Category: राज्य

  • कोर्ट पेशी के बाद पूर्व DIG भुल्लर का बयान, सवालों पर बोले- ‘अभी कुछ नहीं कह सकता’

    कोर्ट पेशी के बाद पूर्व DIG भुल्लर का बयान, सवालों पर बोले- ‘अभी कुछ नहीं कह सकता’

    चंडीगढ़.

    पिछले करीब एक साल से जेल में बंद पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर वीरवार को चंडीगढ़ कोर्ट में रो पड़े थे और शुक्रवार को फिर से उन्हें पेश किया गया तो कोर्ट से बाहर आकर बोले कि वे अभी कुछ नहीं कह सकते।

    ईडी ने भी भुल्लर को कोर्ट में पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट हासिल किए थे। अब मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी भुल्लर को हिरासत में ले सकती है। इससे पहले वीरवार को भुल्लर और कृष्णु के वकीलों ने शिकायतकर्ता आकाश बत्ता का क्राॅस एग्जामिनेशन किया था। भुल्लर ने जज के आगे कहा था कि शिकायतकर्ता आकाश बत्ता सार्वजनिक मंचों पर उन्हें बदनाम कर रहा है। उसने कई बार उनके चरित्र पर अंगुलियां उठाई, जिस कारण उन्हें समाज में शर्मसार होना पड़ रहा है।

    भुल्लर ने कहा कि उनके घर भी बहू-बेटी हैं। रिश्वत मामले में भुल्लर के बिचौलिए कृष्णु शारदा को कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान भुल्लर और कृष्णु के वकीलों ने शिकायतकर्ता आकाश बत्ता का क्राॅस एग्जामिनेशन किया। मामले में आकाश गवाही दे चुके हैं और अब बचाव पक्ष के वकील सवाल-जवाब कर रहे हैं। इससे पहले बत्ता ने सीबीआई जज के आगे दोनों आरोपितों के खिलाफ खुलकर गवाही दी थी।

    घर से मिले थे करोड़ों रुपये कैश, सोना
    भुल्लर को पिछले साल 16 अक्टूबर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता से आठ लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। उन्हें किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिया जा रहा था। बत्ता ने जब इस बारे में सीबीआइ को शिकायत दी तो जांच एजेंसी ने भुल्लर और कृष्णु को गिरफ्तार कर लिया था। भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर से सीबीआइ को साढ़े सात कराेड़ रुपये कैश और करीब ढाई किलो सोना मिला था।

  • उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन होगा आधुनिक, 18 शहरों में चलेंगी 1,725 इलेक्ट्रिक बसें

    उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन होगा आधुनिक, 18 शहरों में चलेंगी 1,725 इलेक्ट्रिक बसें

    योगी कैबिनेट का फैसला: 18 शहरों में चलेंगी 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसें

    जीसीसी मॉडल पर होगा संचालन, 12 साल की होगी अनुबंध अवधि

    12 मीटर की बस पर 40 लाख और 9 मीटर की बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान

    आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत 18 शहरों को मिलेगा लाभ

    लखनऊ और कानपुर को मिलेंगी 300-300 बसें, वाराणसी में 250 और गोरखपुर में चलेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें

    यूपी में निर्मित बसों की खरीद को मिलेगी वरीयता, रोजगार के नए अवसरों की खुली राह

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की नगरीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    योजना के अंतर्गत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) में बसें संचालित की जाएंगी। इनमें 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन शुरू होने की तारीख से 12 वर्ष निर्धारित की गई है।

    लखनऊ और कानपुर को मिलेंगी 300-300 बसें
    नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 18 शहरों में जल्द ही 1,725 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इनमें आगरा में 100, मथुरा-वृंदावन में 50, अलीगढ़ में 25, फिरोजाबाद में 25, गाजियाबाद में 100, मेरठ में 100, शाहजहांपुर में 25, बरेली में 25, मुरादाबाद में 25, सहारनपुर में 25, नोएडा (जेवर सहित) में 100, वाराणसी में 250, अयोध्या में 50, लखनऊ में 300, गोरखपुर में 150, कानपुर में 300, प्रयागराज में 50 और झांसी में 25 बसें चलाई जाएंगी।

    निजी ऑपरेटर करेंगे बसों का संचालन
    जीसीसी मॉडल के तहत निजी ऑपरेटर बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन के लिए आवश्यक चार्जर की व्यवस्था, बस चालक एवं तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती तथा बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर ऑपरेटरों को संचालन एवं रखरखाव शुल्क (ओएंडएम फी) का भुगतान किया जाएगा। वहीं, टैरिफ/प्रयोक्ता शुल्क निर्धारण सरकार द्वारा किया जाएगा।

    बसों की खरीद पर मिलेगा अनुदान
    परियोजना के तहत 12 मीटर लंबी प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस के लिए 40 लाख रुपये और 9 मीटर लंबी बस के लिए 35 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। बसों के संचालन के लिए डिपो निर्माण हेतु संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण की ओर से आवश्यकतानुसार भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

    निजी निवेश से सेवाओं में सुधार की उम्मीद
    सरकार के अनुसार, निजी निवेश के माध्यम से बस संचालन में सरकारी व्यय का बोझ कम होगा और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। निजी ऑपरेटर दक्षता, समयबद्धता एवं उपभोक्ता संतुष्टि पर विशेष ध्यान देंगे। निजी ऑपरेटरों को प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे नवीनतम तकनीक एवं सेवा सुधार लागू होंगे। निजी ऑपरेटर निविदा प्रक्रिया से चयनित होकर अनुबंधित किए जाएंगे और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

    प्रदेश में निर्मित बसों को मिलेगी वरीयता
    योजना के तहत नई इलेक्ट्रिक बसों के खरीद के संबंध में परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित नीति के क्रम में एल-1 के रेट पर उत्तर प्रदेश में निर्मित बसों के क्रय को वरीयता प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। इससे प्रदेश में बस निर्माण और आपूर्ति से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

  • यूपी में महिला सुरक्षा को नई मजबूती, 99 हजार से ज्यादा गांवों में पहुंची महिला बीट पुलिस

    यूपी में महिला सुरक्षा को नई मजबूती, 99 हजार से ज्यादा गांवों में पहुंची महिला बीट पुलिस

    योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान से महिलाएं हुईं सशक्त, 99 हजार से अधिक गांवों तक पहुंची महिला बीट पुलिस 

    – अभियान के फेज-5 के द्वितीय चरण में 2.90 लाख से अधिक स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों की जांच

    – 66 हजार से अधिक महिलाओं और बेटियों ने दौड़ में लिया भाग

    –  38.64 लाख से अधिक लोगों की हुई चेकिंग, 1,841 अभियोग किए गये दर्ज

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी परिणाम सामने आये हैं। मिशन शक्ति अभियान ने जहां एक ओर आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाया, वहीं दूसरी ओर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर उन्हे सशक्त बनाया। अभियान के फेज-5 के द्वितीय चरण 19 मार्च-26 से 17 अप्रैल तक प्रदेशभर में करीब 3 लाख स्कूल, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों की जाचं की गई। इसके अलावा महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। 

    66 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने दौड़ में लिया भाग 
    महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश में महिला सुरक्षा को कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए जागरूकता, संवाद और सख्त कार्रवाई पर एक साथ जोर दे रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति अभियान फेज-5 का द्वितीय चरण प्रदेश भर में संचालित किया गया। इस दौरान पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों ने समन्वित रूप से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। अभियान में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। अभियान के तहत महिला सुरक्षा को लेकर जनपद स्तर पर 66,441 महिलाओं और बालिकाओं ने आयोजित दौड़ कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 49,437 प्रचार-प्रसार सामग्री वितरित की गई। इनमें 1,930 जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रेरणादायी महिलाओं ने भी भाग लिया। वहीं, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित महिला चौपालों के माध्यम से 15,55,219 लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई। इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और जरूरत के समय उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    99 हजार से अधिक गांवों में पहुंची महिला बीट पुलिस
    अभियान के दौरान 1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में 12,51,777 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान 10,05,926 सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन से संबंधित पम्फलेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ग्राम पंचायतों और वार्डों में बीट पुलिस अधिकारियों ने 45,040 कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, ग्राम पंचायत अधिकारियों और रोजगार सेवकों सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहयोग किया। इन कार्यक्रमों में 72,820 लोगों सहित जनमानस को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनने और उन्हें सहायता उपलब्ध कराने के लिए महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने व्यापक स्तर पर भ्रमण किया। अभियान के दौरान महिला बीट अधिकारियों ने 99,377 ग्रामों और वार्डों का दौरा किया। इस दौरान घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता से जोड़ने पर जोर दिया गया। घरेलू विवाद, भरण-पोषण और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों में पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने की पहल की गई।

    2.90 लाख से अधिक स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों की जांच
    महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की निगरानी और चेकिंग भी तेज की गई। 2,90,153 स्कूल-कॉलेजों तथा चौराहों, बाजारों, मॉल, पार्क और भीड़भाड़ वाले स्थानों की जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान 38,64,614 व्यक्तियों की चेकिंग की गई। वहीं 1,841 अभियोग पंजीकृत किए गए, 6276 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16,85,263 व्यक्तियों को चेतावनी दी गई। 

    अभियान के दौरान 59,897 स्थानों पर पुलिस की गश्त और फुट पेट्रोलिंग की गई। इसके साथ ही महिला अपराधों से जुड़े संवेदनशील स्थलों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे अधिष्ठापित कराए गए। राजकीय रेलवे पुलिस ने भी मिशन शक्ति अभियान से संबंधित 4,893 रेलवे स्टेशनों पर 11,226 ट्रेनों में 1,69,201 प्रचार सामग्री वितरित की।

  • यूपी में ब्याज और अर्थदंड माफी योजना-2026 लागू, पुराने बकायेदारों को राहत

    यूपी में ब्याज और अर्थदंड माफी योजना-2026 लागू, पुराने बकायेदारों को राहत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत विभिन्न कर कानूनों के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों पर ब्याज और अर्थदंड माफ करने का निर्णय लिया गया है। यह छूट 3 महीने तक लागू रहेगी। योजना के दायरे में बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर, मूल्य संवर्धित कर (वैट) समेत कई कर कानूनों के अंतर्गत आने वाले पुराने बकाये शामिल होंगे।

    कई पुराने कर कानूनों के बकाये होंगे शामिल

    योजना के तहत उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995, उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम-2007 और उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के अंतर्गत सृजित बकायों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मनोरंजन कर से संबंधित नियमावली और उत्तर प्रदेश केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली-1997 से जुड़े मामलों को भी योजना के दायरे में रखा गया है।

    ब्याज और अर्थदंड से मिलेगी राहत

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित तारीख तक सृजित बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड को माफ करने के लिए यह योजना लागू की जा रही है। इससे संबंधित कर कानूनों के अंतर्गत बकाया रखने वाले करदाताओं को राहत मिलने का रास्ता खुलेगा। उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 के जरिए पुराने कर विवादों और बकायों के निस्तारण को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, सालाना 3 साड़ियां देने की तैयारी

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, सालाना 3 साड़ियां देने की तैयारी

    योगी सरकार अब आंगनबाड़ी कर्मियों को हर साल देगी तीन साड़ियां
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी
     
    3.80 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा लाभ
     
    अब दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी, अतिरिक्त साड़ी का खर्च उठाएगी राज्य सरकार
     
    प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से 19.02 करोड़ रुपये होंगे खर्च
    लखनऊ

     योगी सरकार ने प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को हर साल तीन साड़ियां देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अभी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को साल में दो साड़ियां मिलती हैं। नई व्यवस्था से प्रदेश की 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। इस पर राज्य सरकार करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
     
    कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इनके लिए 1,90,145 कार्यकत्रियों और इतनी ही सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। सभी स्वीकृत पदों के आधार पर कुल 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक-एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
     
    अतिरिक्त साड़ी का खर्च उठाएगी राज्य सरकार
    वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 की वित्तीय भागीदारी वाली योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब तीसरी साड़ी राज्य सरकार अपने खर्च पर देगी। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपये निर्धारित किए गए हैं। कुल अनुमानित व्यय 19,01,45,000 रुपये होगा।
     
    नियमित इस्तेमाल और धुलाई की परेशानी होगी दूर
    आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को कार्यस्थल पर निर्धारित वेशभूषा में काम करना होता है। नियमित इस्तेमाल, धुलाई, प्रतिकूल मौसम और साड़ी के अचानक गंदा या खराब होने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए एक अतिरिक्त साड़ी देने का फैसला किया गया है।
     
    प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और आकांक्षात्मक जिलों में 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाता है। इन सेवाओं के संचालन में कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की अहम भूमिका है।

  • सम्राट चौधरी के निर्देश, डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटेगा और सोशल मीडिया पर बढ़ेगी निगरानी

    सम्राट चौधरी के निर्देश, डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटेगा और सोशल मीडिया पर बढ़ेगी निगरानी

    पटना
    बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। आदतन अपराधियों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

    इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

    आदतन अपराधियों पर पुलिस की रहेगी विशेष नजर
    बैठक में अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की निगरानी को लेकर विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।

    जिलावार और थानावार सूची तैयार होने से पुलिस को अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर रखने और उनके खिलाफ समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

    आदतन अपराधियों और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के विरुद्ध CCA के तहत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। इसका उद्देश्य अपराध पर नियंत्रण के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

    डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटाने पर जोर
    कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 की कार्यक्षमता बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायत या आपात सूचना मिलने पर पुलिस कम से कम समय में मौके पर पहुंचे

    रिस्पांस टाइम घटाने से आपात स्थितियों में लोगों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

    सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने का निर्देश
    बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री और उससे कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

    अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखते हुए कानून के दायरे में जरूरी कार्रवाई की जाए।

    सोशल मीडिया पर भ्रामक या अशांति फैलाने वाली सामग्री के मामलों में समय रहते कार्रवाई करना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्ती
    प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और गड़बड़ी में शामिल लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    बैठक में कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए पुलिस और संबंधित अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, आपातकालीन सहायता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए

  • पश्चिमी यूपी में 12 अक्टूबर से होगी धान खरीद

    पश्चिमी यूपी में 12 अक्टूबर से होगी धान खरीद

    लखनऊ
    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 12 अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवंबर से धान खरीद होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 फरवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2027 तक धान खरीद होगी। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन) का एमएसपी 2441 और (ग्रेड ए) का 2461 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।

    65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, खोले जाएंगे 4500 क्रय केंद्र
    खाद्य व रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि उप्र ने पिछली बार भी सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान क्रय किया था। इस बार इसमें और वृद्धि की गई है। 8 क्रय एजेंसियों से 4500 क्रय केंद्रों के माध्यम से 65 लाख मीट्रिक टन खरीद होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को 48 घंटे के भीतर खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। धान खरीद के लिए बोरे की कमी नहीं होगी। 80 हजार बोरे की व्यवस्था हो गई है। आज शाम तक एक लाख और बोरे की व्यवस्था हो जाएगी।

    पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में 12 अक्टूबर से होगी खरीद
    पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में 12 अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 15 फरवरी 2027 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी।

    पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद
    पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।  

    करीब 14 हजार किसानों ने करा लिया पंजीकरण
    सरकार की धान क्रय नीति पर विश्वास जताते हुए लगभग 14 हजार किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण करा लिया है। 9 अक्टूबर (दोपहर दो बजे) तक करीब 13,943 किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कर लिया है। वहीं किसानों की फॉर्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) के आधार पर धान क्रय किया जाएगा

  • बाड़मेर से जोधपुर SI प्रमोशन का टेस्ट देने पहुंचे ASI दुर्गाराम की मौत, फिजिकल टेस्ट के दौरान हुआ हादसा

    बाड़मेर से जोधपुर SI प्रमोशन का टेस्ट देने पहुंचे ASI दुर्गाराम की मौत, फिजिकल टेस्ट के दौरान हुआ हादसा

    जोधपुर
    राजस्थान के जोधपुर से बड़ी खबर सामने आई है। एसआई पद पर प्रमोशन के लिए फिजिकल टेस्ट देने आए एएसआई की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक एएसआई दुर्गाराम (50) बाड़मेर जिले के नेतराड़ गांव के रहने वाले थे। वे शुक्रवार सुबह मंडोर स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रमोशन के लिए आयोजित फिजिकल परीक्षा देने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दो किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद उनके सीने में अचानक दर्द उठा। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को जोधपुर के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।

    जानकारी के अनुसार एएसआई दुर्गाराम शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे फिजिकल टेस्ट में शामिल होने के लिए जोधपुर के मंडोर स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे थे। यहां एसआई पद पर प्रमोशन के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी। दुर्गाराम ने परीक्षा के तहत दो किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली थी। इसके बाद उन्हें शारीरिक परीक्षा के अन्य चरणों में शामिल होना था। दौड़ पूरी करने के कुछ समय बाद दुर्गाराम की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

    सुबह करीब 8:30 बजे उनके सीने में तेज दर्द हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी हालत बिगड़ती देख उन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी मंदिर हॉस्पिटल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि फिजिकल टेस्ट के दौरान ही उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके चलते उनकी मौत हो गई।

    प्रमोशन के लिए आए थे दुर्गाराम
    एएसआई दुर्गाराम बाड़मेर जिले के नेतराड़ गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में वे गिराब पुलिस थाने में एएसआई के पद पर कार्यरत थे। वे एसआई पद पर प्रमोशन पाने के लिए आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने जोधपुर आए थे। परीक्षा के दौरान अचानक हुई इस घटना से पुलिस महकमे में शोक का माहौल है। एएसआई दुर्गाराम की मौत की सूचना मिलते ही पैतृक गांव नेतराड़ में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • योगी कैबिनेट ने 39 प्रस्तावों पर लगाई मुहर, विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दी नई रफ्तार

    योगी कैबिनेट ने 39 प्रस्तावों पर लगाई मुहर, विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दी नई रफ्तार

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक में विकास, औद्योगिक निवेश, कृषि, रोजगार, तकनीक और जनकल्याण से जुड़े 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसलों के साथ प्रदेश को ‘विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया। कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही भदोही का नाम संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।

    तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (यूपी-एआईएम) की स्थापना को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का उद्देश्य सरकारी खरीद में प्रदेश के स्टार्टअप्स को अवसर उपलब्ध कराते हुए नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।

    कृषि क्षेत्र में कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान क्रय नीति निर्धारित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। इससे आगामी धान खरीद व्यवस्था को निर्धारित नीति के अनुरूप संचालित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और मानकीकृत किया जा सकेगा। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा मैनपुरी में राज्य मार्ग संख्या-84 को चार लेन में चौड़ा करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।

  • ₹20 की बोतल के लिए वसूले ₹50, पटना उपभोक्ता आयोग ने थिएटर और कंपनी पर लगाया जुर्माना

    ₹20 की बोतल के लिए वसूले ₹50, पटना उपभोक्ता आयोग ने थिएटर और कंपनी पर लगाया जुर्माना

    पटना
    बिहार की राजधानी पटना में सिनेमा हॉल के अंदर खाद्य सामग्रियों और पानी की बोतलों पर ली जाने वाली मनमानी कीमत के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट ने सख्त कदम उठाया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) ने सिनेपोलिस थिएटर और कोका-कोला कंपनी पर दोहरी मूल्य प्रणाली (ड्यूअल एमआरपी) अपनाने के लिए 85 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। आयोग ने कहा कि दर्शकों को बाहर से पानी लाने से रोककर अंदर महंगे दामों पर उत्पाद खरीदने के लिए विवश करना पूरी तरह गैर-कानूनी और उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। अदालत के इस फैसले से थिएटर्स में होने वाली मनमानी वसूली पर लगाम लगेगी।

    20 की बोतल 50 में बेचना पड़ा भारी
    ये मामला 23 सितंबर 2016 का है, जब एक परिवादी सिनेपोलिस थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे थे। थिएटर प्रशासन ने बाहर से पानी ले जाने पर प्रतिबंध लगा रखा था, जिसके कारण परिवादी को मजबूरी में हॉल के अंदर से पानी खरीदना पड़ा। खुले बाजार में जो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 20 रुपये में मिलता है, उसके लिए हॉल में 50 रुपये वसूले गए।

    85 हजार रुपये जुर्माने का आदेश
    पटना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र और सदस्य रजनीश कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए इस कृत्य को अनुचित और प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार माना। अदालत ने सिनेपोलिस और कोका-कोला कंपनी को भुगतान करने का निर्देश जारी किया।

    • उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति: परिवादी को मानसिक उत्पीड़न के लिए 25 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी।
    • वाद व्यय: केस लड़ने में हुए खर्च के तौर पर उपभोक्ता को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
    • कल्याण कोष में जमा: 50 हजार रुपये की बड़ी राशि राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करानी होगी।
    • भुगतान की समय-सीमा: 45 दिनों के भीतर इस आदेश का पालन न करने पर निर्धारित राशि पर 9% वार्षिक ब्याज लागू होगा।

    दोहरी कीमत वसूलने पर पूर्ण रोक
    उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि खुले बाजार की प्रचलित दर से अधिक पर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर या कोई अन्य उत्पाद नहीं बेचा जा सकता। इसके अलावा, बोतलों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) साफ और पठनीय रूप से लिखा होना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि आम ग्राहकों से अतिरिक्त वसूली न हो सके।

    उपभोक्ता मंत्रालय को कार्रवाई के निर्देश
    आयोग ने इस तरह के अनुचित व्यापार व्यवहार को जड़ से खत्म करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय को भी पत्र भेजा है। आयोग ने दोनों विभागों को सिनेमा हॉलों और मॉल में चल रही मनमानी दोहरी कीमत प्रणाली को रोकने के लिए पूरे राज्य में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।