Category: छत्तीसगढ़

  • सड़क पर मौत का तांडव: लौह अयस्क लदे ट्रक की चपेट में आए बाइक सवार, दो युवकों की मौके पर मौत

    सड़क पर मौत का तांडव: लौह अयस्क लदे ट्रक की चपेट में आए बाइक सवार, दो युवकों की मौके पर मौत

    भानुप्रताप्रतपुर

    भानुप्रतापुर–दल्ली राजहरा मार्ग पर ग्राम टेकाढ़ोडा (साल्हे) के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक बाइक से जा रहे थे तभी लौह अयस्क से भरे एक ट्रक ने उनकी बाइक को चपेट में ले गया। घटना की सूचना मिलते ही कच्चे पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान ट्रक के नीचे फंसी बाइक और शव निकालने के लिए पुलिस को जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों मृतक युवक ग्राम साल्हे के निवासी थे और भानुप्रतापपुर की ओर जा रहे थे। ट्रक के संपर्क में आने के बाद एक युवक ट्रक के नीचे फंस गया, जबकि दूसरा ट्रक के पिछले चक्कों में दब गया। ट्रक ने दोनों को लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए आगे बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरा युवक अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ गया। हादसे के कारण लगभग एक घंटे तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा।

    पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद वह कच्चे पुलिस चौकी में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति, अमित शाह की अगुवाई में एंटी-नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ी बैठक

    नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति, अमित शाह की अगुवाई में एंटी-नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ी बैठक

    रायपुर

    देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है।

    पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।

    बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।

    दिनभर चलेगा मंथन
    पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा।

    दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला
    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

  • मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

    मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

    पटियाला.

    पंजाब में मास्टर कैडर के पदों पर प्रमोशन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी) पंजाब की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET-2) पास करना अनिवार्य होगा।

    शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले मेमो नंबर 19/23-16 A-4 (5) दिनांक 14.09.2017 के तहत कुछ कर्मचारियों को PSTET से छूट दी गई थी। यह छूट उन अध्यापकों को मिली थी जो NCTE की अधिसूचना 23.08.2010 और RTE एक्ट 2009 के तहत PSTET की पहली घोषणा 30.07.2011 के बाद सेवा में आए थे।

    हालांकि, अब माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 01 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले (भरुनेग मुथविभा वेवत तैले अंजुमन-ए-इशात बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) के बाद स्थिति बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए PSTET-2 पास करना अनिवार्य घोषित किया है।

    इस फैसले के आधार पर शिक्षा विभाग ने पुराने नोटिस को रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी प्रमोशन के बाद मास्टर कैडर में कार्यरत हैं और जिनकी शेष सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है, यदि उन्होंने अब तक PSTET-2 पास नहीं किया है तो उन्हें दो वर्षों के भीतर PSTET-2 पास करना होगा। ऐसा न करने पर विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • राज्यपाल डेका और CM साय ने अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश, काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति

    राज्यपाल डेका और CM साय ने अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश, काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति

    कोंडागांव.

    रायपुर से जगदलपुर जाते समय शुक्रवार को केशकाल में अचानक राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय का काफिला रुक गया. वजह थी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य. मुख्यमंत्री ने मौके पर उतरकर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएच-30 बस्तर संभाग की सबसे अहम सड़क है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और अन्य राज्यों से जोड़ती है. ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को तय मापदंडों के अनुसार काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए.

    केशकाल बायपास पर भी नजर
    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने केशकाल नगर के साथ-साथ केशकाल बायपास निर्माण कार्य की जानकारी ली. कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.

    कोंडागांव में दीदी की रसोई पहुंचे, फरा-अंगाकर रोटी चखी
    इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे. यहां उन्होंने बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का निरीक्षण किया. महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया. मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजन फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री साय ने समूह की महिलाओं से आय और कामकाज की जानकारी ली और कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम हैं. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि महिलाओं को आजीविका के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए.

    लोक कलाकारों की पेंटिंग्स देखी
    इस दौरान जिले के लोक कलाकारों की पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया. मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से बातचीत कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर सांसद, कोंडागांव विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

  • छत्तीसगढ़ ने किया अनोखा रिकॉर्ड, 10 महीने में 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में सबसे अधिक

    छत्तीसगढ़ ने किया अनोखा रिकॉर्ड, 10 महीने में 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में सबसे अधिक

    रायपुर:

    प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।  

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है।

    आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है। 

    इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं।

    "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

    "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  • एक की मौके पर मौत, ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी की चपेट में आए दो मासूम बच्चे

    एक की मौके पर मौत, ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी की चपेट में आए दो मासूम बच्चे

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल जा रहे दो मासूम बच्चे एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए. यह दुर्घटना शहर के पॉश इलाके में स्थित छत्तीसगढ़ क्लब के ठीक सामने हुई. इस भीषण टक्कर में स्कूल जा रहे एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ मौजूद एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है.

    घायल बच्ची को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि मासूमों को कुचलने वाला वाहन ट्रैफिक पुलिस की ‘टोइंग गाड़ी’ (क्रिन) थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस की इस गाड़ी ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. वहीं ड्राइवर मौके से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मृत मासूम के शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है.

  • पुलिस विभाग में प्रशासनिक बदलाव, 2 अधिकारी और 14 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानिए नई पोस्टिंग

    पुलिस विभाग में प्रशासनिक बदलाव, 2 अधिकारी और 14 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानिए नई पोस्टिंग

    कोरबा
     जिले में कानून‑व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत 2 टीआई, 4 एसआई, 3 एएसआई, 2 हेड कांस्टेबल और 3 कांस्टेबल का तबादला किया गया है।

    दर्री, पाली और करतला थानों को मिले नए प्रभारी

    तबादला आदेश के अनुसार दर्री थाना प्रभारी की जिम्मेदारी आशीष सिंह को सौंपी गई है। वहीं नागेश तिवारी को पाली थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उप निरीक्षक जितेंद्र यादव को कर्तला थाना प्रभारी बनाया गया है।

    पसान थाना प्रभारी बदले, रक्षित केंद्र भेजे गए

    पसान थाना प्रभारी उप निरीक्षक श्रवण विश्वकर्मा को हटाकर रक्षित केंद्र भेजा गया है। उनके स्थान पर जटगा चौकी से एक एएसआई को पसान थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    लेमरू और सिविल लाइन थाना में भी बदलाव

    सिविल लाइन थाना से उप निरीक्षक सुमन पोया को लेमरू थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं उप निरीक्षक पुरुषोत्तम उईके को पाली से स्थानांतरित कर सिविल लाइन थाना भेजा गया है।

    एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर पर तबादले

    एएसआई कुंवर साय पैकरा को लेमरू से जटगा चौकी

    एएसआई लक्ष्मी प्रसाद कुर्रे को रक्षित केंद्र से पाली थाना

    हेड कांस्टेबल दीपक खांडेकर को पाली से बालको

    हेड कांस्टेबल नरेंद्र लहरे को बालको से पाली

    कांस्टेबल शैलेंद्र तंवर को पाली से कटघोरा

    कांस्टेबल अश्विनी ओगरे को कटघोरा से पाली

    कांस्टेबल दिलहरण कंवर को दर्री से ओएम शाखा भेजा गया

    शहरी थाना प्रभारियों में कोई बदलाव नहीं

    कोतवाली थाना प्रभारी एमबी पटेल, सीएसईबी चौकी प्रभारी भीमसेन यादव, सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल और मानिकपुर चौकी प्रभारी अपने पदों पर बने रहेंगे।

    अन्य थाना प्रभारी भी यथावत

    डालवा उरगा, हरदीबाजार, दीपका, कुसमुंडा, बालको, बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना प्रभारियों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

    एसपी के सख्त निर्देश: अवैध कारोबार पर होगी कड़ी कार्रवाई

    एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में पेट्रोलियम, डीजल, कोयला, कबाड़, महुआ शराब सहित सभी अवैध गतिविधियों पर लगातार और सख्त कार्रवाई की जाए। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं।

  • नक्सली कमांडर उधम सिंह ढेर, बीजापुर में सुरक्षा बलों और से मुठभेड़ जारी

    नक्सली कमांडर उधम सिंह ढेर, बीजापुर में सुरक्षा बलों और से मुठभेड़ जारी

    बीजापुर.

    छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पेद्दागेलूर के जंगल क्षेत्र में चल रही इस मुठभेड़ में नक्सली कमांडर उधम सिंह के मारे जाने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवानों के साथ नक्सलियों की लगातार फायरिंग हो रही है।

    मुठभेड़ स्थल से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल और एक शव बरामद किया गया है। मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जारी की जाएगी।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल से एक ऑटोमेटिक AK-47 राइफल और एक नक्सली का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान नक्सली कमांडर उधम सिंह के रूप में हुई है।

    बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़

    मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जारी की जाएगी.

    एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि

    बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में सुरक्षा बलों का सघन तलाशी अभियान चल रहा है। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खंगाला जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य नक्सली मौजूद न हो।

    एसपी ने कहा कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

  • साप्ताहिक जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनी जनता की शिकायतें, तुरंत समाधान के दिए निर्देश

    साप्ताहिक जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनी जनता की शिकायतें, तुरंत समाधान के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

    साप्ताहिक जनसुनवाई में 90 आवेदनों पर सुनवाई

     

    डिंडौरी
       जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने एक-एक कर आवेदकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

               कलेक्ट्रेट सभागार में  आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं तथा कई आवेदनों का मौके पर ही समाधान कराया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए नागरिकों द्वारा समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित कुल 90 आवेदन प्रस्तुत किए गए। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं हो सका, उनमें आवेदकों को समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक आश्वासन प्रदान किया गया।

            जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत पोंड़ी माल विकासखंड डिंडौरी की आवेदिका श्रीमती अंधियारो बाई धुर्वे (आयु 70 वर्ष) एवं श्री गनपत सिंह (आयु 75 वर्ष) द्वारा विगत 10 माह से पेंशन राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

         कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा दोनों हितग्राहियों की ई-केवायसी की गई, जिससे आगामी माह से उनके खाते में पेंशन राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।

          इसी क्रम में ग्राम बहेरा टोला, ग्राम पंचायत माधोपुर विकासखंड डिंडौरी के आवेदक श्री इन्द्रपाल सिंह (आयु 82 वर्ष) एवं श्रीमती उर्मिला बाई (आयु 78 वर्ष) ने भी वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की समस्या जनसुनवाई में रखी। जांच में पाया गया कि ई-केवायसी पूर्ण न होने के कारण उनकी पेंशन बंद थी। अपर कलेक्टर के निर्देशानुसार पुनः ई-केवायसी की गई, जिससे आगामी माह से पेंशन भुगतान पुनः प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार ग्राम ईश्वरपुर बंगवार ग्राम पंचायत दामी तितराही जनपद पंचायत समनापुर के श्री प्रेमलाल झिगराम ने जनसुनवाई में आवेदन दिया कि मेरे पुत्र पवन कुमार झिगराम की मृत्यु  28 सितंबर 2025 को हुआ है जिसका ग्राम पंचायत के द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु जनसुनवाई में पहुंचे जहां पर अपर कलेक्टर ने योजना एवं सांख्यिकी विभाग के श्री अभिषेक बंसल को निराकरण करने के लिए निर्देशित किया जिस पर उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक घंटे के अंदर मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित हितग्राही को जनसुनवाई के दौरान सौंपा गया।

            अपर कलेक्टर ने जिले के समस्त हितग्राहियों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति की पेंशन राशि बंद हो गई है अथवा इस प्रकार की कोई समस्या है, तो वे अपने ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक, मोबिलाइज़र अथवा संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में संपर्क कर समस्या का समाधान करा सकते हैं, जिससे जिला मुख्यालय आने में समय व परेशानी से बचा जा सके।

             जनसुनवाई में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय भुगतान न होने पर उन्होंने जनसुनवाई में गुहार लगाई है कि ’ओम पारस मेन पावर सर्विस’ लिमिटेड, भोपाल के माध्यम से जिले के विभिन्न सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने आवेदन सौंपा। डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्डवॉय और सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह का मानदेय अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने अपर कलेक्टर से मांग की है कि उनके मानदेय भुगतान के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की जाए। जिस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए तथा अपर कलेक्टर के द्वारा लिखित आवेदन भी कंपनी को मानदेय भुगतान  हेतु प्रेषित किया जाए। इसी तरह ग्राम मुंगेला विकासखंड समनापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बंजरा के सरपंच और ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से लिखित आवेदन के साथ प्राथमिक शाला के जर्जर भवन की स्थिति की शिकायत की। बच्चों को स्कूल में अध्ययन में समस्या आ रहीं है। ग्रामीणों ने नए भवन निर्माण की मांग की। जिस पर अपर कलेक्टर ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीपीसी, सर्व शिक्षा अभियान अधिकारी को निराकरण करने के निर्देश दिए। 

        ग्राम मोहगांव माल निवासी आवेदक ने अपने पिता की मृत्यु के उपरांत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लंबित क्लेम राशि के भुगतान हेतु आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारी को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।
          कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्राप्त आवेदनों की गंभीरता से जांच करें और समय सीमा के भीतर हितग्राहियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

        जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत  पंकज जैन, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर  वैद्यनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्री राजेन्द्र जाटव, एलडीएम  रविशंकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • भ्रष्ट ठेकेदार का कारनामा उजागर, विधायक ने गुणवत्ताहीन निर्माण को तुड़वाया

    भ्रष्ट ठेकेदार का कारनामा उजागर, विधायक ने गुणवत्ताहीन निर्माण को तुड़वाया

    सीतापुर.

    भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो कुछ दिनों से एक अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने क्षेत्र में जारी विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। विधायक टोप्पो मंगलवार को मैनपाट ब्लॉक के दौरे पर पहुंचे थे।

    इस दौरान गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य पाए जाने पर विधायक ने तत्काल उसे तुड़वाया और दोबारा निर्माण करने का आदेश जारी किया। इस दौरान विधायक टोप्पो ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि, निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर क्षेत्र के विकास से जुड़ा मामला है।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, अपने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए विधायक रामकुमार टोप्पो ग्राम ग्राम करमहा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे चल रहे रिटर्निंग वॉल के निर्माण का निरीक्षण किया और रिटर्निंग वॉल की बारीकी से जांच की। दीवार के निर्माण में गुणवत्ता की कमी और घटिया सामग्री का उपयोग देखकर विधायक आक्रोशित हो गए। विधायक रामकुमार टोप्पो ने निरीक्षण के दौरान ही अधिकारियों को इस निर्माण कार्य को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से मानक स्तर पर बनाने का निर्देश दे दिया।

    रिटर्निंग वॉल के निरीक्षण के बाद विधायक टोप्पो ग्राम करमहा में ही सड़क पर बने एक नवनिर्मित पुल का निरीक्षण पहुंचे। इस दौरान उन्हें वहाँ भी खामियां नजर आई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने पुल को भी तत्काल प्रभाव से तोड़कर दोबारा बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विधायक टोप्पो के इस अवतार को देखे क्षेत्र के ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।