Category: मध्य प्रदेश

  • भोपाल-इंदौर और 13 अन्य शहरों में गर्मी का असर, रात में तापमान गिरकर 10°C से भी नीचे

    भोपाल-इंदौर और 13 अन्य शहरों में गर्मी का असर, रात में तापमान गिरकर 10°C से भी नीचे

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर में धूप तेज हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, वहीं रात और सुबह के समय सर्दी अब भी महसूस की जा रही है। मंगलवार को भोपाल और इंदौर सहित 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि रात के समय 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। 

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सागर, दमोह, खजुराहो, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और मंडला सहित कई शहरों में पारा 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा।वहीं रात के तापमान की बात करें तो शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई, जहां पारा 4.5 डिग्री तक लुढ़क गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी और उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, कल्याणपुर की रात ठंडी मंगलवार को भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री से ज्यादा रहा। नर्मदापुरम में तापमान सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज किया गया।

    वहीं, सोमवार-मंगलवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी-उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बर्फ पिघलने के बाद बढ़ेगी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्ककुलेशन एवं वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी।

    इसलिए बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा।

    अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम

        12 फरवरी- अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी।
        13 फरवरी- तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। रात और अलसुबह ही ठंड का असर रहेगा।

    MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम…

    भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म

    भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक 13, 14 और 15 फरवरी के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन और रात दोनों के पारे में 3 से 4 डिग्री तक कमी आ सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा, खासकर सुबह और देर रात के समय सर्दी ज्यादा महसूस होगी। फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह ‘मिक्स पैटर्न’ लोगों को हैरान कर रहा है दोपहर में गर्मी और रात में सर्दी, यानी एक ही दिन में दो मौसम का एहसास। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर आने वाले दिनों में प्रदेश पर पड़ेगा। फिलहाल अगले दो दिन तक दिन का तापमान बढ़ा हुआ रह सकता है, क्योंकि धूप तेज बनी हुई है। लेकिन जैसे ही सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम में फिर बदलाव आएगा। 

  • MP में बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाएं, अगले 2 दिन तेज ठंड नहीं, ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर

    MP में बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाएं, अगले 2 दिन तेज ठंड नहीं, ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड से फिलहाल थोड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन प्रदेश में तापमान बढ़ेगा और दिन में सर्दी का असर कम रहेगा। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही पहाड़ी इलाकों में सक्रिय सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज होगी, वैसे ही उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं एक बार फिर प्रदेश में ठंड बढ़ा देंगी। फरवरी महीने में मौसम का मिजाज बार-बार बदलता रहेगा। फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। 

    पहाड़ी इलाकों की बर्फ से बढ़ी एमपी में ठंड
    भोपाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ अरुन शर्मा के मुताबिक, पहाड़ों के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ रहा है. जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा और बर्फ पिघलेगी, उसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं फिर से प्रदेश में असर दिखाएंगी. इसी कारण फरवरी महीने में मौसम में बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

    अब धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान
    मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में सोमवार को दिनभर तेज धूप रही. इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि, रात और तड़के सुबह ठंड का असर अभी बना रहेगा, लेकिन पारा धीरे-धीरे ऊपर चढ़ेगा.

    13 से 15 फरवरी के बीच फिर बढ़ेगी ठंड
    एमपी के मौसम को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम गुजरने के बाद 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट आएगी. इस दौरान उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण एक बार फिर ठिठुरन बढ़ सकती है.

    प्रदेश में कटनी का इलाका सबसे ठंडा, तापमान 5.9 दर्ज
    रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. जहां प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, यहां तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा खजुराहो में तापमान 6.4 दर्ज हुआ तो शहडोल के कल्याणपुर में 6.6 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8 तक पारा दर्ज हुआ है.

     बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक पांडे ने बताया, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा।

    13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा कटनी का करौंदी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, दतिया में 8.1 डिग्री, रीवा में 8.3 डिग्री, राजगढ़ में 8.6 डिग्री, उमरिया में 8.8 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.4 डिग्री, मलाजखंड में 9.5 डिग्री और नौगांव में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे कम 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों के मौसम का हाल 
    मध्यप्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2, ग्वालियर में 10.6, उज्जैन में 12.4 और जबलपुर में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.

    अगले दो दिन का मौसम अनुमान
    एमपी में 11 फरवरी को दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी. दिन में धूप तेज रहेगी.
    एमपी में 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. ठंड का असर मुख्य रूप से रात और सुबह के समय ही रहेगा.

  • गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

    गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

    गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार 

     थाने में दर्ज आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड, लंबित प्रकरणों की जानकारी और बीटचार्ज का लिया जायजा 

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल के नवागत पुलिस आयुक्त संजय कुमार लगातार थानों का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सोमवार रात गोविंदपुरा थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में दर्ज अपराधों की जानकारी और लंबित मामलों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने बीटचार्ट और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही थाने की स्वच्छता और आगंतुकों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

    दरअसल नए पुलिस आयुक्त संजय कुमार की कार्य प्रणाली अन्य अधिकारियों से कुछ हटकर है। वह कार्यालय से दिशा निर्देश देने से ज्यादा जरूरी फील्ड में उतरकर काम करने में विश्वास रखते हैं। इसी के चलते पुलिस आयुक्त लगातार अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त अपराधियों से सख्ती से निपटने और आमजनों से सद्व्यवहार करने की नसीहत पहले ही दे चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थानों के निरीक्षण के बाद काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

  • विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

    विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है।

    दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

    सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके।

    सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे।

    इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया।

    पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

    बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है।

    प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव

    इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया।

    इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी।

    क्या है पूरा विवाद?

    मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

    पहली और दूसरी माफी:

    विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।”

    अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं।

    तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान

    23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं।

    चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर

    अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।

     

  • सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

    सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

    भोपाल
    भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है।

    अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।  

    क्या होगा यहां खास
    यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।
     
    छात्रों के लिए नई राह
    आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।
     
    सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

    शहर को क्या मिलेगा
        ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा
        प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी
        लोकल जॉब्स बढ़ेंगी
        नई इंडस्ट्री निवेश आएगा
        स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे।

    इन 5 कामों पर फोकस
        ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल
        सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन
        बिजली सप्लाई में कम नुकसान
        कार्बन उत्सर्जन में कमी
        विंड एनर्जी को सस्ता बनाना

    52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक
    हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर किया स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर किया स्मरण

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा, गरीब कल्याण और कमजोर वर्ग के उत्थान के प्रति डॉ. जाकिर हुसैन का समर्पण सदैव याद किया जाएगा।

     

  • कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी विवाद: माफी मांगते वक्त भी नहीं छुपी मंत्री की मुस्कान

    कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी विवाद: माफी मांगते वक्त भी नहीं छुपी मंत्री की मुस्कान

    भोपाल
    अपने ही गैर-जिम्मेदाराना और विवादित बयानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह अब तक चार बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। 13 मई 2025, 14 मई 2025, फिर 23 मई 2025 और अब 07 फरवरी 2026, एक ही बयान और एक ही विषय पर इतनी बार माफी मांगने का रिकॉर्ड शायद ही किसी मंत्री के नाम दर्ज हो। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज हो या नहीं, लेकिन सियासी शर्मनाक घटनाओं की सूची में जरूर दर्ज किया जाना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि शनिवार को इंदौर के रेसिडेंसी क्षेत्र में जब मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया को लेकर माफीनामा पढ़ रहे थे, तो वह भी बिना तैयारी के नहीं, बल्कि पूरी लिखित स्क्रिप्ट के साथ।
     
    मीडिया के सवालों के दौरान शाह का रवैया भी अपने आप में कई सवाल खड़े करता नजर आया। माफी मांगने आए मंत्री जी के हाव भाव ऐसे थे मानों वह किसी गंभीर गलती पर पछतावा जताने नहीं, बल्कि सिर्फ औपचारिकता निभाने आए हों। “बोल दिया था, इसलिए माफी मांगनी पड़ रही है।” अगर वास्तव में उन्हें अपने बयान पर जरा भी मलाल या आत्मग्लानि होती, तो वह मीडिया से चर्चा से पहले कैमरों के सामने इस तरह बेशर्मी भरी मुस्कान के साथ खड़े नजर नहीं आते। उनके चेहरे पर न पश्चाताप था, न संकोच और न ही शब्दों की जिम्मेदारी का कोई भार।

    औपचारिकता निभाने आए थे?
    पूरा घटनाक्रम यही संकेत देता है कि शाह इंदौर केवल औपचारिकता निभाने आए थे, न कि अपने बयान की गंभीरता को समझने। कैमरों के सामने मुस्कुराते रहना और माफी को एक मजबूरी की तरह पेश करना, यह साफ दर्शाता है कि सत्ता के अहंकार में संवेदनशील मुद्दों को भी हल्के में लिया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह वही गंभीरता है, जिसकी उम्मीद जनता एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से करती है, या फिर अब माफी भी एक राजनीतिक ड्रामा बनकर रह गई है? सवाल यह है कि क्या अब मंत्री को माफी मांगने के लिए भी स्क्रिप्ट की जरूरत पड़ने लगी है? क्या शब्द इतने अविश्वसनीय हो चुके हैं कि बिना कागज के बोलना भी जोखिम भरा हो गया है?

    11 मई को दिया था विवादित बयान
    बीते वर्ष 11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा दिया गया विवादित और आपत्तिजनक बयान अब कानूनी शिकंजे में बदल चुका है। कार्यक्रम में मंत्री शाह ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि जिन आतंकियों ने लोगों को मारा, उन्होंने कपड़े उतरवाए और हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए कहा था कि “प्रधानमंत्री ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” मंत्री द्वारा सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई इस आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी और सामाजिक हलकों में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया।

    15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश
    मंत्री विजय शाह को यह बयान देना अब भारी पड़ रहा है। हाईकोर्ट जबलपुर के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए डीजीपी को मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई और इंदौर जिले के मानपुर थाने में शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। चूंकि आपत्तिजनक बयान मानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, इसलिए मूल प्रकरण यहीं दर्ज किया गया था । मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए थे।

  • कर्नल सोफिया विवाद: मंत्री विजय शाह ने मीडिया से दूरी बनाई, 9 फरवरी को होगी मामले की सुनवाई

    कर्नल सोफिया विवाद: मंत्री विजय शाह ने मीडिया से दूरी बनाई, 9 फरवरी को होगी मामले की सुनवाई

    भोपाल 

    भाजपा प्रदेश मुख्यालय में  समस्याएं सुनने पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह उस वक्त असहज नजर आए, जब मीडिया ने उनसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण को लेकर सवाल पूछ लिया. सवाल सुनते ही मंत्री विजय शाह बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे वाहन में बैठकर रवाना हो गए. हालांकि, इसके बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री शिवाजी पटेल को अकेले प्रेस ब्रीफिंग की.

    मंत्री शाह और पटेल ने सुनी समस्या

    भाजपा संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है. प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक प्रदेशभर से कार्यकर्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं. जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव होता है, उनका मौके पर निराकरण किया जाता है, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है. शुक्रवार को यह जिम्मेदारी मंत्री विजय शाह और मंत्री शिवाजी पटेल को सौंपी गई थी.

    मीडिया के सवालों से बचते दिखे विजय शाह

    कार्यकर्ताओं की सुनवाई के बाद जैसे ही दोनों मंत्री कार्यालय से बाहर निकले, मीडिया ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर सवाल किया. सवाल सुनते ही मंत्री बिना कुछ कहे वाहन में बैठकर निकल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश सरकार मंत्री विजय शाह के मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती. इसलिए अभियोजन की मंजूरी को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है.

    सरकार को 3 दिन में देना होगा जबाव

    20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुनवाई करते हुए एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी गई है. कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन का निर्णय लेकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 फरवरी को है, जबकि कार्यदिवसों के आधार पर सरकार के पास अभी लगभग तीन दिन का समय बचा है.

    सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।

    सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है।

    पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है।

    सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।

    तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है।

    विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'

    शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'

    बजट सत्र के बाद हो सकती है कार्रवाई

    एसआईटी छह माह पहले ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है. अब अंतिम निर्णय सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा लिया जाएगा. माना जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद सरकार और पार्टी मंत्री विजय शाह के खिलाफ एकशन ले सकते हैं.

  • उमरिया में 7° तापमान, 10 जिलों में हल्का कोहरा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में पारा लुढ़केगा

    उमरिया में 7° तापमान, 10 जिलों में हल्का कोहरा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में पारा लुढ़केगा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार रात तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे सर्दी का असर और गहरा हो गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
    रीवा, खजुराहो, मंडला और सतना जैसे शहरों में भी पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में भी सर्दी के इस नए दौर काअसर साफ नजर आ रहा है।

    करीब एक हफ्ते राहत नहीं
    मौसम विभाग के अनुसार- आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। हालांकि, 10 फरवरी से पहले बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन कोहरा और सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

    कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान

    प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

    उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया के बाद रीवा दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया गया।

    खजुराहो में भी 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री तथा दमोह और मलाजखंड में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इधर, प्रदेश में घने कोहरे का खास असर नहीं देखा गया। शनिवार सुबह भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला, सतना समेत करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जिससे सुबह के समय हल्की ठंड और दृश्यता में कमी महसूस की गई।

    कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान

    प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

    एक नजर प्रदेश में तापमान पर
    MP में 4 दिन कड़ाके की ठंड 

    ग्वालियर-चंबल में असर ज्यादा

    भोपाल-उज्जैन में भी पारा गिरेगा

    ग्वालियर, खजुराहो समेत 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे 

    कटनी, शहडोल और छतरपुर सबसे ठंडे 

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश

    शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री

    राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री

    सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री रहा

  • एम्स भोपाल में मप्र में पहली बार ‘मसल ट्रांसफर’ सर्जरी, जांघ की मांसपेशी से हाथ की गति में आई सुधार

    एम्स भोपाल में मप्र में पहली बार ‘मसल ट्रांसफर’ सर्जरी, जांघ की मांसपेशी से हाथ की गति में आई सुधार

    भोपाल
     एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने मध्य प्रदेश में पहली बार एक ऐसी जटिल सर्जरी को अंजाम दिया है, जिसमें शरीर के एक हिस्से की सक्रिय मांसपेशी को दूसरे हिस्से में लगाकर अंग की गति वापस लाई गई।

    'फ्री फंक्शनिंग मसल ट्रांसफर' (एफएफएमटी) नामक इस तकनीक के जरिए 55 वर्षीय एक ऐसे मरीज का हाथ सक्रिय किया गया है, जो 'पैन ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी' के कारण पूरी तरह लकवाग्रस्त (पैरालाइज्ड) हो चुका था।

    मरीज एक ऐसी गंभीर स्थिति से जूझ रहा था जिसमें कंधे से हाथ तक जाने वाली नसों का जाल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके परिणामस्वरूप उसका ऊपरी अंग पूरी तरह निष्क्रिय था और वह हाथ हिलाने तक में असमर्थ था। इस स्थिति में जीवन की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होती है क्योंकि मरीज दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाता है।

    कैसे हुई जटिल माइक्रोसर्जरी?

    इस सर्जरी में मरीज की जांघ से 'ग्रैसिलिस' नामक मांसपेशी को उसकी नसों और रक्त वाहिकाओं के साथ निकाला गया। इस जीवित मांसपेशी को प्रभावित हाथ में प्रत्यारोपित किया गया। इसके बाद माइक्रोस्कोप की मदद से नसों और खून की नलियों को जोड़ा गया। इस सफल प्रक्रिया के बाद अब मरीज की कोहनी में सक्रिय लचीलापन बहाल हो सकेगा, जिससे वह हाथ मोड़ना और उठाना जैसे बुनियादी कार्य कर पाएगा।
    इन विशेषज्ञों की टीम ने रचा इतिहास

    इस ऐतिहासिक सर्जरी में बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक कृष्णा (अतिरिक्त प्रोफेसर), डॉ. राहुल दुबेपुरिया (एसोसिएट प्रोफेसर) की मुख्य भूमिका रही। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. अनुज जैन (अतिरिक्त प्रोफेसर) ने किया।

    जटिल सर्जरी किफायती दरों पर उपलब्ध

        प्रदेश में यह अपनी तरह की पहली और बेहद जटिल प्रक्रिया है। इस उपलब्धि ने साबित किया है कि एम्स भोपाल अब दुनिया की सबसे उन्नत माइक्रोसर्जिकल तकनीकों को अपनाने में सक्षम है। हमारा लक्ष्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को ऐसी महंगी और जटिल सर्जरी किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। – प्रो. डॉ. माधवानंद कर, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल।