Category: राज्य

  • बजट में बिहार के युवाओं से लेकर बुजुर्गो तक को सौगात, पटना में पानी के जहाज की मरम्मत

    बजट में बिहार के युवाओं से लेकर बुजुर्गो तक को सौगात, पटना में पानी के जहाज की मरम्मत

    पटना.

    देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश किया है। मोदी सरकार के इस बजट से बिहार को भी काफी उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री ने लोकसभा में माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट देश के लिए शुभ अवसरों के बीच पेश किया जा रहा है। आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर बिहार के युवा, महिलाओं, और नौकरीपेशा से लेकर बुजुर्गो तक की निगाहें हैं।

    इस बजट में एक्सप्रेस-वे और फोरलेन को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। वहीं, स्लीपर वंदे भारत और किसानों को राहत की उम्मीद भी है। संसद में वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि पटना में अब पानी के जहाजों की मरम्मत होगी। इस बजट में बिहार राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबित परियोजनाओं के अलावा नये प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू होने उम्मीद पूरी हो सकती है। यह एक्सप्रेस-वे पूर्वी चम्पारण में नेपाल के सीमाई शहर रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक बनाया जाना है। इसके लिए इस बजट में जमीन अधिग्रहण के अलावा निर्माण के लिए भी राशि आवंटन की घोषणा की उम्मीद है। फिलहाल इसका अलाइनमेंट तय कर इससे प्रभावित होने वाले इलाकों का चयन किया जा चुका है। इस बार बजट में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए राशि का प्रावधान का अनुमान है।

  • 5 घंटे का सफर घटकर 2 घंटे में होगा पूरा, दौसा से कोटा के बीच होली से होगा आवागमन

    5 घंटे का सफर घटकर 2 घंटे में होगा पूरा, दौसा से कोटा के बीच होली से होगा आवागमन

    दौसा.

    जिलेवासियों के लिए खुश खबर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा से कोटा बीच होली तक वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लक्ष्य तय किया है कि फरवरी तक शेष बचे कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
    कोशिश रहेगी कि फरवरी या होली से पहले शेष कार्य को पूरा कर लिया जाए।

    दौसा जिले के छात्र-छात्रा बड़ी संख्या में कोटा पढाई करते हैं। दौसा से कोटा के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। ऐसे अधितकतर युवा सड़क मार्ग से ही सफर करते हैं।

    अभी पांच घंटे से ज्यादा लग रहे
    अभी दौसा से कोटा के लिए सड़क सही नहीं है। बीच में कई जगह काम चल रहा है। ऐसे में करीब पांच घंटे का समय लग रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर कार से करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे समय व धन दोनों की बचत होगी। एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने से कोटा संभाग के लोगों को भी फायदा होगा। वर्तमान में कोटा से दिल्ली पहुंचने में करीब 9 घंटे का समय लगता है। लेकिन, एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह सफर करीब 5 में पूरा होगा।

    यहां चल रहा कार्य
    वर्तमान में लाखेरी (बूंदी) और सवाई माधोपुर के बीच चल रहा निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दावा किया गया है कि जल्द ही इस हिस्से का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। वर्तमान में इस छोटे से टुकड़े के अधूरे होने के कारण ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ता है, लेकिन फरवरी से वाहन चालक बिना किसी बाधा के सीधे दिल्ली की ओर बढ़ सकेंगे।

    विकास की नई राह खुलेगी
    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा दौसा व कोटा संभाग के लिए विकास की नई राह खोलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है। सुगम परिवहन व्यवस्था से न केवल लोगों को फायदा होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। दौसा वालों के लिए रणथम्भौर जाना आसान होगा।

    दरा टनल का काम मार्च तक होगा पूरा
    एक्सप्रेस-वे के दूसरे छोर यानी झालावाड़ की तरफ भी काम तेजी से चल रहा है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली दरा टनल का कार्य भी मार्च तक पूरा होने की संभावना है। यह टनल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि इसके पूरा होने से झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी।

    इनका कहना है
    दौसा से कोटा के बीच अभी काम चल रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि फरवरी तक यातायात शुरू कर देंगे। इससे सफर सुगम हो जाएगा। दौसा से कोटा कार से करीब दो से सवा दो घंटे में पहुंच सकेंगे।
    -भरत सिंह जोइया, पीडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दौसा

  • निराश्रितों को शीतलहरी से बचाने के लिए रैन बसेरों, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था से दी गई राहत

    निराश्रितों को शीतलहरी से बचाने के लिए रैन बसेरों, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था से दी गई राहत

    आपदा राहत प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है प्रदेश सरकार, वर्ष 2025-26 में जारी किए 710.12 करोड़ रुपये

    सर्वाधिक धनराशि बाढ़ से नुकसान की क्षतिपूर्ति और पुनर्वास के लिए की गई आवंटित 

    निराश्रितों को शीतलहरी से बचाने के लिए रैन बसेरों, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था से दी गई राहत

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़, भूकंप, सूखा, अग्निकांड, शीतलहर एवं मानव-जीव संघर्ष जैसी आपादाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध और संवेदनशील है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश का राहत आयुक्त कार्यालय आपादा प्रभाव को कम करने तथा पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आपदा राहत निधि के तहत 710.12 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इस धनराशि से विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदा पीड़ितों को सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही राज्य में आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किये गए हैं, जिससे वर्तमान में उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है।

    त्वरित राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों को मिली रफ्तार
      
    प्रदेश में आपदा न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, प्रभावी राहत वितरण एवं पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी 710.12 करोड़ रुपये में सर्वाधिक 365.73 करोड़ रुपये बाढ़ प्रभावितों के बचाव के लिए जारी किए गए। इसे विशेष रूप से सरयू, गंगा और घाघरा के बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास पर खर्च किया गया। चक्रवात व आंधी-तूफान से होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति के लिए 14.13 करोड़, ओलावृष्टि से नुकसान की भरपाई के लिए 0.13 करोड़, अग्निकांड में क्षतिपूर्ति के लिए 14.63 करोड़ रुपये और शीतलहरी से बचाव के लिए 50.72 करोड़ रुपये जारी किये गये।

    इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्य आपदाओं के लिए लगभग 246.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सामान्य मद के लिए 0.44 करोड़ व अन्य राहत कार्यों के लिए 17.71 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। इस राशि को प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों को गति प्रदान करने एवं आपदा राहत तंत्र को प्रभावी बनाने में खर्च किया गया। 

    बांटे गये 5 लाख 89 हजार से अधिक कंबल 

    राहत आयुक्त कार्यालय ने ठंड के मौसम में बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए, जिससे इस वर्ष शीतलहर से होने वाली जनहानि में विशेष रूप से कमी आई। इस क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित एवं असहाय व्यक्तियों को कंबल वितरण हेतु 45.51 करोड़ व अलाव जलाने के लिए 3.51 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई। जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में 27,027 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जहां अब तक 1,69,834 अलाव जलाए जा चुके हैं, जरूरत के हिसाब से ये कार्य अभी भी जारी है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा गरीबों और निराश्रितों को 5,89,689 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में 1,242 रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक 64 हजार से अधिक व्यक्तियों को रैन बसेरों ने राहत प्रदान की। ये व्यवस्थाएं शीतलहरी के दौरान निराश्रित और असहाय लोगों की जान बचाने में उल्लेखनीय प्रयास साबित हुईं। प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि हर आपदा प्रभावित व्यक्ति को त्वरित सहायता मिले और जीवन-रक्षा के साथ आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित हो। इसके लिए राहत आयुक्त कार्यलय की ओर से आपदा प्रहरी एप और 1070 टोल फ्री नंबर का संचालन भी किया जाता है। जो आपदा प्रभावितों को त्वरित सहायता और प्रभावी समन्वय को सुनिश्चित करता है।

  • बिहार में 15 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश, नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

    बिहार में 15 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश, नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

    पटना.

    सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा।

    गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे डेवलप किया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें।

    15 दिन कें अंदर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश
    उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया।
    इसके पहले उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की।

    सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने पर फोकस
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसका लाभ उन किसानों को कैसे मिले, इसके बारे सोंचना होगा। वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम मद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे हर हालत में प्राप्त करना है। बेहतर करने वालों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

    गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त करने के लिए 72 योजनाएं चिह्नित
    गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश पिछले वर्ष 30 दिसंबर को दिया गया था। शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने निर्देश के अनुपालन की संयुक्त रूप से समीक्षा की। गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लुइस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों में सर्वेक्षण हो रहा है।

    अब तक 72 योजनाएं चिह्नित
    पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में अब तक कुल 72 योजनाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्ति मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एसके मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।

  • आंधी-तूफान के साथ आज से होगी वर्षा, हरियाणा में एक्टिव हुआ पश्चिमी विक्षोभ

    आंधी-तूफान के साथ आज से होगी वर्षा, हरियाणा में एक्टिव हुआ पश्चिमी विक्षोभ

    हिसार.

    मौसम में परिवर्तन के साथ ही शनिवार रात से उसमें बदलाव होगा। नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही चार जिलों में वर्षा की चेतावनी दी गई है। एक फरवरी को पूरे प्रदेश में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही तेज वर्षा होने की संभावना है।

    छह फरवरी के बाद फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि की चेतावनी के चलते हरियाणा के किसान भी चिंतित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से शनिवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में वर्षा की संभावना है। इसमें सामान्य रूप से वर्षा हो सकती है। रविवार को पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेगी।

    एक फरवरी को सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी में हल्की वर्षा की संभावना है। बाकी प्रदेश के जिलों में तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो तीन फरवरी तक वर्षा की संभावना है। उसके बाद दो दिन तक मौसम साफ रहेगा और छह फरवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। वहीं, शुक्रवार को रात के तापमान में उछाल आया है। सुबह के समय काफी जगह पर कोहरा छाया रहा। महेंद्रगढ़ का तापमान सबसे कम रहा। न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही हैं।

    1. हरियाणा में वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा
    2. छह फरवरी तक एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ, तीन तक वर्षा की संभावना, फिर दो दिन मौसम साफ
  • PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जालंधर के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

    PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जालंधर के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

    जालंधर.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया। शनिवार को शहर के तीन स्कूलों पुलिस डीएवी स्कूल, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल और एमजीएम स्कूल को ई-मेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली। मेल में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान डेरा बल्लां क्षेत्र में धमाके की चेतावनी दी गई है।

    धमकी भरे मेल में लिखा गया कि खालिस्तानियों का डेरे से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री उनके दुश्मन हैं। जैसे ही स्कूल प्रशासन को मेल की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस विभागों को सूचित किया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और हालात पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, इस मामले में पुलिस के किसी पुलिस अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है।

  • भीतर की शक्ति का सही उपयोग जरूरी, अर्जुनराम मेघवाल ने दी प्रेरक सलाह

    भीतर की शक्ति का सही उपयोग जरूरी, अर्जुनराम मेघवाल ने दी प्रेरक सलाह

    भीतर की ऊर्जा को पहचानें और सही दिशा में लगाएं- अर्जुनराम मेघवाल 

     लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व अन्य विभिन्न उद्घाटन व लोकार्पण करते हुए।

    लाडनूं
     भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री तथा जैविभा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं। हर एक के अंदर ऊर्जा होती है, बस उस ऊर्जा के सही उपयोग की जरूरत है। वे यहां जैन विश्वभारती संस्थान मान्य विश्वविद्यालय में आयोजित उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से सीखने पर जोर देते हुए विभिन्न आयुवर्ग में सीखने की स्थिति की जानकारी दी। मेघवाल ने बताया कि अपने घर से शुरू करके विश्वविद्यालय तक सीखते हुए ही पहुंचता है। उन्होंने मल्टी डिसीप्लेन विकसित करने और किसी भी खेल को अपना कर शरीर को स्वस्थ रखने, संगीत को अपना कर तनाव को कम करने तथा गणित को अपना कर दिमाग की एक्सराईज किए जाने की आवश्यकताएं बताईं। साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने संस्कारों की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि किशोरावस्था की 12 से 17 साल की आयु में जो भी सीखा जाता है, वे सारे अच्छे या बुरे संस्कार उस पर जीवन भर हावी रहेते हैं। अगर अच्छे संस्कार ग्रहण किए गए तो जीवन भी वह अच्छा बना रहेगा और बुराई सीखने पर वह जीवन में बुराई की तरफ ही आकर्षित होता रहेगा।

    विश्वविद्यालय परिसर में आचार्य तुलसी की ऊर्जा का अनुभव
    केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने जैन विश्वभारती संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यहां नैतिकता का पाठ पढाया जाता है। उन्होंने यहां पढने वाले हर विद्यार्थी को भाग्यशाली बताया ओर कहा कि आचार्य तुलसी की कल्पना शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण थी। इस परिसर में आज भी उनकी ऊर्जा महसूस की जा सकती है। इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत बनाने में युवाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस दिशा में आप सभी का श्रम ही काम आएगा। उन्होंने 21वीं शताब्दी को एशिया की और विशेष रूप से भारत के नेतृत्व की शताब्दी बताया ओर देश की विशेषताओं को उल्लेखित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकसित भारत पर लिखी गई अपनी एक कविता ‘हम हैं भारत के लोग’ का गान भी करके सुनाया।

    विभिन्न उद्घाटन व लोकार्पण किए
    जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में कुलाधिपति केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री मेघवाल एवं कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने विभिन्न नवनिर्मित भवनों, नवीन अवसंरचनाओं एवं डिजीटल एप्लीकेशंस का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आचार्य महाप्रज्ञ प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र मेंनवनिर्मित डीलक्स ब्लाॅक के प्रथम तल, आवासीय क्वार्टर व व्यायामशाला, आचार्य महाश्रमण काॅलोनी में नवनिर्मित आवासीय क्वार्टर तथा सत्कार अतिथि गृह एवं केंटीन की नवीन अवसंरचना एवं लिफ्ट स्थापना का उद्घाटन किया। साथ ही डिजीटल प्लेटफार्म में मोबाईल कनेक्ट एप्लिकेशन, एल्यूम्नी नेटवर्क  पोर्टल एवं लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का लोकार्पण भी किया।

    इस अवसर पर उप कुलसचिव अभिनव सक्सेना ने केन्द्रीय मंत्री को सभी डिजीटल एप्लीकेशंस की विशेषताएं बताई। इस अवसर पर जैन विश्व भारती के उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा, अध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, आचार्यश्री महाश्रमण योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, प्रकाश बैद, टीकमचंद सेठिया, विश्वविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव देबाशीष गोस्वामी ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. युवराज सिंह खंगारोत ने किया।

  • हरियाणा के मंत्री विज का बड़ा एक्शन, 31 पेड़ों की कटाई पर दो अधिकारी सस्पेंड

    हरियाणा के मंत्री विज का बड़ा एक्शन, 31 पेड़ों की कटाई पर दो अधिकारी सस्पेंड

    सिरसा.

    हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने सिरसा में कष्ट निवारण समिति की बैठक में डेढ़ साल से चल रहे 31 पेड़ कटाई की शिकायत मामले में दो अफसरों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया। इसमें एक जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय ढांडा और दूसरे वन विभाग कटाई के रेंज आफिसर सुंदर संधू है।

    विज ने अपने फैसले के खिलाफ दोनों को कोर्ट में जाने का सुझाव भी दे दिया। गांव कालुआना के ग्रामीणों ने 9 अप्रैल 2023 को गांव के जलघर से पेड़ काटने की शिकायत दी थी। इस शिकायत पर 25 मई 2024 को कष्ट निवारण समिति की बैठक में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं को इसमे झूठा फंसाया जा रहा है। विज ने पिछली मीटिंग में चर्चा की तो पता चला कि 51 पेड़ों के अनुमति के अतिरिक्त 31 पेड़ काटे गए हैं। इसका खुलासा होने पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में डीएसपी और जिला वन मंडल अधिकारी को शामिल करके जांच कमेटी का गठन किया।

    एडीसी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि पेड़ 12 से 13 काटे गए है। बाकी झाड़ियां थी। विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर द्वारा अपनी संपत्ति की देखभाल ना करने और वन विभाग के रेंज आफिसर द्वारा जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र ना करने पर सख्ती दिखाते हुए दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही लेबर ठेकेदार द्वारा झूठा शपथ पत्र देने पर उसके खिलाफ भी कारवाई के निर्देश दिए।

    विज ने पीडब्लूडी से आरओबी की मांगी रिपोर्ट
    मीटिंग के दौरान अनिल विज ने हिसार के उकलाना में बनाए जा रहे आरओबी को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा। विज ने कहा कि आरओबी के चलते तंग गलियों से लोग गुजर रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिकारियों से पूछा कि ये कौन सा साल चल रहा है।

    अधिकारी ने जवाब दिया कि 2026, विज ने कहा कि उकलाना के हालात देखकर मुझे तो 1946 लग रहा है। विज ने डीसी शांतनु शर्मा से पूछा कि डीसी साहब आप चंडीगढ़ किधर से जाते हो। डीसी ने जवाब दिया कि मैं तो पंजाब से जाता हूं। विज ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से कहा कि मैं कहीं पर भी किसी भी जिले की रिपोर्ट ले सकता हूं। आरओबी की संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर मुझे भेजो।

    वहीं, पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में जल्द ही नई बसों को शामिल किया जाएगा और बसों में ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से बसों की सटीक लोकेशन यात्रियों को मिलती रहेगी। आम आदमी एप के जरिए भी बसों की लोकेशन ट्रेस कर सकेंगे। इसके अलावा बस अड्डों पर स्क्रीन भी लगाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बस के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

  • 63,943 लोगों को बिना सिफारिश मिली सरकारी नौकरी, सीएम भगवंत मान ने 916 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

    63,943 लोगों को बिना सिफारिश मिली सरकारी नौकरी, सीएम भगवंत मान ने 916 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में विभिन्न विभागों के नवनियुक्त 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से 'मिशन रोजगार' के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां देने के लिए AAP सरकार की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है।

    योग्यता के आधार पर बांटी नौकरियां: CM
    अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले पिछली सरकारों के समय योग्यता की बजाय रिश्वत और सिफारिश से नौकरियां देने के फैसले होते थे।
    मोहाली के विकास भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों ने राज्य के लड़के-लड़कियों की योग्यता को दरकिनार किया, जिससे हजारों होनहार युवाओं के सपने तबाह हो गए।

    'कल्याणकारी है मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना'
    उन्होंने कहा, "पहले पंजाब के युवाओं के अधिकार सत्ताधारी लोगों के चहेतों द्वारा छीन लिए जाते थे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे महान शहीदों को यह देखकर बहुत दुख होता कि आजादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए। यह हम सभी के लिए शर्म की बात है।" अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।

    पारदर्शी प्रणाली से हो रही सरकारी भर्तियां: CM
    पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी रिक्त पदों को एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से तुरंत भरा जा रहा है। लगभग 64,000 नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है, क्योंकि ये सभी नियुक्तियां केवल योग्यता के आधार पर की गई हैं।

    नवनियुक्त उम्मीदवारों ने CM मान की तारीफ की
    इस दौरान नवनियुक्त उम्मीदवारों में से रूपनगर की डॉ. पूजा ने कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। मोगा के वेटरनरी अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि यह नौकरी उन्हें पूरी तरह योग्यता के आधार पर मिली है। सहकारी इंस्पेक्टर जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें दूसरी सरकारी नौकरी भी बिना रिश्वत या सिफारिश के मिली है। डॉ. मुकेश ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है और वे इसे अपनी मां और पंजाब के लोगों की सेवा को समर्पित करते हैं। अमृतसर की स्टाफ नर्स तमन्ना ने इसे अपने परिवार के लिए सपना साकार होने जैसा बताया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुडियां और अन्य उपस्थित थे।

  • RTI कानून में लिमिटेशन: पति-पत्नी के निजी रिश्तों की जानकारी के लिए नहीं होगी जांच

    RTI कानून में लिमिटेशन: पति-पत्नी के निजी रिश्तों की जानकारी के लिए नहीं होगी जांच

    लखनऊ

    सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दायर एक अपील में राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की पीठ ने स्पष्ट किया है कि आरटीआई का प्रयोग निजी वैवाहिक संबंधों की जांच-पड़ताल के लिए नहीं किया जा सकता। पीठ ने यह व्यवस्था संतकबीर नगर की एक महिला द्वारा दायर अपील को निस्तारित करते हुए दी। पति के साथ अलगाव के बाद महिला द्वारा आरटीआई के तहत आवेदन प्रस्तुत करते हुए जानना चाहा था कि क्या वह अपने पति के साथ विधिक पत्नी के रूप में रहती है या नहीं?

    यदि नहीं तो उसके वैवाहिक संबंधों के बारे में ग्राम प्रधान को क्या जानकारी है? और क्या उसके पति ने अपनी विधिक पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी महिला को पत्नी के रूप में रखा है तथा उससे उत्पन्न बच्चों का नाम व उम्र क्या है? जन सूचना अधिकारी ने इस पर यह उत्तर दिया कि ऐसी कोई सूचना ग्राम पंचायत के अभिलेखों में धारित नहीं करती। आवेदिका इस उत्तर से सहमत नहीं हुई, उसके द्वारा आयोग के समक्ष अपील दायर की गई।
    स्त्री-पुरुषों के रिश्तों का सामाजिक रजिस्टर नहीं आरटीआई

    आयोग ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत से यह अपेक्षा करना कि वह नागरिकों के वैवाहिक जीवन, निजी संबंधों अथवा पारिवारिक विवादों का रिकॉर्ड रखे, आरटीआई अधिनियम की भावना का अनावश्यक विस्तार है। आयुक्त ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि 'आरटीआई अधिनियम पारदर्शिता का माध्यम है, न कि स्त्री-पुरुष के निजी रिश्तों का सामाजिक रजिस्टर।' आयोग ने कहा कि आरटीआई के प्रति नागरिकों का भरोसा बढ़ना सकारात्मक है, किंतु यह भरोसा इस स्तर तक नहीं जाना चाहिए कि उससे यह अपेक्षा की जाए कि वह जो अस्तित्व में ही नहीं है, उसे भी उपलब्ध करा दे। पीठ ने कहा कि आरटीआई आवेदन पर जनसूचना अधिकारी ने जो सूचना उपलब्ध कराई है, वो पर्याप्त है, ऐसी अपील को निस्तारित किया जाता है।