Category: राज्य

  • श्रद्धालुओं में दहशत: खाटूश्यामजी मंदिर में ‘2 आतंकी’ घुसे, बाद में पता चला ATS का मॉक ड्रिल

    श्रद्धालुओं में दहशत: खाटूश्यामजी मंदिर में ‘2 आतंकी’ घुसे, बाद में पता चला ATS का मॉक ड्रिल

    जयपुर
    विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर परिसर शुक्रवार को उस समय सुरक्षा छावनी में तब्दील हो गया, जब मंदिर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर एटीएस (Anti-Terrorist Squad) की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। हथियारों से लैस जवानों की त्वरित कार्रवाई और घेराबंदी को देखकर परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन कुछ ही देर बाद जब सच्चाई सामने आई तो सभी ने राहत की सांस ली।

    त्वरित कार्रवाई और जवाबी हमला
    आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एटीएस के जवानों ने मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से मंदिर परिसर में प्रवेश किया। कुछ ही मिनटों के भीतर टीम ने कड़ा संघर्ष करते हुए दो काल्पनिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया। कार्रवाई के दौरान जवानों ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और बारूद बरामद करने का प्रदर्शन भी किया।

    सुरक्षा परखने के लिए था अभ्यास
    जैसे ही एटीएस के अधिकारियों ने इसे मॉकड्रिल घोषित किया, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन की चिंता दूर हुई। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की जांच करना, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पॉन्स टाइम को मापना और मंदिर की सुरक्षा घेराबंदी और समन्वय को और अधिक पुख्ता करना है।

    चौथी बार हुआ सुरक्षा अभ्यास
    गौरतलब है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र खाटू श्याम मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस अब तक यहां चार बार मॉकड्रिल कर चुकी है। इस सफल अभ्यास के दौरान एटीएस टीम के साथ मंदिर सुरक्षा गार्ड प्रभारी रघुनाथ सिंह, मंदिर समिति के लक्ष्मीकांत रंगलालका सहित अन्य सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी भी मुस्तैद रहे।

  • हरियाणा: एकांश ढुल ने यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल किया, BJP नेता के बेटे ने पूरा किया IAS अफसर बनने का सपना

    हरियाणा: एकांश ढुल ने यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल किया, BJP नेता के बेटे ने पूरा किया IAS अफसर बनने का सपना

    चंडीगढ़
     यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएसई) की तरफ से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. हरियाणा के भाजपा नेता के बेटे एकांश ढुल का देश भर में तीसरा रैंक हासिल किया है।जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ढुल पहले भी दो बार यूपीएससी में चयनित हो चुके हैं और लगातार उन्होंने तीसरी बार चयन हुआ है।

    पंचकूला के सेक्टर-12 के रहने वाले भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ने पिछली बार 2025 में यूपीएएसपी एग्जाम में 295वीं रैंक हासिल की है. वहीं, 2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।

     2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।

    गौर रहे कि एकांश ढुल ने चंडीगढ़ के भवन विद्यालय सेक्टर-27 से 10वीं और सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 12वीं की पढ़ाई की थी और फिर इसके बाद श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है और दिल्ली में कोचिंग भी ली थी. वह लगातार यूपीएएसी का एग्जाम दे रहे थे और थर्ड टॉपर बने हैं. उधऱ, सीएम नायब सिंह सैनी ने एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल को फोन पर बधाई दी. इस दौरान सीएम ने एकांश ढुल की मां से भी फोन पर बात की और कहा कि वह घर आकर बेटे को बधाई दें. एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल ने सीएम से कहा कि आपके भतीजे ने हरियाणा का नाम रौशन किया है. आपकी सरकार ने बिना खर्ची और पर्ची के बिना नौकरियां मिल रही हैं।

    कौन हैं एकांश के पिता कृष्ण ढुल
    गौरतलब है कि कांश के पिता कृष्ण ढुल भाजपा के वरिष्ठ नेता है और माता निर्मल ढुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सेक्टर-19 पंचकूला में बतौर प्रिंसिपल हैं. कृष्ण ढुल हरियाणा राज्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी रहे हैं और अभी भाजपा प्रवक्ता हैं. इसके अलावा, हरियाणा आर्चरी एसोशिएसन के अध्यक्ष भी हैं।

  • जदयू में उमेश कुशवाहा की पकड़ मजबूत, तीसरी बार अध्यक्ष बनाकर नीतीश कुमार ने जताया भरोसा

    जदयू में उमेश कुशवाहा की पकड़ मजबूत, तीसरी बार अध्यक्ष बनाकर नीतीश कुमार ने जताया भरोसा

    पटना
    उमेश सिंह कुशवाहा जनता दल यूनाइटेड के तीसरी बार बिहार अध्यक्ष बन गए हैं। कुशवाहा ने शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन किया। जदयू प्रदेश अध्यक्ष के लिए अन्य कोई नामांकन नहीं आने के बाद उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया। शाम 4 बजे इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में संगठनात्मक चुनाव चल रहे हैं।

    वैशाली जिले के महनार से विधायक उमेश सिंह कुशवाहा बीते 5 सालों से बिहार में जदयू की कमान संभाल रहे हैं। वह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। पहली बार वह 2021 में जदयू प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे। उन्होंने वशिष्ठ नारायण सिंह की जगह ली थी। इसके बाद वे लगातार इस पद पर चुने जा रहे हैं।
     
    नीतीश को उमेश पर क्यों इतना भरोसा?
    नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की राजनीति का मुख्य आधार 'लव-कुश' (कुर्मी-कोइरी) वोट बैंक है। कोइरी समाज से आने वाले उमेश कुशवाहा इस समीकरण के 'कुश' पक्ष को मजबूती देते हैं, जो बिहार की राजनीति में एक अहम वोट बैंक माना जाता है। वहीं, उमेश कुशवाहा वे जेडीयू संगठन की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं और पार्टी की राजनीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम करते रहे हैं।

    उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े कोइरी नेताओं के पार्टी छोड़ने के बावजूद वे नीतीश कुमार के साथ मजबूती से टिके रहे, जिसने उनके प्रति विश्वास को और बढ़ाया। नीतीश कुमार को पार्टी में एक ऐसे युवा चेहरे की जरूरत थी जो ऊर्जावान हो और कैडर के साथ संवाद कर सके। इसी कारण उन्हें 2021 में जेडीयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और हाल ही में वे तीसरी बार इस पद के लिए चुने गए हैं।

    उमेश कुशवाहा वैशाली जिले के महनार से विधायक हैं। वे 2015 और 2025 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, 2020 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2020 का विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद नीतीश ने उन्हें जदयू प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद बिहार में राजनीतिक परिस्थिति बदल रही है। ऐसे में उमेश कुशवाहा को फिर से जदयू प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना, नीतीश की लंबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    उमेश कुशवाहा बोले- निशांत राजनीति में आएं
    तीसरी बार जदयू प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद उमेश कुशवाहा ने सीएम नीतीश के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि निशांत सक्रिय राजनीति में आएं। वे पार्टी में शामिल हों और राज्य की सेवा करें।

     

  • जदयू ऑफिस में मोदी के पोस्टर पर कालिख पोती, नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले पर उबाल

    जदयू ऑफिस में मोदी के पोस्टर पर कालिख पोती, नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले पर उबाल

    पटना
    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले का उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड में विरोध तेज हो गया है। पटना स्थित जदयू के प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए और नीतीश के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। जदयू कार्यालय में लगे पोस्टर में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर कालिख भी पोत दी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नीतीश से राज्यसभा जाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

    शुक्रवार सुबह से पटना में जदयू कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। जदयू कार्यालय के बाहर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और बैनर लगाकर नारेबाजी करने लगे। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह बिहार के जनादेश का अपमान है। बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया था। उनके चेहरे पर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा गया था। इसलिए मुख्यमंत्री पद के लिए वही पात्र हैं। जदयू कार्यकर्ताओं ने जदयू अध्यक्ष एवं सीएम नीतीश कुमार से राज्यसभा जाने का फैसला वापस लेने की मांग की है।

    जदयू कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़
    इस दौरान जदयू कार्यालय के बाहर लगे फिर से नीतीश और मोदी के पोस्टर में पीएम के चेहरे पर कालिख भी पोत दी गई। साथ ही जदयू कार्यालय के गेट पर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश से राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए पोस्टकार्ड भी लिखे। बता दें कि लगभग दो दशक तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश अब मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गुरुवार को यह ऐलान किया। उन्होंने जदयू प्रत्याशी के तौर पर गुरुवार को ही बिहार विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन भी कर दिया।

    नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में कहा कि वह अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। उनकी बिहार विधानमंडल और संसद के दोनों सदनों के सदस्य रहने की इच्छा है। वह विधायक, एमएलसी और लोकसभा सांसद रह चुके हैं और अब राज्यसभा सांसद के रूप में नई पारी की शुरुआत करेंगे। बताया जा रहा है कि नीतीश के राज्यसभा सांसद बनते ही अगले महीने बिहार में नई सरकार का गठन होगा और सूबे को पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मुख्यमंत्री मिलेगा। एक दिन पहले भी जदयू कार्यालय और सीएम आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं ने नीतीश के इस फैसले का विरोध करते हुए हंगामा किया था। शुक्रवार को एहतियातन पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया।

  • पाकिस्तान से हथियार तस्करी में बड़ा खुलासा, अमृतसर में 6 आरोपी अरेस्ट, विदेश निर्मित पिस्टल और कारतूस बरामद

    पाकिस्तान से हथियार तस्करी में बड़ा खुलासा, अमृतसर में 6 आरोपी अरेस्ट, विदेश निर्मित पिस्टल और कारतूस बरामद

    अमृतसर
     पंजाब पुलिस ने पड़ोसी देश पाकिस्तान से संचालित अवैध हथियारों की तस्करी के एक और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने इस सीमा पार गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की हैं, जिनमें ग्लॉक (9 मिमी) पीएक्स5 (.30 बोर), टॉरस (9 मिमी), ग्रेटा (9 मिमी) (पाकिस्तान निर्मित) के अलावा एक अन्य .30 बोर की पिस्तौल शामिल है। इसके अतिरिक्त, 34 जिंदा कारतूस और एक धारदार हथियार भी जब्त किया गया है। पंजाब डीजीपी की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया है कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हथियार तस्करों के संपर्क में थे। हथियारों को चोरी-छिपे बॉर्डर के उस पार से लाकर विभिन्न क्षेत्रों में वितरित कर रहे थे। 

    अमृतसर के मकबूलपुरा पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सभी संबंधों का पता लगाने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच कर रही है। पंजाब डीजीपी का दावा है कि पंजाब पुलिस अवैध हथियार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और करती रहेगी। बता दें कि इससे पहले 28 फरवरी को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बॉर्डर पार से ड्रग और गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी करने वाले दो ऑर्गनाइज़्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में 10 लोग गिरफ्तार किए गए थे और 5.438 किलो हेरोइन, 3 हाई-एंड पिस्टल (एक ग्लॉक 9 एमएम, एक जिगाना 9 एमएम और एक 32 बोर), 34 जिंदा कारतूस और 4500 रुपये नकदी जब्त किया था। 

    पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला था कि ये भी आरोपी पाकिस्तान-आधारित तस्करों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे। हेरोइन और अवैध हथियार भारत में लाए जा रहे थे और फिर इसे एक सटीक नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों में बांटा जा रहा था।

     

  • पंजाब बजट सत्र में बड़ी घोषणा, महिलाओं को ₹1000 मिलेंगे, 8 मार्च को मान सरकार का अंतिम बजट, गवर्नर ने गिनाईं उपलब्धियां

    पंजाब बजट सत्र में बड़ी घोषणा, महिलाओं को ₹1000 मिलेंगे, 8 मार्च को मान सरकार का अंतिम बजट, गवर्नर ने गिनाईं उपलब्धियां

    चंडीगढ़ 

    पंजाब विधानसभा का बजट सेशन आज (6 मार्च) से शुरू हो गया है। पहले दिन गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने अभिभाषण दिया। उन्होंने सत श्री अकाल कहकर संबोधन शुरू किया। उनके अभिभाषण शुरू करते ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया। 

    गवर्नर के अभिभाषण के दाैरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के बजट अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आये दिन हाल बिगड़ते जा रहे हैं और उस पर चर्चा करवाई जानी चाहिए। सभी कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि राज्यपाल ने कहा कि आपको  अपनी बात रखने का उचित समय मिलेगा, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी जारी रखी।

    सत्र से पहले सीएम भगवंत मान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमान को पंजाब मंत्रिमंडल ने पारित कर दिया है। यह बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह बजट प्रत्येक पंजाबी की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा और पंजाब को एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने में सहायक होगा।

    वुमन्स डे पर भगवंत मान सरकार दे सकती है 1000 रुपये का ‘गिफ्ट’

    हर महिला के खाते में आएंगे 1000 रुपये

    AAP ने 2021 में 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान घोषणा की थी कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने खुद यह वादा दोहराया था। पंजाब में लगभग एक करोड़ महिला मतदाता हैं, और यदि योजना सभी वयस्क महिलाओं पर लागू हुई तो सालाना खर्च 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है, जैसे कि आय समूह के आधार पर लक्षित लाभार्थी या सभी के लिए वैकल्पिक योजना। वित्त विभाग फिस्कल प्रभाव का आकलन कर रहा है।

    पंजाब सरकार ने लागू की कई योजनाएं
    पंजाब सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कई प्रमुख योजनाएं लागू की हैं। 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली शुरू की गई। कृषि ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली सब्सिडी जारी है, जिससे सब्सिडी बिल 22,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आम आदमी क्लीनिक्स की शुरुआत हुई, जहां अब 881 क्लीनिक चल रहे हैं जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुफ्त परामर्श, दवाएं और 38 जांचें प्रदान करते हैं।

    बजट 8 मार्च को पेश होगा। जिसमें AAP सरकार 2022 में किए महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए के चुनावी वादे को पूरा करेगी। हालांकि महिलाओं को यह राशि देने का काम 18 मार्च से शुरू होगा। महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने की घोषणा के साथ-साथ कुछ महीने का बकाया देने पर भी विचार चल रहा क्योंकि विपक्ष सूबे की महिलाओं को सरकार से 48 महीने का बकाया मांगने के लिए उकसा रहा है। पंथक एजेंडे को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष घोषणाएं भी की जा सकती हैं। ये घोषणाएं पंजाब में धार्मिक नगरियों व स्थानों के विकास से संबंधित हो सकती हैं।

    विधानसभा में 7 मार्च को शनिवार के दिन अवकाश रहेगा। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं की जा सकती हैं।

    9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी, जबकि 10 और 11 मार्च को विधायकों द्वारा बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को वैधानिक कार्य निपटाए जाएंगे। 13 से 15 मार्च तक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 16 मार्च को सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे।

    अधूरे वादों और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रदर्शन

    विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता पंजाब भवन से विधानसभा तक रोष मार्च निकालेंगे।

    कांग्रेस का कहना है कि वह सरकार को अधूरे चुनावी वादों, बढ़ते गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। कांग्रेस का दावा है कि 2022 में किए गए इस वादे के आधार पर सरकार को प्रत्येक महिला को चार साल के 48 हजार रुपये देने चाहिए। विपक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है।

    प्रताप बाजवा की टिप्पणी के विरोध में मंत्री ईटीओ ने बजवाया बैंड
    कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में बैंड बाजा बजवाकर प्रदर्शन किया। कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंत्री पर बैंड बाजे से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मंत्री ने एसएसपी अमृतसर को प्रताप बाजवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी है। 

    फरवरी में अजनाला रैली के दौरान बाजवा ने कहा था कि मंत्री हरभजन ईटीओ बैंड बजाते थे लेकिन अब वह पंजाब का बैंड बजा रहा हैं। इस पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर अब मंत्री ईटीओ कहा कि यदि वे मेहनत के बूते जमीन से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे हैं तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। दरअसल, ये बयान कांग्रेसियों की मानसिकता को दर्शाते हैं।

     

  • योगी सरकार की योजनाओं का असर, एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम में यूपी का लहराया परचम

    योगी सरकार की योजनाओं का असर, एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम में यूपी का लहराया परचम

    योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, नीति आयोग से लखीमपुर खीरी के दो ब्लॉकों को मिला सम्मान

    लखीमपुर खीरी के धौरहरा ब्लॉक को मिला गोल्ड और बांकेगंज को ब्रॉन्ज मेडल

    योगी सरकार की योजनाओं का असर, एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम में यूपी का लहराया परचम

    स्वास्थ्य, पोषण और कृषि योजनाओं में शत-प्रतिशत सैचुरेशन से मिली राष्ट्रीय पहचान

    धौरहरा ने छह और बांकेगंज ने तीन इंडिकेटर्स पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जीता मेडल

    लखनऊ
    योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग ने एस्पिरेशनल ब्लॉक के तहत उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित धौरहरा व बांकेगंज ब्लॉक को उत्कृष्ट कार्य के लिए गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल से नवाजा है। जुलाई से सितंबर 2024 के बीच चले संपूर्णता अभियान में जिले के बांकेगंज और धौरहरा ब्लॉक ने प्रदर्शन की नई इबारत लिखी। यह मेडल लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन से सम्मानित किया गया। 

    बांकेगंज ब्लॉक ने तीन प्रमुख इंडिकेटर्स पर प्राप्त किया शत प्रतिशत सैचुरेशन
    जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी के तहत लखीमपुर खीरी के बांकेगंज ब्लॉक ने ‘हेल्थ एंड न्यूट्रिशन’, ‘एग्रीकल्चर एंड अलाइड सर्विसेज़’ और ‘एस्पिरेशनल ब्लॉक्स प्रोग्राम के तहत सोशल डेवलपमेंट’ थीम में तीन प्रमुख इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत सैचुरेशन हासिल किया है। इसके लिए नीति आयोग की ओर से ब्लॉक को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संभव हो पाया। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जमीनी निगरानी, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने की रणनीति ने ब्लॉक को मॉडल बनाया।

    धौरहरा ब्लॉक ने प्राप्त किया छह इंडिकेटर्स पर शत प्रतिशत सैचुरेशन
    जिलाधिकारी ने बताया कि धौरहरा ब्लॉक ने छह इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत सैचुरेशन के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच, पोषण सुधार की ठोस पहल और कृषि योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधी पहुंच ने नतीजे को असरदार बनाया। संपूर्णता अभियान के तहत किए गए प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और टीमवर्क साथ हो, तो लक्ष्य सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहते, धरातल पर उतरते हैं। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीडीओ अभिषेक कुमार की मौजूदगी में बांकेगंज के बीडीओ ऋषिकांत अहिरवार और धौरहरा के तत्कालीन बीडीओ सुमित कुमार सिंह (वर्तमान में बीडीओ फूलबेहड़) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है।

  • आयुष्मान भारत के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने अब तक सर्वाधिक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए: सीएम

    आयुष्मान भारत के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने अब तक सर्वाधिक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए: सीएम

    जैसे कपिल देव को देखकर ही पाकिस्तान आधा मैच हार जाता था, वैसे ही डॉक्टर के व्यवहार से आधी बीमारी हार जाती है: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में किया केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ
     
    आयुष्मान भारत के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने अब तक सर्वाधिक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए: सीएम

    वर्ष 2014 से पहले देश में सिर्फ 6 एम्स कार्यरत थे, प्रधानमंत्री मोदी जी की पहले से आज देश में 23 एम्स: मुख्यमंत्री

    सरकारी प्रयासों के साथ निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं: सीएम योगी

    2017 से पहले प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की स्थिति थी और सरकारें माफियाओं के सामने नतमस्तक रहती थीं: योगी

    आज यूपी “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” और अब “वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन” की दिशा में आगे बढ़ रहा: सीएम

    ग्रेटर नोएडा,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास और मानवीय व्यवहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक मरीज डॉक्टर के पास बड़े विश्वास के साथ जाता है। उसके लिए पैसा सबसे बड़ा मुद्दा नहीं होता, बल्कि डॉक्टर के व्यवहार और उसकी सलाह पर भरोसा अधिक महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार मरीज की आधी से अधिक बीमारी को समाप्त कर देता है। इस बात को समझाने के लिए मुख्यमंत्री ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत की क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कपिल देव गेंदबाजी करते थे या टीम का नेतृत्व करते थे, तो पाकिस्तान की टीम आधा मैच वहीं हार जाती थी। इसी तरह यदि बीमारी की तुलना पाकिस्तान से की जाए और डॉक्टर को कपिल देव के रूप में देखा जाए, तो मरीज डॉक्टर को देखकर ही आधी लड़ाई जीत लेता है। 

    डॉक्टर पर विश्वास हो तो दवा भी असर करती है और दुआ भी
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब मरीज को डॉक्टर पर विश्वास हो जाता है तो बीमारी के खिलाफ उसकी मानसिक शक्ति बढ़ जाती है। इसके बाद दवा भी असर करती है और दुआ भी काम करती है। डॉक्टर को दुआ मिलती है और मरीज को सही दवा मिलने पर वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। इससे अस्पताल की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है और डॉक्टर का सम्मान भी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों के बारे में कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को बिना भेदभाव पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिल रही है। 

    सेवा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 तक भारत के अंदर केवल छह एम्स काम कर रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी जी की पहल का परिणाम है कि आज देश में 23 एम्स कार्य कर रहे हैं। आयुष्मान भारत के अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां सर्वाधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा हुई है। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ऐसी है, जिसमें आज सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। साथ ही सरकार द्वारा तय उपचार दरों और निजी क्षेत्र की मनमानी दरों के बीच बड़े अंतर को संतुलित करने का भी प्रयास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य सेवा की परिभाषा स्पष्ट होनी चाहिए। सेवा सही होनी चाहिए, सस्ती होनी चाहिए और विश्वसनीय भी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर मरीज के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति उस सेवा को वहन कर सके और उस पर भरोसा कर सके।

    सरकार के साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। किसी भी संपन्न देश के लिए यह आवश्यक है कि वहां के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। यह उसका अधिकार भी है और सरकार का दायित्व भी। उन्होंने केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके संस्थापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल केवल गौतम बुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र तथा अन्य जनपद के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं
    मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई कि केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना कपिल देव और उद्योगपति सुनील गुप्ता द्वारा की गई है। उन्होंने महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित संस्था डीवाई पाटिल ग्रुप के साथ मिलकर इस अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी ली है। डीवाई पाटिल समूह शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है और उसने महाराष्ट्र में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। अब उनके अनुभव का लाभ गौतम बुद्ध नगर जनपद और एनसीआर क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यदि केडीएसजी समूह मेडिकल कॉलेज के क्षेत्र में भी निवेश करेगा, तो इससे नए मेडिकल प्रोफेशनल तैयार होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

    1000 लोगों को मिलेगा रोजगार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यहां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सकारात्मक सोच के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। एक समय था जब प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की स्थिति थी और सरकारें माफियाओं के सामने नतमस्तक रहती थीं। आज वही उत्तर प्रदेश “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” और अब “वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन” की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

    गौतम बुद्ध नगर बना विकास का बड़ा केंद्र
    सीएम योगी ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर जनपद आज विकास का बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां जल्द ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट शुरू होने जा रहा है। भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन इसी जनपद में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का लगभग 60 प्रतिशत उत्पादन भी यहीं होता है। यहां फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश अपनी पहचान के लिए मोहताज था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में किया गया यह निवेश सेवा का भी उदाहरण है और प्रदेश के विकास में निवेश का भी।

    इस अवसर पर अस्पताल के फाउंडर एवं डायरेक्टर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव और सुनील कुमार गुप्ता, प्रदेश सरकार में मंत्री और गौतम बुद्ध नगर के प्रभारी कुंवर बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक तेजपाल नागर, धीरेन्द्र सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, चंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिसोदिया, भाजपा नेता महेश चौहान, अभिषेक शर्मा तथा अजिंक्य डीवाई पाटिल हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. अजिंक्य डीवाई पाटिल समेत अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

    आधुनिक और सभी सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
    यह अस्पताल भारत की 1983 विश्वकप विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान कपिलदेव और उद्योगपति सुनील कुमार गुप्ता द्वारा स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी मरीज आर्थिक स्थिति के कारण अच्छी स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। अस्पताल का संचालन अजिंक्य डीवाई पाटिल हेल्थकेयर द्वारा किया जाएगा। यह अस्पताल ग्रेटर नोएडा के सबसे आधुनिक और सभी सुविधाओं से लैस निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यहां अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, मल्टी-स्पेशियलिटी आईसीयू, पूरी तरह सुसज्जित कैथेटराइजेशन लैब, डेडिकेटेड इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर तथा रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन से जुड़ी आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में कार्डियोलॉजी व कार्डियक साइंसेस, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी व न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, पल्मोनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और पीडियाट्रिक्स सहित कई विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी।

  • सरकारी नौकरी पर विवाद, राजस्थान हाईकोर्ट ने एग्जाम में शून्य अंक पाने वालों को नौकरी देने पर जताई आपत्ति

    सरकारी नौकरी पर विवाद, राजस्थान हाईकोर्ट ने एग्जाम में शून्य अंक पाने वालों को नौकरी देने पर जताई आपत्ति

    जयपुर
     राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार से यह बताने को कहा कि उसने रिज़र्व कैटेगरी के तहत क्लास IV सरकारी कर्मचारियों की भर्ती के लिए कट-ऑफ मार्क्स ज़ीरो क्यों तय किए हैं. कोर्ट ने यह सवाल विनोद कुमार बेटे प्यारेलाल बनाम राजस्थान राज्य के मामले में सुनवाई के दौरान पूछी है. इस हालात को चौंकाने वाला बताते हुए, जस्टिस आनंद शर्मा ने कहा कि इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है, क्योंकि यह सरकारी नौकरी में बेसिक स्टैंडर्ड बनाए रखने को लेकर चिंता पैदा करता है।

    ‘सरकारी कर्मचारी को बेसिक काम तो ठीक से आना ही चाहिए’

    कोर्ट ने कहा, ‘अपॉइंटिंग अथॉरिटी के तौर पर, राज्य से उम्मीद की जाती है कि वह रिज़र्व कैटेगरी के लिए भी भर्ती में मिनिमम स्टैंडर्ड पक्का करे, ताकि चुने गए उम्मीदवार बेसिक काम ठीक से कर सकें, चाहे वे क्लास-IV कर्मचारी ही क्यों न हों. जो व्यक्ति लगभग ज़ीरो या नेगेटिव मार्क्स लाता है, उसे सही नहीं माना जा सकता।
    कोर्ट ने यह आदेश एक रिट पिटीशन पर दिया जिसमें कहा गया था कि हाल ही में एक सरकारी डिपार्टमेंट में क्लास-IV एम्प्लॉई के लिए एक रिक्रूटमेंट प्रोसेस में, कुछ रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए कट-ऑफ मार्क्स 0.0033 जितने कम थे।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक उम्मीदवार ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि हाल ही में हुई एक भर्ती प्रक्रिया में कुछ आरक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ महज 0.0033 रखी गई थी।

    माइनस में नंबर, फिर भी नौकरी ना मिलने की शिकायत

    दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा इसलिए खटखटाया क्योंकि उसके अंक शून्य से भी कम थे और इसी आधार पर उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। उसने कोर्ट से शिकायत की कि जब सरकार ने पास होने के लिए कोई न्यूनतम नंबर तय ही नहीं किए हैं, तो उसे फेल क्यों किया गया? जांच में पता चला कि कुछ श्रेणियों में कट-ऑफ महज 0.0033 थी।

    कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि या तो परीक्षा का पेपर जरूरत से ज्यादा कठिन था या फिर भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि उन्होंने पास होने के लिए कम से कम नंबर की सीमा तय क्यों नहीं की? अब राजस्थान हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से जवाब मांगा है। उन्हें हलफनामा देकर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।

     

  • बीकानेर कोर्ट पर बम धमकी का मेल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच

    बीकानेर कोर्ट पर बम धमकी का मेल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच

    बीकानेर

    बीकानेर शहर के न्यायालय परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना सामने आई। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया और एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाया जाने लगा।

    ई-मेल के जरिए मिली धमकी
    मिली जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने ई-मेल भेजकर बीकानेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, पक्षकारों और कर्मचारियों को बाहर निकलने के निर्देश दिए गए।

    मौके पर पहुंची एडीएसपी
    घटना की सूचना पर एडीएसपी चक्रवती सिंह राठौड़ भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने सभी अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों को तुरंत अदालत परिसर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की।

    सुरक्षा एजेंसियों ने चलाया तलाशी अभियान
    अजय पुरोहित ने कहा कि अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, इसलिए सभी लोग तत्काल परिसर खाली कर दें। साथ ही जो अधिवक्ता अभी तक कोर्ट नहीं पहुंचे हैं, उन्हें भी फिलहाल अपने घरों में ही सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।