Category: हरियाणा

  • हरियाणा में ‘समृद्धि’ योजना शुरू, इमरजेंसी में गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पताल में भी मिलेगा इलाज

    हरियाणा में ‘समृद्धि’ योजना शुरू, इमरजेंसी में गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पताल में भी मिलेगा इलाज

    चंडीगढ़.

    प्रदेश में अब गर्भवती महिलाएं आपात स्थिति में निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराई जा सकेंगी। गंभीर परिस्थितियों में समय बचाने प्रत्येक महिला को उसकी जोखिम श्रेणी के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा केंद्र से टैग किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हो सकते हैं।

    इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से होने वाले अनावश्यक बहुस्तरीय रेफरल रुकेंगे और आपात स्थिति में सही स्तर की देखभाल तुरंत मिल सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर कम करने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रस्तावित "समृद्धि" (सुरक्षित मातृत्व और बाल स्वास्थ्य पहल) योजना का शुभारंभ करते यह जानकारी साझा की।

  • 1.53 लाख करोड़ की फल-सब्जियों की बर्बादी पर लगेगी लगाम, भारत-ब्रिटेन का बड़ा प्लान

    1.53 लाख करोड़ की फल-सब्जियों की बर्बादी पर लगेगी लगाम, भारत-ब्रिटेन का बड़ा प्लान

    करनाल
    भारत में हर साल मेहनत से उगाई गई करोड़ों टन फल और सब्जियां बाजार तक पहुंचने से पहले ही सड़ जाती हैं। इस राष्ट्रीय नुकसान से निपटने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल और ब्रिटेन के ब्रुनेल विश्वविद्यालय लंदन ने हाथ मिलाया है।

    दोनों वैश्विक संस्थानों ने मिलकर सोल टेक नाम से एक महत्वाकांक्षी अनुसंधान परियोजना पर काम शुरू किया है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित कोल्ड स्टोरेज और एक मजबूत हार्टिकल्चर कोल्ड चेन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी बिना ग्रिड बिजली या महंगे डीजल के फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।

    क्यों पड़ी इस प्रोजेक्ट की जरूरत?
    भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और नाबार्ड की रिपोर्ट बताती है कि भारत में उचित कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे की भारी कमी
    है।

    सालाना 4 से 5 करोड़ टन फल-सब्जियों की बर्बादी
    देश में हर साल कुल उत्पादन का लगभग 6 से 15 प्रतिशत यानि करीब 40 से 50 मिलियन मीट्रिक टन फल और सब्जियां खेत से बाजार तक पहुंचने के दौरान ही खराब हो जाती हैं। टमाटर और हरी सब्जियों जैसी जल्द खराब होने वाली फसलों में यह नुकसान 20 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।

    इस बर्बादी के कारण देश को सालाना करीब 1.53 लाख करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण किसानों को अपनी फसल तुरंत औने-पौने दामों में बेचनी पड़ती है या फिर सड़ाकर फेंकनी पड़ती है।

    कैसे काम करेगा सोल टेक मडल जानिये?
    एमएचयू और ब्रुनेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मिलकर दो प्रमुख मोर्चों पर काम कर रहे हैं।

    सौर संचालित डिसेंट्रलाइज्ड कोल्ड स्टोरेज
    परंपरागत कोल्ड स्टोरेज बिजली या डीजल जनरेटर पर चलते हैं, जिनकी संचालन लागत बहुत अधिक होती है। सोल टेक के तहत ऐसे सोलर-पावर्ड छोटे और मध्यम स्टोरेज बनाए जा रहे हैं जो गांवों और मंडियों के पास आसानी से स्थापित किए जा सकेंगे।

    वैज्ञानिक प्रोटोकाल का विकास
    हर फल और सब्जी की प्रकृति अलग होती है। किस फसल को किस तापमान और आर्द्रता पर कितने दिनों तक रखा जा सकता है, इसके लिए दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक सटीक वैज्ञानिक गाइडलाइंस और डेटाबेस तैयार कर रहे हैं।

    उच्चस्तरीय बैठकों में तय हुई रणनीति
    परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए एमएचयू, करनाल और ब्रुनेल यूनिवर्सिटी के शीर्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के बीच रणनीतिक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में देश के मैदानी इलाकों की जलवायु परिस्थितियों के अनुसार तकनीकी डिजाइन और डेटा ट्रांसफर पर विस्तृत सहमति बनी है। दोनों संस्थान अब इसके प्रयोगात्मक माडल स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    किसान फसल को औने-पौने दाम पर बेचने के बजाय सौर कोल्ड स्टोरेज में रखकर बाजार में बेहतर भाव मिलने का इंतजार कर सकेंगे। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली बिल और डीजल का खर्च खत्म हो जाएगा। डीजल का उपयोग न होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित कृषि को बढ़ावा मिलेगा। यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी न केवल हरियाणा के बागवानी किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, बल्कि देश में कृषि संकट के समाधान के लिए एक वैश्विक नजीर भी पेश करेगी। -डॉ. एसके मल्हौत्रा, कुलपति महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल।

     

  • पेड़ के सेबों से सीखते हैं जोड़-घटा, शब्द हटाते ही दिखता है विलोम; शिक्षक

    पेड़ के सेबों से सीखते हैं जोड़-घटा, शब्द हटाते ही दिखता है विलोम; शिक्षक

    यमुनानगर
     यहां घंटी बजते ही किताबें जरूर खुलती हैं, लेकिन पढ़ाई किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं रहती। थर्माकोल का पेड़ बच्चों को जोड़-घटा सिखाता है। उसकी हरी पत्तियां और लाल सेब गणित के सवाल बन जाते हैं।

    कागज पर लिखा शब्द हटाते ही उसका विपरीतार्थक सामने आ जाता है। यानी यहां चीजें बोलती हैं और बच्चे उन्हें देखकर, छूकर और करके सीखते हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास के जेबीटी पवन कुमार ने इसी अनोखी शिक्षण शैली को अपनी पहचान बनाया है।

    बेकार वस्तुओं से बनाते हैं शिक्षण सामग्री
    करीब 26 साल की सेवा में इसी प्रयास और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के लिए उन्हें इस साल राज्य शिक्षक पुरस्कार भी मिला है। पवन कुमार थर्माकोल, कागज और घरों में बेकार पड़ी वस्तुओं से कम लागत वाली शिक्षण सामग्री तैयार करते हैं। थर्माकोल के पेड़ पर कागज की पत्तियां और फल लगाकर बच्चों से उनकी संख्या गिनवाते हैं।

    फिर इन्हीं के जरिए जोड़-घटा के सवाल करवाते हैं। विपरीतार्थक शब्दों के लिए भी ऐसी सामग्री बनाई है, जिसमें एक शब्द हटाते ही दूसरा शब्द सामने दिखाई देता है। यही सामग्री अभिभावकों को भी दी जा रही है, ताकि बच्चे अभ्यास कर सकें।

    विद्यालय में हैं 61 बच्चे
    विद्यालय में 61 बच्चे हैं। विद्यार्थी स्कूल, खंड और जिला स्तर पर सांस्कृतिक, खो-खो, प्रश्नोत्तरी और चित्र देखकर विवरण लिखने जैसी प्रतियोगिताओं में अव्वल रह चुके हैं।

    शिक्षक के संग समाजसेवक भी हैं पवन
    पढ़ाई संग समाजसेवा का पाठ व्यासपुर में जन्मे पवन कुमार करीब दस वर्षों से मिल्क खास में कार्यरत हैं। वर्ष 2015 में फेरूवाला स्कूल से रक्तदान शिविर की शुरुआत की। अब तक 16 शिविरों में योगदान दे चुके हैं और स्वयं 15 बार रक्तदान कर चुके हैं।

    स्काउट एवं गाइड गतिविधियों के जरिए बच्चों में सेवा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित कर रहे हैं। पवन कुमार की शिक्षण शैली और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस वर्ष राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    उनकी कक्षा में गणित मात्र सवाल नहीं, पेड़ पर लगे सेबों में दिखाई देता है और भाषा केवल किताब में नहीं, कागज के प्रयोग से समझ आती है।

  • बंदरों पर शिकंजे की तैयारी, हांसी में 12 महीने चलेगा अभियान; टेंडर के लिए 4 एजेंसियां मैदान में

    बंदरों पर शिकंजे की तैयारी, हांसी में 12 महीने चलेगा अभियान; टेंडर के लिए 4 एजेंसियां मैदान में

    हांसी.

    शहर से बंदरों को पकड़ने का टेंडर आखिरकार छठे प्रयास में सिरे चढ़ गया है। नगर निगम ने बहादुरगढ़ की एजेंसी को एक साल का ठेका दिया है। एजेंसी एक बंदर पकड़ने के लिए निगम से 1570 रुपये लेगी। विशेषज्ञ टीम बंदरों को पकड़कर नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़कर आएगी।

    निगमायुक्त ने एजेंसी संचालक को बुलाकर टेंडर की दर पर चर्चा की। इसके बाद 1570 रुपये की दर तय की गई। अनुबंध के तहत एजेंसी की विशेष टीम शहर के विभिन्न हिस्सों में जाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से बंदरों को पकड़ेगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़ा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक आवास में लौट सकें। निगम को उम्मीद है कि अभियान शुरू होने से मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और आवासीय इलाकों में बंदरों की समस्या का समाधान होगा।

    स्थानीय निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
    शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से बंदरों का उत्पात बढ़ा हुआ था। बंदरों के काटने, सामान छीनने और छतों व बालकनियों में नुकसान पहुंचाने से नागरिकों में भय का माहौल था। लगातार टेंडर विफल होने से निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। अब ठेका फाइनल होने से नागरिकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। जल्द ही एजेंसी टीम तैनात कर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करेगी।

    एजेंसी को टेंडर जारी –
    शहर में बंदर पकड़ने के लिए बहादुरगढ़ की एजेंसी को टेंडर जारी कर दिया गया है। एजेंसी अब जल्द ही शहर में बंदर पकड़ने का अभियान चलाएगी।
    – डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।

  • हरियाणा के BPL/AAY परिवारों के लिए बड़ी खबर, 104 लाख लीटर सरसों तेल की सप्लाई शुरू

    हरियाणा के BPL/AAY परिवारों के लिए बड़ी खबर, 104 लाख लीटर सरसों तेल की सप्लाई शुरू

    चंडीगढ़
    हरियाणा में गरीब परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरसों का तेल उपलब्ध कराने के पैकिंग प्रारूप में बदलाव किया गया है। अब इन परिवारों को पहले से निर्धारित पैक के स्थान पर 500 एमएल और एक लीटर के पैक में सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में करीब 39.89 लाख बीपीएल/एएवाई परिवारों के लिए यह तेल वितरित किया जाना है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय की ओर से हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड (एचएआइसी) के प्रबंध निदेशक को जारी पत्र में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए सरसों तेल की आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया तय की गई है।

    सप्लाई के 15 दिनों के भीतर एचएआइसी को भुगतान 174 रुपये प्रति लीटर की दर से किया जाएगा। इसके बाद रूटीन चक्र में भुगतान 15 दिन के बाद 180 रुपये प्रति लीटर की दर से होगा।

    15 से 20 अक्टूबर तक तेल की डिलीवरी डिपुओं तक होगी
    विभाग के अनुसार अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में करीब 39.89 लाख बीपीएल/एएवाई परिवारों को सरसों तेल वितरित किया जाना है। अगस्त में 30 लाख लीटर, जबकि सितंबर और अक्टूबर में 37-37 लाख लीटर सरसों तेल की आवश्यकता बताई गई है।

    विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 10 से 15 अक्टूबर तक अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए सभी जिलों में करीब 104 लाख लीटर सरसों तेल कानफेड के सभी फोकल प्वाइंट्स पर उपलब्ध करा दिया जाए। इसके बाद परिवहन ठेकेदार 15 से 20 अक्टूबर तक तेल की डिलीवरी डिपुओं तक करेंगे और 21 अक्टूबर 2026 से लाभार्थियों को इसका वितरण शुरू कराया जा सकेगा।

    विभाग ने आगे की व्यवस्था भी स्पष्ट की है। प्रत्येक महीने अगले माह के लिए सरसों तेल की मांग पिछले माह की 20 से 25 तारीख तक जिलों के कानफेड फोकल प्वाइंट पर भेजी जाएगी। परिवहन ठेकेदार 25 से 30 तारीख तक इसकी डिलीवरी डिपुओं तक कराएंगे और अगले महीने की एक तारीख से लाभार्थियों को वितरण शुरू कराया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई के समय कोई भी बोतल खुली नहीं होनी चाहिए।

    इतनी बोतलों की होगी जरूरत
    माह -सरसों तेल की मात्रा -बोतलों की मात्रा
    अगस्त -30 लाख लीटर -करीब 8 लाख 500 एमएल व 26 लाख एक लीटर बोतल
    सितंबर -37 लाख लीटर -करीब 10 लाख 500 एमएल व 32 लाख एक लीटर बोतल
    अक्टूबर -37 लाख लीटर -करीब 10 लाख 500 एमएल व 32 लाख एक लीटर बोतल

     

  • एक फ्लोर, कई मकान और अलग बिजली मीटर! हरियाणा में नियम बदलने पर 6 अक्टूबर को फैसला

    एक फ्लोर, कई मकान और अलग बिजली मीटर! हरियाणा में नियम बदलने पर 6 अक्टूबर को फैसला

    चंडीगढ़
     हरियाणा के मेट्रो शहरों में एक मंजिल पर एक से अधिक मकानों में अब अलग-अलग बिजली कनेक्शन दिए जाने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से उपभोक्ताओं की मांग तथा गुरुग्राम समेत कई जिला अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों के बाद इस मुद्दे पर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा छह अक्टूबर को जन सुनवाई आयोजित की जाएगी। इस सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    हरियाणा के मेट्रो शहरों विशेषकर गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में विकसित हो रही ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में अक्सर एक फ्लोर पर एक से अधिक मकान हैं। वर्तमान में फ्लोर में केवल एक कनेक्शन दिया जा रहा है, जिस कारण अक्सर इन मकानों में रहने वाले लोगों के झगड़े होते रहते हैं। इस संबंध में गुरुग्राम की अदालत अलग-अलग बिजली कनेक्शन दिए जाने के निर्देश दे चुकी है।

    झुग्गियों में भी बिजली कनेक्शन दिए जाने का प्रविधान
    बिजली को जीवन का जरूरी हिस्सा मानते हुए सरकार ने वर्ष 2023 में बिल्डिंग कोड में बदलाव कर हरियाणा में अवैध कालोनियों तथा झुग्गियों में भी बिजली कनेक्शन दिए जाने का प्रविधान किया है।

    इसी को आधार बनाते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक ही मंजिल पर निर्मित बहु-फ्लैटों या हरियाणा भवन संहिता के उल्लंघन में बनाए जा रहे फ्लैटों को बिजली कनेक्शन जारी करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने हेतु हरियाणा विद्युत विनियामक बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की है।

    छह अक्टूबर को होगी सुनवाई
    याचिकाकर्ता ने एक ही मंजिल पर निर्मित कई फ्लैटों के लिए अलग-अलग बिजली कनेक्शन प्रदान करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने और नियमों में उपयुक्त संशोधन करने की मांग की है। वर्तमान में ऐसा कोई नियम नहीं है जिसमें एक ही फ्लोर पर बने एक से अधिक मकानों को अलग-अलग कनेक्शन दिए जा सकें।

    दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास ऐसे ढेरों आवेदन तथा ज्ञापन हैं, जिनमें यह मांग उठाई गई है। एचईआरसी के समक्ष दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया गया है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने इस संबंध में छह अक्टूबर को जनसुनवाई आयोजित की है। इसमें आम जनता तथा संबंधित हित धारक भाग ले सकेंगे।

  • इनामी बदमाश से पुलिस की मुठभेड़, ASI पर चली गोली लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान

    इनामी बदमाश से पुलिस की मुठभेड़, ASI पर चली गोली लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान

    कैथल.

    एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टॉफ पुलिस टीम गुहला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए चोरी व छीनाझपटी के कई मामलों में वांछित आरोपित को मुठभेड़ के बाद काबू किया है। आरोपित की पहचान कृपाल उर्फ बल्लू निवासी अलीपुर, पंजाब के रूप में हुई है।

    डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया की एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टॉफ के एएसआई अजीत सिंह, एएसआई राममेहर, एएसआई अशोक, एएसआई संदीप व सिपाही सरवन कुमार की टीम सरकारी गाड़ी में थाना गुहला क्षेत्र में अपराध एवं अपराधियों की तलाश में गश्त कर रहे थे। गांव बाबकपुर के पास पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि कृपाल उर्फ बल्लू, जो चोरी व छीनाझपटी के मामलों में वांछित है, बाबकपुर से रत्ताखेड़ा जाने वाली सड़क के पास जंगल में बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर अवैध हथियार सहित किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा रेडिंग पार्टी तैयार की गई तथा टीम के कर्मचारियों ने सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट पहन ली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर जंगल की तरफ भागने लगा।

    आरोपी ने पहले की फायरिंग
    पुलिस कर्मचारियों द्वारा उसे रुकने के लिए आवाज लगाई गई, लेकिन आरोपी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। आरोपित द्वारा चलाई गई गोली एएसआई अजीत सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई।

    पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई
    पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घुटने में गोली लगी और उसे मौके पर काबू कर लिया गया। आरोपित द्वारा 4 से फायर किए गए तथा 4 फायर पुलिस की तरफ से हुए।

    कौन है आरोपित?
    आरोपित की पहचान कृपाल उर्फ बल्लू निवासी अलीपुर, पंजाब के रूप में हुई है। आरोपित को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी गुहला ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे सरकारी अस्पताल कैथल रेफर कर दिया। आरोपी के कब्जे से 32 बोर अवैध असला बरामद किया गया। प्रारम्भिक जांच दौरान सामने आया है की आरोपित पर चोरी लूट छीनाझपटी के कई मामले दर्ज है।

  • एशिया चैंपियनशिप में हरियाणा का दमदार प्रदर्शन, पदक विजेता खिलाड़ियों का खेल मंत्री गौरव गौतम ने किया स्वागत

    एशिया चैंपियनशिप में हरियाणा का दमदार प्रदर्शन, पदक विजेता खिलाड़ियों का खेल मंत्री गौरव गौतम ने किया स्वागत

    पंचकुला
     जापान में आयोजित एशिया चैंपियनशिप में जोरदार प्रदर्शन करके लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    उन्होंने फूल मालाएं पहनाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इनमें से हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीते हैं, जिसमें 14 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक सहित शामिल हैं।

    खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने यह पदक अपने नाम कर हरियाणा की खेल शक्ति का लोहा मनवाया। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

    उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर गर्व है। यह हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा चलाई जा रही खेल नीतियों व योजनाओं का नतीजा है कि प्रदेश में खेल व खिलाड़ी निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्हें पूरा भरोसा है कि भविष्य में भी खिलाड़ी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

    हरियाणा के 32 पदक प्रदेश की खेल क्षमता का प्रमाण
    खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान बढ़ाने वाले इन खिलाड़ियों पर पूरे हरियाणा को गर्व है। उन्होंने कहा कि 14 स्वर्ण पदक यह बताते हैं कि हरियाणा के खिलाड़ी केवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए नहीं, बल्कि जीत हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरते हैं।
    उन्हों
    ने कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। इन खिलाड़ियों के पीछे उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों और खेल संस्थानों की भी बड़ी भूमिका है।

    मंत्री ने सभी अभिभावकों और प्रशिक्षकों को भी बधाई दी और कहा कि सरकार खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़ी है। खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों से बातचीत कर उनकी यात्रा, प्रतियोगिता में प्रदर्शन और आगे की तैयारियों के बारे में जानकारी ली।

    उन्होंने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
    नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में खिलाड़ियों के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

    खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, उनकी डाइट, बेहतर प्रशिक्षण, अच्छे कोच और आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उस प्रतिभा को सही मंच और सही दिशा देने की है।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं और आने वाले समय में भी प्रदेश से बड़ी संख्या में प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी। सरकार चाहती है कि हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि एशियाई, विश्व और ओलंपिक स्तर पर भी अधिक से अधिक पदक जीतें।

    गांवों की प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच
    खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल संस्कृति में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश के कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर दुनिया के बड़े खेल मंचों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, इस दिशा में सरकार का विशेष ध्यान है।

    यदि गांवों में छिपी प्रतिभाओं को समय रहते उचित सुविधाएं और प्रशिक्षक मिल जाएं, तो आने वाले वर्षों में हरियाणा से और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल सकते हैं।

    खिलाड़ियों की सफलता बनेगी युवाओं की प्रेरणा
    खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में लगातार अपनी प्रतिभा और क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर रहा है और हरियाणा भी इस खेल यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतता है, तो उसकी सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहती, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की उपलब्धि बन जाती है।

    ऐसी उपलब्धियां दूसरे युवाओं को भी खेलों की ओर आकर्षित करेंगी और वे मोबाइल तथा अन्य गतिविधियों से हटकर मैदान की ओर आएंगे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

    उन्होंने खिलाड़ियों से अपनी मेहनत जारी रखने और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए पदक जीतने का आह्वान किया।

  • 85 में से 32 पदक हरियाणा के नाम, एशियाई खेलों के धाकड़ खिलाड़ियों का खेल मंत्री ने किया स्वागत

    85 में से 32 पदक हरियाणा के नाम, एशियाई खेलों के धाकड़ खिलाड़ियों का खेल मंत्री ने किया स्वागत

    पंचकुला.

    जापान में आयोजित एशिया चैंपियनशिप में जोरदार प्रदर्शन करके लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    उन्होंने फूल मालाएं पहनाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इनमें से हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीते हैं, जिसमें 14 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक सहित शामिल हैं।

    खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने यह पदक अपने नाम कर हरियाणा की खेल शक्ति का लोहा मनवाया। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

  • सरसों-गेहूं की बुवाई से पहले किसानों को राहत, हरियाणा में पहुंचेगी 7.50 लाख MT खाद; झज्जर को 2600 MT DAP

    सरसों-गेहूं की बुवाई से पहले किसानों को राहत, हरियाणा में पहुंचेगी 7.50 लाख MT खाद; झज्जर को 2600 MT DAP

     झज्जर
     हरियाणा में रबी सीजन की तैयारियों के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। अक्टूबर माह में प्रदेश को करीब 7.50 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

    डिपार्टमेंट आफ फर्टिलाइजर्स, दिल्ली ने हरियाणा की जरूरत को देखते हुए विभिन्न खाद कंपनियों को डिमांड भेज दी है। इससे सरसों की बिजाई और आगामी गेहूं सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

    केंद्र की ओर से तय आपूर्ति के अनुसार आइपीएल की ओर से हरियाणा में 1.50 लाख एमटी डीएपी, 3.50 लाख एमटी यूरिया, 40 हजार एमटी एनपीके व एसएसपी तथा 10,650 एमटी एमओपी उपलब्ध कराया जाएगा।

    इनमें बड़ी हिस्सेदारी इंडियन पोटाश लिमिटेड की रहेगी, जबकि शेष खाद इफको, चंबल सहित अन्य कंपनियों के माध्यम से प्रदेश में पहुंचाई जाएगी।

    झज्जर में पहुंचा 2600 एमटी डीएपी
    खाद आपूर्ति की कड़ी में झज्जर के किसानों के लिए भी बड़ी राहत है। आज झज्जर में आइपीएल का 2600 एमटी डीएपी का रैक पहुंचने की उम्मीद है। रैक पहुंचने के बाद निर्धारित मात्रा के अनुसार आसपास के जिलों में खाद भेजी जाएगी। इससे सरसों की बिजाई के समय डीएपी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

    प्राप्त आवंटन के अनुसार झज्जर को 600 एमटी, रोहतक को 450 एमटी, रेवाड़ी को 400 एमटी, महेंद्रगढ़ को 400 एमटी, गुरुग्राम को 350 एमटी, दिल्ली को 300 एमटी और चरखी दादरी को 200 एमटी डीएपी उपलब्ध कराया जाएगा।

    समय पर आपूर्ति पर जोर
    दीपक शर्मा, सहायक प्रबंधक, आइपीएल ने बताया कि रबी सीजन में खाद की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र और प्रदेश स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। खासकर सरसों की बिजाई के साथ गेहूं की बुवाई शुरू होने पर डीएपी और यूरिया की मांग तेजी से बढ़ती है।

    ऐसे में अक्टूबर की प्रस्तावित बड़ी खेप से किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद है। खाद की आपूर्ति मांग के अनुरूप जिलों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसानों को बाजार में भटकना न पड़े और रबी फसलों की बिजाई प्रभावित न हो।