Category: राज्य

  • सीएम योगी ने दी अखिलेश को खुली चुनौती- आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं

    सीएम योगी ने दी अखिलेश को खुली चुनौती- आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी की धरा बलरामपुर के विकास के लिए 803 करोड़ रुपये से अधिक की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अयोध्या विधानसभा सीट के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी, कहा- चेले को हटाइए। आइए, हम और आप दोनों किस्मत आजमाते हैं। 

    बौखला गए हैं बबुआ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ बौखला गए हैं। वह मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें। अखिलेश जी, अयोध्या हमारा पावन धाम और आस्था की स्थली है। मैं वहां इसलिए बार-बार जाता हूं, जिससे विकास में कोई कोताही न हो। जिस अयोध्या को सपा तीन से चार घंटे बिजली देती थी, जहां जय श्रीराम बोलने पर आपकी सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, वह अयोध्या फिर से राम राज्य का नया उदाहरण बनकर त्रेता युग का स्मरण करा रही है।

    आइए, अयोध्या से किस्मत आजमाते हैं 

    सीएम योगी ने अखिलेश यादव को खुला प्रस्ताव दिया। कहा कि आइए, आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी। एक बार दोनों किस्मत आजमा लेते हैं। लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए। सीएम ने तंज कसा कि माफिया के सामने नाक रगड़ने और उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले हम लोगों से क्या ही लड़ पाएंगे, क्योंकि जनता तो पहले ही इनकी छुट्टी कर चुकी है। इनकी स्थिति ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसी हो चुकी है। विधानसभा का चुनाव परिणाम फिर 80-20 का होगा। 80 फ़ीसदी सीटों पर भाजपा का एनडीए और 20 फीसदी पर इनका गठबंधन रहेगा। सीएम ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने गैंसड़ी विस क्षेत्र के लिए सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम वहां पैसा देना चाहते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी की विकास कार्य में रुचि नहीं है।

    पीडीए से नहीं, अखिलेश के चचाजान और धन्ना सेठ गए राज्यसभा 

    मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए पर निशाना भी साधा। कहा कि इस ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ की परिवार के बाहर कोई सोच ही नहीं है। अभी राज्यसभा चुनाव में इन्होंने दो प्रत्याशी खड़े किए, लेकिन इनमें कोई दलित, पिछड़ा (कुर्मी, पाल आदि), ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य, क्षत्रिय, खत्री आदि प्रत्य़ाशी नहीं था। एक सीट पर अखिलेश यादव के चचाजान (रामगोपाल यादव) थे और दूसरी इन्होंने एक धन्ना सेठ को बेच दी। परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी में जो पराया धन दे, वही अपना है। पीडीए का वास्तविक मतलब- प्रदेश डुबाऊ अलायंस है। इन्होंने प्रदेश को डुबाया, नौजवानों की नौकरी पर डकैती डाली और बलरामपुर को देश का सबसे गरीब जनपद बना कर छोड़ दिया।

    सीएम ने विधायकों की सराहना की

    सीएम ने कहा कि अपने जनप्रतिनिधियों से खूब मेहनत कराइए, हम बलरामपुर के विकास में कभी कमी नहीं आने देंगे। सीएम ने परिश्रम के लिए विधायकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां आकर लगता है कि घर आया हूं। मां पाटेश्वरी धाम ने सम-विषम परिस्थितियों में इस सीमावर्ती क्षेत्र को देश व धर्म के साथ जुड़ने और हर चुनौती का सामना करने की सामर्थ्य दी। 

    अब वोट बलरामपुर की तरक्की का कारण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी एक वोट यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करता था। इस क्षेत्र को तस्करी, बदमाशों, गुंडों व माफिया को लूट-खसोट का माध्यम बनाता था। मां का आशीर्वाद, मोदी जी के मार्गदर्शन और जनता का सहयोग मिला तो वही वोट तरक्की का कारण बन रहा है। एक वोट यहां के विकास का आधार बनकर पूरे क्षेत्र को परिवर्तन की नई धारा के साथ जोड़ रहा है और बलरामपुर को आकांक्षात्मक जनपद से आगे संभावना वाले जनपद के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। 

    प्रधानमंत्री जी से करेंगे विश्वविद्यालय के लोकार्पण का अनुरोध

    सीएम योगी ने कहा कि मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का सत्र प्रारंभ हो चुका है। बहुत शीघ्र इसका भवन बनकर तैयार होगा, तो प्रधानमंत्री जी से इसके लोकार्पण का अनुरोध करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1957 में बलरामपुर से पहली बार संसद में गए थे, अब उनके नाम पर यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल का विस्तार और थारू म्यूजियम के जरिए जनजातीय संस्कृति की धरोहर को बढ़ाया जा रहा है। बलरामपुर अब आकांक्षी जनपद नहीं, बल्कि गरीब, किसान, नौजवान की आकांक्षा के अनुरूप विकास के नित नए प्रतिमान रचने वाला जनपद है। यहां नाना जी ने ग्रामोदय की परिकल्पना को साकार किया था। महाराज बलरामपुर के साथ मिलकर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने यह परिकल्पना साकार कराई थी कि अयोध्या में गुलामी के कलंक को मिटाकर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। 

    2007 से 2017 तक नहीं बन पाया मथुरा घाट पुल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में अराजकता थी। माफिया जहां पैर रख देता था, वहां उसका कब्ज़ा हो जाता था। सपा के गुंडे व्यापारी को फोन कर धमकी देते थे और उसकी जमीन पर कब्ज़ा कर लेते थे। सूर्यास्त के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकल पाता था। 2017 के पहले बलरामपुर की सड़कें सबसे खराब थीं। इसकी गिनती सबसे पिछड़े जनपदों में होती थी। 2017 तक सपा सरकार में मथुरा घाट पुल नहीं बन पाया, लेकिन जब भाजपा की डबल इंजन सरकार आई तो मथुरा घाट में पुल निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया। 2017 से पहले बाढ़, बीमारी यहां की नियति बन चुकी थी। हमारी सरकार ने 9.5 वर्ष में 9.50 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। अब बलरामपुर का नौजवान भी सरकारी नौकरी प्राप्त करता है। 

    अब नहीं पनप सकेगा कोई छांगुर 

    सीएम ने कहा कि सपा सरकार ने बदमाश दिए, लेकिन अब कोई भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त नहीं हो सकता। अब सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी छांगुर को पनपने नहीं देंगे और डेमोग्राफ़ी भी नहीं बदलने देंगे। बीमारियां, इंसेफेलाइटिस, छांगुर, तस्करी ही सपा की पहचान थी। मुख्यमंत्री ने आपदा में जनहानि व मानव वन्यजीव संघर्ष में जनहानि-पशुहानि पर 24 घंटे के अंदर मुआवजा देने की बात भी दोहराई।

    शिष्टाचार भूलकर कांग्रेस व सहयोगी दल गाली-गलौच पर उतारू

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन हो रहा है। बलरामपुर का विकास और सरयू नहर समेत बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का यहां आना इसका प्रमाण है। बलरामपुर में 10 वर्ष में ₹10,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का पैसा भेजा गया है। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के निर्माण में बाधक लोग मोदी जी का विरोध कर रहे हैं। विरोध की भी सीमा होती है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अब सामान्य शिष्टाचार भी भूल गए हैं। लोकतांत्रिक विरोध से उठकर बेशर्मी, गाली-गलौच कर रहे हैं। संस्कारों की तिलांजलि देकर ये लोग देश को गुमराह कर अराजकता की ओर बढ़ा रहे हैं। डबल इंजन की सरकार इसे स्वीकार नहीं करेगी। 

    कांग्रेस शासन में घोटाले हुए, सपा घोटालों की सरकार

    सीएम ने चेताया कि भारत की आन, बान-शान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। अराजकता पैदा करने वालों का वही हाल होगा, जो नक्सलवाद और आतंकवाद का हुआ है। सीएम ने विपक्ष के दोहरे चरित्र पर अंगुली उठाई, कहा कि ये लोग चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ और हारें तो ईवीएम की गलती। अपनी हार पर ईवीएम को दोषी बताते हैं। प्रशासन को धमकाते, न्यायालय पर टिप्पणी और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हैं। कांग्रेस शासन में कॉमनवेल्थ, खाद्यान्न, कोल समेत अनेक घोटाले हुए। समाजवादी पार्टी तो घोटालों की ही सरकार थी। अपने समय ये लोग आयोगों में परिवार के सदस्यों को बैठा करके नौजवानों के साथ खिलवाड़ करते थे। 

    कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च, दंगाइयों को प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पैसों से आज सनातन धर्म से जुड़े स्थलों का पुनरुद्धार हो रहा है, बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है, 2017 से पहले ये लोग उसी पैसे का दुरुपयोग करते हुए कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च कर दंगाइयों को प्रोत्साहित करते थे। अब प्रदेश में कोई दंगा, अराजकता, बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उसे मालूम है कि ऐसा करने पर जेल जाना होगा या जहन्नुम। 

    इस अवसर पर विधायक पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, कैलाश नाथ शुक्ल, विधान परिषद सदस्य अवधेश सिंह ‘मंजू’, जिला पंचायत प्रशासक आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, पूर्व विधायक शैलेष कुमार सिंह ‘शैलू’, नगर पालिका परिषद उतरौला की चेयरमैन सविता गुप्ता व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

  • राजसमंद में जिला प्रमुख की कुर्सी की जंग तेज, टिकट वितरण से समर्थन तक भाजपा-कांग्रेस की होगी परीक्षा

    राजसमंद में जिला प्रमुख की कुर्सी की जंग तेज, टिकट वितरण से समर्थन तक भाजपा-कांग्रेस की होगी परीक्षा

    राजसमंद
    जिला प्रमुख की कुर्सी पर किसका कब्जा होगा, इसकी सियासी पटकथा जिला परिषद के चुनाव से ही लिखी जाएगी। राजसमंद में जिला परिषद के 29 वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के सामने उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी रणनीति तक कई चुनौतियां होंगी। जिला प्रमुख का पद अनारक्षित है, लेकिन जिला परिषद के 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने से महिला उम्मीदवारों और चुनाव जीतकर आने वाली महिला सदस्यों की भूमिका भी अहम रहने वाली है।

    ऐसे में जिला प्रमुख की कुर्सी पर नजर लगाए बैठे दावेदारों को अपने वार्ड में जीत के साथ जिला परिषद में समर्थन का गणित भी साधना होगा। महिला आरक्षण ने चुनावी समीकरणों में एक महत्वपूर्ण पहलू जोड़ दिया है। दोनों प्रमुख दलों के लिए महिला वार्डों में मजबूत उम्मीदवार उतारना और जिला परिषद में अधिक से अधिक सदस्य जिताना अहम रहेगा। टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम के बाद बनने वाले समीकरणों तक, हर कदम जिला प्रमुख की कुर्सी की लड़ाई को प्रभावित कर सकता है।

    राजसमंद जिला परिषद के कुल 29 वार्डों में अलग-अलग श्रेणियों के तहत महिला आरक्षण निर्धारित किया गया है। इनमें सामान्य महिला के आठ, ओबीसी महिला के दो, एससी महिला के दो और एसटी महिला के दो वार्ड शामिल हैं। इस तरह कुल 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन वार्डों में जीत दर्ज करने वाले सदस्य जिला परिषद की राजनीति का हिस्सा बनेंगे। जिला प्रमुख के चुनाव में उनकी भूमिका कितनी अहम होगी, यह चुनाव परिणाम और राजनीतिक दलों के संख्याबल पर निर्भर करेगा। हालांकि, महिला आरक्षण को जिला प्रमुख की कुर्सी का सीधा फैसला मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन चुनावी रणनीति बनाते समय इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकेगा।

    भाजपा-कांग्रेस की असली परीक्षा टिकट वितरण में
    जिला परिषद चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के सामने सबसे पहली चुनौती सही उम्मीदवार चुनने की होगी। महिला आरक्षित वार्डों में टिकट के दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा रहेगी, वहीं अन्य श्रेणियों के वार्डों में भी पार्टी को स्थानीय समीकरणों और जीत की संभावनाओं के बीच संतुलन बनाना होगा। भाजपा और कांग्रेस के लिए टिकट वितरण केवल प्रत्याशियों की सूची तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा। उम्मीदवारों की स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता और अपने क्षेत्र में समर्थन जुटाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। टिकट किसे मिलता है और किस दावेदार को इंतजार करना पड़ता है, इसका असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है।

    जिला प्रमुख के दावेदारों को साधना होगा पूरा संख्या बल
    जिला प्रमुख का पद अनारक्षित होने से दावेदारी का दायरा खुला है। लेकिन जिला प्रमुख बनने के लिए केवल चुनाव लड़ना या अपने वार्ड में जीत दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा। जिला परिषद में निर्वाचित सदस्यों का समर्थन और चुनाव के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण होंगे। इसी कारण जिला प्रमुख पद के संभावित दावेदारों की रणनीति अपने वार्ड से आगे तक जा सकती है। उन्हें पार्टी के भीतर समर्थन, दूसरे क्षेत्रों के निर्वाचित सदस्यों के साथ तालमेल और जिला परिषद में अपने पक्ष को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। भाजपा और कांग्रेस, दोनों के लिए सदस्य संख्या और समर्थन का गणित अहम रहेगा।

    आरक्षण की पूरी तस्वीर: किस श्रेणी में कितने वार्ड
    महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड
    सामान्य महिला: वार्ड 15, 18, 19, 22, 23, 25, 27 और 28
    ओबीसी महिला: वार्ड 10 और 26
    एससी महिला: वार्ड 11 और 13
    एसटी महिला: वार्ड 6 और 9

    अन्य आरक्षित वार्ड
    सामान्य: वार्ड 1, 7, 14, 16, 17, 20 और 29
    ओबीसी: वार्ड 2, 5 और 12
    एससी: वार्ड 21 और 24
    एसटी: वार्ड 3, 4 और 8

    टिकट से ताज तक, हर चाल पर रहेंगी निगाहें
    राजसमंद जिला परिषद चुनाव में अब नजरें इस बात पर रहेंगी कि भाजपा और कांग्रेस किन चेहरों पर भरोसा जताती हैं और कौन अपने वार्ड में जीत दर्ज कर जिला परिषद तक पहुंचता है। इसके बाद जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए राजनीतिक दलों का संख्याबल और निर्वाचित सदस्यों का समर्थन अहम होगा। फिलहाल इतना तय है कि जिला प्रमुख की कुर्सी की लड़ाई केवल एक पद की दावेदारी नहीं, बल्कि जिला परिषद में राजनीतिक ताकत स्थापित करने की कवायद भी होगी। 29 वार्डों के इस चुनावी मैदान में 14 महिला आरक्षित वार्ड भी सियासी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे। टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम तक, भाजपा और कांग्रेस की हर चाल पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

     

  • PM मोदी ने बढ़ाया पंकज जांगड़ा का हौसला, बोले- अपनी स्किल निखारो और नए युवाओं को भी सिखाओ

    PM मोदी ने बढ़ाया पंकज जांगड़ा का हौसला, बोले- अपनी स्किल निखारो और नए युवाओं को भी सिखाओ

    भिवानी
    लकड़ी के जिस कार्य को ज्यादा तवज्जों नहीं दी जाती, भिवानी के छोटे से गांव सिवाड़ा के युवा को कारपेंटरी के कार्य ने अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है।

    महज 20 साल के युवा पंकज जांगड़ा ने शंघाई में हुई वर्ल्ड स्किल शंघाई 2026 प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के बीच अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया।

    वे भारत की ओर से पहले ऐसे प्रतिभागी बने जिन्होंने कारपेंटरी प्रतियोगिता में अपना हाउस स्ट्रक्चर का प्रोजेक्ट पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवा की सराहना करते हुए अपनी स्कील पर और ध्यान देने और नए बच्चों को तैयार करने का संदेश दिया।

    पंकज ने अपनी प्रतिभा से दर्शा दिया है कि किताबी शिक्षा के साथ तकनीकी प्रशिक्षण के दम पर भी युवा अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकते है। निरंतर अभ्यास से उन्होंने कारपेंटरी के क्षेत्र में खुद को साबित किया।

    उनका यह सफर घर से शुरू हुआ। पंकज के पिता बिजेंद्र जांगड़ा गांव में ही लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने पिता से ही कारपेंटरी के बेसिक गुर सीखे।

    इसके बाद 2024 में स्किल प्रतियोगिता के प्रति गंभीर हुआ और जिलास्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। यहां से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में हुई राज्यस्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया।

    दिल्ली में भी लिया था भाग
    राष्ट्रीय स्पर्धा में सिल्वर मेडल मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा का मौका नहीं मिला मगर इस टीस को मन में रख फिर अभ्यास पर फोकस किया। जिलास्तर पर गोल्ड जीता। पंकज ने 2026 में दिल्ली में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और इस बार राष्ट्रीय स्पर्धा में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए।

    प्रतियोगिता के नियमानुसार अगली बार प्रतियोगिता में भाग लेने पर पदक नहीं मिलता। इस कारण पदक तो नहीं मिला मगर सीधे प्रवेश जरूर मिला।

    उन्होंने बैंगलुरू में तीन चरण के मॉक टेस्ट में भी अपने प्रतिद्वंदियों को मात दी। जिस कारण उन्हें चीन के शंघाई में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता में जोहर दिखाने का मौका मिला।

    22 घंटे में बनाया हाउस स्ट्रक्चर
    पूरी तैयारी के साथ गए पंकज के सामने विभिन्न अलग-अलग देशों के 166 प्रतिभागी थे। प्रतियोगिता में पंकज को 22 घंटे में हाउस स्ट्रक्चर बनाने का प्रोजेक्ट दिया गया। अब तक 2020, 2024 में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता के कारपेंटिंग वर्ग में कोई भी भारतीय अपना प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाया।

    इस बार पंकज पदक तो नहीं जीत पाए मगर अपना प्रोजेक्ट बेहतरीन तरीके से पूरा कर खूब वाहवाही लूटी। पंकज अब राष्ट्रीयस्तरीय कारपेंटिंग का बिजनेस करने लक्ष्य रखे हैं ताकि अन्य युवाओं को भी तैयार कर सके।

    पंकज ने बताया कि पिता बिजेंद्र का उनकी सफलता में अहम भूमिका है। उन्हीं की बदौलत वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंच पाया।

    प्रधानमंत्री से मिलकर उत्साहित है पंकज
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व कौशल प्रतियोगिता में शामिल रहे भारतीय दल के सदस्यों को मुलाकात के लिए बुलाया। भिवानी के पंकज जांगड़ा को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला। जिससे वह काफी उत्साहित है।

    पंकज बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने उन्हें कहा कि अपनी स्किल पर ध्यान दो और नए बच्चों को भी सीखाओ। पंकज अहमदाबाद से बीएससी फर्नीचर डिजाइन एंड मैनूफेक्चरिंग कोर्स कर रहे है। इसके अलावा उन्होंने मणिपाल कालेज आफ हायर एजूकेशन बैंगलोर से भी छह माह की ट्रेनिंग ली है।

  • कोडीन सिरप तस्करी में दिल्ली कनेक्शन उजागर, कानपुर के गोदाम से 25 हजार शीशियां जब्त; कई शहर जांच के दायरे में

    कोडीन सिरप तस्करी में दिल्ली कनेक्शन उजागर, कानपुर के गोदाम से 25 हजार शीशियां जब्त; कई शहर जांच के दायरे में

    कानपुर
    यूपी के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कानपुर यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। बाबूपुरवा के ढकनापुरवा स्थित गोदाम से प्रतिबंधित कोडीनयुक्त सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। प्रयागराज यूनिट से मिले इनपुट पर हुई कार्रवाई में खुलासा हुआ कि सिरप फर्जी बिल्टी के जरिए प्रयागराज-वाराणसी जाना था। यूनिट ने बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज करा आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।

    एएनटीएफ कानपुर यूनिट ने इंस्पेक्टर अयनुद्दीन के नेतृत्व में ढकनापुरवा स्थित गोदाम से टर्बो-टी कंपनी के कोडीन सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद कीं। टीम ने बिहार के मधुबनी जिले के मिहिर कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया है, जो बर्रा के बिहारीपुरवा में रह रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित नोवोट्रिक्स लाइफ साइंसेज फर्म के जरिए फर्जी बिल्टी बनाकर सिरप मंगाया जाता था। माल वाराणसी के कोटवा सारनाथ स्थित हनुमान ट्रेडर्स को सप्लाई होना था।

    पुलिस करेगी विवेचना
    एएनटीएफ की तहरीर पर बाबूपुरवा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सूत्र बताते हैं कि फिलहाल इस मामले की विवेचना भी बाबूपुरवा पुलिस ही करेगी। विवेचना से कोई खास लाभ या जानकारी की संभावना हुई तो एएनटीएफ भी इसकी विवेचना कर सकती है।

    दूसरे प्रदेश की बिल्टी
    कोडीनयुक्त कफ सीरप की 25 हजार शीशियां फर्जी बिल्टी से दिल्ली से कानपुर लाई गईं थीं। पिछले महीने प्रयागराज में जब सिरप पकड़े गए थे तब दिल्ली कनेक्शन सामने आया था। इसी वजह से माल दिल्ली से हटाकर कानपुर शिफ्ट किया गया था। अब इसे प्रयागराज और वाराणसी भेजने की तैयारी थी। बाबूपुरवा से पकड़े गए तस्कर मिहिर कुमार ठाकुर से चली तीन घंटे की पूछताछ में ये जानकारियां सामने आई हैं। एएनटीएफ कानपुर यूनिट के साथ ही मुख्यालय से भी टीम ने आकर पूछताछ की है। माना जा रहा है जल्द ही प्रयागराज, वाराणसी और दिल्ली में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

    बीते महीने भी पकड़ा गया था सिरप का जखीरा
    बीते महीने 27-28 सितंबर को प्रयागराज में एसटीएफ ने कोडीनयुक्त सिरप का बड़ा जखीरा पकड़ा था। 120 गत्ते में यानी 12 हजार सिरप बरामद हुए थे। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद दिल्ली की फर्म राजधानी ट्रांसपोर्ट में रखीं सिरप की 25 हजार शीशियां बाबूपुरवा के ढकनापुरवा स्थित गोदाम में रखवाई गईं थीं। दिल्ली की फर्म राजधानी ट्रांसपोर्ट गुड़गांव हरियाणा निवासी कुंवर राज सिंह चड्ढा की बताई जा रही है। एएनटीएफ जल्द उनसे भी पूछताछ कर सकती है। इस मामले में एएनटीएफ लखनऊ मुख्यालय की एसीपी नित्या गोस्वामी ने बाबूपुरवा थाने में मिहिर ठाकुर से पूछताछ की थी। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में कई इनपुट मिले हैं। जिसके आधार पर जल्द ही कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार करने वालों पर नकेल सकी जाएगी।

    12 लाइसेंस हो चुके निरस्त, बड़े पैमाने पर हेरफेर
    कोडीनयुक्त कफ सिरप के नशे में उपयोग को लेकर एक साल से बड़े पैमाने पर छापेमारी चल रही है। कानपुर में अब तक 12 थोक दवा दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके है। एक दर्जन से ज्यादा रिपोर्ट हो चुकी हैं। 10 से ज्यादा लोग जेल गए हैं। खाद्य आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने खुद शहर आकर छापेमारी की थी।

  • बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही योगी सरकार, नगर विकास मंत्री ने फैजुल्लागंज-दाउदनगर में किया निरीक्षण

    बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही योगी सरकार, नगर विकास मंत्री ने फैजुल्लागंज-दाउदनगर में किया निरीक्षण

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज-दाउदनगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की उपलब्धता में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा स्थानीय निवासियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

    राहत शिविरों में सुविधाओं का लिया जायजा

    मंत्री ए.के. शर्मा ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में जरूरी दवाइयां, पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा जलभराव के कारण फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया।

    प्रभावित परिवारों की सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता

    नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति की निरंतर निगरानी करें और लोगों को राहत पहुंचाने के कार्यों में तत्परता बरतें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मंत्री ए.के. शर्मा ने राहत सामग्री वितरित की। राहत सामग्री मिलने पर स्थानीय निवासियों ने उनका आभार व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

  • बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर

    बलरामपुर में 803 करोड़ से विकास का नया अध्याय, गांवों से शहर तक बदलेगी तस्वीर

    बलरामपुर।

    विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर को 803.19 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। श्रावस्ती और गोंडा लोकसभा क्षेत्रों में फैले जनपद में 273.42 करोड़ की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण और 529.77 करोड़ की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने, रेलवे फाटक के जाम से निजात दिलाने और शहर में पेयजल व सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर जोर रहा। सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले विकास परियोजनाओं की यह सौगात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
     
    292 करोड़ के ओवरब्रिज से मिलेगी जाम से राहत

    राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। इससे रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों का आवागमन सुगम होगा।
     
    गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगे संपर्क मार्ग

    अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क बेहतर होगा। कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और कटरा सोनार जिला मार्ग पर गोपियापुर नाले के पास लघु सेतु व पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बरसात में आवागमन की बाधाएं कम होंगी। किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी। उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
     
    176 करोड़ से मजबूत होंगी शहरी सुविधाएं

    बलरामपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रथम चरण का लोकार्पण हुआ। इससे गंदे पानी के निस्तारण और शोधन की व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही 53 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
     
    विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार

    मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया। जिले में 24 करोड़ रुपये से अधिक से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनेगा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार जी+8 ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया।
     
    सिंचाई और बाढ़ से बचाव के कार्यों पर जोर

    नहरों और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के कार्य भी कराए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 'मां पाटेश्वरी विला' का निर्माण हुआ है। कुल 78 परियोजनाओं में सर्वाधिक 39 लोक निर्माण विभाग और 23 सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की हैं। नगर विकास विभाग की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो तथा माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना है।

  • मोहनजीत शेरों केस: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का पंजाब पुलिस को समन, DGP को दस्तावेजों के साथ दिल्ली बुलाया

    मोहनजीत शेरों केस: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का पंजाब पुलिस को समन, DGP को दस्तावेजों के साथ दिल्ली बुलाया

    चंडीगढ़ 

    राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों से जुड़े कथित पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को नई दिल्ली तलब किया है।

    इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी करते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी को 14 अक्तूबर 2026 की दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है। इस कार्रवाई की जानकारी भाजपा नेता दामन बाजवा और हरमनदेव सिंह बाजवा ने साझा की। 

    क्या है पूरा मामला
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव शेरों में आयोजित 'लोक मिलनी' (जनसंवाद) कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह शेरों ने विरोध स्वरूप काला कपड़ा दिखाया था और इलाके में बेधड़क चल रहे नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया था। आरोप है कि इस घटना के बाद चार पुलिस अधिकारियों ने हिरासत के दौरान मोहनजीत सिंह के साथ बर्बरता की और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी को तलब किया है। 

  • यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत महिला सुरक्षा के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एप के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और उस पर एक्शन लेने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने की तैयारी है।

    प्रस्तावित व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। वहीं एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

    निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा
    इस पहल की खास बात यह होगी कि महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और उनसे संबंधित कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों पर नजर रखने की योजना है।

    कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के साथ ही जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा। इससे शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास होगा।

    क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी सुविधा
    प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश करने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद महिला शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके साथ ही एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यानी तकनीक को महिला सुरक्षा के तंत्र से सीधे जोड़कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर जोर है।

    महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित तंत्र तक उसकी पहुंच आसान हो, यही इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए लखनऊ में स्थापित किए जाने वाले कमांड सेंटर से जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां बनने वाला स्पेशल सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेगा।

    लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर
    प्रदेश में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को एकीकृत स्वरूप देने की तैयारी है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को इसका प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। विशेष सेल के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

    इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत तंत्र और प्रदेश स्तर की निगरानी को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर महिला के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता आसान होगा तो दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

    आयोग की भूमिका को भी मिलेगा और प्रभावी स्वरूप
    महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने पर जोर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के उपरांत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की।

     

  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

    बलरामपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। महिलाओं को फलों समेत पोषण की पोटली दी। उन्होंने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। 

    मुख्यमंत्री ने कराया बच्चों का अन्नप्राशन 

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया।  साथ ही महिलाओं को फलों समेत पोषण पोटली दी। उन्होंने यहां लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल आदि का भी अवलोकन किया। सभी से जनपदों में चल रहे विभागीय कार्यों की जानकारी भी ली। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

    विकास यादव- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप 
    मो. शादाब- उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना- लैपटॉप
    किरन वर्मा- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    हिमांशु यादव- कस्टम हायरिंग सेंटर- चाबी
    अजय कुमार पाल- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    हसन रजा- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    गुफरान अंसारी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक
    किशना देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 
    उर्मिला देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    संगीता- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    ननका देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
    गुड़िया वर्मा/पिंकी- एनआरएलएम के तहत 45 लाख का चेक ।

  • योगी सरकार मरीजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट, बेकार एंबुलेंस को लेकर की कार्रवाई

    योगी सरकार मरीजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट, बेकार एंबुलेंस को लेकर की कार्रवाई

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और मरीजों की सुरक्षित यात्रा के लिए योगी सरकार के निर्देशों के तहत परिवहन विभाग ने अनफिट एवं अनधिकृत एंबुलेंस के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाली 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 एंबुलेंस को बंद कराया गया।

    परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने बताया कि अभियान के दौरान विभागीय प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं के संचालन में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि मरीजों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।

    परिवहन आयुक्त ने कहा कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा में वाहनों का फिट होना और सभी आवश्यक दस्तावेजों का वैध होना बेहद जरूरी है। अनफिट या अनधिकृत एंबुलेंस का संचालन मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।

    वैध परमिट व नियमों का पालन अनिवार्य

    उन्होंने वाहन स्वामियों और एंबुलेंस संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का संचालन करने से पहले पंजीकरण, वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी अभिलेख पूरे रखें। निर्धारित मानकों का पालन करते हुए ही एंबुलेंस का संचालन करें, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

    परिवहन विभाग के अनुसार, अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं में नियमों का अनुपालन बढ़ाना और सड़क पर चलने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।