Category: राज्य

  • VIP कल्चर से दूरी! ‘नो व्हीकल डे’ पर CM और सम्राट चौधरी ने दिखाई सादगी

    VIP कल्चर से दूरी! ‘नो व्हीकल डे’ पर CM और सम्राट चौधरी ने दिखाई सादगी

    पटना
     देश में पेट्रोलियम संकट और ईंधन बचत की बढ़ती जरूरत के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एक बड़ा संदेश दिया।मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास से पैदल ही सचिवालय पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाने का फैसला लेते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया।

    तेज धूप के बावजूद उनके साथ सचिव व अन्‍य अधिकारी भी पैदल ही निकले। रास्‍ते में मुख्‍यमंत्री ने लोगों का अभ‍िवादन भी स्‍वीकार किया। मुख्यमंत्री के इस कदम को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।इससे पहले भी उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी थी और इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल शुरू किया था।

    पहले ही कर चुके हैं अपील
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है।अब मुख्यमंत्री खुद उसी अपील पर अमल करते नजर आए। उनके पैदल सचिवालय पहुंचने की चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में होती रही।

    मंत्रियों पर भी दिख रहा असर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण संबंधी अपील का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई देने लगा है। कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है।कुछ मंत्री ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई जनप्रतिनिधि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।

    सरकार इसे जनभागीदारी के जरिए ऊर्जा संकट से निपटने की कोशिश के रूप में देख रही है।

  • भविष्य की तकनीक अब युवाओं के हाथों में, योगी सरकार लाई ‘AI For All’ पहल

    भविष्य की तकनीक अब युवाओं के हाथों में, योगी सरकार लाई ‘AI For All’ पहल

    योगी सरकार की ‘एआई फॉर ऑल’ पहल से प्रदेश के युवाओं को मिलेगा भविष्य की तकनीक का ज्ञान

    प्रदेशभर में मुफ्त एआई प्रशिक्षण अभियान तेज, हर नागरिक को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की तैयारी

    उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन चला रहा विशेष अभियान

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा ‘एआई फॉर ऑल’ पहल को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत हर नागरिक को निःशुल्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

    प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यह कार्यक्रम वैश्विक आईटी संस्था ओरेकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर में आयोजित वृहद रोजगार मेले के दौरान किया था। योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों तथा आम नागरिकों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है।

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज वैश्विक स्तर पर रोजगार, उद्योग और कार्य संस्कृति में बड़ा बदलाव ला रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से सक्षम बने और नई संभावनाओं का लाभ उठाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव, कस्बों और शहरों तक इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस निःशुल्क प्रशिक्षण से जुड़ सकें।

    उन्होंने कहा कि योगी सरकार का फोकस केवल पारंपरिक रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। यही कारण है कि कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश लगातार नई पहलें कर रहा है।

    कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एआई फॉर यू: ट्रेनिंग एंड असेसमेंट’ नामक कोर्स लगभग तीन घंटे की अवधि का है, जिसे पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाता है तथा सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जो उनके करियर विकास में सहायक होगा।

    उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘एआई फॉर ऑल’ टैब के माध्यम से सरल प्रक्रिया में निःशुल्क पंजीकरण कर घर बैठे प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

  • पंजाब में तेज रफ्तार का कहर! सवारियों से भरी बस पलटी, 20 से अधिक यात्री जख्मी

    पंजाब में तेज रफ्तार का कहर! सवारियों से भरी बस पलटी, 20 से अधिक यात्री जख्मी

     जीरकपुर 
    जीरकपुर। जीरकपुर के छत लाइट चौक के पास वीरवार रेट देर रात 3:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक निजी बस ट्रक की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

    हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में करीब 20 से 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं।

    ऐसा हुआ हादसा
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब छत लाइट चौक के पास पहुंची तो उसी दौरान जीरकपुर से पटियाला की ओर जा रहे एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए।

    दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू एक युवक के साथ सामने आया, जो बस पलटने के दौरान नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि युवक की बाजू बस के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से कट गई। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े।

    सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा के छह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

    हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बस सड़क के बीचों-बीच पलटी होने के कारण करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

    बाद में हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया गया और सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हादसे में बस के अलावा दो ट्रकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

     

  • गन्ना किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 3.21 लाख करोड़ का भुगतान

    गन्ना किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 3.21 लाख करोड़ का भुगतान

    उत्तर प्रदेश ने गन्ना किसानों को किया 3.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान 

    सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य है उत्तर प्रदेश, गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष पर

    प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्यों की दरों में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि भी की 

    प्रदेश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का आधार बना गन्ना विकास विभाग

    प्रदेश की चीनी मिलों में 1,28,500 टी.सी.डी. की अतिरिक्त पेराई क्षमता का हुआ सृजन, 9 वर्ष में लगभग 6,924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश हुआ

    ई-गन्ना ऐप एवं डिजिटल सेवाओं से 48 लाख गन्ना किसानों को घर बैठे सभी सुविधाएं हुईं सुलभ

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पहले दिन से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है। अपने पहले फैसले में किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी करने वाली योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों, पारदर्शी व तकनीक आधारित व्यवस्था ने गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,21,963 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराकर इतिहास रचा है। भुगतान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई। गन्ना एवं चीनी उद्योग अब प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। योगी सरकार किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

    9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया
    गन्ना किसानों को समय से भुगतान करने में योगी सरकार की नीति पूर्व की सरकारों पर भारी पड़ी। 2007 से 2012 में गन्ना किसानों को 52,131 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 2012 से 2017 में 95,215 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया। योगी सरकार की अभिनव पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है। 

    48 लाख गन्ना किसान परिवारों को दी आर्थिक मजबूती 
    योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त हुआ है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। समय से भुगतान होने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विकास विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

    उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत 
    यूपी के गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2025-26 में 29.51 लाख हेक्टेयर में गन्ना की खेती की गई। योगी सरकार के प्रयास से उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी गन्ना उत्पादक राज्य बना है। उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। उप्र राज्य चीनी निगम की 3, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ की 23 व निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलों द्वारा 877.93 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया है। पिछले पेराई सत्र में औसत चीनी परता उत्तर प्रदेश का 10.21 प्रतिशत रहा, जबकि महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत है। 

    10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित 
    प्रदेश में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार, नई चीनी मिलों की स्थापना तथा मिलों की पेराई क्षमता में 1,28,500 टी.सी.डी. वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मिलों के आधुनिकीकरण व औद्योगिक पुनरुद्धार से 10 लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। विगत 9 वर्ष से लगभग 6924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश किया गया है। एथेनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 188 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है। 

    गन्ना किसानों की समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री 1800-121-3203 एक्टिव
    गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। ई-गन्ना ऐप, ऑनलाइन सर्वे, पारदर्शी पर्ची वितरण एवं शिकायत निवारण प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को बड़ी राहत व सुविधा प्रदान की है। आज लाखों किसान मोबाइल के माध्यम से घर बैठे गन्ना संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर टोल-फ्री कॉल सेन्टर नम्बर 1800-121-3203 की स्थापना की गयी है, जो 24 घण्टे संचालित है।

  • ‘मेट्रो डे’ से बदलेगी शहर की रफ्तार, पीएम के संदेश के बाद सरकार ने उठाए बड़े कदम

    ‘मेट्रो डे’ से बदलेगी शहर की रफ्तार, पीएम के संदेश के बाद सरकार ने उठाए बड़े कदम

    नई दिल्ली

    दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील को लागू करने का फैसला किया है. इसमें रेखा सरकार के आदेश के अनुसार, स्कूल-कॉलेज को ऑनलाइन जारी करने का आदेश दिया गया है. दरअसल, रेखा गुप्ता सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पेट्रोल-डीजल की बेतहाशा खपत और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ नाम के एक अभियान का घोषणा किया है. इस अभियान में कई बड़े और चौंकाने वाले प्रशासनिक बदलावों की घोषणा की गई है. इन फैसलों का सीधा असर दिल्ली की सरकारी कार्यप्रणाली, यातायात और आम जनता के रूटीन पर पड़ेगा।

    सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों की टाइमिंग में बदलाव और साथ ही हफ्ते में कुछ दिन वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है. उन्होंने कॉलेज स्कूलों को ऑनलाइन मोड में चलाने की अपील की है. साथ ही कोर्ट से भी ऑनलाइन सुनवाई के लिए निवेदन किया है. सरकार का मुख्य फोकस ईंधन की बचत और बिजली की खपत को कम करने पर है। 

    आइए जानते हैं सरकार द्वारा लिए गए अहम फैसले क्या हैं:

    दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सरकार ने दफ्तरों के समय में बड़ा बदलाव किया है-

    नया समय: दिल्ली सरकार के दफ्तर अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुलेंगे. वहीं, MCD के दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा.

    वर्क फ्रॉम होम: दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है. प्राइवेट कंपनियों को भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए सरकार की तरफ से समान एडवाइजरी (Advisory) जारी की जाएगी। 

    ऑनलाइन ही होगी मीटिंग: सरकार की 50 प्रतिशत आधिकारिक बैठकें अब सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी। 

    ‘मेट्रो मंडे’ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा: पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई पहल शुरू की है. सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ (Metro Monday) घोषित किया गया है, जहां लोगों से मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की गई है. जो सरकारी कर्मचारी ऑफिस आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उनके ‘ट्रांसपोर्ट अलाउंस’ में 10% की बढ़ोतरी की जाएगी. सरकारी कॉलोनियों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 29 कॉलोनियों में 58 फीडर बसें (Feeder Buses) चलाई जाएंगी। 

    नो व्हीकल डे: जनता से अपील की गई है कि वे हफ्ते में कम से कम एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाएं और माल ढुलाई के लिए ट्रकों की जगह ट्रेनों का इस्तेमाल करें। 

    सरकारी खर्चे और VVIP कल्चर पर लगाम
    विदेश यात्राओं पर बैन: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त निर्देश दिया है कि अगले एक साल तक दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री या अधिकारी किसी भी आधिकारिक (Official) विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा. आम जनता से भी विदेशी यात्राएं कम करने की अपील की गई है। 

        अगले 3 महीनों तक सरकार द्वारा आयोजित होने वाले सभी बड़े इवेंट्स कैंसिल कर दिए गए हैं.
        अधिकारियों के पेट्रोल कोटे (लिमिट) में 20 प्रतिशत और डोमेस्टिक अलाउंस (घरेलू भत्ते) में भी 20% की कटौती की गई है.
        अगले 6 महीनों तक सरकार के किसी भी विभाग में कोई नया वाहन नहीं खरीदा जाएगा. वाहनों का इस्तेमाल ‘न्यूनतम जरूरत’ के हिसाब से ही होगा.

    ऊर्जा बचत और EV पॉलिसी
    बिजली की खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना अनिवार्य कर दिया गया है. बिजली की बर्बादी रोकने के लिए हर कॉरिडोर में एक ‘मास्टर स्विच’ लगाया जाएगा. इसके अलावा, सीएम ने जानकारी दी है कि अदालतों से भी निवेदन किया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा ‘ऑनलाइन हियरिंग’ (Online Hearing) करें। 

  • हरियाणा में BJP का विजय रथ जारी, निकाय चुनाव में कांग्रेस क्यों नहीं तोड़ पाई हार का सिलसिला

    हरियाणा में BJP का विजय रथ जारी, निकाय चुनाव में कांग्रेस क्यों नहीं तोड़ पाई हार का सिलसिला

    चंडीगढ़
     हरियाणा नगर निकाय चुनावों में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। शहरी वोटरों के बीच संगठन की मजबूत रणनीति, बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता और विकास के मुद्दों ने बीजेपी को बढ़त दिलाई। दूसरी ओर कांग्रेस अंदरूनी गुटबाजी, कमजोर चुनावी रणनीति और स्थानीय नेतृत्व की कमी से जूझती नजर आई। कई सीटों पर कांग्रेस मजबूत मुकाबला देने में भी असफल रही। बीजेपी ने अंबाला सिटी, सोनीपत और पंचकूला में जीत दर्ज की, जिससे शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई।

    हुड्डा के गढ़ में भी बीजेपी ने मारी बाजी
    बीजेपी ने अन्य नगर निकाय चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ सांपला नगर समिति में अध्यक्ष पद जीतना, रेवाड़ी और धारूहेरा में जीत हासिल करना शामिल है। पंचकूला में भाजपा के महापौर उम्मीदवार शाम लाल बंसल और 17 वार्ड उम्मीदवारों ने नगर निगम चुनावों में एकतरफा जीत दर्ज की।

    बीजेपी ने रेवाड़ी सोनीपत में भी मारी बाजी

        रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों में बीजेपी की उम्मीदवार विनीता पिप्पल ने 21,000 से अधिक वोटों के प्रभावशाली अंतर से अध्यक्ष पद जीता।

        सोनीपत में बीजेपी ने नगर निगम के 22 वार्डों में से 16 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने शेष छह सीटें जीतीं।

        बीजेपी उम्मीदवार राजीव जैन ने महापौर का चुनाव जीता।

        बीजेपी उम्मीदवार अर्चना छिब्बर ने वार्ड संख्या 6 से जीत हासिल की, जबकि पार्टी ने अंबाला नगर निगम के 16 वार्डों में, कांग्रेस ने तीन वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक वार्ड में जीत दर्ज की।

    सीएम नायब सैनी ने किसे दिया जीत का श्रेय
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर निगम चुनावों में विजयी सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता ने इन चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में लगातार भाजपा सरकारें बन रही हैं। प्रधानमंत्री की नीतियों पर जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और कांग्रेस ने झूठ के जरिए जनता को गुमराह करना जारी रखा, लेकिन अब जनता ने उसका असली चेहरा पहचान लिया है।

    विज ने विजेताओं को दी बधाई
    हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने राज्य में हुए नगर निकाय चुनावों में विजयी बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ बीजेपी उम्मीदवारों की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू की जा रही विकास, सुशासन और कल्याणकारी नीतियों में जनता के विश्वास की जीत है। विज ने विशेष रूप से बीजेपी के विजयी महापौर उम्मीदवार अंबाला शहर से अक्षिता सैनी, सोनीपत से राजीव जैन और पंचकूला से श्यामलाल बंसल को बधाई दी और कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शी प्रशासन के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है।

  • लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश

    लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश

    लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिला ‘एग्जेम्प्लर’ अवार्ड

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य

    लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश

    नई दिल्ली/लखनऊ
    लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने देश में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स – लीड्स (LEADS) 2025* रैंकिंग में लैंडलॉक्ड राज्यों में सर्वोच्च “एग्जेम्प्लर (Exemplar)” पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाला लैंडलॉक्ड (चारों ओर भूमि से घिरा) राज्य बनकर उभरा है। पिछले तीन साल (2022 से 2024) तक लगातार “अचीवर” रहने के बाद, इस साल शीर्ष पायदान पर राज्य की यह छलांग यहां के बेहतरीन कनेक्टिविटी नेटवर्क और प्रभावी नीतिगत सुधारों का सीधा परिणाम है।

    यह सम्मान बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित लीड्स 2025 रिपोर्ट एवं LEAPS (Logistics Excellence, Advancements & Performance Shield) 2025 पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने प्राप्त किया।

    वर्ष 2018 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईटी) द्वारा शुरू की गई ‘लीड्स' पहल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है। इस रैंकिंग में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाएं, नियामकीय व्यवस्था तथा परिचालन दक्षता जैसे महत्वपूर्ण मानकों का मूल्यांकन किया जाता है।

    इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ ने इस सफलता पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राज्य की 'वन ट्रिलियन डॉलर' अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया गया है। 'उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022' के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है।

    राज्य सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत एवं कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है। इन पहलों से परिवहन लागत में कमी, अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन दक्षता में सुधार सुनिश्चित हो रहा है।

    उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, ग्रामीण गोदामों और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश एवं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा देकर लॉजिस्टिक्स विकास को गति दे रहा है। एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर और आगामी हवाई अड्डों के आसपास रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है।

  • आम आदमी को एक और झटका: अमूल और मदर डेयरी के बाद वेरका दूध के दाम भी बढ़े

    आम आदमी को एक और झटका: अमूल और मदर डेयरी के बाद वेरका दूध के दाम भी बढ़े

    चंडीगढ़
     ट्राई सिटी के लोगों को अब वीरवार से वर्क का दूध महंगा खरीदना पड़ेगा। वेरका मिल्क प्लांट मोहाली ने भी दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 14 मई यानी वीरवार सुबह से लागू होंगी।

    जारी आदेश के अनुसार, वेरका ने विभिन्न श्रेणियों के दूध के दामों में प्रति लीटर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसके तहत 500 एमएल फुल क्रीम दूध अब 35 रुपये की बजाय 36 रुपये में मिलेगा, जबकि स्टैंडर्ड दूध 32 से बढ़कर 33 रुपये हो गया है। डबल टोंड दूध के दाम भी 26 से बढ़ाकर 27 रुपये प्रति पैकेट कर दिए गए हैं।

    गाय का दूध अब 31 रुपये में मिलेगा
    इसके अलावा 500 एमएल गाय का दूध अब 31 रुपये में उपलब्ध होगा। एक लीटर फुल क्रीम दूध की कीमत 69 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये कर दी गई है, जबकि स्टैंडर्ड दूध अब 63 रुपये की बजाय 65 रुपये में मिलेगा। दो लीटर फुल क्रीम दूध के लिए उपभोक्ताओं को अब 140 रुपये और स्टैंडर्ड दूध के लिए 128 रुपये चुकाने होंगे।

    मदर डेयरी और अमूल ने भी बढ़ाए दाम
    गौरतलब है कि बुधवार को मदर डेयरी और अमूल ने भी दामों में बढ़ोतरी की है। मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। वहीं, अमूल ने भी दो रुपये की बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई दरें बृहस्पतिवार से लागू होंगी। बढ़ोतरी का कारण उत्पादन लागत में वृद्धि बताया गया है।

     

  • कलाकारों की बढ़ती ताकत से डरी BJP? भगवंत मान ने दिलजीत को लेकर लगाया बड़ा आरोप

    कलाकारों की बढ़ती ताकत से डरी BJP? भगवंत मान ने दिलजीत को लेकर लगाया बड़ा आरोप

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है।

    दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू
    CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है।

    पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया
    मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है।

    परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी।

    विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा
    इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

  • रीमा के आगे फीकी पड़ी भाजपा की पूरी फौज: CM, मंत्री और सांसदों के प्रचार के बाद भी मिली हार

    रीमा के आगे फीकी पड़ी भाजपा की पूरी फौज: CM, मंत्री और सांसदों के प्रचार के बाद भी मिली हार

    चंडीगढ़ 

    भाजपा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव और पंचायतों में परचम लहराने के बाद स्थानीय निकाय के चुनावों में भी जीत हासिल की है। पंचकूला, हिसार, अंबाला और सोनीपत समेत कुल 6 जिलों में भाजपा ने बड़ी जीत पाई। फिर भी एक नतीजे ने भाजपा को ही नहीं बल्कि सभी को चौंका दिया है। हिसार के उकलाना में भाजपा कैंडिडेट निकिता गोयल को 23 साल की लड़की रीमा सोनी ने हरा दिया। इस नतीजे की पूरे हरियाणा में चर्चा हो रही है कि आखिर रीमा सोनी ने कैसे भाजपा के विजय रथ को रोक दिया। उकलाना में वैश्य समुदाय के लोगों की अच्छी खासी आबादी है, फिर भी भाजपा कैंडिडेट का यहां हार जाना उल्लेखनीय है।

    यही नहीं यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि उकलाना के चेयरमैन पद के लिए भाजपा से वरिष्ठ नेता श्रीनिवास गोयल की बहू निकिता गोयल को उम्मीदवार बनाया गया था। उन्हें रीमा सोनी ने 2,806 वोटों से हरा दिया। सोनी को कुल 7078 वोट मिले हैं, जबकि गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस नतीजे से भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैरान हैं और तय माना जा रहा है कि पार्टी इसकी समीक्षा करेगी। इसकी वजह यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी यहां प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस चुनाव में कुल 15,507 पंजीकरण वोटर थे, जबकि 11,744 वोटरों ने मतदान किया। इस तरह यहां कुल 75 फीसदी वोटिंग हुई।

    इस चुनाव में सीएम नायब सिंह सैनी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली, कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और कृष्ण बेदी भी प्रचार में उतरे थे। इसके अलावा राज्यसभा के मेंबर सुभाष बराला और संजय भाटिया भी पहुंचे थे। ऐसे में इतने दिग्गज नेताओं के प्रचार के बाद भी निकिता गोयल को 4 हजार वोट मिलना पार्टी के लिए झटके की तरह है। सीएम सैनी ने खुद इलाके में 4 जनसभाओं को संबोधित किया था। वहीं रीमा सोनी के पक्ष में स्थानीय विधायक नरेश सेलवाल प्रचार में थे। रीमा सोनी निर्दलीय उतरी थीं, लेकिन सेलवाल के समर्थन के साथ ही कांग्रेस के वोटर उनके पक्ष में आ गए थे। फिर बाकी कसर इनेलो के समर्थन ने पूरी कर दी।

    बनिया बनाम गैर बनिया हुआ चुनाव और बदले समीकरण
    इसके अलावा भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह चुनाव बनिया बनाम गैर बनिया हो गया था। इसका असर हुआ कि वैश्य समुदाय से इतर अन्य मतदाताओं का रुझान रीमा सोनी की ओर हो गया। इसके कारण रीमा ने कुल 16 में से 14 वार्डों में गोयल को हरा दिया। यही नहीं गोयल परिवार का घर उकलाना मंडी में है और इस वार्ड में भी निकिता को हार मिली। वोटों की गिनती कुल 4 राउंड में हुई, लेकिन निकिता गोयल ने मैदान तभी छोड़ दिया जब वह शुरुआती दो राउंड में पिछड़ती हुई दिखीं। सूत्रों का कहना है कि ग्रैजुएशन पूरी करने के बाद रीमा सोनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता महेंदर सोनी एक सुनार हैं और 2006 से पार्षद भी हैं। रीमा के प्रचार में उनका भी अहम योगदान रहा।