Category: राजस्थान

  • ग्राहकों को कम तेल देने की शिकायत पर प्रशासन का सख्त एक्शन, कई पंपों की जांच जारी

    ग्राहकों को कम तेल देने की शिकायत पर प्रशासन का सख्त एक्शन, कई पंपों की जांच जारी

    जयपुर

     राजस्थान की राजधानी जयपुर में अगर आप भी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल डलवाते समय यह सोचते हैं कि तेल कम मिला है, तो आज प्रशासन ने आपकी इसी चिंता पर मुहर लगा दी है. उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के आदेश पर जयपुर जिले के पेट्रोल पंपों की अचानक चेकिंग की गई. इस दौरान टीम को पता चला कि कुछ पंपों पर मीटर तो सही चल रहा था, लेकिन नोजल से तेल कम निकल रहा था. इस धांधली को देखते हुए विभाग ने तुरंत सख्त एक्शन लिया.

    हाईवे के इन तीन रास्तों पर हुई छापेमारी
    प्रशासन की तीन अलग-अलग टीमों ने जयपुर के सबसे व्यस्त रास्तों को निशाना बनाया. अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड पर स्थित कुल 15 पेट्रोल पंपों पर टीमें अचानक नाप-तोल की मशीनें लेकर पहुंच गईं. इस औचक निरीक्षण से पंप चलाने वालों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने बारीकी से चेक किया कि क्या ग्राहकों को उतना ही तेल मिल रहा है जितने पैसे वे दे रहे हैं?

      उपभोक्ता मामलात मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार, जयपुर ज़िले में पेट्रोल पंपों की जाँच का, एक व्यापक जाँच अभियान चलाया गया। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 एवं राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम-2011 के अंतर्गत, तीन जाँच दलों ने जयपुर ज़िले में अजमेर रोड, सीकर

    गड़बड़ी मिलने पर 3 पंपों के नोजल सील
    जांच के दौरान टीमों ने पाया कि तीन पेट्रोल पंपों पर मीटर में हेराफेरी कर ग्राहकों की जेब काटी जा रही थी. इन पंपों पर तेल की मात्रा तय मानकों से काफी कम पाई गई. मामला साफ होते ही अधिकारियों ने उन तीनों पेट्रोल पंपों के नोजल तुरंत सील कर दिए. इसका मतलब है कि अब ये पंप तब तक तेल नहीं बेच पाएंगे जब तक इनकी मशीनों को दोबारा ठीक कर विभाग से पास नहीं करवा लिया जाता.

  • सरकार से वार्ता नहीं होने पर दोबारा शुरू हुआ आंदोलन, युवाओं और प्रशासन के बीच जारी गतिरोध

    सरकार से वार्ता नहीं होने पर दोबारा शुरू हुआ आंदोलन, युवाओं और प्रशासन के बीच जारी गतिरोध

    भरतपुर

    भरतपुर के पीलूपुरा में पिछले 3 दिनों से जारी आमरण अनशन सोमवार रात गंभीर मोड़ पर पहुंच गया. रीट (REET) परीक्षा में 372 पदों की मांग को लेकर धरने पर बैठे तीन युवाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने देर रात ही तीनों आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.

    इन युवाओं को कराया गया अस्पताल में भर्ती
    आमरण अनशन पर बैठे अरुण गुर्जर, रणवीर गुर्जर और राजवीर की शारीरिक स्थिति पिछले 72 घंटों से अन्न-जल त्यागने के कारण काफी नाजुक हो गई थी. जिला प्रशासन ने उनकी जान को जोखिम में न डालते हुए उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के तहत अस्पताल शिफ्ट किया. सूचना मिलते ही तहसीलदार ने खुद जिला अस्पताल पहुंचकर तीनों युवाओं की सेहत का जायजा लिया और डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए.

    'प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराया'
    जिसकी तबीयत राजवीर (बड़ागांव) ने बताया कि उन्हें एक माह पहले आश्वासन दिया गया था कि सरकार से वार्ता की जाएगी. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसी के चलते हुए दोबारा धरने पर बैठे. उन्होंने खाना नहीं खाया तो इसी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी. प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जबरदस्ती उठा कर अस्पताल लेकर आए. राजवीर का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं पूरी होंगी, इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे.

    पुलिस के एक्शन पर SDM ने क्या कहा?
    एसडीएम दीपक मित्तल का कहना है कि धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से समझाइश की. लेकिन वह नहीं माने. उनमें से तीन युवकों की तबीयत खराब हुई, जिन्हें एंबुलेंस के सहयोग से बयाना अस्पताल भर्ती कराया, जहां से उन्हें भरतपुर रैफर कर दिया. वहां उनका इलाज जारी है. युवकों की तबीयत में सुधार हो रहा है और जो धरने पर बैठे हैं उनसे वार्ता की जा रही है. हालांकि उनसे जब पूछा गया कि युवक जबरदस्ती धरने से उठाने का आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. उनसे सिर्फ समझाइश की जा रही है. जिन लोगों की तबीयत खराब हुई उन्हें अस्पताल भिजवाया गया है.

    सहमति के बाद दोबारा क्यों शुरू हुआ अनशन?
    यह पूरा विवाद तब फिर से गहराया जब सरकार और युवाओं के बीच बातचीत का रास्ता बंद हो गया. दरअसल, इन युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर 31 मार्च को भी धरना दिया था, जिसे प्रशासन ने सरकार से वार्ता कराने के आश्वासन पर स्थगित करवा दिया था. लेकिन जब 1 मई को निर्धारित वार्ता नहीं हुई, तो युवाओं ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और दोबारा अनशन पर बैठने का फैसला किया.

    क्या है 372 पदों का पूरा मामला?
    युवाओं की मुख्य मांग रीट भर्ती में 372 अतिरिक्त पदों को शामिल करने की है. उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है. युवाओं का कहना है कि जब तक पदों की संख्या को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा. फिलहाल प्रशासन के लिए इन युवाओं की सेहत और कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

  • लश्कर आतंकी के खुलासे के बाद जयपुर में सख्ती, 73 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

    लश्कर आतंकी के खुलासे के बाद जयपुर में सख्ती, 73 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

     जयपुर

    लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जयपुर में एक साल तक रहने के खुलासे के बाद से राजधानी में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, जयपुर कमिश्नरेट ने शहर के चारों जिलों में 'एरिया डोमिनेशन' अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना पुलिस सत्यापन (Police Verification) और किराएनामे (Rent Agreement) के रह रहे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान करना है.

     73 से ज्यादा किराएदार गिरफ्तार, मकान मालिकों पर भी केस दर्ज
    एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा ने बताया कि बाहरी राज्यों के वांटेड बदमाशों को जयपुर में फरारी काटना सुरक्षित लग रहा है. वे नाम-पता बदलकर किराएदार के रूप में रह रहे हैं. इस अभियान के तहत अब तक 73 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के उदय ग्रीन रेसीडेंसी में पुलिस ने छापेमारी कर बिना सत्यापन के रह रहे 26 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें से दो का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है. कनोता थाना क्षेत्र में बगराना के जेडीए फ्लैट्स में करीब 1,000 फ्लैट्स की जांच के दौरान 47 ऐसे किराएदार मिले, जिनके पास कोई किराएनामा या पुलिस सत्यापन नहीं था. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वही पुलिस ने उन मकान और फ्लैट मालिकों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए हैं, जिन्होंने बिना सत्यापन के अपने घर किराए पर दिए थे.

     इन मामलों ने उड़ाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद
    आतंकी का जयपुर कनेक्शन आने के पास पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा का ये आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश लगभग एक साल तक जयपुर में रहा, नौकरी की, सज्जाद नाम से फर्जी वोटर आईडी बनवाई और फिर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया.

    एमपी का हिस्ट्रीशीटर
    जवाहर सर्किल इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया जो मध्यप्रदेश का हिस्ट्रीशीटर आरोपी राहुल घुरैया निकला. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट के 33 मामले दर्ज हैं.

    म्यांमार के शरणार्थियों की गैंग
    वैशाली नगर इलाके में म्यांमार के शरणार्थी युवक अबूबकर सिद्दकी ने अपने साथी खालिद के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया.

    गैंगस्टर की गिरफ्तारी
    सुजानगढ़ में ज्वैलर पर फायरिंग मामले में वांछित अपराधी कृष्ण सिंह को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने झोटवाड़ा से गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ 27 मुकदमे दर्ज हैं.

    आमजन से पुलिस की अपील
    जयपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं.  पुलिस का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.

  • धर्मांतरण या प्रार्थना सभा? राजस्थान की घटना पर सच्चाई को लेकर सवाल खड़े

    धर्मांतरण या प्रार्थना सभा? राजस्थान की घटना पर सच्चाई को लेकर सवाल खड़े

    जयपुर

    शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

    सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति
    राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.  

    150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद
    NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.  

    हकीकत क्या, सवाल बरकरार?
        बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?
        100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?
        क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

  • WhatsApp फ्रॉड केस: DP बदलकर कंपनी को लगाया करोड़ों का चूना, हवाला तक पहुंचा नेटवर्क

    WhatsApp फ्रॉड केस: DP बदलकर कंपनी को लगाया करोड़ों का चूना, हवाला तक पहुंचा नेटवर्क

    जयपुर

    राजस्थान पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने महज एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक कंपनी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

    DP लगाकर दिया झांसा, खातों में ट्रांसफर कराए करोड़ों
    पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह ठगी 24 अप्रैल 2026 को हुई थी. ठगों ने कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह को संदेश भेजा. अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश सीधे मालिक की ओर से आए हैं, जिसके बाद उसने बताए गए बैंक खातों में 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में हकीकत सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

    तकनीकी जांच और हवाला कनेक्शन
    पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सुमित मेहरडा की निगरानी में गठित विशेष टीमों ने जब ट्रांजेक्शन की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। ठगी की राशि को दर्जनों खातों में घुमाया गया और बाद में उसे 'यूएसडीटी' (USDT) और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया.

    चाय की थड़ियों पर होती थी डील, वकालत का छात्र भी शामिल
    हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों में कानून (वकालत) का एक छात्र, सैलून कर्मी और स्पेयर पार्ट्स बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है, ये लोग किसी को शक न हो, इसलिए कमीशन के बंटवारे और पासबुक-चेकबुक के लेन-देन के लिए चाय की थड़ियों पर मिलते थे,

    इन जिलों से हुई गिरफ्तारियां
    पुलिस ने कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशिद, समीर, तोहिद, नवीन सिंह (कोटा), अविनाश जैन, प्रवीण, अमित, भव्य, मुकेश (बांसवाड़ा), घनश्याम, राहुल, कमलेश (जोधपुर), दीपेंद्र, वीरेंद्र, हरीश (पाली) और सदराम (बाड़मेर) शामिल हैं.

    पुलिस की चेतावनी
    पुलिस ने आम जनता और संस्थानों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले वित्तीय निर्देशों की पुष्टि सीधे फोन कॉल के जरिए जरूर करें. गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.

  • Rajasthan Weather Alert: पश्चिमी विक्षोभ से राहत, लेकिन आंधी-तूफान से नुकसान जारी

    Rajasthan Weather Alert: पश्चिमी विक्षोभ से राहत, लेकिन आंधी-तूफान से नुकसान जारी

    जयपुर

    राजस्थान के पश्चिमी भाग में गर्मी का प्रकोप है. दूसरी ओर आंधी-बारिश का दौर भी जारी है. मौसम लोगों पर दोहरी मार कर रहा है. शनिवार देर शाम प्रदेश के कई इलाकों में भयंकर आधी तूफान का मंजर देखने को मिला, इससे कई जगहों पर पेड़ गिर गए. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए. राजधानी में जयपुर में पारा दो डिग्री कम 38.1 डिग्री रहा. सुबह से ही राजधानी में आंधी-बारिश का दौर रहा. शाम होते ही तेज हवाओं की आंधी के साथ जमकर बारिश हुई, इससे गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर पेड़ गिरने और तेज आंधी के कारण नुकसान हुआ.

    तापमान में कमी की संभावना  
    विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में राज्य के ज्यादातर इलाकों के अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना है. प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी कुछ दिनों में कई भागों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है. इससे हीटवेव से राहत मिलेगी. फिलहाल आंधी तूफान के बीच लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद है.  

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    मौसम विभाग की ओर से आज अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, चूरू और डीडवाना कुचामन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. इन जिलों में करीब 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.  

    कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    वहीं, कल यानी 4 मई के लिए प्रदेश के बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, डीडवाना कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.  वहीं, प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी समानांतर जारी है. राज्य में सर्वाधिक तापमान जैसलमेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है.

  • कोटा ग्रामीण में साइबर रैकेट पर शिकंजा, करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा

    कोटा ग्रामीण में साइबर रैकेट पर शिकंजा, करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा

    कोटा

    राजस्थान के कोटा ग्रामीण पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जिसमें पिछले 10 दिनों में 4 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े बैंक खातों में देशभर में करीब 70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं.

    डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर बिछाया जाल
     पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के मुताबिक, यह गिरोह ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग, शेयर मार्केट निवेश, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था.आरोपी नवनीत विजयवर्गीय कोटा के महावीर नगर का रहने वाला है जबकि सलमान अहमद तलवंडी क्षेत्र का रहने वाला है वही एक नाबालिग को भी निरूद्ध किया गया है . आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करते थे, जिन्हें बाद में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किया जाता था.

    पेंशन के बहाने 58 करोड़ का 'खूनी' लिंक
    जांच में सामने आया कि अलग-अलग मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी की गई. एक मामले में पेंशन चालू करवाने के बहाने सिम और बैंक डिटेल लेकर करीब 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से लिंक मिला. वहीं अन्य मामलों में 1.69 करोड़, 71 लाख और करीब 9.71 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के युवक शामिल हैं, जो व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर गिरोहों से जुड़े हुए थे.

     साइबर सेल ने किया खुलासा
    इस कार्रवाई में सुल्तानपुर, इटावा, दीगोद और रामगंजमंडी थाना पुलिस सहित साइबर सेल की विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया. पुलिस का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा.

  • NEET UG 2026: तनाव के बीच कोटा में छात्र की मौत, परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

    NEET UG 2026: तनाव के बीच कोटा में छात्र की मौत, परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

     कोटा

    देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) के आयोजन से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के कोटा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीक्षित प्रसाद ने छत से कूदकर आत्महत्या (Dixit Prasad Suicide) कर ली. मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला दीक्षित पिछले दो साल से कोटा में रहकर कड़ी मेहनत कर रहा था.

    पुलिस ने परिजनों को दी सूचना
    घटना की सूचना मिलते ही कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया. बताया जा रहा है कि दीक्षित ने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या छात्र कल होने वाली परीक्षा के तनाव में था या आत्महत्या के पीछे कोई और कारण था. पुलिस ने अल्मोड़ा में छात्र के परिजनों को सूचना दे दी है और उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी.

    रविवार को होने वाली परीक्षा से ठीक पहले उठाए गए इस खौफनाक कदम ने एक बार फिर कोचिंग सिटी में छात्रों के मानसिक दबाव और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

    गूगल मैप के भरोसे न रहें छात्र
    बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कल यानी 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. एजेंसी ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि वे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पूरी तरह गूगल मैप पर निर्भर न रहें. एनटीए के मुताबिक, कई परीक्षा केंद्रों की भौगोलिक स्थिति गूगल मैप पर स्पष्ट या सटीक नहीं है. ऐसे में किसी भी तरह की देरी या असुविधा से बचने के लिए छात्र अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए पते की पुष्टि पहले ही केंद्र पर जाकर कर लें.

    रिकॉर्ड 22.8 लाख उम्मीदवार
    इस साल नीट-यूजी 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन हुए हैं. कुल 22,79,743 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जिनमें महिला उम्मीदवारों की संख्या करीब 13.3 लाख और पुरुषों की संख्या 9.4 लाख है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कसर न छोड़ी जाए.

    छात्रों के लिए जरूरी सलाह और नियम
    एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से काफी पहले केंद्र पर पहुंचें और अपने साथ जरूरी दस्तावेज व एडमिट कार्ड रखें. गूगल मैप वाली चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भी छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भागदौड़ से बचें.

  • ई-मेल सबूत के चलते हाईकोर्ट ने धमाकों के दोषियों को सजा पर रोक नहीं दी

    ई-मेल सबूत के चलते हाईकोर्ट ने धमाकों के दोषियों को सजा पर रोक नहीं दी

     जयपुर

    राजस्थान हाईकोर्ट ने साल 2008 में हुए जयपुर सीरियल बम धमाकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में दो दोषियों को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है. जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने शुक्रवार को मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद की उस अर्जी (स्टे एप्लीकेशन) को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.

    क्या है 'नौवें बम' का मामला?
    13 मई 2008 को जयपुर में हुए सिलसिलेवार धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया था. इन धमाकों में 71 बेगुनाहों की जान गई थी, और 185 लोग घायल हुए थे. पुलिस को चांदपोल बाजार के पास एक 9वां बम भी मिला था, जिसे फटने से महज 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर दिया गया था. इसी 'जिंदा बम' मामले में विशेष अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

    'जब 8 केस में बरी, तो यहां क्यों नहीं?'
    दोषियों के वकील ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट पहले ही मुख्य 8 ब्लास्ट मामलों में उन्हें बरी कर चुका है. ऐसे में 'जिंदा बम' मामले में भी उन्हें राहत मिलनी चाहिए. उन्होंने दलील दी कि अपील पर सुनवाई में लंबा समय लग सकता है, इसलिए उनकी सजा पर रोक लगाकर उन्हें जमानत दी जाए.

    ई-मेल बना मुख्य सबूत
    राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए इन दलीलों का पुरजोर विरोध किया गया. सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता और अतिरिक्त साक्ष्य मौजूद हैं. धमाकों के तुरंत बाद दो न्यूज चैनलों को ई-मेल भेजकर इन लोगों ने धमाकों की जिम्मेदारी ली थी. ई-मेल के जरिए धमाकों को 'सही' ठहराना इनके शामिल होने का बड़ा प्रमाण है.

    अदालत का फैसला
    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल सजा पर रोक लगाना सही नहीं होगा. इस फैसले के बाद अब सरवर और शाहबाज को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा.

  • राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा का दावा: 1.25 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं, पेपर लीक्स पर कोई समझौता नहीं

    राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा का दावा: 1.25 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं, पेपर लीक्स पर कोई समझौता नहीं

    जयपुर
     मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बालिका शिक्षा में तेजी से प्रगति हो रही है, जिसका श्रेय राज्य सरकार की उन नीतियों को जाता है जो बुनियादी ढांचे के विस्तार और सभी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।
    वे पाली जिले के रोहट में राजेश्वर भगवान अंजनी माता कन्या गुरुकुल संस्थान द्वारा स्थापित नवनिर्मित बालिका महाविद्यालय के उद्घाटन और गुरुकुल के 10वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर क्षेत्रीय विकास निर्भर होने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नया महाविद्यालय युवा महिलाओं को शिक्षित करने और क्षेत्र में शैक्षिक पहुंच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।

    शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और श्रमिकों पर केंद्रित एक व्यापक विकास रोडमैप तैयार किया है। राम जल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता और सोम-कमला-अंबा परियोजना सहित जल और बिजली से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 24 जिलों के किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, और यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से 2027 तक पूरे राजस्थान में विस्तारित की जाएगी। रोजगार प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 10 लाख नौकरियां सृजित करना है, जिनमें से 6 लाख निजी क्षेत्र में और 4 लाख सरकारी क्षेत्र में होंगी। अब तक लगभग 1.25 लाख सरकारी पदों पर भर्ती हो चुकी है, 1.33 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, और 1.25 लाख अन्य पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। निजी क्षेत्र में, विभिन्न पहलों के तहत अब तक लगभग 3 लाख नौकरियां सृजित की जा चुकी हैं।

    उन्होंने परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पहले ऐसी घटनाओं से युवाओं की उम्मीदें चकनाचूर हो जाती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है।

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई पहलों का जिक्र करते हुए शर्मा ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे प्रमुख अभियानों पर प्रकाश डाला, जिनका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और समग्र जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम-2026) का आयोजन 23 से 25 मई तक जयपुर में किया जाएगा, जिसमें देशभर के किसान, पशुपालक, वैज्ञानिक और निवेशक भाग लेंगे। उन्होंने किसानों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।

    शर्मा ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 71 नए सरकारी कॉलेज खोले गए हैं और 185 कॉलेजों के भवनों का उद्घाटन किया गया है, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में केवल 57 कॉलेज भवनों का निर्माण किया था।