Category: राज्य

  • LPU में पुलिस का सख्त पहरा, सीनियर अधिकारियों ने संभाली कमान; DGP ने चेताया

    LPU में पुलिस का सख्त पहरा, सीनियर अधिकारियों ने संभाली कमान; DGP ने चेताया

    जालंधर.

    फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में रातभर हुए हंगामे के बाद सोमवार सुबह पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। डीजीपी गौरव यादव, स्पेशल डीजीपी प्रवीण कुमार सिन्हा और डीआइजी नवीन सिंगला समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन भी कैंपस में तैनात की गई। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पंजाब के DGP गौरव यादव ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में हुए घटनाक्रम को लेकर बयान दिया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने बताया कि 26-27 सितंबर की दरम्यानी रात कैंपस के अंदर कुछ घटनाओं को लेकर देर रात अफवाहें फैलने लगी थीं. इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में बाहर आ गये. इस दौरान तोड़फोड़ की कुछ घटनाएं हुईं और गेट के एक हिस्से में आग भी लगा दी गयी.

    रात 1:30 बजे मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
    DGP के मुताबिक, पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, करीब रात 1:30 बजे जालंधर रेंज के डीआइजी नवीन सिंगला, कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा, होशियारपुर के एसएसपी, जालंधर ग्रामीण के एसएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गये. पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और छात्रों के साथ बातचीत शुरू की.

    छात्रों की शिकायतों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन से कराया संवाद
    गौरव यादव ने कहा कि छात्रों की यूनिवर्सिटी प्रशासन से कुछ शिकायतें थीं. पुलिस ने छात्रों और प्रशासन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए बातचीत करायी. अधिकारियों ने पूरे दिन छात्रों के साथ संवाद जारी रखा, ताकि विवाद को बातचीत के जरिये सुलझाया जा सके.

    पुलिस ने छात्रों पर बल प्रयोग नहीं करने का लिया फैसला
    DGP गौरव यादव ने कहा कि स्थिति में कुछ उकसावे और कार्रवाई की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने का सचेत फैसला लिया. उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतें यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़ी थीं, इसलिए पुलिस ने बातचीत से समाधान निकालने पर जोर दिया.

    महिला स्टाफ की मांग समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति
    पंजाब DGP गौरव यादव के अनुसार, छात्रों की प्रमुख मांगों में लड़कियों के हॉस्टल में केवल महिला स्टाफ की तैनाती शामिल थी. इसके अलावा भी कुछ अन्य मुद्दे थे. पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर शिकायतों के समाधान की दिशा में काम किया. उन्होंने कहा कि बुधवार को इस मुद्दे को सुलझा लिया गया और बैठकें भी हुईं. एक और बैठक आज होने की बात कही गयी है.

    हिंसा की घटना पर FIR, SIT करेगी विस्तृत जांच
    DGP गौरव यादव ने बताया कि घटना के संबंध में एफआइआर दर्ज कर ली गयी है. मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गयी है. टीम पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी और सभी पहलुओं की पड़ताल की जायेगी.

    पुलिस वाहन पर पथराव का भी जिक्र
    DGP गौरव यादव ने कहा कि पिछले रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. कुछ तत्वों ने कथित उकसावे के बीच माहौल खराब करने की कोशिश की और पुलिस के वाहन पर पथराव किया. पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान कर रही है.

    CCTV फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान
    पंजाब पुलिस प्रमुख ने कहा कि हिंसा और कानून हाथ में लेने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज समेत तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से घटनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है. जांच के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

  • WPL 2027 Auction से पहले बड़ा बदलाव, सभी 5 टीमों ने जारी की रिलीज-रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट

    WPL 2027 Auction से पहले बड़ा बदलाव, सभी 5 टीमों ने जारी की रिलीज-रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट

    नई दिल्ली
    महिला प्रीमियर लीग 2027 के पांचों फ्रेंचाइजी ने रिटेंशन लिस्ट जारी कर दी है। आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स ने अपने बड़े खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। रिलीज किए गए और रिटेन किए गए खिलाड़ियों की पूरी सूची देखिए।
    WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिलीज किए गए प्लेयर्स की सूची

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: WPL 2027: गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लिन्से स्मिथ, ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता और गौतमी नाइक को रिलीज कर दिया है।

    ग्रेस हैरिस आरसीबी की बड़ी प्लेयर थीं।
    दिल्ली कैपिटल्स: WPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स ने एलाना किंग, एडला सृजना, लिजेल ली, प्रगति सिंह, स्नेहा राणा, तानिया भाटिया को महिला प्रीमियर लीग 2027 के लिए अपनी टीम से रिलीज कर दिया है।

    लिजेल ली और स्नेहा राणा दिल्ली कैपिटल्स की बड़ी प्लेयर थीं।
    मुंबई इंडियंस: WPL 2027: दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने जी कमलिनी, मिल्ली इलिंगवर्थ, क्रांति रेड्डी, पूनम खेमनार, सैका इशाक और त्रिवेणी वशिष्ठ को रिलीज कर दिया है।

    गुजरात जायंट्स: WPL 2027: गुजरात जायंट्स ने डैनी व्याट-हॉज, आयुषी सोनी, तितास साधु और शिवानी सिंह को रिलीज कर दिया है।
    यूपी वारियर्स: WPL 2027: यूपी वॉरियर्स ने आशा शोभना, श्वेता सहरावत, किरण नवगिरे, डिएंड्रा डॉटिन, एमी जोन्स और क्लोट्रायोन को टीम से बाहर कर दिया है।

    WPL 2027 के लिए सभी टीमों द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर्स की सूची
    दल्ली कैपिटल्स रिटेंशन लिस्ट: एनाबेल सदरलैंड, चिनेल हेनरी, दीया यादव, जेमिमा रोड्रिग्स, लौरा वोल्वार्ड्ट, लकी हैमिल्टन, ममता मदिवाला, मरिज़ाने काप, मिन्नू मनी, एन श्री चरणी, नंदनी शर्मा, निकी प्रसाद, शेफाली वर्मा।

    गुजरात जायंट्स द्वारा रिटेन किए गए प्लेयर: अनुष्का शर्मा, एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, भारती फुलमाली, जॉर्जिया वेयरहैम, हैप्पी कुमारी, जिंतीमनी कलिता, कनिका अहूजा, काश्वी गौतम, किम गार्थ, राजेश्वरी गायकवाड़, रेणुका सिंह, सोफी डिवाइन, तनुजा कंवर,
    यास्तिका भाटिया

    मुंबई इंडियंस द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: अमनजोत कौर, अमेलिया केर, हरमनप्रीत कौर, हेली मैथ्यूज, नेट साइवर-ब्रंट, निकोला केरी, राहिला फिरदौस, सजीवन सजना, संस्कृति गुप्ता, शबनिम इस्माइल, वैष्णवी शर्मा

    आरसीबी द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नादिन डी क्लर्क, जॉर्जिया वॉल, सायली सतघारे, प्रेमा रावत, प्रत्युषा कुमार, लॉरेन बेल

    यूपी वारियर्स द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ी: दीप्ति शर्मा, हरलीन देओल, क्रान्ति गौड़, मेग लैनिंग, फीबी लिचफील्ड, प्रतिका रावल, शिखा पांडे, शिप्रा गिरी, सिमरन शेख, सोफी एक्लेस्टोन, तारा नॉरिस।

    28 अक्टूबर को होगा ऑक्शन
    बता दें कि कोई भी फ्रेंचाइजी अधिकतम 18 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल कर सकती है। इनमें से अधिकतम 6 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं। महिला प्रीमियर लीग का ऑक्शन अगले महीने यानी अक्टूबर में 28 तारीख को कोच्चि में आयोजित किया जाएगा। टाटा महिला प्रीमियर लीग का 2027 संस्करण 14 जनवरी से 7 फरवरी तक खेला जाएगा।

  • शिक्षक MLC चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, चुनावी ड्यूटी वालों को मतदान के बाद भी छुट्टी

    शिक्षक MLC चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, चुनावी ड्यूटी वालों को मतदान के बाद भी छुट्टी

    छपरा
    बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर, शुक्रवार को मतदान होगा।

    मतदान में शामिल होने वाले 10,731 शिक्षक मतदाताओं को एक दिन का विशेष अवकाश मिलेगा, जबकि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों को मतदान के अगले दिन का भी अवकाश अनुमन्य होगा।

    कार्यदिवस में मतदान होने और बड़ी संख्या में शिक्षकों के मतदाता होने के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती होगी।

    शिक्षक निर्वाचन में मतदाता स्वयं शिक्षक हैं। ऐसे में मतदान के दिन जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है।

    हालांकि, जिन शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी नहीं लगी है और जो निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता भी नहीं हैं, उन्हें निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचना होगा। इन शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन सामान्य रखने का प्रयास किया जाएगा।

    चुनावी ड्यूटी वाले कर्मियों को दो दिन अवकाश
    निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए लगाए गए शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों को मतदान के दिन के साथ अगले दिन भी अवकाश मिलेगा।

    मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन से संबंधित कार्यों के कारण अगले दिन भी इन कर्मियों की विद्यालयों में उपस्थिति नहीं होगी।

    वहीं, शिक्षक मतदाताओं को मतदान के लिए केवल मतदान दिवस का विशेष अवकाश दिया जाएगा। इससे विद्यालयों में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या पर अलग-अलग स्तर पर असर पड़ेगा।

    10,731 शिक्षक करेंगे मताधिकार का प्रयोग
    सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,731 शिक्षक मतदाता पंजीकृत हैं। ये शिक्षक 23 अक्टूबर को अपने प्रतिनिधि के चुनाव के लिए मतदान करेंगे।

    इस बार शिक्षक ही मतदाता हैं, इसलिए मतदान में शिक्षकों की भागीदारी के साथ विद्यालयों में पठन-पाठन को सुचारू बनाए रखना शिक्षा प्रशासन के सामने अहम चुनौती होगी।

     

  • 181 हेल्पलाइन का ACS ने किया निरीक्षण, 15 से ज्यादा शिकायतकर्ताओं से वीडियो कॉल पर बात

    181 हेल्पलाइन का ACS ने किया निरीक्षण, 15 से ज्यादा शिकायतकर्ताओं से वीडियो कॉल पर बात

    जयपुर
    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित 181 हैल्पलाइन कॉल सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, सम्पर्क एआई, विभागवार प्राप्त परिवादों, उनके निस्तारण, परिवादियों की संतुष्टि एवं शिकायत समाधान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने 15 से अधिक परिवादियों से स्वयं विडियो कॉल पर  संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्यवाही करते हुए परिवादों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक में विभागवार शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान सम्पर्क पर प्राप्त परिवादों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवादी की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पंकज कुमार ओझा, को निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को संबंधित विभागों से 15 असंतुष्ट प्रकरण चयनित कर परिवादियों से स्वयं संवाद किया जाए। परिवादी के असंतुष्ट रहने के कारण की जानकारी लेकर संबंधित विभाग से समन्वय करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इन प्रकरणों की मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर नियमित रूप से समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

    परिवादियों से संवाद कर जानी समस्याएं
    निरीक्षण के दौरान एसीएस दिनेश कुमार ने विभिन्न जिलों के परिवादियों से बातचीत की। सवाई माधोपुर के रिंकू कुमार ने वर्ष 2025-26 की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन का बिल जनरेट नहीं होने की समस्या बताई। चित्तौड़गढ़ के सुरेंद्र ने छात्रवृत्ति आवेदन में बार-बार आ रहे आपत्ति संबंधी प्रकरण एवं जन आधार में जाति प्रमाण-पत्र व मूल निवास अपडेट होने के बावजूद पुनः आपत्ति आने की समस्या बताई। जोधपुर के कान सिंह ने पालनहार योजना की राशि पिछले दो वर्षों से खाते में लंबित होने की शिकायत रखी। बारां के महेश ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के आवेदन पर बार-बार आपत्ति लगाए जाने के कारण स्वीकार नहीं किए जाने की समस्या बताई।

    वहीं सीकर के प्रभाकर ने अनुप्रति कोचिंग योजना के लिए आवेदन करते समय जन आधार से संबंधित तकनीकी समस्या के कारण आवेदन सबमिट नहीं होने की जानकारी दी। भरतपुर के लक्समी कुमार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बच्चे की माता का जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने से उत्पन्न समस्या से अवगत कराया। इसी प्रकारगंगानगर के कमल सोनी ने रीना रानी के नाम से पेंशन बंद करवाने के लिए दिए गए आवेदन पर अभी तक कार्यवाही नहीं होने की शिकायत की। जयपुर के विकास मेवाड़ा ने विद्या संबल योजना के तहत देवनारायण राजकीय आवासीय विद्यालय, देवडूंगरी, पाली में अंग्रेजी व्याख्याता पद पर नियुक्ति संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश की पालना नहीं होने का प्रकरण रखा।

    बूंदी के एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के ऑनलाइन आवेदन में आ रही समस्या तथा पोर्टल के सुचारू संचालन की मांग रखी। बीकानेर की मंजू देवी ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के आवेदन में ई-मित्र स्तर पर दर्ज गलत विवरण को सही करवाने एवं आवेदन पर लगी आपत्तियों का निस्तारण कर योजना का लाभ दिलाने का अनुरोध किया। वहीं जालोर के रवेंद्र ने छात्रावास वरीयता फॉर्म में संशोधन का विकल्प नहीं खुलने से संबंधित तकनीकी समस्या से अवगत कराया।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव ने परिवादियों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण की नियमानुसार जांच कर समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 181 सम्पर्क कॉल सेंटर शासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण सेतु है। इसके माध्यम से प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करते हुए परिवादी को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।

     

  • बच्चों से बड़ों तक सबकी मौज, हरियाणा के चिड़ियाघरों में एक हफ्ते नहीं लगेगा टिकट

    बच्चों से बड़ों तक सबकी मौज, हरियाणा के चिड़ियाघरों में एक हफ्ते नहीं लगेगा टिकट

     भिवानी
    वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रदेश के चिड़ियाघरों में वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। दो से आठ अक्टूबर तक प्रदेश के चिड़ियाघरों में पर्यटकों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    यानी इस दौरान बच्चे और बड़े बिना टिकट चिड़ियाघरों में वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे। प्रदेश में भिवानी, रोहतक और कुरुक्षेत्र में चिड़ियाघर हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं।

    वन एवं वन्यजीव विभाग की ओर से हर वर्ष दो से आठ अक्टूबर तक वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    इसी कड़ी में इस बार चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटकों को प्रवेश शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है। सामान्य दिनों में चिड़ियाघरों में बच्चों के लिए 20 रुपये और बड़ों के लिए 30 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित है।

    रोजाना दो से तीन हजार पर्यटक पहुंचते हैं: प्रदेश के इन चिड़ियाघरों में प्रतिदिन करीब दो से तीन हजार लोग वन्यजीव देखने पहुंचते हैं। सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रवेश निशुल्क होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

    खासकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और परिवारों के लिए यह वन्यजीवों को करीब से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अच्छा अवसर होगा। चिड़ियाघरों में पर्यटकों के लिए सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है।

     

  • अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

    अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

    मेहनत को मिला सम्मान, ग्राम पंचायत अधिकारी पद के चयनित अभ्यर्थी बोले- चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    अभ्यर्थियों ने कहा- बिना सोर्स-सिफारिश और हेरफेर के योग्यता व मेहनत के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

    आशुतोष त्रिपाठी बोले- निष्पक्षता और पारदर्शिता सिर्फ जुमला नहीं, भर्ती प्रक्रिया में दिखी इसकी बानगी

    ओम बघेल बोले- चार साल की मेहनत रंग लाई, मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना जीवन का यादगार पल

    रूपाली, नेहा और मिथिलेश ने जताई खुशी, कहा- पारदर्शी प्रक्रिया से युवाओं का मेहनत पर भरोसा हुआ मजबूत

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से चयनित 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभ्यर्थियों ने कहा कि बिना किसी सिफारिश और हेरफेर के, सिर्फ मेहनत के आधार पर उन्हें सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिला है। एक भी चयन पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है।

    योगी जी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीया दिखाने जैसा

    प्रयागराज निवासी आशुतोष त्रिपाठी का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षा 2025 में हुई थी और साल के भीतर परिणाम आ गया है। प्रदेश में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है और मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। आशुतोष ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता केवल जुमला नहीं है। बिना किसी हेरफेर के नियुक्ति मिली है। योगी जी की ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीया दिखाने जैसा है। हमारा नेतृत्व ईमानदार है और इसकी बानगी भर्ती प्रक्रिया में भी देखने को मिली है। 

    नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही

    ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित प्रतापगढ़ निवासी अमित कुमार सिंह को बरेली में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। कहीं भी सोर्स या सिफारिश नहीं चली है। जिसने मेहनत की, उसका चयन हुआ। अमित सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में बिहार में सरकारी नौकरी के साथ ही परीक्षा की भी तैयारी कर रहे थे। अब अपने ही प्रदेश में नौकरी मिलने से खुशी है।

    मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना गर्व का विषय

    ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित रूपाली गुप्ता को फतेहपुर में तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया बेहद निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलेगा, ऐसा कभी नहीं सोचा था। यह उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। इसी पद पर चयनित नेहा देवी ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए उन्हें केवल फॉर्म भरने का खर्च आया और योग्यता व मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खुशी का क्षण है। 

    मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं 

    ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित ओम बघेल ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी ने उनसे एक रुपया भी नहीं मांगा और नियुक्ति पूरी तरह निष्पक्ष रही। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके जीवन का यादगार पल है। ओम ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से तैयारी कर रहे थे और अब उनकी मेहनत रंग लाई है। योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है और मेहनत करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। आजमगढ़ निवासी मिथिलेश पाल ने भी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और योगी सरकार को दिया। उन्होंने बताया कि चार वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और पारदर्शी नीति के कारण आखिरकार मेहनत रंग लाई।

  • उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: सीएम योगी

    मिशन रोजगार: 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिली नियुक्ति, 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री ने मंच पर दिया नियुक्ति पत्र 

    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे, अक्टूबर से फिर होगा नियुक्ति पत्र वितरण

    ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा, जिससे गांव की ही क्षति होगी: मुख्यमंत्री

    उप्र में अब नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता हैः सीएम योगी

    28 सितंबर है भगत सिंह की जयंती, इसी दिन 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया थाः मुख्यमंत्री

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, लेकिन सपा के स्वास्थ्य मंत्री ने भी हॉस्पिटल का दौरा नहीं कियाः सीएम

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, पिछड़ों-दलितों को योजनाओं से वंचित किया, नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिनके लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था, वही आज नए स्वरूप में नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते दिख रहे हैं। इनसे सावधान रहना है। यह भ्रम पैदा कर राज्य को अराजकता की तरफ धकेलने की साजिश करेंगे। सीएम ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का हमारा लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 11 नवचयनितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देंगे। 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया संपन्न हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण होगा।

    यूपी में अब सिर झुकाकर चलता है माफिया
    सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की चरमता थी। बेईमानी से जकड़े वे लोग माफिया के सामने झुकते थे, परंतु अब ऐसा नहीं है। अब कोई माफिया असलहों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता। आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है। उसे पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा और व्यापारी से फिरौती मांगने जाएंगे तो काम तमाम हो जाएगा। अब माफिया और उनके आका भयभीत हैं। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। 

    युवाओं के लिए यही होली-दीवाली
    मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष व शुचितापूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान प्राप्त कर रहा है, लेकिन खुशी पूरे परिवार व रिश्तेदारों में है। उनके लिए यही होली-दीवाली है। जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था,  उसे निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ हमने सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया है। युवाओं के सपनों को उड़ान और मंजिल प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म चाहिए। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि आपको यह वातावरण मिल रहा है।

    योग्यता पर भी नहीं मिलती थी 2017 के पहले नौकरी 
    सीएम योगी ने कहा कि हम युवा बल को प्लेटफॉर्म देकर उस
    की ऊर्जा-प्रतिभा का उपयोग उप्र की समृद्धि में करने में सफल होते हैं। 2017 के पहले युवाओं में सिर्फ आशंका, हताशा-निराशा थी। योग्यता के बावजूद सिर्फ पहुंच न होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी कोसों दूर रहती थी। 2017 में हमने इस जकड़न, बेईमानी व माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। अब सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है।

    शहीद भगत सिंह की जयंती पर नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री ने साढ़े 9 वर्ष में हुए परिवर्तन को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी सबसे पिछड़े 5 राज्य में था, अब टॉप-3 में हैं। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय व बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है। यह बदलाव पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में हर योजना को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है। आज सरदार भगत सिंह की जयंती है। जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी आयु मात्र 23 वर्ष थी। आज नियुक्ति पत्र पाने वाले अनेक जवानों की आयु भी 20-27 वर्ष के बीच में है। सरदार भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था कि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन उज्ज्वल हो। 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से अधिक गांवों ने ओडीएफ प्लस का लक्ष्य प्राप्त किया था। 2017 के बाद 3.32 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया।

    बच्चे इंसेफेलाइटिस से मरते थे, मंत्री अस्पताल नहीं जाते थे
    सीएम योगी ने कहा कि लगभग 30 जनपदों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े व गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कड़क धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे। सपा ने चार बार शासन किया, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया। सपा के लिए विकास का मायने केवल सैफई था, बाकी गांवों, जनपदों से इन्हें कोई मतलब नहीं था। भारत सरकार 2017 के पहले भी पैसा देती थी, लेकिन लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था। हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं। 

    हर ग्राम पंचायत कर रही रोजगार का सृजन 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में त्रिस्तरीय पंचायत की व्यवस्था लागू हुई। तब से ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था। उनके घऱ से व्यवस्था संचालित होती थी। विरोधी दल का व्यक्ति कैसे उनके घर जाता। लेकिन, जो काम इतने वर्षों में नहीं हुआ, वह अब हो गया है। अब ग्राम पंचायत का कार्यालय (ग्राम सचिवालय) भी है। चार से लेकर छह कमरे हैं। इसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी आदि बैठते हैं। वहां डिजिटल लाइब्रेरी व कॉन्फ्रेंस रूम भी है। एनडीए सरकार ने गांधी जी के सपनों को साकार किया है। गांव की बेटी बीसी सखी व रोजगार सेवक लोगों को जन्म, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। गांव में ही सारी सुविधाएं मिल रही हैं। अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप के साथ वेयरहाउस से भी गांवों में रोजगार सृजन हुए हैं। सामुदायिक शौचालय की देखरेख महिला स्वयंसेवी समूह से जुड़ी महिलाएं करती हैं, जिन्हें पैसा भी मिलता है। उत्सव भवन कुछ गांवों में बन चुके हैं, कुछ में बन रहे हैं। यहां भी लोगों को रोजगार मिल सकता है। हर गांव 5-7 रोजगार का सृजन कर रहा है।

    ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि
    सीएम ने पिछले 4 दिन मूसलाधार बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि यदि 65 लाख गरीबों को पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला होता तो ये सभी बेघर हो गए होते। सभी एहतियात करने के बावजूद कुछ निर्दोषों की जान चली गई। उन्होंने सपा मुखिया पर तंज कसते हुए कहा कि जो कुछ कर नहीं पाए, वह आक्षेप लगाते हैं। जिनमें सामर्थ्य नहीं था, वह टिप्पणी करते हैं। सीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि आपकी स्थिति मजबूत होगी तो ग्राम पंचायतों की भूमिका प्रभावी होगी। ग्राम पंचायत भी आय अर्जित कर सकती है। जो ग्राम पंचायत जितनी आय करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देगी।

    कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा
    सीएम ने कहा कि गंदगी व शुद्ध पेयजल का अभाव गांव में बीमारी का कारण है। सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान से गंदगी को समाप्त किया। हर घर नल योजना गांव तक पहुंचेगी। उन्होंने तंज कसा कि गांवों में युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग दें, जिससे कोई टोटी चोरी कर ले गया तो वे उसकी मरम्मत कर सके। टोटी चोरी होने से पानी बहता रहेगा, जिससे क्षति गांव की होगी। युवाओं के पास आइडिया, इनोवेशन व गांव को अच्छा बनाने का जज्बा होना चाहिए। विकसित भारत का सपना तब साकार होगा, जब यूपी विकसित होगा। यूपी तब विकसित होगा, जब ग्राम पंचायत की इकाई विकसित व आत्मनिर्भर होगी। आप इस परिकल्पना को साकार करने के सारथी बनने जा रहे हैं।

    नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना भेदभाव, बिना लेनदेन सरकारी नौकरी मिल रही है।
     
    अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही
    नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है। यह बड़ी उपलब्धि है।

    इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि मौजूद रहे।

  • झारखंड में शिक्षा अभियान के करीब 1000 कर्मियों को राहत, मानदेय बढ़ाने की तैयारी

    झारखंड में शिक्षा अभियान के करीब 1000 कर्मियों को राहत, मानदेय बढ़ाने की तैयारी

     रांची
     समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड से लेकर राज्य स्तर के कर्मियों के मानदेय में वृद्धि के लिए कमेटी गठित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की हाल ही में संपन्न बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह कमेटी राजस्व पर्षद के सदस्य या स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मनोनीत किसी पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी।

    निर्णय के अनुसार, यह कमेटी में राज्य के अन्य विभागों जैसे ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग एवं अन्य विभागों में समतुल्य पदों पर दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में लागू व्यवस्था का भी अध्ययन करेगी।

    इससे पहले बैठक में राज्य कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। इसमें कहा गया कि इन परियोजना कर्मियों के मानदेय का निर्धारण पूर्व में चतुर्थ वेतनमान के आधार पर ही किया गया है तथा अबतक इसमें संशोधन नहीं किया जा सका है।

    इस कारण से इनके मासिक मानदेय तथा राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा समय-समय अंतरिम राहत के रूप में मानदेय वृद्धि के बाद भी लगभग 55 प्रतिशत का अंतर है। इस अंतर काे पाटने के लिए 40 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया था, जो एक जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होता। बताते चलें कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक लगभग एक हजार कर्मी, पदाधिकारी कार्यरत हैं।

  • तीन मंजिला ऊंचाई, 308 पहिए और 200 टन वजन; चंदौली में फंसा ‘बाहुबली’ ट्रक

    तीन मंजिला ऊंचाई, 308 पहिए और 200 टन वजन; चंदौली में फंसा ‘बाहुबली’ ट्रक

    लखनऊ
    308 पहियों वाला ट्रक बेल्जियम से ओडिशा और वहां से झारखंड, बिहार होते हुए यूपी तो पहुंच गया लेकिन कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। यूपी के ही लखीपुरखीर की बलरामपुर चीनी मिल तक इसे जाना है। चीनी मिल के लिए बॉयलर लेकर जा रहे इस ट्रक के लिए अलग रास्ते भी बनाए जा रहे हैं। इसके बाद भी दिक्कतें कम नहीं हो रही है। शुक्रवार को बिहार से चंदौली के रास्ते यूपी में आया यह ट्रक तीन दिनों बाद भी चंदौली में ही फंसा है। अब उसका रास्ता दलदल ने रोक दिया है।

    चंदौली में रेवसा के पास रिंग रोड पर पुल के कारण इसे पूर्वी सर्विस लेन से निकालने की कोशिश हुई लेकिन दलदल के कारण आगे नहीं जा सका। इसके बाद इसे पश्चिमी लेन पर लाया गया है। अगर किलोमीटर में बात करें तो 48 घंटे में 48 किलोमीटर भी ट्रक नहीं बढ़ सका है। चंदौली से इसे वाराणसी आना है। यहां भी इसे गुजारने के लिए तमामा तैयारियां की गई हैं। तीन फुट ओवरब्रिज को तोड़ा भी जाना है। चंदौली में रिंग रोड के पश्चिमी लेन पर आगे की राह आसान रही तो सोमवार की दोपहर तक इसके आगे रवाना होने की संभावना है।

    तीन से चार मंजिला ऊंचाई बन रही बाधा
    बेल्जियम से समुद्र के रास्ते करीब दो सौ टन वजनी बॉयलर ओडिशा लाने के बाद 308 पहियों वाले ट्रक के जरिए सड़क मार्ग से ही लखीमपुरखीरी पहुंचाने की कवायद हो रही है। तीन से चार मंजिला मकान के बराबर वाली ऊंचाई के कारण इसे सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    उमड़ रही भीड़ भी बन रही चनौती
    नौबतपुर चेस्क पोस्ट से यूपी के चंदौली पहुंचा ट्रक रविवार को जिले के ही रेवसा में पूर्वी सर्विस लेन पर खड़ा रहा। रास्ते की मरम्मत के लिए टीम पूरे दिन मशक्कत करती रही। इस दौरान मशीन को देखने के लिए लोगों की लग रही भीड़ को भी नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है। अलीनगर थाने के अपराध निरीक्षक रमेश कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।

    नेशनल हाईवे पर दोबारा आज आने की संभावना
    शुक्रवार को नौबतपुर से आगे बढ़ने पर पहले कटसिला के पास हाइवे पर शाम होने की वजह से इसे रोक दिया गया था। शनिवार को पचफेड़वा के पास हाइवे पर रिंग रोड का पुल होने के कारण वैकल्पिक मार्ग के रूप में उसे पहले रिंग रोड पर ले जाया जाना था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रविवार को मशीन रेवसा के पास रिंग रोड की पूर्वी सर्विस लेन पर पहुंची। लेकिन आगे जमीन दलदली होने से मशीन को सर्विस लेन पर ही रोक दिया गया। देर शाम इसे रिंग रोड पार करके पश्चिमी लेन पर पहुंचाया गया। इसके बाद फिर एनएच 19 पर लाया जाना है।

  • ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अगले चरण की तैयारी, राजस्थान-डेनमार्क ने तय किए सहयोग के क्षेत्र

    ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अगले चरण की तैयारी, राजस्थान-डेनमार्क ने तय किए सहयोग के क्षेत्र

    जयपुर
     मुख्य सचिव वी.निवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में राजस्थान तथा डेनमार्क के द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बैठक आयोजित हुई, जिसमें भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबील्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने भाग लिया। बैठक में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा 'इंडिया-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के अंतर्गत विभिन्न सहयोगात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    नई कार्ययोजना पर होगा आगे काम
    मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2020 में स्थापित 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' का प्रथम पाँच-वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से उत्साहित होकर अब अगले पाँच वर्षों के लिए एक नए एवं उन्नत एक्शन प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिससे राजस्थान व डेनमार्क के बीच सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।

    ऊर्जा व जल प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर जोर
    बैठक के दौरान बताया गया कि ऊर्जा संरक्षण व नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पंपिंग स्टेशनों पर ऊर्जा बचत, तकनीकी नवाचार तथा ग्रिड फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। जल प्रबंधन व नदी पुनर्जीवन के संदर्भ में जल संरक्षण, वेस्ट वाटर प्रबंधन, जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग तथा नदियों के पुनर्जीवन के क्षेत्र में डेनमार्क के अनुभवों का लाभ उठाए जाने पर सहमति बनी।

    खाद्य प्रसंस्करण व आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा
    इसके साथ ही कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग एवं शहरी विकास के विभिन्न आयामों में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिए जाने पर भी सहमति बनी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने डेनमार्क प्रतिनिधिमंडल के साथ अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विचार साझा किए।