस्तैदी और जनता का उत्साह

    मंत्रियों के इस जलेबा मिलन की चर्चा दंगल से ज्यादा पूरे शहर में रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेताओं के बीच ऐसा अपनापन कम ही देखने को मिलता है। इस दौरान मंत्रियों ने जिले के विकास कार्यों को लेकर भी अनौपचारिक चर्चा की।

  • आशा के शावकों की राजस्थान में मौजूदगी से ग्रामीणों में रोमांच और डर का माहौल

    आशा के शावकों की राजस्थान में मौजूदगी से ग्रामीणों में रोमांच और डर का माहौल

    राजस्थान

    राजस्थान के हाड़ौती अंचल में इन दिनों एक अलग ही तरह का खौफ और रोमांच देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीतों के राजस्थान आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कोटा जिले के सुल्तानपुर इलाके का है, जहां मदनपुरा पंचायत के पीपल्दा सम्मेल गांव में मादा चीता आशा के ढाई साल के शावक KP-2 को देखकर हड़कंप मच गया है।
    खेतों में दिखा चीता, गांव में सन्नाटा

    बता दें कि शुक्रवार को जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने KP-2 को झाड़ियों और खेतों के बीच से गुजरते देखा। चीते की मौजूदगी की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते लोग डर के मारे अपने घरों में कैद हो गए। दरअसल, चीता रिहायशी इलाकों के बेहद करीब पहुंच गया था, जिसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस और वन विभाग को सूचित किया गया। फिलहाल, एहतियात के तौर पर पुलिस ने ग्रामीणों को खेतों की ओर न जाने की सलाह दी है।
    दो भाइयों की जुगलबंदी: KP-2 और KP-3 का डेरा

    ग्राउंड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह सिर्फ एक चीते की कहानी नहीं है। आशा के दो शावक KP-2 और KP-3 पिछले तीन हफ्तों से राजस्थान की सीमा में घूम रहे हैं। KP-2 फिलहाल कोटा के सुल्तानपुर इलाके में अपनी लोकेशन बदल रहा है।
    KP-3 पिछले 20 दिनों से बारां जिले की मंगरोल रेंज में जमा हुआ है। गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है, इसलिए ये शावक नए इलाकों की तलाश में बार-बार इधर का रुख कर रहे हैं।
    डरने की बात नहीं, यह कुदरती व्यवहार है

    इस मामले पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के जानकारों का कहना है कि यह चीतों की स्वाभाविक फैलाव प्रक्रिया (Dispersal process) है। जब युवा चीते बड़े होते हैं, तो वे अपने लिए नए इलाके (Territory) की तलाश में लंबी दूरी तय करते हैं। वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों के अनुसार चीते स्वभाव से शर्मीले होते हैं और आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते। वे केवल छोटे शिकार की तलाश में रहते हैं। कूनो और राजस्थान की वन टीमें मिलकर इन पर 24 घंटे सैटेलाइट कॉलर के जरिए नजर रख रही हैं।

    वन विभाग के अधिकारियों ने पीपल्दा सम्मेल और आसपास के गांवों के निवासियों से सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने साफ किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि चीता केवल आराम करने के लिए पेड़ों के नीचे रुक रहा है। टीम लगातार चीते को वापस सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर भेजने की कोशिश कर रही है।

  • अनोखा तोहफा: CM भजनलाल ने PM मोदी को दी खास सौगात, बनाने वाले परिवार का राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा

    अनोखा तोहफा: CM भजनलाल ने PM मोदी को दी खास सौगात, बनाने वाले परिवार का राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा

    देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और इसी पावन मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संसद परिसर में हुई इस शिष्टाचार भेंट की चर्चा अब गलियारों में जोरों पर है, क्योंकि इसमें राजनीति के साथ-साथ भारतीय शिल्प कला का एक बेजोड़ संगम देखने को मिला है।

    11 नेशनल अवार्ड वाले जांगिड़ परिवार का कमाल

    दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को चंदन की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की एक बेहद खूबसूरत और दिव्य प्रतिमा भेंट की है। सूत्रों ने बताया कि इस मूर्ति के पीछे एक बड़ी गौरवशाली कहानी छिपी है। इसे जयपुर के मशहूर कलाकार मोहित जांगिड़ ने तैयार किया है। गौरतलब है कि मोहित का परिवार पिछली चार पीढ़ियों से चंदन की नक्काशी का काम कर रहा है और इस हुनर के लिए इस परिवार के 11 सदस्यों को अब तक ‘नेशनल अवार्ड’ मिल चुका है।

    नक्काशी में दिखी भक्ति और शक्ति

    सूत्रों के अनुसार, जब पीएम मोदी ने इस प्रतिमा को देखा तो वे इसकी बारीकी देख दंग रह गए। पूरी प्रतिमा को शुद्ध चंदन की लकड़ी पर उकेरा गया है। इसमें जयपुर की सदियों पुरानी शिल्पकला की झलक साफ दिखती है। नवरात्रि के समय मां दुर्गा की यह भेंट शक्ति और भक्ति का प्रतीक मानी जा रही है।

  • आस्था को नई ऊंचाई, गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची बालाजी प्रतिमा का लोकार्पण

    आस्था को नई ऊंचाई, गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची बालाजी प्रतिमा का लोकार्पण

    राजसमंद

    राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची खड़ी बालाजी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण 26 मार्च को प्रातः 9:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लोकार्पण समारोह वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत राकेश महाराज एवं युवाचार्य विशाल बाबा के सानिध्य में संपन्न होगा। प्रतिमा का निर्माण करने वाले गिरीश भाई शाह सहित समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।

    लोकार्पण के दिन प्रातःकाल से ही पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। ठीक 9 बजे मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा। इसके बाद भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा।

    आस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    131 फीट ऊंची यह खड़ी बालाजी प्रतिमा गिरिराज पर्वत शिखर पर स्थापित होने के कारण दूर-दूर से दिखाई देगी। यह प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ ही नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी।

    तीन वर्षों में तैयार हुई भव्य प्रतिमा
    प्रतिमा का निर्माण विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा आधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना के साथ करीब तीन वर्षों में पूरा किया गया है। निर्माण में 115 टन स्टील, 40 टन फाइबर ग्लास और M30 ग्रेड उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित की गई है। मूर्तिकार नरेश कुमावत ने देश और विदेश में करीब 500 से अधिक बड़ी प्रतिमाएं बनाई हैं। इससे पहले उन्होंने यहां विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा ‘विश्वास स्वरूपम’ का निर्माण किया था।

    प्रशासन की विशेष व्यवस्थाएं
    समारोह को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    प्रेरणा का बनेगा केंद्र
    आयोजकों के अनुसार, यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए भक्ति, सेवा और समर्पण की प्रेरणा का स्रोत बनेगी और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगी।

  • 99.33% लाकर छवि ने किया कमाल, जानें लड़कियों में किसे मिले कितने अंक

    99.33% लाकर छवि ने किया कमाल, जानें लड़कियों में किसे मिले कितने अंक

    अजमेर

    राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार दोपहर 1 बजे 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही प्रदेश के 10 लाख 68 हजार 109 छात्रों का इंतजार समाप्त हो गया।

    जयपुर की छवि ने पार किया 99वे का आंकड़ा
    इस वर्ष 10वीं बोर्ड परीक्षा में जयपुर के खोरा बिसल स्थित एसवीएम अकेडमी सी. से. स्कूल की छात्रा छवि शर्मा ने 99.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। छवि ने हिंदी और गणित में 100 में से 100 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
     
    बाड़मेर की गुंजन चौधरी का शानदार प्रदर्शन
    बाड़मेर की छात्रा गुंजन चौधरी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 98.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्हें पांच विषयों में 99-99 अंक मिले, जो उनकी निरंतर मेहनत और लगन को दर्शाता है।

    श्रीगंगानगर की रिया ने भी किया नाम रोशन
    श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर की रहने वाली छात्रा रिया ने 97.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वह माता गुजरी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं और उनके प्रदर्शन ने जिले का नाम रोशन किया है।
     
    आरती देवांद का संघर्ष और सफलता
    चौमूं स्थित टीसीआई सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा आरती देवांद ने 95.33 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आरती ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विशेष रूप से अपने मामा को दिया। उन्होंने ननिहाल में रहकर पढ़ाई की और भविष्य में मेडिकल क्षेत्र में जाकर लोगों की सेवा करने का लक्ष्य रखा है।

  • RBSE 10th Result 2026: 94.23% पास, बेटियों ने किया शानदार प्रदर्शन, रिजल्ट जारी

    RBSE 10th Result 2026: 94.23% पास, बेटियों ने किया शानदार प्रदर्शन, रिजल्ट जारी

    जयपुर

    राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के लाखों छात्रों का इंतज़ार आज खत्म हो गया है. बोर्ड ने 10वीं कक्षा (Secondary) का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है. इस साल का कुल पास प्रतिशत 94.23% रहा है. छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर देख सकते हैं। 

    छात्राओं ने फिर मारी बाजी
    राजस्थान बोर्ड के नतीजों में एक बार फिर बेटियों का दबदबा देखने को मिला है. बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक छात्राओं का सफलता प्रतिशत: 94.20% और छात्रों का सफलता प्रतिशत: 93.63% रहा. इस साल बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 10,66,561 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है। 

    रिजल्ट चेक करने के 3 आसान तरीके

    1. आधिकारिक वेबसाइट से सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं.
    होमपेज पर 'Main Examination Results 2026' के लिंक पर क्लिक करें.
    अपना रोल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें. आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर होगी। 

    2. SMS के जरिए (अगर वेबसाइट न खुले):
    फोन के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें: RJ10 के बाद रोल नंबर 
    इसे 56263 या 5676750 पर भेज दें. रिजल्ट तुरंत आपके इनबॉक्स में होगा। 

    3. डिजिलॉकर (DigiLocker)
    छात्र अपने आधार नंबर से लॉगिन करके अपनी डिजिटल प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। 

    पास होने के लिए चाहिए 33% नंबर
    बोर्ड के नियमों के अनुसार, छात्रों को हर विषय में और कुल मिलाकर कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है. जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हुए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है; बोर्ड जल्द ही उनके लिए 'सप्लीमेंट्री परीक्षा' आयोजित करेगा। 

    रिकॉर्ड समय में आया परिणाम
    इस बार बोर्ड ने नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू करने के लक्ष्य के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा किया. यही वजह है कि पिछले सालों की तुलना में इस बार नतीजे काफी पहले जारी कर दिए गए हैं, जिससे छात्रों को आगे की स्ट्रीम चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। 

  • पति की हत्या के पीछे पत्नी और प्रेमी का हाथ, 24 घंटे में पुलिस का बड़ा खुलासा

    पति की हत्या के पीछे पत्नी और प्रेमी का हाथ, 24 घंटे में पुलिस का बड़ा खुलासा

    बालोतरा

    राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के मलवा गोयलान गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला महज 24 घंटे के भीतर हत्या में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के बाद सामने आया कि युवक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

    चार साल पहले हुई थी मृतक की शादी
    मृतक की पहचान महेंद्र कुमार मेघवाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब चार साल पहले बागूंडी निवासी अनु के साथ हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन मृतक के गले पर मिले निशानों और परिजनों के शक ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।

    सुबह तक नहीं जागा युवक, परिजनों को हुआ शक
    घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, शनिवार सुबह जब महेंद्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को चिंता हुई। जब वे कमरे में पहुंचे तो महेंद्र चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले पर स्पष्ट चोट के निशान थे, जिससे मामला सामान्य मौत न लगकर हत्या का प्रतीत हुआ। तुरंत इसकी सूचना गिड़ा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

    पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद
    जांच के दौरान सामने आया कि महेंद्र और उसकी पत्नी अनु देवी के बीच शादी के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था। कई बार परिवार और समाज के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों के बीच समझौता भी करवाया, लेकिन आपसी मतभेद खत्म नहीं हुए। आए दिन होने वाले झगड़ों ने रिश्ते को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था।

    झगड़े के बाद रची गई हत्या की साजिश
    पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। शुक्रवार रात भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान अनु देवी ने अपने प्रेमी अमराराम (निवासी तिलवाड़ा) को फोन कर घर बुला लिया। अमराराम सरकारी विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। प्रेमी के घर पहुंचने के बाद दोनों ने मिलकर महेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर महेंद्र का गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्दाफाश
    गिड़ा थाना अधिकारी दलपत सिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मौके के हालात और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तेजी से केस को सुलझाया। पूछताछ में अनु देवी और अमराराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है।

    इलाके में फैली सनसनी
    घटना के खुलासे के बाद मलवा गोयलान सहित आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है। एक पत्नी द्वारा अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने और उसमें एक सरकारी शिक्षक की संलिप्तता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। थानाधिकारी दलपत सिंह चौधरी के अनुसार, 'मृतक के भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच में आपसी अनबन के चलते हत्या का मामला सामने आया। आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।'