Category: राज्य

  • सरकारी स्कूलों में तकनीक से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर, झारखंड में शुरू होगी एडटेक पहल

    सरकारी स्कूलों में तकनीक से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर, झारखंड में शुरू होगी एडटेक पहल

    मेदिनीनगर (पलामू)
    सरकारी स्कूलों की पारंपरिक पढ़ाई अब धीरे-धीरे तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ेगी। झारखंड के सरकारी विद्यालयों में एडटेक (एजुकेशन टेक्नोलॉजी) आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य स्तर पर रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

    इसका उद्देश्य कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल बढ़ाने के साथ शिक्षकों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत के अनुसार शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

    यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से कर रहा काम
    योजना का असर पलामू समेत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों पर पड़ने की संभावना है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) इस पहल पर यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से काम कर रहा है।

    एडटेक आधारित शिक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए बेंगलुरु की संस्था आईटी फॉर चेंज के विशेषज्ञ कंसल्टेंसी सेवाएं दे रहे हैं। संस्था के प्रतिनिधि राज्य में शिक्षण व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं।

    शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों से लिया जा रहा फीडबैक
    रोडमैप तैयार करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में शिक्षकों, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) के शिक्षा विशेषज्ञों के साथ फीडबैक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें स्कूलों में तकनीक के मौजूदा इस्तेमाल, कक्षाओं की जमीनी चुनौतियों और शिक्षकों के अनुभवों पर चर्चा की जा रही है।

    फीडबैक के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि तकनीक आधारित शिक्षा लागू करने में स्कूलों के सामने किस तरह की व्यावहारिक दिक्कतें हैं। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों तक डिजिटल संसाधनों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।

    डिजिटल शिक्षा व्यवस्था होगी अधिक जवाबदेह
    विशेषज्ञों के अनुसार, एडटेक आधारित व्यवस्था लागू होने से सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और साक्ष्य आधारित बनाने में मदद मिल सकती है। डिजिटल संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षण पद्धति में बदलाव की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    रोडमैप लागू होने के बाद शिक्षकों के तकनीकी कौशल को मजबूत करने के साथ कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल का रास्ता तैयार होगा। इससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

    जानें क्या है ‘एडटेक’
    ‘एडटेक’ यानी शिक्षा प्रौद्योगिकी ऐसी व्यवस्था है, जिसमें पारंपरिक शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, वीडियो, इंटरैक्टिव कंटेंट और ऑनलाइन संसाधनों के जरिए कठिन विषयों को भी विद्यार्थियों के लिए आसान और रुचिकर बनाने का प्रयास किया जाता है।

    एडटेक में इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, डिजिटल कंटेंट और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की गति और जरूरत के अनुसार शिक्षण को अधिक व्यक्तिगत बनाने की संभावना बढ़ती है। वहीं, तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से शिक्षकों को विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति पर अधिक ध्यान देने में मदद मिल सकती है।

  • वारिस पंजाब दे को खतरा बताने पर अकाली दल का पलटवार, अयाली-खालसा ने उठाए सवाल

    वारिस पंजाब दे को खतरा बताने पर अकाली दल का पलटवार, अयाली-खालसा ने उठाए सवाल

    चंडीगढ़.

    अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताए जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सरदार मनप्रीत सिंह अयाली और सांसद भाई सरबजीत सिंह खालसा ने कड़ा एतराज जताया है।

    पार्टी की मान्यता और चुनाव संबंधी विवाद को लेकर हाई कोर्ट में चल रही कार्रवाई के दौरान पार्टी को सुरक्षा के लिए खतरा बताए जाने पर नेताओं ने इसे सिख कौम और उसकी राजनीतिक आवाज को लेकर गंभीर टिप्पणी करार दिया।

    सिख कौम ने देश की आजादी के लिए दी है कुर्बानियां
    दोनों नेताओं ने मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर पार्टी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई रोकने की मांग की। नेताओं ने कहा कि सिख कौम ने देश की आजादी से लेकर उसकी सुरक्षा तक में बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

  • ‘असेंबली से AI तक’ नए यूपी की उड़ान, CM योगी ने प्रदेशवासियों को दिखाई प्रगति की तस्वीर

    ‘असेंबली से AI तक’ नए यूपी की उड़ान, CM योगी ने प्रदेशवासियों को दिखाई प्रगति की तस्वीर

    असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान…

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 'उप्र की प्रगति' से कराया साक्षात्कार

    सीएम योगी ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं

    पीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा: मुख्यमंत्री

    पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा कर सीएम ने लिखा- जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से  साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?

    पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।

    मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।

    2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान
    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।

    भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र
    मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।

    तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश
    मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली  से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।

    'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान 
    सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार)  लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

  • UP Shikshamitra: 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    UP Shikshamitra: 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    योगी सरकार में 1.28 लाख शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का लाभ, सितंबर-अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ जारी

    – ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हुआ मानदेय, बढ़ी दर पर सितंबर-अक्टूबर के लिए धनराशि जारी

    – शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ

    – प्रत्येक माह ₹230.11 करोड़, दो माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान

    – जनपदवार आवंटित धनराशि के अनुसार मानदेय भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया है। ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹18 हजार प्रतिमाह किए गए मानदेय की बढ़ी दर पर शैक्षिक सत्र 2026-27 में कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के सितंबर और अक्टूबर माह के मानदेय के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। दोनों माह के मानदेय भुगतान के लिए जनपदवार धनराशि निर्धारित की गई है।

    सितंबर के मानदेय के लिए ₹230.11 करोड़ तथा अक्टूबर के लिए भी ₹230.11 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इस प्रकार दोनों माह के लिए कुल ₹460.23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। संबंधित जनपदों को निर्धारित आवंटन के अनुसार भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    प्रदेश के लगभग 1.28 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शैक्षिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत 1,27,841 शिक्षामित्रों के लिए सितंबर और अक्टूबर के मानदेय का जनपदवार आवंटन किया गया है। इसके माध्यम से बढ़ी हुई दर पर मानदेय भुगतान की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।

    मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि
    योगी सरकार द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षामित्रों के मानदेय में ₹8 हजार प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इससे मानदेय ₹10 हजार से बढ़कर ₹18 हजार प्रतिमाह हो गया है, यानी इसमें 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ी दर से मानदेय मिलने से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा।

    “योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि कर उनके आर्थिक हितों को मजबूती दी है। बढ़े मानदेय के साथ सितंबर और अक्टूबर के लिए ₹460.23 करोड़ की धनराशि जारी होना शिक्षामित्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।”
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    “मानदेय में वृद्धि से शिक्षामित्रों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। इससे वे और अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ विद्यालयों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में योगदान दे सकेंगे।”
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • पुलिस को देखते ही पुनपुन नदी में कूदे लोग, 60 में से दो की डूबने से मौत

    पुलिस को देखते ही पुनपुन नदी में कूदे लोग, 60 में से दो की डूबने से मौत

     फुलवारी शरीफ
    पिपरा थाना क्षेत्र के बेहरावां गांव में पुलिस की छापेमारी सोमवार को उस समय खौफनाक मंजर में बदल गई, जब भारी संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मियों की कार्रवाई से बचने के लिए करीब 50-60 लोगों ने जान बचाने के लिए पुनपुन नदी में छलांग लगा दी।

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पुलिस ने इस तरह धावा बोला, मानो कोई बड़ी नक्सली या आतंकवादी वारदात हो गई हो। अचानक चारों तरफ पुलिस बल देखकर लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही भगदड़ मच गई और लोग नदी की ओर भागने लगे।

    नदी में ईंट-पत्थर फेंके जाने का आरोप
    ग्रामीणों के अनुसार, भागने के दौरान पुलिस पर ईंट-पत्थर भी चलाए गए। इसके बाद पुलिस की ओर से भी नदी में ईंट-पत्थर फेंके जाने का आरोप है। नदी में कूदे लोग तैरकर दूसरे किनारे निकलने का प्रयास कर रहे थे।

    इसी दौरान लगातार ईंट-पत्थर गिरने से उन्हें नदी से बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। हालांकि जो लोग तैरने में सक्षम थे, वे किसी तरह दूसरे किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    दो लोगों की डूबने से मौत
    इस अफरातफरी में फुलवारी शरीफ के ढिबरा निवासी आकाश मांझी और करीब 60 वर्षीय राम मांझी नदी से बाहर नहीं निकल सके। दोनों की डूबने से मौत हो गई। आकाश अपनी नानी के घर बेहरावां आया हुआ था। दोनों ने बचाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन उन्हें बाहर नहीं निकाला सका। क्योंकि पुलिस गांव नदी के मुहाने पर खड़ा होकर नदी में ईंट पत्थर चला रही थी।

    घटना के बाद बेहरावां गांव में मातम और दहशत का माहौल है। दो मौतों ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की भारी मौजूदगी और कार्रवाई के बाद कई लोग घर छोड़कर चले गए हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की भी बात सामने आ रही है। गांव में पुलिस बल की मौजूदगी बनी हुई है।

  • बिजली के तार छूते ही धधक उठा ट्रक, देखते ही देखते 4 बसें बनीं आग का शिकार; जोधपुर में मचा हड़कंप

    बिजली के तार छूते ही धधक उठा ट्रक, देखते ही देखते 4 बसें बनीं आग का शिकार; जोधपुर में मचा हड़कंप

     जोधपुर
    खेजड़ली से गुड़ा विश्नोइयां की तरफ जा रहे चारे से भरे ट्रक के बिजली के तारों की चपेट में आने से सोमवार रात आग लग गई। ट्रक में चारा भरा होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    चारे से भरा था ट्रक
    जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब साढ़े बजे चारे से भरा ट्रक गुजर रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार ट्रक के संपर्क में आ गए। शॉर्ट सर्किट के बाद चारे में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया

    काफी मशक्कत के बाद बुझी आग
    हादसे की सूचना मिलते ही विवेक विहार थाना पुलिस और चेतक भी मौके पर पहुंच गए। आग की स्थिति को देखते हुए बासनी से दो दमकलें भी बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई।

    ग्रामीणों की सजगता और समय पर पहुंची पुलिस व दमकल टीम की तत्परता से आग को ज्यादा फैलने से रोक लिया गया। इससे ट्रक में भरा काफी चारा भी बचा लिया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और बिजली के तारों के संपर्क में आने से आग लगने की प्रारंभिक बात सामने आई है।

    पाल रोड पर खड़ी बसों में भीषण आग, चार बसें जलकर खाक
    जोधपुर में पाल रोड स्थित गांगाणा में एक कारखाने में खड़ी बसों में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। आग की चपेट में आने से कारखाने में खड़ी चार बसें जल गईं। आग लगने की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई।

    कारखाना कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ बसों को समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। सूचना पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। आग लगने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।

  • किसानों के लिए राहत की खबर, फसलों की कीमत बढ़ने से हरियाणा में बढ़ेगी 720 करोड़ रुपये की आय

    किसानों के लिए राहत की खबर, फसलों की कीमत बढ़ने से हरियाणा में बढ़ेगी 720 करोड़ रुपये की आय

    चंडीगढ़
     केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी हरियाणा के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खोलने वाली है। वर्तमान सरकारी खरीद को आधार मानें तो एमएसपी में हुई बढ़ोतरी से राज्य के किसानों को लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

    वहीं, यदि सरसों की सरकारी खरीद राज्य द्वारा निर्धारित लगभग 13 लाख टन के स्तर तक पहुंचती है, तो किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त कुल लाभ बढ़कर लगभग 720 करोड़ रुपये हो सकता है।

    एमएसपी के दामों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सरसों और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ने की संभावना है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी किसानों को 413 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे 25 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

    हरियाणा में लगभग 72 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद को आधार मानने पर किसानों को करीब 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये का अतिरिक्त लाभ बैठता है।

    सरसों के मामले में एमएसपी बढ़ोतरी का असर और बड़ा दिखाई देता है। करीब आठ लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होने पर किसानों को लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर खरीद बढ़कर 13 लाख टन तक पहुंचती है तो अकेले सरसों उत्पादकों को लगभग 537 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

    इस स्थिति में रबी फसलों से किसानों को मिलने वाला कुल अतिरिक्त लाभ लगभग 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। करीब 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन 12,700 रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

    सरसों उत्पादन में अग्रणी सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जैसे जिलों के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। एमएसपी में बढ़ोतरी का असर केवल गेहूं और सरसों तक सीमित नहीं है।

    जौ का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये और कुसुम का 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

    कुसुम के मूल्य में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस तरह एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों को गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे सकती है। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

     

  • पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को एकजुट करने के साथ ही केंद्र के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है।

    मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों के प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस की भी मजबूत भागीदारी दिखाई दी। पंजाब से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और गुरजीत सिंह औजला समेत अन्य नेता दिल्ली में प्रदर्शन में पहुंचे।

    इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने सड़क पर धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

  • केंद्रीय योजनाओं की धीमी रफ्तार से नाराज विभाग, पांच जिला कृषि अधिकारियों के खिलाफ तैयार होगा कार्रवाई प्रस्ताव

    केंद्रीय योजनाओं की धीमी रफ्तार से नाराज विभाग, पांच जिला कृषि अधिकारियों के खिलाफ तैयार होगा कार्रवाई प्रस्ताव

     रांची
     कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन और आवंटित राशि कम खर्च पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोमवार को आयोजिक बैठक में कृषि सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे
    खराब प्रदर्शन करने वाले बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, धनबाद तथा लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

    निदेशक ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना के पुराने लंबित बिलों का अविलंब भुगतान करने और काम में लापरवाही बरतने वाली चयनित एजेंसियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल पांच माह शेष हैं। इसलिए सभी योजनाओं का तेजी क्रियान्वयन किया जाए।

    केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे को लेकर बढ़ी सक्रियता
    बैठक में अधिकारियों को को बताया गया कि आठ अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रांची दौरा है। इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री के साथ केंद्रीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति और खर्च की समीक्षा की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति और कोषागार से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करने का आदेश दिया गया।

    किसान आईडी नहीं बनने पर रुकेगा मानदेय
    डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की समीक्षा के दौरान जिलावार व्यय पर असंतोष जताया गया। कृषि निदेशक ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित बीटीएम, एटीएम और उप परियोजना निदेशकों के माध्यम से न्यूनतम 14,000 की संख्या में यूनिक किसान आईडी तैयार कराई जाए।

    जब तक संबंधित कर्मी इस कार्य को पूरा करने का प्रमाण नहीं देंगे, तब तक माह अक्टूबर के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस पर सख्ती बरतने के निर्देश हैं।

  • पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क का खुलासा, बिहार के दो आरोपियों को असम में दबोचा गया

    पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क का खुलासा, बिहार के दो आरोपियों को असम में दबोचा गया

    पटना
    भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि दोनों पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव के संपर्क में थे और सुरक्षा बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे थे।

    असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पूर्वी चंपारण के अभिषेक कुमार सिंह (31), बेगूसराय के रीतेश सिंह (39) को पकड़ा है। दोनों गुवाहाटी के सतगांव थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित एक किराये पर रह रहे थे। पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। स्थानीय स्तर पर परिवार और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जारी बयान में कहा कि सुरक्षा संबंधी जानकारी पाक को मुहैया कराने के आरोप में सेना के जवान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शर्मा ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर की गई।

    दोनों आईएसआई को भेज रहे थे जानकारी
    पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई सेना की खुफिया इकाई (मिलिट्री इंटेलिजेंस) से मिले शुरुआती इनपुट के आधार पर की गई। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अभिषेक कुमार सिंह कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है और उसके संबंध एक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से हैं। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।