Author: NewseDay

  • CM यादव की अध्यक्षता में जल निगम की 26वीं बैठक, नाम बदलने समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

    CM यादव की अध्यक्षता में जल निगम की 26वीं बैठक, नाम बदलने समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

    म.प्र. जल निगम अब कहलायेगा म.प्र. जल एवं स्वच्छता निगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    म.प्र. जल निगम के संचालक मंडल की हुई 26वीं बैठक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रस्तावों को दी मंजूरी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित (एमपीजेएनएम) को पुनर्गठित कर मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम (एमपी-वास्को) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब अपने नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में जल विकास एवं स्वच्छता प्रबंधन में नए लक्ष्यों के साथ काम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम द्वारा विचार एवं अनुमोदन के लिए रखे गये विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए तैयार संचालक मण्डल के प्रतिवेदन तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखों का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैप्टिव मोड के तहत 60 मेगावॉट ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने के लिए गठित परियोजना कंपनी में म.प्र. जल निगम के प्रतिनिधित्व के लिए एमडी को अधिकृत कर दिया। साथ ही इसी परियोजना के विकास के लिए गठित प्रोजेक्ट कंपनी में डीमैटीरियलाइज्ड रूप में 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर रखने का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. जल निगम के इक्विटी शेयरों के नए पदाधिकारियों को हस्तांतरण तथा जल निगम द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए बजट अनुमान (57 करोड़ रुपए) का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के संचालक मण्डल में स्वतंत्र निदेशक के पद पर सुमित बोस की पुन: नियुक्ति का भी अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथोडोलॉजी के अनुसार म.प्र. जल निगम के एमडी की टेंडर मंजूरी की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया।

    बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव पीएचई सचिन सिन्हा, प्रमुख सचिव पीएचई मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, म.प्र. जल निगम मर्यादित के प्रबंध संचालक वीएस चौधरी कोलसानी सहित संचालक मण्डल के अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे।

     

  • महतारी वंदन, पीएम आवास और राशन कार्ड समेत प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की प्रगति पर हुई गहन चर्चा।

    महतारी वंदन, पीएम आवास और राशन कार्ड समेत प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की प्रगति पर हुई गहन चर्चा।

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की।

    डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी

    सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    प्रमुख योजनाओं की समीक्षा

    बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।

    इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

     

  • बुमराह ने लगाई 7 पायदान की छलांग, वरुण टॉप-5 में शामिल; भारतीय खिलाड़ियों को बड़ा फायदा

    बुमराह ने लगाई 7 पायदान की छलांग, वरुण टॉप-5 में शामिल; भारतीय खिलाड़ियों को बड़ा फायदा

    नई दिल्ली
    आईसीसी की ताजा टी20 रैंकिंग में भारत के खिलाड़ियों को जबरदस्त फायदा हुआ है। बल्लेबाजों में ईशान किशन टॉप पर बने हुए हैं। वहीं, अभिषेक शर्मा एक स्थान के फायदे के साथ पाकिस्तान के शाहिबजादा फरहान को पीछे छोड़ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। अब इन दोनों खिलाड़ियों के बीच पहले पायदान के लिए मुकाबला होगा। दोनों के बीच 51 रेटिंग प्वाइंट का अंतर है। अभिषेक ने है। संजू सैमसन को भी 4 पायदान का फायदा हुआ है। वह बल्लेबाजों की रैंकिंग में 30वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह को 7 पायदान का फायदा हुआ है और वह 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वरुण चक्रव्रती दो स्थान के सुधार के साथ टी20 के टॉप 5 गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं। अर्शदीप सिंह को 11 स्थान का फायदा हुआ है और वह 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अक्षर पटेल को भी 6 स्थान का फायदा मिला है और वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 27वें स्थान पर आ गए हैं।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को भी फायदा
    जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मैच में 59 रन से जीत हासिल करने वाली ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाड़ियों को भी आईसीसी रैंकिंग में फायदा हुआ है। 5 विकेट लेने वाले नेथन एलिस को 20 पायदान की छलांग लगाकर गेंदबाजों की रैंकिंग में 20वें स्थान पर आ गए हैं। वहीं, मैथ्यू रेनशॉ ने शतकीय पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। वह अब तक टॉप 100 में शामिल नहीं थे। अब वह वनडे में बल्लेबाजों की रैंकिंग में 68वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा कूपर कॉनोली 9 स्थान के सुधार के साथ 77वें पायदान पर पहुंच गए हैं।

    टेस्ट रैंकिंग में रॉबिन्सन का जलवा
    टेस्ट रैंकिंग में ओली रॉबिन्सन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की है। उन्हें 2 पायदान का फायदा हुआ है और वह टेस्ट में गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आ गए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज में उन्होंने 21 विकेट लिए थे। जोश टंग को भी 2 पायदान का फायदा हुआ है और वह 11वें नंबर पर आ गए हैं। यह उनके करियर की भी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। पाकिस्तान के बाबर आजम को भी 2 पायदान का फायदा हुआ है और टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में वह 13वें स्थान पर आ गए हैं।

  • गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत 4 जिलों में 775 ANPR कैमरे लगेंगे, पुराने वाहनों पर कसेगा शिकंजा

    गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत 4 जिलों में 775 ANPR कैमरे लगेंगे, पुराने वाहनों पर कसेगा शिकंजा

    चंडीगढ़
    हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल सभी शहरों में पेट्रोल पंपों पर परिवहन विभाग आटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने जा रहा है। यह कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर बता देंगे कि वह कितना पुराना है।

    इसके बाद मौके पर ही 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों और दस साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। पहली अक्टूबर से ऐसे वाहनों को डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।

    परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रथम चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 41 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च होंगे।

    30 सितंबर तक गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 तथा फरीदाबाद में 116 एएनपीआर कैमरे लगाने का लक्ष्य है। जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की पहचान तथा पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एएनपीआर कैमरे लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।

    विज ने बताया कि यह कार्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 2780 एएनपीआर कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। एक अक्टूबर से हरियाणा में पंजीकृत जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी।

    सरकार का उद्देश्य केवल एएनपीआर कैमरे स्थापित करना नहीं है, बल्कि इस तकनीक के माध्यम से पुराने एवं जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की प्रभावी पहचान करना तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित निर्धारित प्रावधानों को लागू करना है।

    एएनपीआर तकनीक के माध्यम से वाहनों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा तथा एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

     

  • तीन साल की भूजल पुनर्भरण परियोजना शुरू, एनजीआरआई की तकनीक से चिन्हित होंगे अन्य उपयुक्त स्थान

    तीन साल की भूजल पुनर्भरण परियोजना शुरू, एनजीआरआई की तकनीक से चिन्हित होंगे अन्य उपयुक्त स्थान

    लखनऊ
     योगी सरकार ने प्रदेश में भूजल संरक्षण और लंबे समय की जल सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक तरीके से काम तेज कर दिया है। इसी कड़ी में गंगा-यमुना दोआब में 1.65 करोड़ रुपये की ‘प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) परियोजना’ शुरू की गई है। तीन साल की इस परियोजना के तहत बारिश के पानी को जमीन के अंदर मौजूद जलभृतों (भूमिगत जल भंडार) तक पहुंचाकर भूजल का पुनर्भरण किया जाएगा। परियोजना की सबसे अहम कड़ी कानपुर से प्रयागराज के बीच करीब 200 किलोमीटर लंबी भूमिगत प्राचीन नदी/पैलियोचैनल प्रणाली की पहचान हुई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये पुराने नदी मार्ग आज भी जमीन के अंदर पानी के आने-जाने में मददगार हो सकते हैं।

    200 किमी लंबी प्राचीन नदी का मिला रास्ता
    नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक, भूगर्भ जल विभाग डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनसीआरआई) हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीक के जरिए गंगा-यमुना दोआब के नीचे मौजूद जलभृतों और प्राचीन नदी प्रणालियों का अध्ययन किया है। इसके लिए हवाई भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और बोरहोल लॉगिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।

    इस अध्ययन में प्रयागराज से कानपुर के बीच करीब 200 किलोमीटर लंबी भूमिगत प्राचीन नदी यानि पैलियोचैनल प्रणाली की पहचान हुई है। आसान भाषा में कहें तो जमीन के नीचे पुराने नदी मार्गों के निशान मिले हैं, जो आज भी भूजल के प्रवाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    जलभृतों तक पहुंचेगा बारिश का पानी
    परियोजना का सीधा उद्देश्य बारिश के पानी को बेकार बहने से रोककर उसे जमीन के अंदर मौजूद जलभृतों तक पहुंचाना है। जलभृत जमीन के नीचे पानी जमा रखने वाली प्राकृतिक परतें होती हैं। इन्हीं से कुओं और नलकूपों के जरिए भूजल मिलता है। वैज्ञानिक अध्ययन से यह समझने में मदद मिलेगी कि बारिश का पानी जमीन के अंदर कहां और किस रास्ते आसानी से पहुंच सकता है। इसी आधार पर पुनर्भरण के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा।

    छह स्थानों से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
    राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के वित्तीय सहयोग से भूगर्भ जल विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा इस परियोजना को लागू किया जा रहा है। इसकी कुल लागत 1.65 करोड़ रुपये और अवधि तीन वर्ष है। पहले चरण में छह स्थानों का चयन किया गया है। यहां पायलट अध्ययन के साथ भूजल पुनर्भरण की संरचनाएं बनाई जाएंगी। इन संरचनाओं के जरिए पानी को जमीन के अंदर पहुंचाया जाएगा और इसके परिणामों की लगातार निगरानी की जाएगी।

    पहले परिणाम देखे जाएंगे, फिर बढ़ेगा दायरा
    छह पायलट स्थानों पर यह देखा जाएगा कि पुनर्भरण संरचनाओं से भूजल स्तर पर कितना असर पड़ता है और स्थानीय जलभृत बारिश के पानी को किस तरह ग्रहण करता है। इससे यह भी पता चलेगा कि अलग-अलग स्थानों पर कौन-सी पुनर्भरण व्यवस्था ज्यादा प्रभावी रहती है। पायलट चरण से मिलने वाले परिणामों के आधार पर परियोजना को गंगा-यमुना दोआब के दूसरे उपयुक्त स्थानों तक बढ़ाया जाएगा। इससे भविष्य में बड़े क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।

    नदी और भूजल के संबंध की भी होगी निगरानी
    एनजीआरआई के अध्ययन में गंगा और यमुना नदियों तथा जमीन के अंदर मौजूद प्रमुख जलभृतों के बीच हाइड्रोजियोलॉजिकल संबंध के संकेत मिले हैं। प्राचीन नदी मार्ग भी जलभृतों के भीतर भूजल के प्रवाह के महत्वपूर्ण रास्ते हो सकते हैं। इस परियोजना से नदी, बारिश के पानी, भूजल और प्राचीन नदी मार्गों के बीच संबंध को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। यही जानकारी आगे भूजल संरक्षण की योजनाओं के लिए उपयोगी होगी।

    वैज्ञानिक निगरानी से मजबूत होगी जल सुरक्षा
    नमामि गंगे, अतिरिक्त परियोजना निदेशक प्रभाष कुमार ने कहा कि परियोजना में एनजीआरआई के तकनीकी सहयोग से भूजल की निगरानी, शोध एवं विकास और पुनर्भरण संरचनाओं के प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। इसके साथ लोगों को भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

  • खनन बंद होने के बाद भी मिलेगा रोजगार का सहारा, बिहार सरकार ने DMF नियमावली में किए बदलाव

    खनन बंद होने के बाद भी मिलेगा रोजगार का सहारा, बिहार सरकार ने DMF नियमावली में किए बदलाव

    पटना
     खनन प्रभावित जिलों में अब विकास योजनाओं के साथ स्थानीय लोगों की स्थायी आजीविका और खनन के दुष्प्रभाव कम करने पर जोर रहेगा। राज्य सरकार ने मंगलवार को जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति दे दी। नई संशोधित नियमावली में जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।

    खान एवं भू-तत्व विभाग के अनुसार राज्य में जो खनन प्रभावित जिले हैं जैसे रोहतास, गया, जमुई, औरंगाबाद, नवादा, बांका, भोजपुर, सारण, वैशाली और भागलपुर, यहां अब स्थानीय जरूरत के अनुसार विकास एवं कल्याणकारी परियोजनाएं संचालित की जा सकेंगी।

    इन योजनाओं में खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, बच्चों के लिए स्कूल, युवाओं के लिए कम लागत वाले जिम, पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ आम लोगों के हित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यहीं नहीं नई नियमावली में खनन के दौरान और उसके बाद होने वाले प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए सरकार के स्तर पर क्या कदम उठाए जाएंगे।

    स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए योजना
    विभाग का दावा है कि सरकार का फोकस इस बात पर है कि खनन बंद होने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास और लोगों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। खनन से प्रभावित परिवारों की दीर्घकालिक स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए भी योजनाएं बनाई जाएंगी।

    इससे खनन पर निर्भर लोगों के लिए वैकल्पिक आय के साधन विकसित करने में मदद मिलेगी। संशोधित नियमावली का उद्देश्य जिला खनिज फाउंडेशन की राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है।

  • कक्षा 3 से 8 तक बदला प्रश्नपत्र, बोर्ड पर सवाल लिखने से बच्चों पर बढ़ा समय का दबाव

    कक्षा 3 से 8 तक बदला प्रश्नपत्र, बोर्ड पर सवाल लिखने से बच्चों पर बढ़ा समय का दबाव

    पटना
    जिले के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में मंगलवार से कक्षा एक से आठवीं तक की अर्द्धवार्षिक सह-मूल्यांकन परीक्षा शुरू हो गई। इस बार परीक्षा के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किया गया है। खासकर कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चों को नए पैटर्न में पहले की तुलना में अधिक लिखना पड़ रहा है।

    शिक्षकों के अनुसार बदले हुए प्रश्नपत्र और सीमित समय के कारण बच्चों पर परीक्षा के दौरान समय का दबाव बढ़ गया है।

    50 अंकों की परीक्षा में बदला सवालों का पैटर्न
    कक्षा तीन से आठवीं तक की परीक्षा कुल 50 अंकों की हो रही है। प्रधान शिक्षकों के अनुसार पहले 10 अंकों के 10 प्रश्न पूछे जाते थे।

    इस बार प्रश्नपत्र में पांच-पांच अंकों के तीन प्रश्नों के साथ 15 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल किए गए हैं। इससे बच्चों को उत्तर लिखने में पहले की अपेक्षा ज्यादा समय लग रहा है।

    बोर्ड पर सवाल लिखने में भी लग रहा समय
    विभिन्न स्कूलों के प्रधान शिक्षकों ने बताया कि प्रश्नपत्र की छपाई के बजाय बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा ली जा रही है। शिक्षक को परीक्षा के दौरान लगातार सवाल लिखने और फिर उन्हें मिटाने पड़ते हैं।

    दूसरी ओर बच्चों को बोर्ड पर लिखे सवाल देखकर उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका में हल करना होता है। इससे परीक्षा का समय प्रभावित होने की बात शिक्षक बता रहे हैं।

    दो घंटे की परीक्षा, समय को लेकर दबाव
    परीक्षा के लिए बच्चों को कुल दो घंटे का समय दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि बोर्ड पर प्रश्न लिखने में लगने वाला समय भी इसी अवधि में शामिल हो जाता है।

    ऐसे में बच्चों को प्रश्न पढ़ने, समझने और उत्तर लिखने के लिए अपेक्षाकृत कम समय मिल रहा है। शास्त्री नगर के प्रधानाचार्य मधुरेंद्र कुमार मधुप ने बताया कि इस बार बच्चों के लिए परीक्षा लंबी हो गई है और परीक्षा के दौरान समय का दबाव बना रहता है।

    कक्षा एक-दो की मौखिक, तीन से आठवीं की लिखित परीक्षा
    कन्या मध्य विद्यालय लोहिया नगर के प्रधान शिक्षक सुबोध कुमार ओझा के अनुसार पहले दिन कक्षा एक से आठवीं तक हिंदी, उर्दू और बंगला की परीक्षा हुई।

    वहीं कक्षा पांचवीं से आठवीं तक विज्ञान की परीक्षा भी ली गई। कक्षा एक और दो के बच्चों की मौखिक परीक्षा हुई, जबकि कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चों ने लिखित परीक्षा दी।

    19 सितंबर तक चलेगी अर्द्धवार्षिक परीक्षा
    अर्द्धवार्षिक सह-मूल्यांकन परीक्षा 19 सितंबर तक चलेगी। 16 सितंबर को कक्षा एक से आठवीं तक अंग्रेजी तथा कक्षा तीन से आठवीं तक पर्यावरण अध्ययन एवं सामाजिक विज्ञान की परीक्षा निर्धारित है। परीक्षा शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार कराई जा रही है।

    15 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्न भी शामिल
    इस बार प्रश्नपत्र के बदले पैटर्न में 15 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल किए गए हैं। शिक्षकों के अनुसार प्रश्नों का पैटर्न बदलने और बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराने के कारण दो घंटे की अवधि में बच्चों को पूरा प्रश्नपत्र हल करने में परेशानी हो रही है।

     

  • BCCI चयन समिति में बड़ा बदलाव, अगरकर का कार्यकाल खत्म होने से नए चीफ सेलेक्टर की तलाश

    BCCI चयन समिति में बड़ा बदलाव, अगरकर का कार्यकाल खत्म होने से नए चीफ सेलेक्टर की तलाश

    पटना
    बीसीसीआई चयन समिति की बैठक दिल्ली में चल रही है। बैठक खत्म होने के बाद वेस्टइंडीज के साथ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया जाएगा। वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का खेलना तय है, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अगली बार इस मीटिंग में नहीं होंगे। अजीत अगरकर मुख्य चयनकर्ता के रूप में आखिरी बार चयन समिति की बैठक में शामिल हो रहे हैं और टीम चुन रहे हैं। बीसीसीआई के साथ अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट इसी महीने खत्म हो रहा है।

    पहले खबरें आई थीं कि अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ाया जा सकता है और वह 2027 वनडे विश्व कप तक चयन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। हालांकि, वनडे टीम में रोहित शर्मा की जगह को लेकर अजीत अगरकर और बीसीसीआई के अधिकारियों के बीच असहमति हुई। इसके बाद चयन समिति से उनकी छुट्टी हो रही है।

    अब लक्ष्मण को मिल सकता है मौका
    कयास लगाए जा रहे हैं कि अजीत अगरकर के बाद एनसीए प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाया जा सकता है। लक्ष्मण लंबे समय से एनसीए हेड के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बैकअप कोच की भी होती है। वह एशियन गेम्स के दौरान भी भारत की टी20 टीम के साथ नजर आएंगे, क्योंकि इसी समय दूसरी टीम वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे मैच खेलेगी। मुख्य कोच गंभीर वनडे टीम के साथ होंगे।

    टी20 में शानदार प्रदर्शन
    अजीत अगरकर 4 जुलाई 2023 को भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता बने थे। इसके बाद से भारत ने 2024 टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप जीता है। इस दौरान टीम इंडिया दो बार एशिया कप जीतने में भी सफल रही है, लेकिन टेस्ट में भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। खासकर घरेलू सीरीज में स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी आ रही थी। वहीं, गेंदबाज भी विपक्षी टीमों की तुलना में फीके साबित हो रहे थे। ऐसे में नए चयनकर्ता के सामने टेस्ट टीम को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।

    9 साल का था अगरकर का करियर
    अजीत अगरकर ने 1998 से 2007 के बीच 26 टेस्ट, 191 वनडे और 4 टी20 खेले। टेस्ट में 1 शतक की मदद से 571 रन और 58 विकेट, वनडे में 3 अर्धशतक की मदद से 1,269 रन और 288 विकेट, और टी20 में 3 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। संन्यास के बाद अगरकर कोचिंग और कमेंट्री के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि क्रिकेट खेलने, कमेंट्री करने और टीम चुनने में सबसे मुश्किल काम टीम का चयन करना है।

  • जशपुर में भव्य दीपोत्सव की तैयारी, सेवा संकल्प अभियान में जलेंगे 5 लाख से ज्यादा दीप

    जशपुर में भव्य दीपोत्सव की तैयारी, सेवा संकल्प अभियान में जलेंगे 5 लाख से ज्यादा दीप

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस जशपुर में जगमगाएंगे 5 लाख से अधिक आशीर्वाद के दीप

    17 सितंबर को शाम 7 बजे रणजीता स्टेडियम, गौरव पथ, महाराजा चौक, दिलीप सिंह जूदेव प्रतिमा एवं बिरसा मुंडा चौक सहित जिलेभर में होगा दीप प्रज्वलन

    अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन हितग्राहियों, बिहान समूहों और शासकीय संस्थानों में भी प्रज्वलित होंगे दीप

    रायपुर

    सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जशपुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे जिले में 5 लाख से अधिक आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है।

        सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों रणजीता स्टेडियम, गौरव पथ, महाराजा चौक, दिलीप सिंह जूदेव प्रतिमा चौक और बिरसा मुंडा चौक सहित सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जिलेवासी सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के संकल्प के साथ अभियान से जुड़ेंगे।

        अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए जिले के सभी अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों, बिहान समूह की महिलाओं सहित शासकीय कार्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों से अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई है।

        कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ अभियान के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनभागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसकी सभी पहलों की समयबद्ध तैयारी करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

        कलेक्टर ने अभियान के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं आयोजित गतिविधियों की फोटो और वीडियो सहित जानकारी निर्धारित गूगल ड्राइव में नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान की गतिविधियों का समुचित दस्तावेजीकरण एवं संधारण किया जा सके।

        जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घरों, ग्रामों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनें और जनभागीदारी के इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

  • कारगिल-POK को लेकर BJP सांसद का बड़ा आरोप, पाकिस्तान को सौंपने की तैयारी का दावा

    कारगिल-POK को लेकर BJP सांसद का बड़ा आरोप, पाकिस्तान को सौंपने की तैयारी का दावा

    नई दिल्ली

    भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को जुलाई 2006 में मुंबई ट्रेन बम धमाकों के बाद सीमा पार आतंकवाद से निपटने के तरीके को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। एक्स पर एक पोस्ट में दुबे ने पिछली यूपीए सरकार के डिप्लोमैटिक रुख की तुलना मौजूदा सरकार के रुख से किया। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन पर आरोप लगाया कि उसने निर्णायक सैन्य कार्रवाई करने के बजाय अमेरिकी डिप्लोमैटिक दबाव के आगे घुटने टेक दिए। दुबे ने दावा किया कि कांग्रेस ने हवाना बैठक में कारगिल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और सर क्रीक को पाकिस्तान को सौंपने का फैसला कर लिया था।

    कांग्रेस अमेरिकी दबाव में काम कर रही थी
    दुबे ने 16 सितंबर 2006 को हवाना में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक का जिक्र करते हुए इसे विदेशी दबाव में की गई कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच अमेरिकी दबाव में बैठक हुई थी। जुलाई 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिनमें कम से कम 200 लोगों की जान चली गई थी। हजारों लोग विकलांग और घायल हो गए थे। पूरे भारत में पाकिस्तान के खिलाफ हमले का माहौल बन गया था। लेकिन, सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस कमजोर, बेबस और अमेरिकी दबाव में काम कर रही थी। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के बजाय सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अपनी अगस्त की बैठक में यह फैसला किया कि बातचीत के जरिए समझौता किया जाएगा।

    विकिलीक्स के खुलासों का हवाला
    विकिलीक्स के खुलासों का हवाला देते हुए दुबे ने आरोप लगाया कि यूपीए नेतृत्व व्यापक कूटनीतिक समझौतों के तहत कारगिल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और सर क्रीक के मामले में रियायतें देने के लिए तैयार था। 22 सितंबर 2006 को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और दक्षिण एशियाई नेताओं के बीच हुई बैठकों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए दुबे ने दावा किया कि द्विपक्षीय बातचीत की जानकारी भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के तहत सौंपी गई थी।

    पूरी जानकारी राष्ट्रपति बुश को सौंप दी
    भाजपा सांसद ने कहा कि यह सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे कि हमने 2006 की हवाना बैठक में ही कारगिल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और सर क्रीक को पाकिस्तान को सौंपने का फैसला कर लिया था। इस बैठक के ठीक बाद 22 सितंबर 2006 को पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमेरिका पहुंचे और बातचीत की पूरी जानकारी राष्ट्रपति बुश को सौंप दी। हमने परमाणु समझौते में ही अपनी संप्रभुता अमेरिका को सौंपने का फैसला कर लिया था और बदले में अपना कारगिल और कश्मीर भी।

    राहुल गांधी से जवाब मांगा
    दोनों दौर की तुलना करते हुए दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 2006 में पाकिस्तान के साथ हुई कूटनीतिक बातचीत और 2025 के पहलगाम आतंकी हमले पर मौजूदा सरकार की प्रतिक्रिया के बीच के अंतर पर जवाब मांगा। पहलगाम हमले के बाद सेना ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। दुबे ने कहा कि राहुल गांधी को जनता को 2025 की पहलगाम घटना और उसके बाद हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की तुलना 2006 के मुंबई धमाकों और उसके बाद पाकिस्तान के साथ हुई गले मिलने की घटनाओं को समझाना चाहिए।