Category: राज्य

  • सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

    सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में विगत दिनों अत्यधिक बारिश से नुकसान को लेकर पुनः जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोरखपुर में शासन व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से हुई जनहानि पर परिजनों को तत्काल मुआवजा दिलाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं, वहां प्रशासन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान व समन्वय से पीड़ितों की मदद करे। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के अधिकारियों से कहा कि बारिश से जिन परिवारों के घर गिरे हैं और जिनके पशुओं की हानि हुई है, उनका तत्काल आकलन कराकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुआवजा वितरित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, वहां प्रशासन, कृषि विभाग, बीमा कंपनी फसलों का आकलन कर यथाशीघ्र मुआवजा दें। प्रभावित परिवारों की समय से यथोचित सहायता करें, इसमें हीलाहवाली कतई न हो।

  • ₹1.25 करोड़ का पैकेज पाकर सक्षम ने रचा इतिहास, IIIT रांची में सबसे बड़ा प्लेसमेंट

    ₹1.25 करोड़ का पैकेज पाकर सक्षम ने रचा इतिहास, IIIT रांची में सबसे बड़ा प्लेसमेंट

    रांची
    भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची के सक्षम ने 1.25 करोड़ का पैकेज पाकर इतिहास रच दिया। सक्षम ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पढ़ाई की थी। उन्हें ग्लोबल आईटी कंपनी रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद पर यह नौकरी मिली है। संस्थान के मुताबिक, यह संस्थान के इतिहास में अब तक हुए प्लेसमेंट में सबसे अधिक का पैकेज है। इस तरह न केवल सक्षम ने बल्कि IIIT रांची ने भी एक नया इतिहास रच दिया है।

    पढ़ाई के साथ तकनीकी कौशल पर किया काम
    संस्थान के अनुसार, पढ़ाई के दौरान सक्षम ने तकनीकी कौशल के साथ समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने की क्षमता पर भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने व्यावसायिक कौशल भी विकसित किए। इन्हीं क्षमताओं के आधार पर प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद के लिए उनका चयन हुआ।

    सक्षम की इस उपलब्धि को संस्थान ने छात्रों के लिए उपलब्ध बेहतर करियर अवसरों से भी जोड़ा है। IIIT रांची का कहना है कि संस्थान में छात्रों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें तकनीकी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर दिया जाता है।

    इंटरव्यू और प्लेसमेंट की तैयारी में मिली मदद
    IIIT रांची के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से छात्रों को कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाता है। इसके तहत छात्रों को इंटरव्यू की तैयारी, तकनीकी कौशल और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है। संस्थान के शिक्षक और मेंटर्स भी छात्रों को जरूरी सलाह देते हैं।

    संस्थान के मुताबिक, इसी तरह की तैयारी से छात्रों को अलग-अलग कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। सक्षम की सफलता में उनकी मेहनत के साथ संस्थान की पढ़ाई और प्लेसमेंट से जुड़ी तैयारी को भी अहम माना गया है।

    सक्षम ने परिवार और शिक्षकों का जताया आभार
    अपनी सफलता पर सक्षम ने परिवार, दोस्तों और संस्थान के शिक्षकों व मार्गदर्शकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाली है। उन्होंने अपने पूरे सफर में साथ देने और उन पर विश्वास बनाए रखने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। वहीं, IIIT रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने सक्षम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सक्षम की सफलता संस्थान में विकसित की जा रही उत्कृष्टता की भावना का उदाहरण है।

  • बिहार को मिलेंगे दो नए एयरपोर्ट, ₹10 हजार करोड़ का प्लान; 22 जिलों को होगा फायदा

    बिहार को मिलेंगे दो नए एयरपोर्ट, ₹10 हजार करोड़ का प्लान; 22 जिलों को होगा फायदा

    पटना
    बिहार में बनने वाले सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों हवाई अड्डा के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसको लेकर विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकास से हवाई संपर्कता, पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में सोमवार को पटना में सीएम ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें छपरा से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अपने आवास में दोनों एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भागलपुर जिले में बनने वाले अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट में 3500 करोड़ रुपये और पटना के पास सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले चरण में 6500 करोड़ यानी कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी मोड पर होगा। राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण और एयरपोर्ट के लिए संपर्कता की लागत वहन करेगी।

    समीक्षा के दौरान सीएम ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। यह भी निर्देश दिया कि एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना और रन-वे का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां बड़े विमानों का संचालन हो सके।

    अजगैबीनाथ एयरपोर्ट से इन जिलों के लोगों को फायदा, श्रावणी मेला में सुविधा होगी
    सम्राट चौधरी ने कहा कि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट से मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को बेहतर हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलेगी।

    बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बनेगा सोनपुर एयरपोर्ट
    सोनपुर एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे बड़े विमानों (वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट) के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाए। एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने और यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। इस एयरपोर्ट से पटना समेत बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा।

    मास्टर प्लान पर चर्चा
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं एवं निर्माण संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाए। बैठक में दोनों एयरपोर्ट के तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट, ट्रैफिक सर्वे, मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट की क्षमता, सड़क संपर्कता और आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवड़े सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • नोएडा जमीन घोटाला: वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त, सामने आई बड़ी गड़बड़ी

    नोएडा जमीन घोटाला: वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त, सामने आई बड़ी गड़बड़ी

    लखनऊ
    यूपी सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नोएडा में 4000 करोड़ रुपये के भूखंड घोटाले में वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र को सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया है। वह मौजूदा समय कोलकाता पश्चिम बंगाल में स्थानिक प्रतिनिधि खाद्य एवं रसद विभाग के पद पर तैनात थे।

    प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी किया। हरिश्चंद्र पर नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण में तैनाती के समय ग्राम शहदरा के सेक्टर 140-ए, 141, 142 व 143 में प्राधिकरण द्वारा अर्जित व कब्जा प्राप्त 381527 वर्ग मीटर भूमि को नियमों के विपरीत लीज बैक कर गंभीर अनियमितता के आरोप में 27 सितंबर 2013 को अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मेरठ के मंडलायुक्त को जांच सौंपी गई।

    सेटेलाइट इमेज के आधार पर होना था आबादी का निर्धारण
    जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमों के विपरीत जाकर लीक बैक कर गंभीर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया गया। नोएडा विकास प्राधिकरण में तैनाती के दौरान ग्राम शहदरा की आबादी निस्तारण के लिए सर्वे कराया गया। आबादी का निर्धारण सेटेलाइट इमेज के आधार पर किया जाना चाहिए था, लेकिन जानबूझकर तथ्यों को छिपाने के लिए सेटेलाइटज इमेज का उपयोग नहीं किया गया। सर्वे आख्या जो प्रस्तुत की गई, उमें कई भू-मालिक, प्राइवेट कंपनियों व ग्राम के बाहर के निवासियों को भी शामिल किया गया। इसमें उनके द्वारा निजी स्वार्थवश कई तथ्यों को छिपाया गया। जैसे कालम नं-9 में मूल काश्तकार का नाम दर्ज नहीं किया गया।

    अनियमित तरीके से आवंटित कर दी गई जमीन
    कालम नं- 13 में विनियमितीकरण समिति को संदर्भित क्षेत्रफल का उल्लेख नहीं किया गया। लीज बैक के लिए डीएम, एसएसपी आदि की सदस्यता वाली समिति, प्राधिकरण बोर्ड व अन्य उच्चाधिकारियों के समक्ष तथ्यों को छिपाते हुए भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई, ताकि लीज बैक शहदरा के बाहर के व्यक्तियों एवं प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के पक्ष में कराई जा सके और अपना स्वार्थ सिद्ध किया जा सके। उनके द्वारा समिति को भ्रामक आख्या प्रस्तुत कर लगभग 400447 वर्ग मीटर भूमि जिसका बाजार मूल्य लगभग 4000 करोड़ रुपये होता है, अनियमित तरीके से भू-माफिया से साठगांठ कर आवंटित कर दी गई।

    जानबूझकर तथ्यों को छिपाया गया
    वास्तविक तथ्यों को छिपाने तथा नियमों के विपरीत जानबूझकर भ्रामक आख्या प्रस्तुत करने, स्वयं व संबंधित निजी पक्षकारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से करीब 4000 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाने के लिए प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। जांच में पाया गया कि जानबूझकर तथ्यों को छिपाया गया। राजस्व अभिलेखों में दर्ज प्राइवेट लि. कंपनियों एस्टर इलेक्ट्रिक प्रालि, महानंदा इलेक्ट्रानिक प्रालि व प्रयास गारमेंट लि. कंपनियों द्वारा कुलदीप शर्मा पुत्र भूलेराम के स्थान पर तथ्यों का छिपाव करते हुए केवल कुलदीप शर्मा के नाम सर्वे में अंकित किए गए।

    2026 में लाए गए तथ्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
    शासनादेश में कहा गया है कि हरीश चंद्र तत्कालीन सचिव नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विरुद्ध शासन द्वारा 27 नवंबर 2013 द्वारा संस्थित विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई में सिद्ध पाए गए आरोप व लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा 6 जनवरी 2022 को उपलब्ध कराई गई सहमति तथा हाईकोर्ट इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ के आदेश 3 सितंबर 2026 में लाए गए तथ्यों व के आधार पर उन्हें बर्खास्त किया जाता है। उनके विरुद्ध चल रही विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई समाप्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

  • होटल में युवती से बेरहमी का वीडियो वायरल, आरोपी रोहित पर केस

    होटल में युवती से बेरहमी का वीडियो वायरल, आरोपी रोहित पर केस

    पटना
    बिहार में महिला अपराध को लेकर एक औऱ वीडियो वायरल हुआ है। झकझोर कर रख देने वाले इस वीडियो में एक हवसी युवती को बेरहमी से पीटता नजर आ रहा है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि कतई नहीं करता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में ऐसा कहा जा रहा है कि यह वीडियो बेगूसराय जिले के एक होटल का है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि होटल में युवती के साथ ना सिर्फ मारपीट हुई बल्कि इस हवसी ने उसके साथ रेप भी किया।

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक ने ही यह वीडियो बनाया औऱ फिर यह वीडियो वायरल हो गया। घटना 27 सितंबर की बताई जा रही है और पीड़िता की शिकायत पर 28 सितंबर को केस भी दर्ज किया गया है। वीडियो में दिख रहे हवसी का नाम रोहित बताया जा रहा है। इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि रोहित युवती की बेरहमी से पिटाई कर रहा है औऱ युवती उसके सामने गिड़गिड़ा रही है कि वो उसे छोड़ दे और जाने दे। लेकिन रोहित लगातार युवती की पिटाई कर रहा है। युवती को चप्पल, थप्पड़ और घूंसे से पीटा गया है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, युवती घटना के दिन अपने एक परिचित के साथ बाइक से होटल पहुंची थी। यहां उस शख्स ने युवती को रोहित के हवाले कर दिया। रोहित के बारे में कहा जा रहा है कि वो भगवानपुर थाना क्षेत्र के दामोदरपुर गांव का रहने वाला है। आरोप है कि रोहित युवती को लेकर कमरे में गया था। कमरे में जाने के बाद उसने कमरा लॉक कर दिया और फिर युवती से जमकर मारपीट की गई। बंद कमरे में युवती चीखती रही और हैवान उसे पीटता रहा। रोहित ने खुद इस घटना का वीडियो भी बनाया।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, युवती के साथ उसी कमरे में रोहित ने दुष्कर्म की वारदात को भी अंजाम दिया। इतना ही नहीं यह भी आरोप है कि उसने युवती का न्यूड वीडियो भी बना लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, होटल में जुल्म-ओ-सितम सहने के बाद युवती थाने पहुंची थी और उनकी शिकायत दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नगर थाने के एसएचओ सतीश कुमार हिमांशु ने कहा कि पीड़िता के साथ होटल में मारपीट की गई है। जिसका वीडियो भी पुलिस के हाथ लगा है। उन्होंने यह भी कहा है कि आऱोपी रोहित कुमार के खिलाफ फिलहाल प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बहरहाल आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में बिहार के जमुई और बांका समेत कुछ अन्य जिलों से महिलाओं पर अपराध को लेकर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं। पुलिस लगातार इन हवसियों पर कार्रवाई भी कर रही है। लेकिन लगातार वीडियो सामने आने से राज्य में महिला सुरक्षा पर सवाल जरूर उठे हैं।

  • लंदन की नौकरी छोड़ी, IAS बनीं, अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल

    लंदन की नौकरी छोड़ी, IAS बनीं, अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल

    लखनऊ
    पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब राजनीति में कदम रखने जा रही हैं। IIT और IIM से पढ़ाई करने वाली दिव्या मित्तल ने IAS बनने से पहले लंदन में लाखों रुपये के पैकेज पर नौकरी की थी। फिर देश सेवा के लिए विदेश की नौकरी छोड़कर उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और तीसरे प्रयास में IAS बनीं। अब प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया है।

    2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का सफर बेहद रोचक रहा है। हरियाणा के रेवाड़ी में जन्मी दिव्या मित्तल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई की। पहले उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी होने के बाद वह पति के साथ लंदन चली गईं। जहां एक मल्टीनेशनल कंपनी में बड़े पैकेज पर जॉब भी किया। हालांकि कुछ समय बाद ही उनका 9 से 6 वाली जॉब से मोह भंग हो गया और देश सेवा के लिए भारत आ गईं।

    तीन बार दी परीक्षा, तीनों बार मिली सफलता
    दिव्या मित्तल ने भारत आकर यूपीएससपी की तैयारी में जुट गईं। उन्होंने तीन बार सिविल सर्विस की परीक्षा दी। तीनों बार सफलता भी मिली लेकिन जिस आईएएस के टैग को हासिल करना चाहती थीं, उसे आखिर में हासिल करके ही माना। साल 2010 में उन्होंने पहली बार में ही 332वीं रैंक हासिल की और भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुनी गईं। फिर अगले साल परीक्षा दी और इस बार 134वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं। तीसरी बार में 68वीं रैंक के साथ आईएएस बन गईं। दिव्या मित्तल को 2013 में यूपी कैडर से प्रदेश में सेवा का मौका मिला।

    इन पदों पर रहीं दिव्या मित्तल
    बीते 13 सालों में दिव्या मित्तल की लगातार फिल्ड में तैनाती मिलती रही। मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद से आईएएस की करियर शुरूआत हुई। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक, बरेली में विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष, यूपी ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी की सीईओ, संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में डीएम के पद पर काम किया।

    एक महीने पहले दिया था इस्तीफा
    दिव्या मित्तल ने बीते 30 अगस्त को इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा था। जिसमें उन्होंने अपनी भावनाएं प्रकट की थीं। उन्होंने लिखा था, 'आज मैंने 13 सालों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। लेकिन सब कुछ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। मैं लौट आई और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।'

    राजनीति में जाएंगी पूर्व आईएएस
    दिव्या ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (ट्विटर) पर एक वीडियो के जरिए साफ कर दिया कि वह राजनीति में प्रवेश करेंगी। हालांकि किस पार्टी से जुड़ेगी ये साफ नहीं है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना भी साधा। यह भी कहा कि वह किसी से नहीं डरेंगी।

  • पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण ने बदले समीकरण, सरमथुरा में प्रधान पद OBC आरक्षित

    पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण ने बदले समीकरण, सरमथुरा में प्रधान पद OBC आरक्षित

    सरमथुरा (धौलपुर)
     पंचायती राज चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से निकाली गई आरक्षण की लॉटरी ने ग्रामीण राजनीति का पूरा गणित बदल कर रख दिया है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरमथुरा में सीटों का आरक्षण स्पष्ट हो गया है, जिससे चुनावी सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। नई आरक्षण स्थिति सामने आने से कई पुराने दिग्गजों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं, वहीं नए चेहरों में उत्साह नजर आने लगा है।

    आंकड़ों के अनुसार, इस बार पंचायतों में विभिन्न श्रेणियों के लिए सीटों का निर्धारण रोस्टर नियमों के तहत किया गया है। अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में महिला सहित कुल 12 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें लीलौठी, बीलौनी, झिरी, बीझौली, बरौली, धौंध, खरौली, आंगई, डौमई, गौलारी, मदनपुर और पवैनी शामिल हैं।

    इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए महिला सहित छह ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है। इनमें नवगठित बड़ागांव, ददरौनी, भंमपुरा, सुनकई, सुरारीकलां पंचायतों के साथ ग्राम पंचायत पिपरेंट शामिल हैं।

    वहीं, अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए महिला सहित पांच ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है। इनमें रहरई, मड़ासिल, खुर्दिया, चंद्रावली और बटीकरा शामिल हैं। इसी प्रकार 24 ग्राम पंचायतों में से एक ग्राम पंचायत भरकुंजरा को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है।

    इस नई व्यवस्था से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार कई पंचायतों का परिसीमन व वर्ग बदलने से राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना शुरू कर दिया है। आरक्षण की यह तस्वीर साफ होने के बाद अब गांवों में चौपालों पर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    सरमथुरा में प्रधान पद ओबीसी होने से सरपंची पर दिग्गजों की निगाहें
    आरक्षण लॉटरी में पंचायत समिति सरमथुरा में प्रधान पद ओबीसी श्रेणी के लिए आरक्षित होने के बाद दिग्गजों के सामने सरपंची का विकल्प बचा है। हालांकि, ग्राम पंचायतों का परिसीमन होने के कारण गणित गड़बड़ा रहा है। नवीन परिसीमन के अनुसार, ग्राम पंचायत बीझौली में हर पांच साल बाद समीकरण बदल जाते हैं।

    इस बार बीझौली व पवैनी पंचायत में से सुरारीकलां को नवीन पंचायत का दर्जा दिया गया है। इसी प्रकार बरौली व बटीकरा ग्राम पंचायतों में से सुनकई, खरौली व बीलौनी ग्राम पंचायत में से बड़ागांव, डौमई ग्राम पंचायत में से ददरौनी और झिरी ग्राम पंचायत में से भंमपुरा को नवीन ग्राम पंचायत बनाया गया है।

  • PM Kisan 24वीं किस्त कब आएगी? झारखंड के करीब 20 लाख किसान कर रहे इंतजार

    PM Kisan 24वीं किस्त कब आएगी? झारखंड के करीब 20 लाख किसान कर रहे इंतजार

    रांची
     विक्रम संवत 2083 में भादो महीने की समाप्ति और आश्विन में पितृपक्ष की शुरुआत के साथ ही लोगों में त्योहारों की खुमारी चढ़ गई है. लोग-बाग अभी से ही त्योहारों में खरीदारी की तैयारी में जुट गए हैं. नौकरी-पेशा लोगों को बोनस का तो देश के करोड़ों अन्नदाता किसानों को पीएम किसान यानी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का पैसा डीबीटी के जरिए खाते में ट्रांसफर होने का इंतजार है. झारखंड के 24 जिलों के करीब 19.97 लाख से अधिक किसान भी पीएम किसान की 24वीं किस्त के पैसे आने का इंतजार कर रहे हैं.

    कब आ सकता है पीएम किसान का पैसा
    केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के तौर पर देश किसानों को हर साल 6000 रुपये दिए जाते हैं. यह पैसा प्रत्येक चार महीने पर तीन किस्तों में दिया जाता है. यानी प्रत्येक चार महीने पर किसानों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के क्रेडिट किया जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पीएम किसान की 23वीं किस्त का पैसा डीबीटी के जरिए किसानों के खातों में ट्रांसफर किया था. अब चूंकि त्योहारी सीजन शुरू हो गया है और 20 अक्टूबर को देश में दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पीएम किसान की 24वीं किस्त का पैसा अक्टूबर 2026 के पहले हफ्ते या दूसरे हफ्ते में किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जा सकता है.

    झारखंड के कितने किसान लेते हैं योजना का लाभ
    पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में 19,97,366 सक्रिय लाभार्थी किसान सरकार की पीएम किसान योजना का लाभ लेते हैं. वेरिफिकेशन ड्राइव, जमीन के रिकॉर्ड को लिंक करने और e-KYC अपडेट की वजह से रजिस्ट्रेशन और लाभार्थियों की संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है. उदाहरण के लिए, जमीन के कागजात या वेरिफिकेशन पूरा न होने के कारण पहले कई रजिस्टर्ड लोगों के लिए लाभ रोक दिए गए थे या बंद कर दिए गए थे.

    किसानों के लिए जरूरी काम
        किसान अपने खाते की ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा रखें.
        जांच लें कि उनका बैंक खाता आधार और पैन कार्ड से जुड़ा है या नहीं.

  • सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यूपी में बड़ा अभियान, पात्र बेटियों को घर पर लगेगा मुफ्त HPV टीका

    सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यूपी में बड़ा अभियान, पात्र बेटियों को घर पर लगेगा मुफ्त HPV टीका

    लखनऊ
    सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अब पात्र बेटियों तक एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन पहुंचाने के लिए घर-घर अभियान चलाया जाएगा।

    प्रदेश में 25 लाख से अधिक बच्चियों को यह टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रहे टीकाकरण से वंचित 14 साल की आयु पूरी कर चुकीं, लेकिन 15 साल से कम उम्र की बालिकाओं को घर जाकर वैक्सीन लगाने की तैयारी है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है।

    राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत बालिकाओं को उनके माता-पिता की सहमति से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निश्शुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है।

    इसके लिए निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाएं पात्र हैं। सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों और जिला अस्पतालों में चिकित्सकों की निगरानी में टीकाकरण जारी है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश के लिए निर्धारित 25 लाख बच्चियों के टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। अब घर-घर अभियान के जरिये छूटी हुई पात्र बालिकाओं तक पहुंचने की तैयारी है।

    निजी अस्पतालों में एचपीवी वैक्सीन की कीमत अधिक होने के कारण कई परिवार इसका लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ घर-घर निश्शुल्क टीकाकरण के जरिये इन परिवारों की बेटियों तक भी वैक्सीन पहुंचाने की योजना है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में 25 लाख बच्चियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया था, जिसे पूरा कर लिया गया है। अब किसी कारण से टीकाकरण से छूटी पात्र बालिकाओं को वैक्सीन लगाने के लिए टीमें घर-घर जाएंगी।

    एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरावस्था में समय पर एचपीवी टीकाकरण से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसी के तहत टीकाकरण के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

    भारत में हर साल करीब 1.28 लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के नए मामले सामने आते हैं। यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल करीब 80 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत होती है। नए मामलों और मौतों के औसत के आधार पर करीब हर सात मिनट में एक महिला की जान जाती है।

  • 1 अक्टूबर से जेब पर पड़ेगा असर! LPG सब्सिडी, बैंक चार्ज और प्रॉपर्टी टैक्स समेत 6 बड़े बदलाव

    1 अक्टूबर से जेब पर पड़ेगा असर! LPG सब्सिडी, बैंक चार्ज और प्रॉपर्टी टैक्स समेत 6 बड़े बदलाव

    पटना
     New rules October 2026: बिहार में 1 अक्टूबर से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका असर सीधा आम आदमी पर पड़ने वाला है। इस स्टोरी में हम कुछ प्रमुख बदलावों के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। बिना जानकारी के आपको नुकसान हो सकता है, तो आइए एक-एक कर इन बदलावों के बारे में जानते हैं…

    LPG सिलिंडर के लिए BAA अनिवार्य
    बिहार समेत पूरे देश के घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत एलपीजी सिलिंडरों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) कराना अनिवार्य हो गया है।

    अगर कोई उपभोक्ता तय समय सीमा तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करता है, तो उसके गैसे सिलिंडरों की बुकिंग या आपूर्ति तो बंद नहीं होगी, लेकिन उसे सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा।

    अगर आपने BAA पहले ही पूरा कर लिया है तो दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं है। आपका रिफिल पहले की तरह जारी रहेगा।

    जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में बदलाव
    जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन अधिनियम के नए प्रावधान लागू होंगे। नए नियमों के तहत, जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के अंदर भीतर रजिस्ट्रेशन फ्री और सरल रहेगा।

    वहीं, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र पंजीकरण में देरी होने पर अब नए प्रावधानों के तहत जुर्माने और कड़ी अनुमति का प्रवाधान है।

    एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर जन्म प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन के लिए उपजिलाधिकारी या जिलाधिकारी के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी

    ऐसे में अब किसी की मौत होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र और जन्म होने पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में बिल्कुल भी देरी न करें।

    SBI का कैश विदड्रॉल पर नया नियम
    अगर आपका भी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में अकाउंट है, तो नया नियम जानना बहुत जरूरी है। स्टेट बैंक ब्रांच के जरिए खोले गए 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट' से कैश निकालने के चार्ज में बदलाव कर रहा है।

    इसके तहत, 1 अक्टूबर से महीने में चार बार कैश निकालना फ्री रहेगा। इसके बाद आपको हर बार कैश निकालने पर 15 रुपये और उस पर लागू GST देना होगा।

    बल्क FD पर समान दरें
    बैंक अब एक ही शहर/क्षेत्र की अलग-अलग शाखाओं में बल्क एफडी पर अलग-अलग ब्याज दरें ऑफर नहीं कर सकेंगे। दरें सभी जगह समान और पारदर्शी होंगी।

    अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD बल्क डिपॉजिट मानी जाएगी। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बल्क FD पर बैंक अपनी जरूरत के हिसाब से अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे।

    बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की फ्री सुविधा खत्म
    आधार कार्ड में  बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की फ्री सुविधा 30 सितंबर को खत्म हो रही है। 1 अक्टूबर से फिंगरप्रिंट, फोटो आदि के अपडेट करने के लिए 125 रुपये फीस देनी होगी। अगर फीस से बचना है, तो 30 से पहले अपडेट करा डालें।

    प्रॉपर्टी टैक्स पर जुर्माना
    पटना नगर निगम क्षेत्र के संपत्तिधारकों के लिए संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। इसके बाद एक अक्टूबर से बकाया कर की मूल राशि पर हर माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। बकाया जितने समय तक रहेगा, देनदारी उतनी ही बढ़ती जाएगी।