Category: छत्तीसगढ़

  • CG में बढ़े स्वाइन फ्लू के केस, 152 संक्रमित और कोरोना के 2 मामले; स्वास्थ्य मंत्री ने दी राहत

    CG में बढ़े स्वाइन फ्लू के केस, 152 संक्रमित और कोरोना के 2 मामले; स्वास्थ्य मंत्री ने दी राहत

    रायपुर.

    प्रदेश में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा-ए एच1एन1) का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के 31 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 152 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 38 मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं, जिनका उपचार चल रहा है।

    रायपुर संक्रमण के मामले में सबसे आगे है। जिले में अब तक 66 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि आठ मरीज अभी सक्रिय हैं। रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में संक्रमण का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। दोनों जिलों में अब तक 17-17 मरीज मिल चुके हैं। दुर्ग में आठ और बिलासपुर में छह मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं।

    11 जिलों में एक भी मरीज नहीं
    स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बलरामपुर, बीजापुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव, कोरिया, मुंगेली, नारायणपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सुकमा में अब तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।

    रायगढ़-कोरबा में भी सक्रिय मरीज
    रायगढ़ में 10 मरीज मिले हैं, जिनमें तीन सक्रिय हैं। कोरबा में नौ में से चार और धमतरी में नौ में से एक मरीज का उपचार चल रहा है। इसके अलावा बस्तर और बेमेतरा में तीन-तीन तथा कांकेर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और सरगुजा में दो-दो मरीज मिले हैं। बालोद, बलौदाबाजार, महासमुंद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में एक-एक सक्रिय मरीज दर्ज हैं।

    इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं। सर्दी, खांसी, तेज बुखार, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी होने पर जांच कराना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच, उपचार और आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    पैनिक होने की जरूरत नहीं- स्वास्थ्य मंत्री
    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कोरोना से निपटने के लिए पहले लगे डोज़ेस की वजह से शरीर में पर्याप्त इम्यून पॉवर बनी हुई है। जिला अस्पताल मेकाहारा में जांच की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू या कोरोना के लक्षण नजर आते ही किसी तरह की लापरवाही न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच और इलाज करवाएं।

  • गढ़चिरौली से बस्तर रवाना हुए 50 पूर्व माओवादी, विदाई के वक्त भावुक हुए साथी

    गढ़चिरौली से बस्तर रवाना हुए 50 पूर्व माओवादी, विदाई के वक्त भावुक हुए साथी

    जगदलपुर.

    कभी घने जंगलों में AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों के साथ घूमने वाले, कभी एक-दूसरे के लिए जान लेने और जान देने को तैयार रहने वाले माओवादी, आज जब एक-दूसरे से बिछड़े, तो आंखों से आंसू नहीं रुके। तस्वीर ऐसी थी जिसे देखकर शायद कोई भी ठिठक जाए जो लोग कभी बंदूक के साए में जिंदगी जीते थे, आज सामान्य जिंदगी की ओर लौटते हुए एक-दूसरे को गले लगाकर रोते नजर आए।

    महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास का सिलसिला अब अगले चरण में पहुंच गया है। पिछले साल पूर्व माओवादी नेता वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। सुरक्षा कारणों से इन्हें गढ़चिरौली के पुलिस पुनर्वास केंद्र में रखा गया। यहां उनकी जिंदगी की दिशा बदलने की कोशिश की गई किसी को स्किल ट्रेनिंग दी गई, कई पूर्व माओवादियों के रिवर्स नसबंदी ऑपरेशन कराए गए और कुछ माओवादी जोड़ों ने नई जिंदगी की शुरुआत शादी के साथ की।

    अब उसी पुनर्वास प्रक्रिया के तहत इन्हें धीरे-धीरे उनके मूल गांव और जिलों में वापस भेजा जा रहा है। पहले चरण में 50 पूर्व माओवादियों को गढ़चिरौली से बस्तर के अलग-अलग जिलों में उनके गृहग्राम के लिए रवाना किया गया। लेकिन विदाई के वक्त जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरी कहानी का दूसरा चेहरा दिखा दिया। कभी जंगलों में हथियारों के साथ साथ चलने वाले ये लोग, अब एक-दूसरे से बिछड़ने के दर्द में गले मिलकर रो रहे थे।

    हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया पर पूर्व माओवादी नेता जिनुगु नरसिम्हा रेड्डी उर्फ जम्पन्ना ने सवाल भी खड़े किए हैं। प्रेस नोट जारी कर जम्पन्ना ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को लंबे समय तक पुनर्वास केंद्र में पुलिस निगरानी में रखने के बजाय, आत्मसमर्पण के बाद जल्द से जल्द उनके घर भेजा जाना चाहिए, ताकि वे सामान्य जिंदगी में वापस लौट सकें। कुल मिलाकर जंगल से शुरू हुआ सफर अब गांव की ओर लौट रहा है फर्क सिर्फ इतना है कि कभी इन हाथों में हथियार हुआ करते थे, लेकिन आज वही हाथ विदाई के वक्त एक-दूसरे को कसकर पकड़कर यह कह रहे थे, अब जिंदगी की लड़ाई बंदूक से नहीं, सामान्य जिंदगी जीकर लड़नी है।

  • अधूरे पुल ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत, 6 साल से जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर

    अधूरे पुल ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत, 6 साल से जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर

    रायपुर.

    गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी पर बन रहा करीब 300 मीटर लंबा पुल लगभग छह वर्षों से अधूरा पड़ा है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर अधूरे पुल के पिलर से लगी करीब 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है।

    इस गंभीर स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। गांधी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पुल का निर्माण पूरा होने तक बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। अधूरे पुल पर निकले लोहे के सरिए, ऊंची और फिसलन भरी सीढ़ी तथा नीचे बहती तेज नदी के कारण बच्चों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण बनी हुई है। किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही प्रभावी कदम उठाना चाहिए।

    इदरीस गांधी ने पुल निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा उनकी जान की कीमत पर नहीं हो सकती। इस पूरे मामले के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह केवल स्थानीय समस्या नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और क्षेत्र के विकास से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।

  • Janmashtami पर CG में शराब और मांस की दुकानें रहेंगी बंद, ‘नो नॉन-वेज डे’ लागू

    Janmashtami पर CG में शराब और मांस की दुकानें रहेंगी बंद, ‘नो नॉन-वेज डे’ लागू

    रायपुर.

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू रहेंगे। राज्य शासन ने जहां जन्माष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया है, वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों की सीमा में आने वाले पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को भी बंद (नो नॉन-वेज डे) रखने के निर्देश दिए हैं।

    वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 4 सितंबर को प्रदेशभर की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही रेस्टोरेंट बार, होटल बार, क्लब, अहाता तथा शराब बेचने या परोसने वाले अन्य सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। इस दौरान भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी बंद रखने के निर्देश हैं।

    शराब बेचने और परोसने पर रहेगी पूरी रोक
    शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब अथवा अन्य प्रतिष्ठान या व्यक्ति को मदिरा बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। गैरमालिकाना क्लब, रेस्टोरेंट और स्टार होटल भी प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे। आदेश में शुष्क दिवस की अवधि के दौरान मदिरा के व्यक्तिगत भंडारण तथा गैर-लाइसेंसी परिसरों में शराब के भंडारण पर भी रोक का उल्लेख किया गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मदिरा जब्त करने के साथ संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    अवैध शराब पर आबकारी विभाग की नजर
    जन्माष्टमी के दौरान अवैध शराब के परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यालयों के अलावा संभागीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्ते भी कार्रवाई करेंगे। इसके लिए जांच दल गठित किए जाएंगे, जो अवैध शराब के संभावित संग्रहण स्थलों के साथ संदिग्ध वाहनों की जांच करेंगे। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मांस की दुकानें और पशुवध गृह भी बंद
    इधर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश में सभी कलेक्टरों, नगर पालिक निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नगरीय निकायों की सीमा में स्थित पशुवध गृह एवं मांस बिक्री की दुकानों को संबंधित अवसर पर बंद रखा जाए। विभाग ने अपने पूर्व में जारी निर्देशों और शासन के संदर्भित पत्रों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया है कि विशिष्ट अवसरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी शामिल है। ऐसे में 4 सितंबर को संबंधित आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लेकर छात्र कल्याण तक, राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों की तय की प्राथमिकताएं

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लेकर छात्र कल्याण तक, राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों की तय की प्राथमिकताएं

    विद्यार्थियों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता – राज्यपाल  डेका

    निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में नैक ग्रेडिंग, पीएचडी  की गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों और सामाजिक दायित्वों की समीक्षा

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

               राज्यपाल रमेन डेका ने आज निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों में शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को नैक (NAAC) में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए तथा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।

    विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना चाहिए

           डेका ने कहा कि पीएच.डी. उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएच.डी. के लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी, ताकि शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल उपाधि प्रदान करने तक सीमित न रहकर ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिसका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो।

    रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दें

            राज्यपाल ने कहा कि कोई भी नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले विश्वविद्यालय संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कर आवश्यकता और विद्यार्थियों की रुचि का आकलन करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जाए।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल

              डेका ने एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

    विश्वविद्यालय गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका हो

           डेका ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नियमित कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए। गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी विश्वविद्यालय सक्रिय भूमिका निभाएं।

    स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान महत्वपूर्ण

           राज्यपाल ने विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी तक योग पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों को योग के लिए इस प्रकार प्रेरित किया जाए कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन जाए।

    छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दें

         डेका ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए विश्वविद्यालयों  को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें 

               राज्यपाल ने कहा कि फार्मेसी सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए जिन विश्वविद्यालयों में फार्मेसी पाठ्यक्रम संचालित हैं, वहां विद्यार्थियों के बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाए। उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें

                डेका ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय करें

              राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

              बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी. के. गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

  • किरण सिंह देव से मिलने पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नबीन, डॉक्टरों से ली उपचार की जानकारी

    किरण सिंह देव से मिलने पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नबीन, डॉक्टरों से ली उपचार की जानकारी

    रायपुर.

    हादसे में घायल छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का दिल्ली में इलाज जारी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कुशलक्षेम जाना और डॉक्टरों से उनके इलाज के संबंध में जानकारी ली।

    किरण सिंह देव ने जताया आभार
    मुलाकात के बाद किरण सिंह देव ने सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार जताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने आज दिल्ली में आत्मीय मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना एवं अपनी शुभेक्षाएं प्रेषित कीं। उनके स्नेह, आत्मीयता एवं शुभेक्षाओं के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

    बागेश्वर धाम से लौटते वक्त हुए थे हादसे का शिकार
    बता दें कि किरण सिंह देव 29 जुलाई को उत्तरप्रदेश में सड़क हादसे के शिकार हुए थे। वह अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान झांसी-ललितपुर हाईवे पर सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने की कोशिश में उनके चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और कार ट्रक में घुस गई।

    मेदांता अस्पताल में इलाज जारी
    हादसे के वक्त किरण देव के साथ उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ भी वाहन में मौजूद थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में सफर कर रहे थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें 30 जुलाई को दिल्ली मेदांता अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि लोग BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और किरण सिंह देव के बीच हुई इस मुलाकात को प्रदेश अध्यक्ष के बदले जाने की नजरीए से भी जोड़कर देख रहे हैं।

  • दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर राज्यपाल रमेन डेका का बड़ा संदेश, बोले- और प्रयास जरूरी

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर राज्यपाल रमेन डेका का बड़ा संदेश, बोले- और प्रयास जरूरी

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास जरूरी -राज्यपाल रमेन डेका

    वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज

    राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

    रायपुर
     राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में अभी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।

    वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम को उल्लेखनीय योगदान के लिए किया सम्मानित

              राज्यपाल डेका से आज लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। टीम की उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने पर उन्होंने सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    शारदा ने 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी

              वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका सुके. शारदा के नेतृत्व में हुई। सुशारदा स्वयं अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक- शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस कार्य में योगदान दे रहे हैं।

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने समान अवसर

              राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को और व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।

    वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल को 8 लाख से अधिक बार देखा गया

            वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सभी सदस्य उपस्थित थे।

  • जांजगीर-चांपा में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹10 हजार रिश्वत लेते प्रिंसिपल और बाबू गिरफ्तार

    जांजगीर-चांपा में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹10 हजार रिश्वत लेते प्रिंसिपल और बाबू गिरफ्तार

    जांजगीर- चांपा

    जांजगीर- चांपा जिले में एसीबी बिलासपुर की ट्रैप कार्यवाही ::
     10000  रुपये रिश्वत  लेते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी  की प्रिंसिपल और बाबू एसीबी की गिरफ्त में 
    रिश्वती रकम बरामद 
    अपने ही स्कूल के सहायक ग्रेड 3  से वेतन वृद्धि का एरियर निकालने के एवज में मांगी गई थी रिश्वत ।
     प्रार्थी —मनीष राठौर सहायक ग्रेड 3 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी जिला जांजगीर चांपा 

     ⁠आरोपी —-
    १. महिला प्राचार्य  अंजुला सोनी 
     २. स्कूल का बाबू सहायक ग्रेड ३ विकास मसीह 

    शिकायतकर्ता मनीष राठौर द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में यह शिकायत की गई थी कि सहायक ग्रेड ३ के पद पर उसकी परिवीक्षा अवधि समाप्त होने पर उसका नियमितीकरण वर्ष2025 में हुआ है। उसका वर्ष २०२२ से जून २०२६ तक का वेतन वृद्धि एरियर करीब ८० हज़ार रुपये का बनना है जिसके लिए स्कूल की प्राचार्य अंजुला सोनी द्वारा एरियर निकालने के लिए उससे पहले २०००० रुपये रिश्वत की माँग की गई जिस पर उसके द्वारा निवेदन किए  जाने पर अंजुला सोनी द्वारा १०००० रुपये रिश्वत के रूप में देने को कहा जा रहा है जबकि वह उसे रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए पकड़वाना चाहता है । शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी इकाई बिलासपुर द्वारा ट्रैप की योजना बनायी जाकर आज दिनांक को प्रार्थी को रिश्वती रकम १०००० रुपये अंजुला सोनी को देने हेतु भेजे जाने पर  प्रार्थी द्वारा स्कूल में रिश्वती रकम अंजुला सोनी को देने का प्रयास करने पर उनके द्वारा रिश्वती रकम को अपने स्कूल के सहायक ग्रेड ३ विकास मसीह को देने हेतु कहे जाने पर प्रार्थी द्वारा विकास मसीह को रिश्वत रकम दिए जाने पर आसपास में  फैली एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड ३ विकास मसीह को पकड़ लिया गया। रिश्वती रकम को बरामद करके एसीबी द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 7,12 भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है।एसीबी बिलासपुर की यह लगातार 56 वीं ट्रैप कार्यवाही है ।

  • बस्तर ओलंपिक 2026-27 का बिगुल, 7 से 11 दिसंबर तक संभाग स्तर पर होंगे खेल मुकाबले

    बस्तर ओलंपिक 2026-27 का बिगुल, 7 से 11 दिसंबर तक संभाग स्तर पर होंगे खेल मुकाबले

    नारायणपुर.

    बस्तर में खेल प्रतिभाओं को गांव से संभाग स्तर तक मंच देने के लिए बस्तर ओलंपिक 2026-27 की तैयारी शुरू हो गई है। इस आयोजन के जरिए आदिवासी अंचल के युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और निखारने पर जोर रहेगा।

    संभाग के सातों जिलों बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में प्रतियोगिताएं होंगी। कुल 11 खेल विधाओं में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इसके लिए पंजीयन की प्रक्रिया 1 से 30 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 1 से 13 नवंबर के बीच ब्लॉक स्तर पर मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर से चुने खिलाड़ी 16 से 25 नवंबर तक जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 7 से 11 दिसंबर तक संभाग स्तरीय स्पर्धाओं का आयोजन होगा।

    प्रशासन का फोकस सिर्फ प्रतियोगिता कराने पर नहीं बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर है। खेलों के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का भी लक्ष्य रखा गया है। अब देखना होगा कि बस्तर ओलंपिक के मैदान से कितनी नई खेल प्रतिभाएं निकलकर सामने आती हैं।

  • सुकमा में BEO पर ACB का शिकंजा, 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा

    सुकमा में BEO पर ACB का शिकंजा, 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा

    सुकमा.

    सुकमा के कोंटा में शिक्षा विभाग से जुड़ी एक कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हलचल मचा दी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा को कथित तौर पर 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

    आरोप है कि एक शिक्षिका के करीब 16 लाख रुपए के लंबित एरियर्स का बिल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। जानकारी के मुताबिक, शिक्षक मंगलराम की पत्नी वर्ष 1991 में शिक्षिका के पद पर नियुक्त हुई थी। लंबे समय से उनके एरियर्स का मामला लंबित था। शिक्षक के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एरियर्स की राशि करीब 16 लाख रुपए बनी। इसके बाद फाइल पर बीईओ के हस्ताक्षर जरूरी थे। शिक्षक जब साइन कराने के लिए बीईओ कार्यालय पहुंचे तो हस्ताक्षर नहीं किए गए।

    मंगलराम का कहना है कि वे करीब एक महीने से साइन कराने कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान बीईओ द्वारा एरियर्स की राशि में 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। कमीशन की रकम करीब 80 हजार रुपए होने के कारण शिक्षक ने मामले की शिकायत ACB के जगदलपुर कार्यालय में की।

    शिकायत के सत्यापन के बाद बनाई कार्रवाई की योजना
    शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ACB की टीम तीन-चार वाहनों में कोंटा स्थित बीईओ कार्यालय पहुंची। टीम ने शिक्षक को 10 हजार रुपए देने के लिए भेजा। जैसे ही बीईओ चंद्र कुमार यारदा ने रकम ली, ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान ACB की टीम ने बीईओ कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की।

    टीम द्वारा मामले से जुड़े अन्य कागजात और फाइलों को खंगाला गया। देर शाम तक कार्यालय में कार्रवाई जारी रही। ACB के मुताबिक शिक्षक मंगलराम ने एरियर्स में साइन करने के एवज में अधिकारी द्वारा पैसे मांगने की शिकायत जगदलपुर कार्यालय में की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते बीईओ को रंगे हाथ पकड़ा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।