Category: राज्य

  • सुरक्षा परिषद में खुलासा: लाल किले धमाके के पीछे जैश और पाकिस्तान का हाथ

    सुरक्षा परिषद में खुलासा: लाल किले धमाके के पीछे जैश और पाकिस्तान का हाथ

    नई दिल्ली

    अंतरराष्ट्रीय मंच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. यूएन की सुरक्षा परिषद की नवीनतम रिपोर्ट में बीते साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए आतंकवादी विस्फोट के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में जैश को कई हालिया आतंकी हमलों से लिंक किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार जैश प्रमुख मसूद अजहर ने आठ अक्टूबर को महिलाओं की विशेष शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ बनाने की घोषणा की थी. इस शाखा का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में सहयोग और समर्थन प्रदान करना बताया गया है.

    रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने पुष्टि की कि जैश ने कई हमलों की जिम्मेदारी खुद ली है, जिसमें लाल किले के पास का विस्फोट भी शामिल है. दूसरी ओर, एक अन्य सदस्य देश ने जैश को निष्क्रिय बताया, जिसे विशेषज्ञ पाकिस्तान की ओर से दिए गए संकेत के रूप में देख रहे हैं. यह विरोधाभासी बयान सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर करता है. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि 28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकी मारे गए थे.

    पहलगाम हमले की जिम्मेदारी

    हालांकि अप्रैल में पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ ने ली थी, लेकिन जैश के लिंक को अलग से हाइलाइट किया गया है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने निर्णायक कार्रवाई की थी. मई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप चार दिनों तक सीमा पर तीव्र संघर्ष हुआ. इन कार्रवाइयों से जैस और लश्कर के कई ठिकाने नष्ट हुए और कई हाईप्रोफाइल आतंकी मारे गए. भारत ने इन हमलों को आत्मरक्षा में जरूरी बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मांग की.

    रिपोर्ट में जैश और लश्कर को 1990 के दशक से अल-कायदा से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित रखा गया है. दोनों संगठनों पर हथियार प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिबंध लागू हैं. मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा परिषद की यह रिपोर्ट पाकिस्तान के अच्छे आतंकवादी-बुरे आतंकवादी वाली नीति को एक बार फिर उजागर करती है. जैस की महिलाओं की नई शाखा बनाने की घोषणा से साफ है कि संगठन अपनी गतिविधियां बढ़ाने और नई भर्ती के लिए प्रयासरत है. लाल किले के पास का हमला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला था, जिसने राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया.

  • अलीगढ़ से हैरान करने वाली खबर: सास दूसरी बार फरार, दो लाख रुपये भी गायब

    अलीगढ़ से हैरान करने वाली खबर: सास दूसरी बार फरार, दो लाख रुपये भी गायब

     अलीगढ़ 

    अलीगढ़ की वह सास, जो पिछले साल अपने होने वाले दामाद के साथ भाग गई थी, एक बार फिर चर्चा में है. करीब दस महीने तक दामाद राहुल के साथ बिहार में पति-पत्नी की तरह रहने के बाद अब उसने उसे भी अलविदा कह दिया है. इस बार वह अपने जीजा के साथ भाग गई और जाते-जाते दो लाख रुपये नकद व जेवर भी साथ ले गई. परेशान राहुल शिकायत लेकर अलीगढ़ पहुंचा, लेकिन पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि मामला बिहार का है. रिश्तों की यह उलझी कहानी अब एक नए मोड़ पर खड़ी है.

     जब बेटी की शादी से पहले बदल गई कहानी

    यह पूरा घटनाक्रम अप्रैल 2025 से शुरू होता है. 16 अप्रैल को महिला की बेटी की शादी तय थी. घर में रंगाई-पुताई, रिश्तेदारों की आवाजाही और शादी की तैयारियां जोरों पर थीं. लेकिन शादी से महज 12 दिन पहले ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जिस युवक राहुल से बेटी की शादी होने वाली थी, उसी के साथ सास घर से चली गई. आरोप लगा कि वह घर से लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हुई. परिवार ने तब दावा किया था कि करीब पांच लाख रुपये के जेवर और साढ़े तीन लाख रुपये कैश गायब थे. बेटी ने मीडिया के सामने कहा था, मां घर में दस रुपये भी नहीं छोड़कर गईं.

    मोबाइल से शुरू हुई नजदीकियां

    परिवार के मुताबिक, महिला ने राहुल को एक स्मार्टफोन दिलवाया था. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी. पहले शादी की तैयारियों के नाम पर बात होती थी, फिर घंटों-घंटों फोन कॉल चलने लगे. महिला के पति जितेंद्र ने तब आरोप लगाया था कि जब वह शादी की तैयारी के सिलसिले में घर आए तो पता चला कि पत्नी और राहुल के बीच 15-20 घंटे तक फोन पर बातचीत हो रही है. पहले उन्होंने इसे सामान्य माना, लेकिन बाद में शक गहराता गया.

    भागकर कहां-कहां पहुंचे

    जब मामला सुर्खियों में आया और पुलिस सक्रिय हुई, तब पता चला कि दोनों अलीगढ़ से कासगंज, फिर बरेली होते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. कुछ दिन वहीं रुके. यहां तक कि नेपाल बॉर्डर जाने की भी योजना बनाई गई थी. राहुल ने बाद में बताया था कि जब उन्होंने मोबाइल चलाया तो देखा कि दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं. हर तरफ चर्चा थी. तब दोनों ने खुद लौटने का फैसला किया. मुजफ्फरपुर से बस पकड़कर वे उत्तर प्रदेश लौटे और अंततः थाना दादों पहुंचकर सरेंडर कर दिया.

    पुलिस के सामने क्या कहा था

    थाने में पूछताछ के दौरान सास ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. उसने कहा कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था, अपमानित करता था और अक्सर घर से निकाल देने की धमकी देता था. सास का कहना था कि जब राहुल फोन करता था तो कभी बेटी बात करती थी, कभी वह खुद. इसी बात को लेकर घर में विवाद बढ़ता गया. पति ताने मारते थे अब तो राहुल के साथ ही भाग जाओ. उसने पुलिस के सामने कहा था कि जब हालात असहनीय हो गए तो उसने वही किया जो उसे उस समय ठीक लगा. राहुल ने भी बयान दिया था कि वह महिला को पहले से जानता था और उसके कहने पर ही साथ गया. वह रोती थी, कहती थी कि अब जीने का मन नहीं करता. मुझे लगा कि उसे अकेला छोड़ना ठीक नहीं होगा. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को राहुल के साथ जाने की अनुमति दे दी थी.

    दस महीने साथ रहने के बाद नया मोड़

    करीब दस महीने तक दोनों बिहार में साथ रहे. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. लेकिन हाल ही में राहुल ने आरोप लगाया कि महिला उसे छोड़कर अपने जीजा के साथ चली गई है. राहुल का कहना है कि जाते समय वह दो लाख रुपये नकद और कुछ जेवर भी साथ ले गई. राहुल ने कहा कि मैंने उसके लिए अपना घर छोड़ा, समाज की बातें सुनीं. अब वह मुझे ही छोड़कर चली गई. 

    शिकायत और पुलिस का जवाब

    राहुल अलीगढ़ पहुंचा और थाना दादों में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कहा कि कथित घटना बिहार में हुई है, इसलिए वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी. अब राहुल बिहार जाकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है.

  • इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये

    इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये

    नव निर्माण के नौ वर्ष: बजट 2026-27 

    नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास को मिले नए पंख, बजट में 2,111 करोड़ रुपये की घोषणा

    जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मिले 750 करोड़ रुपये, ऑपरेशन हब के रूप में होगा विकास

    इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये

    लखनऊ
    प्रदेश में नागरिक उड्डयन और परिवहन अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। इस क्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास हेतु 2,111 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की। इसमें विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट में नए विकास कार्यों के साथ प्रदेश के अन्य एयरपोर्टों पर हवाई पट्टियों के निर्माण के लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़क परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए 400 करोड़ रुपये ईवी बसों की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान प्रदेश के महत्वाकांक्षी जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में नए निर्माण कार्यों के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर बन रहे इस एयरपोर्ट के प्रथम चरण का विकास कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने यहां प्रस्तावित दो रनवे की संख्या बढ़ाकर पांच रनवे किए जाने का निर्णय लिया है। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को एविएशन इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर के अलावा रखरखाव एवं ऑपरेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि अर्जन के लिए 1,100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के माध्यम से हवाई सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है।

    प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में सड़क परिवहन को सुदृढ़ बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने ईवी बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये और बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं परिवहन संरचना के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से बस अड्डों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटना के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री सड़क सेफ्टी विजन योजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योगी सरकार की इन पहलों से प्रदेश में हवाई और सड़क परिवहन ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे कनेक्टिविटी, निवेश और आर्थिक विकास को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का रास्ता साफ

    सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का रास्ता साफ

    जयपुर

    राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे।

    नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा

    राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा।

    होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी

    शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।

     

  • हरियाणा राजनीति में शोक: दो बार कैथल विधायक रहे पूर्व मंत्री का नोएडा में हार्ट अटैक से निधन

    हरियाणा राजनीति में शोक: दो बार कैथल विधायक रहे पूर्व मंत्री का नोएडा में हार्ट अटैक से निधन

    कैथल
    हरियाणा की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए गहरा आघात देने वाली खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मदान का  देर रात निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। बताया गया है कि वे नोएडा में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, जहां रात करीब दो बजे अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मानव मदान के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया था। परिवार की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया है कि “वे अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु के चरणों में लीन हो गए।” उनका अंतिम संस्कार आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे प्रताप गेट स्थित कल्याण भूमि, कैथल में पूरे सम्मान के साथ संपन्न होगा।

    परिवार में शोक की लहर

    मदान अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शोकाकुल परिवार में पत्नी अनिल मदान, पुत्र मानव मदान, पुत्रवधू रश्मि, दो पोते रेहान और जैतिक तथा बेटियां रितिका और रिया शामिल हैं। परिवार का निवास हाउस नंबर ए-250, सनसिटी, कैथल है। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही उनके आवास पर समर्थकों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा हुआ है।

    दो बार विधायक, मंत्री भी रहे

    सुरेंद्र मदान ने 1987 में लोकदल के टिकट पर कैथल से पहली बार विधायक बनकर राजनीति में प्रवेश किया था। उस समय उन्हें सरकार में लोक संपर्क विभाग एवं उड्डयन मंत्री बनाया गया। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर 1991 में दूसरी बार विधायक बने। पंजाबी समाज सहित शहर के व्यापारिक और सामाजिक वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ थी।

    लंबा राजनीतिक सफर

    करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा से शुरुआत की, फिर लोकदल, कांग्रेस, हरियाणा जनहित कांग्रेस, इनेलो और दोबारा कांग्रेस का दामन थामा। वे बेबाक, जमीनी और लोगों के बीच रहने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कैथल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। मदान के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। समर्थक उन्हें एक सरल स्वभाव, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।

  • मोगा में बाहरी मजदूरों पर हिंसा, सुनील जाखड़ ने इसे पंजाबियत के खिलाफ बताया

    मोगा में बाहरी मजदूरों पर हिंसा, सुनील जाखड़ ने इसे पंजाबियत के खिलाफ बताया

    चंडीगढ़
    पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मोगा में बाहरी राज्यों से आकर काम करने वाले मजदूरों को निशाना बनाए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को पंजाबियत और गुरुओं के दिखाए मार्ग के पूरी तरह खिलाफ बताया। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा भाईचारे, आपसी सम्मान और सबको साथ लेकर चलने की रही है, ऐसे में किसी भी वर्ग को डराने या निशाना बनाने की कोशिश बेहद चिंताजनक है।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से राज्य में कारोबारियों को धमकियां और हमलों का सामना करना पड़ा है, जिससे नई इंडस्ट्री यहां निवेश करने से कतराने लगी है। अब मजदूर वर्ग को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो राज्य के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक ढांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ताकतें जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं।

    पंजाब की इंडस्ट्री व खेती बाड़ी में अहम योगदान
    जाखड़ ने कहा कि बाहर से आकर मेहनत करने वाले मजदूर पंजाब की इंडस्ट्री और खेती में अहम भूमिका निभाते हैं। फैक्ट्रियों, निर्माण कार्यों और खेतों में उनका बड़ा योगदान है। इनके बिना राज्य की अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ऐसे लोगों को डराने या भगाने की कोशिश पंजाब के हित में नहीं है।

    उन्होंने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को तुरंत सक्रिय होकर ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    पंजाब की छवी पर बुरा असर

    उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई तो इससे पंजाब की छवि, निवेश और रोजगार के अवसरों पर बुरा असर पड़ेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब को नफरत की नहीं, बल्कि एकता और विकास की राजनीति की जरूरत है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन मिलकर भाईचारे का संदेश दें और राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

     

  • खतरनाक ईमेल में कहा- CM को ह्यूमन बम से उड़ाएंगे, 16 स्कूलों पर भी खतरा; मोहाली में सुरक्षा बढ़ाई

    खतरनाक ईमेल में कहा- CM को ह्यूमन बम से उड़ाएंगे, 16 स्कूलों पर भी खतरा; मोहाली में सुरक्षा बढ़ाई

    मोहाली 
    जिले के मोहाली शहर, जीरकपुर और बनूड़ (Banur) में 16 से अधिक प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई. धमकी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए और एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली करा लिया गया.

    जानकारी के मुताबिक, धमकी का मैसेज ईमेल से भेजा गया था. इसके बाद पुलिस की टीमें, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और स्कूल की तलाशी ली गई. बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनके अभिभावकों को सूचित कर दिया गया. पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और धमकी भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच कर रही है.

    मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें कुछ स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी मिली थी. सुरक्षा के बीच तुरंत कार्रवाई की गई और सभी स्कूलों को खाली कराकर चेक किया गया. अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी इसके पीछे है, उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.

    बम धमकी का पता चलते ही मोहाली पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई। तुरंत बम स्क्वॉड की टीमें लेकर पुलिस फोर्स स्कूलों में पहुंच गई। स्कूल के आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया गया। जिसके बाद पूरे स्कूल को खाली करवाकर पुलिस की टीमें जांच के लिए अंदर भेजी गईं। डीएसपी सिटी हरसिमरन बल खुद लर्निंग पाथ स्कूल पहुंचे।

    जबकि डीएसपी सिटी वन पृथ्वी चहल पैरागॉन स्कूल पहुंचे। पुलिन सभी स्कूलों को सील कर दिया और अंदर जांच की जा रही है। किसी को भी गेट से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा कि स्कूलों में जांच के लिए मोहाली के अलावा फतेहगढ़ साहिब, रोपड़ और चंडीगढ़ से भी बम निरोधक दस्ते बुलाए गए हैं।

    स बारे में मोहाली की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) गिन्नी दुग्गल ने कहा कि अभी तक 10 स्कूलों को धमकी का पता चला है। इनमें पैरागॉन, लर्निंग पाथ, माइंड ड्री, जीडी गोयनका, विवेक स्कूल, इंडस भी शामिल हैं। इनमें छुट्‌टी करा दी गई। बाकी स्कूलों को भी अपनी ई-मेल चेक करने को कहा गया है। इसके साथ ही इस मामले संंबंधी जानकारी डीसी को भेजी गई है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और सिर्फ सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें.

    लंबे समय से मिल रहीं धमकियां
    गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पूरे पंजाब में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां ईमेल के जरिये दी जा रही हैं. इससे पहले चंडीगढ़ के कई स्कूलों, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट, पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट और पंजाब के कई अन्य स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गई थीं.

  • गैंगस्टर सोमबीर मोटा अमेरिका से भारत पहुंचा, हरियाणा-दिल्ली में खौफ का माहौल रहा

    गैंगस्टर सोमबीर मोटा अमेरिका से भारत पहुंचा, हरियाणा-दिल्ली में खौफ का माहौल रहा

    गुरुग्राम
    हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कई जघन्य अपराधों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट कर मंगलवार देर रात भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही हरियाणा STF की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
    20 से अधिक आपराधिक मामलों में था वांछित

    रोहतक के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा हरियाणा और दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट जैसे लगभग 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है और बताया जाता है कि इनके तार लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से भी जुड़े रहे हैं।

    फर्जी पासपोर्ट का सहारा लेकर हुआ था फरार

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोमबीर मोटा साल 2024 में कानून की आंखों में धूल झोंककर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर अमेरिका फरार हो गया था। वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। हरियाणा एसटीएफ ने उसके फर्जी पासपोर्ट की पहचान की और इंटरपोल की मदद से उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया।

    CBI और इंटरपोल का रहा मुख्य सहयोग

    सोमबीर को भारत लाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल ने अहम भूमिका निभाई है। भारत सरकार और गृह मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के चलते उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्ट किया गया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि सोमबीर से पूछताछ के बाद प्रदेश में चल रहे अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क और रंगदारी के मामलों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

    इन बड़े अपराधियों को लाया गया भारत

    हरियाणा के व्यापारियों और आम लोगों के लिए दहशत का नाम बन चुके कई बड़े गैंगस्टर साल 2025 में सलाखों के पीछे पहुँचाए गए। यह मुमकिन हुआ अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों और STF हरियाणा के बीच बेहतरीन तालमेल से।

    1. गैंगस्टर जोगिंदर ग्योंग की वापसी (फिलीपींस)

    फरवरी की शुरुआत में STF को पहली बड़ी कामयाबी मिली। जोगिंदर ग्योंग, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 38 संगीन मामले दर्ज थे, उसे 02 फरवरी 2025 को फिलीपींस से डिपोर्ट कर भारत लाया गया।
    2.आर्मेनिया से दबोचा गया नरेश नरसी

    मार्च के महीने में कानून के हाथ आर्मेनिया तक पहुँचे। 04 मार्च 2025 को गैंगस्टर नरेश नरसी का डिप्रेशन और भागने का दौर खत्म हुआ, जब उसे वहां से भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
    3. कजाकिस्तान में कुणाल जून का अंत

    27 अप्रैल 2025 को कुणाल जून की बारी थी। हत्या और जबरन वसूली जैसे 19 केसों का सामना कर रहे इस अपराधी को कजाकिस्तान से वापस लाया गया।
    4. पैरोल से फरार मैनपाल बादली (कंबोडिया)

    एक शातिर अपराधी जो पैरोल पर आने के बाद कंबोडिया भाग गया था, उसे भी STF ने नहीं बख्शा। मैनपाल बादली, जिस पर हत्या के 30 मामले थे, उसे 02 सितंबर 2025 को डिपोर्ट किया गया।
    5. अमेरिका से लखविंदर लाखा की रवानगी

    साल के अंत में 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर लाखा को USA से भारत वापस लाया गया। यह संदेश साफ था कि दुनिया का कोई भी कोना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है।

  • राजस्थान का बजट 2026-27: युवाओं के लिए लोन, सौर ऊर्जा विकास और जल सुविधा योजनाओं पर जोर

    राजस्थान का बजट 2026-27: युवाओं के लिए लोन, सौर ऊर्जा विकास और जल सुविधा योजनाओं पर जोर

    जयपुर 

    राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के 2026-27 के बजट में गांव और शहर की आबादी को नल का पानी देने के लिए 6,800 करोड़ रुपये और बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।

    साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मौजूदा सरकार की ओर से किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों और समझदारी भरे फाइनेंशियल मैनेजमेंट के असर पर रोशनी डाली और कहा कि राज्य का इकोनॉमिक साइज़ काफी बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को कवर किया जाएगा और हर घर को नल के पानी से जोड़ा जाएगा। इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी दिया जाएगा।

    10 लाख तक बिना ब्याज का लोन मिलेगा
    बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत, 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन और ग्रांट दिया जाएगा। इससे 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान की इकॉनमी 2026-27 में 21,52,100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी 2025-26 के आखिर तक 1.67 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो जाएगी। दीया कुमारी ने कहा कि यह ग्रोथ फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी रिफॉर्म के जरिए इकॉनमी को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दिखाती है।

    'पीएम मोदी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं'
    दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मुख्य सिद्धांतों को अपनाते हुए, राज्य को आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

    अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, "2047 तक एक विकसित राजस्थान के सपने को पूरा करने के लिए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण और अच्छे शासन को प्राथमिकता दी है, और इस विकास यात्रा में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखा है।"

  • योगी सरकार का बजट 2026-27: सुरेश खन्ना ने विधानसभा में पेश किया 9.12 लाख करोड़ का वित्तीय प्लान

    योगी सरकार का बजट 2026-27: सुरेश खन्ना ने विधानसभा में पेश किया 9.12 लाख करोड़ का वित्तीय प्लान

    लखनऊ 
    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को 'वन ट्रिलियन डॉलर' बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

    बजट के मुख्य आंकड़े

    • कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़
    • राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित)
    • प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है)
    • बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है।

    दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय

    योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है।

    14 नए मेडिकल कॉलेज, 1,023 करोड़ का प्रावधान

    वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.

     रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़

    उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.

     ऊर्जा क्षेत्र को 65,926 करोड़ का बजट

    • ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है.
    • –  दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही.
    • – 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी.
    • – 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी.
    • – 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई.
    • –  1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने.
    • – 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई.
    • – पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.

     नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति को 22,676 करोड़

    • – नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान.
    • – 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है.
    • – जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान.
    • – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं.

    सड़क और सेतु के लिए 34,468 करोड़ का प्रावधान

    • प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है. 
    • – सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था. 
    • – नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये.
    • – सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये.
    • – राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये.
    • – राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये.
    • – शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये.
    • -औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.

     यूपी बनेगा IT हब

    वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, 'सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.'

     खादी एवं ग्रामोद्योग… 16 हजार रोजगार का लक्ष्य

    योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

     टेक्नोलॉजी और एआई मिशन

    • – राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे.
    • – नई टेक्नोलॉजी मिशन और टेक युवा-समर्थ युवा योजना लाई जाएगी.
    • – GSDP 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये, 13.4% वृद्धि.
    • – प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये.
    • – 2025-26 में 1,20,000 रुपये होने का अनुमान.
    • – 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने और बेरोजगारी दर 2.24% होने का दावा.

    कृषि और किसान, महिला, युवा और श्रमिक

    • – अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान.
    • – 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी.
    • – 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 42.96 लाख मीट्रिक टन धान और 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा की खरीद.
    • – PM किसान के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 94,668 करोड़ रुपये DBT से ट्रांसफर.
    • – BC सखी योजना के तहत 39,000 करोड़ से अधिक लेन-देन.
    • -26.81 लाख बालिकाएं मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से लाभान्वित.
    • – 90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री.
    • – 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित.
    • – मनरेगा में 20.19 करोड़ मानव दिवस सृजित.

     औद्योगिक विकास, निवेश, MSME और रोजगार

    • – अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट है.
    • -औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 5,000 करोड़.
    • – अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 2,000 करोड़.
    • – FDI प्रोत्साहन नीति के लिए 1,000 करोड़.
    • – डिफेंस कॉरिडोर में 35,280 करोड़ निवेश और 53,263 रोजगार की संभावना.
    • – MSME सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये.
    • -3.11 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाला यह सेक्टर देश में अग्रणी बताया गया.
    • – मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1 लाख सूक्ष्म उद्यम हर साल स्थापित करने का लक्ष्य.

     मेडिकल शिक्षा को बड़ा फंड

    चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज (45 सरकारी, 36 निजी) संचालित हैं. 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं, 16 जिलों में PPP मॉडल से कॉलेज खुलेंगे. एमबीबीएस सीटें 2017 की 4,540 से बढ़कर 12,800 हुईं. पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 4,995 हुईं. 14 नए मेडिकल कॉलेज के लिए 1023 करोड़, लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ का प्रावधान है.

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये, जो पिछले साल से 15% अधिक है. जननी शिशु सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, पल्स पोलियो अभियान (3.28 करोड़ बच्चों को खुराक), 42 जिलों में JE टीकाकरण जारी है. आयुष्मान योजना के 49.22 लाख परिवार लाभार्थी हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ का प्रावधान है. आयुष सेवाओं के लिए 2,867 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी और 1,585 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं. 8 आयुर्वेदिक, 2 यूनानी और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं.

      वित्त मंत्री ने रखे आंकड़े

    राजकोषीय घाटे की सीमा 3% तय की गई है, जो 2030-31 तक लागू रहेगी. सरकार ने बताया कि 2016-17 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात 29.3% था, जिसे 2019-20 में घटाकर 27.9% किया गया. कोविड के कारण यह 2021-22 में 33.4% हुआ, लेकिन अब इसे 27% से नीचे लाया जा चुका है. 2026-27 में इसे 23.1% तक लाने और आगे 20% से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है.
     मुख्यमंत्री के विजन का जिक्र

    वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए संकल्प लेकर काम किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री के संकल्प को इन पंक्तियों में व्यक्त किया- 'यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है. दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है.'

     पुलिस और अग्निशमन विभाग को बजट में मजबूती

    पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 346 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. अग्निशमन केंद्रों के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ करने और नए केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहनों की खरीद हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

    बजट में किसानों के लिए बड़ी सौगातें
    योगी सरकार ने अपने इस ऐतिहासिक बजट में अन्नदाताओं की खुशहाली को प्राथमिकता देते हुए गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेराई सत्र 2025-2026 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे किसानों की जेब में करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान पहुँचेगा। इसके साथ ही सरकार ने रिकॉर्ड बनाते हुए अब तक 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना बकाया चुकाया है, जो पिछले 22 वर्षों के कुल भुगतान से भी कहीं ज्यादा है। कृषि उत्पादों की खरीद में भी तेजी लाते हुए रबी और खरीफ सीजन के दौरान गेहूं, धान और बाजरा की रिकॉर्ड खरीदारी की गई है, जिसके तहत सीधे किसानों के खातों में करोड़ों रुपये भेजे गए हैं, जो सरकार की 'किसान-प्रथम' नीति को मजबूती से दर्शाता है।

    औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप्स का हब बना यूपी
    उत्तर प्रदेश निवेश के मामले में देश का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के समझौते (MoUs) हो चुके हैं, जिससे लगभग 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण केंद्र बनाता है। इनोवेशन और तकनीक को बढ़ावा देने की वजह से यूपी को राष्ट्रीय स्तर पर 'लीडर श्रेणी' की रैंकिंग हासिल हुई है।

    महिला, युवा और शिक्षा के क्षेत्र में सशक्तिकरण की नई राह

    चुनावी साल से पहले यूपी में बेरोजगारी दर घटकर अब महज 2.24% रह गई है। संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और उनके लिए एक नए सेवा निगम के गठन का प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा है। ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए 'शी-मार्ट' (SHE-Marts) की स्थापना की जाएगी, जिससे लाखों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी।