Category: छत्तीसगढ़

  • कृषि विश्वविद्यालय में 3 दिवसीय यूथ कॉन्क्लेव, 28 सितंबर को होगा भव्य शुभारंभ

    कृषि विश्वविद्यालय में 3 दिवसीय यूथ कॉन्क्लेव, 28 सितंबर को होगा भव्य शुभारंभ

    कृषि विश्वविद्यालय में 28 से 30 सितंबर तक “यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव” का आयोजन

    राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं वित्त मंत्री शुभारंभ समारोह में रहेंगे मौजूद

    छत्तीसगढ़ के एक हजार से अधिक युवा कान्क्लेव में शामिल होंगे

    आई.आई.टी, एन.आई.टी, आई.आई.आई.टी., नाबार्ड और सीजी काॅस्ट भी होंगे आयोजन में सहयोगी

    सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी होगा

    रायपुर, 
    छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवचार, उद्यमिता विकास एवं प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 28 से 30 सितंबर 2026 तक “छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन कृषि मंडपम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया जाएगा। राज्य में उद्यमिता एवं स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाले इस यूथ कॉन्क्लेव में प्रदेश भर से लगभग एक हजार से अधिक नवोन्मेषी युवा उद्यमियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस तीन दिवसीय यूथ काॅन्क्लेव 2026 का उद्घाटन 28 सितम्बर को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका करेंगे तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चैधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर के नवनिर्मित भवन का शुभारंभ भी किया जाएगा। यूथ काॅन्क्लेव के दौरान युवा नेतृत्व वाले उद्यमों और संस्थागत नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी” भी आयोजित की जाएगी तथा शीर्ष तीन स्टार्टअप्स को पुरस्कृत किया जाएगा। यूथ काॅन्क्लेव में शामिल होने के इच्छुक युवा छात्र एवं उद्यमी 25 सितम्बर 2026 तक पंजीयन करवा सकते हैं। 
    “यूथ कॉन्क्लेव 2026” में नवाचार अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल है। कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स, शिक्षाविदों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस मंच के माध्यम से नवीन विचारों, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक अवसरों एवं सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के साथ-साथ राज्य में एक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत 28 सितम्बर को प्रदेश के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह केंद्र प्रदेश में बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से शोधार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं को प्रोटोटाइप विकास, तकनीकी मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, मेटरशिप तथा उद्योग एवं निवेशकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
    छत्तीसगढ़ में लागू नवाचार एवं स्टार्टअप सवर्धन नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से युवाओं में नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक समाधान विकसित करने तथा राज्य के स्टार्टअप्स एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए आवश्यक मंच एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष रूप से कृषि एवं एग्री टेक. खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु स्मार्ट तकनीक, फिनटेक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में कुल चार तकनीकी सत्रो का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों का व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, स्टार्टअप पिचिंग, निवेशक/स्टार्टअप संवाद, नीति संवाद, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन सत्र तथा   उत्कृष्ट नवाचारों एवं स्टार्टअप्स को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तीन शीर्ष युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रूपये, पचहत्तर रूपये तथा पचास हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। 
    इस कॉन्क्लेव में लगभग 1000 प्रतिभागियों की सहभागिता अपेक्षित है, जिनमें युवा, उच्च शिक्षा के विद्यार्थी, शोधार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, नवाचारकर्ता, उद्यमी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर, मेंटर, शिक्षाविद् तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी सम्मिलित होंगे। इस आयोजन से प्रदेश के युवाओं को अपने नवीन विचारों एवं तकनीकी समाधानों को विशेषज्ञों, उद्योगों एवं संभावित निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर एवं लाभ प्राप्त होगा। युथ काॅन्क्लेव 2026 में सहभागिता के इच्छुक युवा छात्र https://forms.gle/UL4UoMW8zi9VxyjQ9 तथा युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स https://forms.gle/vH7RYusdHmmFUsxK6 पर 25 सितम्बर 2026 तक पंजीयन कर सकते हैं।

  • हर बच्चे के विकास की निगरानी, पोषण माह में सही सलाह और देखभाल पर जोर

    हर बच्चे के विकास की निगरानी, पोषण माह में सही सलाह और देखभाल पर जोर

    सेवा की कहानी: हर बच्चे के विकास पर नजर, समय पर मिल रही सही सलाह और विशेषज्ञ सेवाएं

    पोषण माह 2026 में बच्चों के विकास की निगरानी और देखभाल पर विशेष जोर

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में पोषण माह 2026 के तहत बच्चों के समुचित विकास, पोषण और स्वास्थ्य को लेकर परिवारों को जागरूक किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत भी बच्चों के विकास की समय पर पहचान, उचित परामर्श और जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने की दिशा में सेवाभाव के साथ प्रयास किए जा रहे हैं।

    अभियान के माध्यम से अभिभावकों को बताया जा रहा है कि वे बच्चे की उम्र के अनुसार उसके सीखने, खेलने, प्रतिक्रिया देने और व्यवहार पर ध्यान दें। विकास में किसी प्रकार की देरी या चिंता दिखाई देने पर इंतजार न करें, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बात करें और स्वास्थ्यकर्मी से आवश्यक सलाह लें। जरूरत पड़ने पर बच्चे को विशेषज्ञ सेवा के लिए रेफर कराया जा सकता है।

    आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के विकास और पोषण की नियमित निगरानी की जा रही है। ‘हर बच्चे के विकास में ध्यान देना जरूरी’ संदेश के साथ परिवारों को यह समझाया जा रहा है कि समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन बच्चों के बेहतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ पोषण माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी और परिवार मिलकर बच्चों के स्वस्थ विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। यही निरंतर देखभाल और समय पर सहयोग ‘सेवा की कहानी’ को मजबूत करते हुए बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार कर रहा है।

  • गणितीय अवधारणाओं को सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने पर हुई चर्चा

    गणितीय अवधारणाओं को सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने पर हुई चर्चा

    गणित के डर को आकर्षण में बदलने गतिविधि आधारित शिक्षण पर शिक्षकों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

    छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में ‘द आर्ट ऑफ टीचिंग मैथेमैटिक्स: फ्रॉम फियर टू फैसिनेशन' पर प्रशिक्षण हुआ आयोजित

    गणितीय अवधारणाओं को सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने पर हुई चर्चा

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में  ‘द आर्ट ऑफ टीचिंग मैथेमैटिक्स: फ्रॉम फियर टू फैसिनेशन' विषय पर विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को गणित शिक्षण की ऐसी नवीन, गतिविधि – आधारित और रचनात्मक विधियों से परिचित कराना रहा, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों के लिए गणित को सरल, रोचक और आनंददायक बनाया जा सके।

            प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री सोनमणि बोरा तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री प्रशांत कविश्वर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में गणित को केवल पाठ्यपुस्तक, सूत्रों और गणनाओं तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन, अनुभव, गतिविधियों और रचनात्मकता से जोड़कर पढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में गणित के प्रति रूचि और जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ तार्किक सोच विकसित करने में भी सहायक हो सकती है।

           कार्यक्रम के विशेषज्ञ इंजीनियर, ऑल इंडिया रामानुजन सोसाइटी के निदेशक एवं रामानुजन टैलेंट सर्च फाउंडेशन बेंगलुरु के मैथ्स कोच श्री बी. एन. राव ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधि-आधारित एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने गणितीय अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने के लिए व्यावहारिक उदाहरणों और विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया तथा बताया कि कक्षा में विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सक्रिय सहभागिता बढ़ाकर गणित को सहज एवं आनंददायक बनाया जा सकता है।

         सेशन के दौरान शिक्षकों ने स्वयं विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर गणितीय अवधारणाओं को समझा। गतिविधियों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि कठिन प्रतीत होने वाली गणितीय अवधारणाओं को भी सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है। शिक्षकों ने इन तकनीकों को अपने-अपने कक्षा में लागू करने के तरीकों को भी समझा।

         कार्यक्रम में रायपुर के चार विकासखंडों के शिक्षकों ने ऑफलाइन सहभागिता की, जबकि पूरे रायपुर जिले के शिक्षकों के लिए कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण किया गया। इसके माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षक विशेषज्ञ द्वारा साझा की गई गतिविधि-आधारित गणित शिक्षण की विधियों से जुड़े और लाभान्वित हुए।

         इंटरैक्टिव सत्र में गणित शिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों के साथ संवाद भी किया गया। छोटे-छोटे प्रयोग, गतिविधियां, प्रश्नोत्तर और रचनात्मक अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करने के तरीकों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे प्रभावी शिक्षण उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराना रहा, जिनसे विद्यार्थी गणितीय अवधारणाओं को समझकर सीखें, उनका प्रयोग करें तथा उनमें तार्किक और वैज्ञानिक सोच विकसित हो।
     
             कार्यक्रम में शिक्षकों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता रही। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए गणित शिक्षण की नई तकनीकों और दृष्टिकोणों को समझा। शिक्षकों के अनुभव और सुझावों ने कार्यक्रम को अधिक संवादात्मक एवं उपयोगी बनाया। इसी तरह 23 सितंबर को बी.एड. विद्यार्थियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

  • तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितंबर को

    तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितंबर को

    गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश नवीनीकरण के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितम्बर को

    तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल

    आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य

    रायपुर
    राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश के नवीनीकरण के लिए 23 सितम्बर और 24 सितम्बर को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 23 सितम्बर को रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-आवासीय बालक-बालिका तीरंदाजी और बालिकाओं के फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल 23 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने) में होंगे। वहीं गैर-आवासीय बालक-बालिका हॉकी एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 24 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच-02 में सुबह 7 बजे से आयोजित किए गए हैं।

    चयन ट्रायल में राज्य के बालक-बालिका खिलाड़ी तथा अन्य राज्यों के 13 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। फुटबॉल एवं तीरंदाजी खिलाड़ियों का 23 सितम्बर को पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं तीरंदाजी एरिना रायपुर में किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को हॉकी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 में होगा।

    चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम,2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा एवं छात्रवृत्ति आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को दिया कैरियर मार्गदर्शन

    सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को दिया कैरियर मार्गदर्शन

    रायपुर

    सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को दिया कैरियर मार्गदर्शन

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रायगढ़ जिले के  शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चक्रधरनगर रायगढ़ में कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के तत्वावधान में किया गया। 

     कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा के बाद उपलब्ध विभिन्न कैरियर विकल्पों, रोजगार की संभावनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कैरियर का चयन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कैरियर से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों को लेकर सही दिशा प्रदान करना रहा। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी, स्कूल के प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • सेवा की कहानी: श्रमिक परिवारों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ

    सेवा की कहानी: श्रमिक परिवारों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ

    रायपुर

    लैलूंगा की महिला श्रमिक देववंती सिदार को मिली 20 हजार रुपए की मातृत्व सहायता

    शासन के निर्देशानुसार एवं रायगढ़ जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों तक सीधे पहुंचाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शिविरों और मैदानी स्तर पर हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे श्रमिक और ग्रामीण परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। 

    इसी क्रम में रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम कोडकेल की पंजीकृत महिला श्रमिक देववंती सिदार को श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ मिला। प्रसव के बाद उनके आवेदन का त्वरित निराकरण करते हुए 20 हजार रुपए की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। सेवा की कहानी में देववंती सिदार ने बताया कि उन्हें योजना की जानकारी आसानी से मिली और आवेदन की प्रक्रिया भी सरल रही। राशि सीधे खाते में मिलने से उन्हें काफी राहत मिली। प्रसव के बाद यह राशि मेरे और मेरे नवजात शिशु के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल में बहुत बड़ा सहारा बनी है। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और सहायता आसानी से मिलना हम जैसे श्रमिक परिवारों के लिए बहुत उपयोगी है।

  • आवासीय योजनाओं के विकास कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति

    आवासीय योजनाओं के विकास कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 87वीं बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 87वीं मंडल सम्मिलन बैठक मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश में आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाओं के विस्तार, नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने, भवनों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने तथा हितग्राहियों को राहत देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    *ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित भूमि के उपयोग की प्रक्रिया को मंजूरी*

    मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में मंडल की चिन्हित एवं स्वामित्व वाली भूमियों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के डिजाइन, वित्त पोषण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग, संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था के लिए लाइसेंस फीस मॉडल के तहत एजेंसी को भूमि उपयोग का अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।

    इस निर्णय से मंडल की विभिन्न आवासीय योजनाओं और प्रमुख क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे ईवी उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सुविधा उपलब्ध होने के साथ प्रदेश में स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

    *बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी ऑडिट होगा, योग्य फर्मों का होगा एम्पेनलमेंट*

    बैठक में मंडल की बहुमंजिला आवासीय एवं व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत भवनों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी।

    फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के भाग-4 तथा छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम, 2018 के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए योग्य फायर सेफ्टी ऑडिटरों एवं फर्मों के एम्पेनलमेंट की प्रक्रिया को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इससे भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा और कमियों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में व्यवस्था मजबूत होगी।

    *बकाया राशि एकमुश्त जमा करने वाले हितग्राहियों को राहत*

    मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि हितग्राहियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से बकाया राशि एकमुश्त जमा करने वाले हितग्राहियों के लिए विलंबित अवधि के ब्याज तथा वाटर चार्ज के सरचार्ज में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने वाले हितग्राहियों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबित देयताओं के निराकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।

    *आवासीय योजनाओं के विकास कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति*

    बैठक में प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं के अंतर्गत विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे विभिन्न क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ आवश्यक अधोसंरचना एवं निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।

    *भूमि आवंटन, क्वींस क्लब और नामांतरण शुल्क से जुड़े भी लिए गए निर्णय*

    बैठक में शैक्षणिक प्रयोजन के लिए आरक्षित भूखंडों के आवंटन संबंधी निर्देश-2026 में विकसित भूमि के प्रीमियम में आंशिक संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

    इसी प्रकार क्वींस क्लब ऑफ इंडिया, रायपुर के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पीपीपी मोड के तहत एजेंसी नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    मंडल की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के हस्तांतरण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिना विक्रय अनुमति के आवासीय भवन/भूखंड अथवा व्यावसायिक भवन/भूखंड का विक्रय किए जाने की स्थिति में हस्तांतरण/नामांतरण शुल्क दोगुना भारित कर हस्तांतरण/नामांतरण किए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

    बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, मंडल आयुक्त  अवनीश कुमार शरण, वित्त संचालक  ऋषभ पाराशर, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण  देवेन्द्र भारद्वाज, नगर तथा ग्राम निवेश के  संदीप बांगड़े,  जी.आर. रावटे, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी  हितेश बोराड तथा क्षेत्रीय प्रमुख हुडको सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 458 मरीजों को मिला परामर्श, 100 औषधीय पौधों का किया गया रोपण

    निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 458 मरीजों को मिला परामर्श, 100 औषधीय पौधों का किया गया रोपण

    रायपुर

    सेवा संकल्प अभियान एवं 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले के शासकीय आयुर्वेद औषधालय बुनगा द्वारा ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ थीम पर विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। 

    आयोजन के तहत निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर, काढ़ा वितरण, नशामुक्ति शपथ एवं जागरूकता, स्वच्छता जागरूकता, मितानिन प्रशिक्षण, योग शिविर तथा औषधीय पौधारोपण जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। छिछोर उमरिया, सिहा, ठाकुरपाली, गोतमा एवं स्कूल पारा बुनगा में लगाए गए चिकित्सा शिविरों में कुल 458 मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श प्रदान कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। 

     शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, वातरोग, ऋतुचर्या एवं योगाभ्यास सहित विभिन्न आयुर्वेदिक विषयों पर आधारित पाम्पलेट वितरित कर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही आयुर्वेद और प्रकृति के समन्वय का संदेश देते हुए 100 औषधीय पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। गांव के सामुदायिक भवनों एवं चौक-चौराहों पर आयोजित इन गतिविधियों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में डॉ. जागृति पटेल, फार्मासिस्ट भोज मालाकार, वर्षा ठेठवार, योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक, सरपंच एवं मितानिनों का सक्रिय योगदान रहा।

  • जोगी डोंगरी जलाशय में गूंजा स्वच्छता का संकल्प, जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक

    जोगी डोंगरी जलाशय में गूंजा स्वच्छता का संकल्प, जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक

    रायपुर

     कलेक्टर  विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज जोगी डोंगरी जलाशय के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान एवं जल स्रोत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

    अभियान के दौरान जोगी डोंगरी जलाशय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें जलाशय के आसपास बिखरे कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों की साफ-सफाई की गई। स्वच्छता अभियान के माध्यम से जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने और उनके संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने, जल के अपव्यय को रोकने तथा उपलब्ध जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के संबंध में जागरूक किया गया। जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों से अपने गांव के तालाबों, जलाशयों, कुओं एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई और देखरेख में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई।

    जल स्रोतों की स्वच्छता सभी की सामूहिक जिम्मेदारी

    कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण केवल विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के साथ ही जल के संरक्षण और सदुपयोग के लिए निरंतर प्रयास करें।

    ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प

    अभियान में ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने, पानी की बर्बादी रोकने तथा जल संरक्षण के लिए अपने स्तर पर निरंतर प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों की सहभागिता ने जल संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।

    कार्यक्रम के माध्यम से “जल है तो कल है” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया गया। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जल संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप देने का संदेश दिया गया।

  • सेवा की कहानी: आयुष्मान कार्ड से शिशु खलखो को इलाज के खर्च की चिंता से मिली राहत

    सेवा की कहानी: आयुष्मान कार्ड से शिशु खलखो को इलाज के खर्च की चिंता से मिली राहत

    रायपुर

    सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आ रहे बदलाव की कहानियां सामने आ रही हैं। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत घोघरा निवासी श्रीमती शिशु खलखो के लिए आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक राहत का भी माध्यम बना है। पहले परिवार में किसी सदस्य के बीमार होने पर उपचार के खर्च की चिंता उनके घरेलू बजट पर असर डालती थी। अब आयुष्मान कार्ड बनने से पात्रता एवं योजना के प्रावधानों के अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

    श्रीमती शिशु खलखो ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान उनकी समस्या का समाधान हुआ और उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया। कार्ड मिलने के बाद बीमारी की स्थिति में उपचार पर होने वाले बड़े खर्च को लेकर उनकी चिंता पहले की तुलना में कम हुई है। सीमित आय वाले परिवार के लिए स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक खर्च कई बार घरेलू जरूरतों और बजट को प्रभावित करता था, लेकिन आयुष्मान कार्ड ने उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दिया है।

    इलाज के खर्च से मिली राहत, परिवार को मिला भरोसा

    शिशु खलखो बताती हैं कि पहले परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर इलाज के लिए बड़ी राशि जुटानी पड़ती थी। इससे घर के दूसरे जरूरी खर्च प्रभावित होते थे और आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब आयुष्मान कार्ड उनके परिवार के लिए उपचार के समय आर्थिक सहारा बन गया है।

    आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजना के प्रावधानों के अनुसार उपचार की सुविधा मिलने से गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य जरूरत के समय परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिलती है। शिशु खलखो के लिए यह कार्ड बीमारी के समय इलाज की सुविधा के साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा भी लेकर आया है।

    जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा सामाजिक सुरक्षा का आधार

    सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की कहानियां जन-जन तक पहुंचाई जा रही हैं। शिशु खलखो की कहानी बताती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचता है, तो स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकता के समय उन्हें उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भी संबल मिलता है।