Category: बिहार

  • शिवराज सिंह चौहान आज बैठक में करेंगे बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम का ऐलान

    शिवराज सिंह चौहान आज बैठक में करेंगे बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम का ऐलान

    पटना 

    बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान आज 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार कुछ देर में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व पहली बार भाजपा करेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक में गठबंधन के पांच दलों के विधायक उस नाम का अनुमोदन करेंगे। अभी जैसे जेडीयू विधायक दल के नेता नीतीश सीएम हैं, उसी तरह आगे भाजपा विधायक दल का नेता ही एनडीए विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा और एनडीए से पहले जेडीयू के विधायक दल की बैठक 2 बजे नीतीश लेंगे।

    एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद नया नेता यानी नए मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बुधवार की सुबह 11 बजे लोक भवन (राजभवन) में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीमित संख्या में पांच घटक दलों के मंत्री शपथ लेंगे। समारोह में दिल्ली से भाजपा और एनडीए दलों के बड़े नेता आ सकते हैं।

    नए सीएम को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है, लेकिन खुली आंखों से जो राजनीतिक घटनाक्रम दिख रहा है और कल से जिस तरह भाजपा विधायक दल के मौजूदा नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आवास नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों-मुलाकातों का केंद्र बना हुआ है, उससे यह संभावना प्रबल है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। सीएम पद के लिए नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, जनक राम, रेणु देवी, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल, मंगल पांडे जैसे कई नाम चर्चा में हैं। लेकिन भाजपा का फैसला शाम 3 बजे की बैठक में सामने आने तक कुछ तय रूप से नहीं कहा जा सकता।

    पांच महीने पहले सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को भाजपा विधायक दल का नेता और उप-नेता चुना गया था। भाजपा के पास विकल्प है कि वो विधायक दल का नेता या उप-नेता ना बदले, लेकिन जदयू को सांसद नीतीश की जगह पर नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो। इस लिहाज से जदयू की 2 बजे की बैठक भी बहुत महत्वपूर्ण है। जदयू में नीतीश के बाद नेता बनने की रेस में विजय कुमार चौधरी का नाम सबसे आगे है।

    नीतीश कुमार सीएम आवास से निकले, आंबेडकर जयंती समारोह बतौर मुख्यमंत्री आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम

    नीतीश कुमार बतौर सीएम अपने अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री आवास से निकल गए। वो आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने के बाद जब सीएम हाउस लौटेंगे तो अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद वो राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप देंगे।

     भाई वीरेंद्र ने कहा- सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो हम बधाई देंगे
    राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि अगर सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो वो उनको बधाई देंगे। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के करीबी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी कहा था कि अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो राजद के कार्यकर्ता खुश ही होंगे। शक्ति यादव का तर्क था कि इससे साबित होगा कि राजद से निकले कार्यकर्ता दूसरे जगह जाकर भी सीएम बन सकते हैं।

    सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 08- राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा सम्राट के आवास गए
    एनडीए दलों के नेता और नीतीश के प्रधान सचिव दीपक कुमार के बाद कल शाम जब राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा भी सम्राट चौधरी के आवास पहुंच गए, तो यह अब तक के सारे संकेतों में सबसे मजबूत इशारा हो गया कि अगला सीएम कौन हो सकता है। कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा करने के लिए राज्यपाल के सचिव सम्राट से मिलने गए थे।

    सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 07- सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार सम्राट के आवास गए
    एनडीए के नेताओं के बाद जब कल नीतीश कुमार के प्रधान सचिव दीपक कुमार भी सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दीपक कुमार ही सरकार की सारी प्रशासनिक व्यवस्था पर सीएम के लिए नजर रखते हैं। दीपक कुमार हर यात्रा और कार्यक्रम में सीएम के साथ और बिल्कुल पास खड़े दिख जाते हैं। दीपक कुमार का सम्राट चौधरी के आवास जाना भी अगली सरकार के नेता का मजबूत संकेत है।

    JDU इन 5 नेताओं पर लगा सकती है दांव

    डिप्टी सीएम की रेस में कौन आगे?
    सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेडीयू की ओर से उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा. हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम इस पद के लिए सबसे चर्चा में है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार निशांत फिलहाल इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं. वहीं, दो उपमुख्यमंत्री होने की बात भी माने आ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री के मामले में चौका भी सकते हैं. वे निशांत के अलावा किसी अन्य नेता पर भी दाव लगा सकते हैं. इसके लिए 5 नाम सबसे प्रबल हैं. इनमें संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, विजेंद्र यादव शामिल हैं। 

        संजय झाः इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. पार्टी के रणनीतिकार हैं. सवर्ण (ब्राह्मण) जाति से आते हैं. वे बीजेपी से जदयू में आए हैं. लिहाजा बीजेपी में भी उनकी अच्छी पकड़ है। 

        ललन सिंहः ये नीतीश कुमार के पुराने साथी और बेहद भरोसेमंद हैं. ललन सिंह भी सवर्ण यानि भूमिहार जाति से आते हैं. फिलहाल लोकसभा सांसद और केंद्र में मंत्री है. इनका पार्टी पर संगठन पर मजबूत पकड़ और लंबा प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव है। 
        विजय चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के साथ साये की तरह देखा जाता है. विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और नीतीश के संकटमोचक माने जाते हैं. फिलहाल राज्य सरकार में मंत्री हैं. सवर्ण जाति से आते हैं और भूमिहार है। 

        अशोक चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के मानस पुत्र माना जाता है. पासी जाति यानि महादलित समुदाय से आते हैं. कांग्रेस से जदयू में आए हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 

        विजेंद्र यादवः इन्हें को नीतीश कुमार की सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलती रही है. नीतीश के भरोसेमंद भी माने जाते हैं और प्रशासनिक कार्यों में निपुण हैं. ये पिछड़ी जाति से आते हैं। 

     

  • झारखंड: एक्साइज कॉन्स्टेबल पेपर लीक मामले में 159 उम्मीदवार गिरफ्तार

    झारखंड: एक्साइज कॉन्स्टेबल पेपर लीक मामले में 159 उम्मीदवार गिरफ्तार

     रांची 

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 159 उम्मीदवारों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें अन्य 5 और लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तामार पुलिस थाना क्षेत्र के रारगांव में परीक्षार्थी इकट्ठा हुए हैं और परीक्षा से पहले उन्हें संभावित परीक्षा प्रश्नों को याद कराया जा रहा है. इसी सूचना के बाद देर शाम छापेमारी की गई. इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने उत्तर कुंजी सहित प्रश्न पत्रों के चार सेट बरामद किए। 

    शुरुआती जांच में पता चला कि बरामद किए गए कुछ प्रश्न वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं. परीक्षा के 120 प्रश्नों में से एक खुरथा भाषा का प्रश्न लीक होने की पुष्टि हुई, जबकि एक प्रश्नपत्र आंशिक रूप से मेल खाता पाया गया. हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी तक पूरे प्रश्नपत्र के लीक होने की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं है। 

    अधिकारियों ने दी जानकारी 

    आईएएस अधिकारी प्रशांत कुमार, रांची के उपायुक्त और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी साझा की है. जांचकर्ताओं ने कथित मुख्य साजिशकर्ता की पहचान अतुल वत्स के रूप में की है, जिसका संबंध एक धोखाधड़ी गिरोह से बताया जा रहा है और उस पर पहले भी इसी तरह के परीक्षा धोखाधड़ी मामलों में आरोप लग चुके हैं. पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कथित तौर पर उम्मीदवारों के साथ लगभग 15 लाख रुपये के सौदा किया था. आरोपियों ने इस अभियान के तहत उम्मीदवारों से एडमिट कार्ड और अन्य डॉक्यूमेंट भी कथित तौर पर एकत्र किए थे। 

    10 से 15 लाख में होता था सौदा 
    जांच के दौरान ये बात सामने आई है कि आरोपी उम्मीदवारों को गैंग एजेंट की ओर से 10 से 15 लाख रुपये हर अभ्यर्थी से परीक्षा प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उस स्थान पर लेकर आया था। 

    होगी कड़ी कार्रवाई 
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि गिरफ्तार किए गए सभी 159 उम्मीदवारों को भविष्य में आयोग की परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया जाएगा. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है और मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। 

  • परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की आशंका, पुलिस ने दस्तावेज और मोबाइल की जांच शुरू की

    परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की आशंका, पुलिस ने दस्तावेज और मोबाइल की जांच शुरू की

     तमाड़

    झारखंड के विभिन्न जिलों में रविवार को आयोजित उत्पाद सिपाही की परीक्षा के बीच रांची के तमाड़ से एक संदिग्ध और बड़ी घटना सामने आई है. तमाड़ पुलिस ने रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी कर करीब 150-160 युवकों को हिरासत में लिया है. यह स्थान नेशनल हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के बाहरी सुनसान इलाके में स्थित है, जहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से पुलिस को संगठित गड़बड़ी का संदेह हुआ.

    थाना परिसर सील, वरीय अधिकारी कर रहे पूछताछ
    हिरासत में लिए गए सभी युवकों को तमाड़ थाना लाया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन थाना परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है और वरीय पुलिस अधिकारी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस की टेक्निकल टीम हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन और उनके पास से मिले दस्तावेजों की जांच कर रही है.

    दस्तावेज और वाहन जब्त
    छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं. इनमें अभ्यर्थियों के नामों की लंबी सूची, उनके मोबाइल नंबर और पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) की छायाप्रतियां शामिल हैं. इसके अलावा, वहां आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.

    नकल गिरोह या अवैध सेटिंग की आशंका
    प्रारंभिक जांच के अनुसार, हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक उत्पाद सिपाही की परीक्षा देने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से रांची पहुंचे थे. पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या इन युवकों को परीक्षा में नकल कराने या किसी विशेष ‘सेटिंग’ के उद्देश्य से यहां जुटाया गया था. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसके पीछे किसी संगठित नकल गिरोह का हाथ है या मामला कुछ और है.

  • बिहार शराब कांड का नेटवर्क उजागर, कई राज्यों तक फैला सप्लाई गिरोह

    बिहार शराब कांड का नेटवर्क उजागर, कई राज्यों तक फैला सप्लाई गिरोह

    मोतिहारी/साहिबाबाद

     बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस कांड के मुख्य आरोपी और शराब सप्लाई करने वाली कंपनी के मालिक सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद (गाजियाबाद) से गिरफ्तार किया गया। मोतिहारी पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली से सटे इस इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पुलिस सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाल रही थी। सतीश चौधरी न केवल कंपनी का मालिक है, बल्कि वो बड़े पैमाने पर बिहार में शराब सप्लाई भी करता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है।

    नोएडा से मंगाई गई थी स्पिरिट
    दरअसल, मोतिहारी में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर 'सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल' लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है।

    मोतिहारी में जहरीली शराब से 10 की मौत
    मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय सप्लाई चेन में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं।

    जहरीली शराब कांड में पुलिस की कार्रवाई
    एसआईटी ने जहरीली शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक सह सप्लायर सतीश चौधरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (साहिबाबाद) से गिरफ्तार किया।
    आरोपी 'एसएस केमिकल' नाम से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के फर्जी कंपनी चला रहा था, जिसके जरिए जहरीली स्प्रिट का अवैध निर्माण और सप्लाई की जा रही थी।
     गाजियाबाद से पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था आरोपी सतीश चौधरी। इसकी सप्लाई चेन बिहार समेत कई अन्य राज्यों में शराब माफियाओं तक फैली हुई है।
    तुरकौलिया थाना कांड संख्या 174/26 के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे अन्य ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।
     इससे पहले पुलिस ने मुख्य सप्लायर लवकुश यादव को कोटवा के सबैया गांव से पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका।

    एक-एक सबूत जुटाने में जुटी है टीम
    मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Prohibition and State Narcotics Control Bureau) ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो।

    पुलिस को रजिस्टर अपडेट करने की हिदायत
    इसके साथ ही मालखाने के रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी (Standard Operating Procedure) में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) कराने और अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।

     

  • एडमिट कार्ड से लेकर तारीख तक बदलाव, पूर्णिया विश्वविद्यालय में परीक्षा सिस्टम पर सवाल

    एडमिट कार्ड से लेकर तारीख तक बदलाव, पूर्णिया विश्वविद्यालय में परीक्षा सिस्टम पर सवाल

    पूर्णिया

    बिहार का पूर्णिया विश्वविद्यालय हाल में ही एक शोध छात्रा के साथ एक विभागाध्यक्ष की तस्वीर और वीडियो वायरल होने के बाद अब स्नातक प्रथम खण्ड की परीक्षा को लेकर सुर्खियों में है. पूर्णियां विश्वविद्यालय इस मामले में देश का संभवतः पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां एक परीक्षा के लिए तीन अलग अलग एडमिट-कार्ड जारी किए गए हैं और उससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही परीक्षा हो गई. परीक्षा से वंचित हजारों छात्र-छात्रों का परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश देखने को मिला है. हालांकि, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक इस लापरवाही का पूरा ठीकरा समर्थ पोर्टल पर फोड़ रहे हैं.

    एक ही परीक्षा का तीन-तीन कार्ड
    दरअसल, पूर्णिया विश्वविद्यालय स्नातक में प्रथम वर्ष की परीक्षा 30 मार्च से शुरू हुई है. जो 15 अप्रैल तक चलेगी. इसी बीच एक हैरानी की बात सामने आई कि परीक्षा शुरू होने से पहले तकनीकी त्रुटियों की वजह से दो बार परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड जारी किया गया. दूसरी बार वाले एडमिट कार्ड से 30 मार्च और 04 अप्रैल को परीक्षा भी सम्पन्न हुई. इसके बाद फिर विश्वविद्यालय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए तीसरा एडमिट कार्ड जारी किया और परीक्षा तिथि में भी परिवर्तन किया. इस एडमिट कार्ड के अनुसार, 08 अप्रैल और 10 अप्रैल को होने वाली परीक्षा को विस्तारित करते हुए क्रमशः 09 और 11 अप्रैल कर दिया गया.

    11 अप्रैल की सुबह की पाली की परीक्षा देने जब सैकड़ों परीक्षार्थी जिला मुख्यालय स्थित आर केके कॉलेज केंद्र पहुंचे तो उन्हें परीक्षा केंद्र में यह कहकर प्रवेश करने से रोक दिया कि इन विषयों की परीक्षा 10 अप्रैल को ही पूरी हो चुकी है. इसके बाद सैकड़ों परीक्षार्थी आक्रोशित हो गए और उन्होंने सहरसा-पूर्णिया मार्ग को जामकर नारेबाजी किया. परीक्षार्थी इमराना खातून ने बताया कि 08 तारीख से आ रहे हैं, फर्स्ट सिटींग में परीक्षा थी, कैंसल हो गया. फिर बोला कि 09 तारीख को होगा, वह भी कैंसल हो गया. फिर 11 तारीख बताया गया, लेकिन आज भी नही हो रहा है. हमलोगों को धक्का मारकर बाहर कर दिया गया.

    समर्थ पोर्टल की गड़बड़ी से हुई छात्रों को परेशानी
    परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह ने बताया कि समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार फॉर्म भराया गया. तकनीकी त्रुटियों की वजह से बच्चों को परेशानी हुई. उनकी परेशानियों को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. छुटे हुए बच्चों की परीक्षा फिर से ली जाएगी. आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है. परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत सिंह कहते हैं कि भारत सरकार के समर्थ पोर्टल द्वारा पहली बार परीक्षा फॉर्म भराया गया है और तकनीकी त्रुटि के कारण विश्वविद्यालय के बच्चों को परेशानी हुई है. उनकी परेशानी को देखते हुए विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी लेता है. परीक्षार्थियों को कोई असुविधा नही हो, इसलिए उक्त विषय की परीक्षा फिर से ली जाएगी और आगे की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल ने बताया है कि जो त्रुटि है, उसको दूर कर लिया गया है.

    छात्र नेता पीयूष पुजारा विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि ऐसा लगता है कि परीक्षा विभाग और विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है और बार-बार एडमिट कार्ड निकलना पड़ता है. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेवारी परीक्षा विभाग लेती है और आगे की परीक्षा स्थगित की जाती है.इसका मतलब तो यह हुआ कि परीक्षा विभाग और पूर्णियां विश्वविद्यालय खेल बनकर रह गया है और उन्हें पता ही नही है कि उनका मैनेजमेंट क्या है ,बार-बार एडमिट कार्ड बदलना पड़ता है.

     

  • गवाहों के लिए नई व्यवस्था: कोर्ट की भागदौड़ खत्म, सुरक्षित सेंटर से होगी गवाही

    गवाहों के लिए नई व्यवस्था: कोर्ट की भागदौड़ खत्म, सुरक्षित सेंटर से होगी गवाही

    भागलपुर.

    गवाहों की सुरक्षा को लेकर सरकार की नई कार्य योजना जल्द ही साकार होने जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर संवेदनशील गवाही केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center) का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक भूमि का चयन कर लिया गया है।

    जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने 9 अप्रैल 2026 को जिला विधिज्ञ संघ परिसर के निकट इस सेंटर के लिए भूमि चिह्नित की थी। इस सेंटर के निर्माण से गवाहों को न केवल सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही भी दे सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उच्च न्यायालय को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके तहत सभी कचहरी परिसरों में ऐसे सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सेंटरों का उद्देश्य गवाहों की पहचान को गुप्त रखते हुए उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान करना है। गवाहों को अब अदालत में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

    गवाहों को बिना डर के गवाही देने का अवसर
    इस सेंटर में विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, यौन उत्पीड़न पीड़िताओं, दिव्यांगों और धमकी के शिकार गवाहों के लिए गवाही देने की व्यवस्था की जाएगी। यह सेंटर उन्हें सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में बयान दर्ज कराने की सुविधा प्रदान करेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर में ऐसे केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है।

    वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर की विशेषताएं
    वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर एक विशेष प्रकार का कोर्ट रूम है, जो सामान्य अदालतों से भिन्न है। इसे 'कमजोर या संवेदनशील गवाहों' के लिए डिजाइन किया गया है, जहां गवाहों का आरोपितों से सामना नहीं होगा। गवाह एक अलग कमरे में बैठता है, जबकि न्यायाधीश, अधिवक्ता और आरोपित दूसरे कमरे में स्क्रीन पर गवाही की प्रक्रिया देखते हैं।

    इस सेंटर में चाइल्ड-फ्रेंडली माहौल प्रदान किया जाएगा, जिसमें रंगीन दीवारें, खिलौने, किताबें और आरामदायक फर्नीचर होंगे, ताकि बच्चे सहज महसूस करें। गवाहों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, और उनके आने-जाने का रास्ता भी अलग होगा। गवाही के दौरान गवाह के साथ मनोवैज्ञानिक, काउंसलर या परिवार का सदस्य रह सकता है। एक बार में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, जिससे पीड़ित को बार-बार कोर्ट में उपस्थित होकर घटना को दोहराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    पॉक्सो और महिला अपराध के मामलों में तेजी
    भागलपुर रेंज में पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और घरेलू हिंसा के सैकड़ों मामले लंबित हैं। अक्सर नाबालिग पीड़ित कोर्ट में आरोपित को देखकर सहम जाते हैं और अपने बयान से पलट जाते हैं, जिससे दोषसिद्धि दर में कमी आती है।

  • रांची दवा मेला: महिला उद्यमिता और हस्तशिल्प का भव्य प्रदर्शन

    रांची

    झारखंड के रांची जिले में डॉक्टर्स वाइफ एसोसिएशन की ओर से करमटोली स्थित आईएमए हॉल में आयोजित दो दिवसीय दवा मेले का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ. मेले का उद्घाटन गांडेय विधायक सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने किया.

    कल्पना सोरेन ने क्या कहा?
    इस मौके पर कल्पना सोरेन ने कहा कि डॉक्टर्स महिला शक्ति के प्रयास से एक छत के नीचे देश के अलग-अलग राज्यों से हमारी मजबूत महिलाएं यहां आई हैं. वे अपनी अलग-अलग हुनर और प्रतिभा को बखूबी सबके सामने प्रस्तुत कर रहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब महिला मजबूत हो जाती है, तो वह अपने सपनों को पूरा करना चाहती है और आसपास की महिलाएं उसकी मदद करती है. आप सभी आगे बढ़िए. अकेली महिला के बजाय अगर सब मिलकर आगे बढ़ें, तो महिलाएं और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ सकती हैं. उन्होंने कहा कि महिलाएं घर-परिवार को संभालते हुए अपने हुनर का काम कर रही हैं, यह काबिले-तारीफ है. यह एक सराहनीय पहल है कि इससे प्राप्त आय जरूरतमंदों के काम आएगी. महिलाएं जिस क्षेत्र में भी जाएं, एक-दूसरे का हाथ थाम कर आगे बढ़ें. सभी महिलाएं मिलकर आगे बढ़ें, यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए. जहां महिलाओं की बात आती है, वहां आगे आना जरूरी है.

    प्रसश्ति पत्र दिया
    मौके पर कल्पना सोरेन ने मेले का भ्रमण किया और दवा की ओर से स्टॉल धारकों को अपने हाथों से प्रसश्ति पत्र दिया. मेले में स्टॉल धारकों की कलाकारों को देखकर सराहना भी की.

    मेले में अपने गांव के स्टॉल को देख कर खुश हुईं कल्पना
    मेला भ्रमण के दौरान मेले में लगे अपने मायके गांव बारीपदा, मयूरभंज उड़िसा के स्टॉल में को देखकर कल्पना बहुत हीं खुश हुईं. जहां कपड़ों पर काथा वर्क की कलाकारी की गई थी. उन्होंने यहां स्टॉल धारक शुभ जैन से काम की जानकारी ली. उत्पादों की सराहना करते हुए अपने मां के लिए खरीदारी भी की. कहा कि अपने गांव घर अपने , मायके का स्टॉल यहां अचानक देखकर काफी खुशी हो रही है.

    मेले में देश के 75 से ज्यादा स्टॉल
    मेले मे देश भर से 75 से ज्यादा स्टॉल लगे हैं. जहां महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया है. डिजाइनर कपड़े, गहने होम डेकोर के अलावा नेचुरल प्लांट्स भी सजाए गए हैं. इसके साथ ही झारखंड ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान डीजिटल स्टॉल लगाए गए हैं. आप यहां लजीज खाने के स्टॉल का भी मजा ले सकते हैं. मेले में लेटेस्ट कलेक्शन की भरमार है. जिसकी सराहना करते महिलाएं दिखीं. मेला का समापन आज होगा. बता दें कि मेले से मिली आय जरूरतमंद संस्थाओं और प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजा जाएगा.

  • विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के बाद सुरक्षा में बढ़ी चौकसी

    विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के बाद सुरक्षा में बढ़ी चौकसी

    पटना  

    बिहार विधानसभा को एक महीने के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर एक बजे ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर फौरन सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने हर जगह सघन जांच अभियान चलाया। काफी देर खोजबीन के बाद भी बम नहीं मिला।

    सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया
    इधर, पुलिस टीम ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया। हर एक कार्यालय की जांच की गई। रेस्टोरेंट और कैंटीन की भी जांच की गई लेकिन कहीं कुछ नहीं बरामद हुआ। मामले में पटना एसएसपी ने बताया कि अज्ञात मेल के जरिए धमकी आई है। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले ठीक इसी अंदाज में पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ।

    किसने क्या लिखा धमकी भरे ईमेल में
    बिहार विधानसभा को शुक्रवार को जो ईमेल भेजा गया। उसमें धमकी देने वालों ने दावा किया गया है कि दोपहर करीब सवा दो बजे विधानसभा को साइनाइड गैस से निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे संदेश में बांग्लादेश के अब्दुल सईद समेत कई लोगों पर कथित अत्याचार का हवाला दिया गया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “इस्लामिक फ्राइडे एंटी क्राइस्ट” नामक संगठन से जुड़ा बताया है।

    सीवान कोर्ट को भी उड़ाने को भी धमकी
    इतना ही नहीं, इस ईमेल में बिहार विधानसभा के अलावा सीवान सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विधानसभा परिसर और सीवान सिविल कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट पर है। पुलिस और जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

  • 20 साल बाद केंद्र की राजनीति में लौटे नीतीश कुमार, दिल्ली में शपथ ग्रहण के बाद अब बिहार में नई सरकार के गठन की हलचल तेज

    20 साल बाद केंद्र की राजनीति में लौटे नीतीश कुमार, दिल्ली में शपथ ग्रहण के बाद अब बिहार में नई सरकार के गठन की हलचल तेज

    पटना  

     बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण किया। सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों का सदस्य बनने रिकॉर्ड कायम कर लिया है। यह उपलब्धि सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ही हासिल किया। चारों सदनों में बैठने वाले दूसरे सीएम नीतीश कुमार बने हैं। नीतीश कुमार गुरुवार को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के साथ शपथ ग्रहण करने के लिए पटना से दिल्ली गए थे। आज शाम वे पटना लौट सकते हैं

    नीतीश कुमार ने आज से अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत कर दी है। अब वे पटना लौटेंगे और अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देंगे।बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की बैठक करेंगे और खरमास के बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनेगी। नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है।

    दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा।

    दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा।

    आज का शपथ ग्रहण नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में वापसी की शुरुआत है। 2005 में दिल्ली की राजनीति छोड़कर पटना गए और बिहार के सीएम बने। करीब 20 सालों की स्टेट पारी निभाने के बाद वे दिल्ली लौट रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के समय उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राज्यसभा सांसद संजय झा, बीजेपी सांसद जेपी, निर्मला सीतारमण, नड्डा, राजीव प्रताप रूडी, बिहार के मंत्री सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, विजय चौधरी, मंत्री जमा खान, रामनाथ ठाकुर समेत बीजेपी और जदयू के कई नेता मौजूद रहे। नीतीश कुमार के शपथग्रहण के बाद दिल्ली से पटना तक सियासी तपिश और बढ़ गई है।

  • मकानों की गणना और पारदर्शी जनगणना के लिए सरायकेला में कार्यशाला, प्रखंड और नगर निकाय के अधिकारी हुए शामिल

    मकानों की गणना और पारदर्शी जनगणना के लिए सरायकेला में कार्यशाला, प्रखंड और नगर निकाय के अधिकारी हुए शामिल

     सरायकेला

    झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर तीन दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड कार्यालय सभागार, सरायकेला में किया गया.

    8 से 10 अप्रैल तक आयोजित
    यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 08 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारी और नामित फील्ड ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनर एमड़ी तासिकुर रहमान और अविनाश ठाकुर द्वारा प्रदान किया जा रहा है. इस दौरान प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों के सवालों का समाधान कर और उनकी सभी शंकाओं को दूर किया जा रहा है. इससे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जा सके.  सरायकेला-खरसावां में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारी शुरू हो गई है. मकान सूचीकरण के लिए अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

    ये अधिकारी रहे मौजूद
    8 अप्रैल को जिला स्तर के फील्ड ट्रेनर के रूप में नामित प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया. ये सभी प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स प्रखंड और नगर क्षेत्र के प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे. प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर जिला जनगणना पदाधिकारी श्री कमलेश कुमार दास और अन्य संबंधित पदाधिकारी कर्मी उपस्थित रहे.