Category: राज्य

  • प्रशासन को दिया निर्देश- मृतकों के परिजनों व घायलों से निरंतर संवाद रखें, आवश्यक वस्तुएं कराएं मुहैया

    प्रशासन को दिया निर्देश- मृतकों के परिजनों व घायलों से निरंतर संवाद रखें, आवश्यक वस्तुएं कराएं मुहैया

    गोरखपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में सोमवार को हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने जनहानि पर शोक जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने मृतकों  के परिजनों व घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि जनपद फतेहपुर में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये व घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का भी ऐलान किया।

    उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने एवं घायलों के परिजनों से संवाद कर हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

  • कुशीनगर में ततवा टोला के पास टूटा बांध, देर रात तक पल-पल की जानकारी लेते रहे मुख्यमंत्री

    कुशीनगर में ततवा टोला के पास टूटा बांध, देर रात तक पल-पल की जानकारी लेते रहे मुख्यमंत्री

    गोरखपुर
     कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी का कहर कई गांवों पर बरपा। यहां एपी तटबंध के ततवा टोला के पास बांध टूट गया, जिससे व्यापक हानि का अनुमान है। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात ही सक्रिय हो गए। उनके निर्देश पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन व राहत से जुड़ी टीमें राहत-बचाव कार्य में जुट गईं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही गोरखपुर के आयुक्त, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी आदि से  संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होंने तत्काल राहत-बचाव कार्य प्रारंभ कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा से जुड़ी टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि को भी मोर्चा संभालने का निर्देश देते हुए व्यापक स्तर पर बचाव कार्य करने को कहा।

  • 4 लाख नौकरियों के वादे पर भजनलाल का पलटवार, बोले- 1.90 लाख नियुक्तियां दीं

    4 लाख नौकरियों के वादे पर भजनलाल का पलटवार, बोले- 1.90 लाख नियुक्तियां दीं

    जयपुर
    नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा।

    राजस्थान के खैरथल में CM भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसे। चुनावी हार से लेकर EVM, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, सहकारिता, पेपर लीक और बच्चों की ड्रेस तक के मुद्दे पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग हवा-हवाई बातें करते हैं और जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देने लगते हैं।

    ‘हार गए तो EVM दोषी!’ CM ने कसा तंज
    खैरथल के होटल ग्रीनलैंड में सभा को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने जनता से जुड़कर काम नहीं किया। अगर जनता से जुड़कर काम किया होता तो ऐसी दुर्गति नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम करती है।

    CM ने कहा कि कांग्रेस के लोग सेना पर भी आरोप लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हैं। जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देते हैं

    ‘गणित कमजोर है तो ट्यूशन लगा लो’
    नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा।

    भजनलाल ने कहा कि अब तक 1.89 लाख नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, 1.22 लाख के पेपर हो चुके हैं और 1.25 लाख की वैकेंसी निकाली जा चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- ‘अगर इनका गणित कमजोर हो तो ट्यूशन लगा लें।’

    ड्रेस में भी ‘कांटा’… CM का कांग्रेस पर हमला
    बच्चों की ड्रेस और छात्राओं की स्कूटी को लेकर भी CM ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बहनों को स्कूटी और बच्चों को ड्रेस दे रही है, लेकिन कांग्रेस के समय ड्रेस और स्कूटी में भी ‘कांटा’ लगाया जाता था।

    मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह तय किया जाता था कि सामान कहां से खरीदना है और कहां से नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब स्कूटी और ड्रेस का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में डाल रही है।

    सहकारिता पर भी घेरा
    भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सहकारिता को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। उनके मुताबिक पहले सहकारिता की सदस्यता के लिए पोर्टल सीमित समय के लिए खोला जाता था और अपने लोगों को सदस्य बनाया जाता था।

    उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सहकारिता की सदस्यता खोल दी है और हर ग्राम पंचायत में सहकारिता की समिति बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक राजस्थान में 10 लाख लोग सहकारिता के सदस्य बन चुके हैं।

    गहलोत-डोटासरा-जूली को भी घेरा
    हरियाणा से हुए समझौते को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में राजस्थान-हरियाणा समझौता रद्द करने की बात कही थी।

    CM ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा में उस घोषणा पत्र को लॉन्च किया था। भजनलाल ने सवाल उठाया कि अब कांग्रेस राजस्थान की जनता से किस मुंह से वोट मांग रही है।

    भूपेंद्र यादव बोले- ‘कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिले’
    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस भाजपा की जीत को लेकर सवाल उठा रही थी, लेकिन अलवर के भिवाड़ी, किशनगढ़बास, गोविंदगढ़ और खेड़ली में उसे उम्मीदवार तक नहीं मिले।

    यादव ने कहा कि इन जगहों पर भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। उन्होंने सहकारिता बैंक का मुद्दा उठाते हुए भी कांग्रेस पर निशाना साधा।

    117 करोड़ के 95 कामों का लोकार्पण-शिलान्यास
    इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ के लिए 117 करोड़ रुपए के 95 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

    खैरथल में CM ने ईआरसीपी के तहत नीमराणा बांध के काम की शुरुआत, 45 मीटर मास्टर प्लान सड़क का विकास, तिजारा से फिरोजपुर हरियाणा सीमा तक सड़क सुदृढ़ीकरण और जिला मुख्यालय पर PHED के नए अधिशासी अभियंता पद सहित कई घोषणाएं कीं।

    मुख्यमंत्री बनने के बाद खैरथल-तिजारा जिले में भजनलाल शर्मा का यह तीसरा दौरा है। भाजपा का बोर्ड बनने के बाद खैरथल में यह उनका पहला दौरा रहा।

     

  • सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

    सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में विगत दिनों अत्यधिक बारिश से नुकसान को लेकर पुनः जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोरखपुर में शासन व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से हुई जनहानि पर परिजनों को तत्काल मुआवजा दिलाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं, वहां प्रशासन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान व समन्वय से पीड़ितों की मदद करे। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के अधिकारियों से कहा कि बारिश से जिन परिवारों के घर गिरे हैं और जिनके पशुओं की हानि हुई है, उनका तत्काल आकलन कराकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुआवजा वितरित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, वहां प्रशासन, कृषि विभाग, बीमा कंपनी फसलों का आकलन कर यथाशीघ्र मुआवजा दें। प्रभावित परिवारों की समय से यथोचित सहायता करें, इसमें हीलाहवाली कतई न हो।

  • ₹1.25 करोड़ का पैकेज पाकर सक्षम ने रचा इतिहास, IIIT रांची में सबसे बड़ा प्लेसमेंट

    ₹1.25 करोड़ का पैकेज पाकर सक्षम ने रचा इतिहास, IIIT रांची में सबसे बड़ा प्लेसमेंट

    रांची
    भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची के सक्षम ने 1.25 करोड़ का पैकेज पाकर इतिहास रच दिया। सक्षम ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पढ़ाई की थी। उन्हें ग्लोबल आईटी कंपनी रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद पर यह नौकरी मिली है। संस्थान के मुताबिक, यह संस्थान के इतिहास में अब तक हुए प्लेसमेंट में सबसे अधिक का पैकेज है। इस तरह न केवल सक्षम ने बल्कि IIIT रांची ने भी एक नया इतिहास रच दिया है।

    पढ़ाई के साथ तकनीकी कौशल पर किया काम
    संस्थान के अनुसार, पढ़ाई के दौरान सक्षम ने तकनीकी कौशल के साथ समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने की क्षमता पर भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने व्यावसायिक कौशल भी विकसित किए। इन्हीं क्षमताओं के आधार पर प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद के लिए उनका चयन हुआ।

    सक्षम की इस उपलब्धि को संस्थान ने छात्रों के लिए उपलब्ध बेहतर करियर अवसरों से भी जोड़ा है। IIIT रांची का कहना है कि संस्थान में छात्रों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें तकनीकी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर दिया जाता है।

    इंटरव्यू और प्लेसमेंट की तैयारी में मिली मदद
    IIIT रांची के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से छात्रों को कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाता है। इसके तहत छात्रों को इंटरव्यू की तैयारी, तकनीकी कौशल और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है। संस्थान के शिक्षक और मेंटर्स भी छात्रों को जरूरी सलाह देते हैं।

    संस्थान के मुताबिक, इसी तरह की तैयारी से छात्रों को अलग-अलग कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। सक्षम की सफलता में उनकी मेहनत के साथ संस्थान की पढ़ाई और प्लेसमेंट से जुड़ी तैयारी को भी अहम माना गया है।

    सक्षम ने परिवार और शिक्षकों का जताया आभार
    अपनी सफलता पर सक्षम ने परिवार, दोस्तों और संस्थान के शिक्षकों व मार्गदर्शकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाली है। उन्होंने अपने पूरे सफर में साथ देने और उन पर विश्वास बनाए रखने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। वहीं, IIIT रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने सक्षम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सक्षम की सफलता संस्थान में विकसित की जा रही उत्कृष्टता की भावना का उदाहरण है।

  • बिहार को मिलेंगे दो नए एयरपोर्ट, ₹10 हजार करोड़ का प्लान; 22 जिलों को होगा फायदा

    बिहार को मिलेंगे दो नए एयरपोर्ट, ₹10 हजार करोड़ का प्लान; 22 जिलों को होगा फायदा

    पटना
    बिहार में बनने वाले सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों हवाई अड्डा के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसको लेकर विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकास से हवाई संपर्कता, पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में सोमवार को पटना में सीएम ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें छपरा से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अपने आवास में दोनों एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भागलपुर जिले में बनने वाले अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट में 3500 करोड़ रुपये और पटना के पास सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले चरण में 6500 करोड़ यानी कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी मोड पर होगा। राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण और एयरपोर्ट के लिए संपर्कता की लागत वहन करेगी।

    समीक्षा के दौरान सीएम ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। यह भी निर्देश दिया कि एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना और रन-वे का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां बड़े विमानों का संचालन हो सके।

    अजगैबीनाथ एयरपोर्ट से इन जिलों के लोगों को फायदा, श्रावणी मेला में सुविधा होगी
    सम्राट चौधरी ने कहा कि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट से मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को बेहतर हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलेगी।

    बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बनेगा सोनपुर एयरपोर्ट
    सोनपुर एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे बड़े विमानों (वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट) के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाए। एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने और यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। इस एयरपोर्ट से पटना समेत बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा।

    मास्टर प्लान पर चर्चा
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं एवं निर्माण संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाए। बैठक में दोनों एयरपोर्ट के तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट, ट्रैफिक सर्वे, मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट की क्षमता, सड़क संपर्कता और आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवड़े सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • नोएडा जमीन घोटाला: वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त, सामने आई बड़ी गड़बड़ी

    नोएडा जमीन घोटाला: वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त, सामने आई बड़ी गड़बड़ी

    लखनऊ
    यूपी सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नोएडा में 4000 करोड़ रुपये के भूखंड घोटाले में वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र को सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया है। वह मौजूदा समय कोलकाता पश्चिम बंगाल में स्थानिक प्रतिनिधि खाद्य एवं रसद विभाग के पद पर तैनात थे।

    प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी किया। हरिश्चंद्र पर नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण में तैनाती के समय ग्राम शहदरा के सेक्टर 140-ए, 141, 142 व 143 में प्राधिकरण द्वारा अर्जित व कब्जा प्राप्त 381527 वर्ग मीटर भूमि को नियमों के विपरीत लीज बैक कर गंभीर अनियमितता के आरोप में 27 सितंबर 2013 को अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मेरठ के मंडलायुक्त को जांच सौंपी गई।

    सेटेलाइट इमेज के आधार पर होना था आबादी का निर्धारण
    जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमों के विपरीत जाकर लीक बैक कर गंभीर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया गया। नोएडा विकास प्राधिकरण में तैनाती के दौरान ग्राम शहदरा की आबादी निस्तारण के लिए सर्वे कराया गया। आबादी का निर्धारण सेटेलाइट इमेज के आधार पर किया जाना चाहिए था, लेकिन जानबूझकर तथ्यों को छिपाने के लिए सेटेलाइटज इमेज का उपयोग नहीं किया गया। सर्वे आख्या जो प्रस्तुत की गई, उमें कई भू-मालिक, प्राइवेट कंपनियों व ग्राम के बाहर के निवासियों को भी शामिल किया गया। इसमें उनके द्वारा निजी स्वार्थवश कई तथ्यों को छिपाया गया। जैसे कालम नं-9 में मूल काश्तकार का नाम दर्ज नहीं किया गया।

    अनियमित तरीके से आवंटित कर दी गई जमीन
    कालम नं- 13 में विनियमितीकरण समिति को संदर्भित क्षेत्रफल का उल्लेख नहीं किया गया। लीज बैक के लिए डीएम, एसएसपी आदि की सदस्यता वाली समिति, प्राधिकरण बोर्ड व अन्य उच्चाधिकारियों के समक्ष तथ्यों को छिपाते हुए भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई, ताकि लीज बैक शहदरा के बाहर के व्यक्तियों एवं प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के पक्ष में कराई जा सके और अपना स्वार्थ सिद्ध किया जा सके। उनके द्वारा समिति को भ्रामक आख्या प्रस्तुत कर लगभग 400447 वर्ग मीटर भूमि जिसका बाजार मूल्य लगभग 4000 करोड़ रुपये होता है, अनियमित तरीके से भू-माफिया से साठगांठ कर आवंटित कर दी गई।

    जानबूझकर तथ्यों को छिपाया गया
    वास्तविक तथ्यों को छिपाने तथा नियमों के विपरीत जानबूझकर भ्रामक आख्या प्रस्तुत करने, स्वयं व संबंधित निजी पक्षकारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से करीब 4000 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाने के लिए प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। जांच में पाया गया कि जानबूझकर तथ्यों को छिपाया गया। राजस्व अभिलेखों में दर्ज प्राइवेट लि. कंपनियों एस्टर इलेक्ट्रिक प्रालि, महानंदा इलेक्ट्रानिक प्रालि व प्रयास गारमेंट लि. कंपनियों द्वारा कुलदीप शर्मा पुत्र भूलेराम के स्थान पर तथ्यों का छिपाव करते हुए केवल कुलदीप शर्मा के नाम सर्वे में अंकित किए गए।

    2026 में लाए गए तथ्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
    शासनादेश में कहा गया है कि हरीश चंद्र तत्कालीन सचिव नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विरुद्ध शासन द्वारा 27 नवंबर 2013 द्वारा संस्थित विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई में सिद्ध पाए गए आरोप व लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा 6 जनवरी 2022 को उपलब्ध कराई गई सहमति तथा हाईकोर्ट इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ के आदेश 3 सितंबर 2026 में लाए गए तथ्यों व के आधार पर उन्हें बर्खास्त किया जाता है। उनके विरुद्ध चल रही विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई समाप्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

  • होटल में युवती से बेरहमी का वीडियो वायरल, आरोपी रोहित पर केस

    होटल में युवती से बेरहमी का वीडियो वायरल, आरोपी रोहित पर केस

    पटना
    बिहार में महिला अपराध को लेकर एक औऱ वीडियो वायरल हुआ है। झकझोर कर रख देने वाले इस वीडियो में एक हवसी युवती को बेरहमी से पीटता नजर आ रहा है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि कतई नहीं करता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में ऐसा कहा जा रहा है कि यह वीडियो बेगूसराय जिले के एक होटल का है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि होटल में युवती के साथ ना सिर्फ मारपीट हुई बल्कि इस हवसी ने उसके साथ रेप भी किया।

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक ने ही यह वीडियो बनाया औऱ फिर यह वीडियो वायरल हो गया। घटना 27 सितंबर की बताई जा रही है और पीड़िता की शिकायत पर 28 सितंबर को केस भी दर्ज किया गया है। वीडियो में दिख रहे हवसी का नाम रोहित बताया जा रहा है। इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि रोहित युवती की बेरहमी से पिटाई कर रहा है औऱ युवती उसके सामने गिड़गिड़ा रही है कि वो उसे छोड़ दे और जाने दे। लेकिन रोहित लगातार युवती की पिटाई कर रहा है। युवती को चप्पल, थप्पड़ और घूंसे से पीटा गया है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, युवती घटना के दिन अपने एक परिचित के साथ बाइक से होटल पहुंची थी। यहां उस शख्स ने युवती को रोहित के हवाले कर दिया। रोहित के बारे में कहा जा रहा है कि वो भगवानपुर थाना क्षेत्र के दामोदरपुर गांव का रहने वाला है। आरोप है कि रोहित युवती को लेकर कमरे में गया था। कमरे में जाने के बाद उसने कमरा लॉक कर दिया और फिर युवती से जमकर मारपीट की गई। बंद कमरे में युवती चीखती रही और हैवान उसे पीटता रहा। रोहित ने खुद इस घटना का वीडियो भी बनाया।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, युवती के साथ उसी कमरे में रोहित ने दुष्कर्म की वारदात को भी अंजाम दिया। इतना ही नहीं यह भी आरोप है कि उसने युवती का न्यूड वीडियो भी बना लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, होटल में जुल्म-ओ-सितम सहने के बाद युवती थाने पहुंची थी और उनकी शिकायत दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नगर थाने के एसएचओ सतीश कुमार हिमांशु ने कहा कि पीड़िता के साथ होटल में मारपीट की गई है। जिसका वीडियो भी पुलिस के हाथ लगा है। उन्होंने यह भी कहा है कि आऱोपी रोहित कुमार के खिलाफ फिलहाल प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बहरहाल आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में बिहार के जमुई और बांका समेत कुछ अन्य जिलों से महिलाओं पर अपराध को लेकर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं। पुलिस लगातार इन हवसियों पर कार्रवाई भी कर रही है। लेकिन लगातार वीडियो सामने आने से राज्य में महिला सुरक्षा पर सवाल जरूर उठे हैं।

  • लंदन की नौकरी छोड़ी, IAS बनीं, अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल

    लंदन की नौकरी छोड़ी, IAS बनीं, अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल

    लखनऊ
    पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब राजनीति में कदम रखने जा रही हैं। IIT और IIM से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल ने IAS बनने से पहले लंदन में लाखों रुपये के पैकेज पर नौकरी की थी। फिर देश सेवा के लिए विदेश की नौकरी छोड़कर उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और तीसरे प्रयास में IAS बनीं। अब प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया है।

    2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का सफर बेहद रोचक रहा है। हरियाणा के रेवाड़ी में जन्मी दिव्या मित्तल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई की। पहले उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी होने के बाद वह पति के साथ लंदन चली गईं। जहां एक मल्टीनेशनल कंपनी में बड़े पैकेज पर जॉब भी किया। हालांकि कुछ समय बाद ही उनका 9 से 6 वाली जॉब से मोह भंग हो गया और देश सेवा के लिए भारत आ गईं।

    तीन बार दी परीक्षा, तीनों बार मिली सफलता
    दिव्या मित्तल ने भारत आकर यूपीएससपी की तैयारी में जुट गईं। उन्होंने तीन बार सिविल सर्विस की परीक्षा दी। तीनों बार सफलता भी मिली लेकिन जिस आईएएस के टैग को हासिल करना चाहती थीं, उसे आखिर में हासिल करके ही माना। साल 2010 में उन्होंने पहली बार में ही 332वीं रैंक हासिल की और भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुनी गईं। फिर अगले साल परीक्षा दी और इस बार 134वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं। तीसरी बार में 68वीं रैंक के साथ आईएएस बन गईं। दिव्या मित्तल को 2013 में यूपी कैडर से प्रदेश में सेवा का मौका मिला।

    इन पदों पर रहीं दिव्या मित्तल
    बीते 13 सालों में दिव्या मित्तल की लगातार फिल्ड में तैनाती मिलती रही। मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद से आईएएस की करियर शुरूआत हुई। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक, बरेली में विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष, यूपी ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी की सीईओ, संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में डीएम के पद पर काम किया।

    एक महीने पहले दिया था इस्तीफा
    दिव्या मित्तल ने बीते 30 अगस्त को इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा था। जिसमें उन्होंने अपनी भावनाएं प्रकट की थीं। उन्होंने लिखा था, 'आज मैंने 13 सालों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। लेकिन सब कुछ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। मैं लौट आई और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।'

    राजनीति में जाएंगी पूर्व आईएएस
    दिव्या ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (ट्विटर) पर एक वीडियो के जरिए साफ कर दिया कि वह राजनीति में प्रवेश करेंगी। हालांकि किस पार्टी से जुड़ेगी ये साफ नहीं है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना भी साधा। यह भी कहा कि वह किसी से नहीं डरेंगी।

  • पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण ने बदले समीकरण, सरमथुरा में प्रधान पद OBC आरक्षित

    पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण ने बदले समीकरण, सरमथुरा में प्रधान पद OBC आरक्षित

    सरमथुरा (धौलपुर)
     पंचायती राज चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से निकाली गई आरक्षण की लॉटरी ने ग्रामीण राजनीति का पूरा गणित बदल कर रख दिया है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरमथुरा में सीटों का आरक्षण स्पष्ट हो गया है, जिससे चुनावी सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। नई आरक्षण स्थिति सामने आने से कई पुराने दिग्गजों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं, वहीं नए चेहरों में उत्साह नजर आने लगा है।

    आंकड़ों के अनुसार, इस बार पंचायतों में विभिन्न श्रेणियों के लिए सीटों का निर्धारण रोस्टर नियमों के तहत किया गया है। अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में महिला सहित कुल 12 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें लीलौठी, बीलौनी, झिरी, बीझौली, बरौली, धौंध, खरौली, आंगई, डौमई, गौलारी, मदनपुर और पवैनी शामिल हैं।

    इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए महिला सहित छह ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है। इनमें नवगठित बड़ागांव, ददरौनी, भंमपुरा, सुनकई, सुरारीकलां पंचायतों के साथ ग्राम पंचायत पिपरेंट शामिल हैं।

    वहीं, अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए महिला सहित पांच ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है। इनमें रहरई, मड़ासिल, खुर्दिया, चंद्रावली और बटीकरा शामिल हैं। इसी प्रकार 24 ग्राम पंचायतों में से एक ग्राम पंचायत भरकुंजरा को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है।

    इस नई व्यवस्था से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार कई पंचायतों का परिसीमन व वर्ग बदलने से राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना शुरू कर दिया है। आरक्षण की यह तस्वीर साफ होने के बाद अब गांवों में चौपालों पर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    सरमथुरा में प्रधान पद ओबीसी होने से सरपंची पर दिग्गजों की निगाहें
    आरक्षण लॉटरी में पंचायत समिति सरमथुरा में प्रधान पद ओबीसी श्रेणी के लिए आरक्षित होने के बाद दिग्गजों के सामने सरपंची का विकल्प बचा है। हालांकि, ग्राम पंचायतों का परिसीमन होने के कारण गणित गड़बड़ा रहा है। नवीन परिसीमन के अनुसार, ग्राम पंचायत बीझौली में हर पांच साल बाद समीकरण बदल जाते हैं।

    इस बार बीझौली व पवैनी पंचायत में से सुरारीकलां को नवीन पंचायत का दर्जा दिया गया है। इसी प्रकार बरौली व बटीकरा ग्राम पंचायतों में से सुनकई, खरौली व बीलौनी ग्राम पंचायत में से बड़ागांव, डौमई ग्राम पंचायत में से ददरौनी और झिरी ग्राम पंचायत में से भंमपुरा को नवीन ग्राम पंचायत बनाया गया है।