Category: राज्य

  • ई-रिक्शा किराया बढ़ोतरी की तैयारी, दिल्ली में 20 रुपये बेस फेयर तय होने की संभावना

    ई-रिक्शा किराया बढ़ोतरी की तैयारी, दिल्ली में 20 रुपये बेस फेयर तय होने की संभावना

    नई दिल्ली

    राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फेडरेशन ने बढ़ती महंगाई और लंबे समय से किराए में कोई बदलाव न होने का हवाला देते हुए न्यूनतम किराया 20 रुपये करने का फैसला लिया है। नई दरें अगले महीने से लागू होने की संभावना है।

    फेडरेशन के चेयरमैन अनुज शर्मा ने बताया कि दिल्ली में ई-रिक्शा वर्ष 2010 से चल रहे हैं, लेकिन तब से अब तक इनके किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वहीं, इसी अवधि में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के किराए दो बार बढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, बैटरी, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों में इजाफे के कारण किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है, ताकि ड्राइवरों की आय प्रभावित न हो।

    रिक्शा ड्राइवरों और मैन्युफैक्चरर्स की बैठक में फैसला
    यह फैसला बुधवार को ई-रिक्शा ड्राइवरों, डीलरों और मैन्युफैक्चरर्स की संयुक्त बैठक में लिया गया, जिसमें दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह भी मौजूद थे। बैठक में किराया बढ़ाने के साथ-साथ सेक्टर से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

    कुल 2 लाख ई-रिक्शा चल रहे
    वर्तमान में दिल्ली में 2 लाख से अधिक ई-रिक्शा आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं, जबकि करीब 1.5 लाख बिना रजिस्ट्रेशन के भी सड़कों पर चल रहे हैं। ये ई-रिक्शा खासकर मेट्रो स्टेशनों और रिहायशी इलाकों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी का अहम साधन बने हुए हैं। अभी अधिकांश जगहों पर पहले दो किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद हर किलोमीटर के लिए 5 रुपये किराया लिया जाता है।

    2022 का सर्कुलर लिया वापस
    इस बीच, दिल्ली सरकार ने 2022 के उस सर्कुलर को वापस लेने का भी फैसला किया है, जिसमें कंपनियों को अपने नाम पर कई ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्ट रजिस्टर कराने की अनुमति दी गई थी। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कुछ कंपनियों के हाथों में मालिकाना हक के केंद्रीकरण को रोकना और आर्थिक रूप से

    कमजोर वर्ग के लोगों के शोषण को कम करना है।
    उन्होंने कहा कि इस फैसले से मालिक-ड्राइवर को अधिक अवसर मिलेंगे, आत्मनिर्भर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ई-रिक्शा सेक्टर में एकाधिकार की संभावना भी कम होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लास्ट माइल कनेक्टिविटी का ढांचा भी मजबूत होगा।

  • अंबाला में बना देसी इनोवेशन, 624cc इंजन वाली ‘यमदूत’ बग्गी बनी चर्चा का विषय

    अंबाला में बना देसी इनोवेशन, 624cc इंजन वाली ‘यमदूत’ बग्गी बनी चर्चा का विषय

    अंबाला

    अक्सर कहा जाता है कि यदि इंसान ठान ले तो सीमित संसाधनों से भी बड़े काम किए जा सकते हैं. दरअसल जुगाड़, हुनर और जज़्बा, जब ये तीनों एक साथ मिलते हैं, तो साधारण संसाधन भी असाधारण नतीजे दे जाते हैं. बता दें कि, इस कहावत को सच कर दिखाया है राजकीय पॉलिटेक्निक, अंबाला के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के छात्रों ने, जिन्होंने कबाड़ यानी वेस्ट मटेरियल से एक अनोखी छोटी गाड़ी (बग्गी) तैयार कर सबको चौंका दिया है. वहीं छात्रों ने अपनी इस अनूठी रचना का नाम “यमदूद” रखा है, जो इन दिनों काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है. वही इस बग्गी को तैयार करने में लोहे के पाइप और पुराने वाहनों के अनुपयोगी पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरी गाड़ी को बनाने में छात्रों का केवल लगभग 80 हजार रुपये का खर्चा आया हैं. हालांकि, इस बग्गी में उपयुक्त अधिकांश सामग्री पहले से उपलब्ध कबाड़ से ली गई, जिससे लागत बेहद कम रही है ओर छोटी गाड़ी का एक अच्छा मॉडल तैयार हुआ हैं. इस बग्गी की खासियत सिर्फ इसकी कम लागत ही नहीं हैं, बल्कि इसमें दिए गए आधुनिक सेफ्टी फीचर्स ओर मनोरंजन के स्पीकर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं.

    गाड़ी को तैयार करने में 80 हजार रुपए का आया खर्चा
    वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए छात्र नैतिक ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई, यह गाड़ी टूटी सड़कों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि यह ऑफ रोड पर काफी आराम से चलती हैं. उन्होंने कहा कि इसका डिजाइन भी इस तरह से तैयार हुआ है कि इसका वेट काफी कम है और दूसरी गाड़ियों के मुकाबले इसका इंजन गाड़ी के आखरी में रखा गया है. ताकि यह सही ढंग से चल सके और खेतों में दूसरी गाड़ियों के मुकाबले बिल्कुल कंफर्टेबल तरीके से कार्य करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी को तैयार करने में उनका लगभग 80 हजार रुपए का खर्चा आया है, ओर सभी साथियों ने मिलकर यह अपने खर्चे पर गाड़ी (बग्गी) तैयार की हैं. उन्होंने कहा कि इस बग्गी को बनाने में पांच लोगों को दो महीने का समय लगा है ओर इसके इंजन के ऊपर एक बड़ा फेन, पंखा लगाया है ताकि वह ठंडा रह सके. उन्होंने बताया कि यह गाड़ी पेट्रोल से चलती है और लगभग 1 लीटर पेट्रोल में 20 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है, जो इसे किफायती भी बनाता है. उन्होंने बताया वेस्ट पाइप और प्लास्टिक के साथ-साथ गाड़ी के पार्ट्स की मदद से यह बग्गी तैयार हुई है, और इसमें सेफ्टी के लिए लाइटिंग व मनोरंजन के लिए म्यूजिक सिस्टम लगाया हैं.

    वहीं छात्र तुषार ने बताया कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग फील्ड में उन्हें गाड़ी के इंजन के बारे में पढ़ाया गया था, जिसके बाद उनके मन में विचार आया कि क्यूं न वह वेस्ट मटेरियल से एक गाड़ी तैयार करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फिर 624 सीसी का इंजन फिट किया गया था और अब वह इस गाड़ी को काफी आसानी से चला पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस गाड़ी में आगे दो लोग बैठ सकते हैं और पीछे तीन लोगों के खड़े होने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फीचर दूसरे गाड़ियों के मुकाबले काफी ज्यादा बदले गए हैं और इसमें टेक्निकल चेंज करके बग्गी के मॉडल को तैयार किया हैं. उन्होंने कहा कि जल्द वह इस गाड़ी को मार्केट में उतारेंगे और फिर यह ग्रामीण क्षेत्र में काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी.

  • कपास संकट गहराया: कीट हमले से परेशान किसान, बाजरा-ग्वार की खेती बनी नई उम्मीद

    कपास संकट गहराया: कीट हमले से परेशान किसान, बाजरा-ग्वार की खेती बनी नई उम्मीद

    ढिगावा मंडी.

    हरियाणा में कपास की खेती करने में किसान रूचि नहीं दिखा रहे हैं। मार्केट में अच्छा भाव मिलने के बावजूद भी किसानों का कपास से मोह भंग हो चुका है। मार्केट में नरमा कपास इस समय आठ से 10 हजार रुपये क्विंटल बिक रही है। इसके बावजूद किसान कपास की फसल की बिजाई करने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे। जिसके कारण पिछले साल से 60 से 65 प्रतिशत तक कपास का रकबा घट सकता है।

    कपास की फसल से किसानों का मोह भंग होने का कारण गुलाबी सुंडी है। गुलाबी सुंडी ने पिछले साल कपास की फसल में कहर ढाया था। जिसके कारण किसानों ने समय से पहले कपास की फसल काटकर अगली फसल की बिजाई कर दी थी। सरकार और कृषि विभाग को भी पहले से ही इस बार कपास का रकबा घटने का अंदेशा था। जिसके चलते गुलाबी सुंडी पर नियंत्रण पाने के लिए खरीफ सीजन से पहले ही प्रयास शुरू कर दिए गए थे।

    अधिकारियों ने किया था किसानों से संपर्क
    कृषि विभाग के अधिकारियों ने काटन मिल में जाकर निरीक्षण किया और वहां रखे बिनौले को ढक कर रखने के आदेश दिए थे, ताकि बिनौले से निकल कर गुलाबी सुंडी का फैलाव ना हो। वहीं खेतों में रखे कपास के फसल अवशेष (लकड़ी) भी उठाने या नष्ट करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से संपर्क किया। ताकि फसल अवशेष में अगर गुलाबी सुंडी है, तो वो भी नष्ट हो जाए और कपास की अगली फसल में जाए। लेकिन कृषि विभाग के प्रयासों के बावजूद कपास की फसल की बिजाई करने में किसान कम रुचि ले रहे हैं।

    पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी
    भिवानी जिले का लोहारू, बहल क्षेत्र कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहां के किसान बाजरा, ग्वार, मूंग की फसलों का रुख कर रहे हैं। दैनिक जागरण टीम ने किसानों से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि भूजल स्तर तेजी से गिरना, समर्थन मूल्य पर अनिश्चितता, गुलाबी सुंडी व सफेद मक्खी का प्रकोप किसानों ने कपास की खेती छोड़ने का प्रमुख कारण बताया।

    बता दें की भिवानी जिले में पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी। 15 मई तक कपास की बिजाई के लिए अनुकूल समय माना जाता है, लेकिन अभी तक नाममात्र एकड़ पर ही कपास की बिजाई हो पाई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आठ से 10 हजार एकड़ में और कपास की बिजाई हो सकती है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले पांच दिन मौसम कपास फसल बिजाई के लिए अनुकूल है। क्योंकि वर्षा से तेजी से बढ़ रहे तापमान में गिरावट आई है।

  • राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, कार में आग लगने से एक परिवार के पांच लोग मरे

    राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, कार में आग लगने से एक परिवार के पांच लोग मरे

    अलवर 
     राजस्थान के अलवर में कार में आलग लगने से एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा गए। यह घटना बुधवार रात अलवर जिले में लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई। बताया जा रहा है कि यह आग सीएनजी लीक होने की वजह से लगी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव के रहने वाले थे। यह परिवार वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करके घर लौट रहा था और उन्होंने इस यात्रा के लिए एक टैक्सी किराए पर ली थी। जब गाड़ी मौजपुर पहुंची, तो अचानक सीएनजी गैस लीक होने की खबर मिली, जिससे तुरंत आग लग गई और पूरी कार लपटों की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। इस भयानक घटना में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक छोटी बच्ची जिंदा जल गए। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शव जलकर राख हो गए।

    गाड़ी का ड्राइवर बड़ी मुश्किल से बच निकला, लेकिन उसे गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं। उसे पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका अभी इलाज चल रहा है।

    सूचना मिलते ही, लक्ष्मणगढ़ पुलिस दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। आग बुझाने वाली एक गाड़ी तैनात की गई और आग पर काबू पाने की कोशिशें की गईं। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक पांचों यात्री आग की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके थे।

    लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना प्रभारी नेकी राम ने पुष्टि की कि गाड़ी सीएनजी और पेट्रोल दोनों पर चल रही थी और आग लगने का कारण गैस लीक होना माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएनजी से लगी आग की तीव्रता बहुत ज्यादा होती है। आग से शव पूरी तरह से नष्ट हुए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।

    पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए जांच करने के लिए मौके पर एक मेडिकल टीम बुलाई गई। परिवार के सदस्यों को इस घटना के बारे में सूचित कर दिया गया।पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी भी देर रात स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।

  • बिहार पुलिस पर सवाल: समय पर चार्जशीट नहीं, कुख्यात अपराधियों को मिली राहत

    बिहार पुलिस पर सवाल: समय पर चार्जशीट नहीं, कुख्यात अपराधियों को मिली राहत

    पटना

    बिहार में आपराधिक मामलों की जांच में गंभीर लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बीते तीन माह के भीतर राज्यभर में संगीन मामलों के 75 आरोपितों को सिर्फ इस वजह से जमानत मिल गई क्योंकि पुलिस तय समय सीमा के भीतर आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल नहीं कर सकी। चार्जशीट दाखिल करने में हुई देरी के कारण अदालतों ने इन आरोपितों को डिफॉल्ट बेल दे दी।

    चार्जशीट में देरी बनी राहत की वजह
    जांच में सामने आया है कि अधिकांश मामलों में अनुसंधानकर्ताओं ने समय पर केस डायरी और आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2)) के तहत यदि तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो अभियुक्त को डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल जाता है। इसी प्रावधान का लाभ उठाकर कई कुख्यात अपराधी जेल से बाहर आ गए।

    वैशाली के 12 अनुसंधानकर्ता चिन्हित
    राज्य स्तर पर समीक्षा के दौरान सामने आए 75 मामलों में वैशाली जिले के 12 मामले भी शामिल हैं, जहां अनुसंधानकर्ताओं की लापरवाही के कारण आरोपितों को राहत मिली। इनमें से 11 पुलिस अधिकारी अभी भी वैशाली जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित हैं, जबकि एक अधिकारी का तबादला सीतामढ़ी कर दिया गया है। इस संबंध में संबंधित एसपी को भी जानकारी भेज दी गई है और सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई वैशाली में ही चलाई जाएगी।

    लापरवाह अधिकारियों के जवाब असंतोषजनक
    मुख्यालय डीएसपी अबू जफर इमाम ने सभी मामलों की जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन अधिकांश ने वर्कलोड का हवाला देते हुए एक जैसा जवाब दिया, जिसे संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
     
    एसपी का बयान: 10 पर होगी कार्रवाई
    वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि मामले में सभी अनुसंधानकर्ताओं से जवाब मांगा गया था। इनमें से 2 अधिकारियों का जवाब संतोषजनक पाया गया, जबकि 10 के जवाब असंतोषजनक रहे। ऐसे में इन 10 अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने पुलिस जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे से इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को लेकर सख्ती बरती जाएगी।

     

  • आधार कार्ड में हेरफेर करने वाला साइबर गिरोह उजागर, लैपटॉप-बायोमेट्रिक मशीन बरामद

    आधार कार्ड में हेरफेर करने वाला साइबर गिरोह उजागर, लैपटॉप-बायोमेट्रिक मशीन बरामद

    भोजपुर

    भोजपुर में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के मामले में हुई कार्रवाई का तार अब दरभंगा से जुड़ गया है। बक्सर पुलिस ने बिरौल थाना के सहयोग से सीएसपी सेंटर चलाकर फर्जी आधार बनाने वाले आरोपी फूलहसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है।

    लैपटॉप, प्रिंटर और बायोमेट्रिक मशीन बरामद
    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट मशीन, स्कैनर सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा जन्मतिथि, नाम और पता बदलने से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार फूलहसन पूरे साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड है।

    बक्सर से मिली थी अहम जानकारी
    इससे पहले बक्सर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने फूलहसन का नाम बताया, जिसके बाद बक्सर पुलिस दरभंगा पहुंची और बिरौल थाना की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया।

    2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
    बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में बिरौल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी उमेश भारती के समय भी आरोपी के कोठी पुल स्थित सीएसपी सेंटर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने और जन्मतिथि में बदलाव की शिकायत मिली थी। उस समय कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था।
     
    अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर बनाते थे फर्जी आधार
    जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र के लॉगिन आईडी, ऑपरेटर आईडी और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट भी अवैध रूप से किया जाता था। इस काम के एवज में सीएसपी संचालक गरीब लोगों से 5,000 से लेकर 25,000 रुपये तक वसूलते थे। इस तरह यह गिरोह लंबे समय से लोगों को ठग रहा था।

    पुलिस की अपील और जांच जारी
    बिरौल के इंस्पेक्टर अमृत लाल वर्मन ने बताया कि बक्सर पुलिस के साथ मिलकर फूलहसन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आधार से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं।
    पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन परिवारों के भरोसे पर हमला है जो आधार कार्ड को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। फिलहाल जांच जारी है कि इस गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है और कहां से इस नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है।

     

  • सीएनजी कार में आग लगने से बड़ा हादसा, 5 की मौत, चालक गंभीर रूप से झुलसा

    सीएनजी कार में आग लगने से बड़ा हादसा, 5 की मौत, चालक गंभीर रूप से झुलसा

    अलवर

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत मौजपुर के चैनल नंबर 115/300 के पास चलती कार में सीएनजी लीकेज होने से लगी आग में एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जलकर राख हो गए. इस घटना में चालक भी बुरी तरह झुलस गया, जिसे जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज कराया गया है. यह घटना रात देर रात करीब 11 बजे हुई. सूचना पर मौके पर पहुंची लक्ष्मणगढ़ पुलिस और दमकल गाड़ी से आग पर काबू पाने की प्रयास किए गए. आग कि सूचना के बाद अलवर से पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी और डीएसपी कैलाश जिंदल मौके पर पहुंचे.

     वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार
    पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव निवासी एक परिवार वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस अपने घर लौट रहे थे. परिवार इस गाड़ी को किराए पर लेकर आया था, जैसे ही यह अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर में पहुंचे. वहां अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हो गया और रिसाव इतना तेज था कि तुरंत ही आग लग गई और आग के चलते गाड़ी में सवार सभी लोग जिंदा जल गए.

    घटना के समय सभी सो रहे थे
    आग का गोला बनने के बाद किसी भी सवार को बचाने का मौका नहीं दिया. बताया जा रहा है गाड़ी में सवार परिवार नींद में थे. अगर जगे हुए होते तो शायद चालक की तरह वो बाहर निकल पाते. श्योपुर निवासी चालक विनोद कुमार बड़ी मुश्किल से उसमें निकाल पाया. वो भी काफी जल गया. जिसे पुलिस द्वारा एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के लिए रेफर किया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है.

    रात 11 बजे हुआ हादसा
    लक्ष्मणगढ़ की थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया कि यह बीती रात करीब 11 बजे के आसपास हुई. टैक्सी पर यह परिवार गाड़ी लेकर आया था. ये श्योपुर के चैनपुर निवासी हैं. सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाली इस गाड़ी में गैस रिसाव के कारण यह आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि इसमें किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. इस हादसे में दो महिलाए, एक पुरुष और दो बच्ची जिंदा जलकर राख हो गए. उनके कंकाल भी नहीं बचे हैं.

    चालक गरीब 80 फ़ीसदी झुलस गया है, उसे पहले पिनान के अस्पताल ले लाया गया. जहां से हालत खराब होने पर उसे तुरंत जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया. मौके पर ही मेडिकल टीम को बुलाया गया है, जिससे डीएनए सैंपल ले लिया गया. उनकी पहचान की गई.

    DNA टेस्ट में शवों की होगी पहचान
    मृतकों में परिवार का मुखिया संतोष ( 35 साल) उसकी पत्नी शशि, सास पार्वती और पुत्री रागिनी पुत्री संतोष व साक्षी पुत्री संतोष के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि परिवार जनों को सूचना दे दी गई है. रात को ही दो दमकल मौके पर बुलाई गई थी. जिसे आग पर काबू पाया आग बुझाने से पहले ही चालक को छोड़कर सभी सवार आग की भेंट चढ़ गए. लक्ष्मणगढ़ सीएचसी के डॉक्टर अमित गुप्ता ने बताया कि डीएनए टेस्ट से मृतकों की पहचान होगी. शव पूरी तरह से राख़ बन चुके हैं. मेडिकल बोर्ड से परिजनों के आने के बाद उनके पोस्टमार्टम में आगे की प्रक्रिया की जाएगी.

  • द्वारका में दर्दनाक हादसा: गोल्फ कोर्स तालाब में एक साथ डूब गए 3 बच्चे

    द्वारका में दर्दनाक हादसा: गोल्फ कोर्स तालाब में एक साथ डूब गए 3 बच्चे

    नईदिल्ली 
    राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। द्वारका के सेक्‍टर 24 गोल्फ कोर्स डीडीए के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस मामले की सूचना दमकल को सुबह 7:07 बजे मिली। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है।

    8 से 10 साल के बीच थी बच्चो की उम्र
    पुलिस के अनुसार, द्वारका के सेक्टर 23 पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 7:07 बजे एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें गोल्फ कोर्स परिसर में स्थित एक तालाब में तीन बच्चों के डूबने की जानकारी दी गई थी। इसपर तुरंत कार्रवाई करते हुए, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अन्य आपातकालीन एजेंसियों को भी तत्काल सूचित किया गया।

    मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने तालाब में डूबे हुए 8 से 10 वर्ष की आयु के तीन बच्चों को पाया। दमकल कर्मियों की सहायता से तीनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

    तालाब में नहाने गए थे बच्चे
    प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बच्चे शाम को देर से चारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुए होंगे। उनके कपड़े तालाब के बाहर मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे वहां नहाने गए थे और गलती से डूब गए। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।

    बच्चों की पहचान में जुटी पुलिस
    बच्चों की पहचान का काम फिलहाल जारी है, और इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक उनके विवरण से मेल खाने वाली किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट हुए भारतीय दिल्ली पहुंचे, पंजाब सरकार ने वेरिफिकेशन के बाद पटियाला भेजने के लिए गाड़ियाँ भेजीं

    ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट हुए भारतीय दिल्ली पहुंचे, पंजाब सरकार ने वेरिफिकेशन के बाद पटियाला भेजने के लिए गाड़ियाँ भेजीं

    चंडीगढ़ 
    स्ट्रेलिया से 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है, उनमें एक महिला समेत 11 पंजाबी हैं। इन लोगों की फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गई है। वहीं, पंजाब सरकार की टीमें भी उन्हें लेने के लिए दिल्ली पहुंची है। उनके लिए वाहनों का इंतजाम किया गया है। 

    इन जिलों के रहने वाले हैं लोग
    मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जो लोग डिपोर्ट किए गए हैं, वह जांलधर, होशियारपुर, खन्ना, मोगा, नवांशहर, गढ़शंकर, तरनतारन, फिरोजपुर और रूपनगर के रहने वाले हैं। सीएम भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन लोगों ने आस्ट्रेलिया में जाकर वहां के नियम तोड़े हैं, जिस वजह से उन्हें डिपोर्ट किया गया है।

    इन लोगों की पहचान जसवंत सिंह (34 वर्ष), अंग्रेज सिंह (32 वर्ष), सतिंदरजीत सिंह शेरगिल (31 वर्ष), गुरप्रीत सिंह संधू (30 वर्ष), जगजीत सिंह (35 वर्ष), जसप्रत सिंह (35 वर्ष), निर्मल सिंह (38 वर्ष), श्रुति शर्मा (35 वर्ष), रणजी सिंह (35 वर्ष), हरप्रीत सिंह (41 वर्ष) और गगनदीप सिंह (25 वर्ष) शामिल हैं।

    पंजाब के 11 लोगों समेत कुल 15 भारतीय नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इनमें एक महिला भी शामिल है। यह कार्रवाई अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने या वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते की जा रही है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह आज उन्हें रिसीव करने नई दिल्ली जा रहे हैं। डिपोर्ट किए गए कुल 15 लोगों में पंजाब के 11, तेलंगाना के दो और हरियाणा-उत्तराखण्ड के एक एक लोग शामिल हैं। ये सभी आज रात दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।

    पहले अमेरिका से डिपोर्ट किए गए थे पंजाबी इससे पहले अमेरिका ने एक साल पहले नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट कर दिया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर अमृतसर में एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा था। इनमें पंजाब के 30, हरियाणा-गुजरात के 33-33 लोग शामिल थे। इनके कुछ परिवार और 8-10 साल के बच्चे भी शामिल थे।

    अमृतसर एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों का वैरिफिकेशन किया गया। यहां से इमिग्रेशन और कस्टम से क्लियरेंस के बाद पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। करीब साढ़े 3 घंटे बाद US एयरफोर्स विमान वापस लौट गया था।

  • पंजाब CM राष्ट्रपति से अकेले मिलेंगे, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर होगी बातचीत, विधायक लाने की परमिशन नहीं मिली

    पंजाब CM राष्ट्रपति से अकेले मिलेंगे, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर होगी बातचीत, विधायक लाने की परमिशन नहीं मिली

    चंडीगढ़ 
     राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ 5 मई की मुलाकात से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद जो होगा, उससे आगे की रणनीति तय की जाएगी। राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें पंजाब का गद्दार बताया था। इसके साथ ही, भगवंत मान ने दलबदल से जुड़े विषय को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था।

    खास बात है कि भगवंत मान ने राष्ट्रपति से अपने सारे विधायकों संग मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति ने सिर्फ भगवंत मान को अकेले मिलने का समय दिया है। अब भगवंत मान ने कहा है कि वह अपने सारे विधायकों के साथ दिल्ली राष्ट्रपति भवन जाएंगे।

    राष्ट्रपति ने भगवंत मान के अकेले मिलने का समय दिया
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    रुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने उन्हें 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा, 'पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। हालांकि, हमने सभी विधायकों के लिए समय मांगा था, लेकिन मुझे अकेले ही मिलने का निमंत्रण मिला है।'

    राष्ट्रपति से मिलने के बाद बनाएंगे रणनीति
    भगवंत मान ने कहा कि वह अपने साथी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन जाएंगे। उनके सारे विधायक बाहर इंतजार करेंगे और वह अकेले राष्ट्रपति से मिलने अंदर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं अंदर जाकर राष्ट्रपति के समक्ष सभी की ओर से पंजाब की आवाज और जनता का पक्ष मजबूती से रखूंगा। बैठक के बाद अगली रणनीति साझा की जाएगी। यह कीमती समय देने के लिए माननीय राष्ट्रपति का तहे दिल से धन्यवाद।

    राघव चड्ढा को लेकर भगवंत मान ने क्या कहा
    इससे पहले, सीएम मान ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं।

    राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं।

    इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है।

    कल विधायकों की जालंधर मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी पढ़िए… कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो।

    मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी।

    CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा।

    पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे।

    AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…

        कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।

        वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।

        विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।

        एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के बीच पहुंचकर जोश भरा और तालियां बजाते नजर आए।