Category: राज्य

  • मुख्यमंत्री का निर्देश: 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को सेक्टरवार रणनीति से हासिल करें

    मुख्यमंत्री का निर्देश: 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को सेक्टरवार रणनीति से हासिल करें

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह दस्तावेज केवल एक विजन नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और संरचनात्मक रूपांतरण का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने निर्देश दिए कि इसे व्यापक और सहभागी बनाते हुए प्रदेशभर से प्राप्त 98 लाख से अधिक जन-सुझावों, विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों तथा अन्य हितधारकों के विचारों का विश्लेषण करते हुए समाहित किया जाए और उसी आधार पर सेक्टरवार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना शीघ्र जारी की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट व्यवहारिक, परिणामोन्मुख और समयबद्ध होना चाहिए, जो प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का ठोस आधार प्रस्तुत करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे केवल सैद्धांतिक दस्तावेज न रखकर सेक्टरवार मिशनों, 2030, 2036 और 2047 के स्पष्ट लक्ष्यों तथा क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजनाओं में विभाजित किया जाए। साथ ही सभी विभाग त्रैमासिक एवं वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप विभागवार और अंतर-क्षेत्रीय कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें जिम्मेदारियों, अपेक्षित परिणामों और समन्वय की व्यवस्था स्पष्ट रूप से निर्धारित हो।

    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर तैयार विजन को जिला, शहर और पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इसके लिए ‘जिला विजन 2047’ तैयार कर स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुरूप योजनाएं बनाई जाएं। साथ ही प्रमुख परियोजनाओं की सुव्यवस्थित पाइपलाइन तैयार कर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्यों का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश का पूरा ढांचा तीन प्रमुख स्तंभों 'अर्थशक्ति, जनशक्ति और जीवनशक्ति' पर आधारित है, जिन्हें मजबूत करने के लिए कृषि, उद्योग, सेवाएं, बुनियादी ढांचा, सामाजिक क्षेत्र और सुशासन को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाना होगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विजन डॉक्यूमेंट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रीयल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित समीक्षा व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि प्रगति की सतत निगरानी हो और आवश्यक सुधार समय पर सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दस्तावेज स्थिर नहीं, बल्कि एक डायनामिक और एक्शन-ओरिएंटेड मार्गदर्शिका होनी चाहिए।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश ने 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का मध्यवर्ती लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगभग 16 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक आंकी गई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 356 बिलियन डॉलर के स्तर पर है और भारत की जीडीपी में इसका योगदान करीब 9 प्रतिशत से अधिक है। 

    मुख्यमंत्री ने सेक्टर आधारित रणनीति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित और उच्च उत्पादकता आधारित विकास सुनिश्चित किया जाए। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्मार्ट कृषि, वैल्यू चेन आधारित मॉडल, निर्यातोन्मुख उत्पादन और डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जाए। पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने इनके वैज्ञानिक विकास, प्रोसेसिंग और बाजार संपर्क को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। 

    औद्योगिक विकास के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी आधारित, निर्यातोन्मुख और वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। बैठक में बताया गया कि राज्य के मैन्युफैक्चरिंग GVA में MSME का योगदान लगभग 46 प्रतिशत है तथा निवेश आकर्षित करने के लिए 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाएं क्रियान्वयन की अवस्था में हैं। 

    सेवा क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था को विकास का प्रमुख इंजन बताते हुए मुख्यमंत्री ने आईटी, आईटीईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन और नवाचार आधारित क्षेत्रों में तेजी से विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ज्ञान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाए। 

    बैठक में यह भी बताया गया कि लगभग 24 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश देश का एक विशाल उपभोक्ता बाजार है और कार्यशील आयु वर्ग की बड़ी हिस्सेदारी इसे विकास के लिए विशेष अवसर प्रदान करती है। अनुमान है कि 2047 तक शहरीकरण दर 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुशासन, कानून व्यवस्था, डिजिटल सेवाओं और मजबूत आधारभूत ढांचे को इस पूरी कार्ययोजना की रीढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर के माध्यम से कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ किया जाए, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ें।

    मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ एक समग्र परिवर्तन का अभियान है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक न्याय, समावेशिता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार को समान महत्व दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह विजन प्रदेश की विकास यात्रा का ऐसा प्रभावी दस्तावेज बने, जो उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में अग्रणी स्थान दिलाए।

  • महापरिनिर्वाण स्थली पर गूंजा धम्म का संदेश, वैश्विक मंच पर जुटे विद्वान, विशेषज्ञ और संत

    महापरिनिर्वाण स्थली पर गूंजा धम्म का संदेश, वैश्विक मंच पर जुटे विद्वान, विशेषज्ञ और संत

    लखनऊ/कुशीनगर,

    कुशीनगर के महापरिनिर्वाण स्थल से विश्व शांति का संदेश देने वाला 'अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन 2026' मंगलवार से शुरू हो गया। 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, संत, विद्वान, नीति-निर्माता और युवा एक मंच पर जुटे हैं। सम्मेलन में भगवान बुद्ध की करुणा, शांति और शिक्षाप्रद संदेशों की वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में प्रासंगिकता पर गहन मंथन किया जा रहा है।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'वर्तमान समय में जब दुनिया के अनेक हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है, ऐसे समय में भगवान बुद्ध के जीवन संदेश सकारात्मक मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने बताया कि कुशीनगर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैश्विक स्तर पर शांति, सहअस्तित्व और आपसी समझ को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है।'

    अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का शुभारंभ

    कुशीनगर के महापरिनिर्वाण मंदिर में 31 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके बाद 'बुद्धा लाइफ गैलरी' का उद्घाटन किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इस अवसर पर कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अतिथियों का स्वागत किया। आरआईएस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज वशिष्ठ ने 'बौद्ध दर्शन' की आज के दौर में प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। सम्मेलन में 'बुद्धाज कुशीनगर' विषय पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। वहीं, स्थानीय विधायक और सांसद ने भी सम्मेलन की अहमियत को रेखांकित करते हुए अपने विचार साझा किए।

    'धम्म, संवाद और विकास' पर प्रतियोगिता  

    औपचारिक उद्घाटन समारोह के बाद शांति उपवन में 'धम्म, संवाद और विकास' विषय पर छात्र चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। बच्चों ने कलाकृतियों के माध्यम से बौद्ध शिक्षा एवं मूल्यों को सृजनात्मक ढंग से अभिव्यक्त किया।

    'भिक्षुओं के दृष्टिकोण से बौद्ध धर्म' पर विमर्श 

    उद्घाटन सत्र के पश्चात सम्मेलन के शैक्षणिक सत्रों का शुभारंभ हुआ। प्रथम सत्र 'भिक्षुओं के दृष्टिकोण से बौद्ध धर्म' विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें बौद्ध दर्शन के व्यावहारिक एवं आध्यात्मिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद 'बौद्ध-जैन समागम' विषय पर आयोजित सत्र में दोनों धर्मों की समानताओं, ऐतिहासिक संबंधों एवं समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा हुई। सम्मेलन के तीसरे सत्र में उस वक्त माहौल खास हो गया, जब उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने मुख्य वक्तव्य दिया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रदेश के समृद्ध बौद्ध स्थलों, पर्यटन आकर्षणों, पारंपरिक कला-शिल्प और सांस्कृतिक विरासत की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत की।

    द० कोरिया, लाओस, जापान के प्रतिनिधियों ने रखे विचार 

    अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन के पहले दिन 'बौद्ध धर्म : धम्म, संवाद और विकास' विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में दक्षिण कोरिया, लाओस, जापान और भारत के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में बौद्ध मूल्यों की उपयोगिता और समावेशी समाज के निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

    दूसरे दिन आयोजित होंगे विभिन्न सत्र

    अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन आगामी दो दिनों तक विभिन्न विचार-विमर्श और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ेगा। दूसरे दिन (01 अप्रैल), 'विकसित कुशीनगर 2047: आगे की राह', 'कुशीनगर: फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री हब की संभावनाएं' तथा 'निवेश के अवसर एवं इन्वेस्ट यूपी व राज्य नीतियों की भूमिका' जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात द्वारा किए जाने की संभावना है। दूसरे दिन छात्र वाद-विवाद प्रतियोगिता, पर्यटन शिक्षा पर अकादमिक सत्र तथा 'कुशीनगर एक पवित्र स्थल के रूप में : महापरिनिर्वाण हेरिटेज कॉरिडोर का मानचित्र' विषय पर पैनल चर्चा भी आयोजित होगी। साथ ही, प्रसिद्ध गायक रितेश पांडेय की प्रस्तुति के साथ भोजपुरी नाइट कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

    'युद्ध के समय में बुद्ध की प्रासंगिकता..'

    सम्मेलन के तीसरे दिन (02 अप्रैल) 'बौद्ध धर्म: अंतरराज्यीय समन्वय', 'कुशीनगर के लिए पांच वर्षीय धम्म आधारित विजन : 2030 तक की रूपरेखा' तथा 'युद्ध के समय में बुद्ध की प्रासंगिकता : विश्व को आत्ममंथन की आवश्यकता' जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त विश्व शांति के संदेश के रूप में कैंडल (उड़ते दीप) उड़ाने तथा कैंडल अर्पण के साथ शांति मार्च निकाला जाएगा। कार्यक्रम का समापन पद्मश्री गायक कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ होगा।

    'बोधि यात्रा' का प्रमुख केंद्र बन रहा यूपी- अपर मुख्य सचिव  
     
    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर तेजी से अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े छह प्रमुख स्थल- कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती, संकिसा, कपिलवस्तु और कौशांबी, इसी प्रदेश में स्थित हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालु अपनी 'बोधि यात्रा' की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करना पसंद कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के 12 पर्यटन सर्किटों में बौद्ध सर्किट एक अहम केंद्र के रूप में उभरा है। प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'

    कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुति 

    भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन के पहले दिन का समापन विभिन्न सत्रों, विमर्श और परिचर्चा के साथ हुआ। इस अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध गायक द्वय अमलेश शुक्ला एवं अमित अंजन ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से समां बांधा। उनके गीतों में आयोजन की आध्यात्मिक भावना की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली। अन्य कलाकारों ने भी रंगारंग प्रस्तुति से आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।

  • अब समय पर मिलेगा न्याय, 3 साल पुराने मुकदमों को निपटाने का अल्टीमेटम, लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज

    अब समय पर मिलेगा न्याय, 3 साल पुराने मुकदमों को निपटाने का अल्टीमेटम, लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज

    जयपुर
    राजस्थान सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए नए वित्तीय वर्ष से विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य वर्षों से लंबित विवादों को तेजी से निपटाना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्यभर के राजस्व अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत तहसील से लेकर जिला और संभाग स्तर तक न्यायिक कार्यवाही को सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।

    निर्देशों के अनुसार सभी राजस्व न्यायालयों में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से चार घंटे की नियमित सुनवाई करनी होगी। साथ ही तीन साल से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस की समय पर तामील सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर अखबारों में प्रकाशन का सहारा लेने को भी कहा गया है।

    उपखंड अधिकारियों और सहायक कलेक्टरों को 1 अप्रैल 2026 तक के 100 सबसे पुराने लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें चालू वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मासिक प्रगति समीक्षा भी अनिवार्य होगी। सरकार ने यह भी माना है कि नोटिस में देरी, रिकॉर्ड की अनुपलब्धता और प्रक्रियागत खामियां लंबित मामलों का मुख्य कारण हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए निस्तारण प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जाएगी।

    संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को नियमित निरीक्षण करने तथा प्रगति में सुधार की रिपोर्ट राजस्व मंडल को भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं पुराने मामलों में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। मुख्य सचिव ने इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि लंबित मामलों में कमी आए और आमजन को समय पर न्याय मिल सके।

    राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति
    राजस्थान के करीब 1700 से अधिक राजस्व न्यायालयों में 10 लाख लाख से ज्यादा मामले रजिस्टर्ड हैं
    करीब साढ़े 7 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं। इनमें  सबसे ज्यादा पेंडेंसी 5 लाख 77 हजार से ज्यादा एसडीओ कोर्ट में तथा इसके बाइद रेवेन्यू बोर्ड में दूसरे नंबर पर सर्वाधिक सवा लाख मामले पेंडिंग हैं। पेंडेंसी में 83 प्रतिशत(लगभग 4 लाख मामले) मामले 1 साल से अधिक पुराने एवं 10 प्रतिशत मामले करीब एक साल पुराने
    इनमें मुख्य रूप से नामांतरण (दाखिल – ख़ारिज ), जमीन पर मालिकाना हक की घोषणा से सम्बंधित मुक़दमे व बटवारा के वाद से जुड़े मुकदमें शामिल हैं।

    पेंडेंसी का मुख्य कारण
    -न्यायिक अधिकारियों की कमी और नियमित रूप से न्यायालय में न बैठना।
    – तकनीकी संसाधनों की कमी और प्रक्रियागत जटिलताएं।
    – अधिकारियों का स्थानांतरण होने से मामलों की सुनवाई में देरी।

    सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए ऑनलाइन केस मैनेजमेंट सिस्टम और नियमित मासिक समीक्षा के निर्देश दिए हैं ताकि पेंडेंसी कम हो सके।

     

  • मुजफ्फरपुर से संकेत: 10 अप्रैल के बाद नई सरकार का रास्ता साफ

    मुजफ्फरपुर से संकेत: 10 अप्रैल के बाद नई सरकार का रास्ता साफ

    मुजफ्फरपुर.

    दस अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा। कुढ़नी के चढ़ुआ में मंगलवार को केंद्रीकृत रसोईघर का शुभारंभ करने आए राज्य के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में विकास की रफ्तार लगातार जारी रहेगी। चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे जनता के सहयोग से पूरा किया जाएगा।

    मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके माता-पिता के शासनकाल में करीब 20 वर्षो तक विकास के बजाय लौंडा नाच और जंगलराज का दौर चला। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य में विकास कार्य ठप थे और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी खराब थी। अब जब बिहार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, तो विपक्ष को यह रास नहीं आ रहा है। मंत्री ने कहा कि केंद्रीकृत रसोईघर मध्याह्न भोजन योजना को सुदृढ़ बनाएगी। इससे बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

    251 विद्यालयों के लिए एक ही स्थान पर भोजन
    पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत प्रखंड के 251 विद्यालयों के लिए एक ही स्थान पर भोजन तैयार किया जाएगा और उसे निर्धारित समय पर सभी स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। यह सेवा एक अप्रैल से शुरू होगी। करीब 40 हजार बच्चों के लिए यहां भोजन तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, विधायक केदार प्रसाद गुप्ता, विधायक बेबी कुमारी, विधान पार्षद संजय सिंह, जदयू अध्यक्ष अनुपम कुमार, जिप अध्यक्ष रीना पासवान, जदयू नेता शिशिर कुमार नीरज, शंकर कुशवाहा, शिवशंकर यादव, श्यामनंदन यादव, बबलू कुशवाहा, उमाकांत यादव, रामबाबू कुशवाहा, पप्पू सिंह, बबन सिंह, उषा सिंह, राजाबाबू, प्रखंड अध्यक्ष सुमन सौरभ, अबोध साह, अली इरफान, एसडीपीओ पश्चिमी टू एसी ज्ञानी आदि मौजूद थे।

  • महेंद्रगढ़ के हट्टा बाजार में किन्नर समुदायों के बीच टकराव, जबरन वसूली के खिलाफ सामाजिक संस्थाओं ने सौंपा ज्ञापन

    महेंद्रगढ़ के हट्टा बाजार में किन्नर समुदायों के बीच टकराव, जबरन वसूली के खिलाफ सामाजिक संस्थाओं ने सौंपा ज्ञापन

    महेंद्रगढ़
    हरियाणा में महेंद्रगढ़ के हट्टा बाजार में बधाई मांगने को लेकर किन्नर समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए. कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए. इस दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ भी कर दी गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

    हरियाणा में महेंद्रगढ़ शहर के 11 हट्टा बाजार में दादरी और नारनौल के मंगलामुखी किन्नर गुटों में हिंसक झड़प हो गई. इस विवाद में दादरी से आए 3 किन्नरों को चोटें आई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. लोगों का कहना है कि दादरी से मंगलामुखी किन्नर महेंद्रगढ़ शहर पहुंचे थे.

    इसकी खबर नारनौल के मंगलामुखी किन्नर समाज को मिली. इसके बाद नारनौल के किन्नर भी मौके पर आ गए. दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई. झड़प के दौरान दादरी नंबर की एक गाड़ी और नारनौल नंबर की दूसरी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए.

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया. बाद में दोनों पक्ष शहर पुलिस थाने पहुंचे. शहरवासियों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच यह विवाद क्षेत्र में बधाई के अधिकार को लेकर है.

    दादरी क्षेत्र से एक नया गुट महेंद्रगढ़ में सक्रिय हो गया है और इलाके पर अपना अधिकार जता रहा है, जिसका स्थानीय गुट विरोध कर रहा है.

    लोगों ने लगाए जबरन वसूली के आरोप
    शहरवासियों का कहना है कि कुछ किन्नर समूह अब लोगों से जबरदस्ती पैसे वसूल रहे हैं, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है. उनका कहना है कि पहले किन्नर परंपरागत रूप से मांगलिक अवसरों पर आशीर्वाद देते थे और स्वेच्छा से मिलने वाली भेंट से अपना जीवन यापन करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है.

    इस मामले को लेकर शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में दादरी से आए गुट की गतिविधियों पर रोक लगाने तथा जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. संगठनों ने प्रशासन से शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को राहत दिलाने की अपील की है.

  • 3200 करोड़ की लागत से बन रहा ग्रीन एक्सप्रेसवे, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच बेहतर होगी कनेक्टिविटी

    3200 करोड़ की लागत से बन रहा ग्रीन एक्सप्रेसवे, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच बेहतर होगी कनेक्टिविटी

    फरीदाबाद
    फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए फिलहाल यात्रियों को लंबा और समय लेने वाला सफर तय करना पड़ रहा है. ग्रीन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी भले ही 35 मिनट में सिमट जाएगी, लेकिन अभी इसके पूरा होने में करीब एक साल बाकी है.

    ग्रीन एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद आसान होगा रास्ता
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण शुरू हो चुका है, लेकिन फरीदाबाद के लोगों के लिए वहां तक पहुंचना अभी भी आसान नहीं है. बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सेक्टर-65 से एयरपोर्ट तक ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण जारी है, जिसे पूरा होने में अभी करीब एक साल का समय लगेगा.

    करीब 31 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन एक्सप्रेसवे का 24 किमी हिस्सा फरीदाबाद और 7 किमी हिस्सा ग्रेटर नोएडा में आता है. जून 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा अभी बाकी है. शुरुआत में इसकी लागत 1600 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन हरियाणा सरकार की आपत्ति के बाद 11 किमी हिस्से को एलिवेटेड बनाने का फैसला लिया गया. दरअसल, एक्सप्रेसवे के कारण नए सेक्टर दो हिस्सों में बंटने का खतरा था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया. इसके बाद परियोजना की लागत बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गई.

    फिलहाल फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए तीन मुख्य रास्ते हैं. पहला, यमुना पर बने पुराने पुल का रास्ता, जहां गांवों की संकरी गलियों से गुजरते हुए करीब 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है और लगभग 2 घंटे लगते हैं. दूसरा रास्ता कालिंदी कुंज के जरिए है, जहां दूरी करीब 85 किमी हो जाती है और कैब का किराया 1250 से 1400 रुपये तक आता है. तीसरा विकल्प पलवल का है, जहां करीब 70 किमी की दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे लगते हैं और कैब का किराया करीब 1300 रुपये है.

    अभी तक हरियाणा रोडवेज की ओर से फरीदाबाद से एयरपोर्ट के लिए कोई सीधी बस सेवा शुरू नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि फरीदाबाद से अलीगढ़ के लिए कुछ बसें संचालित होती हैं.

    ग्रीन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से एयरपोर्ट की दूरी महज 35 मिनट में तय की जा सकेगी. तब तक के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा फरीदाबाद के यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प बना हुआ है, जहां करीब 42 किमी की दूरी डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकती है.

  • अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट का समय हुआ बदल, आज से लागू होंगी नई टाइमिंग्स

    अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट का समय हुआ बदल, आज से लागू होंगी नई टाइमिंग्स

    अटारी
    अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

    नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था।

    यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है।

    हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा
    हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों का ट्रांसफर, राजस्थान में 25 जिलों के कलेक्टर में बदलाव

    टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों का ट्रांसफर, राजस्थान में 25 जिलों के कलेक्टर में बदलाव

    जयपुर

    राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है. सूबे की सरकार ने एक साथ 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है. राज्य के 25 कलेक्टर बदले गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव को छोड़कर करीब सभी अधिकारियों को बदल दिया गया है. इसे सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। 

    आईएएस टीना डाबी का बाड़मेर से सचिन पायलट के इलाके टोंक में कलेक्टर पद पर तबादला हुआ है. टीना की बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बनाया गया है। 

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर एक साथ तबादले कम ही देखने को मिलते हैं। 

    जयपुर में संदेश नायक को कलेक्टर बनाया गया है, जबकि टोंक की जिम्मेदारी टीना डाबी को सौंपी गई है. उदयपुर में गौरव अग्रवाल और बीकानेर में निशांत जैन को तैनात किया गया है. करौली में अक्षय गोदारा और जोधपुर में आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गई है। 

    जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, बाड़मेर में चिनमयी गोपाल, प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी और सीकर में आशीष मोदी को कलेक्टर बनाया गया है. फलौदी में अंकित कुमार सिंह और बारां में बाल मुकुंद असावा को पोस्टिंग मिली है। 

    श्रीगंगानगर में अमित यादव, चित्तौड़गढ़ में मंजू, पाली में रविन्द्र गोस्वामी और सिरोही में रोहिताश्व सिंह तोमर को नियुक्त किया गया है. बूंदी में हरफूल सिंह यादव, डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा और नागौर में देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। 

    दौसा में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश, सलूंबर में मुहम्मद जुनैद पीपी, डूंगरपुर में देशल दान और डीग में मयंक मनीष को कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, करौली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

  • गेहूं खरीद आज से शुरू, पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल, सरकार ने कमीशन बढ़ोतरी के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था की

    गेहूं खरीद आज से शुरू, पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल, सरकार ने कमीशन बढ़ोतरी के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था की

    अमृतसर 

    पंजाब में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है लेकिन आढ़तियों की हड़ताल से सीजन पर संकट गहरा गया है। केंद्र ने राज्य को 122 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है जबकि पंजाब सरकार ने 132 लाख मीट्रिक टन खरीद की तैयारी की है। 

    खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आढ़तियों की कमीशन बढ़ाने का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया था जिसके बाद 4.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आढ़तियों से हड़ताल खत्म कर खरीद में शामिल होने की अपील की ताकि किसानों को परेशानी न हो।

    मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है ताकि खरीद प्रभावित न हो। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर बॉर्डर जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है ताकि दूसरे राज्यों से गेहूं लाकर बेचने पर रोक लगाई जा सके।

    राज्य में 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अस्थायी यार्ड बनाए गए हैं। एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है और केंद्र से 30973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा मिल चुकी है। वहीं आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि 2.50 प्रतिशत कमीशन मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी। 

    बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल माह के लिए 20,973 करोड़ की सीसीएल जारी की है। दूसरे राज्यों से अनाज लाकर पंजाब में एमएसपी पर बेचने के मामले में विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आम तौर पर गेहूं के सीजन में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मुख्य समस्या धान के सीजन में आती है।

  • दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी और बारिश का असर: अभी और सताएगा बदलता मौसम

    दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी और बारिश का असर: अभी और सताएगा बदलता मौसम

     दिल्ली

    दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों जैसे नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ पड़ी इन बौछारों ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई, जिससे पूरे क्षेत्र का मौसम काफी सुहावना और खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए गरज चमक और तेज हवा के साथ बारिश या बौछारें पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया है।

    फरीदाबाद में आंधी बारिश

    फरीदाबाद में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से तेज धूप और गर्मी के बीच दोपहर करीब तीन बजे मौसम का मिजाज बदल गया। देखते ही देखते काले बादलों ने पूरे शहर को घेर लिया और तेज धूल भरी आंधी चलने लगी। आंधी चलने के कुछ देर बाद बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। इससे तेज गर्मी से राहत मिली। आंधी और बूंदबांदी शुरू होने के साथ कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।

    तेज हवा के साथ बारिश का येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान दिल्ली के साथ ही एनसीआर के कई हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं चलेंगी। हवा की स्पीड 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। आंधी के दौरान हवा की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

    पहली और 2 अप्रैल को नहीं होगी बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग ने पहली और दो अप्रैल को बारिश नहीं होने का अनुमान व्यक्त किया है लेकिन इसके बाद एकबार फिर मौसम करवट लेगा। हालांकि मौसम बदलने से पहले पहली और दो अप्रैल को तापमान में बढ़ोतरी देखी जाएगी।

    3-4 अप्रैल को फिर मौसम लेगा करवट, आंधी-बारिश

    दिल्ली में पहली अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री, दो अप्रैल को 35-37 डिग्री और 3 अप्रैल को इसके 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि तीन और 4 अप्रैल को दिल्ली एनसीआर में आंधी बारिश वाला मौसम एकबार फिर देखने को मिलेगा। दोनों ही दिन बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय दिल्ली एनसीआर में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश देखी जा सकती है।

    कम होगा तापमान

    मौसम विभाग के अनुसार, दोनों ही दिन दिल्ली एनसीआर में मौसम खराब रहने के दौरान हवा की स्पीड 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक देखी जा सकती है। कभी-कभी हवा की स्पीड 40 किमी प्रति घंंटा तक पहुंच सकती है। बारिश से 4 और 5 अप्रैल को अधिकतम तापमान कम होकर 31 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 6 अप्रैल को इसके 30 से 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।