Category: पंजाब

  • त्योहारी सीजन में ट्रेन टिकटों की मारामारी, स्पेशल ट्रेनों की मांग

    त्योहारी सीजन में ट्रेन टिकटों की मारामारी, स्पेशल ट्रेनों की मांग

    चंडीगढ़ 

    दीपावली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे यूपी-बिहार के लोगों के लिए ट्रेन का टिकट मिलना अभी से चुनौती बन गया है। त्योहार में करीब एक महीने का समय बाकी है, लेकिन चंडीगढ़ और अंबाला से उत्तर प्रदेश-बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। 

    चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और आसपास रहने वाले बड़ी संख्या में लोग हर साल त्योहार पर अपने पैतृक गांव और शहर जाते हैं। इस बार नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने से यात्रियों को तत्काल टिकट, स्पेशल ट्रेन, बस या फ्लाइट का विकल्प तलाशना पड़ सकता है।

    चंडीगढ़ और अंबाला से यूपी-बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। गाड़ी संख्या 13152 में 12 नवंबर तक वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। चंडीगढ़ से वाराणसी जाने वाली गाड़ी संख्या 22356 में वेटिंग 135 तक पहुंच गई है।

    चंडीगढ़ से गोरखपुर और डिब्रूगढ़ जाने वाली गाड़ी संख्या 15904 में 353 की वेटिंग चल रही है। अंबाला से गोरखपुर होते हुए बिहार जाने वाली गाड़ी संख्या 13042 में भी 10 नवंबर तक वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी है।

    तत्काल टिकट पर निर्भर होने की नौबत त्योहार नजदीक आने के साथ ट्रेनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों को तत्काल टिकट या स्पेशल ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। वहीं, टिकट नहीं मिलने पर सड़क या हवाई यात्रा का विकल्प भी चुनना पड़ सकता है।

    प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं पूर्वांचल चंडीगढ़ विकास मंच ने रेलवे से मांग की है कि त्योहारों से पहले चंडीगढ़ और अंबाला से यूपी-बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं। साथ ही यात्रियों की मांग को देखते हुए और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं, ताकि आखिरी समय में टिकट के लिए मारामारी न हो।

  • पंजाब के खिलाड़ियों ने लहराया तिरंगा, शूटिंग-रोइंग में मिले पदक

    पंजाब के खिलाड़ियों ने लहराया तिरंगा, शूटिंग-रोइंग में मिले पदक

    अमृतसर
     जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियाई खेलों के मंच पर पंजाब के जांबाज खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, अदम्य साहस और बेजोड़ खेल कौशल का ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में गौरव और उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है।

    एथलेटिक्स के रेस ट्रैक से लेकर निशानेबाजी की शूटिंग रेंज तक, और रोइंग के वाटर कोर्स से लेकर हॉकी के मैदान तक, पंजाब की मिट्टी से निकले इन होनहार एथलीटों ने हर जगह अपनी धाक जमाई है।

    जालंधर, पटियाला, मानसा और संगरूर जैसे जिलों से आए खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर नए मुकाम हासिल किए, बल्कि महत्वपूर्ण मुकाबलों में पदक जीतकर और निर्णायक जीत दर्ज कराकर यह साबित कर दिया कि भारतीय खेल जगत में पंजाब का दबदबा आज भी अटूट है।

    100 मीटर की दौड़ में सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने से लेकर रोइंग और निशानेबाजी में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने और हॉकी में गोलों की बरसात करने तक, गुरुवार का पूरा दिन पंजाब के गबरूओं के शानदार नाम रहा, जिससे पूरे राज्य में जश्न का माहौल बना हुआ है।

    100 मीटर में गुरिंदरवीर सिंह चमके
    एथलेटिक्स के मैदान में पुरुष वर्ग की सबसे रोमांचक मानी जाने वाली 100 मीटर रेस में पंजाब के जालंधर के रहने वाले राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

    चौथी हीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरिंदरवीर सिंह ने 10.38 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय खेमे के साथ-साथ पूरे पंजाब के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

    पटियाला की परिनाज ने साधा निशाना
     स्कीट निशानेबाजी की मिश्रित स्पर्धा में पंजाब के शाही शहर पटियाला की परिनाज धालीवाल ने इतिहास रच दिया है। शुरुआती दौर के भारी दबाव के बावजूद परिनाज ने अपने जोड़ीदार अनंतजीत सिंह नरूका के साथ मिलकर गजब का धैर्य और तालमेल दिखाया।

    इस जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का इस स्पर्धा में यह पहला पदक है, जिसे दिलाकर परिनाज ने पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

    रोइंग में मानसा के सतनाम सिंह चमके
    पानी की लहरों पर अपनी नाव को रफ्तार देते हुए मानसा जिले के गांव फता मालोका के रहने वाले सतनाम सिंह ने देश और पंजाब को एक और गौरवशाली पल दिया। रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम सिंह ने अपने साथी सलमान खान के साथ मिलकर 6:13.25 मिनट का समय निकाला और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पूर्व हैंडबॉल खिलाड़ी रहे सतनाम की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि पंजाब के एथलीट हर खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हैं।

    हॉकी में दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक
    पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 8-2 के बड़े अंतर से मात देकर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। इस बड़ी जीत के नायक रहे पंजाब के स्टार फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल (10वें, 26वें और 32वें मिनट में) दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की।

    इसके अलावा टीम के अन्य अनुभवी खिलाड़ियों सुखजीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने भी एक-एक गोल करके विरोधी टीम को पस्त करने में अहम भूमिका निभाई। पंजाब के खिलाड़ियों के इस सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के चलते राज्य भर में जश्न का माहौल है।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP पर बयान, बोले- 4 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ

    कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP पर बयान, बोले- 4 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ

    चंडीगढ़
     भाजपा में शामिल होने के करीब चार साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के भीतर अपने राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर असंतोष जाहिर किया है।एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कैप्टन ने कहा कि भाजपा के साथ चार साल में उन्होंने “वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में वापस जाने की उनकी कोई योजना नहीं है। साथ ही कहा कि चुनाव लड़ने के उनके दिन अब प्रभावी तौर पर खत्म हो चुके हैं।

    सितंबर 2022 में भाजपा में शामिल हुए कैप्टन ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने पर स्वाभाविक उम्मीद होती है कि वरिष्ठ नेता से सलाह ली जाएगी।

    खासकर ऐसे व्यक्ति से, जिसने पंजाब को करीब छह दशक तक करीब से देखा और समझा है। उन्होंने कहा, “मैं यह दावा नहीं कर रहा कि पंजाब के बारे में मेरे पास सभी जवाब हैं, लेकिन मैं इस राज्य को अच्छी तरह जानता हूं।”

    कैप्टन के बयान से शुरू हुई थीं सियासी चर्चाएं
    कैप्टन के इस बयान को भाजपा में उनके राजनीतिक प्रभाव और भूमिका को लेकर अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने और कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी और बाद में भाजपा में उसका विलय कर दिया था। हालांकि अब चार साल बाद वह खुद कह रहे हैं कि इस दौरान उन्हें पार्टी से कोई खास हासिल नहीं हुआ।

    भाजपा के साथ अपने भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उनके पास फिलहाल दूसरा विकल्प भी नहीं है।

    उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद भी कुछ हद तक उलझन में हैं और पहले उन्हें अपने स्तर पर चीजों को सुधारने की जरूरत है।

    चार साल में कुछ हासिल नहीं हुआ
    पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होने के बाद उम्मीद होती है कि खासकर उस व्यक्ति से सलाह ली जाएगी, जिसने करीब छह दशक तक पंजाब की राजनीति को करीब से देखा और समझा है, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. अमरिंदर सिंह ने बताया कि कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी. बाद में उनके समर्थकों की राय थी कि पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया जाए. उनके मुताबिक, कांग्रेस में वापस जाने का विकल्प नहीं था और अकाली दल में लौटने का भी सवाल नहीं था, इसलिए भाजपा में विलय का फैसला किया गया। 

    पंजाब पर पांच साल में एक भी बैठक नहीं हुई
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के भीतर अपनी भूमिका को लेकर सबसे बड़ा दावा यह किया कि पिछले पांच साल में पंजाब की नीति या राजनीति को लेकर उनकी पार्टी के साथ एक भी बैठक नहीं हुई. जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा वास्तव में उनसे सलाह नहीं लेती, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि पंजाब की राजनीति या नीति को लेकर भाजपा के साथ उनकी एक भी बैठक नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को जमीनी राजनीति समझने वाले नेताओं से सलाह लेनी चाहिए. उनके मुताबिक, उन्होंने ब्लॉक स्तर से राजनीति देखी है और पंजाब में छह बार विधायक, दो बार सांसद और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 

    भाजपा पंजाब को नहीं समझती
    इंटरव्यू में जबकैप्टन अमरिंदर सिंह से सीधे पूछा गया कि क्या भाजपा पंजाब को समझती है, तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया कि नहीं. उनके मुताबिक, भाजपा लंबे समय तक पंजाब में सत्ता में नहीं रही, इसलिए उसे राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए जमीनी स्तर से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केवल मंत्री बनने से किसी राज्य की राजनीति की पूरी समझ नहीं आती, राजनीति को समझने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर से काम करना पड़ता है। 

    अमरिंदर सिंह ने कहा कि भाजपा को उनके जैसे अनुभवी लोगों से कम से कम सलाह तो लेनी चाहिए… अगर उनकी सलाह गलत लगे तो उसे खारिज किया जा सकता है, लेकिन अनुभव होने के बावजूद सलाह नहीं लेना उचित नहीं है। 

    फिर भाजपा में क्यों बने हुए हैं?
    अगर भाजपा में उन्हें तवज्जो नहीं मिल रही, तो क्या वह पार्टी में बने रहेंगे? अमरिंदर सिंह का जवाब था कि क्या विकल्प है? उन्होंने कहा कि वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी… हालांकि उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपने पुराने लगाव को भी स्वीकार किया. अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह करीब 50 साल कांग्रेस के साथ रहे हैं और पार्टी उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ने का फैसला उन्होंने खुद नहीं लिया था, कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे अलग होने का फैसला किया और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया। 

    कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर भी जवाब
    पिछले कुछ दिनों से अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चा भी होती रही है, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के लिए खुद नहीं कहा था और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जाने के लिए कहा था… अब वह कांग्रेस में वापसी के बारे में कोई पहल नहीं कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच साल में उनकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से राजनीतिक बातचीत नहीं हुई है। 

    सक्रिय तौर पर राजनीति में नहीं नजर आएंगे कैप्टन
    84 वर्षीय कैप्टन ने साफ किया कि वह अब चुनावी राजनीति में सक्रिय उम्मीदवार के तौर पर नजर नहीं आएंगे। हालांकि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कई अहम राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सी पार्टी बढ़त की स्थिति में है।

    आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबले की बात करते हुए उन्होंने भाजपा के जमीनी समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए और अकाली दल के साथ गठबंधन की पैरवी की।

    कैप्टन ने कहा कि अगर भाजपा पंजाब में सरकार बनाना चाहती है तो उसे अपने पुराने सहयोगी अकाली दल के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए।

    उनके मुताबिक दोनों दल पहले भी मिलकर सरकारें बना चुके हैं। इससे साफ है कि चुनावी राजनीति से दूरी की घोषणा के बावजूद कैप्टन की नजर पंजाब के अगले राजनीतिक समीकरण पर बनी हुई है।

  • जालंधर में बाबा सोढल के दरबार में उमड़ी भीड़, राज्यपाल भी हुए नतमस्तक

    जालंधर में बाबा सोढल के दरबार में उमड़ी भीड़, राज्यपाल भी हुए नतमस्तक

    जालंधर.

    पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया सिद्ध बाबा सोढल मंदिर में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा सोढल छावनी निहंग सिंघा में भी माथा टेका और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि श्री सिद्ध बाबा सोढल के साथ देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव है। यही वजह है कि हर साल लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचकर नतमस्तक होते हैं। इस अवसर पर उनके साथ सोढल सुधार सभा के अध्यक्ष पंकज चड्ढा, पूर्व विधायक केडी भंडारी, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पायलट और शिरोमणि अकाली दल के महासचिव मनिंदर पाल सिंह गुंबर समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

    मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
    अनंत चौदस के अवसर पर शुरू हुए इस प्रसिद्ध मेले को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के दो किलोमीटर के दायरे में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पूरे क्षेत्र में चार सौ से अधिक स्थानों पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों के लंगर लगाए गए हैं। सड़क किनारे सजी दुकानों पर देर रात तक खरीदारी का दौर जारी है। मेला प्रबंधकों के अनुसार, मुख्य दिन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के नतमस्तक होने का अनुमान है, जबकि दो दिन पहले से ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंचना शुरू हो गए थे। अनंत चौदस के दिन श्रद्धालु पारंपरिक धार्मिक रस्में पूरी करेंगे, जिसमें खेतड़ी अर्पित करना और मंदिर में चौदह रोट का प्रसाद चढ़ाना शामिल है।

    मेले में सुरक्षा व सुविधाएं –
    मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रांगण में सोढल मंदिर ट्रस्ट की ओर से एक विशेष काउंटर बनाया गया है, जहां से तमाम गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, मंदिर के मुख्य द्वार के सामने पुलिस कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य विभाग का फ्री मेडिकल कैंप और नगर निगम का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

    सुरक्षा और सावधानी के मुख्य निर्देश: –

    • बच्चों का हाथ मजबूती से पकड़कर रखें और उनकी जेब में घर का पता व फोन नंबर की पर्ची जरूर रखें।
    • कीमती सामान और महंगे गहने पहनकर मेले में जाने से बचें तथा जेबकतरों से सावधान रहें।
    • झूलों का आनंद लेने से पहले उनकी सुरक्षा और बिजली की तारों की व्यवस्था की जांच कर लें।
    • खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या मेडिकल कैंप से संपर्क करें।
  • पंजाब में कांग्रेस प्रदर्शन पर पुलिस एक्शन, वॉटर कैनन से खदेड़ा

    पंजाब में कांग्रेस प्रदर्शन पर पुलिस एक्शन, वॉटर कैनन से खदेड़ा

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की।

    प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में निकले इस विरोध मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा शामिल नहीं हुए जबकि डॉ राजकुमार वेरका, परगट सिंह समेत कुछ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

    वाटर कैनन का किया प्रयोग
    पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए सेक्टर-17 में सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलना शुरू किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कई नेताओं को पुलिस वाहनों में बैठाकर थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। कई स्तरों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और कार्रवाई की जाए। पार्टी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है।

    मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी सवाल
    पंजाब कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने विधानसभा चुनाव तक विशेष गहन पुनरीक्षण रोकने और पिछली मतदाता सूचियों के आधार पर चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन ऐसे समय किया जा रहा है, जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण समेत कुछ प्रक्रियाओं को लेकर आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि तकनीकी टिप्पणियां और सवाल बहुसदस्यीय संस्था की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं तथा विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अंतिम निर्णय तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।

  • ASI के 450 पदों पर सीधी भर्ती, पंजाब पुलिस में जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

    ASI के 450 पदों पर सीधी भर्ती, पंजाब पुलिस में जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

    चंडीगढ़ 
    पंजाब सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 450 सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) की सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में एक प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। सरकार के मुताबिक भर्ती पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होगी।

    सीएम मान ने कहा कि नई भर्ती से पढ़े-लिखे और योग्य युवाओं को पुलिस विभाग में शामिल होने का अवसर मिलेगा। साथ ही जमीनी स्तर पर पुलिसिंग मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था की उभरती चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। 

    मुख्यमंत्री के अनुसार पंजाब पुलिस के पांच कैडरों में एएसआई के 6,810 स्वीकृत पद हैं। चार कैडरों में करीब 70 फीसदी रिक्तियां पदोन्नति से और आर्म्ड कैडर में करीब 90 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाने की संभावना है। इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 450 पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया गया है। संबंधित विभागों को भर्ती की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    भर्ती और पदोन्नति की योजना तैयार
    6810 एएसआइ पदों का है स्वीकृत कैडर सरकार के अनुसार पंजाब पुलिस के पांच कैडरों में एएसआइ के कुल 6810 स्वीकृत पद हैं। इनमें जिला पुलिस, आर्म्ड पुलिस, ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन, इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट सर्विस शामिल हैं। सरकार ने मौजूदा और आने वाले समय में संभावित रिक्तियों का विस्तृत आकलन किया है। इसी आधार पर भर्ती और पदोन्नति की योजना तैयार की गई है।

    सरकार के मुताबिक चार कैडरों में करीब 70 प्रतिशत रिक्तियां पदोन्नति के माध्यम से भरी जाने की संभावना है, जबकि आर्म्ड कैडर में यह अनुपात करीब 90 प्रतिशत है। पदोन्नति की जरूरतों को ध्यान में रखने के बाद 450 एएसआइ पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया गया है।

    भर्ती प्रक्रिया में नहीं होगी देरी..
    मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भर्ती से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी।

    उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस बल केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना भी जरूरी है। सरकार के अनुसार नई भर्ती से पंजाब पुलिस की जमीनी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ेगी और उभरती कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी

    युवाओं के लिए खास बात: 450 एएसआइ पदों की सीधी भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, आवेदन की तारीख, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा पैटर्न और आधिकारिक भर्ती विज्ञापन की जानकारी अलग से जारी की जाएगी। इसलिए इच्छुक युवाओं को पंजाब पुलिस की आधिकारिक भर्ती सूचना का इंतजार करना होगा।

     

  • रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, पंजाब की 69 ट्रेनें प्रभावित

    रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, पंजाब की 69 ट्रेनें प्रभावित

    जालंधर.

    अगर आप अगले दो-तीन दिनों में ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं या किसी सफर पर निकलने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें, क्योंकि आपकी ट्रेन रद, डायवर्ट या लेट हो सकती है।

    रेलवे प्रशासन द्वारा साहनेवाल-अमृतसर रेल सेक्शन में लूप लाइन के निर्माण कार्य को लेकर तीन दिनों का मेगा ब्लॉक लिया गया है। इस वजह से 25 सितंबर से 27 सितंबर तक कुल 69 रेल गाड़ियों का आवागमन प्रभावित रहेगा। रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

    वैकल्पिक साधनों का उपयोग
    रेलवे डिवीजन फिरोजपुर की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार ट्रेन नंबर 74686 भगतांवाला–पट्टी तथा ट्रेन नंबर 74685 खेमकरण–पट्टी–भगतांवाला की सेवा 27 सितम्बर तक रद्द रहेगी। इस मौके पर रेलवे स्टेशन मास्टर पट्टी अरुण कुमार ने बताया कि रेलवे द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि उक्त अवधि के दौरान अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस जानकारी को ध्यान में रखें कि ट्रेन सेवाएं बंद होने के कारण इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना होगा।

    उन्होंने कहा कि पट्टी-खेमकरन रेल यात्रियों के लिए अहम सूचना है कि रेल सेवा 7 दिनों तक बंद रहेगी और पट्टी रूट पर दो ट्रेनें 21 से 27 सितंबर तक कैंसिल कर दी गई हैं। रेलवे विभाग ने यात्रियों को सूचित किया है कि वे ऊपर बताई गई तारीखों में इन ट्रेनों में यात्रा करने की योजना न बनाएं और अपनी यात्रा के लिए दूसरे उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करें। 

  • मेले में करंट लगने से बड़ा हादसा, 2 की मौत और 5 घायल

    मेले में करंट लगने से बड़ा हादसा, 2 की मौत और 5 घायल

    संगरूर.

    पंजाब के जिला संगरूर के अंतर्गत आते सुनाम शहर में चल रहे पीर बाबा जुड़वा शाह के वार्षिक मेले में एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगी एक गोलगप्पे की स्टॉल के पास अचानक बिजली का करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीर बाबा जुड़वा शाह प्रबंधकीय कमेटी की ओर से हर साल की तरह इस बार भी मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा था। मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। रात के समय लोग गोलगप्पे की स्टॉल के पास खड़े थे कि अचानक लोहे के ढांचे या तारों में बिजली का तेज करंट आ गया। देखते ही देखते करंट ने वहां खड़े कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

    फिरोजपुर में बिजली तारों की चपेट में आई बच्ची
    फिरोजपुर में कैंट बोर्ड की जगह पर लगे मेले में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मेला देखने पहुंची 8 साल की बच्ची बिजली के तार की चपेट में आ गई। हादसे में 8 वर्षीय दिवांशी की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मेले में काफी लोग पहुंचे हुए थे। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    नंगे तार की चपेट में आई बच्ची
    परिवार के मुताबिक, मेले वाली जगह पर बिजली की नंगी तारें मौजूद थीं। बच्ची इन तारों की चपेट में आ गई, जिससे उसे करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का आरोप है कि यदि बिजली की तारों को सुरक्षित तरीके से ढका और व्यवस्थित किया गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

  • मानसून की विदाई के बीच पंजाब में बारिश, बिजली की डिमांड 14 हजार पार

    मानसून की विदाई के बीच पंजाब में बारिश, बिजली की डिमांड 14 हजार पार

    पटियाला 

    पंजाब के तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और गुरदासपुर में आज (25 सितंबर) हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, राज्य में मानसून की विदाई का दौर जारी है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब बना हुआ है। 

    पंजाब और चंडीगढ़ से मानसून की विदाई जारी है। मानसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश कम होने और मौसम ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का असर पंजाब और चंडीगढ़ पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना कम दबाव का हवाओं का सिस्टम भी अब कमजोर हो गया है।

    एक अक्टूबर तक मौसम ड्राई रहने की संभावना इस सप्ताह पंजाब के सभी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना कम है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली और पटियाला में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री, जबकि बाकी हिस्सों में 34 से 36 डिग्री रह सकता है।

    तापमान 30 से 32 डिग्री भी रह सकता है उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कुछ समय तापमान 30 से 32 डिग्री भी रह सकता है। पठानकोट में न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री, अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर-रूपनगर के कुछ हिस्सों में 18 से 20 डिग्री, जबकि बाकी पंजाब में 20 से 22 डिग्री रहने का अनुमान है।

    बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट के पार गर्मी बढ़ने से पंजाब में बिजली की मांग भी बढ़ी हुई है। आज राज्य में बिजली की मांग 14,120 मेगावाट रही। पंजाब ने 5,004 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि बाहर से 9,118 मेगावाट बिजली ली गई।

  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां पहुंचीं

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां पहुंचीं

     चंडीगढ़
      पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार सुबह हड़कंप मच गया। धमकी भरी कॉल मिलने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। हाई कोर्ट परिसर में तत्काल पीसीआर वाहन, दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस पहुंच गईं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें हाईकोर्ट परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और वाहनों की जांच कर रही हैं। फिलहाल जांच के दौरान पुलिस को परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। धमकी देने वाले व्यक्ति और कॉल के स्रोत के संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बम की धमकी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं। परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और वाहनों की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल धमकी देने वाले व्यक्ति और कॉल के स्रोत के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर हाई कोर्ट परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    पहले भी कई सरकारी जगहों को मिल चुकी धमकी चंडीगढ़ में इससे पहले भी स्कूल, पासपोर्ट ऑफिस और हाईकोर्ट को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। इसके अलावा पंजाब सचिवालय और सेक्टर-43 बस स्टैंड को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इन सभी मामलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, लेकिन जांच के दौरान वहां से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।

    कॉल के स्रोत की जांच जारी धमकी भरी कॉल मिलने के बाद पुलिस कॉल के स्रोत और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की जांच कर रही हैं और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।